घर के मंदिर में जरूर रखनी चाहिए ये पवित्र चीजें, भाग्य तो चमकेगा ही, धन की कमी भी नहीं होगी

हिंदू धर्म में पूजा का बहुत महत्व माना जाता है। लोग अपने घर में भगवान का एक स्थान जरूर बनाते हैं जिसे घर का मंदिर कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि अगर घर के मंदिर में रोजाना सुबह और शाम पूजा की जाए तो इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार की परेशानियां दूर होती हैं।

भगवान को प्रसन्न करने के लिए लोग अपने घर के मंदिर में प्रतिदिन पूजा और आरती करते हैं। आपको बता दें कि ज्यादातर लोग घर के अंदर ही मंदिर बनवाते हैं लेकिन इससे जुड़े नियमों पर कोई ध्यान नहीं देते। घर के मंदिर में कुछ खास और पवित्र चीजों का होना बहुत जरूरी है।

यदि आप इन पवित्र चीजों को अपने घर के मंदिर में रखते हैं, तो देवी-देवता आप पर प्रसन्न होंगे और आपके घर की सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी। इन चीजों को घर के मंदिर में रखने से किस्मत खुलती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

तो चलिए जानते हैं वो कौन कौन सी चीज़े हैं जिनको घर के मंदिर में रखना चाहिए:-

चंदन

मंदिर में चंदन अवश्य रखना चाहिए। चंदन का उपयोग सदियों से पूजा में किया जाता रहा है। विशेष रूप से चंदन का उपयोग भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण की पूजा में किया जाता है।

यदि आप अपने माथे पर चंदन का तिलक लगाते हैं, तो इससे आपका मन शांत रहेगा और आपके मन में नकारात्मक विचार नहीं आएंगे।

गंगा जल

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हिंदू धर्म में पवित्र गंगा नदी के जल का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि पवित्र जल कभी खराब नहीं होता। यही कारण है कि पूजा स्थल पर हमेशा पवित्र जल रखना चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

गरुड़ की घंटी

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मंदिर में गरुड़ की घंटी जरूर रखनी चाहिए। पूजा के समय जब घंटी बजाई जाती है तो उससे निकलने वाली ध्वनि वातावरण को शुद्ध रखती है।

यह ध्वनि घर की नकारात्मक ऊर्जाओं को भी नष्ट करती है और घर में खुशियां लाती है। इससे धन संबंधी परेशानियां भी दूर होती हैं।

शालिग्राम पत्थर

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आपको अपने घर के अंदर शालिग्राम का पत्थर अवश्य रखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि शालिग्राम पत्थर में स्वयं भगवान विष्णु का वास है।

इसे विष्णु का रूप माना जाता है। अगर आप इसे रोजाना अपने घर के मंदिर में रख कर पूजा करते हैं तो घर में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है।

शिवलिंग

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मंदिर में शिवलिंग भी जरूर रखना चाहिए, लेकिन आपको यह ध्यान रखना होगा कि पूजा घर में अंगूठे के आकार का शिवलिंग होना चाहिए।

इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और आपको प्रतिदिन पूजा स्थल पर नियमित रूप से इसकी पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहेगी और भाग्य भी आपका साथ देने लगेगा।

शंख

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आपको मंदिर में शंख जरूर रखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि जहां शंख होता है, वहां असली मां लक्ष्मी का वास होता है। कहा जाता है कि शंख के मध्य में वरुण, पीठ में ब्रह्मा और सामने में गंगा और सरस्वती का वास होता है। यदि आप शंख के दर्शन और पूजा करते हैं, तो आपको तीर्थ यात्रा के समान लाभ मिलता है।

जल से भरा कलश

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आप अपने घर के मंदिर में शुद्ध जल से भरा कलश अवश्य रखें। इसे मंगल कलश भी कहते हैं। अगर आप इसे अपने पूजा घर में रखते हैं तो यह हमेशा घर की पवित्रता बनाए रखता है।

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“द नाइफ एंजल” अनोखी मूर्ति जो बनी है एक लाख चाकुओं से!

