कुत्तों में भी होता है मोटापा, जानिए क्या है कारण और लक्षण?

मनुष्यों की तरह कुत्ते भी मोटापे का शिकार हो सकते हैं। शारीरिक व्यायाम की कमी और अधिक खाने की वजह से उनका भी वजन बढ़ता है और वे मोटापे का शिकार हो जाते हैं। कुछ लोग अपने पालतू कुत्तों को हर घड़ी कुछ न कुछ खाने को देते रहते हैं, यह भी एक वजह है।

जब  उनके शरीर में अतिरिक्त मात्रा में वाइट एडिपोज टिश्यू इकट्ठा होने लगता है, तो इस स्थिति को केनाइन ओबेसिटी या कुत्ते में मोटापा कहा जाता है।

मोटापा कुत्ते के जीवनकाल से लगभग दो वर्ष कम कर देता है। मोटापे की वजह से उसे हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, ऑस्टियोआर्थइटिस जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं।

लक्षण

यदि कमर के चारों ओर अतिरिक्त चर्बी बढ़ी हुई है, कुत्ते को छूने पर पसलियां महसूस नहीं हो रही हों, उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही हो, दौड़ नहीं पा रहा हो, सुस्त रहता हो तो आपका पालतू कुत्ता मोटापे का शिकार है।

कुत्तों का अधिक वजन तब माना जाता है जब उनका वजन उनके आदर्श शरीर के वजन से 10-20% अधिक होता है।

इन कारणों से बढ़ता है वज़न

  • कुत्ता भोजन के माध्यम से जितनी कैलोरी ले रहा है, उसका शरीर उतना इस्तेमाल नहीं कर पाता। यह कैलोरी उसके शरीर में चर्बी के रूप में जमा होने लगती है। शारीरिक क्रिया न होने की वजह से भी शरीर की चर्बी बढ़ती जाती है।
  • इंसानों की तरह श्वानों (कुत्तों) में भी उम्र बढ़ने के साथ मेटाबॉलिजम धीमा हो जाता है और पाचन क्रिया भी मंद हो जाती है जिससे मोटापे का ख़तरा बढ़ने लगता है।
  • लैब्राडोर में मोटापे का ख़तरा अधिक होता है। इसके अलावा अन्य नस्ल जैसे कि टेरियर, स्पैनियल, डैशहंड्स, बीगल में भी अनुवांशिक रूप से मोटापे का ख़तरा अधिक होता है।
  • न्यूटेरिंग एक चिकित्सीय प्रक्रिया है जिसमें कुत्ते को नपुसंक बना दिया जाता है। इस प्रक्रिया से हार्मोन प्रभावित हो जाते हैं और मेटाबोलिजम भी प्रभावित होता है। नतीजतन कुत्तों में वजन बढ़ जाता है।
  • कई बार कुछ दवाइयों के कारण भी मोटापा बढ़ जाता है।
  • कुत्तों में भी हाइपोथायरायडिज्म की वजह से मोटापा हो सकता है।
  • कशिंग रोग में अत्यधिक कॉर्टिसोल बनने लगता है जिसकी वजह से पॉलिफेजिया (अत्यधिक भूख लगना) की समस्या होती है और यह मोटापे का कारण बनती है।

इन बातों पर दें ध्यान

  • संतुलित आहार, व्यायाम और आहार देने की विधि पर ध्यान दें। पालतू को प्रोटीन से भरपूर व कम वसा वाला आहार दें। इससे पालतू को पेट भरा हुआ लगेगा, बार-बार भूख महसूस नहीं होगी।
  • कुत्तों को मनुष्यों का भोजन न दें क्योंकि उसमें वसा की मात्रा अधिक होती है। बाजार में कुत्तों के लिए मौजूद विशेष प्रकार का भोजन ही दें।
  • कुत्ते को दौड़ाएं और उसके साथ खेलें ताकि उसकी ऊर्जा बनी रहे।

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इन 10 जानी-मानी अभिनेत्रियों ने रचाई विदेशी लड़कों से शादी !

शादी वो पवित्र रिश्ता है जो दो दिलो को हमेशा के लिए जोड़े रखता है। हर किसी की ज़िंदगी में शादी का अलग ही महत्व होता है, चाहे वो बॉलीवुड इंडस्ट्री के बड़े बड़े सितारे हो या फिर मध्यम वर्ग के आम लोग।

बॉलीवुड सितारे फिल्मों के साथ-साथ पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी काफी चर्चा में रहते हैं वहीं बॉलीवुड की कुछ अभिनेत्रीयों ने अपनी शादी को लेकर काफी ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं।

ऐसे में आज के इस लेख में हम आपको बॉलीवुड की उन 10 अभिनेत्रियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने विदेशी लड़कों से शादी रचाई है, तो चलिए जानते हैं :-

प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस

बॉलीवुड में देसी गर्ल के नाम से मशहूर प्रियंका चोपड़ा ने दिसंबर 2018 मे एक अमेरिकी गायक, गीतकार, अभिनेता और रिकॉर्ड निर्माता निक जोनस से शादी की। कुछ दिनों पहले ही कपल सरोगेसी के जरिए बेटी के पैरेंट्स बने हैं।

