क्यों की जाती है पीपल की पूजा, जानिए क्या है मान्यताएं!!

भारतीय संस्कृति में पीपल को देववृक्ष माना जाता है। हिंदू धर्म में इस वृक्ष का बहुत महत्व है। इसे सभी वृक्षों से शुद्ध और पूजनीय माना जाता है। इसे विश्व वृक्ष, चैत्य वृक्ष और वासुदेव भी कहा जाता है।

पीपल के पत्ते-पत्ते में विष्णु भगवान का वास होता है। इसे पूजने के पीछे कई धार्मिक और वैज्ञानिक कारण भी हैं। तो चलिए जानें इसके पूजन से जुड़े कुछ ऐसे ही कारणों को।

पौराणिक कथा

एक पौराणिक कथा के अनुसार लक्ष्मी और उसकी छोटी बहन दरिद्रा विष्णु भगवान के पास गई और प्रार्थना करने लगी कि हे प्रभो! हम कहां रहें? इस पर विष्णु भगवान ने दरिद्रा और लक्ष्मी को पीपल के वृक्ष पर रहने की अनुमति प्रदान कर दी।

इस तरह वे दोनों पीपल के वृक्ष में रहने लगीं। साथ ही विष्णु भगवान की ओर से उन्हें यह वरदान मिला कि जो व्यक्ति शनिवार को पीपल की पूजा करेगा, उसे शनि ग्रह के प्रभाव से मुक्ति मिलेगी। उस पर लक्ष्मी की अपार कृपा रहेगी।

स्कंद पुराण अनुसार पीपल के मूल (जड़) में विष्णु, तने में केशव, शाखाओं में नारायण, पत्तियों में भगवान हरि और फलों में समस्त देवताओं से युक्त भगवान सदैव निवास करते हैं।

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वैज्ञानिक कारण

वैज्ञानिक दृष्टि से पीपल प्राणवायु का केंद्र है। यानी यह वृक्ष पर्याप्त मात्रा में कार्बन डाई ऑक्साइड ग्रहण करता है और ऑक्सीजन छोड़ता है।

ऑक्सीजन के अतिरिक्त इस वृक्ष में अन्य अनेक विशेषताएं हैं जैसे इसकी छाया सर्दी में गर्मी देती है और गर्मी में शीतलता देती है। इसके अतिरिक्त पीपल के पत्तों से स्पर्श करने से वायु में मिले संक्रामक वायरस नष्ट हो जाते हैं।

आयुर्वेद के अनुसार इसकी छाल, पत्तों और फल आदि से अनेक प्रकार की रोगनाशक दवाएं बनती हैं। इस दृष्टि से भी पीपल पूजनीय हैं इसलिए इसे पूजा जाता है।

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गाड़ियों के पीछे लिखी ये 20 मज़ेदार लाइनें पढ़कर आप हंसी नहीं रोक पाएंगे!!

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आपने ट्रक या किसी टैक्सी के पीछे लिखी ये लाइनें या कोट्स तो देखे ही होंगे, जैसे “ओके टाटा“, “हॉर्न प्लीज“, “हम दो हमारे दो“, “मेरा भारत महान” आदि। लेकिन क्या आपने कभी कुछ ऐसे कोट्स भी पढ़ें है जिन्हें पढ़कर आप अपनी हंसी न रोक पाए हो। आज हम आपको इस पोस्ट में गाड़ियों के पीछे लिखी कुछ मज़ेदार लाइनें दिखाने रहे हैं जिन्हें देखने के बाद आप हंसी नहीं रोक पाएंगे।

1 “बुरी नज़र वाले, तू सौ साल जिये, तेरे बच्चे दारू पी पी के मरे”

2 “धीरे चलोगे तो सौ बार मिलेंगे, तेज चलोगे तो हरिद्वार मिलेंगे”

3 “राम युग में दूध मिला कृष्णा युग में घी, इस युग में दारू मिली खूब दबाकर पी”

4 “आई ऍम सुनामी” 

5 “कीचड़ में पैर रखोगे तो धोना पड़ेगा, ड्राइवर से शादी करोगी तो रोना पड़ेगा”

6 “नो गर्ल फ्रेंड, नो टेंशन”

7 “मालिक की जिंदगी ब्रेड और केक पर, ड्राइवर की जिंदगी स्टीयरिंग और ब्रेक पर”

8 “बेखुदी की जिंदगी हम जिया नहीं करते, जाम दूसरों से चीन कर हम पिया नहीं करते”
“तुमको आगे निकलना है तो निकल जाओ, पीछे हम भी किसी का किया नहीं करते”

9 “दिल दिया था हीरा समझ के, काट दिया तूने खीरा समझ के”  

10 कुत्ता भी बिना वजह नहीं भौंकता !

11 “वाहन चलाते समय सौंदर्य दर्शन ना करें, वरना देव दर्शन हो सकते हैं”   

12 “गलत ओवरटेक से यमराज बहुत खुश होते हैं”

13 “पलट कर देख ले जालिम तमन्ना हम भी रखते हैं, अगर तुम 70 पे भी चलते है। तो हम 80 पे भी चलते हैं” 

14 इराक का पानी..पेट्रोल..!