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“द नाइफ एंजेल” (हिंसा और आक्रामकता के खिलाफ राष्ट्रीय स्मारक के रूप में भी जाना जाता है) एक समकालीन मूर्तिकला है, जो इंग्लैंड के ओसवेस्ट्री में स्थित कलाकार अल्फी ब्रैडली और ब्रिटिश आयरनवर्क्स सेंटर द्वारा बनाई गई है।

दुनिया भर कई ऐसी मूर्तियाँ बनाई गई हैं  जिन्हें देखकर हर कोई आश्चर्यचकित रह जाता है जो अपनी अनूठी और खास विशेषताओं के लिए जानी जाती हैं।

आज हम आपको जिस अनोखी मूर्ति के बारे में बताने जा रहे हैं वो 1 लाख चाकुओं से बनाया गया है जो करीब 27 फीट ऊंची है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि इस प्रतिमा में लगा हर चाकू एक अपराध से जुड़ा है, जिसके कारण इसे दुनिया की सबसे अनोखी मूर्ति माना जाता है।

तो चलिए जानते हैं इस अनोखी मूर्ति के बारे में :-

द नाइफ एंजेल में छिपा है एक सन्देश

इस मूर्ति को डिजाइन करने और बनाने में डेढ़ साल का समय लगा, इसका विचार ब्रैडली को आया, जब वह ब्रिटिश आयरनवर्क सेंटर में मूर्तिकार के रूप में काम कर रहे थे।

2018 में मूर्तिकला के पूरा होने के बाद इसके निर्माण के पीछे हिंसा विरोधी संदेश को उजागर करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी दौरे की शुरुआत हुई।

दरअसल ब्रिटेन के आसपास चाकू की हिंसा की घटनाओं में वृद्धि के बाद, ब्रैडली एक ऐसी मूर्ति बनाना चाहते थे जो इस विषय के बारे में जनता को जागरूक करे।

इस मूर्ति का निर्माण चाकू के अपराध को उजागर करने और हानिकारक प्रभाव वाले हिंसक व्यवहार के युवा लोगों को  शिक्षित करने के लिए मूर्तिकला का निर्माण किया गया था।

“सेव ए लाइफ, सरेंडर योर नाइफ” नामक एक परियोजना के हिस्से के रूप में, केंद्र ने अपनी लागत पर 200 चाकू बैंकों का आयोजन किया गया जिसमें व्यक्ति गुमनाम रूप से अपने चाकू दान करते हैं और पुलिस द्वारा जब्त किए गए चाकू को भी शामिल किया गया था। चाकू की हिंसा में मारे गए लोगों के परिवार मूर्तिकला के हजारों ब्लेडों में से एक पर एक संदेश उकेर सकते हैं।

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30 अप्रैल 2022 को लगने जा रहा है पहला सूर्य ग्रहण, जानिए कुछ खास बातें

साल का पहला आंशिक सूर्य ग्रहण या सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल 2022 को लगेगा। पहले सूर्य ग्रहण के 15 दिन बाद साल का पहला चंद्र ग्रहण भी 16 मई को लगेगा।

सूर्य ग्रहण 2022 अत्यंत दुर्लभ घटना ‘ब्लैक मून‘ के साथ मेल खाता है, जिसमें अमावस्या की रात में चंद्रमा काला दिखाई देता है। एक अमावस्या तब होती है जब सूर्य ग्रहण को छोड़कर, चंद्रमा पृथ्वी पर हमारे लिए अदृश्य दिखाई देता है।

काला चंद्रमा इस वर्ष सूर्यास्त से ठीक पहले और उसके दौरान दिन के दौरान सूर्य को अवरुद्ध कर देगा, जिसके परिणामस्वरूप आंशिक ग्रहण होगा।

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सूर्य ग्रहण एवं आंशिक सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, पृथ्वी पर छाया डालता है, कुछ क्षेत्रों में सूर्य के प्रकाश को पूरी तरह या आंशिक रूप से अवरुद्ध करता है।

