दुनिया का सबसे बड़ा और खूबसूरत उद्यान

फूलों की खुशबू ऐसी होती है जो किसी को भी अपनी ओर आकर्षित कर सकती हैं। सुंदर फूलों को देखते ही हमारी सारी उदासी और नकारात्मक विचार छूमंतर हो जाते हैं और मन खुशी से भर जाता है।

आज हम ऐसे ही उद्यान की बात करेंगे जहां चारों तरफ सिर्फ फूल ही फूल दिखाई देते है। जी हाँ हम बात कर रहे है मिरेकल गार्डन की, जो की दुबई में डुबाइलैंड जिले में स्थित है।

मिरेकल गार्डन दुनिया का सबसे खूबसूरत और बड़ा उद्यान है। इस गार्डन में 45 लाख अलग-अलग फूल देखने को मिलते है। दुबई का मिरेकल गार्डन 72 हजार वर्ग में फैला हुआ है।

इस उद्यान को 14 फरवरी 2013 से आम व्यक्तियों के लिए खोल दिया है। इस गार्डन में बॉलीवुड फिल्म ‘हमारी अधूरी कहानी‘ की शूटिंग भी हो चुकी है।

 

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बहुत ही खूबसूरत है नायगरा वॉटरफॉल

रेगिस्तान के बीचो बीच होने के कारण पर्यटकों के लिए यहां तक पहुंचना थोड़ा मुश्किल होता है। यह गार्डन पूरे 18 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है और इस गार्डन में 4 करोड़ 50 लाख फूल लगे हैं।

इस गार्डन का आकार ताजमहल के समान लगता है। यहां पर लगे लाल रंग के फूलों को देखकर ऐसा लगता है मानो यहां पर लाल रंग की नदी बह रही हो।

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dubai-miracle-gardमिरेकल गार्डन की सुंदरता की और अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो मिरेकल गार्डन पर बनी वेबसाइट भी देख सकते हैं। वेबसाइट देखें

ये खूबसूरत लड़कियां जो रियल लाइफ में बिलकुल बार्बी डॉल जैसी दिखती हैं

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हर लड़की की ये इच्छा होती है कि वह खूबसूरत दिखें, इसके लिए लड़कियां कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं तो कुछ प्लास्टिक सर्जरी तक करवा लेती हैं।

आज हम आपको बताने वाले दुनिया की कुछ ऐसी खूबसूरत लड़कियों के बारे में जो रियल लाइफ बार्बी गर्ल है और अपनी लाइफ को उसी तरह जीती हैं।

एंजेलिका केनोवा

इसे दुनिया की सबसे सुन्दर बार्बी डॉल माना जाता है। एंजेलिका रूस की राजधानी मॉस्को की रहने वाली है। एंजेलिका की उम्र 26 साल है लेकिन देखने से वो सिर्फ 16 साल की ही लगती है।

एंजेलिका का दवा है कि उसने कभी भी कोई कॉस्मेटिक सर्जरी नहीं करवाई। बार्बी डॉल की तरह दिखने के लिए वह दो से तीन घंटे की एक्सरसाइज करती है। उनके पेरेंट्स ने उसके लिए घर पर ही पर्सनल ट्रेनर रखा है और ये काफी फिट भी है।

वेलेरिया लुक्यानोवा

बार्बी डॉल के लुक की वजह से वेलेरिया पूरी दुनिया मे पहचान रखती है। 2007 में वेलेरिया ने विश्व स्तरीय ब्यूटी कांटेस्ट भी जीता था जिसमे उन्हें मिस डायमंड क्राउन का ख़िताब मिला था।

वीनस पलेर्मो

15 साल की वीनस पलेर्मो देखने में एकदम बार्बी डॉल जैसी दिखती है। लंदन में रहने वाली वीनस पलेर्मो को उनके फैन वीनस एंजलिक के नाम से जानते हैं।

अलीना कोवालेवस्काया

यूक्रेन मे जन्मी अलीना भी बार्बी की तरह दिखती है। लंम्बी टांगे, बड़ी-बड़ी आँखे और सुन्दर बाल उन्हें एक परफेक्ट बार्बी डॉल का लुक देता है लेकिन इस तरह का लुक पाने के लिए अलीना अपनी आँखों के लिए कॉटेक्ट लेंस का प्रयोग करती है जिसके कारण उसकी आँखे सुन्दर व बड़ी दिखती हैं।

लोलिता रिचीv

बार्बी डॉल की तरह दिखने वाली इस खूबसूरत लड़की का कहना है कि वह ‘रियल लाइफ टीनएज बार्बी’ है। इसके लिए उन्हें किसी भी तरह की प्लास्टिक सर्जरी नही करानी पड़ी।

