चीनीओं का नया कमाल, अब बनने लगीं झरने वाली इमारतें

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झरने, प्रकृति का एक ऐसा रूप हैं, जिन्हें देखने के लिए लोग दूर-दूर से पहाड़ों-जंगलों में जाते हैं। लेकिन चीन के लाइबियन इंटरनेशनल बिल्डिंग को इस तरह डिजाइन किया गया है कि 121 मीटर ऊंची इमारत से करीब 108 मीटर (350 फीट) की ऊंचाई से एक झरना नीचे गिरता है। Guizhou Ludiya Property Management कंपनी ने इस इमारत को बनाया है।

उन्होंने एक गगनचुंबी इंमरात में ही झरना फ़िट कर दिया, कुछ लोगों को ये बेहद आकर्षक लग रहा है, तो कुछ ने इसे पैसे की बर्बादी कहा है। लोगों की नजर में इमारत से झरना नहीं, पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है जिसकी कोई जरूरत नहीं है। झरना जब से बन कर तैयार हुआ, तब से अब तक इसे सिर्फ 6 बार ही चलाया जा सका है।

दरअसल, झरने को एक घंटा चलाने का खर्च करीब 100 डॉलर है, इसी को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने बिल्डिंग का मजाक बनाना शुरू कर दिया है। पानी को री-साइकल करने के बाद उतनी ऊंचाई पर चढ़ाने के लिए चार बड़ी-बड़ी मोटर की ज़रूरत पड़ती है, ऐसा मानना है कि चारों मोटरों को चलाने में प्रतिघंटे उर्जा की लागत सौ डॉलर आती है।

इसमें एक शॉपिंग मॉल, कई दफ्तर और एक लक्जरी होटल तैयार किया गया है। झरने के लिए बारिश और जमीन के पानी का इस्तेमाल होता है, जिसे विशालकाय भूमिगत टैंक में जमा किया जाता है। इमारत को बनाने वाली कंपनी का कहना है कि बिल्डिंग में उच्च क्षमता वाले चार पंप लगाए गए हैं जो पानी के नीचे गिरते ही उसे 350 फीट ऊपर पहुंचा देंगे। हालांकि, इस काम में काफी बिजली की खपत होगी।

हालांकि इसका एक और पहलू ये है कि ये अब शहर का प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट बन गया है। लोग दूर-दूर से इस झरने वाली बिल्डिंग को देखने आते हैं। ये झरना हर वक़्त नहीं चलता, इसे ख़ास मौके पर ही चलाया जाता है। यानी ज्यादातर समय ये झरना बंद ही रहता है । चीन की साइट वीबो पर एक आदमी ने लिखा कि अगर होटल महीने में एक बार झरना चलाएगा तो उसे अपनी खिड़की साफ करने का खर्च भी नहीं देना होगा क्योंकि झरने के पानी से वो भी हो साफ़ हो जाएँगी ।

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