जानिए दुनिया की 5 सबसे लंबी महिलाओं के बारे में!!

दुनिया में कई ऐसे लोग होते हैं, जो सबसे अलग और ज़रा हटके होते हैं। कुछ लोग अपने अजीबो गरीब कारनामों की वजह से जाने जाते हैं तो कुछ हाइट की वजह से और यही बात उन्हें दूसरों से अलग करती है। आज हम आपको हमारी इस पोस्ट में दुनिया की 5 सबसे लंबी महिलाओं के बारे में बताने जा रहें हैं, तो चलिए जानते हैं :-

रुमेयसा गेलगी (Rumeysa Gelgi)

हाल ही में तुर्की की एक महिला ने गिनिज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज़ करवाया है। तुर्की की रुमेयसा गेलगी ने दुनिया की सबसे लंबी महिला होने का रिकॉर्ड बनाया है। उनका नाम सबसे लंबी जीवित महिला के तौर पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है।

रुमेयसा 24 साल की हैं और उनकी लंबाई 7.01 फीट है। हालांकि रुमेयसा की लंबाई सामान्य नहीं है। वह एक बीमारी की वजह से इतनी लंबी हो गई है। रुमेयसा वेवर सिंड्रोम नाम की बीमारी से जूझ रही हैं। इस बीमारी में हाइट असामान्य रुप से बढ़ जाती है और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।

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याओ डेफेन (Yao Defen)

याओ डेफेन चीन की रहने वाली थीं। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने 2009 में इन्हें सबसे लंबी जीवित महिला का खिताब दिया था। याओ की लंबाई 7 फीट 8 इंच (234 सेमी) थी। इनकी भी लंबाई की वजह (पिट्यूटरी ग्लैंड) पीयूष ग्रंथि में ट्यूमर का होना था। ये जब 11 साल की थीं, तभी इनकी लंबाई 6 फीट 2 इंच हो गई।

इन्हें अच्छी मेडिकल हेल्प मिल सके इसके लिए ब्रिटिश टेलीविजन ने एक डॉक्यूमेंट्री बनाई ताकि इनके इलाज के लिए पैसे जमा हो सकें। उस डॉक्यूमेंट्री के बाद ग्रोथ हॉर्मोन पर काम करने वाले दो बेहतरीन डॉक्टर याओ की मदद के लिए आगे भी आए। हालांकि 40 साल की उम्र में ही याओ ने दुनिया को अलविदा कह दिया था।

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सैंडी एलन (Sandy Allen)

अमेरिका की सैंडी एलन भी गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल रहीं। इनकी लंबाई 7 फीट 7 इंच (231 सेमी) थीं। सैंडी की लंबाई के पीछे भी बीमारी ही थी। उनके भी पिट्यूटरी ग्लैंड (पीयूष ग्रंथि) में ट्यूमर था, जिसके कारण उनका ग्रोथ हार्मोन बेकाबू हो गया।

पेशे की बात करें तो सैंडी एक्टर थीं। उन्होंने कई फिल्म, टेलीविजन शो और डॉक्यूमेंट्री के लिए काम किया था। इसके अलावा सैंडी ने ‘कास्ट ए जाइंट शैडो‘ नाम से एक किताब भी लिखी है। 2008 में 53 साल की उम्र में इनकी मृत्यु हो गई।

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मार्गो डाइडेकी (Margo Dydek)

मार्गो डाइडेकी प्रोफेशनल पोलिश बास्केटबॉल प्लेयर थीं। इनकी लंबाई 7 फीट 2 इंच (2.18 सेमी) थीं। वो दुनिया की सबसे लंबी पेशेवर महिला बास्केटबॉल खिलाड़ी होने के लिए प्रसिद्ध थीं। मार्गो ने WNBA (Women’s National Basketball Association) में कई टीमों के लिए सेंटर पोजिशन का रोल निभाया था।

उन्हें पोलिश गोल्ड क्रास ऑफ मेरिट से सम्मानित किया गया। साल 2019 में उन्हें एफआईबीए (FIBA) हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया था। खेल की दुनिया में कई रिकॉर्ड इनके खाते में शामिल हैं।

मार्गो के परिवार में सबकी लंबाई औसतन 6 फीट से ज़्यादा थी। 37 साल की उम्र में मार्गो की कार्डियक अरेस्ट की वजह से मौत हो गई। जिस वक्त उनकी मौत हुई वो प्रेग्नेंट थीं।

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उल्जाना सेमजोनोवा (Uljana Semjonova)

लातवियाई बॉस्केटबॉल प्लेयर उल्जाना इस वक्त 69 साल की हैं। 70-80 के दशक में ये सोवियत यूनियन के लिए खेलती थीं। वह अपनी टीम की मुख्य खिलाड़ी हुआ करती थीं। साल 1993 में ये पहली गैर अमेरिकी महिला बनीं, जिन्हें बॉस्केटबॉल ऑफ फेम से सम्मानित किया गया।

इनकी लंबाई 7 फीट (2.14) है। इनके पैर इतने लंबे हैं कि इन्हें मर्दो के 21 नंबर के जूते पहनने पड़ते हैं। उल्जाना महिला बास्केटबॉल में अब तक की ऐसी खिलाड़ी रहीं हैं, जिनके सबसे बड़े पैर है।

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जीवन में सफल होने के लिए कुछ बेहतरीन टिप्स!

“सफलता उस स्थान से तय नहीं की जाती जिस पर कोई व्यक्ति अपने जीवन में पहुँचता है, बल्कि उन कठिनाइयों से नापी जाती है जिन्हें उसने सफल होने के दौरान पार किया होता है.”