वह कहती है कि इस गेटअप के लिए उसे मां (33 वर्षीय अन्या रिची) का भरपूर सपोर्ट मिला है। लोलिता की मां ही उसकी फोटोग्राफर है, जिन्होंने इंटरनेट पर उसकी शानदार तस्वीरें अपलोड की हैं।

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अनोखा समाज:-जहां लोगों के पूरे शरीर पर लिखा जाता है राम का नाम

हिन्दू धर्म में राम का नाम लेना ही बहुत पुण्यकारी माना जाता है लेकिन भारत में एक ऐसी संस्कृति भी है जिसमें राम नाम को कण-कण में बसाने की परम्परा है।

वैसे तो भारत को विविधताओं वाला देश कहा जाता है क्योंकि यहाँ पर हर धर्म के लोग और हर धर्म का अलग अलग स्वरूप देखने को मिलता है।

लेकिन आज इस लेख में हम आपको ऐसी ही एक अनोखी परम्परा के बारे ने बताने जा रहे हैं जिनके सिर्फ मुंह पर ही नहीं बल्कि पूरे शरीर पर राम नाम रहता हैं।

भारत के छत्तीसगढ़ राज्य में एक ऐसी परम्परा है जिसे “रामनामी” के नाम से जाना जाता है। इसी परम्परा के चलते इस संप्रदाय से जुड़े लोग अपने पूरे शरीर पर “राम-राम” का नाम अर्थात राम नाम का स्थाई टैटू बनवाते हैं।

राम-राम लिखे कपड़े धारण करते हैं, घरों की दीवारों पर राम-राम लिखवाते हैं, आपस में एक दूसरे का अभिवादन राम-राम कह कर करते हैं, यहां तक कि एक-दूसरे को राम-राम के नाम से ही पुकारते हैं।

इनके अनुसार राम हर मनुष्य में, पेड़-पौधों में, जीव-जन्तु में और समस्त प्रकृति में समाया हुआ है लेकिन न ये लोग मंदिर जाते हैं और न ही मूर्ति पूजा करते हैं।

टैटू बनवाने के पीछे भगवान की भक्ति के साथ ही सामाजिक बगावत भी एक कारण है। कहा जाता है कि 100 साल पहले गांव में हिन्दुओं की ऊंची जाति के लोगों ने इस समाज को मंदिर में जाने से मना कर दिया था।

इसके बाद से ही इन्होंने विरोध करने के लिए चेहरे सहित पूरे शरीर में राम नाम का टैटू बनवाना शुरू कर दिया। रामनामी समाज को “रमरमिहा” के नाम से भी जाना जाता है।

कई लोग इस परंपरा को पिछले 50 सालों से निभा रहे हैं। वहां के लोग बताते हैं जिस दिन उन्होंने ये टैटू बनवाया, उस दिन उनका नया जन्म हो गया। 50 साल बाद उनके शरीर पर बने टैटू कुछ धुंधले से हो चुके हैं लेकिन उनके विश्वास में कोई कमी नहीं आई है।

रामनामी जाति के लोगों की आबादी तकरीबन एक लाख है और छत्तीसगढ़ के चार जिलों में इनकी संख्या ज़्यादा है। सभी में टैटू बनवाना एक आम बात है।

इस समाज में पैदा हुए लोगों को शरीर के कुछ हिस्सों में टैटू बनवाना जरूरी है। खासतौर पर छाती पर और दो साल का होने से पहले। टैटू बनवाने वाले लोगों को शराब पीने की मनाही के साथ ही रोजाना राम नाम बोलना भी जरूरी है।

रामराम लिखवाने वालों ने बताया कि रामनामियों की पहचान राम-राम का नाम लिखवाने के मुताबिक की जाती है। शरीर के किसी भी हिस्से में राम-राम लिखवाने वाले रामनामी, माथे पर राम नाम लिखवाने वाले को शिरोमणि, और पूरे माथे पर राम नाम लिखवाने वाले को सर्वांग रामनामी और पूरे शरीर पर राम नाम लिखवाने वाले को नखशिख रामनामी कहा जाता है।

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जानिए खूबसूरत हमिंग बर्ड से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

दुनिया भर में बहुत सारे पक्षी पाए जाते हैं जो बहुत ही खूबसूरत होते हैं। उन्ही खूबसूरत पक्षियों में से एक है “हमिंग बर्ड” इसे गुंजन पक्षी के नाम से भी जाना जाता है।

यह दुनिया का सबसे छोटा पक्षी है। इस पक्षी का नाम हमिंग बर्ड इसके गुनगुनाने की वजह से पड़ा है। आज इस लेख में हम बात करेंगे हमिंग बर्ड के बारे में तो चलिए जानते हैं :-

