ये है दुनिया का सबसे अनोखा फूल, जिस पर कभी नहीं बैठता भंवरा

फूल न केवल अपनी सुगंध के लिए बल्कि अपनी सुंदरता के लिए भी जाने जाते हैं। पूजा से लेकर घर की साज-सज्जा तक में फूलों का प्रयोग किया जाता है।

हमारे आसपास कई तरह के फूल वाले पौधे होते हैं, जो देखने में बेहद खूबसूरत लगते हैं। इन्हें देखने के बाद आंखों को एक अलग ही ठंडक मिलती है और सारी थकान भी दूर हो जाती है।

फूल सिर्फ इंसानों को ही नहीं बल्कि जानवरों को भी बहुत पसंद होते हैं इसलिए फूलों के ऊपर तितलियां और भँवरे मँडराते रहते हैं।

अब तक हम फूलों को उनकी सुंदरता, सजावट और सुगंध से पहचानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा फूल है, जिस पर कभी भंवरा नहीं बैठता? जी हां, हमारे चारों ओर एक ऐसा फूल है, जिस पर शायद हमने कभी ध्यान नहीं दिया होगा, आइए जानते हैं उस फूल के बारे में…

[adinserter block=”1″]

चंपा के फूल पर नहीं बैठते हैं भँवरे

अक्सर आपने देखा होगा कि भँवरे ज्यादातर फूलों पर पाए जाते हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि भँवरे कभी भी चंपा के फूलों पर नहीं बैठते हैं।

चंपा के फूलों की एक अलग महक होती है और इसके फूलों में पराग नहीं होता है, जिससे भँवरे उनके आसपास नहीं भटकते हैं। भँवरे ही नहीं, मधुमक्खियां भी चंपा के फूलों के पास नहीं आतीं।

चंपा के फूलों की खास बातें

चंपा के फूलों की खास बात यह है कि इनके पौधे हमेशा हरे रहते हैं। साथ ही चंपा के फूल सुंदर, सुगंधित और हल्के सफेद-पीले रंग के होते हैं। ये फूल मुख्य रूप से 5 प्रकार के होते हैं और सभी फूल बहुत सुगंधित होते हैं।

चंपा के फूलों के उपयोग

चम्पा के फूलों का प्रयोग प्रायः पूजा में किया जाता है। इतना ही नहीं चंपा के फूलों का तेल और इत्र भी बनाया जाता है। इसके फूलों और पेड़ों का उपयोग औषधि के रूप में भी किया जाता है। कहा जाता है कि चंपा का पौधा वास्तु की दृष्टि से सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

यह भी पढ़ें :-

काली माँ के इस मंदिर में प्रसाद के रूप में मिलते है “noodles” जाने क्या है वजह?

भारत संस्कृति और धर्मों में अपनी विविधता के लिए प्रसिद्ध है, जहां हर कोई अपनी परंपराओं को अपने अनोखे तरीके से मनाता है। मंदिरों में ज्यादातर प्रसाद में लड्डू या कोई अन्य मिठाई मिलती है। लेकिन क्या आपने कभी noodles को मंदिरों में प्रसाद के रूप में देखा है? अगर नहीं तो चलिए जानते इस पोस्ट के माध्यम से,

दरअसल पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक है मंदिर जिसे ‘चाइनीज़ काली मंदिर‘ के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर कोलकाता के मथेश्वरतला रोड पर टंगरा क्षेत्र में स्थित है, जिसे ‘चाइना टाउन‘ भी कहा जाता है। यहाँ प्रसाद के रूप में लड्डू या मिठाई नहीं चढ़ाते, बल्कि चाइनीज फूड आइटम्स दी जाती है।

यह मंदिर भारत के अन्य मंदिरों की तरह ही दिखता है जो चीज इसे अद्वितीय बनाती है वह है प्रसाद जो पहले देवी को चढ़ाया जाता है और बाद में भक्तों के बीच वितरित किया जाता है। इस मंदिर में चीनी व्यंजन जैसे नूडल्स, चॉप सूई, फ़्राईड राइस और कई अन्य व्यंजन भी देवी काली को चढ़ाए जाते हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार 60 वर्षों तक, मंदिर के निर्माण से पहले यहां कोई मंदिर नहीं था, सिर्फ एक पेड़ था जिसके नीचे कुछ पत्थर पड़े थे तथा इन पत्थरों पर सिंदूर लगाकर लोग पूजा करते थे।

समय के साथ इस स्थान में बदलाव आया और यहां माँ काली की प्रतिमा स्थापित कर एक मंदिर बना दिया गया। 60 साल पुराने इस मंदिर की एक खास बात ये भी है कि यहां हिंदू धर्म के लोगों के अलावा चीनी लोग भी आते हैं। लगभग 20 साल पहले, बंगाली और चीनी समुदाय के लोगों ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था ।

कहा जाता है कि एक 10 वर्षीय चीनी लड़का गंभीर रूप से बीमार पड़ गया था और कोई इलाज काम नहीं कर रहा था। जब उसके बचने की कोई उमींद नहीं रही तो उसके माता-पिता ने उसे पेड़ के नीचे लिटा दिया और कई रातों तक प्रार्थना की।

लड़का चमत्कारिक रूप से ठीक हो गया और यह आध्यात्मिक स्थल हिंदुओं के साथ-साथ चीनी समुदाय का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।

