दुनिया की 7 सबसे जहरीली मशरूम!

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मशरूम भारत के अधिकतर पर्वतीय भागों में पाई जाती है. बरसात के मौसम में यह खास कर उगती है. कुछ मशरूम खाने योग्य होती है तो कुछ ज़हरीली होती हैं जिन्हें खाने पर चक्कर आना, घबराहट, दस्त, पेट दर्द, सिर दर्द से लेकर गंभीर बीमारियाँ हो सकती है. तो सवाल उठता है जहरीली मशरूम को कैसे पहचाने?

हालाँकि खाए जाने वाले मशरूम की लगभग 70-80 जहरीली प्रजातियों में से कुछेक ही जानलेवा हैं. लेकिन, इनमें से भी अधिकतर विषैली प्रजातियाँ खाए योग्य प्रजातियों से इतना ज्यादा मेल खाती हैं कि इनकी आसानी से पहचान करना काफी मुश्किल हो जाता है. हम यहाँ खाने के लिहाज से खतरनाक और जानलेवा कुछ जहरीली मशरूम के बारे में जानकारी दे रहे हैं.

1) डैडली डेपेरलिंग(Lepiota brunneoincarnata)

फुलावदार डैडली डेपेरलिंग यूरोप और एशिया में पाया जाता है. यह अन्य खाए जाने वाली मशरूम के जैसा दीखता है इसलिए इसके सेवन की संभावनाएं बढ़ जाती है. इस जहरीली मशरूम का सेवन करने से लीवर में जहर फ़ैल सकता है और अगर तुरंत इलाज ना करवाया गया तो जानलेवा हो सकता है.

2) Podostroma cornu-damae

यह मशरूम अधिकतर एशिया में पाया जाता है. इसकी वजह से जापान और कोरिया में काफी लोगों को परेशानी का सामना करना पडता है. इस के खाने से पेट दर्द, त्वचापर छाले, बाल झड़ना, लो ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं. समय पर इलाज ना करवाया गया तो मौत तक हो सकती है.

3) Destroying Angels (Amanita species)

यह जहरीली मशरूम  देखने में खाए जा सकने वाले बटन मशरुम जैसी दिखती है.  इस जहरीली मशरूम को खाए जाने पर इसके लक्षण 5 से 24 घंटो में दिखाई दे जाते है. इस के सेवन से उल्टी आना, दस्त की बीमारी, लीवर और किडनी भी फेल हो जाती है और अक्सर मौत भी हो जाती है.

4)  Autumn Skullcap (Galerina marginata)

जहरीली मशरूम

यह ज्यादातर उतरी गोलार्ध और ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिसौं में पाया जाता है. इस जहरीले मशरूम का सेवन करने से दस्त, उल्टी, लीवर खराब होना और अंत में मौत कारण बन सकता है अगर समय पर इलाज ना करवाया गया.

 5) Webcaps (Cortinarius species)

वेब्कैप्स की प्रजाति डेडली वैबकैप (Cortinarius rubellus) और फूल्स वैबकैप (Cortinarius orellanus) देखने में एक जैसे लगते है. यह मशरुम शरीर में orellanin नाम का जहर बनाते है जिसके लक्ष्ण फ्लू के जैसे होते हैं. अगर समय पर इलाज ना हुआ तो यह ज़हर अंत में किडनी की क्षति और मौत का कारण बनता है. सन 2008 में, अंग्रेज़ी लेखक निकोलस इवांस ने गलती से इसे अपने घर वालौं को और रिश्तेदारौं को खिला दिया था. जिसकी वजह से उन चारौं को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. अंत में उन सब की किडनी ट्रांसप्लांट करवानी पडी.

6) Conocybe filaris

जहरीली मशरूम

Conocybe filaris एक मासूम दिखने वाला लॉन मशरुम है. यह फिलारिस विशेष रूप से प्रशांत उत्तर – पश्चिम में पाया जाता है. इसका सेवन करने के बाद 6-24 घंटो में इसका असर दिखना शुरू हो जाता है. फिलारिस से फ़ूड पोइसोनिंग और स्टोमक फ्लू जैसी प्रोब्लम्स हो जाती है.

