बेहद फायदेमंद है हमारे शरीर के लिए गिलोय, जानिए इसके चमत्कारी फायदों के बारे में

कुछ औषधियां में ऐसे दैवीय गुण होते हैं जो कई तरह के गंभीर रोगों को आसानी से ठीक करने में आपकी मदद कर सकते हैं। गिलोय एक ऐसी औषधि है, जिसका सेवन वर्षों से कई तरह के स्वास्थ्य लाभों के लिए किया जाता रहा है।

खासकर कोरोना के दौरान गिलोय के काढ़े का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए भी किया जाता था।

आयुर्वेद में गिलोय को एक चमत्कारी औषधि के रूप में वर्णित किया गया है, इसे ‘अमृता‘ के नाम से भी जाना जाता है, जिसका अर्थ है ‘जीवन का अमृत‘। आइए जानते हैं गिलोय के सेवन से होने वाले फायदों के बारे में।

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मानसून में गिलोय का सेवन करने के फायदे

मानसून का मौसम आ गया है और इस मौसम में कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। खासकर मानसून के मौसम में लोग मच्छर जनित बीमारियों जैसे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया से प्रभावित होते देखे जाते हैं।

आयुर्वेद के जानकारों का कहना है कि गिलोय के नियमित सेवन से न सिर्फ लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है बल्कि इन बीमारियों के इलाज के तौर पर गिलोय का सेवन करने से भी फायदा होता है।

गिलोय के कैंसर रोधी गुण

गिलोय के लाभों को जानने के लिए किए गए प्रयोगशाला अध्ययनों से पता चलता है कि इसमें एंटीऑक्सिडेंट प्रभाव होते हैं, जिसका अर्थ है कि यह कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाने में मदद कर सकता है।

ऐसे में गिलोय का नियमित सेवन करने वाले लोगों में ब्रेस्ट और प्रोस्टेट जैसे कई प्रकार के कैंसर होने का खतरा भी अन्य लोगों की तुलना में काफी कम होता है। गिलोय के कुछ यौगिकों को कैंसर रोधी गुणों के लिए भी जाना जाता है।

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सर्दी और फ्लू का इलाज

इस का सेवन एलर्जी के खिलाफ आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में भी मदद कर सकता है। जुकाम और बुखार से पीड़ित 75 लोगों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि गिलोय के सेवन से इन समस्याओं के लक्षणों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

जिन लोगों को मौसम में बदलाव के साथ सर्दी-जुकाम होने लगता है, उनके लिए गिलोय का काढ़ा नियमित रूप से लेना फायदेमंद हो सकता है।

बुढ़ापा रोधी जड़ी-बूटियाँ

अध्ययनों में गिलोय को एक प्रभावी एंटी-एजिंग जड़ी बूटी के रूप में वर्णित किया गया है। फ्लेवोनोइड्स से भरपूर, यह दवा कोशिका क्षति को कम करके नई कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा देने में मदद करती है।

यह त्वचा को पोषण देता है और उम्र बढ़ने के संकेतों को कम करने के लिए शरीर में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है। इस का सेवन आपको उम्र बढ़ने के संकेतों से लंबे समय तक दूर रखने में मदद करता है।

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दूर दूर से लोग देखने आते हैं इस खूबसूरत रिवर्स वॉटरफॉल को, जानिए क्या है खासियत

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मानसून कई लोगों के लिए सबसे पसंदीदा मौसमों में से एक है। जहां मौसम में हरियाली पनपती है, वहीं सुरम्य परिदृश्य देखने लायक होते हैं।

भारत में हजारों वाटरफॉल है। वाटरफॉल को झरना और जल प्रपात भी कहते हैं। बारिश में इन झरनों को देखना बहुत ही शानदार होता है। ऐसा ही एक खूबसूरत झरना महाराष्ट्र में भी है और इस झरने की खास बात यह है कि, उल्टा बहता है।

प्रकृति के इस नज़ारे को देखने के लिए लोग दूर दूर से आते हैं। आज इस पोस्ट में हम रिवर्स जलप्रपात के रूप में जानी जाने वाली शानदार प्राकृतिक रचना के बारे में बताने जा रहे हैं, तो चलिए जानते हैं :-

कहाँ पर है झरना

नानेघाट पश्चिमी घाट में दक्कन के पठार में कोंकण तट और प्राचीन शहर जुन्नार के बीच एक पहाड़ी दर्रा है। यह मुंबई से लगभग तीन घंटे की दूरी पर है।