– बुकर टी. वाशिंगटन

जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए हमेशा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। परिश्रमी और आत्मविश्वासी व्यक्तियों के जीवन में भी एक ऐसा मोड़ आता है जब उन्हें भी ऐसा लगता है कि आगे बढ़ने के सारे दरवाजे बंद हो चुके है और खुद को अहसाय महसूस करने लगते हैं।

ऐसा पल सभी की जिंदगी में आता है। लेकिन यह समय हार मानने का नहीं बल्कि खुद में आत्मविश्वास पैदा करने का है कि हम सफल होने के लिए ही बने हैं। आइए जानें जीवन को सफल बनाने के कुछ बेहतरीन टिप्स जिनसे आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगें।

उद्देश्य निर्धारित कीजिए

जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना बहुत ही आवश्यक है। जब अच्छी तरह से यह जान जाएंगे कि उदेश्य क्या है तो उस लक्ष्य को बिना डगमगाए प्राप्त कर सकते हैं।

एक बात का विशेष ध्यान रखें की उदेश्य छोटा भी नही होना चाहिए न ही बहुत बड़ा जिसे हासिल ही नही किया जा सके। इसलिए उदेश्य सोच समझ कर ही निर्धारित करना चाहिए।

उपलब्ध संसाधनो का सही प्रकार से प्रयोग करें

जिंदगी हर दिन सबको अनगिनत मौके देती हैं। बस यह याद रखना है कि उन्हें पहचानते और उनका सही उपयोग कैसे करना हैं। उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए आस-पास उपलब्ध संसाधनो का सही प्रयोग करना चाहिए। संसाधन कई प्रकार के हो सकते हैं। जैसे कि समय, परिश्रम, धन-सम्पत्ति, और अन्य प्राकृतिक सम्पदा आदि।

नए विचारों व् योजनाओं को अपनाने में घबराएँ नहीं

नए विचार ही आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करते हैं। नए विचार व् योजनायें सफलता की शुरुआत होती हैं। 16वीं व् 17वीं सदी में हम जिन्ह तकनीकों का उपयोग करते थे, अब उनका अस्तित्व ही नहीं है।

आज हम ऐसी प्रौद्योगिकी के उस दौर में जी रहे हैं, जहाँ चीजें दिन प्रतिदिन बहुत तेजी से बदल रही हैं इसलिए बदलाव के इस दौर में नई चीजें सीखने से परहेज़ नहीं करना चाहिए।

वक्त सारे घाव भर देता है

हर इंसान को जिंदगी में अच्छे व बुरे हालातों से गुजरना पड़ता हैं। हमारी जिंदगी में कितने भी बुरे दिन क्यों न रहे हों, वक्त सारे घाव भर देता है। घीरे-धीर हम इन हालातों से लड़ना सीख जाते हैं। धीरे धीरे हमें इन हालातों की आदत हो जाती है और सब कुछ पहले जैसा सामान्य हो जाता है।

धैर्य रखिये

जब भी असफलता का सामना करना पड़े, तो घबराना नही चाहिए, धैर्य बनाए रखना चाहिए। असफलताओं से घबराना नही चाहिए बल्कि धैर्य रख के आगे बढ़ने का प्रयत्न करना चाहिए। किसी विद्वान ने भी कहा है “असफलता, सफलता की चाबी है। यह सफलता की पहली सीढ़ी होती है.”

कर्मठ बनो

हम में से कुछ लोग ऐसे भी होते है जो उदेश्य तो बहुत बड़ा निधारित करते हैं। लेकिन उस उदेश्य के अनुरूप काम नहीं करते है जिससे उदेश्य को प्राप्त नही कर पाते है। सफलता प्राप्त करने के लिए उदेश्य को ध्यान में रखकर कड़ी मेहनत करनी चाहिए।

असफलताएँ और गलतियां आशीर्वाद /वरदान हैं

व्यक्ति जीवन में गलतियाँ कर-कर के ही सीखता है जिसका मतलब यह है की आप अपने जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रयासरत हैं। गलतियों ही इंसान को मजबूत बनाती है और सिखाती है कि किन-किन गलतियों को दोहराने से हमें बचना चाहिए।

“जाने दो यारों” ऐटिट्यूड अपनाएं, हमेशा आप प्रसन्न रहेंगे

जीवन में कभी-कभी कुछ चीजों को छोड़ देना या किसी को माफ़ कर देना चाहिए। ऐसा करने से शांति मिलती है और मन से बोझ हल्का हो जाता है। शांत मन से ही कुछ नया सोच सकते हैं और उदेश्य को प्राप्त कर सकते हैं।

हर अगला दिन आपके लिए नयी उम्मीदों का भण्डार लेकर आता है

सफलता पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। सफलता की रास्ते में बहुत से लोग पीछे खीचने की कोशिश करते रहते हैं। लेकिन हमेशा ही खुद पर नियंत्रण रखते हुए आगे बढना चाहिए। क्या पता कल का दिन नई उमीद लेकर आए और किस्मत के दरवाजे खुल जाएंगे।

सकारात्मक सोच रखें

अपनी मानसिक सोच को हमेशा सकारात्मक रखें। सकारात्मक मानसिक सोच हमेशा नकारात्मकता से दूर रखेगी। सकारात्मक सोच हमेशा ही जीत दिलाएगी। इसलिए हमेशा ही सकारात्मक सोचे और उदेश्य को प्राप्त करें।

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जंगली जानवरों की शीशे को देखकर हंसा देने वाली प्रतिकिर्या!

