‘बर्फ’ पर खेले जाने वाले दिलचस्प खेल!!

खेलों के जुनून को कड़ाके की ठंड और चिलचिलाती गर्मी के मौसम से फर्क नहीं पड़ता है। जब गर्मियां होती हैं तो खिलाड़ी उस मौसम के अनुसार होने वाले खेलों में जी-जान लगा देते हैं और जब ठंड आती है तो बर्फ से जुड़े खेलों की प्रतियोगिताओं में वे रम जाते हैं। इन दिनों चीन में ‘विटर ओलिम्पिक्स‘ भी आयोजित हो रहे हैं। आपको बर्फ पर खेले जाने वाले कुछ लोकप्रिय खेलों के बारे में बता रहे हैं

बाईथलॉन

यह एक अनूठा खेल है। इसमें प्रतियोगी को स्कीइंग करते हुए दौड़ लगानी होती है फिर शूटिंग करनी होती है। यही नहीं स्कीइंग के दौरान प्रतियोगी को पूरे समय अपने कंधे पर राइफल टांगे रहनी होती है।

यह प्रतियोगिता समय निर्धारित होती है यानी कोई खिलाड़ी जितने कम समय में स्कीइंग करते हुए शूटिंग रेंज में आकर निशाना लगा लेता है, वही जीत जाता है।

कर्लिंग

यह भी एक अनूठा खेल है। इसमें एक चिकने पत्थर को बर्फ की शीट पर फिसलाना होता है। दरअसल, कर्लिंग पूरी तरह से बर्फ का खेल है। इसमें पत्थर को स्लाइड करते हुए एक निर्धारित गोले में पहुंचाया जाता है।

इसमें एक खिलाड़ी दौड़कर पत्थर फैंकता है जबकि बगल में खड़े 2 खिलाड़ी आगे की बर्फ को घिस-घिस कर पत्थर को तेजी से आगे बढ़ने में मदद करते हैं।

स्केलटन

यह एक मजेदार खेल है जिसमें बर्फ पर फिसलना होता है। इसमें खिलाड़ी बर्फ से बने रास्ते पर तेजी से फिसलते हुए अंतिम रेखा तक पहुंचता है।

देखने में यह काफी डरावना लगता है क्योंकि फिसलते हुए खिलाड़ी का सिर सामने की ओर होता है। यही नहीं, इसके दौरान खिलाड़ी दिशा बदलने या घूमने के लिए हाथ का इस्तेमाल भी नहीं कर सकता है।

अल्पाइन स्कीइंग

यह बर्फ पर खेले जाने वाले सबसे पसंदीदा खेलों में से एक है। यह परम्परागत स्कीइंग से थोड़ा अलग होती है। आम स्कीइंग में खिलाड़ी अपने पैरों को पूरी तरह से फिक्स नहीं करते वहीं इसमें पैरों को फिक्स रखना होता है।

इसके लिए 4 चीजों की जरूरत होती है। पहली स्की, दूसरी बाइंडिंग जिससे पैरों को स्की में बांधा जा सके, इसके अलावा ठंड से बचने के लिए जूते और एक हैल्मेट।

बोब स्लेज

इसमें बर्फ से बने संकरे, घुमावदार ट्रैक पर बेपहियों की गाड़ी में रेस लगानी होती है। यह एक रोमांचक खेल है क्योंकि इसमें गति बहुत तीव्र हो जाती है।

फिगर स्केटिंग

इसमें स्केट पहन कर बर्फ पर कलाबाजियां दिखाई जाती हैं। यह खेल काफी मेहनत वाला है जिसमें काफी उछल-कूद की जरूरत पड़ती है।

आईस हॉकी

यह आम हॉकी की तरह ही खेला जाता है लेकिन बर्फ पर। इसमें भी स्टिक होती है मगर इसमें गोल में डालने के लिए गेंद के बदले चपटी रबर होती है जिसे ‘पुक‘ कहते हैं।

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यूं बढ़ाएं दांतों की ‘चमक व मजबूती’

