ये है दुनिया का सबसे खतरनाक पक्षी, ले चुका है कइयों की जान

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आपने अपने घर के आस-पास रोज कई पक्षियों को देखा होगा, जिनमें से कुछ बेहद खूबसूरत हैं तो वहीं कुछ बेहद खतरनाक होते हैं। आज हम इस पोस्ट में आपको बेहद खतरनाक पक्षी के बारे में बताने जा रहे है जो आपकी जान तक ले सकता है। तो चलिए जानते हैं इस खतरनाक पक्षी के बारे में :-

इंसानों द्वारा पक्षियों को पालने की परंपरा काफी पुरानी है। इंसान सिर्फ तोता, कबूतर या मुर्गियां नहीं पालते थे बल्कि उन्होंने दुनिया के कुछ बेहद खतरनाक जीवों को भी अपने पिंजरे में कैद किया था।

ऐसा माना जाता है कि 18,000 साल पहले इंसानों ने कैसवैरी पक्षी को पाला था जिसे दुनिया के सबसे खतरनाक पक्षियों में से एक माना जाता है। यह पक्षी अपने पंजों से इंसानों की जान भी ले सकता है।

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इस विषय में अमेरिका (US) की पेन यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर क्रिस्टिना डगलस का कहना है कि जीवाश्मों से पता चलता है कि इंसानों ने कैसोवरी (Cassowary) का पालन-पोषण 18 हजार पहले शुरू कर दिया था।

आमतौर पर ये ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी अफ्रीका के गिनी देश में पाए जाते हैं। इनकी त्वचा पर नीले रंग के धब्बे होते हैं। फीमेल कैसोवेरी का औसत वजन 59 किलोग्राम और मेल कैसोवेरी का वजन 34 किलोग्राम तक हो सकता है।

इनके सिर पर मुकुट जैसा केस्कूय होता है। जो देखने में बहुत सुंदर लगता है। जो इन्हें सिर पर चोट लगने से बचाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में कैसोवेरी को सबसे खतरनाक पक्षी माना गया है।

ऑस्ट्रेलिया और न्यू गिनी में पाए जाने वाले कैसवैरी से उसके अंडे लेना बिल्कुल आसान नहीं है। हालांकि हजारों साल पहले ही इंसानों ने इसका बुरा हाल कर दिया था। इन पर शोध करने वाले प्रोफेसर के मुताबिक कैसोवरी का मांस या पंखों का इस्तेमाल करने के लिए उन्हें पाला जाता रहा होगा।

इसके मोटे और नुकीले अंगूठे पैर इसे एक ताकतवर पक्षी बनाते हैं। यह इंसानों और कई बड़े जानवरों को मारने में सक्षम है। यह पक्षी हर साल अपना घोंसला बदलना पसंद करता है।

2019 में फ्लोरिडा में विदेशी पालतू जानवरों के एक मालिक को कैसोवरी ने बगीचे में उसके सामने गिरने के बाद मार दिया था। वहीं दुनिया के इस सबसे खतरनाक पक्षी की कहानी को आगे बढ़ाएं तो रिसर्चर्स के मुताबिक उन्होंने कैसवैरी पक्षियों को तब पकड़ा जब वो कमजोर थे ।

लोगों ने उसके मेल कैसोवरी का शिकार किया और फिर वहां रखे अंडे अपने साथ ले गए। नर घोंसला लावारिस नहीं छोड़ते इसलिए अंडों की रक्षा करते हैं।

लिहाजा शिकारियों के लिए उनका शिकार करना आसान होता है। कैसवैरी पक्षियों को आज भी Papua New Guinea में उनके पंखों के लिए पाला जाता है और उनके अंडों को राष्ट्रीय भोजन माना जाता है।

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