किसी ने अपने टैलेंट तो किसी ने अपनी खासियत से बनाए वर्ल्ड रिकॉर्डस

कुछ लोगों में अनोखा टैलेंट होता है और कुछ चीजों की खासियत उन्हें दुनिया में फेमस बना देती है। आज कुछ वर्ल्ड रिकॉर्डस के बारे में हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से बताने जा रहे हैं तो चलिए जानते हैं:-

जियाना शाह

इंदौर की 6 साल की जियाना शाह ने 2021 में 9 मिनट 31 सेकंड में 195 देशों की जानकारी देकर अपने नाम तीन खिताब किए।

पहली कक्षा में पढ़ने वाली और इन तमाम रिकॉर्ड को दर्ज कराने वाली जियाना दुनिया की पहली ऐसी बच्ची है जिसने 6 साल की उम्र में 9 मिनट 31 सेकंड के अंदर 195 देशों के बारे में बताया।

जियाना ने न सिर्फ देशों के राष्ट्रीय ध्वज को पहचाना, बल्कि देश का नाम, उस देश की राजधानी, मुद्रा, भाषा, देश का प्रसिद्ध पर्यटनस्थल या लैंडमार्क और महाद्वीप के बारे में भी बताया।

दुनिया की सबसे बड़ी ड्रॉइंग

कोरोनाकाल में उदयपुर (राजस्थान) के एक कलाकार रवि सोनी ने दुनिया की सबसे बड़ी ड्रॉइंग बनाकर नया कीर्तिमान रचा और इस तरह उन्होंने इटली के आर्टिस्ट के सबसे बड़े चित्र के वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ दिया।

रवि सोनी द्वारा बनाई गई ड्रॉइंग का साइज 6781 वर्ग फीट है, जो ‘ट्री ऑफ लाइफ‘ की थीम पर आधारित है। रवि ने कल्पवृक्ष के पेड़ से प्रेरित होकर अपनी ड्रॉइंग का विषय ‘जीवन का वृक्ष‘ रखा।

26 नवंबर 2021 को शहर के महाराणा भूपाल स्टेडियम में बास्केटबॉल मैदान में अपनी ड्रॉइंग बनाने का काम उन्होंने शुरू किया और 5 दिनों की मेहनत के बाद 30 नवंबर 2021 को उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी ड्रॉइंग पूरी की।

सबसे ज़्यादा अंडे तोड़ने का रिकॉर्ड

दुनिया में लोग मशहूर होने के लिए क्या कुछ नहीं करते। बात जब रिकॉर्ड बनाने या तोड़ने की हो तब तो लोग कुछ भी कर गुजरने के लिए तैयार रहते हैं ऐसा ही एक रिकॉर्ड रॉस मैककर्डी ने अंडे तोड़कर बनाया है। अंडे तोड़ना आर्ट का एक फॉर्म है।

अगर आप गलत तरीके से तोड़ेगें तो ब्रेकफास्ट में एगशेल्स भी खाने पड़ेंगे। साल 2011 में अमेरिका के रॉस मैककर्डी ने एक हाथ से एक मिनट में सबसे ज्यादा अंडे तोड़ने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 32 अंडे तोड़े।

दुनिया का सबसे ज़्यादा ऊंचाई पर बना रेस्त्रां

चीन ने शंघाई शहर में दुनिया का सबसे ज्यादा ऊंचाई पर रेस्त्रां बनाकर बुर्ज खलीफा का रिकॉर्ड तोड़ दिया। शंघाई में बने शंघाई टॉवर में 120वीं मंजिल पर J Hotel बनाया गया है। इस होटल में बना Jin Restaurant जमीन से 556.36 मीटर की ऊंचाई पर बना है।

इससे पहले दुनिया के सबसे ज्यादा ऊंचाई पर बने रेस्त्रां का वर्ल्ड रिकॉर्ड दुबई के ‘एटमॉरिफयर’ होटल के नाम था। इसकी ऊंचाई 441.3 मीटर है। इसे 2011 में खोला गया था। इस होटल को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।

यह भी पढ़ें :-

जानिए अनोखी रैसे मछली के बारे में रोचक तथ्य

पानी के अंदर कई प्रकार के अजब अनोखे प्राणी पाए जाते हैं। इन्हीं में एक है (Wrasse) रैसे मछली। दरअसल इस मछली को आमतौर पर उनके मोटे होंठों के लिए जाना जाता है और उनके अनोखे होंठों के कारण, उन्हें जर्मनी में लिप-फिश के रूप में जाना जाता है। आज इस पोस्ट में हम जानेंगे इस अनोखी मछली के बारे में कुछ रोचक तथ्य, तो चलिए जानते हैं :-

  • मछली की यह प्रजाति ज्यादातर चमकीले रंग की होती है। इसकी लगभग 500 से ज्यादा प्रजातियां मौजूद हैं। ये मछली मांसाहारी होती है और छोटे जीवों का शिकार करती है जैसे छोटी मछली, घोंघा, केकड़ा, झींगा आदि।
  • ये ज्यादातर तटीय क्षेत्रों, चट्टानी तटों, कोरल रीफ्स, ज्वारीय ताल और रेतीले समुद्री सतह में निवास करती है। लॉयन फिश, डॉग फिश और शार्क आदि मछलियां इन्हें अपना भोजन बनाती हैं।
  • नेपोलियन रैसे अक्सर लाल सागर, हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के बाहरी बाहरी ढलानों पर पाई जाती हैं। इसे दिन में चट्टान पर घूमते हुए देखा जा सकता है और रात में चट्टान की गुफा में बसा हुआ देखा जा सकता है।