7) Death Cap (Amanita phalloides)

डैथ कैप नाम की यह यह मशरुम सबसे अधिक जहरीली मशरूम है. यह पूरे यूरोप और एशिया में पाई जाती है.  यह देखने में खाने योग्य स्ट्रॉ मुशरूम्स और सीज़र मुशरूम्स जैसे लगती है. इसका सेवन करने के बाद 6 से 12 घंटो के बीच उल्टी आना, खूनी दस्त, जैसे लक्ष्ण नज़र आने लगते है.

इनके अलावा और भी बहुत सारी जहरीली प्रजातियाँ हैं. विकिपीडिया की लिस्ट देखें और pinterest का बोर्ड चेक करें.

Image Source: https://goo.gl/3BNi23

आपके सोने का तरीका भी बताता है व्यक्तित्व के बारे में, जानिए कैसे?

सांस लेने की तरह, सोना भी एक सामान्य क्रिया है। सोना शरीर के लिए बहुत आवश्यक होता है और अच्छी एवं पूरी नींद हमें फिर से तरोताज़ा कर देती है। लेकिन क्या कभी आपने सोने के तरीके पर गौर किया है कि आप किस तरह सोते हैं?

आपके सोने का तरीका आपके स्वभाव और व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ बताता है। कई स्टडीज से यह बात साबित भी हो चुकी है कि हमारे सोने के तरीके और हमारे व्यक्तित्व में गहरा संबंध होता है।

हम किस तरह सोते हैं, यह पूरी तरह से अवचेतन मन (सबकॉन्शियस माइंड) पर निर्भर करता है। हम इसे सोच समझकर तय नहीं करते हैं। गहरी नींद में जाने पर हम नैचुरली किसी एक पोजिशन में चले जाते हैं।

एक स्टडीज के मुताबिक, केवल 5 प्रतिशत लोग हर रात अपने सोने की पोजिशन बदलते हैं जबकि बाकी लोग हमेशा एक ही तरीके से सोते हैं।

करवट लेकर सोना

यदि आप करवट लेकर दोनों पैरों को चिपकाए बिना नहीं सोते हैं तो आप एक शांत और भरोसेमंद इंसान हैं। आपको किसी भी प्रकार से ठेस पहुंचा पाना आसान नहीं है और आपको भविष्य की चिंता सताती नहीं है। आप चुनौतियों से परेशान नहीं होते और अपने जीवन में हो रहे किसी भी बदलाव से सामंजस्य बिठा लेते हैं।

हाथ-पैर सिकोड़कर गोल होकर सोना

यदि आप गर्भ में पल रहे बच्चे की तरह सो रहे हैं तो आपको अक्सर ऐसा लगता है कि आपके जीवन में सुरक्षा और संरक्षण का अभाव है।

पेट के बल सोना

यदि आप पेट के बल अपने हाथों और पैरों को बाहर की ओर निकालकर सोते हैं तो आप पैदायशी लीडर हैं। आप शीघ्र फैसले लेने में सक्षम हैं और निजी तथा व्यावसायिक जीवन में संतुलन बनाना आपको आता है। पहले से योजना बनाने को आप प्राथमिकता देते हैं।

पीठ के बल सोना

यदि आपको पीठ के बल सोना भाता है तो आप एक सकारात्मक व्यक्ति हैं जो जीवन को खुशगवार बनाए रखने में यकीन रखता है।

आप अपने काम को दृढ़ता और मेहनत से करते हैं तथा तर्कसंगत बातें,सत्य बोलने में यकीन करते हैं। इस तरह से सोने वाले लोग अक्सर बहुत सुदृढ़ व्यक्तित्व के धनी होते हैं।

