डायबिटीज रोगी के लिए बेहद फायदेमंद हैं ये 5 ड्राई फ्रूट्स !

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नट्स यानी मेवा कई पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इसलिए स्वस्थ रहने के लिए रोजाना एक मुट्ठी नट्स खाने की सलाह दी जाती है। अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो सभी प्रकार के नट्स आपके लिए फायदेमंद नहीं सकते।

लेकिन कुछ नट्स हैं, जिन्हें आहार में शामिल करन से ब्लड शुगर लेवल अंडर कंट्रोल रहता है और दूसरे फूड्स की तुलना में ये बहुत अच्छे साबित होते हैं।

बता दें कि संयुक्त राज्य अमेरिका में 30.3 मिलियन वयस्क डायबिटीज से ग्रसित हैं। लेकिन स्वस्थ आहार ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

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नट्स उन खाद्य पदार्थों में से एक है, जिन्हें अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन (American Diabetes Association) ने डायबिटीज वाले लोगों के लिए बेहद फायदेमंद बताया है।

यहां हम आपको बताएंगे कि डायबिटीज वाले लोगों को अपने आहार में किन-किन नट्स को शामिल करना चाहिए?

मधुमेह के लिए ड्राई फ्रूट्स क्यों उपयोगी हैं

  • मेवा में खासतौर से बादाम टाइप -2 डायबिटीज वाले लोगों में हृदय रोग के जोखिम को कम करने के लिए जाना जाता है।
  • नट्स में पाए जाने वाले अनसैचुरेटेड फैट हृदय सहित शरीर के अन्य अंगों की रक्षा करते हैं।
  • इतना ही नहीं, ये प्रोटीन से भरपूर होने के चलते शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। पबमेड 5 सेंट्रल (Pub Med Central ) में छपी एक स्टडी के र अनुसार नट्स में विटामिन, थायमिन, कैरोटीनॉयड, एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोस्टेरॉल अच्छी मात्रा में होते

मधुमेह वाले खाएं बादाम

इस स्थिति वाले लोगों के लिए बादाम के ढेरों फायदे हैं। 2011 में Metabolism Clinical and Experimental में छपे एक अध्ययन में पाया गया कि 12 सप्ताह तक टाइप -2 डायबिटीज वाले लोगों के आहार में बादाम को शामिल करने पर ब्लड शुगर कंट्रोल में रहा और दिल के रोग का खतरा भी कम हो गया।

बता दें, कि बादाम शरीर के लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है, जो धमनियों को ब्लॉक करने के लिए जिम्मेदार है।

बादाम एचडीएल की मात्रा बढ़ाते हैं, जिससे धमनियों से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को हटाने में मदद मिलती है और हृदय रोग की संभावना भी बहुत कम हो जाती है।

कैसे खाएं– अन्सॉल्टेड और कच्चे बादाम सबसे अच्छे होते हैं। आप इन्हें रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाने का विकल्प चुन सकते हैं।

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डायबिटीज रोगी रोज खाएं पिस्ता

पिस्ता खाने से मतलब है शरीर को भरपूर ऊर्जा देना। इसमें फाइबर और फैट्स अच्छी मात्रा में होते हैं, जिसके बाद पेट काफी देर तक भरा हुआ रहता है।

2015 में हुए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 4 सप्ताह में टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों को पिस्ता युक्त आहार दिया। चार सप्ताह के बाद इन लोगों में एलडीएल और एचडीएल कोलेस्ट्रॉल का अनुपात देखने लायक था।

इतना ही नहीं, पिस्ता खाने वालों में ट्राइग्लिसराइड का स्तर भी काफी कम हो गया था, जो बेहतर हृदय स्वास्थ्य का संकेत है।

कैसे खाएं- नमकीन पिस्ता खाने से बचें। एक कटोरी फ्रूट सलाद के साथ 30 पिस्ता रोज खा सकते हैं। ज्यादा खाने पर नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।

दिल के रोग से बचाए काजू

काजू एचडीएल से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के अनुपात को बेहतर बनाने और दिल के रोग के जाखिम को कम करने के लिए बहुत अच्छा है। 2018 के एक अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने 300 लोगों को काजू युक्त आहार दिया।

12 सप्ताह के बाद टाइप-2 डायबिटीज वाले इन प्रतिभागियों के ब्लड प्रेशर में न केवल कमी आई बल्कि एचडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी बढ़ा हुआ दिखा।

कैसे खाएं– डायबिटीज के मरीजों एक मुठ्ठी काजू रोज खाने चाहिए।

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डायबिटीज को बढ़ने से रोके अखरोट

बहुत कम लोग जानते हैं लेकिन अखरोट डायबिटीज को बढ़ने से रोकने का माना गया उपचार है। इनमें कैलोरी बहुत होती है। BMJ Open Diabetes Research & Care में हुई एक स्टडी में पाया गया कि अखरोट खाने से न तो शरीर के वजन पर कोई असर पड़ता है और न ही इसकी संरचना पर।

यह देखने के लिए शोधकर्ताओं ने 112 प्रतिभागियों को 9 6 महीने के लिए अखरोट से भरपूर आहार दिया। इसमें
अखरोट युक्त आहार लेने से शरीर की संरचना पर कोई भी असर डाले बिना एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के अनुपात में आश्चर्यजनक सुधार हुआ।

मूंगफली

कई अध्ययनों में मूंगफली को डायबिटीज पेशेंट्स के लिए अच्छा माना गया है। 2013 में Purdue University में हुए एक अध्ययन में टाइप-2 डायबिटीज की संभावित खतरे वाली मोटापे से ग्रस्त महिलाओं के आहार पर मूंगफली के प्रभाव को देखा गया।

मूंगफली को अनाज में शामिल करने के बाद ओवरवेट वाली महिलाओं के लिए ब्लड शुगर लेवल और भूख पर कंट्रोल पाना काफी आसान हो गया।

कैसे खाएं– शुगर पेशेंट्स हर दिन 28 -30 मूंगफली रोज सकते हैं।

मधुमेह रोगी ज्यादा कैलोरी के सेवन से बचने के लिए एक छोटी मुठ्ठी ही नट्स का सेवन करें। इन मेवों को आप कच्चा भी खा सकते हैं, लेकिन मधुमेह वाले लोगों को स्वाद में नमकीन मेवों को खाने से बचना चाहिए।

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