प्रीति जिंटा और जीन गुडइनफ

कल हो ना हो‘ की स्टार प्रीति जिंटा ने 28 फरवरी, 2018 को एक अमेरिकी व्यवसायी जीन गुडइनफ से शादी की। संयुक्त राज्य अमेरिका में शादी करने से पहले ये दोनों पांच साल तक एक दूसरे को डेट कर कर रहे थे।

वे लॉस एंजिल्स के सांता मोनिका में मिले थे। कुछ महीने पहले प्रीति जिंटा और जीन गुडइनफ सरोगेसी के जरिए जुड़वा बच्चों के माता-पिता बने hai

राधिका आप्टे और बेनेडिक्ट टेलर

फिल्म इंडस्ट्री की दमदार एक्ट्रेस में शुमार राधिका आप्टे हमेशा अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए जानी जाती हैं लेकिन बहुत ही कम लोगों को पता है कि इंडस्ट्री में आने से पहले ही राधिका शादीशुदा थीं।

राधिका और बेनेडिक्ट टेलर की मुलाकात 2011 में तब हुई थी जब राधिका कंटेम्परेरी डांस सीखने के लिए लंदन गई थीं। एक साल डेटिंग के बाद राधिका ने बेनेडिक्ट टेलर से साल 2012 में शादी कर ली। दोनों एक साथ समय बिताने के दौरान अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को दूर रखते हैं।

सेलिना जेटली और पीटर हाग

बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली काफी दिनों से इंडस्ट्री से दूर हैं। सेलिना जेटली ने ऑस्ट्रिया के होटेलियर पीटर हाग से साल 2011 में शादी की थी।

2010 में दोनों ने सगाई की और 2011 में उन्होंने शादी कर ली। इन दोनों की पहली मुलाकात दुबई हुई थी। वियना स्थित होटल व्यवसायी पीटर हाग देश भर में होटलों की एक श्रृंखला चलाते हैं।

माधुरी दीक्षित और डॉ. श्रीराम नेने

बॉलीवुड की धक धक गर्ल को कौन नहीं जानता अपनी अदाओं से दीवाना बनाने वाली ड्रीम गर्ल ने 1999 में यूएस बेस्ड कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. श्रीराम नेने से शादी की।

इस खबर ने लाखों दिल तोड़ दिए। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि नेने उनकी पहली मुलाकात से पहले माधुरी को नहीं जानते थे। इतना ही नहीं उन्हें ये तक नहीं पता था कि माधुरी देश की टॉप एक्ट्रेस हैं।

श्रिया सरन और आंद्रेई कोसचीव

एक प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय अभिनेत्री श्रिया सरन ने 19 मार्च, 2018 को रूस के आंद्रेई कोशेव से शादी करके देश को चौंका दिया। आंद्रेई एक सफल व्यवसायी होने के साथ-साथ एक प्रसिद्ध टेनिस खिलाड़ी भी हैं।

जूही चावला और जय मेहता

अपनी दिलकश मुस्कान और 1984 में ‘मिस इंडिया‘ का खिताब जीत चुकी जूही चावला ने 1995 को एनआरआई बिज़नेसमैन जय मेहता के साथ शादी रचा ली थी।

जूही जय मेहता की दूसरी पत्नी है। जय एक बिजनेसमैन है, उनका व्यापार भारत के अलावा अफ्रीका, कनाडा और अमेरिका जैसे देशों में फैला हुआ है।

कश्मीरा शाह और लिस्टरमैन

साल 2002, कश्मीरा शाह ने हॉलीवुड निर्माता ब्रैड लिस्टरमैन से शादी की, जिनसे उनकी मुलाकात एक इंटरनेट डेटिंग सेवा पर हुई थी।

पहली आमने-सामने की मुलाकात के अगले दिन उन्होंने शादी कर ली थी। हालाँकि, उन्होंने एक साल बाद, 2007 में तलाक ले लिया था।

शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा

यूके रियलिटी शो बिग ब्रदर जीतने के बाद शिल्पा शेट्टी ने लंदन के एक बिजनेसमैन राज कुंद्रा से 22 नवंबर, 2009 को शादी कर ली। राज कुंद्रा पहले से शादीशुदा थे। उन्होंने अपनी पत्नी को तलाक देने के बाद शिल्पा शेट्टी से ब्याह रचाया था।

ब्रेंट गोबल और आशका गोराडिया

आशका गोराडिया ने संयुक्त राज्य अमेरिका के मूल निवासी ब्रेंट गोबल से शादी की थी। दोनों ने पहले 1 दिसंबर 2017 को ईसाई रीति-रिवाज से शादी की और फिर 3 दिसंबर को हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए।

वे दोनों एक दूसरे 2016 में लास वेगास में एक पार्टी में मिले थे। बता दें कि ब्रेंट आशका से 4 साल छोटे हैं।

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जानिए नाखूनों से जुड़े कुछ रोचक तथ्य!!