सावधान की मुद्रा में सोना

यदि आप सावधान की मुद्रा में किसी फ़ौजी के समान सोना पसंद करते हैं तो इसका अर्थ यह हो सकता है कि आप जीवन अनुशासन पसंद करते हैं।

साथ ही आपके लक्ष्य क्लियर होते हैं और आप निरंतर उसी के बारे में सोचते हुए उसे प्राप्त करने की कोशिश करने में जुटे रहते हैं। ये लोग सबसे पहले स्वयं से बहुत उम्मीदें लगा लेते हैं।

दोनों हाथ अपने सिर के नीचे तकिए की तरह लगा कर सोना

अपने दोनों हाथ अपने सिर के नीचे तकिए की तरह लगा कर सोने वाले लोग हर चीज को लेकर बहुत निश्चिंत और बेफिक्र रहते हैं।

सामान्यतः ऐसा इंसान जीवन में किसी का बुरा नहीं सोचता और उसकी कोशिश दूसरों के हित की ही होती है। ये प्रैक्टिकल होने के बजाए भावुक ज्यादा होते हैं।

पांव ऊपर की ओर सरकाकर सोना

यदि आप इस तरह एक पांव ऊपर की ओर सरकाकर सोते हैं तो बहुत ज्यादा सम्भावना है कि आपका व्यक्तित्व बिल्कुल अप्रत्याशित है और आपको कई प्रकार के जोखिम भरे कार्य करना पसंद हैं।

हालांकि आपका मूड़ किसी भी समय बदल सस्ता है और आपके आस-पास के लोगों को इससे आश्चर्य भी हो सकता है।

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जल्दी उठने वाले और देर रात को सोने वाले लोगों में 7 अंतर

सुबह जल्दी उठने वाले लोग परिपूर्णतावादी होते हैं, जबकि देर रात को सोने वाले लोग टिककर खेलने में माहिर होते हैं.

बार्सिलोना विश्वविद्यालय में एक अध्ययन में सामने आया कि जो लोग सुबह जल्दी उठते हैं उन्हें “ थकान, निराशा और कठिनाइयों” का सामना नहीं करना पड़ता. जबकि देर रात को जागने वाले लोग “ अपव्यय, आवेग और नवीनता का मांग” जैसी समस्याओं का सामना करते हैं.

सुबह जल्दी उठने वाले लोग ख़ुशी-ख़ुशी से उठते हैं जबकि देर रात को जागने वाले लोग उदासी वाले चेहरे के साथ सुबह उठते हैं.

देर रात को जागने वाले लोग सुबह जल्दी उठने से कतराते हैं. वह अपनी घड़ी के अलार्म को बार-बार बंद करते रहते हैं. अगर वह घड़ी के अलार्म से उठ भी जाएँ तो भी उनके चेहरे पर उदासी ही छाई होती है. जबकि जल्दी उठने वाले लोग अपने चेहरे पर बड़ी मुस्कान से सुबह का स्वागत करते हैं.

सुबह जल्दी उठने वाले लोग हमेशा अपने काम में सक्रिय रहते हैं. जबकि देर रात को सोने वाले लोग अपने काम में होशियार होते हैं

सफल होने की कुंजी हमेशा आपकी बुद्धि से नहीं जुडी होती. एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग सुबह जल्दी उठते हैं उनके सफल होने की संभावना ज्यादा होती है क्योंकि उनके द्वारा घंटों किया गया काम उनको दुनिया में सफलता दिलाता है.

जो लोग सुबह जल्दी उठते हैं वह चाय पीना पसंद करते हैं जबकि जो लोग देर रात तक सोते हैं उन्हें शराब पीना अच्छा लगता है

जो लोग सुबह जल्दी उठते हैं वह चाय पीने के शौकीन होते हैं जबकि देर रात तक जागने वाले लोग कॉफ़ी और शराब पीने के इच्छुक होते हैं. क्योंकि शराब और कॉफ़ी में कैफीन की मात्रा अधिक होती है.