मानसून के दौरान यहां आना सबसे बेहतर माना जाता है। क्योंकि, रिवर्स वॉटरफॉल की अजीब प्रक्रिया इसी वक्त देखी जाती है और इस दौरान यहां हवाएं भी काफी तेज चलती है।

 

अक्सर ऐसी हैरत में डाल देने वाली चीजों को देखकर हम उसे चमत्कार या जादू समझने लगते हैं, पर हर किसी चीज के पीछे कुछ न कुछ वैज्ञानिक कारण तो होता ही है।

इस झरने के पीछे का कारण है कि जैसा हमें मालूम है कि ऊंचाई पर हवा तेज चलती है, यहां इस पहाड़ से टकराकर हवा ऊपर की और उठ जाता है।

जब हवा का ऊपर की ओर लगने वाला बल गुरुत्वाकर्षण बल के बराबर या अधिक हो जाता है तो पानी ऊपर की ओर उठ जाता है।

ये है दुनिया का सबसे छोटा बॉडी बिल्डर, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

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छोटी हाइट अक्सर आपके लिए परेशानी खड़ी कर देती है। कम कद के लोगों को समाज में हीन भावना से देखा जाता है। लोग कम कद की महिलाओं या पुरुषों का मजाक भी उड़ाते हैं, जिससे उन्हें शर्मिंदगी भी महसूस होती है, लेकिन एक भारतीय बॉडी बिल्डर ने अपनी कम हाइट को अपना हथियार बनाकर सफलता का नया कीर्तिमान रच दिया।

उन्होंने साबित कर दिया कि कद में छोटा या बड़ा होना किसी व्यक्ति के हौसले को कम नहीं कर सकता। इस बॉडी बिल्डर का नाम प्रतीक विट्ठल मोहिते है।

26 साल के प्रतीक विट्ठल को शरीर से कुदरत ने भले ही परफेक्ट न बनाया हो, लेकिन उन्होंने अपनी कमजोरी को ही अपनी ताकत बना लिया और दुनिया के सबसे छोटे बॉडी बिल्डर बन गए।

इतना ही नहीं प्रतीक विट्ठल का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है। आइए जानते हैं इस बॉडी बिल्डर की हाइट और उनकी सफलता के बारे में।

कितनी है ऊंचाई ?

प्रतीक विट्ठल मोहिते की हाइट महज 3 फीट 4 इंच है। कभी लोग इस छोटी कद की वजह से उनका मजाक उड़ाते थे, लेकिन उन्होंने अपनी कमी को मजबूत किया और दुनिया भर में मशहूर हो गए। प्रतीक ने मन में ठान लिया था कि वह कुछ कर के दिखाएंगे और अपने मामा को देखकर ही वर्कआउट करने लगा।

चौथी बार मिली सफलता

प्रतीक ने अपने दोस्त के कहने पर वर्ल्ड रिकॉर्ड के नाम अपने नाम दिया था। उन्होंने 3 बार पहले भी अपना नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन हर बार उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया।

तीन बार रिजेक्ट होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और चौथी बार पूरी तैयारी के साथ अपना नाम भेज दिया। उनका नाम चौथी बार स्वीकार किया गया और उन्होंने विश्व रिकॉर्ड भी बना लिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रतीक ने 16 साल की उम्र में वर्कआउट करना शुरू कर दिया था। महाराष्ट्र के रहने वाले प्रतीक विट्ठल मोहिते हेल्दी ब्रेकफास्ट के साथ स्पेशल डाइट फूड जरूर शामिल करते हैं। साथ ही वह दोपहर में दो घंटे जिम भी जाते हैं। वह अपना दिन 30 मिनट की लंबी दौड़ के साथ समाप्त करता है।

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नूडल्स से बना डाला स्कार्फ, इस वीडियो को देखकर सोच में पड़ जाएंगे आप!

वायरल वीडियो बुनाई दुनिया की सबसे लोकप्रिय और सबसे पुरानी कलाओं में से एक है और घर की महिलाओं के लिए अपने और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए ऊनी स्वेटर बुनना काफी आम था।

हालांकि वर्तमान समय में व्यस्त और व्यस्त कार्यक्रम के कारण लोगों ने बाजार से रेडीमेड ऊनी स्वेटर और अन्य चीज़े खरीदना शुरू कर दिया है।

COVID-19 महामारी के समय में बुनाई के प्रति प्रेम को थोड़ी प्रमुखता मिली है क्योंकि लोग अपने घरों के अंदर रहने के लिए मजबूर थे और वे इस अवधि में कुछ रचनात्मक करना चाहते थे।

