जानिए तिल के बीज से होने वाले चमत्कारी फायदे

हम सभी के घरों में तिल का इस्तेमाल तो होता ही है और खासतौर पर मीठी चीजों में! तिल में मोनो-सैचुरेटेड फैटी एसिड होता है जो शरीर से कोलेस्ट्रोल को कम करता है।

दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए भी यह बेहद फायदेमंद है। इसमें फाइबर, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस भी शामिल होते हैं।

इसके सेवन से शरीर गर्म रहता है, इसलिए सर्दियों में इसे खाना फ़ायदेमंद माना जाता है। अच्छे प्रचुर फैट की मौजूदगी के कारण तिल के बीज ऊर्जा का अच्छा स्रोत होते हैं।

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तिल के स्वास्थ्य लाभ

  • तिल विटामिन बी और आयरन से भरपूर होते हैं। जिन लोगों में विटामिन बी या आयरन की कमी होती है, उनमें बाल सफेद होने, सुनने में कमी और याददाश्त कम होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं इसलिए इसका सेवन इन समस्याओं को दूर करने में मददगार है।
  • इनमें पाया जाने वाला सेसमिन शरीर में फ्री रैडिकल्स से लीवर की रक्षा करता है। इसके अलावा ये बीज फाइबर से भरपूर होते हैं। इससे कोलन कैंसर के ख़तरे से बचा जा सकता है।
  • काले और सफेद तिल मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं जो हाइपरटेंशन को रोकने में मदद करते हैं। इनके तेल मेंमौजूद पॉलीअनसैचुरेटेड फैट को रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित रखने में मददगार माना जाता है।
  • इसमें कैल्शियम और ज़िंक प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये दोनों ही हड्डियों को मज़बूत बनाते हैं।
  • इनके सेवन से सूजन कम होती है। लंबे समय तक लो लेवल की सूजन रहने से कई क्रॉनिक बीमारियां हो सकती है, जिसमें मोटापा, हृदय रोग और लीवर की बीमारी शामिल हैं।

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  • लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने के लिए, हमारे शरीर को जिन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, वो तत्व तिल में पाए जाते हैं।
  • तिल में कार्ब्स कम होता है जबकि प्रोटीन और हेल्थी फैट ज्यादा होता है। इन पोषक तत्वों के होने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है।
  • तिल का सेवन हाइपरटेंशन को कम करने का एक जैविक तरीक़ा है। तिल में मौजूद प्राकृतिक तेल और फैटी एसिड कई हृदय संबंधी बीमारियों को होने से रोकते हैं।
  • इनका सेवन करने से मुंह का स्वास्थ्य बेहतर होता है। तिल को अच्छी तरह से चबाकर खाएं। दांत मज़बूत रहेंगे।

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ध्यान देने योग्य बातें

  • तिल से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है। उन लोगों में ब्लड प्रेशर को बहुत कम कर सकता है जिनका पहले से ही ब्लड प्रेशर कम हो।
  • यह सर्जरी के दौरान और बाद में ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में बाधा डालता है। यदि कोई सर्जरी होनी है, तो कम से कम 2 हफ्ते पहले से तिल का उपयोग बंद कर दें।
  • जिन लोगों का लीवर कमज़ोर होता है या लीवर में पथरी होती है, उन्हें तिल का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।

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अजीबोग़रीब शौक :- ड्रैगन की तरह दिखता है यह शख्स!

अजीबोग़रीब शौक :- ड्रैगन की तरह दिखता है यह शख्स

हर इंसान का कोई न कोई शौक जरूर होता है और प्रत्येक इंसान अपना शौक पूरा करने की पूरी कोशिश करता है लेकिन कुछ इंसान ऐसे भी होते हैं जिन पर शौक का जुनून सवार होता है जिसके लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं।

किसी-किसी का शौक बेहद ही अजीबोग़रीब होता है और वे  इसे पूरा करने के लिए बेहिसाब दौलत खर्च करते हैं।आज हम बात करने जा रहे हैं ऐसे ही एक व्यक्ति के बारे में जिसने अपने अजीबोग़रीब शौक के चक्कर में लाखों रुपये गवाएं हैं।

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टायमैट लीजन मेडुसा नाम के इस व्यक्ति को अपने शरीर में अजीब बदलाव का शौक है, इस कार्य के लिए इन्होंने कॉस्मेटिक सर्जरी और बॉडी मॉडिफिकेशन भी करवाई है जिसके लिए इन्होंने 61 हजार पाउंड की बड़ी रकम खर्च की है। टायमैट ने यह रकम अपने शरीर में जबरदस्त बदलाव, कान हटाने और जीभ को बीच से कटवाने पर खर्च किया है

