अजब – गजब:- एक ही पेड़ पर 8 तरह के फल, जानें कुछ रोचक बातें

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आपने अलग-अलग तरह के फल खाएं होंगे, लेकिन शायद आपने कभी एक ही पेड़ में लगे 8 तरह के फल नहीं खाएं होंगे। आज हम आपको जिस फल के बारे में बताने जा रहे हैं उसका नाम है “फ्रूट सैलड ट्री”l

‘फ्रूट सैलड ट्री” जैसा नाम से ही स्पष्ट है। जिस तरह सैलड में कई सब्जियां होती हैं, ठीक इसी तरह फ्रूट सैलड ट्री पर कई तरह के फल उगते हैं। इस पर 6 से 8 तरह के एक ही प्रजाति के फल उग सकते हैं।

जैसे खट्टा फल नींबू, संतरा, चकोतरा आदि। अभी इस तरह के पेड़ पर अलग-अलग प्रजाति के फल जैसे सेब और केला एक साथ नहीं उगाया जा सकता है। आइए इस फ्रूट के बारे में जानते हैं…

जेम्स और केरी वेस्ट का था आइडिआ

1990 के शुरुआती दशक में ऑस्ट्रेलिया के जेम्स और केरी वेस्ट ने यह आइडिया पेश किया था। पहले फ्रूट सैलड ट्री को ऑस्ट्रेलिया में ही सफलतापूर्वक उगाया गया था।

बाद में ऑस्ट्रेलिया से ये पेड़ दुनिया के अन्य हिस्सों में पहुंचे। फ्रूट सैलड ट्री को खुले मैदान में या फिर गमले में उगाया जा सकता है।

चार प्रकार के फ्रूट सैलेड ट्री

मुख्य रूप से फ्रूट सैलड ट्री चार प्रकार के होते हैं। जिनके नाम स्टोन फ्रूट (stone fruit), सिट्रस फ्रूट (citrus fruit). मल्टि ऐपल (multi apple) और मल्टि नाशी (multi nashi) है।

स्टोन फ्रूट ट्री में बेर, खूबानी, आडू और शफतालू को उगाया जा सकता है। गर्म जलवायु में इसकी पैदावार अच्छी होती है। सिट्रस फ्रूट सैलड ट्री पर ।

नींबू, संतरा, चकोतरा, टैंगलो, पोमेलो, मैंडरिन आदि के फल उगाए जा सकते हैं। मल्टि ऐपल ट्री में तरह के सेब जैसे हरे, पीले और लाल सेब की पैदावार हो सकती है। मल्टि नाशी ट्री में कई तरह की नाशपाती की पैदावार हो सकती है।

इस ट्री के फायदे

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि छोटी सी जगह में आप कई फ्रूट उगा सकते हैं लेकिन इसमें एक खामी भी है। खामी यह है कि इसमें अलग प्रजाति के फल जैसे सेब और केला की एक साथ पैदावार नहीं हो सकती।

कैसे उगाया जाता है ये पेड़

इसे रात भर में एक बाल्टी पानी में भिगोकर रखा जाता है। उसके बाद आप इसे किसी खुली जगह या फिर गमले में भी लगा सकते हैं।

ठंड और गर्मी के मौसम में साल में दो बार उसमें खाद डाली जाती है। पेड़ रोपने के 6 से 18 महीने के अंदर पेड़ पर फल लगने शुरू हो जाते हैं।

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