आंशिक ग्रहण के दौरान चंद्रमा और सूर्य पूरी तरह से संरेखित नहीं होते हैं, इसलिए चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढक नहीं पाता है।

सूर्य ग्रहण का समय

दोपहर 12:15 बजे आंशिक सूर्य ग्रहण शुरू होगा और शनिवार, 30 अप्रैल को शाम 4:07 बजे समाप्त होता है।

आंशिक सूर्य ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों से दिखाई देगा। हालांकि, भारत में सूर्य ग्रहण नहीं दिखेगा। केवल दक्षिण/पश्चिम अमेरिका, प्रशांत अटलांटिक और अंटार्कटिका में रहने वाले लोग ही आकाशीय घटना को देख पाएंगे।

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सूर्य ग्रहण 2022 के दौरान क्या करें और क्या न करें:

  • सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें।
  • सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद भी लोगों को घर की साफ-सफाई करनी चाहिए।
  • सूतक काल में गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर ही रहना चाहिए।
  • सूर्य ग्रहण के दौरान लोगों को खाना बनाने और खाने से बचना चाहिए।
  • लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से न देखें।
    ग्रहण के समय नहीं सोना चाहिए।
  • लोगों को सूर्य ग्रहण से पहले तुलसी के पत्तों को जल और भोजन में डाल देना चाहिए।
  • कई लोग ग्रहण के दौरान किसी नुकीली चीज का इस्तेमाल नहीं करते हैं।

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ऑफिस जाने वाली महिलाएं ऐसे करें मेकअप, तेज धूप का भी नहीं पड़ेगा असर!

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वैसे तो आजकल सभी प्रोडक्ट वाटरप्रूफ हैं। जिस वजह से यह पसीने के कारण बहता नहीं है। लेकिन जब तेज धूप चेहरे पर पड़ती है तो सारी चमक चली जाती है और मेकअप के बावजूद चेहरा डल पड़ जाता है।

अगर आप एक महिला हैं जो रोज ऑफिस जाती हैं और हर दिन एक ही समस्या का सामना करती हैं। तो इन मेकअप  टिप्स की मदद से तेज धूप भी आपको प्रभावित नहीं क्र पायेगी।

गर्मी के मौसम में महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अगर वह बहुत ज्यादा मेकअप करती हैं तो बात खत्म हो गई है।

वहीं पसीने की वजह से कई बार पैची दिखने लगती है। और जब नेचुरल लुक की जरूरत होती है तो धूप और पसीने के कारण चेहरे से पूरी तरह गायब हो जाता है।

ऐसे में गर्मी के मौसम में कई महिलाएं ऑफिस जाने के लिए मेकअप करना बंद कर देती हैं। क्योंकि खराब मेकअप के कारण उन्हें शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। लेकिन इन टिप्स की मदद से गर्मी के मौसम में भी मेकअप खराब नहीं होगा।

तो चलिए जानते हैं :-

फाउंडेशन की जगह इसका इस्तेमाल करें

गर्मी के मौसम में मेकअप करने के लिए सही प्रोडक्ट का होना जरूरी है। क्योंकि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, मेकअप कैरी करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए गर्मी के मौसम में मेकअप करने के लिए फाउंडेशन या पाउडर का इस्तेमाल न करें।

मेकअप को सिंपल और लाइट रखें। जिसके लिए बीबी क्रीम का इस्तेमाल सही रहेगा। या फिर टिंटेड मॉइस्चराइजर या टिंटेड सनब्लॉक का इस्तेमाल करें।

मेकअप से पहले प्राइमर का इस्तेमाल करना जरूरी है। यह मेकअप सेट करता है। लेकिन अगर आप गर्मी के मौसम में प्राइमर लगाती हैं, तो मेकअप के फैलने का डर रहता है।

इसलिए गर्मी के मौसम में प्राइमर को सिर्फ टी जोन वाली जगह पर ही लगाएं। या फिर इसे चेहरे के ऑयली हिस्से पर ही लगाएं।