जो लोग जल्दी उठते हैं वह रात के समय रचनात्मक होते हैं जबकि देर रात तक जागने वाले लोग दिन के समय रचनात्मक होते हैं.

एक शोध में पाया गया कि जो लोग सुबह जल्दी उठते हैं वह रचनात्मक समस्याओं का रात के समय समाधान करने में ज्यादा सक्षम होते हैं ना कि दिन के समय में. जबकि देर रात तक सोने वाले लोग, दिन के समय रचनात्मक समस्याओं का समाधान करने में ज्यादा सक्षम होते हैं.

जल्दी उठने वाले लोग बूढ़े होते हैं जबकि देर रात को सोने वाले लोग जवान होते हैं

वैज्ञानिक शोध में पाया गया है कि जल्दी उठने वाले लोगों में ज्यादातर लोग बूढ़े होते हैं. जबकि देर रात को सोने वाले लोगों में वह लोग आते हैं जो जवान होते हैं.

जल्दी उठने वाले लोगों को अपना सुबह का नाश्ता अच्छा लगता है जबकि देर रात को जागने वाले लोगों को अपना रात का खाना अच्छा लगता है.

हमारे काम करने के सबसे पसंदीदा घंटे ना कि हमारे मूड पर अपना प्रभाव डालते हैं बल्कि हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन पर भी प्रभाव डालते हैं. सुबह उठने वाले लोग अखबार पढ़ते-पढ़ते अपना नाश्ता करते हैं. जबकि देर रात को जागने वाले लोग सुबह उठकर जल्दी ऑफिस पहुंचने की तैयारी करते हैं.

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दिल से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

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हमारा दिल हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह अंग हमारे परिसंचरण प्रणाली के बीच में स्थित है, जो धड़कते हुए शरीर के चारों ओर रक्त का प्रवाह करता है।

रक्त शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्व भेजता है और अवांछित कार्बन डाइऑक्साइड और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालता है।

हृदय कार्डियोवास्कुलर सिस्टम का एक प्रमुख अंग होता है, जिसमें रक्त वाहिकाएं शामिल होती हैं जो रक्त को हृदय से पूरे शरीर तक और फिर वापस हृदय तक ले जाती हैं। यदि दिल धड़कना बंद कर दे तो जीवनलीला समाप्त हो जाती है।

आज के इस लेख में हम दिल से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं तो चलिए जानते हैं:-

