भारत के ये 10 यू ट्यूबर्स जो कमाई के मामले देते हैं बॉलीवुड स्टार्स को टक्कर!!

सोशल मीडिया आज के समय में युवाओं के लिए सब कुछ बन गया है। अब ये उन पर है कि वे इसका दुरपयोग करते हैं या सदुपयोग। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहाँ आप करोड़ो रूपये कमा सकते हैं।

बहुत से युवा यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फ़ेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए सफ़लता की ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। पीछले कुछ समय से यूट्यूब कमाई का बेहतर ज़रिया बनकर सामने आया है।

आज की इस पोस्ट में हम आपको ऐसे टॉप 10 यू ट्यूबर्स के बारे में बताएंगे, जो कमाई के मामले में बॉलीवुड स्टार से कम नहीं हैं, तो चलिए जानते हैं :-

गौरव चौधरी

गौरव चौधरी YouTube पर ​​”टेक्निकल गुरुजी” के नाम से काफी मशहूर हैं। गौरव चौधरी यू ट्यूब पर इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स की जानकारी देते हैं। उनका जन्म 7 मई 1991 में राजस्थान के अजमेर में हुआ था।

उनके दो YouTube चैनल हैं – टेक्निकल गुरुजी जिसके 21 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं और गौरव चौधरी जिसमें 6 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं।

उनकी 2021 में कुल संपत्ति 45 मिलियन अमरीकी डॉलर यानि 334 करोड़ रुपये है। उन्हें फोर्ब्स इंडिया की अंडर 30 की सूची में भी शामिल किया गया है।

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संदीप माहेश्वरी

संदीप माहेश्वरी को कौन नहीं जनता, वे एक बहुत ही लोकप्रिय मोटिवेशनल स्पीकर और बिज़नस मेन हैं। उनका जन्म 28 सितंबर 1980 को दिल्ली में हुआ था।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2000 में एक पेशेवर फोटोग्राफर के रूप में की थी। संदीप माहेश्वरी के चैनल पर 21. 1 मिलियन सब्सक्राइबर हैं। उनकी नेट वर्थ 30 करोड़ से अधिक हैं।

अजेय नागर

अजेय नागर जिन्हें “कैरी मिनाती” के नाम से जाना जाता है। उनका जन्म 12 जून 1999 को हरियाणा के फरीदाबाद में हुआ था।

CarryMinati भारत के सबसे ज्यादा सब्सक्राइबर्स वाले युट्यूबर है जिनके 32 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। इनका यूट्यूब चेनल वैसे तो Gaming के ऊपर है लेकिन यह समय समय पर इससे हटकर भी विडियो बनाते रहते हैं।

अप्रैल 2020 में, उन्हें फोर्ब्स इंडिया की अंडर 30 सूची में भी शामिल किया गया था। इनकी नेटवर्थ 31 करोड़ रूपये है।

निशा मधुलिका

निशा मधुलिका का जन्म 25 अगस्त 1959 को आगरा, उत्तर प्रदेश में हुआ था। निशा मधुलिका YouTube पर एक फ़ूड ब्लॉगर है और ये एक रेस्टोरेंट कंसलटेंट भी है। इनको भारतीय वेजेटेरियन रेसिपी का क्वीन भी कहा जाता है।

उन्होंने 8 साल पहले अपना पहला वीडियो अपलोड किया और लंबा सफर तय करने के बाद आज उनके करीब 12 .1 मिलियन सब्सक्राइबर्स है और उनकी नेटवर्थ 33 करोड़ हैं।

अमित भड़ाना

अमित भड़ाना का जन्म 7 सितम्बर 1994 में दिल्ली के जोहरीपुर गांव में हुआ था। अमित भड़ाना के वीडियो काफी फनी और मजाकिया होते है जो लोगों को काफी पसंद आते है। ये अपने सारे वीडियो हरियाणवी भाषा में बनाते है।

वे भारत के एकमात्र ऐसे सफ़ल यूट्यूबर (YouTuber) हैं, जो अपने देसी अंदाज़ के चलते इतने मशहूर हैं। उनके 23.5 मिलियन सब्सक्राइबर हैं और उनकी नेटवर्थ 47 करोड़ है।

विद्या अय्यर

विद्या अय्यर को उनके स्टेज नाम “विद्या वोक्स” के नाम से जाना जाता है, उनका जन्म 26 सितंबर 1990 को चेन्नई में हुआ था और उनकी परवरिश अमेरिका के वर्जीनिया में हुई थी और अब वे लॉस एंजेलिस में रह रही हैं।

विद्या अय्यर एक सिंगर है वह पुराने गानों को एक नया रूप देकर लोगों को मनोरंजित करतीं है। विद्या ने 2015 में अपना खुद का यूट्यूब चैनल “विद्या वॉक्स” शुरू करने से पहले शंकर के यूट्यूब चैनल ‘श्रितिबॉक्स‘ में सिंगिंग किया करती थी।