[adinserter block=”1″]

  • यह 7 फीट की लंबाई तक बढ़ सकती है और इसका वजन 420 पाउंड तक हो सकता है। हालांकि, अधिकांश नर मछली औसतन 6 फीट की लंबाई तक बढ़ते हैं, जबकि मादा की 3 फीट तक की लंबाई होती हैं। अपने विशाल आकार के बावजूद, यह आसानी से डर जाता है।

हम्पहेड रैसे

रैसे परिवार की सबसे बड़ी प्रजाति हम्पहेड रैसे की है। यह 2 मीटर तक लम्बी और वजन में लगभग 100 किलो तक हो सकती है। फीमेल, मेल से बड़ी होती है। यह ज्यादातर प्रशांत महासागर के कैरोलाइन द्वीप में पाई जाती है। यह ब्राइट ब्लू और ग्रीन कलर की सुंदर मछली है।

लेपर्ड रैसे

लेपर्ड रैसे को गिनी फाउल रैसे और ब्लैकस्पॉट रैसे के नाम से भी जाना जाता है। फीमेल सफेद होती है, जिनमें कई काले या भूरे रंग के धब्बे या डॉट्स होते हैं और मेल में नारंगी-लाल रंग के तथा हरे धब्बे होते हैं। यह कोरल रीफ्स की  सतह से 30 मीटर की गहराई पर रहती है।

[adinserter block=”1″]

शिपहेड रैसे

शिपहेड रैसेस ज्यादातर जापान और चीन में पाई जाती हैं। इसके अलावा ये दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया में भी पाई जाती हैं। इनकी लंबाई 100 सेमी तक हो सकती है और वजन करीब 14 किलो तक। जापान में यह कोबुदाई (kobudai) के नाम से प्रसिद्ध है।

रॉकमूवर रैसे

इसे ड्रैगन रैसे के नाम से भी जाना जाता है और यह एक आकर्षक मछली है। यह रेत के अंदर से तैरते हुए कंकड़ और रेत को मूव करती है। यह इंडो-पेसिफिक रीजन के आसपास कोरल रीफ्स में पाई जाती है। यह करीब 10 इंच तक बढ़ सकती है।

यह भी पढ़ें :-

जानिए बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के कुछ छिपे हुए टैलेंट

बॉलीवुड सेलिब्रिटीज ने हमेशा बड़े पर्दे पर अपने जबरदस्त अभिनय से सभी का दिल जीता है। लेकिन अपने शानदार अभिनय कौशल के अलावा, ये अभिनेता अन्य चीजों में भी अच्छे हैं। आज इस पोस्ट में हम आपको कुछ मशहूर अभिनेताओं के हिडन टैलेंट के बारे में बताएंगे, तो चलिए जानते हैं:-

आमिर खान

एक बेहतरीन अभिनेता होने के अलावा, आमिर एक अद्भुत शतरंज खिलाड़ी और इस खेल के बड़े प्रशंसक भी हैं। उन्होंने भारत के दिग्गज शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद के साथ भी कुछ मैच खेले हैं।

इसके अलावा, उनके सह-कलाकार भी इस बारे में बताते है कि कैसे वह हमेशा शॉट्स के बीच शतरंज के खेल के लिए तैयार रहते हैं।

[adinserter block=”1″]

सोनाक्षी सिन्हा

बॉलीवुड की दबंग गर्ल सोनाक्षी सिन्हा अपना काफी खाली समय पेंटिंग में बिताती हैं। वास्तव में, उसने दुनिया को अपना काम दिखाने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की थी। आज भी, उन्हें कई कलाकारों द्वारा उनकी प्रदर्शनियों के लिए आमंत्रित किया जाता है।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Sonakshi Sinha (@aslisona)

[adinserter block=”1″]

अक्षय कुमार

बॉलीवुड में खिलाड़ी कुमार के नाम से मशहूर एक्टर अक्षय कुमार सिर्फ एक बेहरीन एक्टर ही नहीं बल्कि बहुत अच्छे शेफ भी हैं।

फिल्मों में कदम रखने से पहले थाईलैंड के एक होटल में अक्षय कुमार काम किया करते थे। जब कुमार थाईलैंड में मार्शल आर्ट की शिक्षा ले रहे थे, तब उन्होंने वेटर और शेफ के रूप में नौकरी की।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Akshay Kumar (@akshaykumar)

इसके अलावा उन्हें फोटोग्राफी का भी शौक है। फोटोग्राफी के लिए उनके जुनून का पता फिल्म पटियाला हाउस के सेट पर तब चला जब उन्होंने एक उच्च श्रेणी का पेशेवर कैमरा खरीदा और कुछ तस्वीरें खींचीं जोकि वास्तव में अच्छी थीं और कुछ को फिल्म के प्रचार के लिए रखा गया था।

[adinserter block=”1″]

कैटरीना कैफ

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कैटरीना कैफ एक बहुत अच्छी अभिनेत्री होने के साथ साथ एक प्रशिक्षित कथक डांसर भी हैं लेकिन लॉकडाउन के दौरान उनकी एक और टैलेंट सामने आया है। दरअसल उन्होंने अपने इंस्टा अकाउंट पर अपना एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें वह गिटार बजा रही थी।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Katrina Kaif (@katrinakaif)