 

इस फिल्म में फ्रेंच फोटोग्राफर ने जंगल के बीचो-बीच शीशा रख दिया और फिर बाद में उसने अपने कैमरे से जंगली जानवरों की शीशे को देखकर की जाने वाली प्रतिकिर्या को शूट किया।

इस वीडियो में जंगली जानवरों ने शीशे को देखकर बहुत हंसा देने वाली प्रतिकिर्या व्यक्त की है।

भारत में सर्वश्रेष्ठ रोमांटिक स्थल।

भारत दुनिया का सबसे खूबसूरत देश और एक रोमांटिक स्थल है। सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता के साथ भारत का समृद्ध इतिहास, भारत को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन की दृष्टि से एक उपयुक्त और यादगार पर्यटन स्थल के रूप में प्रस्तुत करता है।

आईये नजर डालते हैं भारत के उन चुनिंदा पर्यटन स्थलों पर जिन्हें सैलानी विशेष तौर पर पसंद करते हैं।

शिमला, पहाड़ों की रानी

shimlaशिमला बर्फ से ढके पहाड़ों और हरी घास के मैदानों से भरा एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। शिमला का वातावरण बहुत ही शांतिपूर्ण है। शिमला आने वाले सैलानी यहाँ घूमने-फिरने के अलावा फिशिंग व गोल्फ के साथ-साथ ट्रैकिंग का मजा भी ले सकते हैं।

सैलानियों की शिमला यात्रा जाखू मंदिर तक पहुँचे बिना अधूरी मानी जाती है। यहाँ से पूरा शिमला और आस-पास के इलाके का आकर्षक दृश्य दिखाई देता है. जाखू में भगवान हनुमान जी का प्राचीन मंदिर भी है।

मनाली…. हनीमून स्थल

manaliमनाली की वादियां हनीमून कपल्स की सबसे पसंदीदा जगहों में से एक हैं. यहाँ ट्रैकिंग करने के लिए काफी अच्छी जगहें हैं। यहाँ पर आप अपने साथी के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं।

सर्दियों में मनाली का तापमान शून्य डिग्री से नीचे पहुंच जाता है और गर्मी के दिनों में हल्का ठंडा रहता है। सैलानी यहाँ हिमालय नेशनल पार्क, हिडिम्बा देवी मंदिर, सोलांग घाटी, रोहतांग पास, पंद्रकनी पास, रघुनाथ मंदिर और जगन्नकनाथी देवी मंदिर देख सकते हैं।

मुन्नार (केरल राज्य)

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मुन्नार हिल स्टेशन भीड़-भाड़ से दूर शांत वातावरण के लिए प्रशिद्ध है। यहाँ पर चमकदार चाय-बागान से ढके पर्वतों का अंतहीन अनुभव मिलता है। यह चाय-बागान भारत में सबसे ऊंचाई पर स्थित हैं। चाय-बागान की मीठी सुगंध हवा में रोमांस पैदा करती है।

यह तीन पर्वतों की श्रृंखला – मुथिरपुझा, नल्लथन्नी और कुंडल का मिलन स्थल है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई लगभग 1600 मीटर है। मुन्नार हिल स्टेशन किसी जमाने में दक्षिण भारत के पूर्व ब्रिटिश प्रशासन का ग्रीष्मकालीन रिजॉर्ट हुआ करता था।

ऊटी हिल स्टेशन, दक्षिण भारत

ootyऊटी दक्षिण भारत में हनीमून के लिए सर्वोतम स्थल है. कर्नाटक और तमिलनाडु की सीमा पर बसा यह शहर मुख्य रूप से सुखद जीवन-शैली के लिए जाना जाता है। नीले पर्वतों (नीलगिरि) की पर्वतमाला मे बसा हुआ ऊटी प्रति वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है।

सर्दियों के अलावा यहाँ साल भर मौसम सुहाना बना रहता है। ऊटी झील बहुत ही लोकप्रिय है। इस झील में बोटिंग की अच्छी व्यवस्था है. ऊटी में आप घुड़सवारी का आनंद भी उठा सकते हैं।

कूर्ग … भारत का स्कॉटलैंड

coorgपर्यटन की दृष्टि से भारत का पांचवां सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल है कूर्ग। कूर्ग को भारत का स्कॉटलैंड और कर्नाटक को कश्मीर कहा जाता है। यहाँ हरे भरे जगल, ऊँचे पहाड़ और हवाओं में फैली कॉफी की खुशबू का आनंद उठाया जा सकता है।

कुर्ग को कोडागु भी कहा जाता है जिसका मतलब है पहाड़ियों पर बसा हुआ धुंध का जंगल। यह लोकप्रिय हनीमून स्थल है। यहाँ काल्पनिक पहाड़ियाँ, सागौन और चंदन के जंगल, सुगन्धित कॉफी और चाय के बागान देख सकते हैं।

पांडिचेरी

pondicherryपांडिचेरी लगभग 300 वर्षों तक फ्रांसीसी अधिकार में रहा है और आज भी यहाँ फ्रांसीसी वास्तुशिल्प और संस्कृति देखने को मिलती है। पांडिचेरी पुराने समय में फ्रांस के साथ होने वाले व्यापार का मुख्य केंद्र था।

आज भी अनेक पर्यटक इसके सुंदर समुद्र तटों और तत्कालीन सभ्यता की झलक पाने के लिए यहाँ आते हैं। केवल पर्यटन की दृष्टि से ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से भी यह स्थान बहुत महत्वपूर्ण है।

इस कारण प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक यहाँ आते हैं। आप को यहाँ दो शानदार मानव निर्मित झीलें देखने को मिलेंगी। इसके अलावा यहाँ की चुन्नाम्बर नदी भी बहुत लोकप्रिय है।

गोवा

goaगोवा को घरती पर प्राकृतिक स्वर्ग भी कहा जाता है। यह स्थल कपल्स की पार्टी और रातभर नृत्य के लिए प्रसिद्ध है। अन्य समय में आप गोवा में कम से कम आबादी वाले समुद्र तटों पर समय व्यतीत कर सकते हैं। गोआ में अनगिनत समुद्र तट हैं।

गोआ में इतने अधिक बीच हैं कि पर्यटकों को गोआ के सभी बीचों को देखने के लिए कम से कम एक महीना लग जाएगा। गोआ के कुछ प्रसिद्ध बीच दोला पाउला, कैलेंगुट, अंजुना, आरामबोल, कोलवा, मीरामार, वागाटोर, अगोंडा आदि हैं।

जयपुर, गुलाबी नगरी

jaipurजयपुर एक राजसी शहर है। जयपुर को गुलाबी नगरी नाम से भी जाना जाता है। जयपुर में भव्य व सुंदर हवेलियों और किलों की भरमार है। सिटी पैलेस जयपुर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है।