आपने अपनी माँ या दादी द्वारा बुना हुआ स्वेटर पर आकर्षक डिज़ाइन और सुंदर पैटर्न देखे होंगे लेकिन क्या आपने कभी नूडल्स बुनाई करने के बारे में सुना है? सुनने में अविश्वसनीय और अजीब लगता है लेकिन वास्तव में इस वीडियो में नूडल्स से बुनाई की जा रही है और उसी का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है।

क्लिप को मूल रूप से वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म टिकटॉक पर पोस्ट किया गया था, लेकिन अब इसे ट्विटर सहित अन्य सभी प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जा रहा है।

ट्विटर पर इस वीडियो को @mixiaoz नाम के अकाउंट पर शेयर किया गया है। इसे माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट पर 7 मिलियन से अधिक बार देखा जा चुका है, इसे 82K से अधिक बार रीट्वीट किया गया है और इसे 379K से अधिक लाइक्स मिले हैं।

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ये है दुनिया की सबसे महंगी व्हिस्की, कीमत जानकर चौंक जाएंगे आप!

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दुनिया में शराब की विभिन्न किस्में हैं। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के बावजूद दुनिया में बड़ी संख्या में लोग शराब का सेवन करते हैं। दुनिया में बहुत से लोग सबसे महंगी शराब का सेवन करते हैं। इन्हें खरीदना आम आदमी के बस की बात नहीं है। आज हम दुनिया की सबसे महंगी व्हिस्की के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिसकी कीमत जानकर आपके होश उड़ जाएंगे।

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एक शख्स ने दुर्लभ स्कॉच व्हिस्की का एक पीपा (कास्क) बेहद महंगे दाम में खरीदा है। इसी के चलते एशिया के इस शख्स के नाम एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। दरअसल यह शख्स अलग-अलग वैरायटी की शराब को अपने शोकेस में इकट्ठा कर रखता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुर्लभ स्कॉच व्हिस्की का एक पीपा 20 मिलियन डॉलर में बेचा गया है। सिंगल माल्ट व्हिस्की नवंबर 1975 की है। इससे पहले इसी साल अप्रैल में एक व्हिस्की 1.2 मिलियन डॉलर की बिकी थी जिसका इसने रिकॉर्ड तोड़ दिया है

खबरों के मुताबिक ये व्हिस्की पीपा नंबर 3 के नाम से दुनिया में मशहूर है। इस व्हिस्की का उत्पादन 207 साल पहले स्कॉटलैंड के इस्ले द्वीप के अर्दबेग डिस्टिलरी में किया गया था। डिस्टिलरी की तुलना में इसको दोगुने दाम पर बेचा गया है। साल 1997 में इसके पूरे स्टाॅक को खरीदी गया था।

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एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, LVMH लग्जरी गुड्स ग्रुप की सहायक कंपनी अर्दबेग ओनर और ग्लेनमोरंगी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी थॉमस मोरादपोर का कहना है कि यह व्हिस्की स्थानीय समुदाय के लोगों के लिए गर्व है। उन्होंने यह दुनिया में सबसे अधिक मांग वाली व्हिस्की में से एक हैं।

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प्यार जताने के लिए हर ‘Kiss’ का होता है अलग मतलब, जानिए इस पोस्ट के माध्यम से!

‘Kiss’ प्यार और स्नेह व्यक्त करने का एक साधन है। किस करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। किस करने से दिमाग में केमिकल रिएक्शन होता है। यह प्यार और लगाव को बढ़ावा देता है।

किस करने से चेहरे की 34 मांसपेशियां और शरीर की 112 मुद्रा की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। ‘Kiss’ करने से तनाव भी कम होता है। कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम किया जा सकता है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर किस का एक अलग मतलब होता है। आज हम आपको इस पोस्ट में बताने जा रहे हैं कि अलग-अलग जगहों पर किस करने का क्या मतलब होता है, तो चलिए जानते हैं :-

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माथे पर किस

आम तौर पर माता-पिता अपने बच्चों को इसी तरह किस करते हैं। माथे पर किस करना हमेशा से प्यार और बंधन का प्रतीक रहा है। अगर आपका पार्टनर आपका माथा चूमता है, तो इसका मतलब है की उसे आपकी परवाह है।

माथे पर किस केयर सिंबल है। यह दर्शाता है कि आपका जीवनसाथी आपका सम्मान करता है और आपको दिल से प्यार करता है।

गाल पर किस

गाल पर किस करने से स्नेह झलकता है। यह सहयोग को प्रदर्शित करता है। इसके अलावा, गाल पर किस आकर्षण का भी प्रतीक है। अक्सर बहुत ज्यादा प्यार आने पर लोग अपने पार्टनर के गालों पर किस करना पसंद करते हैं।