नाखून मनुष्यों के हाथ तथा पांव की उंगलियों के आख़िरी हिस्से के ऊपरी भाग में एक ठोस कवचनुमा आवरण होता है। यह वानरों और कुछ अन्य स्तनपाइयों में भी विद्यमान होता है। यह एक कठोर प्रोटीन कॅराटिन से बना होता है पशुओं के सींग और खुरों भी इसी पदार्थ के होते हैं।

जहाँ तक साज सज्जा की बात करें तो महिलाओं में अपने नाखुनो के प्रति बड़ा लगाव होता है और महिलाएं अपने नेल्स पर पहले साधारण नेल पेंट लगाया करतीं थी मगर अब बाजार में अनेकानेक कलर्स डिज़ाइन्स अर्टिफिसल नेल्स आने लगे हैं

और महिलाओं में यह एक आकर्षण का केंद्र भी माना जाता है अभी काफी समय से अमेजिंग नेल आर्ट स्टूडियो ने भी अपनी एक नई पहचान बनाई है और महिलाओं में एक अलग ही उत्साह देखने को मिलता है।

आज इस पोस्ट में हम आपको बताने जा रहे हैं नाखूनों से जुड़े कुछ रोचक तथ्य :

सबसे लंबे नाखून

विश्व में सबसे लंबे नाखूनों का रिकॉर्ड भारत के श्रीधर लाल के नाम था। उन्होंने 66 साल बाद साल 2018 में अपने नाखून कटवा लिए। आखिरी बार श्रीधर ने जब अपने नाखूनों का नाप लिया था तब वे तकरीबन 909 सैंटीमीटर लंबे थे।

नाखून चबाने की आदत

नाखून चबाने की आदत को मैडिकल भाषा में ‘ऑनिकोफेजिया‘ कहा जाता है। वैसे तो नाखून चबाने की कोई निश्चित वजह नहीं है लेकिन आमतौर पर यह आदत बचपन में शुरू होती है लेकिन एक बार शुरू होने के बाद, इसे रोकना मुश्किल होता है।

अक्सर जिन लोगों को नाखून चबाने की आदत होती है वे ऐसा तब करते हैं जब उन्हें किसी वजह से ‘एंग्जाइटी‘ यानी बेचैनी महसूस होती है क्योंकि नाखून चबाने से तनाव और नीरसता दूर करने में मदद मिलती है।

नाखूनों के अलग-अलग हिस्से

‘क्यूटिकल’: यह त्वचा की पतली परत होती है जो सतह पर नाखून के उभरने से ठीक पहले नाखून और उसकी जड़ को ढंक लेती है।

‘नेल प्लेट‘ : इसे ‘बॉडी ऑफ नेल‘ के रूप में भी जाना जाता है। यही नाखून का प्रमुख हिस्सा है जो अमीनो एसिड से बना ‘कॅराटिन‘ प्रोटीन होता है।

‘नेल फोल्ड’ : यह वह हिस्सा है जो नाखून की जड़ में नेल ‘मैट्रिक्स‘ को घेरता है। यह नाखून को बाकी त्वचा से जोड़ता है।

‘नेल मैट्रिक्स‘: वह हिस्सा जहां आपके नाखून बढ़ने लगते हैं। यह नई त्वचा कोशिकाओं का निर्माण करता है जो पुरानी मृत त्वचा कोशिकाओं को बाहर निकालकर हाथों और पैरों की उंगलियों के नाखूनों दोनों का निर्माण करता है।

‘नेल लुनुला’ : यह नाखून के तल पर पाया जाता है जो नाखून की जड़ का दिखने वाला हिस्सा है। हर नाखून पर यह एक घुमावदार सफेद निशान जैसा दिखता है। हालांकि, यह भी जरूरी नहीं है कि हर किसी के ‘लुनुला‘ दिखाई दें।

‘नेल बैड’ : वह हिस्सा जिस पर अधिकांश नाखून टिका होता है। इसकी चोटें दर्दनाक हो सकती हैं और उंगलियों का उपयोग करने से रोक सकती हैं।

‘नेल हाइपोनीचियम’: यह ‘नेल प्लेट‘ के मुक्त किनारे और उंगलियों की त्वचा के बीच का क्षेत्र है। ये नाखूनों को वाटरप्रूफ भी बनाते हैं।

‘नेल फ्री एज’ : नाखून का अंत जो उंगलियों के सिरे से आगे तक फैला होता है – जिसे ‘फ्री नेल एंगल‘ या ‘डिस्टल नेल प्लेट‘ के रूप में भी जाना जाता है। यह नाखून का ‘मृत’ या दर्द रहित हिस्सा है।

‘एपोनिचियम‘: यह उंगलियों और पैर के नाखूनों के आसपास त्वचा की मोटी परत होती है। इसे ‘मेडियल‘ या ‘नेल फोल्ड‘ भी कहा जा सकता है।

पंजाब केसरी से साभार

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बेहद गुणकारी है ‘खुबानी’

खुबानी गुठली वाला फल होता है और इसकी खास बात है कि इसको कच्चा और सूखे मेवे, दोनों ही रूपों में खाया जा सकता है।

यह पौष्टिकता से भरपूर होने के कारण स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अच्छा है। आयुर्वेद में खुबानी का प्रयोग औषधि के रूप में बहुतायत मात्रा में किया जाता है।

खुबानी क्या है?