उनके यूट्यूब पर 8 मिलियन सब्सक्राइबर हैं और उनकी नेटवर्थ 22 करोड़ रुपये है।

डॉ विवेक बिंद्रा

डॉ विवेक बिंद्रा का जन्म 5 अप्रैल 1978 में दिल्ली में हुआ। डॉ विवेक बिंद्रा एक बिजनेस कोच और मोटिवेशनल स्पीकर है उन्होंने 2013 में अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था। उनके 17.9 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं। उनकी वार्षिक आय 50 करोड़ रुपये के क़रीब है।

आशीष चंचलानी

आशु के नाम से फेमस आशीष चंचलानी YouTube पर फनी विडोयोज़ के लिए जाने जाते है। उनका जन्म 21 जनवरी 1994 में दिल्ली में हुआ।

पहले वो फिल्मों के रिव्यू किया करते थे लेकिन बाद में उन्होंने फनी वीडियो बनाना शुरू किया। वह 7 जुलाई 2009 को YouTube से जुड़े, लेकिन उन्होंने अपना पहला वीडियो 2014 में पोस्ट किया।

उनके यूट्यूब पर क़रीब 26.8 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं और उनकी नेट वर्थ 31 करोड़ रुपये है।

भुवन बाम

भुवन बाम, जो अपने चैनल “बीबी की वाइन” (BB Ki Vines) के लिए बेहद लोकप्रिय हैं उनका जन्म 22 जनवरी 1994 में दिल्ली में हुआ था। उन्होंने 2015 में अपना YouTube चैनल शुरू किया था वह अपनी ज़बरदस्त एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

वर्सटैलिटी ही उनकी पहचान है। अपने वीडियोज़ में वे अकेले ही 6-6 कैरेक्टर निभा लेते हैं। उनके YouTube चैनल पर अब तक 23 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं और उनकी नेट वर्थ 22 करोड़ से ज़्यादा है।

राजेश कुमार

राजेश कुमार you tube पर “FactTechz” के नाम से मशहूर है। राजेश कुमार का जन्म 1 अप्रैल 2000 में हुआ था। उन्होंने 24 जुलाई 2016 में अपने YouTube चैनल फैक्ट टचज बनाया था।

यह चैनल सायन्स एंड टेक्नोलॉजी के रिलेटेड है जहां सभी फैक्ट वीडियो होते है। FactTechz youtube चैनल पर करीब 16.4 मिलियन सब्सक्राइबर्स है। उनकी नेट वर्थ 37 करोड़ से अधिक है ।

हमें सपने क्यों याद नहीं रहते?

सपने प्रत्येक व्यक्ति को आते हैं। वास्तव में यह नींद के दौरान मस्तिष्क में होने वाली क्रियाओं का परिणाम है। कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें सपने नहीं दिखाई देते, वहीं कुछ दूसरे लोगों का कहना है कि उन्हें बहुत सपने दिखाई देते हैं।

वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार नींद में हर व्यक्ति को हर रोज दो-तीन बार सपने आते हैं। सपनों के दृश्य कुछ लोगों को याद रहते हैं, तो कुछ लोग भूल जाते हैं।

सपनों के विषय में अलग अलग धारणाएं है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सोते समय व्यक्ति की जो मानसिक स्थिति होती है, उसी से संबंधित सपने उसे दिखाई देते हैं।

उदाहरण के लिए यदि व्यक्ति सोते समय भूखा या प्यासा है, तो उसे भोजन और पानी के विषय में सपने दिखाई देंगे।

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वहीं कुछ दूसरे विशेषज्ञों के अनुसार जो इच्‍छाएँ हमारे जीवन में पूरी नहीं हो पाती हैं, वे सपनों में पूरी हो जाती हैं। सपनों के द्वारा मानसिक तनाव भी कम होता है।

हम सोने के दौरान रैपिड आई मूवमेंट से गुजरते हैं

वैज्ञानिकों ने सपनों को लेकर रिसर्च और स्टडी की है उनके अनुसार सोने के दौरान हम कई बार रैपिड आई मूवमेंट (REM) से गुजरते हैं और इसी दौरान हमें सपने दिखाई देते हैं। यह मूवमेंट सोने के 10 मिनट बाद ही शुरू हो जाता है।

दरअसल, सोते वक्त REM के दौरान हमारा दिमाग पूरी तरह से शांत नहीं होता और एक्टिव मोड में रहता है। इस समय दिमाग में कुछ न कुछ चीजें चल रही होती हैं और यही वजह है कि हमें सपने दिखाई देते हैं।

रात में सोने के बाद हर डेढ़ घंटे के अंतराल में हम REM में होते हैं। REM की ये अवधि करीब 20 से 25 मिनट तक रहती है और इसी दौरान हम तरह-तरह के सपने देखते हैं।

आर.ई.एम. नींद की सबसे लंबी अवधि सुबह के समय होती है। यदि आप इस चरण के दौरान जागते हैं तो आपके लिए यह याद रखना आसान हो जाता है कि आप कौन-सा सपना देख रहे थे।

