जानिए सिंदूर के 10 चमत्कारी टोटके !!

सिंदूर को हिंदू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि विवाहित स्त्रियों द्वारा सिंदूर को मांग में भरने से उनके पति की आयु लंबी होती है। साथ ही घर में सुख शांति बनी रहती है। पूजा को सिंदूर के बिना अधूरा माना जाता है। सिंदूर का इस्तेमाल सदियों से टोटकों में भी किया जाता रहा है। आइए आज इस पोस्ट के माध्यम से सिंदूर के कुछ ऐसे टोटकों के बारे में जानते हैं जिनसे आप कई तरह के लाभ प्राप्त कर सकते हैं, तो चलिए जानते हैं

10 miraculous tricks of vermilion

चमत्कारी टोटके

  • अगर आपके घर में पैसों की तंगी रहती है तो इसके लिए नारियल पर सिंदूर लगाकर उसे लाल रंग के कपड़े में बांधकर उसकी पूजा करें। आप इस नारियल को अपनी दुकान के गल्ले में रखें और मां लक्ष्मी से धन प्राप्ति की प्रार्थना करें। धीरे धीरे आपकी आर्थिक दिक्कत दूर हो जाएंगी।
  • सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर पांच मंगलवार और शनिवार तक हनुमान जी को चढ़ाएं इससे आपकी सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। सिंदूर अर्पित करने के बाद गुड़ और चने का प्रसाद भी जरूर बांटे।
  • अगर आप समाज में सम्मान पाना चाहते हैं तो एक पान के पत्ते पर फिटकरी और सिंदूर बांधकर बुधवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे किसी पत्थर के नीचे दबा कर रख आएं। लौटते वक्त गलती से भी पीछे पलटकर न देखें। आपको ऐसा लगातार तीन बुधवार तक करना होगा।
  • शादीशुदा रिश्ते में प्यार बढ़ाने के लिए रात को सोते समय पत्नी अपनी पति के तकिये के नीचे सिंदूर की एक पुड़िया और पति अपनी पत्नीं के तकिये के नीचे कपूर की दो टिकियां रख दें। सुबह होते ही सिंदूर की पुड़िया घर से बाहर फेंक दें और कपूर को निकालर कमरे में जला दें।
  • अगर आपको रक्त से संबंधी कोई रोग है या कोई बीमारी आपका पीछा नहीं छोड़ रही है तो इसके लिए आप सिंदूर को व्यक्ति के ऊपर से उतारकर बहते हुए जल में प्रवाहित करें इससे बीमारी में तेजी से लाभ मिलता है। यह उपाय पांच बार करें।
  • यदि आप लंबे समय से नौकरी की तलाश में हैं और आपको सफलता नहीं मिल रही है तो किसी भी शुक्ल पक्ष के गुरुवार को पीले वस्त्र पर अपनी अनामिका अंगुली से केसर मिले हुए सिंदूर से 63 नंबर लिखें फिर उसे ले जाकर माता लक्ष्मी के मंदिर में मां के चरणों में अर्पित करें। ऐसा लगातार तीन गुरुवार तक करने से आपको सफलता ज़रूर मिलेगी।
  • घर के मुख्य द्वार पर तेल में सिंदूर मिलाकर लगाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता है। इसे 40 दिन तक लगातार करें, लाभ मिलने लगेगा।
  • घर के मुख्य दरवाजे पर सिंदूर लगाने से आपके परिवार पर देवी लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। घर के प्रवेश द्वार पर सिंदूर चढ़ी हुई गणेश प्रतिमा स्थापित करने से सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
  • यदि आप चालक हैं और आपको सड़क पर दुर्घटना का डर सताता रहता है तो मंगलवार के दिन हनुमानजी के मंदिर में सिंदूर दान करें। ऐसा करने से आपका दुर्घटना का भय खत्म हो जाता है।
  • यदि आपकी जन्म कुण्डली में सूर्य और मंगल ग्रह का दोष है और उनकी महादशा या अंतर्दशा चल रही है, तो इसके लिए सिंदूर को बहते जल में प्रवाहित कर दें। ऐसा करने से संबंधित ग्रह का प्रभाव कम हो जाएगा और सूर्य व मंगल शुभ फल देने लगेंगे।