सिटी पैलेस राजस्थानी व मुगल शैली की मिश्रित रचना है जो कि पुराने शहर के बीचों बीच स्थित है। जयपुर में सिटी पैलेस के अलावा और भी पर्यटक स्थल है जैसे कि जंतर मंतर, हवा महल, गोविंद देवजी का मंदिर, सरगासूली, राम निवास बाग, गुड़िया घर आदि।

नैनीताल (उत्तराखंड)

nainitalझीलों का शहर नैनीताल उत्तराखंड का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। नैनी शब्द का अर्थ है आँखें और ताल का अर्थ है झील। नैनीताल कुमाऊं क्षेत्र का सबसे सुंदर हिल स्टेशन है। गर्मियों में यहाँ बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं। यहाँ की झील, मंदिर, बाज़ार पर्यटकों को बहुत लुभाते हैं।

प्राचीन वातावरण के बीच अपने साथी के साथ ऐसे मौसम में समय व्यतीत करना अपने आप में ही रोमांस पैदा करता है। नैनीताल में नाव की सवारी लेना एक शांतिपूर्ण अनुभव है। यहाँ का शेरवानी होटल हिमालय के दर्शनीय स्थलों से घिरा हुआ है।

दार्जिलिंग

darjeelingदार्जिलिंग एक बहुत ही खुबसूरत पर्यटक स्थल है। यहाँ की हसीन वादियां, ऊँचे ऊँचे वृक्ष, ठंडी मंद मस्त हवाएँ, रंग बिरंगे फूलों की मदहोश करने वाली खुशबु, बर्फीली घाटियां आपको दार्जिलिंग का एक यादगार सफर दे सकती हैं। दार्जिलिंग में आ के ऐसा लगेगा कि किसी स्वर्ग में आ गए हों। दार्जिलिंग कपल्स के लिए आदर्श स्थल है।

यहाँ चाय के सबसे प्रसिद्ध बागान हैं। हज़ारों देशों में निर्यात होने वाली दार्जिलिंग की चाय सबको खूब भाती है। समुद्र तल से लगभग 6812 फुट की उंचाई पर स्थित इस शहर की सुन्दरता को शब्दों में बयां करना बहुत मुश्किल है।

बर्फ़ से ढके सुंदर पहाड़ों का दृश्य अति मनमोहक होता है। टॉय ट्रेन में यात्रा इसमें चार चांद लगा देती है। यह ट्रेन दार्जिलिंग की सुंदर वादियों की सैर कराती है।

क्यों खास है इस साल का करवा चौथ, जाने अपनी राशि के अनुसार किस रंग के कपड़े पहने

करवा चौथ हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। यह पर्व सौभाग्यवती (सुहागिन) स्त्रियाँ मनाती हैं। यह व्रत सुबह सूर्योदय से पहले करीब 4 बजे के बाद शुरू होकर रात में चंद्रमा दर्शन के बाद संपूर्ण होता है।

क्यों खास है इस साल का करवा चौथ

इस बार करवाचौथ का व्रत और पूजन बहुत विशेष है। इस बार 70 साल बाद करवा चौथ पर ऐसा योग बन रहा है। इस बार रोहिणी नक्षत्र और मंगल का योग एक साथ आ रहा है। ज्योतिष के मुताबिक यह योग करवाचौथ को और अधिक मंगलकारी बना रहा है। इससे पूजन का फल हजारों गुना अधिक होगा।

करवाचौथ पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग होना अपने आप में एक अद्भुत योग है। रविवार होने से इसका महत्व और बढ़ गया है। चंद्रमा में रोहिणी का योग होने से मार्कण्डेय और सत्यभामा योग बन रहा है।

यह योग चंदमा की 27 पत्नियों में सबसे प्रिय पत्नी रोहिणी के साथ होने से बन रहा है। पति के लिए व्रत रखने वाली सुहागिनों के लिए यह बेहद फलदायी होगा। ऐसा योग भगवान श्रीकृष्ण और सत्यभामा के मिलन के समय भी बना था।

राशि के अनुसार किस रंग के कपड़े पहनें

मेष राशि

मेष राशि की सुहागिनें लाल रंग होता है, इसलिए इस राशि की सुहागिन महिलाओं का लाल और गोल्डन रंग का वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के स्वामी ग्रह शुक्र हैं। इसलिए विशेष फल की प्राप्ति के लिए इस राशि की सुहागिनें सिल्वर और लाल रंग के कपड़े पहन सकती हैं।

मिथुन राशि

हरा रंग मिथुन राशि वाली महिलाओं को पहनने की सलाह दी जाती है। कहते हैं हरा रंग करवाचौथ के दिन पहनना शुभ होता है।

कर्क राशि

इस दिन कर्क राशि वाली महिलाओं के लिए लाल रंग की साड़ी और रंग बिरंगी चूड़ियां पहनना शुभ होगा। इस दिन भगवान को सफेद बर्फी का भोग लगाना लाभकारी होगा।

सिंह राशि

इस बार करवाचौथ पर सिंह राशि की महिलाओं को लाल, संतरी, गुलाबी या गोल्डन रंग के कपड़े पहने चाहिए। ये उनके लिए इस बार शुभ माना जा रहा है। कहते हैं कि इससे आपके और आपके पति के बीच प्यार हमेशा बना रहेगा।

कन्या राशि

करवाचौथ के दिन कन्या राशि की महिलाएं लाल, हरी या गोल्डन साड़ी पहनें। इससे दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी।

तुला राशि

इस बार करवा चौथ पर तुला राशि की महिलाएं लाल, गोल्डन या फिर सिल्वर रंग के कपड़े पहन सकती हैं। ये रंग इस उनके लिए शुभ माने जा रहे है।

वृश्चिक राशि

इस बार करवा चौथ पर वृश्चिक राशि की महिलाओं को लाल रंग के कपडे पहनने चाहिए। ये रंग इस राशि वाली महिलाओं के लिए सबसे अच्छे है। इतना ही नहीं इसके साथ ही महरून या गोल्डन रंग का लहंगा, साड़ी या सूट पहनकर भी पूजा कर सकती हैं।