क्यों याद नहीं रहते सपने

अमेरिका के हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में नींद को लेकर स्टडी करने वाले रॉबर्ट स्टिकगोल्ड ने बताया कि कई लोग सपने में देखे गए दृश्यों को भूल जाते हैं जबकि कई लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें अपने सपने याद रहते हैं।

उनके मुताबिक इन दोनों परिस्थितियों के पीछे अलग-अलग वजह होती हैं। रॉबर्ट के अनुसार जो लोग एक निश्चित समय पर सोते हैं और अलार्म बजने के बाद उठकर तुरंत अपने काम में लग जाते हैं, ऐसे लोगों को सपने याद रखने की संभावना बहुत कम होती है।

वहीं दूसरी ओर, जिन लोगों के पास ज्यादा काम नहीं होता और नींद खुलने के बाद भी आंखें बंद किए रहते हैं, उन्हें सपने भूलने की संभावना बहुत कम होती है।

आपको बता दें कि कई रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि जो लोग सपने भूल जाते हैं, वे मानसिक रूप से स्वस्थ होते हैं जबकि जिन लोगों को कई सपने याद रहते हैं वे मानसिक रूप से थोड़े अस्थिर हो सकते हैं।

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जानिए तांबे के बर्तन में पानी पीने का सही समय

आपने कई लोगों को तांबे के बर्तन में पानी पीते देखा होगा और कहते भी सुना होगा, कि तांबे के बर्तन में रखा पानी स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद फायदेमंद होता है परन्तु इसका फायदा तभी होगा जब हम इसे सही समय पर इस्तेमाल करेंगे।

आज इस पोस्ट में हम जानेगें ताम्बे के बर्तन में पानी पीने का सही समय के बारे में, तो चलिए जानतें हैं :-

शरीर को बैक्टीरिया से बचाता है तांबा

तांबे के बर्तन की रोगाणुओं, विशेष रूप से बैक्टीरिया को नष्ट करने की क्षमता है। वास्तव में, तांबा ई.कोली और एस.ऑरियस (दो प्रकार के बैक्टीरिया जो दस्त और पेचिश का कारण बन सकते हैं) से निपटने के लिए उत्कृष्ट है।

मस्तिष्क के लिए फायदेमंद

कॉपर एक धातु है जो माइलिन के निर्माण में मदद कर सकती है। जो तंत्रिका कोशिकाओं (nerve cells) की सुरक्षा करती है और आपके सभी कॉग्निटिव फंक्शन के लिए महत्वपूर्ण है।

बैलेंस करता है मेटाबॉलिक एनर्जी

आयुर्वेद के अनुसार, हर किसी के पास एक प्रमुख चयापचय ऊर्जा (dominant metabolic energy) होती है। इन्हें वात, पित्त और कफ के नाम से जाना जाता है।

यदि इन ऊर्जाओं में कोई असंतुलन है, तो आपको चिकित्सा संबंधी समस्याओं और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आयुर्वेद मानता है कि इसका पानी पीने से इन सभी तरह की एनर्जी को बैलेंस करने में मदद मिलती है।

कैसा होना चाहिए बर्तन

  • ऐसा बर्तन चुनें जो पूरी तरह से तांबे से बना हो और अन्य धातु के साथ मिश्रित न हो, अन्यथा आपको तांबे के उपयोग का पूरा लाभ नहीं मिलेगा।
  • इस बर्तन का इस्तेमाल करने से पहले उसे नींबू और पानी से धो लें। किसी डिशवॉशिंग साबुन का उपयोग न करें, क्योंकि यह बहुत नुकसानदायक हो सकता है।

पानी पीने का सही तरीका

  • बर्तन में पानी भरकर अपने पलंग के पास रख दें और सुबह सबसे पहले इसे पिएं। ऐसा करने से पानी का स्वाद थोड़ा धात्विक लग सकता है लेकिन आपको समय के साथ इसकी आदत हो जाएगी।
  • इसके अलावा, सुबह सबसे पहले शरीर को ऊर्जावान बनाने के लिए एक गिलास साफ, ठंडे पानी से अच्छा कुछ नहीं है।

क्या नहीं करना चाहिए तांबे के बर्तनों के साथ?

आयुर्वेद तांबे के बर्तन से दिन में केवल दो बार पीने की सलाह देता है और इससे ज्यादा नहीं।

इसके बर्तन से पानी पीना बिल्कुल ठीक है लेकिन उनमें खाना न पकाएं। कॉपर टॉक्सिटी एक वास्तविकता है। तांबे के बर्तन में खाना पकाने से हमारे भोजन में और हमारे सिस्टम में तांबे का रिसाव हो सकता है।

यदि आपके 5 शरीर में अत्यधिक मात्रा में तांबा चला गया, तो आपको मतली और दस्त का लग सकते हैं।

यदि आप तांबे में खाना बनाना जारी रखते हैं, तो आप अपने लिवर को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाने के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। यही कारण है कि खाना पकाने के बर्तन स्टेनलेस स्टील या टिन के साथ बने होते हैं।