शाहिद कपूर

शाहिद अपनी एक्टिंग के साथ-साथ डांसिंग स्किल्स के लिए भी जाने जाते हैं, लेकिन आप इस सुपरस्टार को “डीजे मास्टर” भी कह सकते हैं।

 

जी हां, शाहिद को मिक्सिंग ट्यून्स बहुत पसंद हैं और इसलिए अगर आप उन्हें देर रात की पार्टियों में डीजे के रूप में स्टेज पर जाते हुए देखें तो हैरान न हों।

[adinserter block=”1″]

विद्या बालन

इसमें कोई शक नहीं है कि विद्या एक शानदार अदाकारा हैं, लेकिन वह एक अद्भुत कवयित्री भी हैं और शानदार मिमिक्री आर्टिस्ट भी हैं।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Vidya Balan (@balanvidya)

भले ही उन्होंने किसी मंच पर मिमिक्री न की हो, लेकिन कैमरे के पीछे वह अक्सर अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और इंडस्ट्री के जाने-माने लोगों की मिमिक्री करती रहती हैं।

[adinserter block=”1″]

सलमान खान

खानों के खान सलमान खान एक्‍टिंग में तो बेमिसाल है ही पर इसके साथ-साथ वो एक कमाल के पेंटर भी हैं। पेटिंग करना सलमान का शौक है और फ्री टाइम में वो यही करते हैं।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan)

आलिया भट्ट

खैर आलिया का छिपा हुआ टैलेंट अब छिपा नहीं है। यह युवा अभिनेत्री एक बहुत अच्छी गायिका भी है और उसने अपनी फिल्मों के लिए गाने भी गाए हैं। वह अपने हाथों को मोड़ भी सकती है और अपने पैरों को असंभव सीमा तक मोड़ सकती है।

[adinserter block=”1″]

रणदीप हुड्डा

अपनी एक्टिंग और जबरदस्त बॉडी से सबको अपना दीवाना बनाने वाले रणदीप हुड्डा के बारे में बहुत काम लोग जानते हैं  कि पोलो खिलाड़ी भी है।

भारत में दूसरे खेलों की तरह पोलो भले ही मशहूर ना हो लेकिन रणदीप हुड्डा इसमें काफी आगे हैं। ऐक्‍टिंग के अलावा वह न सिर्फ पोलो खेलते हैं बल्कि वह नियमित रूप से पोलो स्पर्धाओं में भाग लेते रहते हैं। उनके पास 8 घोड़े हैं।

अब इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्‍हें यह गेम कितना पसंद है। उनकी अपनी पोलो टीम भी है जिसका नाम रॉयल रूस्‍टर्स है।

उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में पदक भी जीते हैं। दिल्ली और मुंबई में आयोजित घुड़सवारी स्पर्धा में उन्होंने तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीते हैं।

[adinserter block=”1″]

​रणवीर सिंह

फिल्‍मों में दमदार परफॉर्मेंसेस से रणवीर सिंह ने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है। अभिनय से पहले, रणवीर सिंह ने कई विज्ञापन एजेंसियों में एक कॉपीराइटर के रूप में काम किया।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Ranveer Singh (@ranveersingh)

यह भी पढ़ें :-

यह है दुनिया का इकलौता ऐसा गांव, जहां कभी बारिश नहीं होती

बारिश सभी को अच्छी है क्योंकि यह ताजगी का एहसास दिलाती है। जब हम सूर्य द्वारा गर्म हुई भूमि पर वर्षा की बूंदों को गिरते हुए देखते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे पृथ्वी पुनर्जीवित हो रही है। भारत के मेघालय राज्य के मौसिनराम गांव में दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश होती है।

लेकिन दुनिया में एक ऐसा गांव भी मौजूद है जहाँ बारिश ही नहीं होती। चौंक गए न, आज इस पोस्ट में हम इसी अनोखे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं, तो चलिए जानते हैं

[adinserter block=”1″]

कहाँ पर है ये जगह

इस गांव का नाम अल-हुतैब (Al-Hutaib) है। यह यमन की राजधानी सना के पश्चिम में एक पहाड़ी गांव है। यह गांव ज़मीन से 3200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस गांव में पहाड़ियों में बने कई खूबसूरत घर हैं।

इस गांव में बारिश के बादल गांव के निचले स्तर पर बनते हैं, इसलिए कहा जाता है कि यहां बारिश नहीं होती है। एक तरह से यह बादलों में बसा गांव है। पर्यटक अक्सर यहां आते देखे जाते हैं और शानदार नजारों का आनंद भी लेते हैं।

[adinserter block=”1″]

इस गांव के आसपास का माहौल काफी गर्म होता है। वैसे तो सर्दी के दिनों में सुबह का माहौल काफी ठंडा रहता है, लेकिन जैसे ही सूरज उगता है, लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीण और शहरी विशेषताओं के साथ प्राचीन और आधुनिक वास्तुकला दोनों को मिलाने वाला यह गांव अब ‘अल-बोहरा या अल-मुकर्मा‘ लोगों का गढ़ है। इन्हें यमनी समुदाय कहा जाता है।

इनका नेतृत्व मोहम्मद बुरहानुद्दीन ने किया था। यह मुसलमानों के बीच एक इस्माइली (मुस्लिम) संप्रदाय था और बुरहानुद्दीन मुंबई में रहते थे। 2014 में उनका निधन हो गया। लेकिन अंत तक वे हर तीन साल में इस गांव में आते थे।