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OMG :- इस आइलैंड पर मसालों की जगह खाई जाती है मिट्टी

प्रत्येक देश का अपना अलग रहन सहन होता है। अगर बात खाने पीने के मामले की जाए तो, दुनिया के अलग-अलग देशों में भिन्न भिन्न प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं और व्यंजनों को बनाने के लिए मसालों का इस्तेमाल तो जरूर किया जाता है क्योंकि मसालों के बिना खाने में किसी भी प्रकार का स्वाद नहीं आता।

लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया का एक देश ऐसा भी है जहां पर लोग मिट्टी को मसाले की तरह इस्तेमाल करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ये मिट्टी न केवल बेहद स्‍वादिष्‍ट है, बल्कि सेहत के लिए भी अच्छी होती है इसलिए वहां के लोग इस मिट्टी को खाने में मसाले की तरह इस्तेमाल हैं।

कहाँ पर है ये जगह

दरअसल यह ईरान का होरमूज आइलैंड (Hormuz Island) है। यह आइलैंड अपने खूबसूरत पहाड़ों की वजह से दुनिया भर प्रसिद्ध है।

इन पहाड़ों की मिट्टी इतनी रंग-बिरंगी है कि इस आइलैंड को रैनबो आइलैंड भी कहा जाता है। लेकिन यह बात कम ही लोग जानते हैं कि इन पहाड़ों की मिट्टी को मसाले की तरह खाया जाता है।

यह मिट्टी बहुत स्‍वादिष्‍ट होती है जिस कारण लोग इसे मसालों की तरह इस्तेमाल करते हैं।

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क्या है मिट्टी की खासियत

यह खूबसूरत आईलैंड फारस की खाड़ी में स्थित है और यहां की मिट्टी में भरपूर खनिज हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां की मिट्टी में बहुत ज्यादा आयरन और लगभग 70 तरह के खनिज पाया जाता है।

यहाँ के पहाड़ों पर नमक के टीले भी मौजूद हैं। इन पहाड़ों पर शेल, मिट्टी और आयरन की परते हैं जिसकी वजह से पहाड़ रंग बिरंगे नज़र आते हैं।

कल लगने वाला है साल का आखिरी सूर्य ग्रहण

साल का आखिरी सूर्य ग्रहण कल यानि 04 दिसंबर 2021 को लगने जा रहा है। इससे 15 दिन पहले चंद्र ग्रहण लगा था। चलिए इस पोस्ट के माध्यम से जानते है इस साल के आखिरी सूर्य ग्रहण के बारे में :-

क्या होता है सूर्य ग्रहण

जब चन्द्रमा, पृथ्वी और सूर्य के मध्य से होकर गुजरता है और पृथ्वी से देखने पर सूर्य पूर्ण या आंशिक रूप से ढक जाता है, तब सूर्य ग्रहण लगता है। जबकि हिंदू धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार, इस समय राहु और केतु की बुरी छाया धरती पर पड़ती है, जिससे ग्रहण लगता है।

कब शुरू होगा ग्रहण

इस सूर्य ग्रहण की शुरुआत 4 दिसंबर की सुबह 10 बजकर 49 मिनट से होगी और इसकी समाप्ति दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर होगी। सूर्य ग्रहण की कुल अवधि लगभग चार घंटे की होगी।

कहां दिखाई देगा सूर्य ग्रहण

यह सूर्य ग्रहण अन्टार्कटिका और दक्षिण महासागर, अफ्रीका के कई देश नामिबिया, दक्षिण अफ्रीका समेत दक्षिण अमेरिका और ऑस्ट्रेलियाई में भी दिखाई देगा। भारत में यह ग्रहण नहीं दिखाई देगा। भारत समेत एशिया में सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा।

सूतक काल

शास्त्रों के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान सूतक काल का विशेष महत्व बताया गया है, लेकिन इस बार सूर्य ग्रहण के दौरान सूतक के नियमों का पालन नहीं किया जाएगा।

साल का आखिरी सूर्य ग्रहण उपछाया है, जब पूर्ण सूर्य ग्रहण की स्थिति बनती है तभी सूतक के नियमों का पालन किया जाता है। बता दें सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है।

इस दौरान कई कार्यों को करने की मनाही होती है। सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है।

इन 20 अजीब फैशन स्टाइल्स को देखकर आपका सिर चकरा जाएगा!!