जिसके दांत मजबूत हैं वह बादाम, अखरोट और गन्ने का भरपूर आनंद ले सकता है। जिसके दांत मोतियों से चमकदार हैं वह सामने वाले को प्रभावित कर अपने व्यक्तित्व की छाप बिठा सकता है। तो आइए जानें दांतों की चमक-दमक बढ़ाने व मजबूती पाने के तरीके:

  • गर्म व ठंडी चीजों का साथ-साथ सेवन या एक के तुरंत बाद दूसरा कभी न लें।
  • कुछ लोग हर समय पिन आदि से दांत कुरेदते रहते हैं, ऐसा न करें। यह दांतों को नुक्सान पहुंचाता है।
  • रात में सोने से पूर्व में ब्रश अवश्य करें। हर मुख्य भोजन के बाद दांत साफ करना अनिवार्य बनाएं।
  • मसूड़ों का बचाव करते हुए ब्रश करें। दातुन प्राप्त कर सकें तो नीम, कीकर आदि के बढिया मंजन भी करना जरूरी है ताकि आपकी उंगली से मसूड़ों की भली प्रकार मालिश हो सके। इससे पायरिया होने का भय खत्म होगा।
  • अपने दांतों की मजबूती का ध्यान रख कर ही किसी कठोर पदार्थ को तोड़ें। ऐसा न हो कि दांत हिल जाएं।
  • भले ही आप दांतों का पूरा ख्याल रख रहे हों, मगर समय-समय पर इन्हें दंत चिकित्सक को अवश्य दिखाएं। वर्ष में एक बार तो जरूर।
  • आप जब भी किसी खाद्य पदार्थ का सेवन करें तो उसे खूब चबा-चबा कर खाएं। इससे दांतों को मजबूती मिलेगी तथा भोजन पचाना भी सुगम हो जाएगा।
  • छिलके समेत सेब को चबा-चबा कर खाने से दांतों की सुरक्षा करने वाली लार अधिक निर्मित होती है तथा दांतों को भी मजबूती मिलती है। सेब की खटास भी दांतों की रक्षा करती है।
  • सेब को इतना चबाएं कि उसे तरल बनाकर ही गले से नीचे जाने दें। पहले नहीं।
  • दांतों की कीटाणुओं से रक्षा के लिए चैरी फल खाना भी अति उत्तम माना जाता है।
  • पुदीने का रस, सत या तेल भी दांतों के लिए कवच का काम करता है।
  • आंवला भी दांतों के लिए उत्तम है। इसे खाएं या इसे चबाएं, इसके रस से कुल्ला करें। इससे भी दांत मजबूत रहते हैं।
  • अमरूद का सेवन करते रहने से भी सोडियम, सल्फर तथा क्लोरीन तीनों प्राप्त हो जाते हैं, जो हमारे दांतों की रक्षा करते हैं और इन्हें मजबूत भी बनाते हैं।
  • जब भी कोई खाद्य पदार्थ खाएं या चाय आदि पीएं तो थोडा अंतर रख कर दांतों को अच्छी प्रकार साफ करें। कुल्ला ठीक से करें। इससे दांतों पर चिपटी खाद्य वस्तुएं तथा मिठास उतर जाएगी। दांतों का क्षय होना बच जाएगा।

पंजाब केसरी से साभार

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‘पालक’ बढ़ाती है रोगों से लड़ने की ताकत!!

पालक में विटामिन और खनिज पाए जाते हैं जबकि इसमें कैलोरी काफी कम है इसलिए जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं या शाकाहारी भोजन पसंद करते हैं। उनके लिए पालक का सेवन सर्वोत्तम है।

यह विटामिन ‘ए’, विटामिन ‘बी 2’, ‘सी’, ‘ई’, ‘के’ कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, फास्फोरस, जस्ता, सेलेनियम, प्रोटीन और फाइबर का एक अच्छा स्रोत है। इसका सेवन इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की समस्याओं में फायदेमंद है।

आज इस पोस्ट में हम जानेगें पालक के फायदों के बारे में, तो चलिए जानते हैं:

