जानिए सूर्य नमस्कार के 10 चमत्कारी फायदे!!

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सूर्य नमस्कार योगासनों में सर्वश्रेष्ठ है। यह अकेला अभ्यास ही साधक को सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुंचाने में समर्थ है। इसके अभ्यास से साधक का शरीर निरोग और स्वस्थ होकर तेजस्वी हो जाता है। ‘सूर्य नमस्कार’ स्त्री, पुरुष, बाल, युवा तथा वृद्धों के लिए भी उपयोगी बताया गया है।

सूर्य नमस्कार हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में बेहद फायदेमंद है। सदियों काल से लोग भगवान सूर्य की पूजा करते आ रहे है। शास्त्रों में भी इनकी पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।

स्वास्थ्य के नजरिए से देखा जाए, तो सूर्य की किरणों से आने वाला विटामिन डी हमारे शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ गंभीर बीमारियों को भी दूर करने में मदद करता है।

सूर्य नमस्कार के लाभ

सूर्य नमस्कार से हृदय, यकृत, आँत, पेट, छाती, गला, पैर शरीर के सभी अंगो के लिए बहुत से लाभ है। सूर्य नमस्कार सिर से लेकर पैर तक शरीर के सभी अंगो को बहुत लाभान्वित करता है। यही कारण है कि सभी योग विशेषज्ञ इसके अभ्यास पर विशेष बल देते हैं।

सूर्य नमस्कार के अभ्यास से शरीर, मन और आत्मा सबल होते हैं। पृथ्वी पर सूर्य के बिना जीवन संभव नहीं है। सूर्य नमस्कार के शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक कई लाभ हैं।

तो चलिए जानते हैं सूर्य नमस्कार करने से होने वाले फायदों के बारे में :-

ग्‍लोइंग स्किन

सूर्य नमस्कार आपके ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे आपकी त्वचा और आपके चेहरे का ग्‍लो वापस आता है। यह झुर्रियों और जल्दी बुढ़ापा रोकने में भी मदद करता है।

तनाव और अवसाद को दूर रखता है

सूर्य नमस्कार चिंता और निराशा को दूर रखने में मदद करता है और शरीर की शिथिलता को बढ़ाता है। सूर्य नमस्कार करने से तंत्रिका तंत्र शांत होता है और इसके साथ-साथ थॉयरायड ग्लैंड की कार्यप्रणाली नार्मल होती है। इससे मानसिक तनाव की समस्या से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा सूर्य नमस्कार से हमारी स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है।

पीरियड्स रेगुलर होता है

स्त्रियों द्वारा नियमित सूर्य नमस्कार करने से उनके अनियमित मासिक चक्र नियमित हो जाता है। पेट की मसल्‍स को मजबूत बनाने के लिए हर रोज सूर्य नमस्कार करें।

शरीर में लचीलापन आता है

सूर्य नमस्कार के आसन से पूरे शरीर का वर्कआउट होता है। इससे शरीर फ्लेक्सिबल होता है।

ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखता है

सूर्य नमस्कार करने से शरीर में रक्त प्रवाह तेज होता है, जो रक्त नलिकाओं को साफ़ कर ब्लड प्रेशर को कम करता है। हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को सावधानी के तौर पे सूर्य नमस्कार नहीं करने चाहिए।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा

यदि आप नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करते हैं, तो आप न केवल अपने शारीरिक रूप में बल्कि अपने मानसिक रूप में भी स्व्स्थ रहेंगे। यह मेमोरी और नर्वस सिस्‍टम में सुधार करने में मदद करता है। यह आपको शांत करने और चिंता से छुटकारा पाने में भी मदद करता है।

बेहतर डाइजेस्टिव सिस्‍टम

सूर्य नमस्कार आपके डाइजेस्टिव सिस्‍टम को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है। यह आपके डाइजेस्टिव सिस्‍टम में ब्‍लड के फ्लो को बढ़ाता है, जिससे आपकी आंतों की बेहतर कार्यप्रणाली सुनिश्चित होती है।

शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है

सूर्य नमस्कार करते वक्त हवा फेफड़ों में तेजी से अंदर-बाहर होती है। इससे ऑक्सीजन तेजी से रक्त कोशिकाओं के साथ मिलकर शरीर के सभी हिस्सों में पंहुचता है और वहां से कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य हानिकारक तत्वों को शरीर से बाहर निकाल फेंकता है।

इसके फलस्वरूप हमारा शरीर डिटॉक्स हो जाता है। इसके अलावा सूर्य नमस्कार करने से पसीने के साथ भी कुछ हानिकारक तत्व शरीर से बाहर निकल जाता है।

रीढ़ की हड्डी को मिलती है मजबूती

सूर्य नमस्कार के दौरान स्ट्रेचिंग से मांसपेशी और लीगामेंट के साथ रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और कमर लचीला होती है l

अनिद्रा से बचाएं

सूर्य नमस्कार आपके सोने के तरीके को बेहतर बनाने के लिए जाना जाता है। यह आपके दिमाग को शांत करने में मदद करता है, जिससे आपको रात में बेहतर और अधिक शांतिपूर्ण नींद मिलती है।