15 “मालिक महान है मगर चमचो से संजय परशान है”

16 “भगवान बचाए इन तीनों से, पुलिस, डॉ हसीनों से”

17 “हम भी कभी राईस थे दिल की दुनिया लुटा बैठे, हालत कुछ ऐसे पलटे हम ऑटो चला बैठे”  

18 “दम है तो क्रॉस कर, नहीं तो बर्दाश्त कर” 

19 “मैं भी बड़ा होकर ट्रक बनूंगा”  

20 “महाराजा ऑफ़ रासन ड्राइविंग”  

 

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वायरल वीडियो :- देसी जुगाड़ से शख्स ने दो स्कूटर जोड़कर बनाई जबरदस्त गाड़ी!!

सोशल मीडिया पर हर दिन कुछ न कुछ वायरल होता ही रहता हैं। इनमें से कुछ वीडियो फनी होते होते हैं वहीं कुछ हैरान कर देने वाले होते हैं। ऐसा ही एक वीडियो आजकल इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है जिसमें एक आदमी ने देसी जुगाड़ से दो स्कूटर को जोड़कर एक जबस्दस्त गाड़ी बना दी। इस वीडियो को देखकर हर कोई हैरान रह गया कि आखिर ये अनोखा स्कूटर कैसे तैयार किया गया है।

इस वीडियो को @adilnargolwala नाम के ट्विटर यूजर ने शेयर किया है। इस वीडियो में कैप्शन में लिखा है, ‘आवश्यकता सभी आविष्कारों की जननी है’

अक्सर यह देखा गया है कि अगर परिवार बड़ा है तो एक साथ बिना कार के कहीं जाना मुश्किल होता है। एक साथ जाने के लिए या तो गड़ी मंगवानी पड़ती है या फिर किसी एक का जाना कैंसल हो जाता है।

इसी परेशानी का बहुत ही शानदार हल निकाला है इस व्यक्ति ने और दो स्कूटर से ऐसी गाड़ी बना दी जिसमें पूरा परिवार  एक साथ बैठकर कहीं भी जा सकता है।

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जानिए कैसे हुई ‘मनुष्य और कुत्ते’ की दोस्ती !!

कुत्ते हर किसी को अच्छे लगते हैं और यही कारण है कि पालतू कुत्ते परिवार के सदस्य की तरह होते हैं। यदि जानवरों में वफादारी की बात की जाएं तो सबसे पहले कुत्ते का नाम आता है जिसकी वफादारी के आगे सभी जानवर फेल है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर कैसे बना कुत्ता इतना वफादार और कैसे हुई मनुष्य और कुत्ते बीच दोस्ती। अगर नहीं जानते तो चलिए इस लेख के माध्यम से जानते हैं :-

ऐसे हुई ‘मनुष्य और कुत्ते’ की दोस्ती

कुत्ते का एक छोटा-सा पिल्ला अपने माता-पिता के साथ जंगल के पास रहता था। एक दिन उसके माता-पिता खाना ढूंढने के लिए निकले। शाम होने लगी लेकिन वे वापस नहीं आए। पिल्ले को डर लगने लगा।

बाद में पता चला कि किसी गाड़ी से टकराकर दोनों की मृत्यु हो गई थी। पिल्ले को बहुत रोना आया। उसे मम्मी पापा की याद आ रही थी। रोता-रोता वह जंगल की ओर चल पड़ा।

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तभी उसे एक हिरण मिला। हिरण को उस पर दया आ गई और वह पिल्ले को अपने घर ले गया। रात हुई तो उसने पिल्ले को सोने के लिए जगह दी लेकिन पिल्ले को नींद नहीं आ रही थी।

हर छोटी-सी आवाज पर वह बाहर निकल कर भौंकने लगता था। हिरण को इस बात पर बहुत गुस्सा आया। उसने कहा, “अगर तुम ऐसे ही बार बार बाहर जाकर भौंकोगे तो शेर को हमारे बारे में पता चल जाएगा। वह आकर हम दोनों को मार देगा।”

पिल्ला चुप तो हो गया लेकिन उसके मन में एक ही विचार आ रहा था, “हिरण शेर से डरता है इसलिए मुझे शेर के ही पास रहना चाहिए।” अगले दिन वह शेर के पास पहुंचा।

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उसने शेर को अपनी कहानी सुनाई। उसने शेर से प्रार्थना की कि वह उसे अपने साथ रहने दें। शेर को पिल्ले पर दया आ गई। वह राजी हो गया। रात को फिर वही हुआ। पिल्ला बार-बार भौंकने लगता था। शेर को गुस्सा आ गया।

वह बोला, “अगर तुम इस तरह भौंकोगे तो मनुष्य को हमारे बारे में पता चल जाएगा। वह हमें पकड़ लेगें।” पिल्ले को आश्चर्य हुआ कि शेर भी किसी से डरता है लेकिन उसने तय किया कि वह अगले ही दिन मनुष्य के पास जाएगा।

सुबह होते ही वह शहर की ओर चल पड़ा। उसे जो पहला मनुष्य मिला वह उससे बोला, “मैं अकेला हूँ, क्या आप मुझे अपने साथ रहने देंगे?” मनुष्य ने जब उसके माता-पिता के बारे में सुना तो उसे पिल्ले पर दया आ गई। वह पिल्ले को अपने घर ले गया।