हृदय को स्वस्थ रखती है पालक

पालक एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर है जो हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार है। दरअसल, एंटीऑक्सीडेंट कोलेस्ट्रॉल के हानिकारक ऑक्सीकरण को रोकते हैं, जो हृदय और धमनियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकते हैं। इसके अलावा इसमें मैग्नीशियम, पोटैशियम और फोलेट जैसे पोषक तत्व भी होते हैं, जो हृदय के लिए स्वास्थ्यवर्धक हैं।

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सूजन कम करने में सहायक है पालक

इसमें एंटीइंफ्लामेटरी गुण पाए जाते हैं, जिससे सूजन कम करने में सहायता मिलती है। इसके सेवन से गठिया, अस्थमा और माइग्रेन जैसी स्थिति को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है।

रक्तचाप कम करने में सहायक है पालक का जूस

यह पोटैशियम से भरपूर होता है जबकि इसमें सोडियम कम मात्रा में होता है इसलिए इसे रक्तचाप कम करने में सहायक माना जाता है। अगर आप उच्च रक्तचाप की समस्या से जूझ रहे हैं तो नियमित तौर पर पालक के जूस का सेवन करें।

आंखों के लिए भी फायदेमंद

यह बीटा-कैरोटीन, ल्यूटिन और जैक्सैटिन जैसे कैरोटीनाइड्स से भरपूर होता है, जो आंखों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। जैतून के तेल के साथ तैयार किए गए पालक के सलाद का सेवन आंखों के लिए बहुत फायदेमंद होगा।

पंजाब केसरी से साभार

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जाने सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम से बचने के लिए क्या खाएं क्या न खाएं!!

ये हैं दुनिया के सबसे ठंडे डेजर्ट

रेगिस्तान या मरुस्थल शब्द सुनते ही रेत के ऊंचे-ऊंचे टीले, गर्मी, धूलभरी आंधी और ऊंटों का झुंड याद आते है, लेकिन क्या आपने ठंडे डेजर्ट के बारे में सुना है? अगर नहीं तो आइए जानते हैं

पृथ्वी के ध्रुवीय क्षेत्र बहुत ठंडे होते हैं तथा सालभर बर्फ से ढंके रहते हैं। वहां वर्षा ना के बराबर होती है तथा सतह पर हमेशा बर्फ की चादर बिछी रहती है। इन ध्रुवीय क्षेत्रों को ठंडे रेगिस्तान कहा जा सकता है।

रेगिस्तान शब्द लेटिन भाषा से निकला है, जिसका अर्थ होता है बेकार या उजड़ी जमीन। रेगिस्तान में साल में 25 सेंटीमीटर से भी कम बारिश होती है, जिससे यहां की जमीन नमीहीन हो जाती है और यहां हमारी प्रकृति की अहम जरूरत पानी की कमी भी होती है।

दूसरी ओर कुछ रेगिस्तान तो लगभग पूरी तरह कोहरे और बर्फ की मोटी चादर से ढंके रहते हैं। यहां पूरे साल बर्फ गिरती रहती है।

यहां का तापमान -50 डिग्री तक पहुंच जाता है। इन क्षेत्रों का औसत तापमान जीरो डिग्री सेल्सियस से कम होता है। ये इलाके ठंडे रेगिस्तान या ठंडे मरुस्थल यानी ‘कोल्ड डेजर्ट‘ कहलाते हैं।

विश्व के ठंडे मरुस्थल

अंटार्कटिका इसी तरह के रेगिस्तान हैं। अंटार्कटिका को दुनिया का सबसे ठंडा और सबसे शुष्क रेगिस्तान माना जाता है। इसके केवल 2 प्रतिशत भू-भाग पर पठार(Plateau) है, जबकि 98 प्रतिशत भाग पर मोटी बर्फ की चादर रहती है।

अंटार्कटिका के कुछ एरिया तो ऐसे हैं, जहां सालों से बारिश नहीं हुई है। पहाड़ों में जमी बर्फ के पिघलने से वहां पानी की जरूरत पूरी होती है।

गोबी डेजर्ट भी दुनिया के सबसे ठंडे रेगिस्तानों में से एक है, जहां तापमान जीरो से 40 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है। गोबी मरुस्थल चीन और मंगोलिया में स्थित है। यह एशिया महाद्वीप में मंगोलिया के अधिकांश भाग पर फैला हुआ है। यह संसार के सबसे बड़े मरुस्थलों में से एक है।

