नवरात्रि के 9 दिनों में, जानिए किस दिन कौन सा भोग लगाएं!!

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चैत्र नवरात्रि का हिन्दु धर्म में बहुत महत्व है। चैत्र नवरात्रि (मार्च अप्रेल के महीने) में मनाई जाती है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र मास में शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से आरंभ होने वाली नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि या बासंतिक नवरात्रि कहा जाता है।

नवरात्रि में दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यता यह है कि जो व्यक्ति मां दुर्गा की पूजा आराधना सच्ची श्रद्धा और निष्ठा से करता है उसे मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

नवरात्रि में दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यता यह है कि जो व्यक्ति मां दुर्गा की पूजा आराधना सच्ची श्रद्धा और निष्ठा से करता है उसे मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

चैत्र नवरात्रि के पर्व के दौरान माता को प्रसन्न करने के लिए प्रतिदिन माता के स्वरूप के अनुसार, भोग लगाने का भी विधान है।

नवरात्रि के नौ दिनों में माता के नौ रूपों- शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।

यह सब माता दुर्गा के स्वरूप हैं। आइए अब जानते हैं कि नवरात्रि के नौ दिनों में माता के इन रूपों को प्रसन्न करने के लिए किन पदार्थों का भोग लगाना शुभ माना जाता है।

चैत्र नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त

इस साल चैत्र नवरात्र, 13 अप्रैल 2021 से शुरू होकर 22 अप्रैल 2021 तक है।

शुभ मुहूर्त- 13 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 28 मिनट से सुबह 10 बजकर 14 मिनट तक
शुभ मुहूर्त की अवधि- 04 घंटे 15 मिनटtr

माता शैलपुत्री

इस दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है। शैलपुत्री शब्द का अर्थ है पहाड़ों की पुत्री। इस दिन व्रत के बाद रात्रि के समय माता की पूजा करते समय, केले का भोग माता शैलपुत्री को लगाना चाहिए।

माता ब्रह्मचारिणी

नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। इस दिन दुर्गा माता के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है, और उन्हें घी या दूध से बने पदार्थों का भोग लगाना शुभ माना जाता है।

चंद्रघंटा माता

तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की पूजा की जाती है और माता को नमकीन पदार्थों अथवा मक्खन का भोग लगाया जाता है। चंद्रघंटा का अर्थ है चांद के समान चमकने वाली।

कूष्माण्डा माता

नवरात्रि के चौथे दिन माता कूष्माण्डा की पूजा की जाती है। इस दिन माता के कूष्माण्डा स्वरूप को मिश्री का भोग लगाना चाहिए इसके अलावा आप मिठे पदार्थों का भोग भी माता को लगा सकते हैं।

स्कंद माता

पांचवे दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है, और माता को सफेद खीर या दूध का भोग लगाना शुभ माना जाता है।

कात्यायनी माता

माता कात्यायनी की पूजा नवरात्रि के षष्ठम दिन की जाती है। माता को प्रसन्न करने के लिए इस दिन मालपुए का भोग लगाना चाहिए।

कालरात्रि माता

माता कालरात्रि की पूजा नवरात्रि के सातवें दिन की जाती है। इस दिन दुर्गा माता के कालरात्रि स्वरूप को प्रसन्न करने के लिए शहद का भोग लगाया जाता है।

महागौरी

नवरात्रि के आठवें दिन माता महागौरी का पूजन किया जाता है। माता महागौरी को इस दिन गुड़ या नारियल का भोग लगाया जाता है।

सिद्धिदात्री

नवरात्रि के अंतिम दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि माता सर्व सिद्धि देने वाली हैं। इस दिन माता को धान के हलवे का भोग लगाना शुभ माना जाता है।

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