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यह है मकसद

टायमैट लीजन मेडुसा का मकसद खुद को ड्रैगन की तरह दिखना है। आपको सुनकर हैरानी होगी कि उनके बॉडी के मॉडिफिकेशन का काम अभी भी चल रहा है।

इसके पीछे उनका मकसद यह है कि जिन लोगों ने बॉडी मॉडिफिकेशन करा राखी है उनके प्रति सकारात्मक भाव दिखा सकें।

टायमैट का कहना है कि ज्यादातर लोग सोचते हैं कि जो लोग साई-फाई फिल्मों में दिखने वालों की तरह बॉडी मॉडिफिकेशन करवाते हैं वो लूजर और मंदबुद्धि वाले हैं, परन्तु ऐसा नहीं है।

पहले मैं एक आम आदमी की तरह देश के सबसे बड़े वित्तीय संस्थानों में से एक बैंकिंग वाइस प्रेसिडेंट था। टायमैट ने कहा कि मैं लोगों को बस यह बताना चाहता हूँ कि मॉडिफायड लोग भी बुद्धिमान, दयालु, प्यार करने वाले लोग होते हैं। सिर्फ इसलिए कि मेरे कान निकाल लिए गए हैं इसका यह मतलब नहीं है कि मेरे पास दिमाग नहीं है।

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बचपन में हुआ दुर्व्यवहार

टायमैट जब वह पांच साल का था, तब उनके सौतेले पिता ने उनके साथ काफी शारीरिक और मौखिक दुर्व्यवहार किया, इतना ही नहीं उसके माता-पिता ने उसे रात में दक्षिणी टेक्सास के घने जंगलों में छोड़ दिया।

जहां खतरनाक रैटलस्नेक रहते हैं। जब उनके माता-पिता ने उन्हें कार से बाहर फेंक दिया, तो उन्होंने एक जहरीले रैटलर को अपना माता-पिता मान लिया।

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शुरुआत

टायमैट लीजन मेडुसा ने पहली बार 1997 में बॉडी मॉडिफिकेशन करवाया और उन्होंने अपने सिर पर दो सिंग लगवाए, जिनकी कीमत 330 पाउंड (लगभग 29 हजार रुपये) थी।

टायमैट ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार बॉडी मॉडिफिकेशन करवाई थी, उस समय वे दुनिया के पांचवें व्यक्ति बन गए थे जिसने सिर पर सींग लगवाए थे।

उन्होंने बॉडी मॉडिफिकेशन पहले शौक से कराया, लेकिन बाद में यह सब उनके जीवन का प्रमुख हिस्सा बन गया। टायमैट की मॉडिफिकेशन को देखें तो पहले वे महिला के रूप में बने, लेकिन बाद में उनका मानव ड्रैगन के रूप में अवतार हुआ। हालत यह है कि अब लोग टायमैट को ‘ड्रैगन लेडी’ के रूप में पहचानते हैं।

कागज से बनायी गयी आश्चर्यजनक कलाकृतियाँ!

इन मूर्तियों को लॉस एंजेल में रहने वाली मूर्तिकार जेफ़ निशिनाका द्वारा बनाया गया है. उन्होंने अपने 30 साल के करियर में बहुत शानदार कलाकृतियाँ बनायी हैं. उन्होंने अपने करियर के शुरुआत में पहले कला का अध्ययन किया और फिर एक व्याख्याता(illustrator) के रूप में काम किया. लेकिन उनका कागज की कलाकृतियाँ बनाना सबसे पसंदीदा शौंक है. वह कागज को मोड़कर उनकी कलाकृतियाँ बनाने में सक्षम है. यह हैं उनके द्वारा बनायी गयी आश्चर्यजनक कागज की मूर्तियाँ.