‘लद्दाख’ भारत का ठंडा रेगिस्तान है। यहां का मौसम हमेशा बदलता रहता है। सर्दियों में यहां का तापमान कभी-कभी -40 डिग्री तक भी पहुंच जाता है।

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जानिए अजीब दिखने वाले पैंगोलिन के बारे में कुछ रोचक तथ्य

पैंगोलिन एक स्तनधारी प्राणी है। इसके शरीर पर केराटिन के बने शल्क (स्केल) नुमा संरचना होती है जिससे यह अन्य प्राणियों से अपनी रक्षा करता है। पैंगोलिन ऐसे शल्कों वाला अकेला ज्ञात स्तनधारी है। यह अफ़्रीका और एशिया में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसे भारत में सल्लू साँप भी कहते हैं।

  • पैंगोलिन एक अनोखा जानवर है, जो मुख्यतः एशिया और अफ्रीका महाद्वीप में पाया जाता है। भारत में भी यह मिलता है।
  • इनकी करीब 8 प्रजातियां हैं। इनमें भारतीय पैंगोलिन, चाइनीस पैंगोलिन, फिलीपींस पैंगोलिन, कैप पैंगोलिन, जाइंट ग्राउंड पैंगोलिन, सुंडा पैंगोलिन, ट्री पैंगोलिन और लॉन्ग टेल्ड पैंगोलिन आदि हैं।
  • इनका सिर शरीर के मुकाबले छोटा होता है और शरीर सांप की तरह लंबा। इस प्राणी की जीभ भी लंबी होती है, जिससे यह अपना शिकार करता है।
  • इनके शरीर पर कठोर स्केल (Scale) जैसी संरचना बनी होती है। यह स्केल इसके पूरे शरीर पर होते हैं, जिसमें इनकी पूंछ भी शामिल है।
  • इस रोचक प्राणी का मुख्य भोजन दीमक और चींटी होता है। इसे स्केल एंटीटर भी कहा जाता है और यह अपनी लंबी जीभ से शिकार करता है।
  • फीमेल पैंगोलिन एक बार में 1 बच्चे को जन्म देती है। थोड़ा बड़ा होने पर बच्चा अपनी मां की पूंछ पर सवारी करता है। बेबी पैंगोलिन के शल्क नरम होते हैं और वयस्क होने पर सख्त हो जाते हैं।
  • पूरी दुनिया में पैंगोलिन ही ऐसा एकमात्र प्राणी है जिनके पूरे शरीर पर इस प्रकार के स्केल पाए जाते हैं। ये कठोर स्केल कैरेटिन नामक प्रोटीन के बने होते हैं।
  • खतरे की आशंका में पैंगोलिन अपने शरीर को गेंद की भांति समेट लेता है। ये पेड़ या जमीन में होल बनाकर रहते हैं।
  • इनके दांत नहीं होते। यह खाने के साथ कंकड़ भी निगल लेता है। इनका जीवनकाल करीब 10 से 20 साल का होता है।
  • पैंगोलिन अपने बचाव के लिए पेड़ पर भी चढ़ सकता है। वह अपने पंजों की मदद से पेड़ पर चढ़ जाता है। पंजों की सहायता से ही यह चींटियों और दीमक को जमीन में से खोदकर निकालता है। फरवरी माह के तीसरे शनिवार को ‘वर्ल्ड पैंगोलिन डे‘ मनाया जाता है।

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जानिए अभिवादन करने के कुछ अनोखे तरीके!!