इन्हें नहीं करना चाहिए सूर्य नमस्कार

  • गर्भवती महिला तीसरे महीने के गर्भ के बाद से इसे करना बंद कर दें।
  • हर्निया और उच्च रक्ताचाप के मरीजों को सूर्य नमस्कार नहीं करने की सलाह दी जाती है
  • पीठ दर्द की समस्या से ग्रस्त लोग सूर्य नमस्कार शुरू करने से पहले उचित सलाह जरूर लें।
  • महिलाएं पीरियड के दौरान सूर्य नमस्कार और अन्य आसन न करें।

यद्यपि सूर्य नमस्कार दिन के किसी भी समय किया जा सकता है, सबसे उपयुक्त और लाभकारी समय सूर्योदय के समय होता है, जब सूर्य की किरणें आपके शरीर को पुनर्जीवित करती हैं और आपके दिमाग को तरोताजा कर देती हैं।

ये है दुनिया का सबसे खतरनाक पक्षी, ले चुका है कई लोगों की जान

आपने अपने घर के आस-पास रोज कई पक्षियों को देखा होगा, जिनमें से कुछ बेहद खूबसूरत हैं तो वहीं कुछ बेहद खतरनाक होते हैं। आज हम इस पोस्ट में आपको बेहद खतरनाक पक्षी के बारे में बताने जा रहे है जो आपकी जान तक ले सकता है। तो चलिए जानते हैं इस खतरनाक पक्षी के बारे में :-

इंसानों द्वारा पक्षियों को पालने की परंपरा काफी पुरानी है। इंसान सिर्फ तोता, कबूतर या मुर्गियां नहीं पालते थे बल्कि उन्होंने दुनिया के कुछ बेहद खतरनाक जीवों को भी अपने पिंजरे में कैद किया था।

ऐसा माना जाता है कि 18,000 साल पहले इंसानों ने कैसवैरी पक्षी को पाला था जिसे दुनिया के सबसे खतरनाक पक्षियों में से एक माना जाता है। यह पक्षी अपने पंजों से इंसानों की जान भी ले सकता है।

इस विषय में अमेरिका (US) की पेन यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर क्रिस्टिना डगलस का कहना है कि जीवाश्मों से पता चलता है कि इंसानों ने कैसोवरी (Cassowary) का पालन-पोषण 18 हजार पहले शुरू कर दिया था।

आमतौर पर ये ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी अफ्रीका के गिनी देश में पाए जाते हैं। इनकी त्वचा पर नीले रंग के धब्बे होते हैं। फीमेल कैसोवेरी का औसत वजन 59 किलोग्राम और मेल कैसोवेरी का वजन 34 किलोग्राम तक हो सकता है।

इनके सिर पर मुकुट जैसा केस्कूय होता है। जो देखने में बहुत सुंदर लगता है। जो इन्हें सिर पर चोट लगने से बचाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में कैसोवेरी को सबसे खतरनाक पक्षी माना गया है।

ऑस्ट्रेलिया और न्यू गिनी में पाए जाने वाले कैसवैरी से उसके अंडे लेना बिल्कुल आसान नहीं है। हालांकि हजारों साल पहले ही इंसानों ने इसका बुरा हाल कर दिया था। इन पर शोध करने वाले प्रोफेसर के मुताबिक कैसोवरी का मांस या पंखों का इस्तेमाल करने के लिए उन्हें पाला जाता रहा होगा।

इसके मोटे और नुकीले अंगूठे पैर इसे एक ताकतवर पक्षी बनाते हैं। यह इंसानों और कई बड़े जानवरों को मारने में सक्षम है। यह पक्षी हर साल अपना घोंसला बदलना पसंद करता है।

2019 में फ्लोरिडा में विदेशी पालतू जानवरों के एक मालिक को कैसोवरी ने बगीचे में उसके सामने गिरने के बाद मार दिया था। वहीं दुनिया के इस सबसे खतरनाक पक्षी की कहानी को आगे बढ़ाएं तो रिसर्चर्स के मुताबिक उन्होंने कैसवैरी पक्षियों को तब पकड़ा जब वो कमजोर थे ।

लोगों ने उसके मेल कैसोवरी का शिकार किया और फिर वहां रखे अंडे अपने साथ ले गए। नर घोंसला लावारिस नहीं छोड़ते इसलिए अंडों की रक्षा करते हैं।

लिहाजा शिकारियों के लिए उनका शिकार करना आसान होता है। कैसवैरी पक्षियों को आज भी Papua New Guinea में उनके पंखों के लिए पाला जाता है और उनके अंडों को राष्ट्रीय भोजन माना जाता है।

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ये है दुनिया का सबसे ज्यादा बदबूदार फल, फिर भी कई जगह खाया जाता है बड़े शौक से