  • एक सामान्य व्यक्ति का दिल एक मिनट में 72 बार, एक दिन में 100,000 बार और एक साल में 360 लाख बार धड़कता है l
  • पुरुषों के दिल का वजन औसतन 300-350 ग्राम जबकि महिलाओं के दिल का वजन 250-300 ग्राम के बीच में होता है।
  • सभी ने अक्सर यह सुना होगा कि हमारा दिल शरीर की लेफ्ट साइड में होता है पर यह सच नही है। हमारा दिल छाती के बीच में होता है पर लेफ्ट की साइड थोड़ा सा झुका हुआ होता है।
  • हमारा दिल हर दिन लगभग 2,000 गैलन रक्त पंप करता है।
  • एक विद्युत प्रणाली दिल की लय को नियंत्रित करती है। इसे कार्डियक कंडक्शन सिस्टम कहा जाता है।
  • जो लोग मासाहारी भोजन खाते हैं उनको शाकाहारी भोजन खाने वाले लोगो के मुकाबले 19% हार्टअटैक ज़्यादा आता है।
  • यदि दिल को शरीर से अलग कर दिया जाए, तब भी यह तब तक धड़कता रहता है, जब तक इसे पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलती रहे, क्योंकि इसका खुद का विद्युत आवेग होता है।
  • दिल तब से काम करना शुरू कर देता है जब बच्चा अपनी मां के पेट में सिर्फ 4 हफ्ते का होता है।
  • एक रिपोर्ट में पता चला है कि जो लोग ज़्यादा तरल, जल्दी न पचने वाला खाद्य, बीडी, तम्बाकू, शराब जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। उन लोगों को दूसरे लोगो की तुलना में हार्टअटैक की सम्भावना ज़्यादा बढ़ जाती है।
  • हमारे दिल में चार कक्ष बने होते हैं दो ऊपर की तरफ और दो नीचे की तरफ और ये ही खून को लाने और ले जाने का काम करते हैं।
  • हमारा दिल आँख में पाई जाने वाली कॉर्निया सेल को छोड़कर शरीर में मौजूद 75 ट्रिलियन सेल्स को खून पहुँचाता है।
  • हंसना हमारे दिल के लिए अच्छा है। यह तनाव को कम करता है और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देता है।
  • हमारे दिल की धड़कन की ध्वनि उसके वाल्व के खुलने और बंद होने के कारण होती है।
  • 7 घन्टे से कम नींद और देर रात तक जागने वाले लोगो को दिल की बीमारी होने का खतरा ज़्यादा बढ़ जाता है।
  • हमारा दिल फेफड़े के बाएं ओर नीचे की तरफ होता है और यही कारण है कि हमारे फेफड़े का बायां हिस्सा थोड़ा छोटा होता है जो दिल को सुरक्षित रखता है।
  • जैसा गाना आप सुनते हैं, आपके दिल की धड़कन उसी के अनुसार बदल जाती है।
  • हमारा दिल एक दिन में इतनी सारी ऊर्जा पैदा करता है कि अगर इस ऊर्जा का उपयोग किया जाए तो एक ट्रक को 32 किलोमीटर तक खींचा जा सकता है और जीवन भर की सारी ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाए तो चाँद पर पहुंच कर वापिस भी आ सकते हैं।
  • दिल की प्रक्रिया पर किसी का काबू नहीं होता, आप चाहे सो रहे हो, जगे हो या बेहोश हो हर स्थिति में दिल लगातार काम करता रहता है।
  • क्या आप जानते हैं पैदा हुए बच्चे के दिल की धड़कन सबसे तेज होती है (70-160 beat/minute) और बुढ़ापे में दिल की धड़कन सबसे स्लो होती है (30-40 beat/minute)।
  • एक वैज्ञानिक रिसर्च से पता चला है कि सबसे ज़्यादा हार्ट अटैक सोमवार के दिन ही आता है क्यूंकि रविवार के छुट्टी के बाद सोमवार की सुबह फिर से काम का तनाव आ जाता है।

बेहद खूबसूरत है ये ट्यूलिप गार्डन, जाने क्या है खासियत

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श्रीनगर के सुप्रसिद्ध ट्यूलिप गार्डन के बाद देश में एक और ट्यूलिप गार्डन हिमालय की तलहटी मुनस्यारी में बनाया गया है। मुनस्‍यारी एक खूबसूरत पर्वतीय स्थल है। यह नेपाल और तिब्बत की सीमाओं के समीप है।

कहां है मुनस्यारी

हॉलैंड के कोएकेनहोफ और श्रीनगर के इंदिरा गांधी मेमोरियल की तरह उत्तराखंड के मुनस्यारी में भी है एक ट्यूलिप गार्डन। पिथौरागढ़ जिले में पड़ने वाला मुनस्यारी उत्तराखंड के प्रसिद्ध टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में जाना जाता है।

यह इलाका नैनीताल से करीब 264 किलोमीटर दूर है और हर साल यहां हजारों पर्यटक आते हैं। करीब 50 करोड़ की लागत से बनाया गया यह ईको गार्डन 30 हेक्टेयर में फैला है। प्रोजेक्ट पर 2018 में काम शुरू हुआ था।