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समय के साथ फैशन में बदलाव होते रहे हैं। फैशन में रहने का कीड़ा हर किसी को होता हैं। बस फर्क सिर्फ इतना हैं कि सबका ड्रेसिंग सेन्स अलग – अलग होता हैं।

किसी को फॉर्मल्स पसंद होता है, किसी को वेस्टर्न, तो किसी को इन सब से हट के कुछ अलग। फैशन के साथ एक्सपेरिमेंट करना तो समझ आता है, लेकिन बहुत सारे लोगों को शायद ये नहीं मालूम होता कि कहां तक ये एक्सपेरिमेंट किए जाएं।

आज कल फैशन के नाम पर लोगों को ना जाने क्या क्या परोसा जा रहा है। ऐसे ही कुछ अजीब फैशन स्टाइल को देखकर आश्चर्य भी होता हैं और हंसी भी आती है।

आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे फैशन स्टाइल से रूबरू कराएंगे जिन्हें देख आपका दिमाग भी चकरा जाएगा। तो चलिए देखते हैं :-

1) लगता है डिजाइनर हेजहोग (जंगली चुहिया) से प्रेरित है

2) यह पोशाक कुछ ज़्यादा ही डरावना है।

3) रेड स्पाइडर लुक

4) पियानो पोशाक!

5) ये कुछ ज़्यादा ही अजीब है!

6) फैशन की कोई सीमा नहीं होती।

7) हैवी ड्रेस, है ना?

8) लगता है डिजाइनर ने एक शर्ट डिजाइन करने का फैसला किया होगा, लेकिन बाद में अपना विचार बदल दिया होगा।

9) यह पोशाक एक टावर की तरह लगती है!

10) समुद्री जानवर

11) कूल लुक

12) ऐसा लगता है कि जब डिजाइनर इस डिजाइन को बना रहा था तो फलों के बारे सोच रहा था!

13) पत्थर की औरत

14) बोरे से बनी पोशाक

15) तारों का जाल!

16) यह देखकर तो मेरे मुंह में पानी आने लगा।

17) डेनिम का नया फैशन ट्रेंड

18) लगता है इस पोशाक को बनाने में कई कारीगरों के हाथ लगे हैंl

19) हड्डियां शरीर के अंदर क्यों छुपी होती है, इन्हें भी दिखने का मौका मिलना चाहिए।

20) कलाकार बरसात के मौसम के बारे में सोच रहा होगा और इसलिए पोशाक रेनकोट के समान है।

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इस अनोखे मंदिर में भक्तों को प्रसाद में मिलता है सोना चांदी!!

भारत अद्भूत और प्राचीन मंदिरों के लिए पूरी दुनिया भर में प्रसिद्ध है। भारत में बहुत से खूबसूरत मंदिर मौजूद हैं इनमें से कई बेहद पुराने और कई बेहद अनोखे मंदिर हैं।

ऐसा ही एक अनोखा मंदिर मध्य प्रदेश में स्थित है। जहां प्रसाद के रूप में लड्डू या मिठाई की बजाए सोना – चांदी मिलता है।

देखा जाए तो ये विश्व का पहला ऐसा मंदिर है जहां सोना-चांदी प्रसाद के रूप में मिलता हैं। यह मंदिर दिखने में बेहद खूबसूरत है जो सोने-चांदी से सजा हुआ रहता है।

तो चलिए जानते हैं इस अनोखे मंदिर के बारे में:-

केवल कुछ दिनों के लिए खुलते हैं मंदिर के कपाट

दरअसल हम ज‍िस मंद‍िर की बात कर रहे हैं वह मध्य प्रदेश के रतलाम के माणक में स्थित है। इस मंद‍िर का नाम महालक्ष्‍मी मंद‍िर है। इसके कपाट केवल धनतेरस के ही द‍िन खुलते हैं।