भारत में लोग जब आपस में मिलते हैं तो अभिवादन करने के लिए ‘प्रणाम‘ या ‘नमस्ते‘ कहते हैं। पारंपरिक तौर पर झुक कर ‘नमस्ते’ कहा जाता है। ‘नमस्ते’ का शाब्दिक अर्थ भी यही है कि मैं आपको झुक कर नमन करता हूँ। प्राचीन भारत में बुजुर्ग लोगों का अपने निकट संबंधियों तथा मित्रों से गले मिलना आम बात थी।

आज इस पोस्ट में हम जानेंगे अभिवादन करने के अनोखे तरीकों के बारे में, तो चलिए जानते हैं :-

some unique ways to greet
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बुजुर्गों का चक्कर लगाना

बुजुर्गों तथा वरिष्ठ लोगों का अभिवादन करने से पहले उनके चारों ओर चक्कर लगाने का रिवाज था। आजकल हम अपने बुजुर्गों का चक्कर नहीं लगाते परंतु कम से कम मंदिरों में हमने यह परम्परा कायम रखी हुई है। हम एक से तीन बार भगवान की प्रदक्षिणा करते हैं और फिर भगवान के सामने खड़े होते तथा प्रार्थना करते हैं।

एक-दूसरे से नाक रगड़ना

न्यूजीलैंड के माओरी लोग दूसरे की नाक से साथ अपनी नाक रगड़ कर एक दूसरे का अभिवादन करते हैं। एस्कीमोज भी नाक रगड़ कर ही अभिवादन करते हैं।

ताली बजाने की रीत

जिम्बाब्वे में किसी से मिलने पर ताली बजाने की रीत है।

जीभ दिखाना

तिब्बत के लोग अभिवादन करते समय अपने माथे टकराते हैं या कई जगह जीभ भी दिखाई जाती है।

झुक कर अभिवादन

चीन, जापान तथा थाईलैंड में झुक कर अभिवादन किया जाता है। कई बार अधिक इज्जत देने के लिए वे और अधिक नीचे झुकते जाते हैं।

एक-दूसरे के गाल पर ‘Kiss’

बेल्जियम में एक-दूसरे के गाल पर ‘Kiss’ करके अभिवादन किया जाता है।

बड़ों का हाथ अपने माथे से लगाकर

फिलीपींस में अभिवादन के तरीके को ‘‘मनो’’ या ‘‘पैगामानो’’ कहते है, यह एक ‘‘सम्मान-भाव’’ है, जिसका उपयोग फिलीपीनी संस्कृति में बुजुर्गों के सम्मान के रूप में और बड़ों से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

अभिवादन के ये पारम्परिक तथा रंग-बिरंगे ढंग अब लुप्त होते जा रहे हैं और इनकी जगह ले ली है पश्चिमी स्टाइल ने। आजकल लोग केवल एक-दूसरे हाथ मिलाते हैं।

इसका एक ढंग जो अब विश्व भर में खूब प्रचलित है – वह है ‘हाय’। भारत में अभी भी दुख प्रकट करने के लिए ही इस शब्द का प्रयोग किया जाता है जबकि पश्चिमी जगत में यह अभिवादन का ढंग है।

माइक्रोस्कोप से देखने पर ये आम चीजें भी लगती हैं बेहद अजीब

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सूक्ष्मदर्शी या सूक्ष्मबीन (माइक्रोस्कोप) वह यंत्र है जिसकी सहायता से आँख से न दिखने योग्य सूक्ष्म वस्तुओं को भी देखा जा सकता है। सूक्ष्मदर्शी की सहायता से चीजों का अवलोकन व जांच किया जाता है वह सूक्ष्मदर्शन कहलाता है।

अगर आप दुनिया की सबसे दिलचस्प और विचित्र चीजें देखने के शौकीन है, तो आपको एक माइक्रोस्कोप की ज़रूरत होगी।

आज इस पोस्ट में हम आपको कुछ ऐसी आम चीज़ें दिखाने जा रहे हैं जिन्हें यदि हम माइक्रोस्कोप से देखें तो वे बेहद ही अजीब लगती हैं तो चलिए देखते हैं

बॉलपॉइंट पेन की नोक, पृथ्वी की तरह लग रही है!

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एक जेब्राफिश भ्रूण

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घर में उड़ने वाली धूल

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सुई और धागा

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ये बिल्ली की जीभ है लेकिन लग नहीं रही

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रेत के कण

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ये चींटी किसी ड्रैगन से कम नहीं लग रही

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ये हैं हमारी पलकें

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मानव आंख ऐसी होती है, इतनी अजीब

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मांसपेशियों का ऊतक

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यह स्ट्रॉबेरी की सतह है

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सौभाग्य का संकेत मानी जाती हैं ये बातें, आप भी जानें !!