क्या है खासियत

वन विभाग द्वारा एक खास प्रोजेक्ट के तहत ईको पार्क में ब्लू आइरिस, व्हाइट आइरिस, रैननकुलस, फॉक्स, ग्लोब, ब्रेन और डॉग टेल जैसी प्रजातियों के ट्यूलिप उगाए गए हैं।

मुनस्यारी में जिस स्थान पर यह ट्यूलिप गार्डन बनाया गया है, उसके पीछे हिमालय की पंचचूली पर्वत (हिमालय की पांच चोटियां) शृंखला है जिसे किवदंतियो के अनुसार पांडवों के स्‍वर्गारोहण का प्रतीक माना जाता है। मुनस्यारी आने वाले पर्यटकों को अब हिमालय दर्शन के साथ ही ट्यूलिप गार्डन की खूबसूरती भी देखने को मिल रही है।

हॉलैंड से मंगाए 7000 ट्यूलिप बल्ब

पिथौरागढ़ के डीएफओ के अनुसार उनके इस प्रोजेक्ट का मकसद ट्यूलिप के फूलों की वैरायटी को बेहतर करना है ताकि अधिक से अधिक समय तक ट्यूलिप की खूबसूरती को लोग निहार सकें।

साथ ही, इसका व्यावसायिक स्तर पर प्रयोग कर लोगों की आर्थिक स्थिति को बेहतर किया जा सके। इस परियोजना के लिए करीब 7000 ट्यूलिप बल्ब हॉलैंड से मंगवाए गए और सभी अंकुरित भी हो गए।

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व्यक्तित्व निखारने के 5 जबरदस्त उपाए!

क्या आप यह सोच-सोच कर बहुत परेशान होते हैं कि दूसरे लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं? अगर आप दूसरों से अपने संबंध को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन फिर भी आप विफल हो रहे हैं, तो यह हैं आपके व्यक्तित्व को आकर्षक बनाने के लिए 5 सबसे आसान तरीके.

अपनी खूबियों को एक सूची में लिखें

अपने आप से पूछें कि मैं कौन हूँ? मेरे में क्या सबसे अलग है? इन सवालों के जवाब एक सूची में लिखें और बाद में खुद की सराहना करें. जितना ज्यादा आप ऐसा करेंगे उतना ही ज्यादा आपको अच्छा महसूस होगा.

एक सूची बनाईए और उस में लिखें कि आप क्या बनना चाहते हो

अपने आप से पूछें कि आप क्या बनना चाहते हैं? अपनी जिंदगी के लक्ष्य को अपनी सूची में लिखिए. जैसे-जैसे आप अपने सपनों और इच्छाओं के बारे में सोचेंगे उतना ही ज़्यादा आप उत्साहित होंगे.

खुद के लिए दिन में 30 मिनटस निकालें

जैसे आप दूसरों से रिश्तों के लिए समय निकालते हैं वैसे ही आपको अपने लिए भी समय निकालना चाहिए. आप अपने लिए निकाले गए इस समय में बहुत कुछ कर सकते हैं जैसे कि संगीत सुनना, सोचना, लंबी पैदल यात्रा, व्यायाम इत्यादि.

अपने डर के बारे में जाने

अपने डर के बारे में जानने और फिर बाद में उसका सामना करने से आप में आत्मविश्वास बढ़ेगा. डर का सामना करने से आप को पता चलेगा कि आप क्या कर सकते हैं और कहाँ तक जा सकते हैं.

आज खुद के लिए कुछ अच्छा करें

यह आपकी जिंदगी है. यह उतनी ही अच्छी बनेगी जितना आप प्रयत्न करेंगे. हर एक दिन खुद के लिए कुछ अच्छा काम करें जिससे आपको ख़ुशी मिलती हो. जैसे की आप अपने आपको खुश करने के लिए पार्क में घूम सकते हैं, शीशे में अपने आपको देखकर हंस सकते हैं. ऐसा करने से आपमें आत्मविश्वास बढ़ेगा.