अगर आप अपने चेहरे के दाग-धब्बों को दूर करने के लिए कंसीलर का इस्तेमाल करती हैं। इसलिए जरूरत के हिसाब से अप्लाई करें। अन्यथा इसे छोड़ देना ही बुद्धिमानी है।

इसके साथ ही चेहरे पर मेकअप के बाद फेस मिस्ट का इस्तेमाल करें। यह एक तरह से चेहरे की त्वचा को हाइड्रेट करने का काम करता है।

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घरेलू नुस्खे – चावल के आटे में इन चीजों को मिलाकर बनाएं बॉडी स्क्रब, मिलेंगे अनेक फायदे

अगर आप बॉडी स्क्रब के घरेलू नुस्खे आजमाते हैं तो आप इसमें चावल का आटा भी शामिल कर सकते हैं। इसमें कुछ चीजों को मिलाकर बेहतरीन परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। इन्हीं बातों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।

चेहरे या शरीर की त्वचा की देखभाल के लिए कई तरीके अपनाए जाते हैं, जिनमें से एक है एक्सफोलिएशन। एक्सफोलिएशन (स्किन एक्सफोलिएशन) इसका एक अहम हिस्सा है स्किन को स्क्रब करना।

स्क्रब करने से त्वचा की मृत कोशिकाएं (स्किन डेड सेल्स) निकल जाती हैं और इसके साथ ही स्क्रबिंग करने से त्वचा अंदर से भी स्वस्थ बनती है, क्योंकि यह तरीका जमा हुई गंदगी को बाहर निकालने का काम करता है।

धूल, मिट्टी और पसीने के कारण रोमछिद्रों में गंदगी जमा हो जाती है और धीरे-धीरे यह गंदगी पिंपल्स या मुंहासों का रूप ले कर त्वचा को बेजान और नुकसान पहुंचाने लगती है। इसलिए चेहरे या शरीर की त्वचा की स्क्रबिंग जरूरी है।

चावल का आटा और शहद

मुहांसों को दूर करने के लिए चावल का आटा लें और उसमें थोड़ा सा शहद मिलाएं। इन दोनों को अच्छी तरह मिलाने के बाद गर्दन हाथ और पैरों की स्क्रबिंग करें। चावल का आटा जहां गंदगी को दूर करेगा वहीं शहद त्वचा को मुलायम बनाने का काम करेगा।

शहद में मौजूद पोषक तत्व त्वचा को पोषण भी देंगे। स्किन स्पेशलिस्ट के मुताबिक आपको हफ्ते में कम से कम दो बार बॉडी स्क्रब जरूर करना चाहिए।

चावल और आलू

यदि चावल के आटे को आलू के रस में मिला दिया जाए तो इसके दोगुना लाभ प्राप्त किया जा सकता है। एक बाउल लें और उसमें दो चम्मच चावल का आटा डालें।

इसमें तीन चम्मच आलू का रस मिलाकर स्क्रब तैयार कर लें और स्क्रबिंग करें। आप चाहें तो इस तैयार मिश्रण का इस्तेमाल चेहरे पर भी कर सकते हैं। आलू का रस त्वचा की टैनिंग को दूर कर सकता है।

चावल और एलोवेरा

एलोवेरा जेल में मौजूद एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण त्वचा की कई समस्याओं को दूर करने में कारगर होते हैं। चावल और एलोवेरा से बना स्क्रब त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बना सकता है।

चावल के आटे में दो चम्मच एलोवेरा जेल मिलाकर शरीर पर स्क्रब करें। स्क्रब करने के बाद इसे त्वचा पर कुछ देर के लिए छोड़ दें और फिर नहा लें। बाद में शरीर को मॉइस्चराइज़ करना न भूलें।

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अमेरिका के इस परिवार के लोग हैं इतने लम्बे कि बन गया गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड!