धनु राशि

आसमानी या पीले रंग के कपड़े धनु राशि वाली महिलाओं को पहनने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषियों का मानना है कि इस रंग के वस्त्र पहनने कर पूजा करने पर भगवान आपकी पूजा जरूर स्वीकार करेंगे।

मकर राशि

मकर राशि के स्वामी शनि हैं। इस राशि की महिलाओं को नीले रंग के कपड़े पहन कर करवा चौथ की पूजा करनी चाहिए। इससे आपको विशेष लाभ मिलेगा।

कुंभ राशि

इस राशि वाली महिलाएं नीले रंग के वस्त्र या फिर सिल्वर रंग के कपड़े पहनें। करवाचौथ पर इस रंग को धारण करना शुभ माना जाता है।

मीन राशि

मीन राशि वाली महिलाएं पीले या गोल्डन या दोनों रंग का मिला-जुला कर वस्त्र धारण करें। इससे आपकी सभी मनोकामना पूरी होगी।

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अपने किरदार के लिए पूरी तरह बदल गए ये फिल्मी सितारे!!

फिल्मी सितारों की दुनिया देखने में जितनी चकाचौंध भरी लगती है, दरअसल उसके लिए उन्हें उससे कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।

बहुत सी ऐसी फिल्में रही हैं, जिसमें अपने किरदार को निभाने के लिए इन कलाकारों ने कुछ ऐसे बॉडी ट्रांसफॉरमेशन दिखाए, जिसे देखकर सभी दंग रह गए। इन कलाकारों ने किसी किरदार के लिए वजन घटाया तो किसी के लिए काफी बढ़ाना भी पड़ा।

बॉलीवुड में अब तक कई सितारों ने ऐसा बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन किया है, जिसे देखकर उनके प्रशंसक आज भी उनकी तारीफ करते हैं।

तो आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही बॉलीवुड स्टार्स के बारे में जिन्होंने अपनी शानदार बॉडी और एक्टिंग के जरिए फिल्म के अपने किरदार में चार चांद लगा दिए…

आमिर खान (दंगल)

आमिर खान को बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहा जाता है और ये बात एक बार फिर आमिर खान ने फिल्म दंगल में साबित कर दी थी। आमिर खान हमेशा से ही जिस तरह अपने किसी भी फिल्मी किरदार में ढलने के लिए मेहनत करते हैं, वह किसी से छुपा नहीं है।

साल 2016 में आई आमिर ख़ान की दंगल फिल्म में उन्हें महावीर फोगाट के किरदार में देखकर तो दर्शकों ने दांतों तले उंगलियां ही दबा ली थीं क्योंकि इस फ़िल्म की शूटिंग से पहले आमिर का वजन लगभग 70 किलो था और उन्होंने इस फिल्म के लिए 30 किलो वजन बढ़ाया था।

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि उन्होंने 100 किलो वजन के साथ इस फिल्म की 90% शूटिंग करने के बाद आमिर खान को युवा महावीर, जो कि एक फिट रेसलर था, उसके लिए वापस अपना वजन करीब 28 किलो घटाकर सिक्स पैक एब्स भी बनाए।

फरहान अख्तर (भाग मिल्खा भाग)

साल 2013 में राकेश ओमप्रकाश मेहरा निर्देशित फिल्म भाग मिल्खा भाग रिलीज हुई थी। फिल्म धावक मिल्खा सिंह की जिंदगी पर आधारित थी।

फिल्म में फरहान अख्तर ने मिल्खा सिंह का किरदार निभाया था। फिल्म में फरहान की एक्टिंग के साथ ही साथ उनके ट्रांसफॉर्मेशन ने भी सभी का दिल जीत लिया था।

सलमान खान (सुलतान)

लमान खान जब फिल्म इंडस्ट्री में आए थे, वो बहुत दुबले पतले थे। लेकिन 90 का दशक खत्म होते-होते सलमान खान अपनी फिट और जबरदस्त बॉडी के लिए पहचाने जाने लगे।

फिर उन्होंने फिल्म सुलतान के लिए बहुत वजन बढ़ा लिया था। लेकिन उसके बाद तुरंत ही उन्होंने अपनी फिटनेस पर काम किया और वजन घटा लिया।

राजकुमार राव (ट्रेप्ड)

साल 2017 में आई फिल्म ट्रेप्ड में राजकुमार राव ने भूखा-प्यासा दिखने के लिए 18 किलो वजन कम किया था, जिससे उनका पेट वाकई काफी कम हो गया था। राजकुमार 3 हफ्ते के लिए कठोर डाइट पर थे जहाँ वो ब्लैक कॉफी और दो गाजर पर पूरा दिन निकाल देते थे।

रणदीप हुड्डा (सरबजीत)

रणदीप हुड्डा अपनी फिट बॉडी और माचो लुक के लिए जाने जाते हैं। लेकिन साल 2016 में रिलीज हुई फिल्म ‘सरबजीत’ के लिए उन्होंने अपनी फिजीक में ऐसा बदलाव कर दिया था, जिसे देखकर लोग हैरत में पड़ गए।

‘सरबजीत’ में लीड रोल के लिए उन्होंने महज 28 दिन में 18 किलो वजन कम किया था। फिल्म की शूटिंग के दौरान रणदीप की हालात ऐसी हो गई थी, कि एक बार प्रोडक्शन टीम के क्रू मेंबर भी उन्हें पहचान नहीं पा रहे थे।

इसके लिए रणदीप ने अपनी डाइट में जबरदस्त बदलाव किया। कई बार तो वे बिना खाना खाए सिर्फ कॉफी पीकर ही दिन गुजार देते थे।

रितिक रोशन (गुजारिश)