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भारतीय सेना द्वारा आज तक किए गए ये 11 सर्जिकल स्ट्राइक

सर्जिकल स्ट्राइक एक तरह की सैन्य कार्रवाई होती है, जिसमें एक चुने गए टारगेट को ध्वस्त करना होता है। सर्जिकल स्ट्राइक का मुख्य उद्देश्य कम से कम नुकसान में ज्यादा से ज्यादा टारगेट को तबाह करना होता है।

इसमें इस बात का ध्यान रखा जाता है कि केवल टारगेट को निशाना बनाना है। इसमें आम पब्लिक और पब्लिक प्रॉपर्टी को निशाना नहीं बनाया जाता है। सर्जिकल स्ट्राइक हवाई या जमीनी मार्ग से होती है।

स्पेशल सेना की टुकड़ी को हवाई रास्ते से दुश्मन के इलाके में छोड़ा जाता है या फिर हवा बमबारी के जरिए हमला किया जाता है। आज हम आपको बताने जा रहे है, वो 11 सर्जिकल स्ट्राइक, जो भारतीय सेना ने अब तक की है।

मई 1998

1998 में भारतीय सेना के इस ऑपरेशन की शिकायत पाकिस्तान ने खुद संयुक्त राष्ट्र को की थी। यह शिकायत संयुक्त राष्ट्र की 1998 की वार्षिक किताब के पेज नंबर 321 पर दर्ज़ है।

4 मई को पाकिस्तान ने इस शिकायत में कहा कि पीओके में एलओसी के 600 मीटर पार बंदाला सेरी में 22 लोगों को मार डाला गया। पाकिस्तान गांव में मौजूद कुछ चश्मदीदों के हवाले से ये भी बताया गया कि करीब एक दर्जन शख्स, काले कपड़ों में आधी रात को आए।

उन्होंने कुछ पर्चे भी छोड़े, जिस पर एक में लिखा था- ‘बदला ब्रिगेड’। वहीं दूसरे पर्चे पर लिखा था- बुरे काम का बुरा नतीजा, एक और पर्चे पर लिखा था, एक आंख के बदले 10 आंखें, एक दांत के बदले पूरा जबाड़ा।

उस वक्त कुछ अमेरिकी अधिकारियों की ओर से माना गया था कि यह कार्रवाई पठानकोट और ढाकीकोट के गावों में 26 भारतीय नागरिकों की हत्या के बदले में की गई थी।

ग्रीष्मकाल 1999

1999 की गर्मियों में कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने जम्मू के पास मुनावर तवी नदी से एलओसी को क्रॉस किया था, इस ऑपरेशन में पाकिस्तान की एक पूरी चौकी को उड़ा दिया गया।

इस घटना के बाद पाकिस्तान ने बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) का गठन किया था, इस गठन में पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SAG) के कमांडो को शामिल किया गया था। जनवरी में एक भारतीय सैनिक का सिर कलम कर देने के लिए BAT को ही जिम्मेदार माना जाता है।

जनवरी 2000

21-22 जनवरी 2000 को करगिल युद्ध के 6 महीने बाद नीलम नदी के पार नडाला एनक्लेव में एक पोस्ट पर रेड के दौरान 7 पाकिस्तानी सैनिकों को कथित तौर पर पकड़े जाने का दावा किया गया था।

पाकिस्तान के मुताबिक यह सातों सैनिक भारतीय सैनिकों की गोलीबारी में घायल हुए थे, बाद में इन सैनिकों के शवों को पाकिस्तान को वापस कर दिया गया था।

भारतीय सेना के सूत्रों का कहना था कि भारतीय सेना की ओर से यह कार्रवाई कैप्टन सौरभ कालिया और 4 जाट रेजीमेंट के पांच जवानों- सिपाही भंवर लाल बागरिया, अर्जुन राम, भीखा राम, मूला राम और नरेश सिंह की शहादत के बाद की गई थी।

मार्च 2000

12 बिहार बटालियन के कैप्टन गुरजिंदर सिंह इंफैन्ट्री बटालियन कमांडो (घातक) की टीम के साथ एलओसी पार जाकर पाकिस्तानी चौकी पर धावा बोला।

यह पाकिस्तानी सेना के पूर्व में किए गए हमले की जवाबी कार्रवाई थी। भारत के इस ऑपरेशन में कैप्टन सूरी शहीद हो गए। उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया।

इसी दौरान 2 मार्च 2000 को लश्कर ए तैयबा के आतंकियों ने एक हमले में 35 सिखों की हत्या कर दी थी। उस वक्त अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी, उनकी सरकार की ओर से 9 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) को सरहद पार कार्रवाई करने की अनुमति दी गई थी।

इस करवाई में स्पेशल फोर्स के मेजर की अगुआई में भारतीय सैनिकों ने एलओसी पार जाकर 28 पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकवादियों का काम तमाम किया था।