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अक्सर हम सभी के जीवन में कुछ ऐसे पल आते हैं लोगों ने लंबे समय से खुद को नकारात्मकता से बचाने, खुश रहने और खुश रहने के लिए विभिन्न तावीज़ों का इस्तेमाल करते हैं कई तरह के टोटके अपनाते हैं। आज इस पोस्ट में हम आपको कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जिन्हें सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है तो चलिए जानते हैं

  • कहा जाता है कि अपने दरवाजे के ठीक सामने शीशा लगाना सौभाग्य लाता है।
  • ऐसा माना जाता है कि अगर आप अनजाने में अपनी ही छाया में कदम रखते हैं, तो यह सौभाग्य को आकर्षित करता है।
  • जब नया साल शुरू होता है और आपको साल की पहली तितली सफेद रंग में दिखाई देती है, तो ऐसा माना जाता है कि आपका पूरा साल अच्छा बीतता है।
  • एक गहरी सांस लें और अपने जन्मदिन के केक पर एक ही बार में सभी मोमबत्तियां बुझा दें। यदि आप ऐसा करने में सक्षम हैं, तो आपके लिए एक भाग्यशाली वर्ष होगा।
  • अगर आपके दाहिने हाथ में खुजली हो रही है तो माना जाता है कि धन की प्राप्ति होने वाली है।
  • अगर आपको चार पत्ती वाली तिपतिया घास मिल जाए, तो कहा जाता है कि आपका साल अच्छा बीतेगा।
  • ऐसा कहा जाता है कि चाय डालने से पहले अगर आप अपने प्याले में चीनी डालेंगे, तो यह आपके लिए सौभाग्य लेकर आएगा।
  • कुछ लोग तो अपनी मान्यताओं के अनुसार शैतान को भगाने के लिए लाल अंडरवियर पहनते हैं।
  • न केवल भारत में बल्कि रूस में भी पक्षियों का खुले हाथों से स्वागत किया जाता है। कहा जाता है कि अगर कोई चिड़िया सिर के बल गिरे तो आपके जीवन में धन का आगमन होता है।

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20 तस्वीरें जिन्होंने दुनिया बदल दी!

संयुक्त राज्य अमेरिका ने 6 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा और 9 अगस्त 1945 को नागासाकी शहर पर एटम बम गिराया। द्वितीय विश्व युद्ध में मित्र राष्ट्रों द्वारा पराजित होने वाला जापान अंतिम देश था और उसके घुटने टेकते ही द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हो गया. इस परमाणु हमले के बाद जापान लगभग पूरी तरह से तबाह हो गया. जापान के लाखों मासूम लोग इन हमलों में मारे गये थे.

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6 जून 1944 को पश्चिमी मित्र राष्ट्रों ने उत्तरी फ्रांस पर आक्रमण किया और इटली से अनेकों सैन्य टुकडियों के पुनर्निर्धारण के बाद दक्षिणी फ्रांस पर भी आक्रमण किया. ये अभियान सफल रहे और फ्रांस में जर्मन सैन्य टुकडियों की हार का कारण बने.

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वर्ल्ड ट्रेड सेंटर न्यूयॉर्क के मैनहैटन में बने टावर रूपी इमारतों का जोड़ा था, जिसे आतंकवादी संगठन अल कायदा के आतंकवादियों ने 11 सितंबर, 2001 को हमला कर नष्ट कर दिया. इस टावर से एक व्यक्ति ने आग से जलने से बचने के लिए आत्महत्या की थी. इस हमले के बाद विश्व ने आतंकवाद की भयानकता को अनुभव किया.

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बर्लिन की दीवार, पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी को विभाजित करने वाला अवरोध था जिसने 28 वर्षों तक बर्लिन शहर को पूर्वी और पश्चिमी टुकड़ों में विभाजित करके रखा. इसका निर्माण 13 अगस्त 1961 को शुरु हुआ और 9 नवम्बर, 1989 के बाद लोगों ने इस दीवार को हथौड़ा और छैनी लेकर तोड़ दिया. बर्लिन की दीवार अन्दरुनी जर्मन सीमा का सबसे प्रमुख भाग थी.