अपनी फिट बॉडी के लिए मशहूर बॉलीवुड के ग्रीक गॉड रितिक रोशन ने संजय लीला भंसाली की फिल्म गुजारिश के किरदार को निभाने के लिए बहुत ज़्यादा वजन बढ़ाया था और उसके तुरंत बाद अगली फिल्म क्रिस 3 के लिए 10 हफ्ते में ही अपना वजन कम किया था।

रणबीर कपूर (संजू)

बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर सिनेमा के उन अभिनेताओं में शुमार हैं जिन्होंने काफी कम फिल्मों से ही अपनी एक्टिंग का लोहा साबित कर दिया है। साल 2018 में राजकुमार हिरानी निर्देशित फिल्म संजू रिलीज हुई थी।

फिल्म संजय दत्त के जीवन पर आधारित थी। फिल्म में संजय दत्त का किरदार रणबीर कपूर ने निभाया था। फिल्म में संजय दत्त के अलग अलग किरदार निभाने के लिए रणबीर ने खुद पर जमकर मेहनत की।

आदित्य रॉय कपूर (मलंग)

कुछ वक्त पहले ही आई आदित्य रॉय कपूर की मलंग फिल्म में उनकी बॉडी देखकर दर्शक भी चौंक गए थे। लेकिन उस तरह की बॉडी बनाना उनके लिए इतना आसान काम नहीं था।

क्या आप जानते हैं अपने किरदार के लिए आदित्य ने केरल के प्राचीन मार्शल आर्ट कलरीपयट्टू के साथ प्रतिदिन दौड़ना, योग आदि का सहारा लिया था।

इसके अलावा इस बॉडी ट्रांसफॉरमेशन के लिए आदित्य रॉय कपूर ने एक खास डाइट टेबल का शिद्दत से पालन भी किया था। यही नहीं फिल्म में बॉडी शूट से लगभग हफ्ते भर पहले ही आदित्य रॉय कपूर में नमक खाना बिल्कुल छोड़ दिया था।

विकी कौशल (ऊधम सिंह)

इन दिनों विकी कौशल का लीन एंड थिन लुक सबका ध्यान खींच रहा है। वजह है उनका बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन। विकी कौशल शूजित सरकार के डायरेक्शन में बन रही बायोपिक ‘ऊधम सिंह’ के लिए अपना वजन बेहद कम कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो उन्होंने 3 महीने में लगभग 13 किलो वजन घटाया है। बताया जा रहा है कि यह कड़ी मेहनत उन्होंने शहीद उधम सिंह के जवानी के दिनों के रोल में खुद को ढालने के लिए की है।

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बिना तकिए के सोने से होंगे शरीर में आश्चयर्जनक बदलाव!!

कुछ लोगों को आदत होती है कि वे बिना तकिए के नहीं सो सकते। जबकि कुछ लोग बहुत सॉफ्ट और हल्‍का तकिया लेना पसंद करते हैं। सबकी अपनी अलग-अलग आदतें हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका तकिया आपके लिए कई शारीरिक समस्याएं पैदा कर सकता है। वहीं ऐसा भी हो सकता है कि, कुछ समस्याओं से आप जूझ भी रहे हो, पर आपको पता ही ना हो कि, यह समस्या आपको आपके तकिए की वजह से है।

आइए जानते हैं, अगर आप बिना तकिए के सोते हैं तो आपको क्या फायदे हो सकते हैं।

गर्दन में दर्द नहीं होगा

हम अक्सर तकिए का उपयोग इसलिए करते हैं, ताकि गर्दन और सिर को सही सपोर्ट मिल सके। लेकिन एक गलत पोजीशन और गलत तकिए की वजह से आपको कई शारीरिक समस्याएं होने लगती हैं।

इससे आपके गर्दन के मसल्स पर दबाव पड़ता है, जिसकी वजह से आपकी गर्दन में दर्द हो सकता है। इसके बजाय अगर आप बिना तकिए के सोते हैं तो इससे आप गर्दन के दर्द से तो बचते ही हैं साथ ही आपके गर्दन और सिर तक का रक्त प्रवाह भी बेहतर रहता है।

शरीर का पोस्चर सही रहता है

अगर आप उन लोगों में से हैं जो पेट के बल सोते हैं, तो बिना तकिए के सोना आपके लिए लाभदायक हो सकता है। दरअसल हमारे शरीर का ज्यादातर वजह हमारी रीढ़ की हड्डी के बीच में होता है।

ऐसे में जब आप पेट के बल सोते हैं तो इससे आपकी रीढ़ की हड्डी की स्थिति बदल जाती है और इसका असर आपकी गर्दन पर भी पड़ता है।

यही नहीं इससे रीढ़ की हड्डी अपनी नेचुरल अवस्था से हटकर एक अलग पोस्चर में चली जाती है। जिसकी वजह से कई दिक्कतें भी हो सकती है। ऐसे में पेट के बल सोने वाले लोगों के लिए बिना तकिए के सोना बेहद जरूरी है।

चेहरे पर मुहांसे नहीं होंगे

हम सभी जानते हैं कि मुंहासे होने के पीछे के कारण कई हैं जैसे धूल, मिट्टी, तेल का स्किन पर जमाव आदि। वहीं जब मुंहासे होते हैं तो इसकी वजह से हमारे स्किन के पोर्स बंद हो जाते हैं और इनमें गंदगी जमा हो जाती है।

जिसकी वजह से स्किन डल और बेकार दिखने लगती है। ऐसा ही कुछ होता है जब आप तकिए के साथ सोते हैं। दरअसल इस दौरान आपका चेहरा ज्यादा समय के लिए तकिए पर ही होता है।

इसकी वजह से तकिए पर लगी धूल, मिट्टी और अन्य बैक्टीरिया आपकी स्किन पर चिपक जाते हैं। जिसकी वजह से स्किन पर मुंहासे होने लगते हैं। ऐसे में बिना तकिए के सोने से आप अपनी स्किन का भी ध्यान रख सकते हैं।

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खाना खाते समय याद रखें यह ज़रूरी बातें !

