ये हैं भारत के मशहूर प्राकृतिक अजूबे, जो हैं बेहद खूबसूरत!!

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वैसे तो हम सब ने दुनिया के सात अजूबों के बारे में खूब पढ़ा और सुना है। लेकिन क्या आपने कभी प्राकृतिक अजूबों के बारे में सुना है। ये प्राकृतिक अजूबे भारत के अलग-अलग राज्यों में मौजूद हैं। जो अपनी नेचुरल सुंदरता से सभी का मन मोह लेते हैं।

आज इस पोस्ट में हम आपको भारत के प्राकृतिक अजूबों के बारे में बताने जा रहे हैं चलिए जानते हैं

लिविंग रुट ब्रिज

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चेरापूंजी में स्थित इस रूट ब्रिज को डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज भी कहा जाता है। दरअसल, ये ब्रिज यानी पुल (Ficus Elastica) फिकस इलास्टिक पेड़ से बना होता है। ये ब्रिज देखने में काफी खूबसूरत है और साथ ही मजबूत भी है।

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मजूली आईलैंड

यह दुनिया का सबसे बड़ा रिवर आइलैंड है। यह जगह वनस्पति और जीव-जंतुओं के लिए काफी मशहूर है और यहां कई विलुप्तप्रायः प्रजाति भी पाई जाती है।

यह विश्व का सबसे बड़ा रिवर आईलैंड है जोकि असम में ब्रह्मापुत्र नदीं किनारे स्थित है। मजूली को असम की सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जा सकता है। मजूली असम की राजधानी गुवाहाटी से दो सौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

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मार्बल रॉक्स भेडाघाट

भेड़ाघाट जबलपुर शहर से लगभग 20 किमी दूर नर्मदा नदी के किनारे पर स्थित है। भेड़ाघाट को संगमरमरीय सौंदर्य और शानदार झरनों के लिए ही जाना जाता है। साथ ही धुआंधार जलप्रपात चमकती हुई मार्बल की 100 फीट ऊंची चट्टनों के लिए भी पर्यटकों के बीच काफी प्रसिद्ध है।

यह जगह तब और खूबसूरत लगती है जब इन संगमरमर की सफेद चट्टानों पर सूर्य की किरणें और पानी पर इनकी छाया पड़ती है तब काले और गहरे रंग की इन सफेद चट्टानों को देखना सुखद अनुभव होता है, इतना ही नहीं चांदनी रात में यह और भी ज्यादा जादुई प्रभाव पैदा करती हैं।

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दूधसागर जलप्रपात गोवा

दूधसागर वॉटर फॉल्स जहां देश की 10 सबसे ऊंची वॉटर फॉल्स में से एक हैं, वहीं यह दुनिया की सबसे खूबसूरत फॉल्स में भी शामिल है। यह भारत के गोवा और कर्नाटक राज्य की सीमा पर पणजी से लगभग 60 कि.मी. की दूरी पर स्थित एक खूबसूरत झरना हैं।

दूधसागर जलप्रपात मोल्लेम नेशनल पार्क के अंदर स्थित हैं और इसके आसपास की भूमि हरे भरे जंगल से घिरी हुई है। दूधसागर जलप्रपात 310 मीटर (1017 फिट) की उंची पहाड़ी से नीचे गिरता हैं और जब इसका पानी ऊंचाई से चट्टानों से बहते हुए नीचे आता हैं तो बिल्कुल दूध की तरह सफेद दिखता हैं।

इतनी ऊंचाई से गिरता हुआ पानी ऐसा प्रतीत होता हैं जैसे पहाड़ से दूध की नदी प्रवाहित हो रही हो और इसलिए इस झरने का नाम दूधसागर पड़ा हैं, जो भारत के प्राकृतिक चमत्कार और अजूबो में से एक है।

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फ्लोटिंग द्वीप लोकटक झील

फ्लोटिंग लेक यानी लोकटक झील मणिपुर में स्थित है, जोकि अपनी सतह पर तैरते हुए वनस्पति और मिट्टी से बने द्वीपों के लिये प्रसिद्ध है। इन द्वीपों को ‘कुंदी’ कहा जाता है।

यह दुनिया की एकमात्र फ्लोटिंग लेक है और भारत के पूर्वोतर में एकमात्र सबसे बड़ा फ्रेशवॉटर लेक है। मोइरांग के पास स्थित लोकटक झील को मणिपुर का प्राकृतिक अजूबा भी कहते हैं।

केइबुल लामजाओ नेशनल पार्क इसी झील के अंदर स्थित है और ये दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ नेशनल पार्क है।

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मिजोरम – द ब्‍लू माउंटेन

इसे फाउनग्‍पुई के नाम से भी जाना जाता है। ब्‍लू माउंटेन समुद्रतट से 2157 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। ये लुशाई हिल्‍स की सबसे ऊंची चोटी है और यहां पर वनस्‍पति और जीवों की कई प्रजातियां देखने को मिलती हैं।

हालांकि, शाम के समय इस जगह का नीले रंग में तब्‍दील हो जाना ही इसे मिजोरम की सबसे खूबसूरत जगह बनाता है।

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वैली ऑफ फ्लावर्स

उत्तराखंड राज्य में चमोली जिले में स्थित वैली ऑफ फ्लावर्स भारत की सबसे आकर्षक जगहों में से एक है। पश्चिमी हिमालय में स्थित फूलों की घाटी एक प्राकृतिक और सुंदर राष्ट्रीय उद्यान के रूप में जानी जाती है।

फूलों की घाटी में अलग-अलग मौसम में भिन्न-भिन्न प्रकार के फूल इसकी सुंदरता को और अधिक खूबसूरत कर देते हैं, जिससे फूलों की घाटी की सुंदरता परिवर्तनशील प्रतीत होती हैं।

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रिवर्स वॉटरफॉल लोनवाला

रिवर्स वॉटरफॉल प्रकृति द्वारा निर्मित आश्चर्यजनक रचनायों में से एक है। रिवर्स वॉटरफॉल की अचंभित कर देने वाली बात यह है कि इस झरने का पानी नीचे की और गिरने की बजाए उपर की ओर आता है।

मॉनसून के दौरान जब झरना उफान पर होता है तब झरने का पानी फब्बारे के रूप उपर की और आता दिखाई देता है। जिसे भारत के प्राकृतिक चमत्कार और अजूबो का एक अहम हिस्सा है।

दरअसल माना जाता है की झरने का यह पानी उच्च दबाव वाली हवाओं के कारण ऊपर आता है।

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