ये है दुनिया का सबसे अनोखा फूल, जिस पर कभी नहीं बैठता भंवरा

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फूल न केवल अपनी सुगंध के लिए बल्कि अपनी सुंदरता के लिए भी जाने जाते हैं। पूजा से लेकर घर की साज-सज्जा तक में फूलों का प्रयोग किया जाता है।

हमारे आसपास कई तरह के फूल वाले पौधे होते हैं, जो देखने में बेहद खूबसूरत लगते हैं। इन्हें देखने के बाद आंखों को एक अलग ही ठंडक मिलती है और सारी थकान भी दूर हो जाती है।

फूल सिर्फ इंसानों को ही नहीं बल्कि जानवरों को भी बहुत पसंद होते हैं इसलिए फूलों के ऊपर तितलियां और भँवरे मँडराते रहते हैं।

अब तक हम फूलों को उनकी सुंदरता, सजावट और सुगंध से पहचानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा फूल है, जिस पर कभी भंवरा नहीं बैठता? जी हां, हमारे चारों ओर एक ऐसा फूल है, जिस पर शायद हमने कभी ध्यान नहीं दिया होगा, आइए जानते हैं उस फूल के बारे में…

चंपा के फूल पर नहीं बैठते हैं भँवरे

अक्सर आपने देखा होगा कि भँवरे ज्यादातर फूलों पर पाए जाते हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि भँवरे कभी भी चंपा के फूलों पर नहीं बैठते हैं।

चंपा के फूलों की एक अलग महक होती है और इसके फूलों में पराग नहीं होता है, जिससे भँवरे उनके आसपास नहीं भटकते हैं। भँवरे ही नहीं, मधुमक्खियां भी चंपा के फूलों के पास नहीं आतीं।

चंपा के फूलों की खास बातें

चंपा के फूलों की खास बात यह है कि इनके पौधे हमेशा हरे रहते हैं। साथ ही चंपा के फूल सुंदर, सुगंधित और हल्के सफेद-पीले रंग के होते हैं। ये फूल मुख्य रूप से 5 प्रकार के होते हैं और सभी फूल बहुत सुगंधित होते हैं।

चंपा के फूलों के उपयोग

चम्पा के फूलों का प्रयोग प्रायः पूजा में किया जाता है। इतना ही नहीं चंपा के फूलों का तेल और इत्र भी बनाया जाता है। इसके फूलों और पेड़ों का उपयोग औषधि के रूप में भी किया जाता है। कहा जाता है कि चंपा का पौधा वास्तु की दृष्टि से सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

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