हैंड किस

किसी के प्रति अपनी पसंद का इजहार करने के लिए हाथों पर किस कर सकते हैं। इसके अलावा इसे विश्वास का भी प्रतीक समझा है। पार्टनर को खास और अलग फील कराने कराने के लिए भी लोग उनके हाथ पर किस करते हैं।

आप यह समझ सकते है कि सामने वाला आपसे इम्प्रेस है और आपको डेट करना चाहता है। आपके साथ अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहता है। इसके अलाव ऐसा बड़े बुजुर्गों को या फिर किसी को सम्मान देने के लिए भी हाथों पर किस किया जाता है।

नेक किस

गर्दन पर किस आकर्षण का प्रतीत है। यह रोमांटिक पार्टनर्स के बीच होता है। यह फिजिकल अट्रैक्शन को भी शो करता है। इसलिए अगर कोई आपकी गर्दन पर किस करता है इसका मतलब है कि वह आपसे फिजिकली और सेक्शुअली भी अट्रैक्ट है।

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लिप किस

लिप किस गहरे प्यार का प्रतीक होते हैं। अगर आपका पार्टनर आपको होठों पर किस कर रहा है, तो इसका मतलब है कि वह आपसे प्यार करता है।

होठों पर किया गया किस पार्टनर के आपके करीब आने की चाहत को बयां करता है। लिप किस कपल्स के बीच डीप कनेक्शन को भी उजागर करता है।

फ्लाइंग किस

फ्लाइंग किस अक्सर अलविदा या गुड लक कहने के उद्देश्य से किया जाता है। फ्लाइंग किस भी रिश्ते को मजबूत बनाने में काफी कारगर होती है। एक फ्लाइंग किस लोगों की यादों में लंबे समय तक बना रहता है।

स्पाइडर किस

अगर कोई अचानक पीछे से आकर आपको गले लगाए और फिर किस करें तो इसे स्पाइडर किस कहते हैं। इसका मतलब है कि वो आपको बहुत प्यार करते है।

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विश्व के ऐसे देश जंहा महिलाओं की आबादी है पुरुषों से ज़्यादा

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महिलाओं को ईश्वर की सबसे खूबसूरत कृति माना गया है। कोई भी देश या समाज महिलाओं के बिना नहीं चल सकता है। जहाँ एक और भारत जैसे देश में महिलाओं की जनसँख्या घट रही है वहीं दूसरी कुछ देश ऐसे भी हैं, जहाँ पर महिलाओं की जनसँख्या पुरुषों के मुकाबले बहुत अधिक है।

आइये जानते हैं कुछ ऐसे ही देशों के बारे में:-

कुराकाओ

यह वेनेज़ुएला तट के लगभग 65 किमी उत्तर में दक्षिणी कैरीबियाई सागर और डच कैरीबियाई क्षेत्र में एक एंटील्स द्वीप है। कुराकाओ (Curacao) नीदरलैंड में बसा हुआ है।

यह द्वीप यहाँ के समुंद्री तटों के लिए जाना काफी जाना जाता है। यहाँ की महिला आबादी 54.6% है जोकि पुरूषों के मुकाबले बहुत ज़्यादा है।

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लातविया

लातविया यूरोप के उत्तरपूर्वी  में स्थित एक यूरोपियन देश है और बाल्टिक गणराज्यों में से एक है। लातविया दुनिया का ऐसा देश है जहाँ पुरुषों और महिलाओं के अनुपात में सबसे ज्यादा महिलाओं की जनसँख्या है।

जहाँ कुल जनसँख्या की 54.10% आबादी महिलाओं की है। यहां पुरुष की तुलना में महिलाओं की बात करें तो प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या 1018 है।

एस्टोनिया

17,662 वर्ग मील तक फैले उत्तरी यूरोप में  एस्टोनिया शहर बसा हुआ है। एक हजार से ज़्यादा झीलें और 7 हजार नदियों वाले इस शहर में महिलाओं की संख्या तो सबसे ज़्यादा है परन्तु साथ ही ये विश्व का  सबसे कम धार्मिक देशों में से भी है।

इसके उत्तर में फिनलैंड खाड़ी, पश्चिम में बाल्टिक सागर, दक्षिण में लातविया और पूर्व में रूस है। यहाँ की महिला आबादी  53% है जो परुषों के मुकाबले अधिक है।