खुबानी का वानस्पतिक नाम ‘पूनस आरमीनिआका‘ है। इसे अंग्रेजी में एप्रीकॉट कहते हैं जबकि संस्कृत में इसका नाम “उरुमाण” है जबकि फारसी में इसे मिश-मिश तथा जरदालु कहते हैं।

खुबानी का वर्णन चरक, सुश्रुत तथा अष्टांग-हृदय जैसी संहिताओं में बादाम, अखरोट आदि मेवा फलों के साथ किया गया है। आड़ जैसे इस फल का छिलका थोड़ा खुरदुरा होता है।

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आयुर्वेद के अनुसार खुबानी मीठा और गर्म तासीर का फल है। अपने गुणों के कारण यह वात और कफ को कम करने के साथ कमजोरी दूर करने में मददगार होता है।

इसके अलावा खुबानी शुक्राणुओं की क्वालिटी और संख्या बढ़ाने में भी सहायता करता है। खुबानी में जीवाणुरोधी तत्व भी होते हैं जिससे यह बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है।

लम्बी उम्र का राज

पाकिस्तान की हुंजा घाटी में रहने वाली महिलाएं 80 साल की उम्र में भी महज 30-40 की लगती हैं जबकि यहां के पुरुष 90 साल की उम्र में भी पिता बन सकते हैं। कहते हैं कि यहां के लोग औसतन 120 साल तक जिंदा रहते हैं।

इनकी लम्बी उम्र का एक राज नियमित रूप से खुबानी के सेवन को भी माना जाता है जो यहां प्रचुर मात्रा में उगती हैं।
खुबानी में विटामिन ‘ए’, विटामिन ‘सी’, विटामिन ‘ई’, नियासिन, पोटाशियम, मैंगनीज।

मैग्निशियम जैसे बहत सारे पौष्टिक तत्व होते हैं जो इसे अनगिनत गुणों वाला बना देते हैं। इसके फल के सेवन से सेहत को फायदा तो होता ही है, इसके पेड़ पर लगने वाले फूल, पत्ते तथा बीज भी फायदेमंद हैं।

कमजोरी में खुबानी के सेवन से लाभ

अगर लंबे समय तक बीमार होने के कारण कमजोरी हो गई है तो खुबानी के सेवन से लाभ मिल सकता है। इसका रोज सेवन करने से दुर्बलता कम होती है तथा शरीर की ताकत बढ़ती है।

भारत के हिमालयी क्षेत्रों में खुबानी का तेल बहुतायत से सेवन किया जाता है। यह अत्यन्त पौष्टिक होता है। कमजोरी दूर करने के लिए 1 चम्मच तेल को दूध में डालकर पाना चाहिए।

खांसी में

यह खांसी के उपचार में भी गुणकारी है। इसके फूल के चूर्ण में काली मिर्च तथा अदरक मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से खांसी तथा सांस लेने में जो असुविधा होती है उससे आराम मिलता है। वैसे यह पेय के रूप में भी काफी स्वादिष्ट होता है।

दस्त या अतिसार में

खाने में संतुलन बिगड़ा नहीं कि दस्त की समस्या हो गई। इसे रोकने के लिए खुबानी के बीज का काढ़ा बनाकर 15-20 मि.ली. मात्रा में पीने से दस्त में लाभ होता है।

बार-बार प्यास लगने की समस्या में अक्सर किसी दवा के साइड इफैक्ट के कारण या किसी बीमारी के लक्षण के रूप में बार-बार प्यास लगने की समस्या हो सकती है।

यहां तक कि मेनोपॉज के कारण भी गला बार-बार सूखने लगता है। खुबानी का सेवन करने से अत्यधिक प्यास लगना कम होता है।

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गठिया के दर्द में

गठिया का दर्द आजकल हर उम्र के लोगों को होने लगा है। खुबानी के सेवन से इस दर्द से होने वाली परेशानी कुछ हद तक कम हो सकती है।

अल्सर में

खुबानी बीज के तेल को लगाने से जलने से जो घाव या अल्सर जैसा होता है उससे आराम मिलता है।

रूखी त्वचा से राहत

आजकल बाहर प्रदूषण बहुत अधिक है और खान-पान में असंतुलन का असर भी त्वचा पर होता है। खुबानी के तेल के प्रयोग से त्वचा का रूखापन कम होता है और यह कोमल हो जाती है।

पंजाब केसरी से साभार

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अजीबोगरीब : जवां दिखने के लिए हर रोज खुद का पेशाब पीता है यह आदमी

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लगभग हर इंसान लंबे समय तक जीना चाहता है और अपनी वर्तमान उम्र से छोटा दिखना चाहता है। जहां कई लोग आयुर्वेदिक तरीके अपनाते हैं वहीं कई लोग खुद को जवां दिखाने के लिए कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं।लेकिन दुनिया में ऐसा इंसान भी है जो जवां दिखने के लिए अपना ही मूत्र पीता है।