यह भी पढ़ें :-

चैत्र नवरात्रि 2022: टीवी पर इन अभिनेत्रियों ने निभाया देवी माँ का किरदार

चैत्र नवरात्रि 2022: नवरात्रि हिंदू धर्म में एक पवित्र त्यौहार है। नवरात्रि के 9 दिनों में मां के 9 रूपों की पूजा- अर्चना की जाती है। इस साल की चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल 2022 से शुरू हो रही है और यह पर्व 11 अप्रैल 2022 तक मनाया जाएगा।

भारत में कई आध्यात्मिक टेलीविजन धारावाहिक हिंदू देवी-देवताओं की कहानियों को चित्रित करते हैं। कुछ टीवी अभिनेता ऐसे भी हैं जो आध्यात्मिक शक्तियों की भूमिका को बहुत ही अच्छे तरीके से निभाते हैं और यादगार अभिनय देते हैं।

नवरात्रि के अवसर पर, आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से टेलीविजन की कुछ अभिनेत्रियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने देवी माँ का किरदार निभाया है और दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ली है, तो चलिए जानते हैं :-

मौनी रॉय

[adinserter block=”1″]

भारतीय टेलीविजन पर सबसे सफल अभिनेत्रियों में से एक, मौनी रॉय ने लाइफ ओके के देवों के देव… महादेव में माता सती की भूमिका निभाई थी। इसके विपरीत मोहित रैना ने भगवान शिव की मुख्य भूमिका निभाई थी।

मौनी ने टीवी पर सबसे यादगार पौराणिक धारावाहिकों में से एक दिया। उन्होंने कलर्स शो “नागिन 2″ के एक सीक्वेंस के दौरान महिषासुर को मारने के लिए मां दुर्गा का अवतार भी लिया था।

सोनारिका भदौरिया

[adinserter block=”1″]

छोटे पर्दे के सबसे खूबसूरत चेहरों में से एक, सोनारिका भदौरिया लाइफ ओके के हिट पौराणिक धारावाहिक, देवों के देव… महादेव में देवी पार्वती की भूमिका निभाई थी।

इस भूमिका के अलावा, उन्होंने टीवी पर आदि शक्ति और काली का रूप भी लिया। हालांकि बाद में यह किरदार पूजा बोस और सुहासिनी धामी को मिला, लेकिन उन्हें सोनारिका जैसी लोकप्रियता नहीं मिली।

पूजा बोस

[adinserter block=”1″]

हेज़ल-आंखों वाली पूजा बोस ने 2013 के पौराणिक धारावाहिक, देवों के देव… महादेव में देवी पार्वती के रूप में सोनारिका भदौरिया की जगह ली। उन्होंने पार्वती, आदि पराशक्ति, आदि शक्ति, महाकाली और दुर्गा जैसे दिव्य स्त्री शक्ति के कई रूपों को भी चित्रित किया।

पूजा शर्मा

[adinserter block=”1″]

पूजा शर्मा ने धार्मिक सीरियल करके अपनी अलग पहचान बनाई। इससे पहले उन्होंने 2013 में आई ‘महाभारत‘ में द्रौपदी की भूमिका निभाई थी। वहां उनके किरदार ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए थे।

इसके बाद उन्होंने ‘माता पार्वती‘ में अपनी एक्टिंग से फैंस का दिल जीत लिया। फिर स्टार प्लस पर आने वाले शो में पूजा शर्मा ने ‘माता सती‘ का किरदार निभाया। उन्हें माँ दुर्गा और महाकाली के रूप में भी देखा जाता था।

इंद्राणी हलदर

[adinserter block=”1″]

बंगाली अभिनेत्री इंद्राणी हलदर भी उन उल्लेखनीय नामों में से एक हैं जिनकी स्क्रीन पर मां दुर्गा की छवि आज भी हमारी यादों में ताजा है।

माँ दुर्गा का उग्र स्वरूप हो या माता पार्वती के शांत और निर्मल अवतार, उन्होंने 2013 में बीआर चोपड़ा के माँ शक्ति टीवी धारावाहिक में नवदुर्गा के विभिन्न रूपों के हर रूप को दिखाया। इसके अलावा उन्होंने कई बंगाली फिल्मों और टीवी सीरियल्स में भी काम किया है।

दलजीत कौर

[adinserter block=”1″]

दलजीत कौर ने 2017 में शुरू हुए टीवी सीरियल ‘माँ शक्ति’ में देवी आदिशक्ति और काली का किरदार निभाया था, दलजीत को टीवी सीरियल कुलवधू से पहचान मिली थी। उनके इस किरदार को न केवल दर्शकों ने सराहा, बल्कि दर्शकों के मन में अपनी अमिट छाप छोड़ी थी।

आकांक्षा पुरी

[adinserter block=”1″]

अभिनेत्री आकांक्षा पुरी ने 2017 की फिल्म विघ्नहर्ता गणेश में मां पार्वती की भूमिका निभाई। उनसे उन्हें काफी लोकप्रियता मिली। आकांक्षा पुरी साउथ की कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं। इनमें ‘एक्शन’, ‘कैलेंडर गर्ल्स’, ‘प्रभु की स्तुति’ शामिल हैं।

यह भी पढ़ें :-

गर्मी के मौसम में हाइड्रेटेड रहने और गर्मी को मात देने के लिए बचें इन 5 खाद्य पदार्थों का सेवन करने से