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दुनिया में कई ऐसे फल होते हैं जो अपने आप में ही अजीब होते हैं। हालांकि फल कोई भी हो उनमें से हमेशा खुशबु ही आती है लेकिन हम आपको आज जिस फल के बारे में बता रहे हैं उनमें से खुशबु नहीं बल्कि बदबू आती है और बदबू भी ऐसी जिसे सूंघकर इंसान बेहोश हो जाए। इस फल को दुनिया का सबसे ज्यादा बदबूदार फल कहा जाता है।

यह फल जितना बदबूदार है उतना ही महंगा भी है। बताया जा रहा है कि, यह फल 500 डॉलर यानी 37 हजार 730 रुपए का है। इसे ड्यूरियन फल के नाम से जाना जाता है।

डूरियन में विटामिन सी, फ़ोलिक एसिड, बी 6 और विटामिन ए होता है। साथ ही पोटेशियम, आयरन, कैल्शियम, सोडियम, ज़िंक, फ़ोस़फ़ोरस जैसे मिनरल्स और प्रोटीन मिलता है।

इसकी सबसे खास बात यह है कि जिस भी स्टोर पर यह बेचा जाता है, वहां अलग से शीशे वाले बॉक्स में सैटिन के कपड़े पर इसे रखा जाता है। लोगों में इसका क्रेज़ इतना है कि लोग इसके साथ सेल्की क्लिक करवाते हैं।

पूरे साउथ एशिया में इस फल को ‘किंग ऑफि फ्रूट्स‘ (King of Fruits) के नाम से जाना जाता है। लोगों को इस फल का क्रीमी टेक्स्चर बेहद पसंद है।

ये दक्षिण पूर्व एशिया में मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया और फ़िलीपीन्स जैसे देशों में पाया जाता है। डूरियन से निकलने वाली बदबू की तुलना सड़े हुए अंडे, नाली में सड़ रहे कचरे और गले-सड़े लहसुन की बदबू से की जाती है। इससे निकलने वाली बदबू की वजह से इसे कई होटलों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ले जाना बैन है।

लेकिन इसकी परेशान करने वाली गंध के बावजूद दक्षिण एशिया में कई लोग ड्यूरियन फल को पसंद करते हैं, यही वजह है कि इसे इस क्षेत्र में ‘फलों का राजा’ भी कहा जाता है।

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जीवों में भी होता है ‘सिक्स्थ सेंस’

हम अक्सर कॉमन सैंस और ‘सिक्स्थ सैंस’ की बातें करते रहते हैं। इंसान के पास ये दोनों होती हैं। जानवरों में ‘कॉमन सैंस की बात तो रिसर्च का विषय है लेकिन यह सच है कि कई जीव- जंतु हालात को इंसान से भी ज्यादा जल्दी समझते और उसी तरह व्यवहार करते हैं।

इसका मतलब यह नहीं है कि सभी जीव- जंतुओं में ‘सिक्सथ सैंस’ यानी छठी इंद्रिय होती है। यहां आपको हम कुछ खास जीवों के बारे में बता रहे हैं। माना जाता है कि इनमें कमाल की ‘सिक्सथ सैंस’ होती है। आइये जानते हैं :-

कुत्ते :- कुत्ते के सूंघने के साथ ही सुनने की शक्ति हमसे से कई गुना अधिक होती है। इसी तरह कुत्ते जैसे दिखने वाले कुछ और जानवर इंसानों की तुलना में बेहद पतली आवाज सुन लेते हैं इसीलिए कुत्ते का विस्फोटक या नशीली चीजों का पता लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

डॉल्फिन :- डॉल्फिन समुद्र के भीतर रहते हुए अपने ध्वनि पैदा करने वाले अंग पानी के अंदर की साजिशों के साथ ही भोजन की पड़ताल करने में सक्षम हो जाती है। इसके लिए डॉल्फिन हाई फ्रीक्वैसीं वाले शोर- शराबे जैसी आवाज निकालती है।

इसका उसे फायदा यह होता है कि इस आवाज में एक खास ढंग की भाषा होती है। यह हम इंसानों को समझ में नहीं आती।

चमगादड़ :- चमगादड़ परिंदों की तरह उड़ने वाले स्तनपायी में भी यह इंद्रियां पाई जाती हैं। इनके भीतर राडार की तरंग छोड़ने वाली इंद्रियां होती हैं जिनके जरिए वह अपना भोजन प्राप्त कर लेते हैं और यही इंद्रियां इन्हें आगे आने वाली किसी खतरे से बचाती भी हैं।

चमगादड़ अंधे होते हैं। इन्हें जीवन जीने के लिए आंखों की कोई जरूरत नहीं होती। यह छठी इंद्रिय के जरिए अपनी जरूरतें पूरी कर लेते हैं।

कबूतर :- कबूतरों की बनावट तीन लैवल वाले जटिल पैटर्न से होती है। इससे वे खराब हालात का को भांपने में सक्षम होते हैं। इसका फायदा वे इलाकों की पहचान में भी करते देखे गए हैं।