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सीरिया के राष्ट्रपति हाफेज अल-अस्सद की मृत्यु के बाद उनके बेटे बशर अल-अस्सद को सीरिया का राष्ट्रपति बनाया गया था. उनके पिता की मृत्यु के बाद मार्च 2011 से ही सीरिया में गृह युद्ध शुरू हो गए थे. इसकी शुरूआत तब हुई जब 2011 में कुछ बच्चों को गिरफ्तार कर लिया गया था. तब से यह देश दूसरे विश्व युद्ध के बाद से सबसे बड़े मानवीय संकट से गुज़र रहा है. सीरिया में चल रहे गृह युद्ध में अब तक 300,000 से ज्यादा लोग मारे गए और करीब 1 करोड़ से ज्यादा लोग बेघरबार हो गए हैं.

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जापानी नौसेना द्वारा 7 दिसम्बर 1941 को संयुक्त राज्य अमेरिका के नौसैनिक बेस पर्ल-हार्बर पर अचानक आक्रमण किया गया. इस आक्रमण के परिणामस्वरूप यूएसए भी द्वितीय विश्वयुद्ध में कूद पड़ा. यह तस्वीर यूएसएस एरिज़ोना में किए गए हमले की है. इसमें सवार 1,177 व्यक्ति मारें गए थे.

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ऑरविल और विलवर, दो अमरीकन भाई थे जिन्होंने  हवाई जहाज का आविष्कार किया. इन्होंने 17 दिसंबर 1903 को संसार की सबसे पहली सफल मानवीय हवाई उड़ान भरी थी. जिसमें हवा में भारी विमान का नियंत्रित रूप से निर्धारित समय तक संचालन किया गया.

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इस चित्र में एक पादरी के हाथ में अफ्रीका के एक कुपोषण के शिकार बच्चे का हाथ है. इस चित्र के सामने आने के बाद दुनिया भर में कुपोषण को लेकर जागरूकता पैदा हुई।

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दक्षिण अफ्रीकी फोटोग्राफर केविन कार्टर सूडान में एक कुपोषित और भूख से मर रही बच्ची की तस्वीर लेने की तैयारी में थे. तभी वहां एक गिद्ध आकर बैठ गया. जिंदगी का सबसे वीभत्स रूप दिखाने वाले इस चित्र में गिद्ध बच्ची की मौत के इंतजार में बैठा नज़र आ रहा है।

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इस तस्वीर में आप देख सकते है कि मिस्र में बगावत के समय कुछ ईसाई लोग, मुसलमानों की प्रार्थना के दौरान उनकी रक्षा कर रहे है.

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जो तस्वीर आप देख रहे हैं वह टैंक मैन की है. दरअसल टैंक मैन एक अज्ञात व्यक्ति को दिया गया नाम है जो 5 जून 1989 को टैंकों की एक कतार के सामने खड़ा हो गया था. चीनी सेना के टैंक तियानानमेन चौक पर विरोध प्रदर्शन को बलपूर्वक दबाए जाने की तैयारी कर रहे थे.

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द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी में गैस चैम्बरों की दीवारों पर नाख़ूनों से निशान का चित्र. हज़ारों लोगों को  इन चैम्बरों में ज़हरीली गैस से मार दिया गया था। मरते हुए लोगों के तड़पने और छटपटाने के दौरान बने नाखूनों के यह निशान निर्दयता और अमानवीयता के गवाह हैं।

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जब चाँद पर वातावरण ही नहीं है, तो अमेरिका का झण्डा हवा में कैसे उड़ रहा है? नासा की तरफ से जारी किए फोटोज और वीडियो में अमेरिका के झण्डे को चाँद में हवा में उड़ते हुए साफ़-साफ़ देखा जा सकता है. फ़िलहाल यह रहस्य ही है।

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नेल्सन मंडेला राष्ट्रपति बनने से पहले दक्षिण अफ्रीका में सदियों से चल रहे रंगभेद का विरोध करने वाले अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष थे. रंगभेद विरोधी संघर्ष के कारण उन्होंने 27 वर्ष रॉबेन द्वीप के कारागार में बिताये जहाँ उन्हें कोयला खनिक का काम करना पड़ा. 1990 में श्वेत सरकार से हुए एक समझौते के बाद उन्होंने नए दक्षिण अफ्रीका का निर्माण किया.