हम सभी जानते हैं कि गर्मी के मौसम में हाइड्रेटेड रहना कितना जरूरी है। अन्यथा, स्वास्थ्य पर उल्टा असर हो सकता है। इस मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरुरी होता है पानी पीना गर्मी को मात देने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है, लेकिन पानी पीना ही काफी नहीं है।

कुछ खाद्य पदार्थ गर्मी को नियंत्रण में रखने में मदद करते हैं, जबकि कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ भी हैं जो डिहाइड्रेशन का कारण बन सकते हैं, जिससे आप अस्वस्थ महसूस करते हैं।

आज इस पोस्ट के माध्यम से हम जानेंगे हाइड्रेटेड रहने और गर्मी को मात देने के लिए किन 5 खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए, आइए जानते हैं :-

अतिरिक्त नमक

[adinserter block=”1″]

नमक को सोडियम क्लोराइड भी कहा जाता है, और इसका उपयोग भोजन को स्वादिष्ट बनाने के लिए किया जाता है। आहार में नमक का उच्च स्तर सूजन, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।

विशेष रूप से, जब बहुत अधिक सोडियम शरीर में प्रवेश करता है, तो इससे गुर्दे खराब हो जाते हैं और डिहाइड्रेशन होता है।

इसका मतलब है कि शरीर कोशिकाओं से पानी निकाल देगा। इसलिए आहार में नमक का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है।

चाय और कॉफी

[adinserter block=”1″]

अगर आप भीषण गर्मी में खुद को ठंडा और हाइड्रेटेड रखना चाहते हैं, तो चाय या कॉफी जैसे गर्म पेय पदार्थों के सेवन से बचें या कम करें।

ऐसा इसलिए है क्योंकि ये शरीर के समग्र तापमान को बढ़ाते हैं, और पाचन तंत्र को परेशान करते हैं। इसके बजाय, नींबू पानी, आम पन्ना, छास आदि का सेवन करें।

कुछ मसाले

[adinserter block=”1″]

गर्मी के मौसम में हमेशा मसालेदार खाना खाने से परहेज करना चाहिए, नहीं तो यह आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है।

मसालेदार खाद्य पदार्थों में ज्यादातर कैप्साइसिन होता है, जो शरीर की गर्मी को ट्रिगर करने वाले पित्त दोष पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक पसीना आता है, त्वचा पर फोड़े और डिहाइड्रेशन होती है। इसलिए, गर्मियों के मौसम में मसालेदार भोजन के सेवन से बचना चाहिए।

तला हुआ और जंक फूड

[adinserter block=”1″]

गर्मी के मौसम में तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए। जंक फूड हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। जंक फूड में बहुत ज्यादा फैट होता है। जंक फूड में बहुत कम मात्रा में फाइबर प्रोटीन मिनरल्स होते हैं।

ये खाद्य पदार्थ आपको डिहाइड्रेट कर सकते हैं, साथ ही गर्मियों के महीनों में इन्हें पचाना भी मुश्किल होता है। इन खाद्य पदार्थों का आपके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

अचार

[adinserter block=”1″]

गर्मी के मौसम में अचार के अधिक सेवन से बचना चाहिए। अचार में सोडियम की अधिक मात्रा में होता है। इससे ब्लोटिंग और डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। अधिक सोडियम वाले आहार से इन्फेक्शन और अल्सर की समस्या हो सकता है।

यह भी पढ़ें :-

रॉकेट बॉयज :- दो महान वैज्ञानिकों की कहानी और कुछ रोचक तथ्य!

भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान में महान ऊंचाइयों को हासिल किया है। चांद पर अपना यान उतार दिया है, मंगल तक यान भेज दिया है। साथ ही आज हम विश्व की प्रमुख परमाणु शक्ति भी हैं लेकिन यह कोई रातोंरात का हुआ चमत्कार नहीं है।

इसके पीछे देश का भविष्य देखने और भारत को विश्व में सम्मानजनक स्थान दिलाने की प्रबल इच्छा रखने वाले वैज्ञानिक, विचारक और राष्ट्रीय नेता हैं।

आज इस पोस्ट में हम आपको ऐसे ही दो महान वैज्ञानिकों पर आधारित वेब सीरीज़ के बारे में बताने जा रहे हैं जो भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम और अंतरिक्ष कार्यक्रम की सफल शुरुआत के ऊपर प्रकाश डालती हैं।

[adinserter block=”1″]

दरअसल सोनी लिव पर रिलीज हुई वेब सीरीज़ रॉकेट बॉयज दो महान वैज्ञानिकों की कहानी बताती है जिन्होंने भारत के लिए एक समृद्ध, स्वाभिमानी और मजबूत भविष्य का सपना देखा था।

“रॉकेट बॉयज” भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के जनक डॉ. होमी जहांगीर भाभा और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की संकल्पना करने वाले डॉ. विक्रम साराभाई के ऊपर आधारित है।

रॉकेट बॉयज़ की कहानी में लगभग 40-40 मिनट के आठ एपिसोड हैं जोकि 1962 में चीन के हाथों भारत की सैन्य हार से शुरू होती है। जहां परमाणु बम बनाए जाने पर बैठक चल रही थी।

तब होमी (जिम सरभ) ने तत्कालीन प्रधानमंत्री पं.जवाहर लाल नेहरू (रजीत कपूर) से कहा कि यह जरूरी नहीं है कि चीन भविष्य में हमलावर न हो, इसलिए जरूरी है कि हम परमाणु बम बनाएं।