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रात हुई और पिल्ला अपनी आदत के अनुसार बाहर जाकर भौंकने लगा लेकिन मनुष्य नाराज नहीं हुआ बल्कि वह खुश हुआ। वह अब निश्चित था कि यदि कोई चोर उसके घर में आएगा तो कुत्ते से डरकर भाग जाएगा।

साथ ही कुछ गड़बड़ होगी तो कुत्ता भौंकेगा और उसकी नींद भी खुल जाएगी। इस तरह मनुष्य और कुत्ता दोस्त बन गए। यह दोस्ती आज भी वैसी ही चल रही है।

पंजाब केसरी से साभार

ताकत और पोषण का खजाना है ‘शकरकंद’ जाने इसके चमत्कारी फायदों के बारे में

शकरकंद को ‘स्वीट पोटैटो‘ के नाम से भी जाना जाता है। इसमें ऊर्जा का खजाना होता है। अक्सर लोग इसे आलू से जोड़कर देखते हैं लेकिन पोषक तत्वों और स्वास्थ्य के लिहाज से इसके कई फायदे हैं।

चलिए इस पोस्ट के माध्यम से जानते हैं शकरकंद के बारे में:-

चमत्कारी फायदे

  • शकरकंद में कैलोरी और स्टार्च की सामान्य मात्रा होती है। वहीं, सैचुरेटेड फैट और कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा इसमें न के बराबर रहती है। इसमें फाइबर, एंटी आक्सीडेंट्स, विटामिन और लवण भरपुर पाए जाते हैं।
  • शकरकंद में भरपूर मात्रा में विटामिन ‘बी 6‘ पाया जाता है, जो शरीर में होमोसिस्टीन‘ नामक एक अमीनो एसिड’ के स्तर को कम करने में सहायक होता है। दरअसल, इस ‘अमीनो एसिड’ की मात्रा बढ़ने पर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है
  • शकरकंद विटामिन ‘डी’ का एक बहुत अच्छा स्रोत है। यह विटामिन दांतों, हड्डियों, त्वचा और नसों के विकास तथा मजबूती के लिए आवश्यक होता है।
  • इस में भरपूर मात्रा में आयरन होता है। आयरन की कमी से हमारे शरीर में एनर्जी नहीं रहती। रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है और ब्लड सैल्स का निर्माण भी ठीक से नहीं होता। शकरकंद आयरन की कमी को दूर करने में मददगार रहता है।
  • शकरकंद में ‘कैरोटीनॉयड‘ नामक तत्व पाया जाता है जो ब्लड शूगर को नियंत्रित करता है। वहीं इसमें मौजूद ‘विटामिन ‘बी 6’ डायबिटिक हार्ट डिजीज में भी काफी फायदेमंद रहता है।
  • यह विटामिन ‘ए’ का भी बहुत अच्छा माध्यम है। इसके सेवन से शरीर की 90 प्रतिशत तक विटामिन ‘ए’ की पूर्ति हो जाती है।
  • शकरकंद पोटाशियम का एक बहुत अच्छा माध्यम है यह नर्वस सिस्टम की सक्रियता को सही बनाए रखने के लिए आवश्यक है। साथ ही किडनी को भी स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

पंजाब केसरी से साभार

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ये हैं भारत के 10 सबसे खूबसूरत गार्डन!!

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भारत में प्राकृतिक सुंदरता और संसाधनों की कोई कमी नहीं है। यहां पर प्रकृति की ऐसी-ऐसी चीजें देखने को मिलती हैं, जिसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते हैं। भारत में रेगिस्तान, कल-कल बहती नदियां, वन-जीव और सुगंधित फूलों से भरे खूबसूरत गार्डन है।

आज इस पोस्ट के माध्यम से हम जानेगें भारत के बेहद खूबसूरत उद्यानों के बारे में, तो चलिए जानते हैं:-

वृन्दावन गार्डन, कर्नाटक

वृन्दावन उद्यान भारत के कर्नाटक राज्य के मैसूर नगर में स्थित एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। वृन्दावन गार्डन मैसूर से 20 कि.मी. दूर कृष्णराज सागर बांध के नीचे बनाया गया है।

हर वर्ष लगभग 20 लाख पर्यटकों द्वारा देखा जाने वाला यह उद्यान मैसूर के मुख्य आकर्षणों में से एक है। इस खूबसूरत गार्डन को कश्मीर के शालीमार गार्डन की तरह मुगल स्टाइल में बनाया गया है।

इस गार्डन का खास आकर्षण म्यूजिकल और डांसिंग फाउंटेन है। यह लोगों के लिए सुबह और शाम में खुलता है। यह गार्डन पूरी दुनिया में अपनी सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है।

सिम्स पार्क, कुन्नूर

सिम्स पार्क तमिलनाडु के हिल स्टेशन कुन्नूर का सबसे बड़ा आकर्षण है। इस उद्यान की स्थापना श्री जे डी सिम्स और मेजर मरे द्वारा 1874 में की गई थी। सिम पार्क में 1000 विदेशी पेड़-पौधे हैं।