जब परहेज की बात आती है, तो आप में इच्छा शक्ति कम होने लगती है. कम वजन करने के लिए और अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए आपको अपनी जीवनशैली में तब्दीली लानी होगी. हम आपको यहाँ पर खाना खाने पर अच्छे सुझाव देंगे. जिससे आप स्वस्थ भी रहेंगे और इन सुझावों को अपनाने से आपका वजन भी कम होगा.

  1. दिन में चार से छह बार हल्का भोजन करना चाहिए. हल्का भोजन करने से आपके शरीर में रक्त शर्करा का संतुलन बना रहता है और इससे आपके चायपचय (metabolism) में वृद्धि भी होती है. ऐसा करने से दिन में आपको भूख भी कम लगती है. सुबह का नाश्ता हमेशा करना चाहिए, अगर आप सुबह का नाश्ता नहीं करते, तो आपको दोपहर में बहुत ज़्यादा भूख लग जाएगी. नतीजतन, आप पहले से भी ज़्यादा मात्रा में भोजन करेंगे और आपका वजन भी बढ़ेगा.
  2. हमेशा पानी पीना चाहिए. आपको दिन में चार से छह गिलास पानी के पीने चाहिए. इससे आपका शरीर हमेशा हाइड्रेटेड रहेगा. पानी पीने से आपको भूख भी पहले से कम लगेगी. सुबह आपको नींबू पानी पीना चाहिए. आपको अल्कोहल का भी ज़्यादा सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि शराब में कोई कैलोरी नहीं होती और ना ही इसमें कोई पोषक तत्व होते हैं.
  3. अपने खाने वाले स्नैक्स को हमेशा साफ़ सुथरा रखें. आपको स्वच्छ भोजन की पैकिंग हमेशा पहले करवाकर रख लेनी चाहिए.
  4. आपको चीनी का भी ज़्यादा सेवन नहीं करना चाहिए. ज़्यादा चीनी वाले भोजन से आप में अतिरिक्त मोटापा, उच्च रक्तचाप की संभावना बढ़ जाती है. इसकी बजाए आपको फल खाने चाहिए.
  5. हमेशा शाकाहारी भोजन खाएं, क्योंकि सब्जियों में ज़रूरी पोषक तत्व, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर होते हैं, जो आपके शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है.
  6. ज़्यादा मात्रा में भोजन ना खाएं, क्योंकि ज़्यादा मात्रा में भोजन खाने से आपका वजन कम होने की बजाये बढ़ता जायेगा.
  7. खाना खाने से पहले आपको हमेशा यह योजना बनानी चाहिए कि खाना क्या है ? इससे आप अपने खाने की आदतों पर नियंत्रण पा सकेंगे. आपको एक हफ्ते पहले ही योजना बना लेनी चाहिए कि क्या खाना है और क्या नहीं ?

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ज़मीन पर बैठकर खाना खाने के फायदे

लोगों का कहना हैं कि वक्‍त के साथ खुद के तौर तरीको को बदलने में ही समझदारी होती है, लेकिन कुछ चीजें ऐसी भी होती है जमाने के साथ यूं ही नहीं चली आ रही हैं उनके पीछे कुछ वजह और महत्‍व होते हैं.

वर्तमान में हमारी दिनचर्या, खान-पान और कार्य करने के तरीकों में काफी बदलाव आ गया है. आजकल हम जमीन पर बैठकर खाने की भारतीय परंपरा को भूल से गये है. लेकिन क्या आपको पता है कि जमीन पर बैठकर खाने के क्या क्या फायदे होते है.

  • जब खाना खाने के लिए जमीन पर बैठते है तो उसे सुखासन कहते है. सुखासन दिमाग को शांत रखता है. यह खाना खाने की गति को धीमी रखता है. इससे आप जरूरत से ज्यादा खाना खाने से बचते है और आपका वजन नियंत्रण में रहता है.
  • नीचे बैठकर खाना खाने या पालथी मारकर बैठने से पेट की मांसपेशियों, पीठ, पेट के आसपास खिंचाव पड़ता है जिसके कारण डाइजेस्टिव सिस्टम अपना काम आराम से कर पाता है. जिसके कारण खाने को बेहतर ढंग से पचाने में मदद मिलती है.
  • नीचे बैठकर खाना खाने या पालथी मारकर बैठने से आपका डाइजेस्टिव सिस्टम भी सही रहता है.
  • पालथी मार कर बैठ कर खाना खाने से रीढ़ की हड्डी और पीठ से जुड़ी समस्याएं नहीं होती हैं. यह पारंपरिक तरीका आपको समय से पहले बूढ़ा नहीं होने देता हैं. सोच लो अगर समय से पहले आप बूढे नही होना चाहते तो यह पारंपरिक तरीका जरूर अपनाएं 🙂
  • सुखासन मुद्रा पूरे शरीर को लाभ पहुंचाती है, सुखासन मुद्रा से आपके जोड़ों का दर्द और लचीला बनाए रखने में भी मदद करती है और साथ में यह गठिया व हड्डियों की कमजोरी जैसे रोगों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है.
  • पालथी मारकर बैठने से दिमाग तनाव रहित रहता है, जो कि दिमाग और तंत्रिकाओं को शांत करता है.
  • बैठ कर खाना खाने से ब्लड सर्कुलेशन (blood circulation) में सुधार आता है. इस तरह से शरीर के सभी अंगों तक खून पहुंचाता है.
  • इस आसन से हमारी छाती और पैरों को मजबूती प्राप्त होती है.
  • यदि दिनचर्या के कामों में इतने व्यस्त है की रोज योगा या व्यायाम नहीं कर सकते हैं तो कम से कम नीचे बैठकर खाना खाने से योग के कई लाभ प्राप्त कर सकते हैं.
  • आयुर्वेद भी इस बात को मानता है कि मन को शांत रखकर खाना खाने से पाचन क्रिया को बेहतर किया जा सकता है.

जानिए सूर्य नमस्कार के 10 चमत्कारी फायदे!!