इस पर होमी के दोस्त और एक बार उनके छात्र रह चुके विक्रम साराभाई (इश्वक सिंह) ने परमाणु बम के निर्माण का खुलकर विरोध किया, क्योंकि दुनिया ने द्वितीय विश्व युद्ध में जापान के हिरोशिमा-नागासाकी पर अमेरिका द्वारा गिराए गए परमाणु बमों से हुई तबाही को देखा है।

होमी और विक्रम के बीच इस टकराव के साथ, कहानी 1930 के दशक में फ्लैशबैक में चली जाती है और फिर उनका जीवन यहीं से आकार लेता हुआ प्रतीत होता है।

[adinserter block=”1″]

होमी प्रथम विश्व युद्ध के दौरान कलकत्ता के एक विज्ञान कॉलेज में प्रोफेसर बनने के लिए भारत लौटते हैं, जबकि विक्रम कैम्ब्रिज में अपना शोध छोड़ देते हैं और घर लौट आते हैं।

होमी जहां परमाणु विज्ञान में रुचि रखते हैं, वहीं विक्रम का सपना देश का पहला रॉकेट बनाने का है। वे एक साथ काम करते हैं। जहां होमी प्रोफेसर हैं और विक्रम उनके स्टूडेंट हैं। धीरे-धीरे दोनों दोस्त बन जाते हैं।

हालांकि कई मुद्दों पर दोनों के विचार मेल नहीं खाते और झगड़ा लगातार चलता रहता है, फिर भी उनकी दोस्ती बरकरार रहती है। दोनों का व्यक्तित्व यहां विरोधाभासी लगता है।

1942 में महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन से प्रभावित होकर होमी और विक्रम अंग्रेजों के यूनियन जैक को उतार कर कॉलेज में स्वराज का तिरंगा फहराते हैं और उनका कठिन समय यहीं से शुरू होता है। होमी कॉलेज से अपनी नौकरी छोड़कर मुंबई चले जाते हैं और जेआरडी टाटा के साथ अपनी नई यात्रा शुरू करते हैं।

वहीं दूसरी ओर विक्रम अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अपने पिता के व्यवसाय (कपड़ा मिल) में मदद करने लगते हैं। वे कपड़ा मिलों का आधुनिकीकरण करना चाहते हैं लेकिन उन्हें संघ के नेताओं के विरोध का सामना करना पड़ता है।

ऐसे में उनका रॉकेट बनाने का सपना थम जाता है। यहां से रॉकेट बॉयज की कहानी दो महान-दिमागों के भ्रम, सपनों को सच करने में आने वाली बाधाओं, निजी जीवन के उतार-चढ़ाव और भावनात्मक उथल-पुथल को सामने लाती है।

जहां विक्रम को एक नर्तकी मृणालिनी (रेजिना कैसेंड्रा) से प्यार हो जाता है और वे शादी कर लेते हैं, वहीं वकील पिप्सी (सबा आजाद) के लिए होमी का प्यार अधूरा रह जाता है।

होमी और विक्रम साराभाई के आलावा इस सीरीज़ में सी वी रमन जोकि भारतीय भौतिक शास्त्री थे और ए पी जे अब्दुल कलाम (अर्जुन राधाकृष्णन) जो बाद में “मिसाइल-मैन” के नाम से जाने गए जैसे महान वैज्ञानिक भी कहानी के हिस्से के रूप में सामने आते हैं।

होमी और विक्रम के किरदार यहां खूबसूरती से उभरे हैं। जिम सर्भ और इश्वाक सिंह ने अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभाई है। जिम सर्भ को यहां उनके अंदाज से याद किया जाता है तो वहीं इश्वाक सिंह की सादगी मनमोहक है।

[adinserter block=”1″]

यह तो थी वेब सीरीज में होमी और विक्रम की कहानी, अब जानते हैं होमी जहांगीर भाभा के बारे में कुछ रोचक तथ्य:-

  • होमी जहांगीर भाभा का जन्म 30 अक्टूबर 1909 को मुंबई के एक पारसी परिवार में हुआ था। उनके पिता एक जाने-माने मशहूर वकील थे और इनकी माता जी एक बड़े घराने से थी।
  • भाभा की रूचि केवल विज्ञान ही नहीं वे कला प्रेमी भी थे। वनस्पतिशास्त्री होने के अलावा उन्हें पेंटिंग, शास्त्रीय संगीत और ओपेरा सुनना बहुत पसंद था।
  • वह मालाबार हिल्स में एक विशाल औपनिवेशिक बंगले में रहते थे जिसका नाम मेहरानगीर है।
  • 1939 में, वे केवल एक संक्षिप्त अवकाश के लिए भारत आए थे लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध शुरू होने के कारण कैम्ब्रिज में अपना शोध पूरा करने के लिए वापस नहीं जा सके। इसलिए वह एक पाठक के रूप में बैंगलोर में भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) में शामिल हो गए।
  • एक छात्र के रूप में, होमी ने कोपेनहेगन में नोबेल पुरस्कार विजेता नील्स बोहर के साथ काम किया और क्वांटम थ्योरी के विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाई।
  • उन्होंने ही मेसन कण (Meson Particle) की पहचान की। उन्होंने कॉस्मिक विकिरणों को समझने के लिए जर्मन भौतिकविदों में से एक के साथ कैस्केड सिद्धांत के ऊपर काम किया।
  • वह 1955 में आयोजित परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग पर पहले संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के पहले अध्यक्ष थे।
  • 1954 में, उन्हें परमाणु विज्ञान में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने 1942 में एडम्स पुरस्कार भी जीता और उन्हें  रॉयल सोसाइटी के फेलो से भी सम्मानित किया गया।
  • वह चाहते थे कि दुनिया भर में परमाणु हथियारों को गैरकानूनी घोषित किया जाए और परमाणु ऊर्जा का उपयोग गरीबी को कम करने के लिए किया जाए।
  • वह अपने काम के प्रति इतने जुनूनी थे कि वे जीवन भर कुंवारे रहे और अपना सारा समय विज्ञान को समर्पित कर दिया।
  • 24 जनवरी 1996 को माउंट ब्लैंक के पास एक रहस्यमयी हवाई दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। कुछ सिद्धांतों का दावा है कि भारत के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए उन्हें सीआईए द्वारा मार दिया गया था।
  • होमी भाभा की मृत्यु से ठीक 14 दिन पहले, भारत के पूर्व प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री की भी ताशकंद (Tashkent) में रहस्यमयी मौत हो गई थी।