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1970 के विश्व कप में फुटबॉल के सबसे प्रतिष्ठित हस्तियों में शुमार मूर और पेले एक दुसरे को गले लगाते हुए.

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1986 के विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में डिएगो माराडोना ने इंग्लैंड के खिलाफ गोल करने के लिए हाथ का प्रयोग किया था जिसका फोटोग्राफ में स्पष्ट पता चलता है. रेफरी को इसका पता नही चल पाया था. बाद में यह वाक्या “हैंड अॉफ गॉड”   के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने पृथ्वी और चंद्रमा की एक दिलचस्प तस्वीर शेयर की है. तस्वीर बेहद खूबसूरत नजर आ रही है, तस्वीर में पृथ्वी चंद्रमा के ऊपर उगते हुए दिखाई दे रही है. इस तस्वीर को नासा के उपग्रह लूनर ऑर्बिटर ने लिया है. लूनर के डेप्युटी प्रॉजेक्ट साइंटिस्ट नोह पेत्रो का कहना है कि यह तस्वीर शानदार है. यह तस्वीर प्रसिद्ध ब्लू मार्बल तस्वीर की याद दिलाती है जो आज से 43 साल पहले अपोलो 17 के अतंरिक्ष यात्री हैरिसन स्मिथ ने ली थी.

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तनाव को कम करने के लिए करें इन चीज़ों का सेवन

वैसे तो तनाव या स्ट्रेस किसी को भी हो सकता है और किसी भी बात की वजह से हो सकता है। किसी को निजी जिंदगी से जुड़ी समस्याओं का स्ट्रेस होता है तो किसी को ऑफिस के काम से जुड़ा स्ट्रेस, किसी को रिलेशनशिप से जुड़ा स्ट्रेस तो किसी को आर्थिक समस्याओं से जुड़ा स्ट्रेस।

आज इस पोस्ट में हम कुछ ऐसी चीज़ों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका सेवन करने से स्ट्रेस को कम करने मिल सकती है, तो चलिए जानते हैं

Use these things to reduce stress

ओमेगा-3 फैटी एसिड

मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड और कई तरह के विटामिन पाए जाते हैं जो आपकी सेहत के लिए लाभदायक माने जाते हैं। ये अवसाद, उदासी, चिंता को कम करने में भी मददगार हैं।

दही

दही में कई सारे ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो तनाव को कम कर खुशी देने का काम कर सकते हैं। दही में विटामिन ‘सी’ की अच्छी मात्रा भी पाई जाती है। इसमें ‘लैक्टोबैसिलस‘ और ‘बिफीडोबैक्टीरिया‘ जैसे अच्छे बैक्टीरिया भी पाए जाते हैं।

अंडा

अंडे को प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसके सेवन से याद्दाश्त को बढ़ाया जा सकता है। इसे खाने से प्रोटीन, कैल्शियम और ओमेगा 3 फैटी एसिड मिलता है। प्रोटीन हमारे शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।

बादाम

बादाम को दिमाग के लिए अच्छा माना जाता है। बादाम में ‘मैग्नीशियम’ होता है जो प्रभावी रूप से चिंता से संबंधित लक्षणों का इलाज कर सकता है क्योंकि अपर्याप्त ‘मैग्नीशियम‘ मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर सेरोटोनिन के स्तर को काफी कम करने में मदद कर सकता है।

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सेब

सेब को एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर माना जाता है। सेव शरीर की सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। ये घुलनशील फाइबर से भी समृद्ध हैं जो ब्लड शूगर का स्तर संतुलित करते हैं। सेब का सेवन दिमाग को शांत रखने और तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।

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