  • यह (गुंजन पक्षी) विश्व की सबसे छोटी चिड़िया है।
  • हमिंग बर्ड एक ऐसा इकलौता पक्षी है जो उल्टा भी उड़ सकता है।
  • हमिंग बर्ड की कई प्रजातियाँ है पर किसी भी प्रजाति का वज़न भारी अथवा आकार बड़ा नहीं होता है। एक औसत हमिंग बर्ड का वज़न 2.0 ग्राम से कम होता है।

  • हमिंग बर्ड मधुमक्खी और छोटी चिड़िया का वंश है। यह मधुमक्खी जितनी ही होती है। यह अधिकतर क्यूबा के जंगलों में पाई जाती है।
  • दुनिया भर में इसकी की 300 से अधिक प्रजातियाँ पायी जाती हैं।
  • हमिंग बर्ड की चोंच आगे से थोड़ी मुड़ी हुई और लचीली होती है। यह फूलों का रस पीने के लिए फूल के अंदर आसानी से पहुंच जाती है।
  • हमिंग बर्ड की कुछ प्रजातियाँ ऐसी है, जिनकी तलवार जैसी चोंच उनके शरीर से बड़ी होती है।
  • इनकी जीभ काफी लंबी और डब्ल्यू के आकार में दो भागों में बंटी होती है। इसकी जीभ पर छोटे-छोटे बाल होते हैं, जो फूलों का रस चूसने में सहायता करते हैं। फूलों का रस पीते समय यह 22-72 बार अपने पंख फड़फड़ाती हुई हवा में एक ही जगह उड़ती रहती है।
  • इनके घोंसले बेहद छोटे होते हैं इनका आकार एक अखरोट से भी छोटा होता है।
  • हमिंग बर्ड्स के पंखों की संख्या 1000 से 1500 होती है, जो कि चिड़ियों की किसी भी प्रजाति से कम है। उड़ान के दौरान यह पक्षी एक सेकंड में करीब 80 से 100 बार अपने पंख फड़फड़ाती है और यह इतनी तेज होती है कि नंगी आंखों से आप पँखो को फड़फड़ाते हुए नहीं देख सकते। वैसे कुछ प्रजातियां एक मिनट में 200 बार अपने पँखो को फड़फड़ाते है।

  • इनके पैर बहुत कमजोर होते हैं, इसलिए ये मुश्किल से चल पाती हैं लेकिन अपने पैरों की मदद से ये पेड़ की टहनियों को कसकर पकड़ लेती हैं और खड़े-खड़े सो सकती हैं।
  • इनका भोजन मुख्यतः फूलों का रसपान है। यह पक्षी फूलों पर अक्सर मंडराती रहती है। ये फूलों का रस चूसकर पेट भरती है। इसके अलावा यह कीड़े मकोड़ो को भी खाती है। यह पक्षी हर 10 से 15 मिनट में भोजन करती है। इसके पीछे का कारण एनर्जी प्राप्त करना है। उड़ने के लिए इनको एनर्जी की आवश्यकता होती है।
  • हमिंग बर्ड मुख्य रूप से फूलों का रस पीती हैं। दिन भर में यह करीब 1,000 फूलों का रस पीती हैं। इन्हें लाल और नारंगी रंग के ट्यूबलर प्रकार के फूल खास प्रिय हैं क्योंकि इनमें इनकी चोंच आसानी से चली जाती है।
  • यह 60-80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ सकती है।
  • एक औसत हमिंग बर्ड का दिल 1 मिनट में 1,200 बार धड़कता है।
  • हमिंग बर्ड 4-5 साल तक जिंदा रहती हैं। ये अकसर सांप, उल्लू या बड़ी बर्डस का शिकार बन जाती हैं।
  • इस पक्षी की याददास्त बहुत तेज होती है। यह जिस फूल पर एक बार चली जाती है, उसे नहीं भूलती।

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जानिए अंगूर खाने से होने वाले चमत्कारी फायदों के बारे में

प्रकृति ने हमें अनगिनित खाने की चीजें दी है। कुछ खाद्य पदार्थ सचमुच हमारे जीवन को हर तरह से आसान और स्वस्थ बना सकते हैं और इसीलिए उन्हें सुपरफूड भी कहा जाता है।

जिससे हम पूर्णतया स्वस्थ्य रह सकते हैं। ऐसा ही एक फल है “अंगूर” जो हमारे शरीर की अनेकों बीमारियों को ठीक करने में मदद करता है।

यदि आप इसका सेवन आज से शुरू करते है तो इसका फर्क आप कुछ ही दिनों में महसूस कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं अंगूर खाने से होने वाले चमत्कारी फायदों के बारे में :-