सांप :- जहरीले सांपों की जातियों में भी ‘सिक्सथ सैंस’ होता है। इससे वह बिलों की गहराई को सूंघ लेते हैं। ऐसा वे अपनी नाक और आंख जैसी दिखने वाली जगह के बीच मौजूद छठी इंद्रिय की मदद से करते हैं। दरसल, सांपों की आंखें नहीं होती, बल्कि उनमें मौजूद इंफ्रारैड जैसी छठी इंद्रिय काम करती है।

इसी से वे रात में भी शिकार करते हैं। यह इंद्रियां कितनी संवेदनशील होती है कि अगर कोई बिल के मुहाने पर पहुंच जाए तो वह पड़ताल कर लेते हैं कि वह कितनी दूर और किस तरह का शिकार है।

मकड़ी :- सभी मकड़ियों में खास ‘रिसैप्टर’ अंग होते हैं जिन्हें ‘सिल्ट सेसिला’ कहते हैं। यह सैंस उनकी अस्थियों में लगे होते हैं। इससे मकड़ी अपने शिकार के आकार, भार आदि की पहचान कर पाती हैं।

मकड़ी के जाल में कोई जीव फंसता है तो पहले से वह तय कर लेती है कि उस पर हमला करना ठीक होगा या नहीं। कीड़े के उड़ने की गति और हवा के बहने की रफ्तार भी मकड़िया अपने सैंसरों से करती हैं।

बत्तख :- बतख जैसे जलीय जीवों में उनके पंखों के ठीक भीतर इलैक्ट्रासैप्टर्स’ लगे होते हैं। इनकी मदद से वे इलैक्ट्रिकल फील्ड का पता लगा लेते हैं। ऐसा वे तब करते हैं जब उन्हें आभास होता है कि आस – पास उनका शिकार मौजूद है इसलिए बतख जाति के ये जीव तैरने के दौरान अपने सिर को बाएं दाएं छुपाते रहते हैं।

इसकी बदौलत उनमें सुनने की शक्ति बढ़ती है लेकिन कोई चीज उन से टकराती है तो वह ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं और अपने को बचाने के काम में लग जाते हैं।

बिल्लियां :- बिल्लियों के बारे में तो वैज्ञानिकों का दावा है कि उनमें किसी नेचुरल डिजास्टर या मौसम बदलावों को काफी पहले ही समझने की क्षमता होती है। ऐसे मौकों पर वे भी अजीब हरकतें करती हैं।

भीषण तूफान ज्वालामुखी के विस्फोटों, भूकंप यहां तक कि हवाई झंझावातों से पहले ही बिल्लियों को इनके आने की सुगबुगाहट होने लगती है।

साल्मन मछली :- यह मछली उन समुद्री जीवो में शामिल हैं जो अपने जीवन की सुरक्षा और खानपान के लिए अपनी छठी इंद्रिय का प्रयोग करती है। समुद्री कछुए जिन तटों पर पैदा होते हैं उन्हें कभी नहीं भूलते, वे चाहे जितनी दूर की यात्रा कर लें, लौट कर आते वे अपने जन्म स्थान पर ही हैं।

किसी इसी तरह कई जानवर अपना भोजन पाने के लिए काफी दूर निकल जाते हैं और उसे पाने के बाद धरती के मैग्नेटिक फील्ड के जरिए वहीं वापस आ जाते हैं जहां से वे भोजन की तलाश में चले थे।

पंजाब केसरी से साभार….।

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पंखो पर की गई अद्भुत पेंटिंग्स!

पक्षियों के पंखों का इस्तेमाल पुराने (इतिहास) समय से होता आ रहा है। खास तौर से हम मोर पंख कलम, कपड़ों, गहनों और सजावट के लिए इस्तेमाल करते आ रहे है। लेकिन एक कलाकार ऐसी भी हैं, जो पक्षियों के पंखों पर अद्भुत पेंटिंग्स करती हैं। यहाँ हम शुतुरमुर्ग, मोर और कई अन्य पक्षियों के पंखों पर की गई चित्रकारी और कलाकारों द्वारा बनायी गई अदभुत पेंटिंग्स को आपके सामने रख रहे हैं।

अलास्का की रहने वाले जूली थॉमसन (Julie Thompson) कला वन्य जीवन से बहुत प्रभावित हैं। जूली ने 1990 के दशक की शुरुआत में, मोर और टर्की जैसे पालतू पक्षियों द्वारा प्राकृतिक रूप से शेड का उपयोग करके इस कलाकृति को शुरू किया था। जूली थॉमसन मानना है कि हर पंख में पेंटिंग से संबंधित एक अलग तरह का व्यक्तित्व होता है।

वे पंखों पर हर प्रकार के चित्र बनाती थीं । प्रत्येक चित्र बहुत बारीकी से बना होता है,जो प्रत्येक व्यक्ति को अपनी और आकर्षित करता है। जूली थॉमसन पिछले 20 साल से एक वन्य जीवन कलाकार हैं, जो पक्षियों के पंखों पर अदभुत पेंटिंग्स बनाती हैं। ये वह पंख हैं, जिसे हम अक्सर नज़र अंदाज़ कर देते हैं।