जी हाँ, चलिए जानते हैं इस पोस्ट के माध्यम से :-

इंग्लैंड का यह 34 वर्षीय व्यक्ति 10 साल छोटा दिखने के लिए रोजाना अपना पेशाब पीता है। हैरी मटाडिन नाम के एक शख्स का कहना है कि खुद का यूरिन पीने से उन्हें डिप्रेशन से उबरने में भी मदद मिली है।

न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, हैरी ने 2016 में अपना पेशाब पीना शुरू कर दिया क्योंकि वह अपनी मानसिक समस्या को ठीक करने के लिए ‘बेताब’ था।

उन्होंने कहा कि ‘मूत्र चिकित्सा’ ने उन्हें शांति और दृढ़ संकल्प की भावना का अनुभव करने में मदद की। अंतरराष्ट्रीय दैनिक से बात करते हुए, हैरी ने कहा, “यह जानना मेरी कल्पना से परे था कि जब मैंने इसे पिया तो यह कितना शक्तिशाली था।”

उन्होंने कहा कि मैंने इसके बारे में कहीं पढ़ा था। इससे उनका दिमाग बेहतर काम करता है और उनकी उम्र भी कम लगती है।

रिपोर्ट के मुताबिक हैरी रोजाना करीब 200 मिली यूरिन पीता है। उनके दैनिक पेय में आमतौर पर कुछ ताजा मूत्र के साथ महीने का मूत्र शामिल होता है।

हमें यह सुनने में अजीब लगता है, लेकिन हैरी का कहना है कि उसे अपने मूत्र की गंध और स्वाद पसंद है, इसका मुख्य कारण यह है कि यह ‘लाभ और आनंद’ प्रदान करता है।

‘यूरिन थेरेपी’ के स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, “मूत्र ने मुझे बहुत जवां बना दिया है। पुराना पेशाब पीने से मेरा चेहरा जवां दिखने लगा है और जब मैं इसे अपने चेहरे पर रगड़ता हूँ, तो फर्क तुरंत और साफ नजर आता है।” आपको जानकर हैरानी होगी कि उनके दोस्त भी ‘यूरिन थेरेपी‘ का हिस्सा हैं।

अपने पेशाब के इन फायदों को बताते हुए मेटाडीन ने उसकी ऑनलाइन बिक्री भी शुरू कर दी और लोगों से उसे खरीदने का आग्रह किया। हैरी की इस हरकत से उसके घरवाले भी नफरत करने लगे हैं।

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पालतू बिल्ली और कुत्ते के इस वीडियो को देखकर आपका दिल खुश हो जाएगा, देखें वीडियो

आए दिन सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ वायरल होता रहता है ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसे देखकर दिल खुश हो जाता है।

बहुत से लोगों को एक ही घर में बिल्लियों और कुत्तों दोनों को रखना पसंद करते हैं क्योंकि उनका प्यार दोनों के लिए निहित नहीं हो सकता।

ऐसी स्थितियों में, यह इन मनुष्यों के लिए भी एक चिंता का विषय बन जाता है कि अगर उनके पालतू जानवर एक-दूसरे के साथ उस तरह के समीकरण न बिठा पाए जैसा की वे चाहते हैं होगा लेकिन यह वीडियो इसके बिल्कुल विपरीत हैं।

दरअसल वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक बिल्ली फर्श पर लेटी हुई है और बाहर देख रही है। लेकिन इसके ठीक पीछे एक प्यारा सा कुत्ता है जो बिल्ली की काफी देखभाल कर रहा है और बिल्ली को चाटता और संवारता रहता है।

ऐसा लगता है कि वे एक ही घर में रहते हों। हालांकि, यह इन दोनों में हमेशा उस तरह का रिश्ता नहीं होता जैसा की इस वीडियो में दिखाया गया है।

लेकिन इस वीडियो को लोग बहुत पसंद कर रहे हैं बहुत प्यारे कमैंट्स भी कर रहे हैं। बिल्ली और कुत्ते के बीच के बंधन की मिठास ने कई पशु प्रेमियों को वीडियो देखने के लिए टिप्पणी पोस्ट करने के लिए प्रेरित किया है।

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घूमने का प्लान बना रहे हैं तो जरूर लें दिल्ली के पास स्थित इन झीलों का मज़ा!

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दुनिया में बहुत सारी झीलें हैं लेकिन आज हम आपको दिल्ली की उन झीलों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में आपने शायद ही सुना होगा।

यदि आप छुट्टियों में कहीं जाना चाहते हैं और कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं तो जरूर लें दिल्ली के पास स्थित इन झीलों का मज़ा।

दमदमा झील सोहना

दिल्ली के पास दमदमा झील घूमने के लिए सबसे अच्छी है। आप यहां कभी भी एक घंटा बिता सकते हैं। 3000 एकड़ में फैली यह खूबसूरत झील साहसिक खेलों, नौका विहार और मंत्रमुग्ध करने वाले दृश्यों के लिए जानी जाती है।

इसके पास में एक सल्फर स्प्रिंग है, जो किसी भी तरह का त्वचा रोग का इलाज करने के लिए जानी जाती है। दिल्ली से दमदमा झील की दूरी 60 किमी है।