इस मंदिर में श्रद्धालु केवल महालक्ष्मी ही नहीं बल्कि कुबेर महाराज जी की पूजा करने के ल‍िए भी आते हैं। धनतेरस के दिन ब्रह्म मुहूर्त में खुलने वाले इस मंद‍िर के कपाट भाई-दूज के द‍िन बंद कर दिए जाते हैं।

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सालों से चली आ रही परम्परा

इस मंदिर के इतिहास के बारे में कहा जाता है कि पुराने ज़माने में राजा-महाराजा, राज्य की सुख-समृद्धि के लिए धन और सोना चांदी चढ़ाया करते थे और तभी से यह परंपरा चली आ रही है।

आज भी भक्त माता के चरणों में गहने, पैसे और अन्य कीमती चीज़े चढ़ाते हैं ताकि उनके घर की सुख-समृद्धि बनी रहे।

मां लक्ष्‍मी के इस मंद‍िर में सोने-चांदी और नोटों की गड्डियां चढ़ाने की यह परंपरा सद‍ियों से चली आ रही है। यहां आने वाले श्रद्धालु, माता के चरणों में जो भी आभूषण और नकदी अर्पित करते हैं।

बाद में उसे भक्‍तों को प्रसाद के रूप में व‍ितर‍ित कर द‍िया जाता है। इसके अलावा श्रद्धालुओं को श्रीयंत्र, सिक्के, कौड़‍ियां और अक्षत कुमकुम लगी कुबेर पोटली भी प्रसाद के रूप में दी जाती है।

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साबुन का झाग हमेशा सफेद ही क्यों होता है?

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साबुन का इस्तेमाल तो हर कोई करता हैं और अक्सर आपने देखा होगा कि साबुन चाहे किसी भी कलर का हो, लेकिन साबुन का झाग हमेशा सफेद ही होता है, ऐसा क्यों? तो चलिए जानते हैं इस पोस्ट के माध्यम से:-

क्यों होता है झाग का रंग सफ़ेद

दरअसल किसी भी चीज का अपना कोई रंग नहीं होता। उस पर जब प्रकाश की किरणें पड़ती हैं तो वह बाकी रंगों को सोखकर जिस रंग को परावर्तित (Reflect) करती हैं, वही उसका रंग होता है।

झाग कोई ठोस पदार्थ नहीं है। यह पानी, हवा और साबुन से मिलकर बनी एक पतली लेयर होती है।

यह परत (लेयर) जब गोल आकार ले लेती है तो हम इसे बुलबुला कहते हैं। साबुन का झाग बहुत सारे छोटे बुलबुलों का समूह होता है।

झाग बनाने वाले छोटे-छोटे बुलबुले भी इसी तरह की सतरंगी पारदर्शी परतों से बने होते हैं, लेकिन ये इतने बारीक होते हैं कि हम इन सतरंगी परतों को नहीं देख पाते।

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साबुन के एक बुलबुले पर प्रकाश किरणें पड़ते ही अलग-अलग दिशा में परावर्तित (Reflect) होने लगती हैं यानी उसके अंदर प्रकाश किरणें किसी एक दिशा में जाने के बजाय अलग-अलग दिशा में बिखर जाती हैं।

यही कारण है कि साबुन का एक बड़ा बुलबुला हमें पारदर्शी सतरंगी परत जैसा दिखाई देता है।

वहीं, दूसरा कारण यह है कि इन बुलबुलों में प्रकाश किरणें इतनी तेजी से घूमती हैं कि ये एक ही समय पर लगभग सभी रंगों को परावर्तित कर देती हैं यानी यदि कोई वस्तु एक साथ सभी रंगों को परिवर्तित कर दे तो उसका रंग सफेद दिखाई देता है। इसी वजह से साबुन के झाग का रंग सफेद दिखता है।

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जाने सैंकड़ों टन वज़न उठाकर भी हवाई जहाज के टायर क्यों नहीं फटते?

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मोटरसाइकिलों, कारों तथा सड़क पर दौड़ने वाले अन्य वाहनों के टायर फटने के बारे में तो आपने देखा या सुना ही होगा। कई बार टायर फटने से हादसे भी हो जाते हैं मगर क्या कभी आपने सोचा है कि सैंकड़ों टन वजन होने के बावजूद भी हवाई जहाज के टायर क्यों नहीं फटते?