हर इंसान खूबसूरत दिखना चाहता है और जहाँ बात हाइट की आती है तो सभी चाहते है कि हमारी हाइट अच्छी हो पर लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमेरिका के एक परिवार ने एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया है।

इस परिवार के लोगों ने मिलकर संयुक्त रूप से सबसे लम्बे परिवार की औसत लम्बाई का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इन पांच सदस्यों में स्टॉक, क्रिसी, स्वाना,मौली और एडम शामिल है।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने संयुक्त राज्य अमेरिका के मिनेसोटा के एक परिवार को दुनिया के सबसे ऊंचे परिवार के रूप में पुष्टि की है।

इस के परिवार के सबसे कम उम्र के सदस्य, 22 वर्षीय एडम ट्रैप की ऊंचाई 221.71 सेमी या (7 फीट 3 इंच) है।उसके बाद 27 वर्षीय सवाना ट्रैप 203.6 सेमी (6 फीट 8 इंच) और उनकी बहन मौली स्टीड (24 वर्षीय) 197.26 सेमी (6 फीट 6 इंच) लंबी थी।

विशेष रूप से क्रिसी, उनकी मां 191.2 सेमी (6 फीट 3 इंच) में ट्रैप परिवार में सबसे छोटी हैं, जबकि पिता, स्कॉट की ऊंचाई 202.7 सेमी (6 फीट 8 इंच) है। स्काॅट के अनुसार, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने का आइडिया सबसे पहले एडम ने दिया।

क्यों बढ़ जाती है इंसानों की लंबाई इतनी?

2018 में तुर्की के एक निवासी सुल्तान कोसेन (Sultan Kosen) ने 8 फुट 3 इंच की  लंबाई के साथ दुनिया के सबसे लंबे शख्स का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। वहीं, दुनिया की सबसे छोटे इंसान का रिकॉर्ड महाराष्ट्र की ज्योति आमगे (2 फीट) के नाम रहा था।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का कहना है, दुनिया में सबसे लंबे इंसान का रिकॉर्ड बनाने वाले सुल्तान एक खास तरह के स्थिति से जूझ रहे थे।

जिसे पिट्यूटरी गिंगेटिज्म (Pituitary Gigantism) कहते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में ग्रोथ हार्मोन का अधिक निर्माण होने लगता है।

इसके अलावा वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा सिर्फ पिट्यूटरी गिंगेटिज्म के कारण नहीं होता, जीन में हए बदलाव भी इसकी वजह हो सकते हैं जो एक पीढ़ी से दूसरी पढ़ी में पहुंचे और असर दिखने लगा।

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दूसरे कमरे में रखे कूलर से नहीं मिल रही थी हवा, शख्स ने किया अनोखा जुगाड़, वीडियो देख हैरान रह जाएंगे आप !

इंटरनेट एक ऐसी दुनिया है जहां हर तरह के वीडियो भरे पड़े हैं, चाहे वह फनी वीडियो हो या जुगाड़ का वीडियो। सोशल मीडिया पर अक्सर जुगाड़ के कई वीडियो वायरल होते रहते हैं।

जुगाड़ को आप एक तरह का टैलेंट भी कह सकते हैं, क्योंकि जब कोई काम मुश्किल या नामुमकिन होता है तो लोग इस जुगाड़ यानी टैलेंट का इस्तेमाल कर अपने काम को आसान और संभव बना देते हैं और कई बार ऐसे जुगाड़ लगाते हैं, जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते।

उदाहरण के लिए, जरा इस जुगाड़ वीडियो को देखिए जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस वीडियो पर एक नजर डालिए, जिसमें एक शख्स को एक कमरे से दूसरे कमरे में हवा नहीं मिल पा रही थी।

 

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तो उस व्यक्ति ने एक लंबी चौड़ी पॉलीथिन ली और उसे कूलर में डाल दिया, जिससे कूलर की हवा सीधे पॉलीथिन के माध्यम से दूसरे कमरे में पहुंच रही थी। वीडियो देखने के बाद आप भी सोचने लगेंगे कि लोगों के दिमाग में ये आइडिया कहां से आते हैं।

इस वीडियो को सोमबीर_निरंकारी (sombir_nirankari) नाम के पेज से इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया है। लोगों ने वीडियो को खूब पसंद किया है। लोग वीडियो पर खूब कमेंट भी कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा- सस्ता एसी। एक अन्य यूजर ने लिखा – ऐसे आइडिया कहां से आते हैं।

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रसोईघर का राजा ‘प्याज’ जाने चमत्कारी फायदें !