भलस्वा झील

घोड़े की नाल के आकार की ये झील, भलस्वा दिल्ली के जहांगीरपुरा क्षेत्र में में स्थित है। आसपास घर बनने की वजह से इस जगह की खूबसूरती थोड़ी कम हो चुकी है।

लेकिन भी ये जगह वन्यजीव आवास के रूप में कार्य करती है। ये जगह प्रवासी पक्षियों सहित बहुत सारे जल पक्षियों को आकर्षित करती है।

यहां कई वाटर स्पोर्ट्स हैं जो युवाओं को रोइंग, कयाकिंग और कैनोइंग जैसी गतिविधियों का आनंद लेने के लिए आकर्षित करते हैं। यहां आप पैडल या रोइंग बोट का विकल्प भी चुन सकते हैं। ये झील दिल्ली से 11 किमी दूर है।

भारद्वाज झील फरीदाबाद

भारद्वाज झील फरीदाबाद में है। भारद्वाज झीअरावली पहाड़ियों के बीच स्थित है। सर्दी के मौसम में टाइम पास करना खास होता है। बर्ड वॉचिंग और झील के किनारे साइकिल चलाने के लिए बिल्कुल सही। दिल्ली से झील की दूरी 56 किमी है।

बांग्ला साहिब में सरोवर

कनॉट प्लेस, नई दिल्ली में बंगला साहिब गुरुद्वारा दिल्ली का सबसे प्रमुख गुरुद्वारा है। अमृतसर का गोल्डन टेम्पल जैसे दिखने वाले इस गुरूद्वारे में एक बहुत बड़ा ‘सरोवर‘ या झील है।

यहां लोग माथा टेकने के बाद, झील का पूरा चक्कर लगाते हैं, और कुछ देर शांति से झील के पास बैठना पसंद करते हैं। इस झील के पानी को काफी पवित्र माना जाता है।

गुरुद्वारा मूल रूप से औरंगजेब के दरबार के एक राजपूत सदस्य द्वारा बनाया गया था, जिनका नाम मिर्जा राजा जय सिंह था। दिल्ली से इस कनॉट प्लेस की दूरी 18 किमी है।

नैनी झील, मॉडल टाउन

नैनी झील मॉडल टाउन की शान है। यह अद्भुत जगह झील की सैर के लिए खास है। यहां पेड़-पौधों के साथ-साथ ठंडी हवाओं और झील के खूबसूरत नजारों के बीच समय बिताएं। यहां आप बोटिंग का भी भरपूर मजा ले सकते हैं। दिल्ली से इस झील की दूरी 15 किमी है।

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भारत में पाई जाती हैं तितलियों और पतंगों की ये 10 अद्भुत प्रजातियां!

तितलियाँ और पतंगे कई सामान्य चीजें साझा करते हैं जैसे शरीर, पंख, आराम करने की मुद्रा, कोकून और वे दोनों लेपिडोप्टेरा क्रम से संबंधित हैं। भारत में तितलियों और पतंगों की सबसे सुंदर और अद्भुत प्रजातियां हैं।

आज की इस पोस्ट में हम जानेगें भारत में तितलियों और पतंगों की 10 अद्भुत प्रजातियों के बारे में, तो चलिए जानते हैं:-

कैसर-ए-हिंद

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कैसर-ए-हिंद का शाब्दिक अर्थ भारत का सम्राट होता है। कैसर-ए-हिंद तितली प्रजाति में तितलियों के 90-120 मिमी पंख होते हैं यह तितली उत्तरी राज्यों असम, सिक्किम, मणिपुर और उच्च ऊंचाई वाले जंगल की एक प्रमुख प्रजाति में भी पाई जाती है।

इसका वैज्ञानिक नाम ‘तेइनोपालपस इम्पीरियलिस’ है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने कैसर-ए-हिंद तितली को राज्य तितली के रूप में स्वीकृति प्रदान दी।

गोल्डन बर्डविंग

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हिमालयी तितली ‘गोल्डन बर्डविंग‘ को हाल ही में भारत की सबसे बड़ी तितली का दर्जा दिया गया है। ‘गोल्डन बर्डविंग’  का वैज्ञानिक नाम Troides aeacus है। इस प्रजाति के पंखों की लंबाई 194 मिलीमीटर तक होती है। तितली की यह प्रजाति गढ़वाल से उत्तर-पूर्व राज्य तथा ताइवान, चीन आदि में भी पाई जाती है।

इससे पहले ‘दक्षिणी बर्डविंग’ को भारत की सबसे बड़ी तितली होने का दर्जा गोल्डन बर्डविंग को 88 वर्षों के बाद भारत की सबसे बड़ी तितली के रूप में खोजा गया हिया। इससे पहले भारत की सबसे बड़ी तितली होने का दर्जा 1932 में ‘दक्षिणी बर्डविंग‘ को दिया गया था।

ब्लू मॉर्मन

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दक्षिण भारत और श्रीलंका में पाई जाने वाली तितली है । यह भारतीय राज्य महाराष्ट्र की “राज्य तितली” है। 120-150 मिमी के पंखों के साथ, यह भारत की चौथी सबसे बड़ी तितली है।