फर्न्स, पाइन्स, मंगोलिया और कामेलिया जैसे पुराने और कम पाए जाने वाले पेड़ आपको यहां दिखेंगे। इस गार्डन में हर साल फ्रूट शो भी होता है।

गुलाब बाग, उदयपुर

गुलाब बाग उदयपुर का सबसे बड़ा और खुबसुरत गार्डन है। गुलाब बाग जिसे सज्जन निवास उद्यान के रूप में भी जाना जाता है, महाराणा सज्जन सिंह द्वारा 1850 के दशक के दौरान बनाया गया था। इसे 100 एकड़ जमीन पर बनवाया था।

गुलाब के फूलों की वजह से इस गार्डन का नाम गुलाब गार्डन रखा गया। इस गार्डन में आपको गुलाब के फूलों के इतने प्रकार मिल जायेंगे जो कहीं और देखने को नहीं मिलेंगे।

इस बगीचे की गिनती विश्व के खूबसूरत बगीचों में होती है। इस बगीचे के अंदर एक मिनी चिड़ियाघर भी है हालाँकि इस चिड़ियाघर में बहुत कम संख्या में जानवरों की प्रजातियां पाई जाती है।

हैंगिंग गार्डन, मुंबई

हैंगिंग गार्डन, कमला नेहरू पार्क के ठीक बगल में मालाबार हिल के ऊपर स्थित एक टैरेस गार्डन है। जिसे 1880 में श्री उल्हास गपोकर द्वारा बनाया गया था और यह सुंदर पार्क फ़िरोज़शाह मेहता को समर्पित हैं इसीलिए इस गार्डन को फ़िरोज़शाह मेहता गार्डन के रूप में भी जाना जाता है।

यह गार्डन बड़ी संख्या में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को शहर की दैनिक हलचल से दूर अपना कुछ समय शांत वातावरण और मनमोहक सुन्दरता में व्यतीत करने के लिए अपनी ओर आकर्षित करता है।

बॉटनिकल गार्डन, ऊटी

सन् 1847 में बोटानिकल गार्डन का निर्माण विलियम ग्राहम द्वारा, जॉर्ज हेय की देखरेख में किया गया था। 55 एकड़ में फैले इस खुबसुरत गार्डन में कई लॉन हैं जिनमें फूलदार पौधे, तालाबों में लिली के पौधे और कई औषधीय पेड़-पौधे मौजूद हैं।

गार्डन के छः मुख्य भाग हैं- लोअर गार्डन, न्यू गार्डन, इटैलियन गार्डन, कन्सर्वटॉरी जहाँ विलुप्त होती प्रजातियों को संरक्षित किया गया है, फाउंटेन टेरेस और नर्सरी।

दूर-दूर तक नज़र आते हरे घास के मैदान, रंग-बिरंगे अलग-अलग प्रजाति के फूल-पौधे और साफ़-खुशबूदार हवा, इस उद्यान का मुख्य आकर्षण हैं ।

इसके अलावा इस उद्यान में एक मंकी पज़ल ट्री (Monkey Puzzle Tree) नामक पेड़ है जिसपर स्वयं मंकी भी नहीं चढ़ सकते।

मुगल गार्डन, दिल्ली

भारत की राजधानी नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के पीछे के भाग में स्थित मुगल गार्डन अकेला ऐसा उद्यान है, जहां विश्वभर के रंग-बिरंगे फूल देखने को मिलते हैं। यहां विविध प्रकार के फूलों और फलों के पेड़ों का संग्रह है।

13 एकड़ में फैले इस उद्यान में ब्रिटिश शैली के साथ – साथ मुगल शैली का मिश्रण दिखाई देता है। यह उद्यान चार भागों में बंटा हुआ है और चारों एक दूसरे से भिन्न हैं।

यहां कई छोटे-बड़े बगीचे हैं जैसे पर्ल गार्डन, बटरफ्लाई गार्डन और सकरुलर गार्डन, आदि।

लाल बाग, बैंगलोर

लाल बाग़ कर्नाटक के बेंगलुरु शहर में स्थित एक ख़ूबसूरत बाग़ है। इस बाग का निर्माण कार्य हैदर अली ने 1760 में शुरू किया था और बाद में उनके बेटे टीपू सुल्तान ने इसे पूरा किया।

करीब 240 एकड़ भूभाग में फैले इस बाग में दूर तक फैली हरियाली, सैंकड़ों वर्ष पुराने पेड़, सुंदर झीलें, कमल के तालाब, गुलाबों की क्यारियाँ, सजावटी फूल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

लाल बाग़ में वनस्पतियों की 1000 से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। यह स्थान बंगलोर के सुंदरतम स्थानों में से एक है जिसे लाल बाग बॉटनिकल गार्डन, या लाल बाग वनस्पति उद्यान कहते हैं।

लाल बाग के बीचोबीच शीशा निर्मित एक बड़ा ग्लास-हाउस है जहां वर्ष में दो बार, जनवरी और अगस्त में पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है।

रॉक गार्डन, चंडीगढ़

रॉक गार्डन ऑफ़ चंडीगढ़ एक शिल्पकृत गार्डन है। ये मुख्य रूप से नेक चन्द सैनी गार्डन के नाम से भी जाना जाता है। इसका निर्माण नेक चन्द सैनी ने करवाया था। पहले यह इतना बड़ा नहीं था लेकिन वर्तमान में यह लगभग 40 एकड़ में विस्तृत है।