हवाई जहाज जब आसमान की ऊंचाइयों से एयरपोर्ट की हवाई पट्टी पर लैंड करता है तो उसके पहिए पर ही पूरा दारोमदार होता है।

भारी-भरकम हवाई जहाज करीब 250 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाई पट्टी को छूता है लेकिन उसके टायर क्यों नहीं फटते, क्या है इसके पीछे कारण? चलिए जानते हैं इस पोस्ट के माध्यम से:-

हवाई जहाज जब जमीन पर उतरता है, यानी लैंडिंग के दौरान उसकी स्पीड 250 से 300 किलोमीटर प्रति घंटा होती है मगर उसका टायर इसलिए नहीं फटता क्योंकि ये अन्य वाहनों के टायरों से बहुत ही अलग तरीके से बनाए जाते हैं।

किस तरह बनते हैं टायर

हवाई जहाज के टायर में रबड़ के साथ एल्युमीनियम और स्टील को भी मिलाया जाता है। इन सभी को मिला कर हवाई जहाज के विशेष टायर तैयार होते हैं।

खास रबड़ का उपयोग

हवाई जहाज के टायरों को लैंड करते समय हवाई जहाज के वजन और हवाई पट्टी से टकराने तथा घिसने से पैदा होने वाले दबाव का भी सामना करना पड़ता है।

यही कारण है कि इन्हें तैयार करते समय कारों, ट्रकों और अन्य सड़क वाहनों के टायरों वाली रबड़ का उपयोग नहीं किया जाता।

वे दिखने में उनके जैसे हो सकते हैं परंतु हवाई जहाज के टायर एक विशेष प्रकार की रबड़ से बने होते हैं। इसे कंडक्टिव रबड़‘ के रूप में जाना जाता है।

यह एक लचीली रबड़ आधारित सामग्री होती है जिसे विशेष रूप से बिजली के संचालन के लिए डिजाइन किया जाता है।
सरल भाषा में कहें तो इसे इस तरह की सामग्री से तैयार किया जाता है कि जिसमें से बिजली गुजर सके।

हवाई जहाज बिजली को बेअसर करने वाली ‘कंडक्टिव रबड़’ से बने टायरों का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि जब हवाई जहाज के टायर तेजी से हवाई पट्टी से टकराते हैं तो उनमें घिसाव की वजह से बिजली भी पैदा होती है।

यदि ‘कंडक्टिव रबड़’ का इस्तेमाल न किया जाए तो उड़ान भरते और लैंड करते समय हवाई जहाज के टायर काफी मात्रा में बिजली पैदा कर सकते हैं जो इसके इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी नुक्सान पहुंचा सकती है।

इस विशेष रबड़ की वजह से टायरों के हवाई पट्टी से टकराने पर पैदा होने वाली बिजली उसमें से गुजर कर वापस जमीन में समा जाती है।

भरी जाती है नाइट्रोजन गैस

इसके टायरों में, कार के टायर की बजाय 6 गुना अधिक प्रैशर से हवा भरी जाती है इसलिए ये अधिक वजन के भार को सहन कर पाते हैं।

इनमें हवा या आम गैस की बजाय नाइट्रोजन गैस भरी जाती है क्योंकि नाइट्रोजन अन्य गैसों की तुलना में सूखी और हल्की भी होती है। इस गैस पर तापमान का असर कुछ खास नहीं पड़ता।

क्या है टायरों के न फटने का वैज्ञानिक कारण

टायरों में यह गैस भरी जाती है तो उनके फटने का खतरा इसलिए बहुत कम हो जाता है क्योंकि उनमें हवाई पट्टी के साथ घर्षण होने के कारण आग लगने की सम्भावना नहीं रहती।

टायर में गैस ऑक्सीजन से कभी क्रिया नहीं करती इसलिए तेज रफ्तार के साथ उतरते हवाई जहाज के टायरों के जमीन से टकराने तथा घिसने के बावजूद वे गर्म होकर नहीं फटते।

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एक टायर का इस्तेमाल कितनी बार होता है