जूली थॉमसन इन्ही पंखों पर खूबसूरत पेंटिंग्स बनती हैं। कई बार एक पंख पर पेंटिंग बनाने  में 20 घंटे से ज़्यादा समय लग जाता है। उनके द्वारा बनाई गई तस्वीरें इतनी ज़्यादा खूबसूरत होती है, कि जूली थॉमसन अपनी तस्वीरों के बारे में कुछ भी बयां नहीं करती, बल्कि इनकी तस्वीरें इतनी काबिल होती हैं, कि वो खुद को बयां कर देती हैं।

हाल ही में जूली थॉमसन ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी प्रदर्शनी को भी दिखाया है। उनके द्वारा बनाई गई कुछ ऐसी ही पेंटिंग जिनके बारे में हम आपके बताने जा रहे हैं।

यह हैं उनके द्वारा बनायी गयी कुछ अदभुत पेंटिंग्स।

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वायरल वीडियो: इस आदमी की स्ट्रीट डांस परफॉर्मेंस आपको याद दिला देगी माइकल जैक्सन की

सोशल मीडिया पर आये दिन कुछ न कुछ वायरल होता रहता है। इंटरनेट पर हर दूसरे दिन कई सिंगिंग और डांसिंग वीडियो वायरल होते रहते हैं। सोशल मीडिया पर सड़क पर डांस करते हुए एक शख्स का वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

इस शख्स का डांस मूव्स किसी प्रोफेशनल डांसर से कम नहीं है। इस क्लिप में इस शख्स के डांस ने सोशल मीडिया यूजर्स को अमेरिकी डांसर और सिंगर माइकल जैक्सन की याद दिला दी है।

वीडियो के बैकग्राउंड में माइकल जैक्सन (Michael Jackson) का डेंजरस गाना बजता हुआ सुना जा सकता है और दर्शक उसे चीयर कर रहे हैं।

इस वीडियो को ट्विटर पर कावेरी नाम की यूजर ने शेयर किया है। वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है- “इसके अंदर माइकल जैक्सन का भूत रहता है”।

वीडियो के बैकग्राउंड में जो गाना चल रहा है डेंजरस, वो सॉन्ग पॉप किंग माइकल जैक्सन का सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला एल्बम है। इसे 1991 में रिलीज़ किया गया था

शुरू में इसका डांस देखकर आपको शायद हंसी आ जाए मगर चंद लम्हे बाद वो हर एक स्टेप इतनी सफाई और बारीकी से करता है कि देखकर हैरानी होती है। वीडियो में देखा जा सकता है कि शख्स ने अपने डांस स्टाइल में देशी-विदेशी स्टेप्स का बखूबी इस्तेमाल किया है।

शख्स के डांस के दौरान कुछ बच्चे भी उसके साथ झूमकर डांस करने लगते हैं। चंद सेकंड का ये वीडियो देखकर लगता है कि कोई पेशेकर डांसर डांस कर रहा है। खूब शेयर किए जा रहे इस वीडियो में शख्स सड़क के बीचोंबीच डांस कर रहा है।

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राशि के अनुसार जाने कैसा रहने वाला है शारदीय नवरात्रि !!

नवरात्रि हिंदुओं का एक प्रमुख पर्व है। यह एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है ‘नौ रातें’। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान, देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है।

दसवाँ दिन दशहरा के नाम से प्रसिद्ध है। नवरात्रि वर्ष में चार बार आता है। पौष, चैत्र, आषाढ,अश्विन मास में प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है।

नवरात्रि के 9 दिनों में मां के 9 रूपों की पूजा- अर्चना की जाती है। मां को प्रसन्न करने के लिए भक्त व्रत भी रखते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान विधि- विधान से मां दुर्गा की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

घट स्थापना मुहूर्त

घट स्थापना का समय या मुहूर्त प्रात:काल 06 बजकर 17 मिनट से 10 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 46 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। स्थानीय पंचांग भेद के अनुसार मूहूर्त में घट-बढ़ हो सकती है।

हमारे इस लेख में हम जानेंगे रशियों के अनुसार कैसा रहेगा शारदीय नवरात्रि, तो चलिए जानते हैं :-

मेष राशि

नवरात्रि के दौरान मेष राशि वाले जातकों पर माता की कृपा बनी रहेगी। इस दौरान आप अपने मन को काबू में रखने के लिए योग ध्यान का सहारा लें और गंभीरता से निर्णय लें तो आपके काम बनेंगे। विवाह योग्य कन्याओं को माता की लाल फूल से पूजा करनी चाहिए और मनोनुकूल वर की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।

वृष राशि

मन अशांत रहेगा। क्रोध से बचने का प्रयास करें। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। भवन सुख में वृद्धि होगी। सुख-सुविधाओं का विस्तार होगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। आय में भी सुधार होगा। वाहन के रखरखाव पर खर्च बढ़ सकते हैं। सेहत का ध्यान रखें।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए नवरात्रि के नौ दिन किसी वरदान से कम नहीं है। इस दौरान आपको मेहनत का पूरा फल मिलेगा। रुके हुए काम चल पड़ेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। सेहत का ध्यान रखें। इस दौरान आपको भूमि या वाहन सुख की प्राप्ति हो सकती है। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातक अपने पारिवारिक जीवन को सुधारने के लिए नवरात्रि के दौरान प्रयास करेंगे और इन प्रयासों का अच्छा फल भी कर्क राशि के लोगों को मिलेगा। इस राशि के जातक अपने लवमेट या जीवनसाथी के साथ कहीं घूमने भी जा सकते हैं।