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जाने साल के अंतिम चंद्र ग्रहण का राशियों पर कैसा रहेगा असर

हर साल सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण लगते हैं। ग्रहण को धार्मिक रूप से शुभ नहीं माना जाता है। धार्मिक रूप से मान्यता है कि ग्रहण के दौरान सूर्य या चंद्रमा कष्टकारी स्थिति में होते हैं इसलिए ये स्थिति आम लोगों पर भी विपरीत असर डालती है और अशुभ मानी जाती है।

जबकि वैज्ञानिक भाषा में समझें तो चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है। जब सूर्य और चाँद के बीच पृथ्वी के आने से चंद्रमा पर प्रकाश पड़ना बंद होता है, तो उसे ही चंद्र ग्रहण कहते हैं। 19 नवंबर 2021 शुक्रवार के दिन साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है।

इस पोस्ट में हम जानेगें कि चंद्र ग्रहण का राशियों पर कैसा रहेगा असर :-

मेष राशि

इस राशि के लोगों को अपनी आय में बदलाव का अनुभव हो सकता है इसलिए आपको समझदारी से निर्णय लेने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, आपको कुछ अवसर मिलने की संभावना है।

वृषभ राशि

इस राशि के जातक बेकार की वस्तुओं पर खर्च कर सकते हैं इसलिए सावधानी बरतें। स्वास्थ्य का खयाल रखें नहीं तो आप पेट संबंधी समस्या के शिकार हो सकते हैं ।

मिथुन राशि 

आप स्वयं को आध्यात्मिक रूप से प्रवृत्त पा सकते हैं और ध्यान करने में शांति प्राप्त कर सकते हैं। कामकाज के मोर्चे पर दिन शांतिपूर्ण और सुखद रहेगा।

कर्क राशि 

इस राशि के लोग अपने दोस्तों के साथ कुछ क्वालिटी टाइम बिताने की योजना बना सकते हैं तो इस हिसाब से दिन अच्छा होगा।

सिंह राशि 

सिंह राशि के जातक अपनी महत्वपूर्ण वस्तुओं का ध्यान रखें। घर से संबंधित किसी कार्य में फिजूलखर्ची हो सकती है। जल्दबाजी में निर्णय ना लें। पेट से संबंधित कोई परेशानी हो सकती है।

कन्या राशि 

इस राशि के जातकों के लिए यह दिन अच्छा रहने वाला है। कोई नया कार्य शुरू कर सकते हैं और उसमें सफलता भी मिलेगी।

तुला राशि

चंद्र ग्रहण का इस राशि पर काफी अच्छा प्रभाव पड़ने वाला है। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। कोई अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। पैसों से जुड़ी परेशानियों से दूर होंगी। अगर नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो सफलता मिलेगी।

वृश्चिक राशि

इस ग्रहण में आप तो लंबे समय से चली आ रही भावनाओं को छोड़ कर या किसी नए को गले लगाकर संबंधों की एक मजबूत भावना महसूस कर सकते हैं। स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहेगा।

मकर राशि

इस राशि के जातकों के लिए भी दिन ख़ुशी भरा रहेगा। प्रमोशन मिल सकती है लेकिन आपको सलाह दी जाती है कि अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें नहीं तो आपका बना बनाया काम बिगड़ सकता है।

कुंभ राशि

आपका दिन बहुत अच्छा हो सकता है क्योंकि ग्रहण आपके पक्ष में है। कामकाज के मोर्चे पर आपको नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और आपके काम के लिए आपको प्रशंसा मिल सकती है।

मीन राशि

इस राशि वाले लोगों के लिए चंद्र ग्रहण शुभ परिणाम देने वाला साबित होगा। इस दौरान करियर में तरक्की मिल सकती है। नई नौकरी के ऑफर आने की संभावना है। कोई पुराना कर्ज निपटा सकते हैं। धन की बचत करने के अवसर प्राप्त होंगे। संपत्ति से जुड़े कार्यों में विशेष लाभ के आसार हैं।

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जानिए क्यों है खास साल का अंतिम चंद्र ग्रहण!!

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इस साल का अंतिम चंद्र ग्रहण 19 नवंबर 2021 दिन शुक्रवार को कार्तिक मास की पूर्णिमा को लगने जा रहा है। यह चंद्र ग्रहण बेहद खास है क्योंकि यह साल का ही नहीं बल्कि पूरी सदी का सबसे लंबी अवध‍ि का चंद्र ग्रहण होगा।

ज्योति शास्त्रों के अनुसार यह उपच्छाया चंद्र ग्रहण है जिसे खंडग्रास और आंशिक चंद्र ग्रहण भी कहा जाता है। भारत में यह अंतिम चंद्र ग्रहण उपच्छाया ग्रहण के रूप में दिखाई देगा, इसलिए यहां इसका सूतक मान्य नहीं होगा।

चंद्र ग्रहण की शुरुआत 19 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 48 मिनट से होगी और यह 4 बजकर 17 मिनट तक दिखाई देगा।