बताया जाता है कि हवाई जहाज का हर टायर 38 टन भार को सहन कर सकता है। एक टायर से 500 बार टेकऑफ और लैंडिंग की जाती है।

इसके बाद 500 और बार इस्तेमाल करने के लिए इन टायरों पर ‘ग्रिप‘ चढ़ाई जाती है। इस तरह एक टायर पर कुल 7 बार ‘ग्निप’ चढ़ाई जाती है।

यानी एक टायर से लगभग 3500 बार टेकऑफ और लैंडिंग होती है। इसके बाद ये किसी काम के नहीं रहते।

कितने टायर होते हैं हवाई जहाजों में

टायरों की संख्या हवाई जहाज के आकार-प्रकार पर निर्भर करती है। छोटे हवाई जहाजों में कम तो बड़े विमानों में अधिक टायर होते हैं।

कुछ हवाई जहाजों में 4 या 6 टायर होते हैं, जबकि अन्य में 10 तक टायर होते हैं। कुछ विशाल यात्री विमानों में इनकी संख्या काफी अधिक होती है।

उदाहरण के लिए ‘एयरबस ए 380‘ जैसे विशाल विमान में 22 टायर तो अन्य यात्री विमान ‘बोइंग 777‘ में 14 टायर होते हैं। वहीं विशाल काय मालवाहक हवाई जहाज ‘एंटोनोव एएन-225‘ में 32 टायर लगाए जाते हैं।

पंजाब केसरी से साभार

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वायरल वीडियो :- शख्स ने दाढ़ी से उठाई 63 किग्रा की महिला

आए दिन सोशल मीडिया पर कई वीडिओज़ वायरल होते रहते हैं। ऐसा ही एक वीडियो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो शेयर किया है।

जिसमें एक शख्स ने अपनी दाढ़ी से 63 किलो की महिला को उठाकर रिकॉर्ड कायम किया है। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है।

इस शख्स का नाम एंटानास कोंट्रीमास (Antanas Kontrimas) है। उसने अपनी दाढ़ी से 63.80 किलोग्राम तक की महिला को उठाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल किया।

ये वीडिया सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

एक यूजर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, ‘यह सचमुच प्रभावशाली है‘।

एक और यूजर ने लिखा, ‘आप उनकी आंखों में दर्द देख सकते हैं’ l

वायरल हो रहे वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक महिला हार्नेस की मदद से शख्स की दाढ़ी से बंधी हुई है, शुरुआत में यह काम देखने में बेहद मुश्किल लगता है लेकिन एंटानस आसानी से इसमें कामयाबी हासिल कर लेते हैं।

हालांकि ऐसा करते वक्त उन्हें काफी दर्द भी झेलना पड़ता है जो कि उनके चेहरे पर बिलकुल साफ नज़र आता है, लेकिन ये सारा दर्द तब ख़त्म हो गया, जब एंटानस कोंट्रीमास (Antanas Kontrimas) का नाम विश्व रिकॉर्ड दर्ज हो गया।

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फुटवियर के ऐसे अजीबो गरीब डिज़ाइन देखकर आपका सिर चकरा जाएगा !!

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जब भी हम सब घर से बाहर निकलते है तो पैरो में चप्पल या जूते पहनना कभी नहीं भूलते है। फुटवियर रास्ते में आने वाली तकलीफों से हमारे पैरो की सुरक्षा करते है।

हम में से ज्यादातर लोग आरामदायक और पैरो में फिट होने वाले जूतों का प्रयोग करते है जो हमारी पर्सनालिटी को बढ़ाये और दिखने में भी अच्छे लगे।

आजकल की फैशनेबल दुनिया में फुटवियर के डिजाईन रोज बदलते रहते हैं । खासतौर से लड़कियां ऐसे फुटवियर पसंद करती हैं जो ट्रेंड में हों।

लेकिन कई बार डिज़ाइनर ऐसे डिज़ाइन तैयार कर देते हैं जो किसी भी नार्मल इंसान के समझ से बाहर हो सकता है |

आज हम आपसे कुछ ऐसे ही फुटवियर देखने जा रहे हैं जिन्हें देखकर शायद सिर चकरा जाए और आपके मुँह से एक ही बात निकलेगी की “यार इसे पहनकर चलते कैसे होंगे ”