सिंह राशि

आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा परंतु मन परेशान भी हो सकता है। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। परिवार का साथ मिलेगा, परंतु माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रहन-सहन अव्यस्थित रहेगा। खर्च अधिक रहेंगे। शैक्षिक कार्यों पर भी ध्यान रखें। मित्रों का सहयोग मिलेगा।

कन्या राशि

किसी अज्ञात भय से परेशान हो सकते हैं। किसी धार्मिक स्थान की यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। यात्रा सुखद रहेगी। जीवनसाथी के स्वास्थ्य में सुधार आएगा। किसी पुराने मित्र का आगमन भी हो सकता है। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। किसी संपत्ति से धन प्राप्त हो सकता है।

तुला राशि

नवरात्रि में तुला राशि वालों पर मां दुर्गा की विशेष कृपा बनी रहेगी। इसी दौरान किसी भी नए काम की शुरुआत उत्तम रहेगी। आपके जीवन में खुशियों का आगमन होगा। शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और करियर में नए अवसर प्राप्त होंगे।

वृश्चिक राशि

नवरात्रि में मां दुर्गा की कृपा आप पर बनी रहेगी। स्वास्थ्य के लिहाज से नवरात्रि महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान आपको कर्जों से मुक्ति मिलेगी। धन आगमन के साधन बढ़ेंगे। भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है।

धनु राशि

अपनी भावनाओं को वश में रखें। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। कारोबार में परेशानियां आ सकती हैं। पिता से कारोबार के लिए धन की प्राप्ति हो सकती है। वाहन प्राप्ति के योग भी बन रहे हैं। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे।

मकर राशि

नवरात्रि के दौरान मकर राशि के जातक काफी सक्रिय नजर आएंगे और यही सक्रियता जीवन के सभी क्षेत्रों में इनको सफलता दिलाएगी घर में पूजा-पाठ के चलते आपको अपने अंदर भी सकारात्मकता महसूस होगी।

कुंभ राशि

नवरात्रि में आपके जीवन में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इस दौरान मां दुर्गा की असीम कृपा आप पर बनी रहेगी। करियर से जुड़ी समस्याओं का अंत होगा। कारोबारियों को लाभ होगा। वाद-विवाद से दूर रहें।

मीन राशि

वाणी में मधुरता रखें, वाणी में कठोरता का प्रभाव बढ़ सकता है। बातचीत में संतुलित रहें। जीवनसाथी के स्वास्थ्य में सुधार होगा। नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। किसी दूसरे स्थान पर जाना भी पड़ सकता है। आय में वृद्धि होगी। खर्च भी बढ़ेंगे। यात्रा अधिक रहेगी।

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वीडियो वायरल:- लड़की की गोद में सोया था विशालकाय अजगर, जिसे देखकर आपके होश उड़ जाएंगे!

हर रोज सोशल मीडिया की दुनिया में कई वीडियो वायरल होते हैं, जिनमें कुछ फनी वीडियोज सभी को हंसाते हैं। वहीं कुछ वीडियो हैरान कर देने वाले होते हैं।

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जो काफी हैरान कर देने वाला है। इस वीडियो में लड़की की गोद में एक विशालकाय अजगर सो रहा है।

दरअसल इस क्लिप में एक लड़की है जो आराम से बैठकर फोन चला रही है। लेकिन वह अकेले नहीं है उसके साथ एक विशाल अजगर भी है, जो अपना सिर उसकी गोद में रखे है।

अजगर लगभग 20 फीट से अधिक लंबा है। हालांकि जब सांप सो रहा था तो लड़की आराम से एक हाथ में मोबाइल पकड़े हुए थी और दूसरी तरफ अजगर शरीर को हिलाता हुआ नज़र आ रहा है।

इस वीडियो को इंस्टाग्राम यूजर @yournaturegram ने शेयर किया है। उन्होंने इसके कैप्शन में लिखा- “मैं बस इस वीडियो को देखता रह गया”।

इस वीडियो क्लिप में देखते ही देखते 14 लाख से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। सैकड़ों यूजर्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी है। एक यूजर ने लिखा कि – वह लकड़ी अजगर को अपने फोन में इंस्टॉल कर रही है। जबकि अन्य यूजर ने कहा यह तो एक भयानक सपने की तरह है। कहा जा रहा है कि यह वीडियो इंडोनेशिया का है।

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जानवरों से जुड़े कुछ रोचक तथ्य!