इस गार्डन की खासियत यह है कि इसे टूटे हुए कांच, पुरानी चूड़ियों, टाइल्स, सिरेमिक बर्तन, इत्यादि से बनाया गया है।

आज पार्क में इन मूर्तियों के अलावा, वॉटरफॉल, क्रिएटिव वॉल, स्विंग्स, एक बड़ा एक्वेरियम, रचनात्मक दीवारें, एक विशाल मछलीघर है जो प्राचीन रोमन एक्वाडक्ट्स से मिलते जुलते हैं।

ट्यूलिप गार्डन, श्रीनगर

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इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन भारत में अपनी तरह का एक अनूठा उद्यान है। यह श्रीनगर में जबरवान रेंज की तलहटी में स्थित है।

यह एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन के रूप में प्रसिद्ध है। यह उद्यान 2007 में खोला गया था। कहा जाता है यहां ट्यूलिप फूलों की 70 से भी अधिक वैरायटीज पाई जाती हैं।

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इंडियन बोटेनिकल गार्डन, कोलकाता

इंडियन बोटेनिकल गार्डन कोलकाता के हावड़ा जिले के शिबपुर में है। यह गार्डन हुगली नदी के किनारे पर बना हुआ है। यहाँ 1700 अलग-अलग तरह के पेड़-पौधे लगाए गए हैं।

बोटेनिकल गार्डन ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा 1787 में बनाया गया था। इस गार्डन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ पर विश्व का सबसे चौड़ा बरगद का पेड़ है जो 14,500 वर्ग मीटर में फैला हुआ है।

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भारत के ये 10 यू ट्यूबर्स जो कमाई के मामले देते हैं बॉलीवुड स्टार्स को टक्कर!!

सोशल मीडिया आज के समय में युवाओं के लिए सब कुछ बन गया है। अब ये उन पर है कि वे इसका दुरपयोग करते हैं या सदुपयोग। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहाँ आप करोड़ो रूपये कमा सकते हैं।

बहुत से युवा यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फ़ेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए सफ़लता की ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। पीछले कुछ समय से यूट्यूब कमाई का बेहतर ज़रिया बनकर सामने आया है।

आज की इस पोस्ट में हम आपको ऐसे टॉप 10 यू ट्यूबर्स के बारे में बताएंगे, जो कमाई के मामले में बॉलीवुड स्टार से कम नहीं हैं, तो चलिए जानते हैं :-

गौरव चौधरी

गौरव चौधरी YouTube पर ​​”टेक्निकल गुरुजी” के नाम से काफी मशहूर हैं। गौरव चौधरी यू ट्यूब पर इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स की जानकारी देते हैं। उनका जन्म 7 मई 1991 में राजस्थान के अजमेर में हुआ था।

उनके दो YouTube चैनल हैं – टेक्निकल गुरुजी जिसके 21 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं और गौरव चौधरी जिसमें 6 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं।

उनकी 2021 में कुल संपत्ति 45 मिलियन अमरीकी डॉलर यानि 334 करोड़ रुपये है। उन्हें फोर्ब्स इंडिया की अंडर 30 की सूची में भी शामिल किया गया है।

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संदीप माहेश्वरी

संदीप माहेश्वरी को कौन नहीं जनता, वे एक बहुत ही लोकप्रिय मोटिवेशनल स्पीकर और बिज़नस मेन हैं। उनका जन्म 28 सितंबर 1980 को दिल्ली में हुआ था।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2000 में एक पेशेवर फोटोग्राफर के रूप में की थी। संदीप माहेश्वरी के चैनल पर 21. 1 मिलियन सब्सक्राइबर हैं। उनकी नेट वर्थ 30 करोड़ से अधिक हैं।

अजेय नागर

अजेय नागर जिन्हें “कैरी मिनाती” के नाम से जाना जाता है। उनका जन्म 12 जून 1999 को हरियाणा के फरीदाबाद में हुआ था।

CarryMinati भारत के सबसे ज्यादा सब्सक्राइबर्स वाले युट्यूबर है जिनके 32 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। इनका यूट्यूब चेनल वैसे तो Gaming के ऊपर है लेकिन यह समय समय पर इससे हटकर भी विडियो बनाते रहते हैं।

अप्रैल 2020 में, उन्हें फोर्ब्स इंडिया की अंडर 30 सूची में भी शामिल किया गया था। इनकी नेटवर्थ 31 करोड़ रूपये है।

निशा मधुलिका

निशा मधुलिका का जन्म 25 अगस्त 1959 को आगरा, उत्तर प्रदेश में हुआ था। निशा मधुलिका YouTube पर एक फ़ूड ब्लॉगर है और ये एक रेस्टोरेंट कंसलटेंट भी है। इनको भारतीय वेजेटेरियन रेसिपी का क्वीन भी कहा जाता है।

उन्होंने 8 साल पहले अपना पहला वीडियो अपलोड किया और लंबा सफर तय करने के बाद आज उनके करीब 12 .1 मिलियन सब्सक्राइबर्स है और उनकी नेटवर्थ 33 करोड़ हैं।