रूस

रूस पूर्वी यूरोप और उत्तर एशिया में स्थित एक विशाल आकार वाला देश है। बेहद खूबसूरत और शक्तिशाली देशों में से एक रूस में भी पुरूषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या अधिक है।

पुरूषों के मुकाबले यहां पर महिलाओं की अबादी 53.50% तक है। यह जनसंख्या की दृष्टि से विश्व में सातवें स्थान पर आता है लेकिन रूस की जनसंख्या घनत्व विश्व में सबसे कम है।

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हांगकांग

हाँग काँग आधिकारिक तौर पर विशेष प्रशासनिक क्षेत्र, जनवादी गणराज्य चीन का एक क्षेत्र है l इसके उत्तर में गुआंग्डोंग और पूर्व, पश्चिम और दक्षिण में दक्षिण चीन सागर मौजूद है।

यह एक वैश्विक महानगर और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र है। हांगकांग जैसे खूबसूरत शहर में भी महिला जनसंख्यां अधिक है। यहां पर महिलाओं की आबादी 53.10% तक है, जोकि पुरूषों से ज़्यादा  है।

बेलारूस

बेलारूस की सीमा उत्तर-पूर्व में रूस से, दक्षिण में यूक्रेन से, पश्चिम में पोलैण्ड और उत्तर-पश्चिम में लिथुआनिया एवं लातविया से लगती है। यहां पर महिलाओं की आबादी 53.50% तक है, जो पुरूषों के मुकाबले बहुत ज़्यादा है।

युक्रेन

यूक्रेन पूर्वी यूरोप में स्थित एक देश है। इसकी सीमा पूर्व में रूस, उत्तर में बेलारूस, पोलैंड, स्लोवाकिया, पश्चिम में हंगरी, दक्षिण पश्चिम में रोमानिया और माल्दोवा और दक्षिण में काला सागर और अजोव सागर से मिलती है। यूक्रेन में भी पुरूषों के मुकाबले महिलाओं की जंनसंख्या अधिक है। यूक्रेन में महिला आबादी 53.9% प्रतिशत: हैं।

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मार्टिनिक

मार्टिनिक पूर्वी कैरिबियन सागर में एक द्वीप राष्ट्र और विदेशी क्षेत्रीय सामूहिक रूप से फ्रांस का हिस्सा है। यह एंटील्स द्वीप श्रृंखला का भाग  है।

इसके निकटतम पड़ोसी डोमिनिका के द्वीप गणराज्य हैं जो उत्तर-पश्चिम में 22 मील और दक्षिण में लूसिया 16 मील की दूरी पर है। ग्वाडेलोप, विदेशी फ्रांस का एक और हिस्सा उत्तर में लगभग 75 मील (120 किमी) है।

यहाँ पर भी महिलाओं की आबादी अधिक है। यहाँ की महिला जनसंख्यां 53 % है जोकि पुरूषों के मुकाबले बहुत ज़्यादा है।

लिथुआनिया

यह यूरोप महाद्वीप के उत्तरी भाग में बाल्टिक सागर के किनारे स्थित लिथुआनिया देश है। यह तीन बाल्टिक देशों (लिथुआनिया, लातविया और ऍस्तोनिया) में से सबसे बड़ा है। यहाँ पर महिलाओं की जनसंख्यां आबादी 54% है जोकि पुरूषों से  कहीं अधिक  है।

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गुडेलोपे

उतरी अमेरिकन द्वीप गुडेलोपे चारों तरफ हसीन वादियों से घिरा हुआ देश है। यह कैरिबियन एंटील्स द्वीप का हिस्सा तथा लीवार्ड द्वीपसमूह में स्थित फ्रांस का एक अनौपचारिक क्षेत्र है।

यह उत्तरी अमेरिका में सबसे बड़ा और सबसे अधिक आबादी वाला यूरोपीय संघ क्षेत्र है। यहाँ की महिला आबादी 52.8% है  जोकि पुरुषों से कहीं अधिक है।

वजन कम करना चाहते हैं तो खाएं ये फैट बर्निंग फूड्स!!

