नवरात्रि के नौं दिनों से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

“नवरात्रि” हिन्दुओ के प्रमुख त्योहारों में से एक है जिसे दुर्गा माँ की पूजा को समर्पित किया जाता है। नवरात्रि के त्यौहार को बहुत दिल से मनाया जाता है, बहुत से लोग तो इन दिनों में नंगे पांव रहते है। आज हम आपके लिए ऐसे तथ्य लेकर आये है जो आपके नवरात्रि के प्रति ज्ञान को बढ़ा देगे।

  • “नवरात्रि” – शब्द दो शब्दों का संयोजन है- नवा (अर्थ नौ) और रात्री (अर्थ रात) । नौ रातों और नौ दिनों को नवरात्रों के रूप में मनाया जाता है।
  • भारत में मनाए जाने वाले तीन मुख्य नवरात्रि शरद नवरात्रि, वसंत नवरात्रि और अशदा नवरात्रि हैं।
  • नवरात्रि त्यौहारों में शरद नवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण है। यह सर्दियों की शुरूआत में मनाया जाता है, यानी शरद ऋतु में (सितंबर / अक्टूबर का महीना) यह मनाने का ख़ास कारण है की इस वक्त देवी दुर्गा द्वारा महिषासुर का वध किया गया था जिसका जश्न मनाया जाता है।
  • वसंत नवरात्रि गर्मियों की शुरुआत के दौरान मनाया जाता है जो मार्च / अप्रैल के महीने में होता है। मुख्य रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है।
  • अशदा सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश राज्य में अशदा नवरात्रि मनाया जाता है जो जुलाई-अगस्त महीने में होता है।
  • नवरात्रि के साथ सर्द और वसंत ऋतु का भी आगमन होता है।
  • गुजरात और मुंबई में, नवरात्रि की हर रात को गरबा नृत्य किया जाता है जो बहुत प्रसिद्ध है।
  • नवरात्रि के दिनों में अगर आपको सपने में सफेद सांप दिखाई देता है तो यह बहुत ही सुबह होता है। इससे लक्ष्मी की कृपा होती है।
  • अगर कोई कन्या आपको नवरात्रि के दिनों में सिक्का देती है तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है , इससे धन का लाभ होता है।
  • बंगाल में नवरात्रि के दिनों मे दुर्गा पूजा की जाती है जो बंगाल का पुरे साल का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है।
  • दुर्गा देवी आठ भुजाओं से युक्त हैं जिन सभी में कोई न कोई शस्त्रास्त्र होते है।
  • हिन्दू ग्रन्थों में वे शिव की पत्नी पार्वती के रूप में वर्णित हैं, जिन्हें दुर्गा का 8वां रूप गौरी कहा जाता है।
  • वेदों में तो दुर्गा का व्यापाक उल्लेख है, किन्तु उपनिषद में देवी “उमा हैमवती” (उमा, हिमालय की पुत्री) का वर्णन है।
  • पुराण में दुर्गा को आदिशक्ति माना गया है।
  • इसी आदि शक्ति देवी ने ही सावित्री(ब्रह्मा जी की पहली पत्नी), लक्ष्मी, और पार्वती(सती) के रूप में जन्म लिया और उसने ब्रह्मा, विष्णु और महेश से विवाह किया था।
  • तीन रूप मिलकर दुर्गा (आदि शक्ति) को पूरा करते हैं।

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