इसकी अवध‍ि 3 घंटे 28 म‍िनट और 24 सेकंड्स की होगी और चांद का लगभग 97 फीसदी हिस्सा लाल दिखाई देगा। चंद्रमा और धरती के बीच अध‍िक दूरी के कारण यह ग्रहण लंबी अवध‍ि का होने वाला है।

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580 साल बाद सबसे लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण

नासा के अनुसार ये मौका 580 साल बाद आया है। भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में ये सबसे लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण देखा जा सकेगा। इससे पहले इतना लंबा चंद्र ग्रहण 18 फरवरी 1440 को हुआ था और अब संभवत: 8 फरवरी, 2669 में होगा।

यह चंद्र ग्रहण भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। वहीं विदेशों में अमेरिका, उत्तरी यूरोप, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र में दिखाई देगा।

“केदारनाथ धाम” परिपूर्ण है अलौकिक सौंदर्य से

हिमालयी राज्य उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम विश्व की आस्था एवं आध्यात्मिक चेतना का पर्याय है, जहां के कण-कण में भगवान शंकर की उपस्थिति का आभास होता है।

यह स्थान धार्मिक महत्व के साथ-साथ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है। मन्दिर को तीन भागों में बांटा जा सकता है 1.गर्भ गृह  2.मध्यभाग  2. सभा मण्डप।

गर्भ गृह के मध्य में भगवान श्री केदारेश्वर जी का स्वयंभू ज्योतिर्लिंग स्थित है जिसके अग्र भाग पर गणेश जी की आकृति और साथ ही माँ पार्वती का श्री यंत्र विद्यमान है।

ज्योतिर्लिंग पर प्राकृतिक यगयोपवित और ज्योतिर्लिंग के पृष्ठ भाग पर प्राकृतिक स्फटिक माला को आसानी से देखा जा सकता है। श्री केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग में नव लिंगाकार विग्रह विधमान है इस कारण इस ज्योतिर्लिंग को नव लिंग केदार भी कहा जाता है

आदि शंकराचार्य ने करवाया था जीर्णोधार

सर्वप्रथम आदि शंकराचार्य ने इस मंदिर का जीर्णोधार करवाया था। इसी रुद्र रूप की परिकल्पना के कारण इस सम्पूर्ण क्षेत्र को रुद्रप्रयाग कहा गया है।

केदारनाथ धाम के कपाट अप्रैल-मई माह में विधि-विधान से घोषित तिथि के उपरांत खुलते हैं तथा दीपावली के पश्चात बंद कर दिए जाते हैं।

शीतकाल में 6 माह भगवान केदारनाथ की चल-विग्रह डोली एवं दंडी ऊखीमठ में पूजा-अर्चना हेतु स्थापित की जाती है। इस धाम का तापमान शीत ऋतु में शून्य से बहुत नीचे पहुंच जाता है।

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मंदिर से जुड़ी पौराणिक मान्यताएं

हिमालय के केदार शृंग पर भगवान विष्णु के अवतार महातपस्वी नर और नारायण ऋषि तपस्या करते थे। उनकी घोर तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें दर्शन दिए तथा नर-नारायण के आग्रह से भगवान शिव ज्योर्तिलिंग स्वरूप में वहीं पर विराजमान हो गए।

पंच केदार की कथा

इसी क्रम में पुराणों में वर्णित पंच केदार की कथा के के अनुसार महाभारत के युद्ध में विजयी होने के उपरांत पांडव अपने भ्रातृहत्या की हत्या के पाप से मुक्त होना चाहते थे

इसके लिए वे भगवान शंकर का आशीर्वाद पाना चाहते थे, लेकिन वे उन लोगों से रुष्ट थे। भगवान शंकर के दर्शन के लिए पांडव काशी गए, पर वे उन्हें वहां नहीं मिले। वे लोग उन्हें खोजते हुए हिमालय तक आ पहुंचे।

भगवान शंकर पांडवों को दर्शन नहीं देना चाहते थे और उनकी परीक्षा लेने के लिए अंर्तध्यान होकर केदार जा बसे।  दूसरी ओर, पांडव भी लगन के पक्के थे, वे उनका पीछा करते-करते केदार पहुंच ही गए।

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बैल का रूप धारण किया

भगवान शिव ने पांडवों को आता देख बैल का रूप धारण कर लिया और पशुओं के झुंड में जा मिले। तब पांडवों ने भगवान के दर्शन पाने के लिए एक योजना बनाई और भीम ने अपना विशाल रूप धारण कर अपने दोनों पैर केदार पर्वत के दोनों ओर फैला दिए।

कहा जाता है कि अन्य सब पशु तो भीम के पैरों के नीचे से निकल गए लेकिन शंकर जी रूपी बैल पैरों के नीचे से निकलने को तैयार नहीं हुआ।