तो चलिए देखते है कुछ अजीबो गरीब फुटवियर डिज़ाइन :-

1 कोबरा सिक्योरिटी

2 ह्यूमन फ़ीट शूज

3 मॉन्स्टर शूज

4 3डी प्रिंटेड शूज

5 सैंडकैसल टावर इरेक्शन हाई हील्स

6 लॉन्ग शूज / 2 इन 1 शूज

7 एलियंस हील

8 सेव बेबी शूज

9 रैट शूज

 

10 फुल स्टाइल लेकिन नो यूज़

11 डबल फेसड बूट्स

12 फ्लिपर हील्स

14 हाई हील बट नो हील्स

15 रिवाल्वर हील

16 फुट इन माउथ / इनक्रेडिबल शू फेस

17 हर जगह मैगॉट्स !

18 स्नेकस्किन शूज

19 इट्स स्विमिंग टाइम

20 स्पाइरल शू डिज़ाइन

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स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है टहलना!!

टहलना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। टहलने से भोजन अच्छे से पचता है तथा हमारा शरीर भी स्वस्थ रहता है। आज के समय में ज्यादातर लोग टहलने के स्थान पर जिम इत्यादि को अधिक महत्व देते हैं।

आज की इस पोस्ट में हम आपको टहलने से होने वाले फायदों के बारे में बताने जा रहें हैं तो चलिए जानते हैं :-

  • टहलना न केवल शरीर बल्कि मानसिक स्वास्थ के लिए भी अच्छा होता है। अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं तो सुबह की ताजी हवा में टहलना आपके लिए फायदेमंद है। कई रिसर्च में भी यह बात साफ हो चुकी है कि टहलने से डायबिटीज और स्‍तन कैंसर जैसी कई भयानक रोगों से भी छुटकारा पाया जा सकता है।
  • टहलने से सारे शरीर तंत्र की कार्य प्रणाली ठीक समय पर अपना कार्य करती है। शरीर में लाल रक्त कणों का निर्माण होता है जिससे शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है।
  • टहलने से शरीर के सभी अंग अच्छे से काम करने लगते हैं। रोज टहलने से शरीर को भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन मिलता है। ऑक्सीजन का फ्लो अच्छा होने से फेफेड़े स्वस्थ्य होते हैं।
  • सुबह घूमने से हमारे शरीर को विटामिन डी मिलता है। विटामिन डी हमारी त्वचा के रास्ते शरीर में जाकर कैल्शियम को अनलॉक करता है। इससे हमारी हड्डियां मजबूत होती है।
  • टहलना कई मायनों में एक सुरक्षित व्‍यायाम माना जाता है। फिटनेस विशेषज्ञ भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि घुटनों और जोड़ों के लिए टहलना बहुत फायदेमंद है।
  • टहलना महज शारीरिक व्यायाम ही नहीं है बल्कि यह मन में प्रसन्नता का संचार करने का काम भी करता है। यदि आप क्रोध में हैं तो थोड़ा टहलिए। थोड़ी देर में ही आप महसूस करने लगेंगे कि आपका क्रोध कम हुआ है।
  • टहलने से वजन घटाने में भी मदद मिलती है। इससे मधुमेह और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित किया जा सकता है। टहलना पीठ-दर्द के शिकार लोगों के लिए भी बेहद अच्छा है।
  • विभिन्न वैज्ञानिक शोधों ने प्रमाणित किया है कि गर्भवती महिलाओं के लिए टहलना एक सर्वश्रेष्ठ व्यायाम है। जो गर्भवती महिलाएं नियमित रूप से टहलती हैं, उन्हें प्रसव के समय अधिक कष्ट नहीं होता और नवजात शिशु भी स्वस्थ व निरोग रहता है।
  • रोजाना तेज गति से टहलना आपकी मांसपेशियों को ताकत देता है। इससे टांगों की मांसपेशियों को विशेष रूप से लाभ होता है। इतना ही नहीं, नियमित रूप से टहलना आपकी कार्यक्षमता यानी स्‍टेमिना में भी इजाफा करता है।
  • टहलने से गहरी नींद आने में मदद मिलती है।

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