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सूर्य नमस्कार योगासनों में सर्वश्रेष्ठ है। यह अकेला अभ्यास ही साधक को सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुंचाने में समर्थ है। इसके अभ्यास से साधक का शरीर निरोग और स्वस्थ होकर तेजस्वी हो जाता है। ‘सूर्य नमस्कार’ स्त्री, पुरुष, बाल, युवा तथा वृद्धों के लिए भी उपयोगी बताया गया है।

सूर्य नमस्कार हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में बेहद फायदेमंद है। सदियों काल से लोग भगवान सूर्य की पूजा करते आ रहे है। शास्त्रों में भी इनकी पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।

स्वास्थ्य के नजरिए से देखा जाए, तो सूर्य की किरणों से आने वाला विटामिन डी हमारे शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ गंभीर बीमारियों को भी दूर करने में मदद करता है।

सूर्य नमस्कार के लाभ

सूर्य नमस्कार से हृदय, यकृत, आँत, पेट, छाती, गला, पैर शरीर के सभी अंगो के लिए बहुत से लाभ है। सूर्य नमस्कार सिर से लेकर पैर तक शरीर के सभी अंगो को बहुत लाभान्वित करता है। यही कारण है कि सभी योग विशेषज्ञ इसके अभ्यास पर विशेष बल देते हैं।

सूर्य नमस्कार के अभ्यास से शरीर, मन और आत्मा सबल होते हैं। पृथ्वी पर सूर्य के बिना जीवन संभव नहीं है। सूर्य नमस्कार के शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक कई लाभ हैं।

तो चलिए जानते हैं सूर्य नमस्कार करने से होने वाले फायदों के बारे में :-

ग्‍लोइंग स्किन

सूर्य नमस्कार आपके ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे आपकी त्वचा और आपके चेहरे का ग्‍लो वापस आता है। यह झुर्रियों और जल्दी बुढ़ापा रोकने में भी मदद करता है।

तनाव और अवसाद को दूर रखता है

सूर्य नमस्कार चिंता और निराशा को दूर रखने में मदद करता है और शरीर की शिथिलता को बढ़ाता है। सूर्य नमस्कार करने से तंत्रिका तंत्र शांत होता है और इसके साथ-साथ थॉयरायड ग्लैंड की कार्यप्रणाली नार्मल होती है। इससे मानसिक तनाव की समस्या से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा सूर्य नमस्कार से हमारी स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है।

पीरियड्स रेगुलर होता है

स्त्रियों द्वारा नियमित सूर्य नमस्कार करने से उनके अनियमित मासिक चक्र नियमित हो जाता है। पेट की मसल्‍स को मजबूत बनाने के लिए हर रोज सूर्य नमस्कार करें।

शरीर में लचीलापन आता है

सूर्य नमस्कार के आसन से पूरे शरीर का वर्कआउट होता है। इससे शरीर फ्लेक्सिबल होता है।

ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखता है

सूर्य नमस्कार करने से शरीर में रक्त प्रवाह तेज होता है, जो रक्त नलिकाओं को साफ़ कर ब्लड प्रेशर को कम करता है। हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को सावधानी के तौर पे सूर्य नमस्कार नहीं करने चाहिए।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा

यदि आप नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करते हैं, तो आप न केवल अपने शारीरिक रूप में बल्कि अपने मानसिक रूप में भी स्व्स्थ रहेंगे। यह मेमोरी और नर्वस सिस्‍टम में सुधार करने में मदद करता है। यह आपको शांत करने और चिंता से छुटकारा पाने में भी मदद करता है।

बेहतर डाइजेस्टिव सिस्‍टम

सूर्य नमस्कार आपके डाइजेस्टिव सिस्‍टम को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है। यह आपके डाइजेस्टिव सिस्‍टम में ब्‍लड के फ्लो को बढ़ाता है, जिससे आपकी आंतों की बेहतर कार्यप्रणाली सुनिश्चित होती है।

शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है

सूर्य नमस्कार करते वक्त हवा फेफड़ों में तेजी से अंदर-बाहर होती है। इससे ऑक्सीजन तेजी से रक्त कोशिकाओं के साथ मिलकर शरीर के सभी हिस्सों में पंहुचता है और वहां से कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य हानिकारक तत्वों को शरीर से बाहर निकाल फेंकता है।

इसके फलस्वरूप हमारा शरीर डिटॉक्स हो जाता है। इसके अलावा सूर्य नमस्कार करने से पसीने के साथ भी कुछ हानिकारक तत्व शरीर से बाहर निकल जाता है।

रीढ़ की हड्डी को मिलती है मजबूती

सूर्य नमस्कार के दौरान स्ट्रेचिंग से मांसपेशी और लीगामेंट के साथ रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और कमर लचीला होती है l

अनिद्रा से बचाएं

सूर्य नमस्कार आपके सोने के तरीके को बेहतर बनाने के लिए जाना जाता है। यह आपके दिमाग को शांत करने में मदद करता है, जिससे आपको रात में बेहतर और अधिक शांतिपूर्ण नींद मिलती है।

इन्हें नहीं करना चाहिए सूर्य नमस्कार

  • गर्भवती महिला तीसरे महीने के गर्भ के बाद से इसे करना बंद कर दें।
  • हर्निया और उच्च रक्ताचाप के मरीजों को सूर्य नमस्कार नहीं करने की सलाह दी जाती है
  • पीठ दर्द की समस्या से ग्रस्त लोग सूर्य नमस्कार शुरू करने से पहले उचित सलाह जरूर लें।
  • महिलाएं पीरियड के दौरान सूर्य नमस्कार और अन्य आसन न करें।

यद्यपि सूर्य नमस्कार दिन के किसी भी समय किया जा सकता है, सबसे उपयुक्त और लाभकारी समय सूर्योदय के समय होता है, जब सूर्य की किरणें आपके शरीर को पुनर्जीवित करती हैं और आपके दिमाग को तरोताजा कर देती हैं।