महात्मा गांधी के जीवन से सीखने योग्य 10 बातें

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मोहनदास करमचंद गांधी को कौन नहीं जानता. वह भारत के इतिहास के महान व्यक्तित्व थे. महात्मा गांधी ने भारत को ब्रिटिश शासन से आजाद करवाने के लिए अहिंसा का सहारा लिया और पूरे देश के लोगों को भारत की आजादी के लिए प्रेरित किया. वे अंगेजों को यह मनवाने में सफल रहे कि भारत पर ब्रिटिश हकूमत मानवता के अधिकार का घोर उल्लंघन थी.

वैसे तो गाँधी जी का पूरा जीवन ही अनुकरणीय है लेकिन हम यहाँ 10 ऐसी चुनिन्दा बातें रख रहे हैं जो देखने सुनने में बहुत ही साधारण लगती हैं लेकिन अगर इन पर अमल किया जाए तो मनुष्य कोई भी मंजिल पा सकता है.

1“जो हम सोचते हैं हम वही बन जाते हैं”

महात्मा गांधी का मानना था कि हम जो सोचते हैं वही बन जाते हैं. अगर हम यह सोचेंगे कि हम लक्ष्य तक पहुंचने से पहले असफल हो जायेंगे तो असल जिंदगी में भी वैसा ही होगा. हमारा मन सकरात्मक और नकरात्मक विचारों से हमेशा भरा रहता है, लेकिन हमें नकरात्मक विचारों को मन से हटा देना चाहिए और सिर्फ सकरात्मक विचारों को मन में रखने का प्रयास करना चाहिए.

2“कभी हार ना मानो और लगातार प्रयास करते रहो”

महात्मा गांधी जी को अपने जीवन में भारत की आजादी के लिए कई बार जेल भी जाना पड़ा था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और लगातार भारत की आजादी के लिए संघर्ष करते रहे थे. उसी तरह हमें भी अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार संघर्ष करना चाहिए.

3“आपके एक्शन आपकी प्राथमिकता को दर्शाते हैं”

अगर हमारे जीवन का लक्ष्य बहुत महत्वपूर्ण है और हम उसको पूरा करने के लिए कोई भी कदम नहीं उठा रहे. तो हमें अपनी प्राथमिकता के बारे में सोचना होगा. इसका अर्थ यह है कि हम अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर नहीं हैं. आपको अपनी प्राथमिकता अपने लक्ष्य को देनी चाहिए.

4“लक्ष्य का रास्ता भी लक्ष्य जैसा सुंदर होता है”

महात्मा गांधी एक मजबूत चरित्र वाले आदमी थे. वह भारत की आजादी के लिए ऐसा कोई भी विधि नहीं अपनाना चाहते थे जिनसे उनकी अंतरआत्मा को ठेस पहुंचे. इसीलिए उन्होंने भारत को आजाद करवाने के लिए हिंसा का सहारा ना लेते हुए, अहिंसा का सहारा लिया था. हमें भी उसी तरह अपने लक्ष्य को पाने के लिए एक नैतिक मार्ग का सहारा लेना चाहिए.

5“ईमानदारी से “ना” कहना बेइमानी से “हाँ” कहने से कहीं बेहतर है”

लोग अक्सर दूसरे लोगों को नाराज न करने के लिए “ना” कहने की बजाए “हां” कर देते हैं. वह अक्सर उन लोगों के साथ कई गतिविधियों में बिना अपनी दिलचस्पी के हिस्सा भी लेते रहते हैं. महात्मा गांधी का कहना था दूसरों को खुश करने के लिए की गयी हां आपको कहीं भी नहीं लेकर जाती. दूसरी तरफ यह आपकी जिंदगी को आक्रोश और कुंठा की तरफ ले जाती है.

6“शांति आपको अपने अंदर से ही मिलती है”

क्या हम वास्तव में खुद के भीतर शांति को तलाशने की कोशिश करते हैं? ज्यादतर जवाब होगा “नहीं” क्योंकि असल में हम अपनी पूरी जिंदगी शांति को बाहर तलाशते रहते हैं. जैसे कि हम जिंदगी में पहली बार किसी से मिलते हैं हम उनके विचारों को इतनी गंभीरता से ले लेते हैं जिससे हमारा अपने ऊपर से विश्वास हट जाता है और हम अपने आपको दूसरों की नजरों से देखने लग जाते हैं. लेकिन असल में हमें बाहरी आवाजों को अनसुना कर के अपनी अंतरात्मा की आवाज को सुनना चाहिए.

7“सदभावना से किया गया काम आपको ख़ुशी देगा”

आज की दुनिया में ख़ुशी और सदभावना दुर्लभ होती जा रही है. महात्मा गांधी जी का कहना था कि हमें अपने सदभावना के विचारों से और अपने कार्यों को संतुलित रखना चाहिए. इसी से हमें सच्ची ख़ुशी प्राप्त होगी.

8“माफ़ करना मजबूत लोगों की निशानी है“

माफ़ करना बहुत कठिन होता है. वह आदमी जो माफ़ करके जिंदगी में आगे बढ़ता जाता है वही महान है. हमें दूसरे लोगों की गलतियों को माफ़ कर देना चाहिए ताकि हम जीवन शांति से व्यतीत कर सकें. माफ़ करना मजबूत लोगों की निशानी है ना कि कमजोर लोगों की.

9“मानसिक शक्ति शारीरिक शक्ति से ज्यादा महत्वपूर्ण है”

शक्ति के विभिन्न रूप हो सकते हैं. जिंदगी में मजबूत दिमाग का होना मजबूत शरीर से ज्यादा महत्वपूर्ण है. एक मजबूत इच्छाशक्ति वाला आदमी पर्वतों को हिला सकता है भले ही वह भीम या हनुमान नहीं है. महात्मा गांधी शारीरिक रूप से मजबूत नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपनी इच्छाशक्ति से ब्रिटिश राज्य को घुटनों के बल झुका दिया था.

10“अगर आप अपनी जिंदगी में परिवर्तन करना चाहते हैं तो अपने आपको बदलें

गांधीजी ने कहा था कि हम अपने वांछित गुणों को दूसरों में देखने का प्रयास करते हैं. असल में हम सभी अंदर से बहुत अदभुत और सुंदर हैं. जितना हम दूसरों की मदद करेंगे जवाब में वह भी हमारी मदद करेंगे. हमें सभी से प्यार और दया की भावना रखनी चाहिए. ऐसा करने से हमारे जीवन में अअदभुत बदलाव आएगा.

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