  • मानसिक तनाव के कारण सिरदर्द या माइग्रेन की शिकायत हो तो प्रतिदिन प्रात: काले अंगूर का रस पीना चाहिए।
  • छोटे बच्चों को दांत निकलते वक्त अंगूर का रस नियमित रूप देना चाहिए।
  • गुर्दै और जिगर की बीमारियों में अंगूर का रस काफी लाभप्रद रहता है।
  • कैटेचिन हरी अंगूर में पाए जाने वाले एक अन्य प्रकार के एंटीऑक्सिडेंट हैं जो कोशिका क्षति को रोकते हैं।
  • अंगूर के सेवन से खून साफ होता है। मौसम के अनुसार अगूर खाने से त्वचा खूबसूरत और चमकदार होती है।
  • कब्ज को दूर करने के लिए अंगूर का सेवन करना अच्छा होता है।
  • गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन अंगूर का सेवन करना चाहिए। इससे वे अनीमिया की शिकार होने से बचेंगी।
  • घबराहट, बेचैनी या कमजोरी महसूस होने पर अंगूर का जूस पीना चाहिए।
  • अंगूर खूबसूरती भी बढ़ाता है। अंगूर में आरसेनिक धातु पाई जाती है जिसके कारण नियमित रूप से सेवन करते रहने से चेहरे पर खूबसूरती बढ़ती जाती है और झुर्रियां काम होती हैं। अंगूर के सेवन से हड्डियां भी मजबूत होती हैं।
  • अंगूर में कैलोरी की भरपूर मात्रा होती है। 100 ग्राम अंगूर में 69 कैलोरी होती है और इसका कोलेस्ट्रॉल स्तर शून्य होता है।
  • महिलाओं की माहवारी की पीड़ा को दूर करने में अंगूर काफी बढ़िया दवा है।
  • अंगूर आयरन, कॉपर, कैल्शियम, पोटेशियम और मैंगनीज जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों से भी भरपूर होते हैं, जो हमारी त्वचा की कोशिकाओं और संपूर्ण स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं।
  • अंगूर एंटीऑक्सिडेंट का एक उत्कृष्ट स्रोत हैं।
  • अंगूर विटामिन ए, सी, बी 6 और फोलेट से भरपूर होते हैं जो हमारी त्वचा की कोशिकाओं के लिए आवश्यक हैं।
  • अंगूर का इस्तेमाल मिठाइयों और अन्य व्यंजनों के लिए भी किया जाता है।
  • क्या आप यह भी जानते हैं कि ये छोटा सा फल दिल की समस्याओं, अल्जाइमर और कैंसर जैसी बीमारियों को रोक सकती हैं?
  • शोध से पता चला है कि फ्रेंच में हृदय रोगों की दर कम है क्योंकि रेड वाइन उनके आहार का एक अनिवार्य हिस्सा है।
  • अंगूर में पोटेशियम की मात्रा रक्तचाप को नियंत्रित करती है।
  • अंगूर खाने से आंखों की रोशनी बनाए रखने में मदद मिलती है क्योंकि रेटिना में प्रोटीन जारी होता है।
  • रेस्वेराट्रोल शरीर के रक्त प्रवाह को मस्तिष्क की ओर बढ़ाने में मदद करता है जो मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ाता है। यह पट्टिका और मुक्त कणों को भी हटा सकता है। यह मुँहासे को रोकता है और मुँहासे के निशान को ठीक करता है।
  • अंगूर एंटीऑक्सिडेंट में समृद्ध हैं जो जोड़ों को लचीलापन और ताकत प्रदान करते हैं इसलिए यह आपके घुटनों के लिए भी अच्छा है।

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यकीन कर पाना है मुश्किल, यह मंदिर 15000 किलो सोने से बना है

आपने अब तक भारत के कई मंदिरों के दर्शन किए होंगे और सभी मंदिर अपने आप में कोई न कोई विशेषता रखता है। आज हम जिस मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं वह दुनिया भर में अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है।

यह तमिलनाडु के वेल्लूर में बना देवी महालक्ष्मी का मंदिर है। इस मंदिर की खासियत यह है कि इसे 15000 किलो सोने से बनाया गया है और इसी वजह से इसे दक्षिण भारत का स्वर्ण मंदिर भी कहा जाता है।

रात के समय जब इस मंदिर में प्रकाश किया जाता है तब यह और भी अधिक खूबसूरत दिखाई देता है। इस मंदिर को सुबह 4 से 8 बजे तक अभिषेक के लिए और सुबह 8 से रात के 8 बजे तक दर्शन के लिए खोला जाता है।