अधिक वजन अपने साथ कई समस्याएं लेकर आता है। सिर्फ शरीर पर जमा चर्बी ही नहीं शरीर के अंदर चल रही गतिविधियों पर भी असर पड़ता है। जैसे हार्मोन के उत्पादन में असंतुलन, लीवर, हृदय और फेफड़ों पर दबाव बढ़ जाना आदि।

मधुमेह और रक्तचाप जैसे रोग भी मोटे लोगों को आसानी से अपने चंगुल में डाल देते हैं। इतना ही नहीं बढ़ते वजन के कारण समय से पहले बुढ़ापा भी त्वचा पर दिखने लगता है इसलिए हर उम्र में वजन को संतुलित रखना जरूरी है।

कोरोना जैसी महामारियों के आने के बाद यह और भी जरूरी हो गया है क्योंकि इस बीमारी ने उन लोगों को भारी नुकसान पहुंचाया जो जीवनशैली और मोटापे के कारण कई समस्याओं से जूझ रहे थे।

ऐसे लोगों को ठीक होने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे खाद्य पदार्थ वजन को संतुलित रखने में काफी अहम भूमिका निभा सकते हैं, जो शरीर की चर्बी को जलाने में मदद करते हैं।

जानिए ऐसे ही कुछ फैट बर्निंग फूड्स के बारे में।

सेब, दही और नाशपाती

यह आपके सुबह के नाश्ते और शाम के चाय के समय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी हो सकता है। वैसे तो सेब के बारे में सेहत से जुड़ी कई बातें कही जाती हैं, लेकिन सेब और नाशपाती के दो सबसे बड़े गुण यह हैं कि ये पानी और फाइबर से भरपूर होते हैं।

इससे न सिर्फ पेट भरता है बल्कि फाइबर आंतों को भी साफ करता है। स्मूदी या जूस की जगह साबुत फल खाना जरूरी है। जब तक आप फल को ठीक से चबाकर खाएंगे, उस प्रक्रिया में कई कैलोरी भी बर्न होंगी।

इसी तरह आप नाश्ते में दही का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पाचन तंत्र को लाभ पहुंचाने वाले बैक्टीरिया और प्रतिरोधक क्षमता दोनों को बढ़ाता है।

आप चाहें तो एक गिलास लस्सी पिएं या बाजार में मिलने वाले हेल्दी दही का विकल्प चुनें। दोनों शरीर की चर्बी को दूर करने में मदद करेंगे।

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सलाद और सब्जिया

 

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फलों की तरह कच्चा सलाद भी आपको शरीर में अतिरिक्त कैलोरी भेजने से बचाएगा। गाजर के अलावा चुकंदर, खीरा, टमाटर या खीरा जैसी चीजें अगर आप इन्हें कच्चा खाते हैं तो ये अच्छी होती हैं और अगर इन्हें भाप में नरम खाया जाए तो और भी अच्छा है।

स्वादानुसार नमक, नींबू, चाट मसाला या मसाला छिड़कें। खासतौर पर लंच से पहले खाने के लिए या चिप्स जैसा कुछ खाने का मन होने पर इनका इस्तेमाल करें। ये सभी चीजें पानी और फाइबर से भी भरपूर होती हैं लेकिन कैलोरी में बहुत कम होती हैं।

अंडे, कॉफी, और दलिया

अंडे, दलिया और ब्लैक कॉफी भी नाश्ते के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। ये न सिर्फ पेट को अच्छे से भरेंगे बल्कि प्रोटीन, फाइबर और विटामिन भी प्रदान करेंगे।

एक अंडे में केवल 75 कैलोरी होती है लेकिन 7 ग्राम प्रोटीन होता है जो इसे प्रोटीन से भरपूर बनाता है। इतना ही नहीं, शरीर को कार्बोहाइड्रेट से भरे नाश्ते की तुलना में अंडे को पचाने में अधिक कैलोरी खर्च करनी पड़ती है।

वहीं कम से कम चीनी और दूध के बिना बनी कॉफी भी मेटाबॉलिज्म बढ़ाने और वजन कम करने में मदद करती है।

सूप या अन्य तरल पदार्थ  

आप इन्हें रात के खाने, शाम की चाय या दोपहर के नाश्ते के स्थान पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। बशर्ते सूप में क्रीम और अन्य टॉपिंग न हों। बीन्स, गाजर, टमाटर, मशरूम और अन्य सब्जियों का उपयोग किया जा सकता है।

इसके अलावा बहुत पतले सत्तू, पतली दाल, रसम आदि भी ले सकते हैं। इससे आप उन अतिरिक्त कैलोरी को शरीर में जाने से बचा सकते हैं, जो मसालेदार नाश्ते से पेट में चली जाती हैं।

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ड्राई फ्रूट

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सूखे मेवे हमेशा से पारंपरिक आहार का हिस्सा रहे हैं क्योंकि वे कई पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इन्हें न केवल शरीर के लिए बल्कि दिमाग के लिए भी सुपरफूड के रूप में देखा जाता है।