प्राचीन काल से रसोईघर का राजा प्याज को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। हैजा और प्लेग जैसी महामारी के दौरान प्याज को ऐतिहासिक रूप से एक निवारक दवा के रूप में इस्तेमाल किया गया था।

प्याज का इस्तेमाल ईसा पूर्व 4000 से होता रहा है। इसमें प्राकृतिक चीनी, विटामिन ‘ए’, ‘बी 6’, ‘सी’ तथा ‘ई’ और सोडियम, पोटेशियम, लोहा जैसे खनिज सहित और फाइबर शामिल हैं।

प्याज फोलिक एसिड का भी एक अच्छा स्रोत है। प्याज की कई किस्में होती हैं जैसे लाल, हरा और पीला। अलग-अलग रंगों के प्याज का आकार भी अलगअलग होता है।

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान प्याज का इस्तेमाल सैनिकों के जख्मों के उपचार के लिए किया गया। कई खबियों के कारण प्याज को ‘रसोईघर का राजा‘ भी कहा जाता है।

विशेषज्ञ इस तथ्य को स्वीकार करते हैं कि प्याज अस्थमा, एलर्जी ब्रोंकाइटिस, आम सर्दी से संबंधित खांसी आदि के रोगियों को बहुत राहत प्रदान करता है।

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प्याज के चमत्कारी फायदें:-

मधुमेह को रोकता है

प्याज में मौजूद बायोटिन स्वास्थ्य पर कई सकारात्मक प्रभाव डालता है, जिनमें से एक टाइप 2 मधुमेह से जुड़े लक्षणों को कम करता है।

प्याज में क्रोमियम भी होता है, जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है और मांसपेशियों और शरीर की कोशिकाओं को धीमा, क्रमिक ग्लूकोज जारी करता है।

बेहतर प्रतिरक्षा के लिए

प्याज में महत्वपूर्ण मात्रा में मौजूद फाइटोकैमिकल्स शरीर के भीतर विटामिन ‘सी’ के उत्तेजक के रूप में कार्य करते हैं। जब आप प्याज खाते हैं तो विटामिन ‘सी’ और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली का असर बढ़ जाता है क्योंकि यह आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को विषाक्त पदार्थों और अन्य हानिकारक तत्वों से लड़ने में बेहतर बनाता है जो रोग और बीमारी को जन्म दे सकते हैं।

मुंह की सेहत के लिए

कच्चे प्याज को 2 से 3 मिनट तक चबाने से मुंह, गले और होंठ जैसे स्थानों में मौजूद सभी रोगाणु खत्म हो सकते हैं।

त्वचा रोगों और गठिया में राहत

स्वस्थ त्वचा के लिए भी बायोटिन महत्वपूर्ण है। उपचार के लिए शहद या जैतून के तेल के साथ मिश्रित प्याज का रस सबसे अच्छा इलाज माना जाता है।

प्याज सूजन-विरोधी सब्जी है, इसलिए इसमें सक्रिय यौगिक लाली और सूजन को कम कर सकते हैं जो आमतौर पर मुंहासे जैसी त्वचा की समस्या के लिए जिम्मेदार होते हैं। यह गठिया से जुड़े दर्द और सूजन को भी कम करने में मदद करता है।

खांसी का उपचार

प्याज के रस और शहद के बराबर मिश्रण से गले की समस्याओं और खांसी के लक्षणों को दूर करने में मदद मिल सकती है।

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कैंसर को रोकता है

प्याज क्वरसिटिन में समृद्ध है, जो बहुत ही शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट यौगिक है जो लगातार रोकथाम या कैंसर के प्रसार को कम करने से जुड़ा है। विटामिन ‘सी’ भी एक मजबूत एंटीऑक्सीडेंट है, जिससे पूरे शरीर में मुक्त कणों की मौजूदगी और प्रभाव कम हो सकता है।