जब भीम ने उस बैल को जबरदस्ती पकड़ना चाहा तो भोलेनाथ विशाल रूप धारण कर धरती में समाने लगे। उसी क्षण भीम ने पूरी ताकत से भैंस की पीठ का भाग कस कर पकड़ लिया।

उसी समय से भगवान शंकर बैल की पीठ की आकृति-पिंड के रूप में श्री केदारनाथ में पूजे जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि जब भगवान शंकर बैल के रूप में अंतर्ध्यान हुए, तो उनके धड़ से ऊपर का भाग काठमाण्डू में प्रकट हुआ।

अब वहां पशुपतिनाथ का प्रसिद्ध मंदिर है। शिव की भुजाएं तुंगनाथ में, मुख रुद्रनाथ में, नाभि मद्महेश्वर में और जटा कल्पेश्वर में प्रकट हुए। इसलिए इन चार स्थानों सहित श्री केदारनाथ को पंचकेदार कहा जाता है।

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डायबिटीज के लिए वरदान है हल्दी, जाने कैसे करें इसका सेवन!

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भारतीय रसोई में हल्दी का इस्तेमाल व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। एक ओर यह जहां खाने का स्वाद और रंग बढ़ा देती है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य की समस्याओं के लिए वरदान है हल्दी।

100 से अधिक रासायनिक यौगिकों वाली हल्दी को ‘भारतीय केसर‘ या ‘सुनहरा मसाला‘ भी कहा जाता है। हल्दी इसमें करक्यूमिन सक्रिय यौगिक होता है जो कई बीमारियों से लड़ने में सबसे अधिक मददगार है। वहीं, कई अध्ययन का मानना है कि हल्दी डायबिटीज मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

हल्दी की जड़ों का अर्क लें

यह सबसे आसान तरीकों में से एक है जिससे आप डायबिटीज को कंट्रोल कर सकते हैं। हल्दी की जड़ के अर्क का सेवन इंसुलिन प्रतिरोध को कम करता है जिससे शुगर लेवल नहीं बढ़ता। यह बीटा कोशिकाओं के कार्य में भी सुधार करता है, जो मधुमेह के लिए फायदेमंद हैं।

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हल्दी वाला दूध पीएं

शोध के अनुसार, हल्दी वाला दूध ना सिर्फ तनाव को कम करता है बल्कि इससे टाइप-2 मधुमेह का खतरा भी कम होता है। ध्यान रखें कि इसके लिए गुनगुने दूध का ही इस्तेमाल करें।

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हल्दी और काली मिर्च पाउडर

गर्म दूध में हल्दी, काली मिर्च पाउडरशहद डालकर पीएं। काली मिर्च में पिपेरिन तत्व होता है जो हल्दी के साथ मिलकर खून नली को साफ करता है। इससे खून में शुगर लेवल नहीं बढ़ता।

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हल्दी और आंवला

आंवले में विटामिन-सी होता है, जो कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रखता है। वहीं, दोनों में में क्रोमियम भी होता है, जो कार्ब्स को पचाने में मदद करता है, जिससे ब्लड में शुगर कंट्रोल रहता है। इसके लिए हल्दी और आंवला पाउडर को गुनगुने पानी में मिक्स करके पीएं।

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हल्दी और अदरक

सर्दियों में अदरक का सेवन फायदेमंद होता है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होता है। वहीं, शुगर कंट्रोल करने के लिए आफ अदरक – हल्दी का काढ़ा या चाय बनाकर पी सकते हैं।

14 नवंबर को हर साल डायबिटीज दिवस मनाया जाता है, जिसका मकसद लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना है।

चलिए इस मौके पर जानते हैं कि डायबिटीज मरीजों को इसका प्रयोग कैसे करना चाहिए…

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हल्दी और दालचीनी

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1 गिलास दूध में चुटकीभर हल्दी, थोड़ा-सा गुड़ और दालचीनी पाउडर उबालें। इसे नाश्ते से पहले पीएं। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शुगर कंट्रोल में रखेंगे। टाइप-2 डायबिटीज मरीजों के लिए भी इसका सेवन फायदेमंद है।

अजीबोग़रीब :- ऐसी लत जिससे छुटकारा पाने के लिए एक शख्स ने महिला को दी थप्पड़ मारने की नौकरी

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सोशल मीडिया की हर किसी को जैसे मानो इन दिनों लत सी लग गई हो। वो चाहे कहीं रास्ते में हों या घर पर, काम कर रहे हों या खाली बैठे हों, उनका फेसबुक खुला ही रहता है। लाइफ में क्या चल रहा है लोग उसे फेसबुक पर जरूर शेयर करते हैं।

आज की हमारी यह पोस्ट एक ऐसे बिज़नस मेन के बारे में है जिसने फेसबुक की लत से छुटकारा पाने के लिए एक महिला को नौकरी पर रखा।

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इसी आदत से छुटकारा पाने के लिए एक शख्स ने 2012 से एक महिला को काम पर रखा है। ये शक्स जैसे ही फेसबुक खोलता है तो उसे महिला थप्पड़ मारती है।