इस मंदिर को और खूबसूरत बनाने के लिए इसके बाहरी क्षेत्र को सितारे का आकार दिया गया है। इस मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है कि विश्व में किसी भी मंदिर के निर्माण में इतना सोना नहीं लगा है जितना की इस मंदिर में लगा है।

बता दें अमृतसर के गोल्डन टेम्पल में सिर्फ 750 किलो लगा है। इस मंदिर को सोने से बनाने में 7 साल का समय लगा था। यह मंदिर 100 एकड़ जमीन पर बना हुआ है।

महालक्ष्मी मंदिर को बनाने में लगभग 15000 किलो शुद्ध सोने का इस्तेमाल हुआ है। इस स्वर्ण मंदिर को बनाने में 300 करोड़ से भी ज्यादा राशि का इस्तेमाल हुआ था। महालक्ष्मी मंदिर में हर एक कलाकृति हाथों से बनाई गई है।

जब रात में इस मंदिर के अंदर प्रकाश किया जाता है तो सोने की चमक देखने वाली होती है। इस मंदिर को 24 अगस्त 2007 में दर्शन के लिए खोला गया था।

रात के समय यहां भक्तों की संख्या ज़्यादा रहती है क्योंकि इस वक्त सोने से बने पूरे मंदिर को रोशनी से जगमगाया जाता है जो कि बहुत अद्भुत नज़ारा होता है।

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क्यों होते हैं आँखों के नीचे काले घेरे जानिए कैसे पाएं छुटकारा

आंखों के नीचे काले घेरे होना आम बात है। यह समस्या पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं में भी देखी जाती है। इसका मूल कारण अत्यधिक जागृति है।

जिन लोगों नींद पूरी नहीं होती, जो तनावग्रस्त होते हैं वे इन समस्याओं से अधिक पीड़ित होते हैं। यह समस्या आपकी स्मार्टनेस को कम कर देती है।

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्यों होते है ये काले घेरे और कैसे हम इनसे छुटकारा पा सकते हैं तो आइए जानते हैं :-

आँखों के नीचे काले घेरे के कारण: –

  • एनीमिया – आँखों के नीचे काले घेरे का यह भी एक मुख्य कारण है। आयरन की कमी वाले व्यक्ति में लाल रक्त कोशिकाएं आकार में छोटी होती हैं और इसलिए रक्त वाहिकाओं के माध्यम से अधिक आसानी से रिसाव करती हैं। इस प्रकार आंखों के नीचे की त्वचा में खिंचाव पैदा होता है जो धीरे-धीरे काले घेरे के रूप ले लेता है।
  • विटामिन की कमी – आहार में विटामिन की कमी भी काले घेरे का एक प्रमुख कारण है। ये विशेष रूप से एक कुपोषित व्यक्ति की आँखों के नीचे दिखाई देते हैं। यदि ऐसे व्यक्तियों को उनके आहार में विटामिन ए, सी, ई और के की पर्याप्त मात्रा दी जाती है तो इन काले घेरों को समाप्त किया जा सकता है।
  • पर्याप्त पानी न पीना – यह लक्षण उन लोगों में भी सबसे अधिक दिखाई देते हैं जो पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं।
  • पर्याप्त नींद न लेना और थका हुआ होना – दिन-रात के काम, जागने या अपर्याप्त नींद के कारण शरीर अत्यधिक थक जाता है। इसका आंखों के नीचे की त्वचा पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इससे आँखों में खुजली हो सकती है और जब आँखों में खुजली होती है तो हम इन्हें रगड़ते हैं। आँखों को इस तरह रगड़ने से आंखों के नीचे की रक्त वाहिकाएं फट जाती हैं और रंग गहरा हो जाता है।
  • हार्मोनल प्रभाव – शरीर में हार्मोन के प्रभाव के कारण आँखों के नीचे की त्वचा काली पड़ जाती है। यह प्रभाव गर्भावस्था के दौरान महसूस किया जाता है, खासकर महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान।
  • आनुवंशिकता – यदि किसी परिवार में इस तरह के काले घेरे पीढ़ी-दर-पीढ़ी दिखाई देते हैं, तो ये कम उम्र से भी दिखाई दे सकते हैं।