अमित भड़ाना

अमित भड़ाना का जन्म 7 सितम्बर 1994 में दिल्ली के जोहरीपुर गांव में हुआ था। अमित भड़ाना के वीडियो काफी फनी और मजाकिया होते है जो लोगों को काफी पसंद आते है। ये अपने सारे वीडियो हरियाणवी भाषा में बनाते है।

वे भारत के एकमात्र ऐसे सफ़ल यूट्यूबर (YouTuber) हैं, जो अपने देसी अंदाज़ के चलते इतने मशहूर हैं। उनके 23.5 मिलियन सब्सक्राइबर हैं और उनकी नेटवर्थ 47 करोड़ है।

विद्या अय्यर

विद्या अय्यर को उनके स्टेज नाम “विद्या वोक्स” के नाम से जाना जाता है, उनका जन्म 26 सितंबर 1990 को चेन्नई में हुआ था और उनकी परवरिश अमेरिका के वर्जीनिया में हुई थी और अब वे लॉस एंजेलिस में रह रही हैं।

विद्या अय्यर एक सिंगर है वह पुराने गानों को एक नया रूप देकर लोगों को मनोरंजित करतीं है। विद्या ने 2015 में अपना खुद का यूट्यूब चैनल “विद्या वॉक्स” शुरू करने से पहले शंकर के यूट्यूब चैनल ‘श्रितिबॉक्स‘ में सिंगिंग किया करती थी।

उनके यूट्यूब पर 8 मिलियन सब्सक्राइबर हैं और उनकी नेटवर्थ 22 करोड़ रुपये है।

डॉ विवेक बिंद्रा

डॉ विवेक बिंद्रा का जन्म 5 अप्रैल 1978 में दिल्ली में हुआ। डॉ विवेक बिंद्रा एक बिजनेस कोच और मोटिवेशनल स्पीकर है उन्होंने 2013 में अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था। उनके 17.9 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं। उनकी वार्षिक आय 50 करोड़ रुपये के क़रीब है।

आशीष चंचलानी

आशु के नाम से फेमस आशीष चंचलानी YouTube पर फनी विडोयोज़ के लिए जाने जाते है। उनका जन्म 21 जनवरी 1994 में दिल्ली में हुआ।

पहले वो फिल्मों के रिव्यू किया करते थे लेकिन बाद में उन्होंने फनी वीडियो बनाना शुरू किया। वह 7 जुलाई 2009 को YouTube से जुड़े, लेकिन उन्होंने अपना पहला वीडियो 2014 में पोस्ट किया।

उनके यूट्यूब पर क़रीब 26.8 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं और उनकी नेट वर्थ 31 करोड़ रुपये है।

भुवन बाम

भुवन बाम, जो अपने चैनल “बीबी की वाइन” (BB Ki Vines) के लिए बेहद लोकप्रिय हैं उनका जन्म 22 जनवरी 1994 में दिल्ली में हुआ था। उन्होंने 2015 में अपना YouTube चैनल शुरू किया था वह अपनी ज़बरदस्त एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

वर्सटैलिटी ही उनकी पहचान है। अपने वीडियोज़ में वे अकेले ही 6-6 कैरेक्टर निभा लेते हैं। उनके YouTube चैनल पर अब तक 23 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं और उनकी नेट वर्थ 22 करोड़ से ज़्यादा है।

राजेश कुमार

राजेश कुमार you tube पर “FactTechz” के नाम से मशहूर है। राजेश कुमार का जन्म 1 अप्रैल 2000 में हुआ था। उन्होंने 24 जुलाई 2016 में अपने YouTube चैनल फैक्ट टचज बनाया था।

यह चैनल सायन्स एंड टेक्नोलॉजी के रिलेटेड है जहां सभी फैक्ट वीडियो होते है। FactTechz youtube चैनल पर करीब 16.4 मिलियन सब्सक्राइबर्स है। उनकी नेट वर्थ 37 करोड़ से अधिक है ।

हमें सपने क्यों याद नहीं रहते?

सपने प्रत्येक व्यक्ति को आते हैं। वास्तव में यह नींद के दौरान मस्तिष्क में होने वाली क्रियाओं का परिणाम है। कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें सपने नहीं दिखाई देते, वहीं कुछ दूसरे लोगों का कहना है कि उन्हें बहुत सपने दिखाई देते हैं।

वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार नींद में हर व्यक्ति को हर रोज दो-तीन बार सपने आते हैं। सपनों के दृश्य कुछ लोगों को याद रहते हैं, तो कुछ लोग भूल जाते हैं।

सपनों के विषय में अलग अलग धारणाएं है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सोते समय व्यक्ति की जो मानसिक स्थिति होती है, उसी से संबंधित सपने उसे दिखाई देते हैं।

उदाहरण के लिए यदि व्यक्ति सोते समय भूखा या प्यासा है, तो उसे भोजन और पानी के विषय में सपने दिखाई देंगे।

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वहीं कुछ दूसरे विशेषज्ञों के अनुसार जो इच्‍छाएँ हमारे जीवन में पूरी नहीं हो पाती हैं, वे सपनों में पूरी हो जाती हैं। सपनों के द्वारा मानसिक तनाव भी कम होता है।