जानवरों का जीवन और रहने का तरीका इंसानों से बहुत अलग होता है। कुछ जानवर पालतू होते हैं तो कुछ बेहद खतरनाक जो इंसानों की जान तक ले लेते हैं। यूँ तो हम जानवरों के बारे में बहुत कुछ जानते हैं लेकिन जानवरों से जुड़ी कई ऐसी बाते हैं जो हम आज भी नहीं जानते। आइये जानते हैं जानवरों से जुड़े ऐसे ही कुछ रोचक तथ्यों के बारे में:-

  • एक चीनी नवजात जल हिरण का बच्चा इतना छोटा होता है कि उसे हम अपनी हथेली में पकड़ सकते हैं।
  • पूरी दुनियां में सूअर की 16 प्रजातियां पाई जाती हैं उनमे से लगभग आधे सूअर चीन में किसानों द्वारा पाले जाते है।
  • इंसानों के साथ-साथ सारे जीवों का हृदय भी यथास्थान होता है लेकिन क्या आपको पता है कि एक झींगे का दिल उसके मस्तिष्क में होता है।
  • आप जानते होंगे कि गोरिल्ला की कुछ हरकते इंसानों वाली होती हैं पर क्या आप जानते हैं कि गोरिल्ला को इंसानों की तरह सर्दी-खांसी की बीमारी हो सकती है।
  • सांप मांसाहारी होते हैं जिसका अर्थ है कि वे केवल जानवरों को खाते हैं अक्सर सांप भोजन के लिए कीड़े, पक्षी, मेंढक और अन्य छोटे स्तनधारी जीवो का शिकार करते है l
  • एक बड़े हाथी के दांत का वजन लगभग 4.8 kg होता है।
  • आपको जानकर आश्चर्य होगा कि दुनिया भर में चाहे कोई भी नस्ल के बन्दर हो वो केले को हमेशा इंसानों की तरह छीलकर ही खाते हैं।
  • हाथी की सूंड में 40,000 मांसपेशियां होती हैं लेकिन हड्डी एक भी नहीं होती।
  • कंगारू की सभी प्रजातियां अपने शरीर का संतुलन बनाने के लिए अपनी पूंछ का उपयोग करते हैं l
  • दरियाई घोडे़ उन बहुत कम जानवरों में से एक है, जो पानी में बच्चों को जन्म देते हैं।
  • एक अफ्रीकी हाथी के मुंह में केवल चार ही दांत होते हैं।
  • दुनिया का सबसे छोटा डॉगी ‘टॉडी’ है। यह इतना छोटा है की आप इसे आसानी से अपनी हथेली पर बैठा सकते हैं। इसका साइज 7 सेमी और वजन 300 ग्राम होता है। इसे दुनिया का सबसे छोटा डॉग माना जाता है।
  • कुत्ते की नज़र इंसानो की नज़र से लगभग 5 गुना अधिक तेज होती है इसके अलावा कुत्ते की सुनने की क्षमता मनुष्य से 9 गुना अधिक तेज होती है।
  • शुतुरमुर्ग, घोड़े से भी तेज दौड़ सकता है।
  • चमगादड़ एकमात्र ऐसा स्तनधारी जीव है जो उड़ सकता है। चमगादड़ की टांग की हड्डियां इतनी पतली होती है कि चमगादड़ की 1,200 प्रजातियों में से केवल 2 ही प्रजातियां (Vampire bat, Burrowing bat) ज़मीन पर चल सकती हैं।
  • क्या आप जानते हैं कि एक मादा कंगारू के तीन प्राइवेट पार्ट होते हैं ये उन्हें गर्भवती बनने में काफी मदद करते हैं।
  • गोरिल्ला एक दिन मे 14 घंटे सोता है।
  • एक स्वस्थ ब्लू व्हेल का वजन तीस हाथियों के बराबर हो सकता है।
  • अफ्रीका में एक जहरीली तितली की प्रजाति पाई जाती है जिसके शरीर में एक समय में छह बिल्लियों को मारने के लिए पर्याप्त ज़हर होता है l
  • जिराफ की जीभ इतनी लम्बी होती है कि ये जीभ के द्वारा अपने कान भी साफ़ कर सकता है l
  • ऊंटनी के दूध की आप दही नहीं जमा सकते।
  • दुनिया की सबसे जहरीली मछली का नाम स्टोन फिश है, जो दिखने में आम पत्थर की तरह होती है l
  • कुत्तों को सिर्फ पंजो पर ही पसीना आता है क्यूंकि कुत्तों के सिर्फ पंजे के बीच में पसीने की ग्रंथियां होती हैं l
  • गधे की आँखों का स्थान उन्हें हर समय अपने चारों पैरों को देखने में सक्षम बनाता है। उदाहरण के तोर पर गधे चलते समय अपने चारो पैरों को देख सकते हैं l
  • मगरमच्छ पानी में ज़्यादा नीचे जाने के लिए पत्थर निगल जाता है जिससे उसका वजन बढ़ जाता है और वो ज़्यादा गहराई में जा सकता है।