नर के ऊपरी पंख मखमली काले होते हैं। फोरविंग में एक पोस्टडिस्कल बैंड होता है जो इंटर्नर्वुलर चौड़ी नीली धारियों से बना होता है जो धीरे-धीरे छोटा और अप्रचलित होता है।

वेस्ट हिमालयन कॉमन पीकॉक

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कॉमन पीकॉक तितली उत्तराखंड की राज्य तितली है। इस का वैज्ञानिक नाम “पैपिलियो बाइनर” (Papilio bianor) है। इस राज्य तितली का अर्थ है, कॉमन पीकॉक तितली उत्तराखंड की राज्य प्रतीक है। कॉमन पीकॉक उत्तराखंड का पांचवा राज्य प्रतीक है।

इसकी तीन उप-प्रजातियां पश्चिम हिमालयन कॉमन मोर, ईस्ट हिमालयन कॉमन पीकॉक और इंडो-चाइनीज कॉमन पीकॉक के नाम से भी जानी जाती हैं।

उत्तराखंड की इस तितली कॉमन पीकॉक को 07 नवंबर 2016 को राज्य के पांचवे चिन्ह ( प्रतीक ) के रूप में राज्य तितली का स्थान प्राप्त हुआ था।

आम मोर्मों

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आम मोर्मों का एक आम प्रजाति है और भारत की सबसे आम तितलियों में से एक है। इसका वैज्ञानिक नाम पैपिलियो पॉलीटेस है। मॉर्मन बटरफ्लाई आम गुलाब और क्रिमसन गुलाब के रंगों की नकल के लिए जानी जाती है।

तितलियों और पतंगों के बीच अंतर

तितलियों और पतंगों में बहुत समानताएं हैं जिसके चलते पहचानना थोड़ा होता है। तितलियाँ और पतंगे दोनों ही उपस्थिति, आवास और गतिविधि के समय के संदर्भ में अलग-अलग व्यवहार साझा करते हैं।

अधिकांश तितलियां दिनचर होती हैं और पतंगे निशाचर। तितलियों के स्पर्शक (एंटीना) आगे से मोटे होते हैं। जबकि पतंगों के शाखित,धागेनुमा या चिड़ियों के पंख जैसे होते हैं।

पतंगों का पेट काफी मोटा होता हैं वहीं तितलियों का पतला। तितलियों और पतंगों दोनों के ही जीवन चक्र में अंडा, लार्वा, प्यूपा और वयस्क चार अवस्थाएं मिलती हैं।

तितली के प्यूपा पत्तियों या टहनी पर लगे होते हैं, जबकि पतंगों के प्यूपा एक कोकून में बंद रहते हैं जो अधिकांश सूखी पतियों के बीच या जमीन में ढीली -ढाली मिट्टी के अंदर दबे रहते हैं। कुछ पेड़ों की छाल पर भी चिपके पाए जाते हैं।

एटलस मोथ

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एटलस मोथ भारत और एशिया के जंगलों में पाए जाने वाले कीट की सबसे बड़ी प्रजाति है। एटलस मॉथ सबसे बड़े लेपिडोप्टेरान में से एक है, जिसमें पंखों की लंबाई 24 सेमी (9.4 इंच) तक होती है और पंख की सतह का क्षेत्रफल लगभग 160 सेमी होता है।

अधिकांश लेपिडोप्टेरा की तरह, मादाएं पुरुषों की तुलना में काफी बड़ी और भारी होती हैं। एटलस मोथ की खेती भारतीय तसर सिल्कमोथ के साथ भारत में उनके रेशम के लिए की जाती है।

इंडियन मून मोथ

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भारतीय मून कीट या भारतीय लूना कीट, एशिया से सैटर्निड कीट की एक सुंदर कीट प्रजाति है। इसे अक्सर अंडे या कोकून के लिए पाला जाता है जो वाणिज्यिक स्रोतों से उपलब्ध होते हैं। वे मुख्य रूप से रात में उड़ते हैं।

यह कीट काफी व्यापक है, जो भारत से जापान तक और फिर दक्षिण में नेपाल, श्रीलंका, बोर्नियो और पूर्वी एशिया के अन्य द्वीपों में पाया जाता है। कई उप-प्रजातियां पाकिस्तान, अफगानिस्तान, फिलीपींस, रूस, चीन, जावा, श्रीलंका और बोर्नियो में रहती हैं।

आर्मी ग्रीन मोथ

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आर्मी ग्रीन मॉथ या ओलियंडर हॉक मॉथ एक प्रवासी प्रजाति है और भारत में एलस्टोनिया स्कॉलरिस के पेड़ों पर पाई जाती है और कई प्रकार के फूलों को खाती है।

असम सिल्कमोथ

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एंथेरिया एसेमेंसिस, जिसे लार्वा के रूप में मुगा रेशमकीट और वयस्क के रूप में असम रेशम कीट के रूप में जाना जाता है, सैटर्निडे परिवार का एक कीट है। यह पूर्वोत्तर भारत के असम में पाया जाता है, जहां इसका 99% उत्पादन होता है।