हम सोने के दौरान रैपिड आई मूवमेंट से गुजरते हैं

वैज्ञानिकों ने सपनों को लेकर रिसर्च और स्टडी की है उनके अनुसार सोने के दौरान हम कई बार रैपिड आई मूवमेंट (REM) से गुजरते हैं और इसी दौरान हमें सपने दिखाई देते हैं। यह मूवमेंट सोने के 10 मिनट बाद ही शुरू हो जाता है।

दरअसल, सोते वक्त REM के दौरान हमारा दिमाग पूरी तरह से शांत नहीं होता और एक्टिव मोड में रहता है। इस समय दिमाग में कुछ न कुछ चीजें चल रही होती हैं और यही वजह है कि हमें सपने दिखाई देते हैं।

रात में सोने के बाद हर डेढ़ घंटे के अंतराल में हम REM में होते हैं। REM की ये अवधि करीब 20 से 25 मिनट तक रहती है और इसी दौरान हम तरह-तरह के सपने देखते हैं।

आर.ई.एम. नींद की सबसे लंबी अवधि सुबह के समय होती है। यदि आप इस चरण के दौरान जागते हैं तो आपके लिए यह याद रखना आसान हो जाता है कि आप कौन-सा सपना देख रहे थे।

क्यों याद नहीं रहते सपने

अमेरिका के हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में नींद को लेकर स्टडी करने वाले रॉबर्ट स्टिकगोल्ड ने बताया कि कई लोग सपने में देखे गए दृश्यों को भूल जाते हैं जबकि कई लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें अपने सपने याद रहते हैं।

उनके मुताबिक इन दोनों परिस्थितियों के पीछे अलग-अलग वजह होती हैं। रॉबर्ट के अनुसार जो लोग एक निश्चित समय पर सोते हैं और अलार्म बजने के बाद उठकर तुरंत अपने काम में लग जाते हैं, ऐसे लोगों को सपने याद रखने की संभावना बहुत कम होती है।

वहीं दूसरी ओर, जिन लोगों के पास ज्यादा काम नहीं होता और नींद खुलने के बाद भी आंखें बंद किए रहते हैं, उन्हें सपने भूलने की संभावना बहुत कम होती है।

आपको बता दें कि कई रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि जो लोग सपने भूल जाते हैं, वे मानसिक रूप से स्वस्थ होते हैं जबकि जिन लोगों को कई सपने याद रहते हैं वे मानसिक रूप से थोड़े अस्थिर हो सकते हैं।

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जानिए तांबे के बर्तन में पानी पीने का सही समय

आपने कई लोगों को तांबे के बर्तन में पानी पीते देखा होगा और कहते भी सुना होगा, कि तांबे के बर्तन में रखा पानी स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद फायदेमंद होता है परन्तु इसका फायदा तभी होगा जब हम इसे सही समय पर इस्तेमाल करेंगे।

आज इस पोस्ट में हम जानेगें ताम्बे के बर्तन में पानी पीने का सही समय के बारे में, तो चलिए जानतें हैं :-

शरीर को बैक्टीरिया से बचाता है तांबा

तांबे के बर्तन की रोगाणुओं, विशेष रूप से बैक्टीरिया को नष्ट करने की क्षमता है। वास्तव में, तांबा ई.कोली और एस.ऑरियस (दो प्रकार के बैक्टीरिया जो दस्त और पेचिश का कारण बन सकते हैं) से निपटने के लिए उत्कृष्ट है।

मस्तिष्क के लिए फायदेमंद

कॉपर एक धातु है जो माइलिन के निर्माण में मदद कर सकती है। जो तंत्रिका कोशिकाओं (nerve cells) की सुरक्षा करती है और आपके सभी कॉग्निटिव फंक्शन के लिए महत्वपूर्ण है।

बैलेंस करता है मेटाबॉलिक एनर्जी

आयुर्वेद के अनुसार, हर किसी के पास एक प्रमुख चयापचय ऊर्जा (dominant metabolic energy) होती है। इन्हें वात, पित्त और कफ के नाम से जाना जाता है।

यदि इन ऊर्जाओं में कोई असंतुलन है, तो आपको चिकित्सा संबंधी समस्याओं और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आयुर्वेद मानता है कि इसका पानी पीने से इन सभी तरह की एनर्जी को बैलेंस करने में मदद मिलती है।

कैसा होना चाहिए बर्तन

  • ऐसा बर्तन चुनें जो पूरी तरह से तांबे से बना हो और अन्य धातु के साथ मिश्रित न हो, अन्यथा आपको तांबे के उपयोग का पूरा लाभ नहीं मिलेगा।
  • इस बर्तन का इस्तेमाल करने से पहले उसे नींबू और पानी से धो लें। किसी डिशवॉशिंग साबुन का उपयोग न करें, क्योंकि यह बहुत नुकसानदायक हो सकता है।

पानी पीने का सही तरीका

  • बर्तन में पानी भरकर अपने पलंग के पास रख दें और सुबह सबसे पहले इसे पिएं। ऐसा करने से पानी का स्वाद थोड़ा धात्विक लग सकता है लेकिन आपको समय के साथ इसकी आदत हो जाएगी।
  • इसके अलावा, सुबह सबसे पहले शरीर को ऊर्जावान बनाने के लिए एक गिलास साफ, ठंडे पानी से अच्छा कुछ नहीं है।

क्या नहीं करना चाहिए तांबे के बर्तनों के साथ?