फेसबुक की लत छुड़ाने वाली इस अजीबोगरीब नौकरी पर एलन मस्क ने ट्वीट किया,

मस्क के रिएक्शन से वायरल हई खबर

अब एलन मस्क ने इस वीडियो पर रिएक्शन देते हुए दो इमोजी पोस्ट किए। इस पर मनीष सेठी ने भी लिखा कि ‘इस तस्वीर में जो लड़का है वह मैं ही हूँ। एलन मस्क के रिएक्शन के बाद अब शायद मेरी पहुंच और ज्यादा हो जाए’।

इस बिज़नस मेन का नाम मनीष सेठी है। मनीष सेठी ने 2012 से ही महिला को नौकरी पर रखा है, सेठी ने महिला को कहा था कि अगर मैं अपना समय बर्बाद करूं तो आपको मुझे रोकना होगा और जरुरत पड़ी तो मुझे थप्पड़ भी मारना होगा

थप्पड़ मारने का काम करने वाली महिला का नाम कारा है। इस काम के लिए कारा को 8 डॉलर (करीब 600 रुपए) प्रति घंटे मिलते हैं।

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थप्पड़ वाले प्रयोग से काम की क्षमता 98% हुई

मनीष ने कहा कि वह 9 साल से फेसबुक की लत को छुड़ाने के लिए थप्पड़ वाला प्रयोग कर रहे हैं। मनीष ने ये भी बताया कि कारा के थप्पड़ मारने से उनके काम करने की क्षमता भी बढ़ी है।

पहले ज्यादातर दिनों में उनकी औसतन काम करने की क्षमता लगभग 35-40% थी। जब से कारा उनके पास बैठी तो काम की क्षमता बढ़कर 98% हो गई।

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बॉलीवुड के इन 12 सितारों का नाम दर्ज़ है गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड् में

हिन्दी सिनेमा, जिसे बॉलीवुड के नाम से भी जाना जाता है, हिन्दी भाषा में फ़िल्म बनाने का उद्योग है। बॉलीवुड में कई ऐसे स्टार्स हैं जिन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग के ज़रिए कई बड़े-बड़े अवॉर्ड हासिल किए हैं।

लेकिन क्या आपको पता है कि बॉलीवुड में ऐसे भी कई स्टार्स हैं, जिनका नाम गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। अगर नहीं, तो चलिए आपको बताते हैं उन स्टार्स के बारे में जिनका नाम गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।

अमिताभ बच्चन

बॉलीवुड के महानायक कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन के लाखों फैंस हैं लेकिन उनमें से कई यह बात नहीं जानते होंगे कि बिग बी का नाम गिनीज बुक में भी दर्ज है। दरअसल अमिताभ बच्चन 13 मशहूर सिंगर्स के साथ ‘श्री हनुमान चालीसा‘ गाने वाले इकलौते एक्टर का खिताब उनके नाम है।

अमिताभ बच्चन ने इसे कुमार सानू, कैलाश खेर, शान, शंकर महादेवन, सोनू निगम, सुखविंदर सिंह, उदित नारायण, आदेश श्रीवास्तव, अभिजीत, बाबुल सुप्रियो और हंसराज हंस जैसे सिंगर्स के साथ गाया है।

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कटरीना कैफ

कटरीना का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में 2013 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री के रूप में  नाम दर्ज हुआ था। कटरीना ने 2013 में 63.75 करोड़ रूपए की कमाई थी।

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अभिषेक बच्चन

अभिषेक बच्चन ने फ़िल्म दिल्ली 6 के प्रमोशन के दौरान अपने प्राइवेट जेट से 12 घंटे में 1800 किलोमीटर तक ट्रेवल किया, जिसके चलते उनका नाम गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हुआ।

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कुमार सानू

बॉलीवुड में 90 के दशक में बेहद प्रसिद्ध रहे गायक कुमार सानू ने 1 दिन में 28 गाने गाए थे। इस वजह से उनका नाम भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हुआ। कुमार ने 1993 में ऐसा किया था। उन्होंने बॉलीवुड को कई हिट गाने दिए हैं।

शाहरुख खान

साल 2013 में शाहरुख बी-टाउन के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले एक्टर बन गए थे, जिसके बाद उनका नाम गिनीज बुक में दर्ज हुआ। उस साल उन्होंने करीब 220 करोड़ रुपए कमाए थे।

आशा भोंसले

सात दशकों से बॉलीवुड में सक्रिय आशा भोंसले के नाम सबसे ज्यादा गाना गाने का रिकॉर्ड है। आशा ने 11 हजार से ज़्यादा सोलो, डुएट और कोरस गाने गाए हैं। यह गाने 20 भाषाओं के हैं।

इसी वजह से उनका नाम गिनीज बुक में दर्ज है। आशा के गाए गानों में ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’ ‘दम मारो दम’ यादगार गाने हैं।