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15 अदभुत बॉडी पेंटिंग्स जिन्हें देखकर आप चकरा जायेंगे

बॉडी पेंटिंग्स : हो सकता है आपने अभी तक गौर नहीं किया हो कि यहाँ पर दिख रही हर एक तस्वीर में केवल मनुष्य हैं. जरा फिर से देखिए इन्हें. वे चित्रकार कमाल के हैं न जिन्होंने रंगों और मानव शरीर के अंगो और उनकी भाव-भंगिमाओं का ऐसा मिश्रण किया कि देखने वाले दांतों तले दबा लें.

यदि आपको ये बॉडी पेंटिंग्स पसंद आये तो इस पोस्ट को शेयर जरूर करें.

1. मेंढक पेड़ (5 लोग) – Johannes Stotter

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2. मानव मोटरसाइकिल (6 लोग) – Trina Merry

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3. चीनी की खोपड़ी (7 लोगों) – Chery Lipstreu

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4. टाइगर (3 लोग)

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5. बाल्ड ईगल – Guido Daniele

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6. ट्राली कार – Craig Tracy

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7. हस्त-शरीर चित्रकला – Ray Massey

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8. लिली आर्ट

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9. स्नेक आर्म आर्ट

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10. मानव युगल किंगफिशर – Gesine Marwedel

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11. सुंदर तोता – Johannes Stotter

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12. मानव मकड़ी – Emma Fay

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13. जिराफ – Emma Fay

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14. गजराज

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15. फिश – Gesine Marwedel

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गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में कुत्ते का नाम दर्ज़, वजह जानकर जायेंगे हैरान

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में ऐसे कई रिकॉर्ड है, जिनके बारे जानकर लोग दंग रह जाते हैं। इस बुक में केवल इंसानों के ही नहीं जानवरों से जुड़े रिकॉर्ड भी दर्ज है।

इस कड़ी में आज हम आपको एक ऐसे कुत्ते के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके नाम कान की लंबाई धरती पर जीवित कुत्तों में सबसे ज़्यादा है।

हम जिस कुत्ते की बात कर रहे हैं वह अमेरिका के ओरेगन में रहने वाले लू (Lou) की है 3 साल के इस कुत्ते की कान की लंबाई 13.38 इंच है।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के एक अधिकारी का कहना है कि इस 3 साल की डॉग लू (Lou) के कान की लंबाई आधिकारिक तौर पर जीवित कुत्तों में सबसे ज़्यादा है जिसकी वजह से उसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह दी गई है।

उसने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस डॉग की एक वीडियो शेयर की है जिसमें उसके लंबे कान देखे जा सकते हैं। वीडियो में ये कुत्ता अपनी मालकिन के साथ वॉक करता और खेलता नजर आ रहा है।

इस कुत्ते की मालकिन ने कहा कि वह हमेशा से जानती थीं कि लू के कान असाधारण रूप से लंबे थे, कोरोना महामारी के दौरान उसने उन्हें मापने का फैसला किया।

जब लू के कान नापे गए, तो ये 34 सेंटीमीटर यानि 13.38 इंच निकले। आखिरकार लू का नाम उसकी इस उपलब्धि के लिए दुनिया भर में मशहूर हो गया।

लू काले और टैन कलर का डॉग का है और उसके लंबे झूलते हुए कान निश्चित तौर पर उसकी सुंदरता बढ़ाते हैं। ये कुत्ता अमेरिकन केनेल क्लब और रैली ओबेडियंस में खिताब जीत चुका है।

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पेंसिल पर बनाई गई आकर्षक कलाकृतियां!!

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पेंसिल एक ऐसी चीज़ है जिसका हर चित्रकार के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान होता है। आधुनिक समय में शैक्षणिक यात्रा की आरम्भिक साथी पेंसिल ही तो होती है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि जिससे चित्र बनाए जाते हैं उसी के ऊपर नक़्क़ाशी कर दी जाए तो..!