इन्हें आप सुबह या शाम को नाश्ते में या बीच-बीच में हल्की भूख लगने पर भी खा सकते हैं। लेकिन मात्रा सीमित करें और एक बार में कई सारे सूखे मेवे मिलाकर खाएं। उदाहरण के लिए, एक छोटे कटोरे में बादाम, अखरोट, पिस्ता आदि लें और खाएं।

मखाने को कंप्रेस करके भी खाया जा सकता है और आप उनके साथ किशमिश या सूखे अंगूर के कुछ दाने भी मिला सकते हैं। वे वजन को संतुलित रखने, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित रखने और ऊर्जा देने का काम करते हैं।

बीन्स और अनाज

 

काले चने, भुने चने, मूंगफली, खड़ी मूंग आदि एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल से भरपूर होते हैं। इन्हें अंकुरित करके खाएं, सलाद की ड्रेसिंग बनाकर, भेल बनाकर या सब्जी के रूप में खाने से भी आपको भरपूर मात्रा में फाइबर मिलता है।

भुने हुए चने को छिलके सहित खाएं। ये सभी ऊर्जा का भंडार हैं और इन्हें चबाने में कैलोरी भी खर्च होती है। साथ ही इनमें वसा कम मात्रा में पाई जाती है। ये न्यूनतम कैलोरी में भरपूर पोषण प्रदान करते हैं।

दलिया, किनवा और ज्वार-बाजरा

खिचड़ी हो, रोटी हो या पराठा, उपरोक्त अनाज (दलिया को छोड़कर) एक बढ़िया विकल्प है। इन्हें आप नाश्ते से लेकर मेन कोर्स तक हर तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं। मोटे आटे में गुड़ डालकर भी आप लड्डू जैसी मिठाई बना सकते हैं।

ये सभी फाइबर से भरपूर होते हैं और फाइबर को पचाने के लिए शरीर को हमेशा अधिक कैलोरी खर्च करनी पड़ती है। इसलिए कम कैलोरी और कम फैट से आपको पूरा पोषण और पेट भरने की संतुष्टि भी मिलती है।

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साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें

यहां तक ​​कि अगर आप एक स्वस्थ आहार का चयन कर रहे हैं, तो मात्रा हमेशा सीमित होनी चाहिए। याद रखें कि भूख हमेशा दिमाग में होती है, लेकिन पेट आपको इशारा करता है कि जरूरत पूरी होते ही रुक जाएं।

इस भाव का सम्मान करने से कभी भी अधिक खाने की समस्या नहीं होगी। इसलिए सीमित मात्रा में ही सब कुछ खाएं। आप कॉम्बिनेशन से भी इस स्थिति को नियंत्रित कर सकते हैं। जैसे आपने तीखा दलिया बनाया है। इसलिए नाश्ते के लिए ओटमील की एक छोटी प्लेट काफी है।

लेकिन अगर आप स्वाद के कारण अधिक खाना चाहते हैं, तो दलिया के बजाय मुट्ठी भर भुना हुआ चना, गाजर, या सौंफ और मिश्री के अलावा और कुछ भी मुंह में नहीं डालें। इससे आप लंबे समय तक चबाना चाहेंगे और कुछ ही समय में आपका ध्यान दलिया से हट जाएगा।

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क्या आपने कभी आधे पहिये वाली साइकिल देखी है, अगर नहीं तो जरूर देखें वीडियो!

आवश्यकता को अविष्कार की जननी कहा जाता है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनका दिमाग बहुत तेज़ दौड़ता है। एक इंजीनियर ने कुछ ऐसा ही सोचा और एक आधा पहिया साइकिल बनाई।

इस अनोखी साइकिल का अगला पहिया सामान्य है लेकिन पिछले पहिये को आधा कर दिया गया है। साइकिल को देखकर आपको यकीन नहीं होगा कि ये चल भी सकती है।

इस इंजीनियर का नाम Sergii Gordieev है, जो एक यू ट्यूबर भी है। वह अपने अजीबोगरीब आविष्कारों के लिए मशहूर हैं और उन्होंने इस लिस्ट में एक और अनोखी चीज को शामिल किया है।

Sergii Gordieev की इस अजीबोगरीब रचना में साधारण साइकिल के दो पहियों के बजाय केवल एक पूरा पहिया है, जबकि पीछे के पहिये आधे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन आधे चक्के की मदद से भी साइकिल अच्छी तरह से चल रही है।

सर्गी ने साइकिल को बनाने के लिए उसके रिम और पहिये को आधे-आधे हिस्से में काटा है। उन्होंने आधे-आधे पहियों को पाइप के और चेन के सहारे कुछ इस तरह से जोड़ा है कि वो बिल्कुल सही क्रम में ज़मीन पर पड़कर घूमते रहें।