सोनाक्षी सिन्हा

सोनाक्षी सिन्हा 2016 में नेल पेंटिंग कॉम्पीटिशन में शामिल हुई थीं। इसमें एक साथ 1328 महिलाओं ने हिस्सा लिया था। इंटरनेशनल वीमेन्स डे पर यह एक रिकॉर्ड बना, जिसमें सोनाक्षी भी शामिल हुईं। उनका नाम 1328 गर्ल के बीच नेल पॉलिश सबसे पहले और सबसे ज्यादा बार लगाने के चलते दर्ज हुआ था।

समीर अंजाना

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा गाने लिखने का रिकॉर्ड समीर अंजाना के पास है। जिन्होंने 3500 से भी ज़्यादा गाने अलग अलग भाषाओं मे लिखे हैं।

ललिता पवार

बॉलीवुड में महिला अभिनेत्रियों मे ललिता पवार ने 70 वर्षो तक काम किया। उन्होंने 700 से भी ज़्यादा फ़िल्में की है। सबसे लंबे समय तक बॉलीवुड मे काम कर ललिता पवार का नाम गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।

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अशोक कुमार

बॉलीवुड में लीड एक्टर के तौर पर सबसे लंबे समय तक काम करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अशोक कुमार के नाम दर्ज है। अशोक कुमार सिल्वर स्क्रीन के पहले सुपरस्टार थे।

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कपूर फैमिली

पृथ्वीराज कपूर, राज कपूर से लेकर रणबीर कपूर तक कपूर फैमिली से अब तक 25 कलाकार बॉलीवुड का हिस्सा बन चुके हैं जो कि वाकई में एक बड़ी उपलब्धि है और पहली बार ऐसा हुआ है।

इसी के कारण इस फैमिली का नाम गिनिज बुक में शामिल है जो कि इससे पहले कभी नहीं देखने को मिला। साल 1929 से चल रहा ये सिलसिला आज भी जारी है।

कहो ना… प्यार है फिल्म के लिए सर्वाधिक पुरस्कार

साल 2000 में रिलीज हुई इस फिल्म में मशहूर एक्टर ऋतिक रोशन और अमीषा पटेल ने अपना डेब्यू किया था। जिसे राकेश रोशन ने डायरेक्ट किया था।

अपनी पहली ही फिल्म से इन सितारों ने गिनिज बुक में नाम दर्ज हो गया था। बता दें कि उस समय इस रोमांटिक फिल्म ने कुल 92 पुरस्कार जीते थे और उन्हें 2002 के संस्करण में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया।

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डर या फोबिया जानिए क्या है इन दोनों में अंतर?

प्रत्येक व्यक्ति को किसी न किसी चीज से डर लगता है। बल्कि दूसरे शब्दों में कहें तो, डर हम सभी के अंदर पाया जाता है। ये किसी में कम और किसी में ज्यादा हो सकता है, लेकिन जब डर जरुरत से ज्यादा बढ़ जाए तो एक गंभीर मानसिक विकार का रूप ले लेता है, इसी को फोबिया कहते हैं।

वैसे, ये जानना भी महत्वपूर्ण है कि हर डर, फोबिया नहीं होता है जैसे अगर कोई इंसान अंधेरे से इसलिए डरता है कि न दिखने के कारण ​कहीं ठोकर न लग जाए। तो ये डर है। कई लोग डर और फोबिया को एक ही मानते हैं, लेकिन दोनों में काफी फर्क है।

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आज इस पोस्ट के माध्यम से हम जानेंगे डर और फोबिया के बीच क्या अंतर है, तो चलिए जानते हैं :-

क्या होता है फोबिया में

फोबियाग्रीक शब्द Phobos से निकला है। जो व्यक्ति किसी तरह के फोबिया से ग्रस्त होता है, उसे धड़कन तेज होने, सांस लेने में तकलीफ, पसीना अधिक आने की समस्या होती है। उसे फोबिक स्थिति से तुरंत बाहर आने की जरूरत होती है और कभी-कभी ऐसे व्यक्ति को मरने का भी डर लगने लगता है।

फोबिया और डर के बीच में अंतर

फोबिया और डर, दोनों में काफी अंतर है। डर एक भावनात्‍मक रेस्पांस है, जो आमतौर पर किसी से धमकी मिलने या डांट पड़ने पर होता है। ये बेहद सामान्‍य बात है और कोई बीमारी नहीं है। लेकिन फोबिया, डर का खतरनाक और अलग ही लेवल है। फोबिया में डर इतना ज्यादा होता है कि इंसान इसे खत्म करने के लिए अपनी जान पर भी खेल सकता है।

ऐसे में क्या करें

यदि आपको लगता है कि आपको फोबिया है, तो इसके इलाज के लिए विभिन्न प्रकार की औषधियाँ उपलब्ध है जो काफी प्रभावी है। तथापि इसके लिए मनोवैज्ञानिक चिकित्सा पद्धतियाँ भी काफी आवश्यक एवं लाभदायक पाई गई है। यहाँ ध्यान देने की बात है कि इसका इलाज स्वयं दवाई लेकर नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे समस्या बढ़ सकती है।