कैसे पाएं छुटकारा

  • जब आंखों के नीचे काले घेरे दिखाई देते हैं, तो अक्सर अलग अलग सौंदर्य प्रोडक्ट्स का उपयोग करके इन घेरों को छिपाने का प्रयास किया जाता है। जैसे “कंसीलर” लेकिन यह एक अस्थायी और सतही उपचार था।
  • संतुलित आहार को पहली प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कैल्शियम, प्रोटीन और आयरन से भरपूर आहार लें साथ ही उच्च फाइबर खाद्य पदार्थ और पत्तेदार सब्जियां खाएं। दूध और घी का सेवन रोज करना चाहिए और फल खाने चाहिए।
  • तैलीय, मसालेदार भोजन का सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए। हर आठ से दस गिलास पानी पिएं ताकि शरीर शुष्क न हो।
  • यदि आहार के साथ-साथ योग किया जाए मुख्य रूप से प्राणायाम, भ्रामरी और ध्यान का अभ्यास किया जाए, तो इन काले घेरों से छुटकारा पाया जा सकता है।
  • आंखों के नीचे काले घेरे से छुटकारा पाने में खीरा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे आंखों को भी आराम मिलता है। खीरे का पेस्ट एक अच्छा क्लीन्ज़र है। यह आंखों के नीचे काले घेरे कम करने में मदद करता है। एक खीरे को छीलें, इसे पीस लें और इसे दिन में दो से तीन बार 10 मिनट के लिए लगाएं।
  • यदि आप पर्याप्त नींद नहीं ले पाते हैं तो इससे आंखों के नीचे काले घेरे हो सकते हैं। इससे बचाव के लिए पर्याप्त नींद लें। आराम बहुत जरूरी है। यह आंखों पर खिंचाव को कम करेगा और उन्हें काले होने से बचाएगा।
  • टमाटर के कई गुण आपकी त्वचा पर काले धब्बों को कम करने में मदद करते हैं। इसका मिश्रण बनाने के लिए एक चम्मच टमाटर का पेस्ट और नींबू का रस (कुछ बूंदें) मिलाएं। इस मिश्रण को अपनी आंखों के नीचे लगाएं। दो मिनट तक रखें। फिर ठंडे पानी से धो लें।
  • बादाम के तेल में कई गुण होते हैं। यह आंखों के आसपास की त्वचा को फायदा पहुंचाता है। बादाम के तेल का नियमित उपयोग त्वचा की टोन को उज्ज्वल करने में मदद करता है। रात में आंखों के नीचे बादाम का तेल लगाएं। धीरे से मालिश करें। सुबह उठने के बाद अपना चेहरा धो लें।

कुछ अन्य उपयोग: –

  • गुलाब जल – गुलाब जल में कपास की कलियों को डुबोएं और इसे सोते समय दोनों पलकों पर रखें।
  • जायफल – जायफल विटामिन ई और सी से भरपूर होता है। जायफल को पानी में भिगोकर रात को सोते समय काले घेरे पर लगाएं और सुबह अपने चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।
  • बादाम – दूध में बादाम भिगोएँ और खीरे के स्लाइस के साथ आँखों को कवर करें और पंद्रह मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें।
  • एलोवेरा, ककड़ी, आलू, शहद, नींबू, नारियल तेल, केस्टर ऑयल, केसर का तेल, दूध, हल्दी, केसर, टमाटर, ग्रीन टी का उपयोग लेप के लिए किया जा सकता है। डॉक्टर की सलाह पर, अन्य दवाओं के साथ अपनी त्वचा के अनुसार लोशन लगाएं।

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वे 7 काम जो सफल व्यक्ति सोने से पहले करते हैं

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यदि हम सफल लोगों को रोल मॉडल बनाकर उनकी आदतों को जीवन में उतारा जाएं तो हमें ऊंचाई हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता।

ये आदतें छोटी भी हो सकती हैं और बड़ी भी, लेकिन हर आदत का अपना महत्व होता है। आज हम आपको बताने जा रहें हैं सफल व्यक्ति सोने से पहले क्या काम करते हैं, तो आइए जानते हैं :-

कम से कम 30 मिनट पढ़ें

बराक ओबामा से लेकर बिल गेट्स जैसे शीर्ष सफल व्यक्ति सोने से पहले कम से कम 30 मिनट जरूर पढ़ते हैं। इतना ही नहीं, वे रात के समय मोबाइल बंद कर देते हैं या डाटा ऑफ कर देते हैं।

वे इन घंटों को बेहद निजी रखते हैं और ऐसे काम करते हैं जिनसे उनको खुशी मिले। यह उनके दिमाग को रिचार्ज करता है और इससे अगला दिन अधिक उत्पादक होता है।

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अगले दिन की सकारात्मक कल्पना करते हैं

यह एक बहुत ही अद्भुत आदत है। बहुत से सफल व्यक्ति सोने से पहले अगले दिन की बेहद शक्तिशाली तरीके से कल्पना करते हैं। वे अपने काम को पूरा होते हुए देखते हैं बड़ी रकम के चेक आते हुए देखते हैं।

जो समस्या बहुत दिन से हल नहीं हो रही है, वे देखते हैं कि उसका समाधान मिल गया है। वे अगले दिन की सफलता का मानसिक चित्रण करते हैं। बहुत से लोगों को तो रात में अपनी समस्याओं के समाधान का क्लू भी मिल जाता है।