जानिए दुनिया के सबसे छोटे जानवरों के बारे में

विश्व भर में पशु-पक्षियों और जानवरों की विभिन्न प्रजातियाँ पाई जाती हैं। उनमें से कुछ अपने रंग, मधुर आवाज़ और कुछ अपने आकार के लिए प्रसिद्ध हैं।

आज इस पोस्ट में हम आपको बताने जा रहे हैं दुनिया के सबसे छोटे जानवरों के बारे में :-

सबसे छोटा सांप

दुनिया के सबसे छोटे सांप का नाम है लेप्टोटाइप्लॉप्स कार्ले। यह केवल चार इंच लंबा है और किसी सिक्के के ऊपर एकदम फिट हो जाता है। वे विषाक्त नहीं हैं। वे चींटियों, दीमक और छोटे कीड़ों के अंडे खाते हैं। वे चट्टानों के नीचे रेत में छिप जाते हैं।

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सबसे छोटा गिरगिट

अफ्रीका में मेडागास्कर के उत्तर-पश्चिमी तट से दूर स्थित नॉयसी बी आईलैंड में ब्रुकेसिया मिनीमा प्रजाति का गिरगिट पाया गया है। यह गिरगिट की सबसे छोटी प्रजाति है। यह मात्र 0.5 इंच का है। यह मेडागास्कर के वर्षावनों में पाया जाता है। रोचक तथ्य यह है कि यह अपनी त्वचा रंग बदलने में सक्षम है।

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सबसे छोटा घोड़ा

दुनिया के सबसे छोटे घोड़े का नाम को गिनीज़ बुक में दर्ज किया गया है। बॉम्बेल नाम का यह घोड़ा पोलैंड का है। दुनिया के इस सबसे छोटे नर घोड़े की ऊँचाई कंधे से लेकर पैर तक केवल 56.7 सेमी यानी 1 फिट 10 इंच है।

बॉम्बेल अब तक कासकड स्टड फ़ार्म का सबसे छोटा घोड़ा है, जो कई बड़े घोड़ों के साथ रहता है। इससे पहले दुनिया के सबसे छोड़े का रिकॉर्ड थम्बेलिना नाम की एक घोड़ी के पास था, जिसकी 2018 में मृत्यु हो गई।

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सबसे छोटा चूहा

दुनिया का सबसे छोटा चूहा रोडेंट है । इसकी लंबाई 3-10 इंच तक होती है । इनका जीवन काल केवल 2 साल तक होता है। यह दुनिया मे कम पाए जाते है । यह केवल रेगिस्तान इलाकों मे पाए जाते है।

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सबसे छोटा बंदर

दुनिया का सबसे छोटा खूबसूरत बंदर आपकी एक उंगली के बराबर है जिसका नाम है पिग्मी मार्मोसेट। यह दुनिया का सबसे छोटा बंदर है।

दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी अमेजन बेसिन में पाया जाने वाला यह बंदर जन्म के समय हमारी एक उंगली से भी काफी छोटा होता है। यह ज्यादा से ज्यादा 4.6 से 6.2 इंच तक बढ़ते हैं और इनका वजन 100 ग्राम तक होता है।

यह बंदर देखने में तो बहुत ही प्यारे और सीधे साधे लगते हैं लेकिन यह बहुत ही इंटेलिजेंट और थोड़े गुस्सैल मिजाज के होते हैं।

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सबसे छोटा कुत्ता

दुनिया के सबसे छोटे कुत्ते का आकार लगभग 6 इंच का है और इसकी ऊंचाई इससे भी कम होती है। कुत्तों की इस नस्ल का नाम है चिहुआहुआ। यह अमेरिका के चार्लटन में रहता है।

बड़ा होने के बाद भी यह लेडीज पर्स, जूते और कोट की जेब में आसानी से समा जाता है। गिनीज रिकॉर्ड बुक में इसे विश्व के सबसे छोटे कुत्ते के रूप में शामिल कर लिया गया है।

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सबसे छोटी बिल्ली

यूएस के प्रांत सेंट्रल इलिनॉयस में पीबेल्स नाम की बिल्ली है, जो मात्र 6.1 इंच की है। गिनीज बुक में इसका नाम 2004 में जोड़ा गया था। यह इतनी छोटी है कि एक छोटे से गिलास में भी आ जाती है।

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सबसे छोटी मछली

2006 में दुनिया की सबसे छोटी मछली की खोज इंडोनेशिया के सुमात्रा आईलैंड में की गई। इस मछली का आकार केवल 0.3 इंच का है। यह मछली पेईडोक्राईप प्रोजेगेटिया की एक प्रजाति कार्प के परिवार से है।

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सबसे छोटी छिपकली

ब्रिटिश के वर्जिन द्वीप समूह में 1965 में 0.6 इंच की छिपकली का पता चला था। यह स्नेहरडेटाइलस एरेएसिया प्रजाति की छिपकली है।

सबसे छोटी गाय

क्या कभी आप ने सबसे छोटी गाय को देखा है। जी हाँ हम बात कर रहे हैं 31 इंच की बेचूरा गाय के बारे में जिसको गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने भी सबसे छोटी गाय माना है।

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