इसके रेशम, टसर रेशम की किस्मों में से एक, एक चमकदार सुनहरा रंग है। अन्य रेशम पतंगों की तरह, नर की तुलना में मादा का पेट बड़ा और पतला एंटीना होता है। लार्वा चमकीले रंग के होते हैं और अन्य रेशमी पतंगों की तरह एकरस होते हैं।

भारतीय टसर रेशम कीट

भारतीय टसर रेशमकीट भारत में टसर रेशम का उत्पादन करने के लिए खेती की जाती है और मुख्य रूप से टर्मिनलिया या शाला के पेड़ों पर फ़ीड करती है।

टसर रेशम जिसे जंगली या कोसा रेशम के रूप में भी जाना जाता है, समृद्ध बनावट और प्राकृतिक गहरे सोने के रंग के लिए जाना जाता है, भारत टसर रेशम का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है और भागलपुर साड़ी का उत्पादन करता है।

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क्या बॉलीवुड में एंट्री करने जा रहे हैं शिखर धवन ? बड़े पर्दे पर आजमा चुके हैं किस्मत ये 11 क्रिकेटर

क्रिकेट की दुनिया में अपना जलवा दिखा चुके भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज शिखर धवन अब एक्टिंग की दुनिया में भी अपना करिश्मा दिखाएंगे।

रिपोर्ट के अनुसार शिखर धवन जल्द ही बॉलीवुड में डेब्यू कर सकते हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने फिल्म की शूटिंग पूरी कर ली है। यह एक बड़ी मेनस्ट्रीम फिल्म होगी।

शिखर धवन या उनकी टीम की ओर से अभी तक उनके बॉलीवुड डेब्यू को लेकर कुछ भी ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं किया गया है।

हालांकि उनके मन में अभिनेताओं के लिए बहुत सम्मान है और वह फिल्म का हिस्सा बनकर बहुत खुश हैं। मेकर्स द्वारा लिखे गए किरदार के लिए उन्होंने शिखर धवन को परफेक्ट पाया।

इस फिल्म के लिए मेकर्स ने कुछ महीने पहले उन्हें अप्रोच किया था। इस समय वह आईपीएल 2022 में किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से खेल रहे हैं।

इस साल रिलीज होगी फिल्म

बताया जा रहा है कि यह फिल्म इसी साल रिलीज होगी। इसमें शिखर धवन पूर्ण भूमिका में नजर आएंगे। इनके फिल्मों के प्रति प्रेम की पहचान तब देखी गई जब उन्होंने फिल्म ‘पुष्पा: द राइज’ के एक डायलॉग पर इंस्टाग्राम रील बनाई।

‘राम सेतु’ के सेट पर आए नजर

पिछले साल वह अक्षय कुमार की फिल्म ‘राम सेतु‘ के सेट पर नजर आए थे। तब चर्चा थी कि शिखर धवन ‘राम सेतु’ से बॉलीवुड में डेब्यू कर रहे हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। शिखर धवन अक्षय कुमार के अच्छे दोस्त होने के कारण उनसे मिलने सेट पर पहुंचे थे।

 

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एक्टिंग में आजमा चुके हैं ये क्रिकेटर्स अपनी किस्मत

अब देखना होगा कि शिखर धवन बॉलीवुड में अपना टैलेंट दिखा पाते हैं या नहीं। उनसे पहले कई और क्रिकेटरों ने अभिनय की दुनिया में अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन वे कुछ खास नहीं कर पाए।

इसमें पूर्व भारतीय विकेटकीपर और क्रिकेटर संदीप पाटिल, अजय जडेजा, श्रीसंत, विनोद कांबली, योगराज सिंह, सुनील गावस्कर, कपिल देव, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, इरफान पठान और सलिल अंकोला शामिल हैं।

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कभी देखी है दो जीभ वाली लड़की, अगर नहीं तो जरूर देखें ये वीडियो

वैसे तो इंसान के पास एक ही जीभ होती है, लेकिन एक ऐसी लड़की भी है जिसकी दो जीभ हैं। दुनिया में बहुत से अजीबो गरीब शौक वाले लोग हैं उन्हीं में एक है “ब्रियाना मैरी शिहादेह” जिसे टिकटोक पर @ फ्लावरफ्रेंडली के नाम से जाना जाता है।

वह कैलिफोर्निया की एक ड्रेडलॉक कलाकार हैं, जिन्होंने शल्य चिकित्सा द्वारा अपनी जीभ को विभाजित किया है। इन्होंने अपनी जीभ को अलग करवाने के लिए काफी पैसे खर्च किए हैं और अब वह एक ही समय में दो अलग-अलग चीजों का स्वाद ले सकती है।

 

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यह महिला एक साथ दो कोल्ड ड्रिंक्स पीती हैं तो इनको स्वाद भी अलग-अलग आते हैं। सोशल मीडिया पर इस महिला का वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देखकर आप दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो सकते हैं।

वीडियो को मिले कई हजार लाइक

वीडियो में कैप्शन दिया गया है “आप पहले कौन से दो फ्लेवर ट्राई करेंगे?” इंस्टाग्राम पर वायरल इस वीडियो को अब तक 13 हजार से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उनके इस वीडियो को देख कुछ यूजर्स हैरान हैं।

 

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