ये हैं दुनिया की 10 सबसे खूबसूरत फूलों से भरी वादियां!!

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प्रकृति के पास श्रृंगार की अद्भुत कलाएं हैं और पुष्प उस शृंगार का सबसे सुंदर आभूषण है। फूल सभी का मन मोह लेते हैं।
आज इस पोस्ट में हम आपको कुछ ऐसी खूबसूरत फूलों से भरी वादियों के बारे में बताने जा रहें है जो बेहद ही मनमोहक है, तो चलिए जानते हैं

फूलों की घाटी, उत्तराखंड

देवभूमि उत्तराखंड के चमोली स्थित पुष्पों की यह सुरम्य घाटी एक राष्ट्रीय उद्यान है। समुद्र तल से क़रीब 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह उद्यान 87.50 वर्ग किमी में फैला हुआ है और यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत स्थल में शामिल किया गया है। यहां 600 से अधिक प्रजाति के फूल पाए जाते हैं।

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कास पठार, महाराष्ट्र

पश्चिमी घाट के महाराष्ट्र भाग में स्थित यह कास पठार एक रिज़र्व फॉरेस्ट है तथा वर्ष 2012 में यूनेस्को द्वारा इसे प्राकृतिक विश्व विरासत स्थल के रूप में चिह्नित किया गया।

अगस्त से सितम्बर माह के मध्य यहां असंख्य फूलों और तितलियों की प्रजातियां देखने को मिलती हैं, जो कि विशेषत: यहीं पाई जाती हैं। समुद्र तल से 1,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह पठार 10 वर्ग किमी में फैला है।

यमथांग वैली, सिक्किम

यमथांग वैली (सिक्किम वैली ऑफ़ फ्लॉवर्स सैंक्चुरी) हिमालय की गगनचुम्बी चोटियों से उत्पन्न होते नयनाभिराम दृश्य, गर्म जलस्रोतों, याक एवं फूलों के लिए प्रसिद्ध है।

3,564 मीटर ऊंचाई पर स्थित यह घाटी विदा लेते फरवरी से जून मध्य तक फूलों की रंगबिरंगी चादर बिछी नज़र आती है। यहां पर इस क़दर बर्फबारी होती है कि दिसम्बर से मार्च के बीच यह घाटी पर्यटकों के लिए बंद रहती है।

जूकू वैली, नगालैंड

समुद्र तल से 2,452 मीटर की ऊंचाई पर स्थित जूकू वैली नगालैंड और मणिपुर की सीमा पर स्थित है और प्राकृतिक वातावरण, मौसमी पुष्प, वनस्पतियों तथा जीवों के लिए प्रसिद्ध है।

यूं तो यहां हर मौसम में फूल देखने को मिलते हैं लेकिन यहां का जूकू लिली फूल अधिक प्रसिद्ध है जो कि सिर्फ यहीं प्राप्त होता है। नगालैंड के राज्य पक्षी ब्लिथ ट्रैगोपन के अलावा एशियन गोल्डन कैट भी यहीं पाई जाती है।

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मुन्नार घाटी, केरल

दक्षिण भारत का प्रसिद्ध हिल स्टेशन है मुन्नार जिसका मलयाली अर्थ होता है तीन नदियां। यूं तो मुन्नार कई कारणों से प्रसिद्ध है किंतु नील कुरेंजी फूल ने इसे प्रसिद्धि के शीर्ष पर विराजमान किया है जो कि 12 वर्ष में केवल एक बार खिलता है।

जब नीलवर्णी नीलकुरेंजी पुष्पों से पूरी घाटी नीलाम्बर ओढ़ लेती है तो इस दृश्य को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक यहां जुटते हैं। 2018 के पश्चात अब ये फूल वर्ष 2030 में पुन: खिलेंगे।

ट्यूलिप गार्डन, श्रीनगर

ट्यूलिप फूलों का एशिया का सबसे बड़ा उद्यान है। ज़बरवान रेंज की तलहटी में बसा यह गार्डन घाटी में फूलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 2007 में खोला गया था।

यहां पर ट्यूलिप की क़रीब 65 प्रकार की प्रजातियां मौजूद हैं। प्रतिवर्ष वसंत आगमन पर यहां ट्यूलिप महोत्सव का आयोजन किया जाता है।

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एंटलोप वैली, कैलिफोर्निया

कैलिफोर्निया स्थित यह घाटी हर वसंत में पीले रंग के पॉपी नामक फूलों से ढक जाती है, जो कि इसे एक सुंदर दृश्य प्रदान करता है। यहां फरवरी मध्य से मई तक घाटी में फूल देखने को मिलते हैं। 790 से 910 मीटर ऊंचाई पर स्थित यह वन-क्षेत्र कैलिफोर्निया राज्य सरकार द्वारा संरक्षित है।

लैवेंडर फील्ड, फ्रांस

फ्रांस का प्रोवेंस क्षेत्र पहाड़ों पर बसे गांव, लैंवेंडर के खेतों और मेडिटेरियन सागर के लिए प्रसिद्ध है। पहाड़ों से घिरे लैवेंडर के बैंगनी खेतों को देखने का सबसे सही समय जून मध्य से जुलाई मध्य के बीच होता है, जब सारा क्षेत्र बैंगनी रंग की चादर ओढ़ लेता है।

यहां पर लैवेंडर इतनी बहुतायत में होता है कि इस फूल को यहां की ‘आत्मा‘ माना जाता है। प्रोवेंस तथा लैवेंडर एक-दूसरे के पूरक बन गए हैं।

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यलोस्टोन पार्क, अमेरिका

अमेरिका के इस पहले राष्ट्रीय उद्यान का उदघाटन 1872 में हआ था। यह पार्क विशेषत: वन्यजीवों तथा विविध वनस्पतियों के लिए जाना जाता है।

यहां पर वृक्षों की क़रीब 1,700 प्रजातियां पाई जाती हैं और कई फूलों की प्रजातियां यहां खिलती हैं। अधिकतर पुष्प प्रजातियां मई से सितम्बर माह के मध्य खिलती हैं। यलोस्टोन सैंड वर्बीना एक दुर्लभ पुष्प प्रजाति है, जो सिर्फ इसी उद्यान में पाई जाती है।

कैस्टलुसियो, इटली

इटली के उम्ब्रिया क्षेत्र में कैस्टलुसियो नामक पहाड़ी गांव है, जो चारों ओर से सिबिलिनी पहाड़ों से घिरा है। पहाड़ी के नीचे की ओर खेती होती है और यहां की दालें बहुत प्रसिद्ध हैं।

1,452 मीटर ऊंचे इस स्थान की सुंदरता में रंग-बिरंगे फूल चार चांद लगा देते हैं। मई के अंत से जुलाई तक यहां फूलों की चादर बिछ जाती है जिसे ‘ला फिओरिता‘ कहते हैं।

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