यौन स्वास्थ्य के लिए

प्याज यौन क्षमता बढ़ाने में मदद करने के लिए भी जाना जाता है। इस मामले में सफेद प्याज बेहतर है।

पाचन के लिए

प्याज में अधिक फाइबर है, जो स्वस्थ और नियमित पाचन तंत्र को बनाए रखने के लिए अच्छा है। फाइबर अपच से होने वाले दर्द को भी रोकता है। प्याज के दुष्प्रभाव :

  • प्याज अधिक खाने से पेट में परेशानी हो सकती है।
  • प्याज को गर्भवती या बच्चों को स्तनपान करवाने वाली महिलाओं में समस्या पैदा करने के लिए जाना जाता है।
  • प्याज का अत्यधिक सेवन आंत के कामकाज में बाधा पहुंचा सकता है और अक्सर विभिन्न स्वास्थ्य मुद्दों जैसे गैस, भारीपन, उल्टी आदि का कारण बन सकता है।
  • कुछ लोगों को प्याज से एलर्जी हो सकती है और इसके रस को त्वचा पर लगाने से जलन, दाने हो सकते हैं।

पंजाब केसरी से साभार………..

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OMG: अपना ही मल खाकर जिंदा रहता है ये खूबसूरत जानवर

क्या आप जानते हैं कि पृथ्वी पर कई प्राणी ऐसे भी है जो अपना ही मल खाकर अपना जीवन जीते हैं। जी हाँ ऐसे कई जानवर हैं जो कभी-कभी ऐसा करते हैं, और कभी-कभी अन्य जानवरों के मल को भी खा जाते हैं।

इसे कोप्रोफैगिया के नाम से जाना जाता है। उदाहरण के लिए, कभी-कभी कुत्ते, बिल्ली की मल खाएंगे। दूसरी ओर, कुछ जानवर, जैसे खरगोश, पोषक तत्वों को निकालने के लिए ऐसा करते हैं।

कुछ कीट दूसरे का मल खाते हैं, और कुछ युवा जानवर, जैसे दरियाई घोड़ा, हाथी, कोयल, और विशाल पांडा जीवन के आरंभ में ऐसा करते हैं।

आज हम आपको जिस जानवर के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। वह है बेहद खूबसूरत दिखने वाला खरगोश और उसे अपनी बेहतर सेहत के लिए अपनी मल खाना पड़ता है। इसके लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।

धरती के इस खूबसूरत जीव का पाचन तंत्र ज्यादा विकसित नहीं है। खरगोश घास खाते हैं, लेकिन खराब पाचन तंत्र के कारण, उनके शरीर से कई आवश्यक पोषक तत्व बिना पाचन के बाहर निकल जाते हैं। इसी वजह से खरगोशों को मलत्याग के बाद दोबारा खाने से ज्यादा से ज्यादा पोषक तत्व मिलते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक खरगोश का मल लिक्विड (Secotrope) और टैबलेट की तरह होती है। तरल मल पोषक तत्वों से भरपूर होती है।

इसे खरगोश को दोबारा खाने के बाद यह पूरी तरह पच जाता है और गोली की तरह मल हो जाता है। फ्लुइड-टाइप मल में विटामिन K और विटामिन B12 उच्च मात्रा में पाए जाते हैं।

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जे.सी.बी का रंग पीला क्यों होता है?

आपने अक्सर कहीं ना कहीं जे.सी.बी मशीन को खुदाई करते देखा होगा। आज के समय में यह मशीन दुनिया भर में अपनी उपयोगिता के लिए जानी जाती है और इसने काफी हद तक हमारे जीवन को आसान बना दिया है।

पहले जिस काम को करने में कई दिनों का समय लगता था, कई महीनों का समय लगता था, अब उसी काम को कुछ घंटों में कर देती है।

यह कई तरह की और आकार- प्रकार की हो सकती हैं लेकिन सभी में एक बात समान होती है और वह है इनका पीला रंग। इनका रंग पहले लाल व सफेद होता था।