यह भी पढ़ें :-

इन कमाल के आर्ट-वर्क को देखकर आप दांतों तले उंगली दबा लेंगे!

दुनिया में कई कलाकार ऐसे हैं जिन्होंने अपनी कला के बल पर कई शानदार स्कल्पचर्स या स्टेच्यू बनाए हैं, जो बेहद ही खूबसूरत और हैरान कर देने वाले होते हैं। आज इस पोस्ट में हम आपको कुछ अद्भुत आर्ट-वर्क के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें देखकर आप दांतों तले उंगली दबा लेंगे, तो चलिए जानते हैं :-

लंदन बूस्टर बस

[adinserter block=”1″]

आपने इंसानों को तो पुशअप करते जरूर देखा ही होगा, लेकिन क्या कभी किसी डबलडेकर बस को पुशअप करते देखा है? नहीं न, दरअसल ऐसा वाहन लंदन में बनाया गया एक आर्ट है, जिसे 2012 में ओलिंपिक के लिए डेविड सेर्नी ने डिजाइन किया था।

आज यह लोगों के आकर्षण का केन्द्र बन चुका है। इस बस के दोनों तरफ हाथ के शेप में पॉवरफुल हाइड्रोलिक्स लगाए गए हैं, जिनकी मदद से यह बस पुशअप लगाने की तरह ऊपर-नीचे होती रहती है। है न कमाल की आर्ट।

फ्लोटिंग जॉइंट बेबी स्टेच्यू

[adinserter block=”1″]

आर्टिस्ट अपने क्रिएटिव माइंड से नामुमकिन चीजों को मुमकिन कर देते हैं, जैसे किसी भारी-भरकम स्टेच्यू को हवा में लटकाना हो। ऐसा स्टेच्यू सिंगापुर के ‘बाय द बे गार्डन‘ में है, जिसे मार्क क्विन ने बनाया है।

बच्चे का यह स्टेच्यू देखने में तो हल्का-फुल्का लगता है, लेकिन इसका वजन लगभग 7 टन है और इसके बावजूद स्टेच्यू का हवा में रहना अपने आप में अद्भुत है।

आर्टिस्ट ने बड़ी खूबी से इस बच्चे का एक हाथ घास वाली ज़मीन पर टिकाया हुआ है, जिसके सहारे स्टेच्यू बैलेंस बनाए हुए है।

फ्लोटिंग मैजिक टैप

[adinserter block=”1″]

जादू अक्सर जादूगर के हाथ की सफाई और देखने वाले की आंखों का छलावा होते हैं। ऐसे जादू का इस्तेमाल आर्टिस्ट अपने स्टेच्यू में भी बखूबी करते हैं।

स्पेन के अलावा बेल्जियम, अमेरिका जैसे देशों में बने फ्लोटिंग मैजिक टैप इसके उदाहरण हैं। ये नल हवा में लटके हुए हैं और उनमें से लगातार पानी भी गिरता रहता है।

असल में नल में एक ट्रांसपैरेंट पाइप लगा है जिसके सहारे वह खड़ा है, लेकिन देखने पर ऐसा लगता है कि नल हवा में लटक रहा हो।

यह पाइप नीचे लगी पानी की मोटर से जुड़ा रहता है। एक फाउंटेन की तरह मोटर चलने पर पानी नल की तरफ जाता है और निरंतर चलता रहता है।

मेमन स्पाइडर मदर स्टेच्यू

[adinserter block=”1″]

आपने अपने घर के कोनों और दीवारों पर जाला बुनती, लंबे-लंबे आठ पैरों से चलती-फिरती मकड़ी को जरूर देखा होगा।

क्या आपको मालूम है कि ऐसी मकड़ी का सबसे बड़ा स्टेच्यू लंदन में बना है? इसे लइस बोरगिओस ( Louise Bourgeois)  ने 1999 में बनाया था, जो मां के नाम से मशहूर है।

35 फीट ऊंचा यह स्टेच्यू अपने गर्भ में अपने अंडे या बच्चों को लिए खड़ा है। यह एक मां को समर्पित है, जो उसकी ममता और प्रेम को दर्शाता है। कलाकार इस आकर्षक स्टेच्यू के माध्यम से मां की ममता का संदेश देना चाहते हैं।

यह भी पढ़ें :-