सर्गी का कहना है कि उनकी बनाई साइकिल न सिर्फ मैदान और समतल जगहों पर बेहतरीन तरीके से चलती है, बल्कि ऊंचे-नीचे सरफेस पर भी बढ़िया काम करती है।

अब इस साइकिल में लोग कितनी दिलचस्पी दिखाते हैं, ये तो नहीं पता लेकिन साइकिल की इससे ज्यादा अजीबोगरीब डिज़ाइन आज तक किसी ने नहीं देखी होगी।

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जानिए क्या है रहस्य लिओनार्दो दा विंची की मोनालिसा में ‘एलियन’ से जुड़े संपर्क का?

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कहा जाता है कि प्रसिद्ध इतालवी चित्रकार लिओनार्दो दा विंची का संबंध एलियंस से था। कई लोग तो यहां तक ​​मानते हैं कि लिओनार्दो खुद एक एलियन थे। इसमें कितनी सच्चाई है और कितनी नहीं? आज हम इसी के बारे में जानेंगे।

14वीं शताब्दी में यूरोप पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा था। उस दौरान यूरोप में सांस्कृतिक, राजनीतिक, आर्थिक, कलात्मक, शैक्षिक आदि में कई बदलाव हो रहे थे।

यूरोप के इस पुनर्जागरण को पुनर्जागरण काल ​​के रूप में भी जाना जाता है। 14वीं से 17वीं शताब्दी तक यूरोपीय पृष्ठभूमि पर कई ऐसे लोगों का जन्म हुआ, जिन्होंने समाज की सोच को एक नया मोड़ दिया।

उनमें से एक थे लिओनार्दो दा विंची। लियोनार्डो बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे लेखक, चित्रकार, दार्शनिक, इंजीनियर, वास्तुकार आदि थे।

आज के आधुनिक युग में शोधकर्ता इनके कार्यों का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं। उनकी रिसर्च में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं।

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अध्ययन के बाद, कई शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि लिओनार्दो दा विंची ने अपने जीवन में जो कुछ भी किया है, उसमें कहीं न कहीं अलौकिक जीवन का प्रभाव दिखाई दे रहा है।

लिओनार्दो की पेंटिंग में आज भी देश और दुनिया में कई लोग उस रहस्यमय संदेश को खोजने की कोशिश कर रहे हैं, जो उजागर होने पर कई रहस्यों को उजागर कर सकता है।

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रिसर्च में दावा किया गया है कि उनकी मशहूर पेंटिंग मोनालिसा में एक जगह एलियंस छिपे हैं। रिसर्च के मुताबिक अगर आप मोनालिसा की पेंटिंग को बिल्कुल शीशे के साथ रखकर उसका प्रतिबिंब देखेंगे तो उसमें आपको एक एलियन देखने को मिलेगा।

ऊपर की तस्वीर में आप देख सकते हैं कि मोनालिसा की तस्वीर को मिरर करने में तस्वीर के बीच में एक एलियन फिगर बनता जा रहा है।

लोकप्रिय यूएफओ ब्लॉगर के अनुसार,लिओनार्दो एक एलियन थे। इसका जिक्र उन्होंने अपनी वेबसाइट पर किया है। उनके अनुसार लियोनार्डो की असीमित बुद्धि इस बात का संकेत है कि वह इस ग्रह के निवासी नहीं थे।

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उनकी मानें तो लिओनार्दो दा विंची की पेंटिंग में जो गुप्त संदेश है अगर वो उजागर होता है, तो उनके एलियन होने की बात की पुष्टि हो सकती है।

लिओनार्दो के कई चित्रों में आपको उड़नतश्तरियों के चित्र भी मिलेंगे। लिओनार्दो को उस समय कैसे पता चला कि ये मशीनें ऐसी दिखती हैं? जब इनका आविष्कार भी नहीं हुआ था। इतना ही नहीं लिओनार्दो दा विंची ने उस समय हेलिकॉप्टर के कॉन्सेप्ट को अपनी पेंटिंग के जरिए सबके सामने रखा था।

इसके अलावा उनकी पेंटिंग्स में कई ऐसी मशीनें देखी जा सकती हैं, जिनका आविष्कार उस समय तक नहीं हुआ था। इन सभी खोजों और चित्रों को समय से पहले देखने के बाद बहुत से लोग कहते हैं कि लियोनार्डो दा विंची किसी एलियन जीवन से संबंधित थे या वह एक एलियन थे।

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