लेकिन इसे बदलकर पीला कर दिया गया क्योंकि पीला रंग कम रोशनी में भी साफ नजर आता है जिससे अंधेरे में भी पता चल जाता है कि सामने जे.सी.बी. मशीन खुदाई कर रही है।

स्कूल बस का रंग पीला

आपने देखा होगा कि स्कूल बस का रंग पीला होता है। स्कूल बस और मशीनें ऐसे वाहन होते हैं जिनमें सुरक्षा का ज्यादा ध्यान रखा जाता है। साथ ही इन वाहनों से किसी प्रकार की दुर्घटना न हो सके इसलिए इन्हें पीले रंग से पेंट कर दिया जाता है।

ध्यान खींचता है पीला रंग

वास्तव में पीला रंग अन्य अधिक रंगों की तुलना में ज्यादा ध्यान आकर्षित करता है। यहां तक कि अगर आप सीधा देख रहे हैं और कोई भी चीज आपके सामने न होकर कहीं साइड में रखी हुई हो तो उस चीज को भी आप अधिक आसानी से देख सकते हैं।

एक रिसर्च में वैज्ञानिकों ने पाया है कि पीले रंग का लाल रंग की तुलना में 1.24 गुना बेहतर देखा जा सकता है। अंधेरे वातावरण में भी पीला रंग आसानी से देखा जा सकता है।

वहीं कोहरे में भी पीले रंग को काफी जल्दी देखा जा सकता है। इन सभी कारणों की वजह से जे.सी.बी. कंपनी अपने अधिकतर वाहन पीले रंग में ही बनाती है।

जे.सी.बी. का पूरा नाम

जे.सी.बी. के बारे में एक और रोचक तथ्य है कि यह इसका असली नाम नहीं है। दरअसल, जे.सी.बी. तो इस मशीन को बनाने वाली कंपनी का नाम है लेकिन मशीन में जे.सी.बी. लिखे होने के कारण इसको लोगों ने जे.सी.बी. नाम ही दे दिया।

वास्तव में इस मशीन को ‘एक्सकैवेटर‘ के नाम से जाना जाता है। कंपनी के नाम जे.सी.बी. के बारे में भी बता दें कि यह इस मशीन का आविष्कार करने वाले जोसेफ सिरिल बमफोर्ड के नाम का शॉर्ट फॉर्म है जिसे कंपनी का नाम दे दिया गया।

जब जोसेफ अपनी कंपनी का नाम रखने के बारे में विचार कर रहे थे तो उनको कोई अनूठा नाम नहीं मिला, इसके बाद उन्होंने अपने नाम के पर ही कंपनी का नाम रख दिया था।

कुछ रोचक बातें

  • कंपनी की शुरुआत वर्ष 1945 में ब्रिटेन में हुई थी उस दौरान कंपनी ने ‘एक्सकैवेटर‘ नामक अपनी तरह की इकलौती मशीन लांच की जिसे लोगों ने काफी पसंद किया ।
  • इसके बाद दुनियाभर में कंपनी ने अपनी फैक्ट्रियां लगानी शुरू कर दीं। भारत में कंपनी की फरीदाबाद, पुणे व जयपुर में फैक्ट्रियां हैं।
  • आम ट्रैक्टरों की गति 35 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा नहीं होती तुम तो दुनिया की सबसे तेज ट्रैक्टर का निर्माण इसी कंपनी ने 1991 में किया था।
  • इसकी अधिकतम गति 65 किलोमीटर प्रतिघंटा थी आज तक इतनी तेज गति वाला ट्रैक्टर नहीं बनाया गया है।
  • कंपनी अब एक्सकैवेटर, व्हिल्ड लोडर, ट्रैक्टर, मिलिट्री वाहन, डीजल मैक्स वाइब्रो मैक्स का निर्माण करती है। यहां तक कि कंपनी ने कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वालों को ध्यान में रखते हुए फोन का निर्माण करने का लाइसेंस भी ले रखा है।

पंजाब केसरी से साभार……….।

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