परिवार को समय देते हैं

वे यह सुनिश्चित करते हैं कि रात को सोने से पहले अपने जीवनसाथी के साथ सोने का समय नियत करें जिससे बिस्तर पर हल्की-फुल्की गप्प हो सके।

सोने से पहले वे अपने बच्चों के कमरे में जाकर उनसे बतियाते हैं और उन्हें दोस्त बनाते हैं। इससे परिवार में प्रगाढ़ता बढ़ती है और यही प्रगाढ़ता उन्हें उत्पादक बनाती है।

ध्यान-मनन करते हैं

बहुत से सफल व्यक्ति सोने से पहले ध्यान-मनन करते हैं। इससे दिन भर का तनाव दूर हो जाता है। ध्यान से उनका फोकस बढ़ता है और वे शांति के साथ सही निर्णय ले पाते हैं।

खुद को साफ-स्वच्छ रखते हैं

‘क्लीन बॉडी, क्लीन माइंड’ के सिद्धांत पर यकीन करने वाले सफल लोग सोने से पहले गुनगुने पानी से स्नान करते हैं। कुछ लोग अच्छे से चेहरा और हाथ-पैर धोकर ब्रश करते हैं और अपने बाल बनाते हैं। ये लोग सोने के पहले खुद को शीशे में भी देखते हैं।

डिनर-ड्रिंक्स से परहेज करते हैं

यदि पार्टियों की बात छोड दें तो सामान्य तौर पर देर रात के भारी डिनर और ड्रिंक्स से सफल लोग दूर रहते हैं। इससे सुबह के व्यायाम में भी समस्या नहीं आती और शरीर स्वस्थ रहता है।

अनेक स्लीप अलार्म लगाते हैं

नींद के समय को तय करने और अपनी बॉडी क्लॉक को सेट करने के लिए सफल लोग 2-3 अलार्म लगाते हैं। पहला अलार्म यह संदेश देता है कि सोने का समय आने वाला है और अपना काम ख़त्म करने की तैयारी करो।

दूसरे अलार्म का अर्थ है कि अब बिस्तर पर आ जाओ। धीरे-धीरे अलार्म हमारा समय तय कर देते हैं और बाद में हमें ठीक उसी वक़्त पर नींद आने लगती है। एक उत्पादक दिन के लिए शानदार नींद जरूरी है।

सांप की जीभ दो भागों में क्यों कटी होती है? जानिए क्या है इसके पीछे रहस्य!

सांप को देखकर अक्सर लोग डर जाते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में सांपों की 2500 से 3000 प्रजातियाँ पाई जाती हैं। जहरीले सर्पो की 89 प्रजातियाँ भारत में पाई जाती है, जिनमें से 29 समुद्री साँप और 40 स्थलीय साँप हैं।

वैसे तो आपने अपनी जिंदगी में कई सांप देखे होंगे और इतना तो जरूर जानते होंगे कि सांप की जीभ आगे से दो हिस्सों में बंटी हुई होती है लेकिन ऐसा क्यों है। चलिए आज जानते हैं इस रहस्य के बारे में।

सांपों की जीभ दो भागों में कटी हुई होती है। इसके पीछे एक गहरा रहस्य छुपा हुआ है जिसका उल्लेख महाभारत में देखने को मिलता है। जी हां, दरअसल महर्षि वेदव्यास द्वारा लिखी गई महाभारत में सांपों की जीभ से जुड़ी एक बहुत ही रोचक कथा है।

महाभारत के अनुसार, महर्षि कश्यप की 13 पत्नियां थीं। कद्रू उनमें से एक थी। सभी सांप कद्रू के बच्चे हैं। इसके आलावा महर्षि कश्यप की एक अन्य पत्नी का नाम विनता था, जिनके पुत्र पक्षीराज गरुड़ हैं।

एक बार महर्षि कश्यप की पत्नी कद्रू और विनता ने एक सफेद घोड़ा देखा। उसे देखकर कद्रू ने कहा कि घोड़े की पूंछ काली थी और विनता ने कहा कि नहीं यह सफेद थी। इस बात पर दोनों में एक शर्त लग गई।

तब कद्रू ने अपने नाग पुत्रों से कहा कि वो अपना आकार छोटा करके घोड़े की पूंछ से लिपट जाएं। ताकि घोड़े की पूंछ काली नजर आए और वह शर्त जीत ले। उस समय कुछ नाग पुत्रों ने ऐसा करने से मना कर दिया।

कद्रू ने अपने ही पुत्रों को श्राप दे दिया। दरअसल श्राप यह था कि तुम राजा जनमेजय के यज्ञ में भस्म हो जाओगे। शाप सुनकर नाग पुत्र सफेद घोड़े की पूंछ पर चढ़ गए जैसा कि उनकी माँ ने कहा था और घोड़े की पूंछ काली हो गई।