आयुर्वेद तांबे के बर्तन से दिन में केवल दो बार पीने की सलाह देता है और इससे ज्यादा नहीं।

इसके बर्तन से पानी पीना बिल्कुल ठीक है लेकिन उनमें खाना न पकाएं। कॉपर टॉक्सिटी एक वास्तविकता है। तांबे के बर्तन में खाना पकाने से हमारे भोजन में और हमारे सिस्टम में तांबे का रिसाव हो सकता है।

यदि आपके 5 शरीर में अत्यधिक मात्रा में तांबा चला गया, तो आपको मतली और दस्त का लग सकते हैं।

यदि आप तांबे में खाना बनाना जारी रखते हैं, तो आप अपने लिवर को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाने के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। यही कारण है कि खाना पकाने के बर्तन स्टेनलेस स्टील या टिन के साथ बने होते हैं।

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जाने साल के अंतिम चंद्र ग्रहण का राशियों पर कैसा रहेगा असर

हर साल सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण लगते हैं। ग्रहण को धार्मिक रूप से शुभ नहीं माना जाता है। धार्मिक रूप से मान्यता है कि ग्रहण के दौरान सूर्य या चंद्रमा कष्टकारी स्थिति में होते हैं इसलिए ये स्थिति आम लोगों पर भी विपरीत असर डालती है और अशुभ मानी जाती है।

जबकि वैज्ञानिक भाषा में समझें तो चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है। जब सूर्य और चाँद के बीच पृथ्वी के आने से चंद्रमा पर प्रकाश पड़ना बंद होता है, तो उसे ही चंद्र ग्रहण कहते हैं। 19 नवंबर 2021 शुक्रवार के दिन साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है।

इस पोस्ट में हम जानेगें कि चंद्र ग्रहण का राशियों पर कैसा रहेगा असर :-

मेष राशि

इस राशि के लोगों को अपनी आय में बदलाव का अनुभव हो सकता है इसलिए आपको समझदारी से निर्णय लेने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, आपको कुछ अवसर मिलने की संभावना है।

वृषभ राशि

इस राशि के जातक बेकार की वस्तुओं पर खर्च कर सकते हैं इसलिए सावधानी बरतें। स्वास्थ्य का खयाल रखें नहीं तो आप पेट संबंधी समस्या के शिकार हो सकते हैं ।

मिथुन राशि 

आप स्वयं को आध्यात्मिक रूप से प्रवृत्त पा सकते हैं और ध्यान करने में शांति प्राप्त कर सकते हैं। कामकाज के मोर्चे पर दिन शांतिपूर्ण और सुखद रहेगा।

कर्क राशि 

इस राशि के लोग अपने दोस्तों के साथ कुछ क्वालिटी टाइम बिताने की योजना बना सकते हैं तो इस हिसाब से दिन अच्छा होगा।

सिंह राशि 

सिंह राशि के जातक अपनी महत्वपूर्ण वस्तुओं का ध्यान रखें। घर से संबंधित किसी कार्य में फिजूलखर्ची हो सकती है। जल्दबाजी में निर्णय ना लें। पेट से संबंधित कोई परेशानी हो सकती है।

कन्या राशि 

इस राशि के जातकों के लिए यह दिन अच्छा रहने वाला है। कोई नया कार्य शुरू कर सकते हैं और उसमें सफलता भी मिलेगी।

तुला राशि

चंद्र ग्रहण का इस राशि पर काफी अच्छा प्रभाव पड़ने वाला है। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। कोई अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। पैसों से जुड़ी परेशानियों से दूर होंगी। अगर नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो सफलता मिलेगी।

वृश्चिक राशि

इस ग्रहण में आप तो लंबे समय से चली आ रही भावनाओं को छोड़ कर या किसी नए को गले लगाकर संबंधों की एक मजबूत भावना महसूस कर सकते हैं। स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहेगा।

मकर राशि

इस राशि के जातकों के लिए भी दिन ख़ुशी भरा रहेगा। प्रमोशन मिल सकती है लेकिन आपको सलाह दी जाती है कि अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें नहीं तो आपका बना बनाया काम बिगड़ सकता है।

कुंभ राशि

आपका दिन बहुत अच्छा हो सकता है क्योंकि ग्रहण आपके पक्ष में है। कामकाज के मोर्चे पर आपको नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और आपके काम के लिए आपको प्रशंसा मिल सकती है।

मीन राशि

इस राशि वाले लोगों के लिए चंद्र ग्रहण शुभ परिणाम देने वाला साबित होगा। इस दौरान करियर में तरक्की मिल सकती है। नई नौकरी के ऑफर आने की संभावना है। कोई पुराना कर्ज निपटा सकते हैं। धन की बचत करने के अवसर प्राप्त होंगे। संपत्ति से जुड़े कार्यों में विशेष लाभ के आसार हैं।

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