आज हम आपको पेंसिल पर बनाई गई कुछ आकर्षक कलाकृतियां इस लेख में दिखाने जा रहे हैं जो बेहद अद्भुद और आकर्षक हैं :-

पढ़ाकू महाराज

गजराज

साथी हाथ बढ़ाना

छोटा सा गिटार

ममतामय

बाइक सवार

थानोस का हाथ

बुलट ट्रेन

नट बोल्ट

समुद्री घोड़ा

बोस्नियन कलाकार जेसनको डॉरडेविक पेंसिल का इस्तेमाल तो करते हैं, लेकिन चित्र बनाने के लिए नहीं बल्कि अलग अलग प्रकार की कलाकृतियां बनाने के लिए ।

उन्हें पेंसिल को तरह-तरह के रूप देने में महारत हासिल है और वे इसकी नोक पर अद्भुत और बारीक मिनिएचर मूर्तियां बनाते रहते हैं।

इसके लिए वे किसी मशीन का सहारा नहीं लेते बल्कि हाथ से ही चाकू और तीखे औज़ारों से ऐसी कलाकृतियां तैयार करते हैं।

कला के लिए कल्पना आवश्यक है किंतु एक कल्पना कितनी सुंदर और बेहतरीन हो सकती है इसका अंदाज़ा आप इन तस्वीरों से लगा सकते हैं।

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फिंगर पेटिंग के बच्चों को होने वाले फायदे!!

लकड़ी पर सबसे लम्बी और अदभुत नक्काशी!

बेहद खूबसूरत है रोज़ा बैंकेसिया नाम का यह फूल

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रोज़ा बैंकेसिया नाम के इस गुलाब को लेडी बैंक्स भी कहते हैं। इसे मध्य और पश्चिमी चीन के गांसू, हैनान, युन्नान, हुबई और जियांग-सू प्रान्तों में इसे सैकड़ों वर्षों से उगाया जा रहा है।

इस खूबसूरत गुलाब का नामकरण लेडी डोरोथिया बैंक्स के नाम पर किया गया है, जो 18वीं शताब्दी के प्रसिद्ध ब्रिटिश वनस्पतिशास्त्री सर् जोसफ बैंक्स की पत्नी थीं।

जोसफ बैंक्स ने कप्तान कुक की प्रसिद्ध समुद्री यात्रा (1768-1771) में भाग लिया था और युकलिपटस के पेड़ों से यूरोप का पहला परिचय भी कराया था। विश्व प्रसिद्ध रॉयल बोटेनिक गार्डन को स्थापित करने की सलाह भी इन्होनें ही तत्कालीन राजा जॉर्ज तृतीय को दी थी।

डोरोथिया बैंक्स स्वयं एक जुनूनी संग्रहकर्ता थीं। विवाह के बाद इन्होंने स्प्रिंग-ग्रोव्स स्थित अपने बंगले की डेरी को चीनी कलाकृतियों के विशाल संग्रह में तब्दील कर डाला था। उनके इस विशाल संग्रह से अब केवल एक पाण्डुलिपि उपलब्ध है।

इसमें उनके द्वारा संग्रहित नायाब चीनी कलाकृतियों तथा संग्रह के उनके तरीके का व्यापक ज़िक्र हुआ है। 1807 में जब जोसेफ़ बैंक्स द्वारा एक वैज्ञानिक को पौधों की खोज में चीन भेजा गया तो चीन की प्रसिद्ध फाआ-टी नर्सरी से वे इस गुलाब का पहला पौधा इंग्लैंड में लाए थे।

रोज़ा बैंकेसिया रोज को आसानी से उगाया जा सकता है। इसे पानी की बहुत कम ज़रूरत होती है। इसके पीले फूलों के गुच्छों का आकर्षण निश्चित ही अद्वितीय है। एशिया के कुछ देशों में इसका उपयोग गैंग्रीन और कोढ़ के संक्रमण को रोकने के लिए भी किया जाता है।

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