शर्त हारने के बाद विनता कद्रू की दासी बन गई। जब विनता के बेटे गरुड़ को पता चला कि उसकी माँ गुलाम बन गई है तो उन्होंने कद्रू और उनके नाग पुत्रों से पूछा कि तुम्हें मैं ऐसी कौन सी वस्तु लाकर दूं, जिससे कि मेरी माता तुम्हारे दासत्व से मुक्त हो जाएं।

तब नाग पुत्रों ने कहा कि अगर तुम हमें स्वर्ग से अमृत लाकर दोगे तो तुम्हारी माता अवश्य ही हमारी माता के दासत्व से मुक्त हो जाएंगी।

अब नागपुत्रों के कहेनुसार गरुड़ स्वर्ग से अमृत का कलश ले आए और उसे कुशा यानि कि एक प्रकार की धारदार घास पर रख दिया।

इसके बाद उन्होंने सभी सर्पों को अमृत पीने से पहले स्नान करने को कहा। गरुड़ के कहेनुसार, सभी सांप स्नान के लिए गए लेकिन इसी बीच देवराज इंद्र वहां आए और फिर से अमृत कलश लेकर स्वर्ग चले गए।

जब सभी सांप स्नान करने के बाद आए तो उन्होंने देखा कि कुश पर कोई अमृत पात्र नहीं था। सांप फिर उस घास को चाटने लगे जिस पर अमृत रखा था।

दरअसल उन्हें लगा कि इस जगह पर अमृत का थोड़ा अंश तो अवश्य गिरा होगा। हालांकि ऐसा करने से उन्हें अमृत की प्राप्ति तो नहीं हुई लेकिन घास की वजह ही उनकी जीभ के दो टुकड़े अवश्य हो गए।

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अगर चाय और कॉफी के शौक़ीन हैं तो अपनाए इन ख़ास नुस्खों को स्वाद दोगुना हो जाएगा!

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चाय हो या कॉफी जब तक इसका स्वाद लाजवाब ना हो, पीने में मज़ा ही नहीं आता। इनके स्वाद को बढ़ाने के लिए प्रयोग होते ही रहते हैं।

आज इस पोस्ट में हम आपको कुछ ऐसे ही नुस्खों या प्रयोग के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से चाय और कॉफी के स्वाद को दोगुना किया जा सकता है।

अगर आप भी इनका स्वाद बढ़ाना चाहते है, तो इनमें कुछ ख़ास सामग्री मिलाने की आवश्यकता होती है जिससे की इसके स्वाद को बढ़ाया जा सकता है।

ऐसे बढ़ाएं कॉफी का स्वाद…

  • एक कप कोल्ड कॉफी में एक स्कूप वनीलाआइसक्रीम डालकर फेंटने से इसका स्वाद बढ़ जाता है। ये सिर्फ़ कोल्ड कॉफी में कारगर है।
  • कन्डेंस्ड मिल्क मीठा और क्रीम की तरह होता है। गर्म या कोल्ड कॉफी में 1-2 चम्मच कन्डेंस्ड मिलाने से ये कॉफी का स्वाद लाजवाब करता है। इससे कॉफी गाढ़ी भी बनेगी।
  • आप कॉफी में पिघली हुई चॉकलेट भी मिला सकते हैं और चॉकलेट पाउडर मिलाने से भी स्वाद बढ़ेगा।
  • दालचीनी, अदरक या इलायची से भी इसका स्वाद बढ़ाया जा सकता है।
  • कॉफी में वनीला एक्सट्रेक्ट या शक्कर के स्थान पर शहद मिला सकते हैं।

जब चाय बनानी हो

  • अगर चाय बनाते वक़्त एक छोटा चम्मच कॉफी पाउडर मिलाया जाए, तो चाय बेहद स्वादिष्ट बनेगी। कॉफी के अलावा पिघली चॉकलेट भी मिला सकते हैं। कप में चाय छानने के बाद ऊपर से गर्म पिघली हुई चॉकलेट मिलाएं।
  • चाय बनाते वक़्त दूध के बजाय क्रीम का इस्तेमाल करें। इससे चाय का स्वाद बढ़ेगा और चाय गाढ़ी भी बनेगी।
  • चाय का स्वाद बढ़ाने के लिए दालचीनी, काली मिर्च या लौंग का प्रयोग किया जाता रहा है। इन्हें पिसा हुआ इस्तेमाल करने की बजाय चाय बनाते वक़्त ही ओखल में पीसकर मिलाएं। इससे अच्छा स्वाद आएगा।

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