सितंबर 2003

सितंबर 2003 में एलओसी पर दोनों देशों में सीज़फायर लागू होने के बाद से दूसरे की जमीन पर जाकर होने वाले ऑपरेशन की कम ही जानकारी उपलब्ध है, लेकिन पाकिस्तान की ओर से एलओसी पर निगरानी वाले संयुक्त राष्ट्र प्रेषक दल (UNMOGIP) को दर्ज शिकायतों से पता चलता है कि क्रॉस बॉर्डर ऑपरेशंस बदस्तूर जारी रहे।

पाकिस्तान ने इस शिकायत में यह दावा किया है कि भारतीय सैनिकों ने 18 सितंबर 2003 को पूंछ के भिम्बर गली के पास बरोह सेक्टर में एक पोस्ट पर हमला किया। इस घटना में पाकिस्तानी जेसीओ समेत 4 जवान मारे गए।

जून 2008

जून 2008 में दो बार ऐसी घटनाएं हुईं। पहले 5 जून 2008 को पूंछ के सलहोत्री गांव में क्रांति बार्डर निगरानी पोस्ट पर हमला हुआ था, जिसमें 2-8 गुरखा रेजीमेंट का जवान जावाश्वर छामे शहीद हुआ था।

पाकिस्तान की शिकायतों के रिकॉर्ड के मुताबिक पूंछ के भट्टल सेक्टर में 19 जून 2008 को भारतीय सैनिकों की कार्रवाई में चार पाकिस्तानी जवान मारे गए।

अगस्त 2011

पाकिस्तान ने 30 अगस्त 2011 को शिकायत दर्ज कराई कि उसके एक जेसीओ समेत चार जवान केल में नीलम नदी घाटी के पास भारतीय सेना की कार्रवाई में मारे गए।

अखबार ‘द हिंदू’ ने इस घटना पर सूत्रों के हवाले से बताया था कि ये ऑपरेशन कारनाह मे भारतीय जवानों पर हमले में दो भारतीय सैनिकों की हत्या और उनके शवों को क्षतविक्षत किए जाने के बदले में किया गया था।

जनवरी 2013

सावन पात्रा पाकिस्तानी पोस्ट से भारतीय सैनिकों को निशाना बनाया जा रहा था। 6 जनवरी 2013 की रात को क्रॉस बार्डर फायरिंग के बाद 19 इंफैन्ट्री डिवीजन कमांडर गुलाब सिंह रावत ने इस पाकिस्तानी पोस्ट पर हमला करने की इजाजत मांगी।

पाकिस्तान की ओर से फिर कहा गया कि सावन पात्रा में स्थित उनकी पोस्ट पर भारतीय सैनिकों ने हमला किया। इस घटना पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने दिल्ली में कहा सावन पात्रा को निशाना बनाने के लिए एलओसी पार जाने की औपचारिक अनुमति नहीं थी, लेकिन तनाव की गर्मी में इस तरह की चीजें होती रहती हैं। पाकिस्तान ऐसा करता है, तो हमारी सेना भी ऐसा करती है।

जून 2015

4 जून 2015 को नागा उग्रावादियों ने चंदेल एरिया में भारतीय सैनिकों पर हमला कर दिया था। इस हमले में हमारे 18 सैनिक शहीद हो गए थे।

इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेना की 70 सैनिकों की एक टीम ने म्यामार के जंगलों में सर्जिकल ऑपरेशन किया। 40 मिनट चले इस सर्जिकल ऑपरेशन में 38 नागा उग्रवादियों को मौत के घाट उतारा गया था और वहीं 7 नागा उग्रवादी गंभीर रूप से घायल हुए थे।

सितंबर 2016

उड़ी में हुए आतकंवादी हमले के बाद 29 सितंबर 2016 की रात सेना ने एलओसी पार करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक किया। इस हमले के दौरान 38 आतंकवादी मारे गए और उनके के 7 ठिकाने भी नष्ट कर दिए गए।

फरवरी 2019

14 फरवरी 2019 को पुलवामा में जैश ए मोहम्मद के एक आतंकवादी द्वारा भारतीय सेना के एक काफिले पर हमला किया गया। इस हमले में हमारे 40 जवान शहीद हो गए।

भारतीय सेना ने इस हमले में शहीद हुए 40 सुरक्षाकर्मियों की शहादत का बदला पाकिस्तान की सीमा में घुसकर लिया। इस ऑपरेशन में वायुसेना के विमानों ने करीब 300 आतंकियों को ‘दोजख की आग’ में झोंक दिया।

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10 ऐसे देश जिनके पास नहीं है अपनी सेना….!

जिन देशों की सैन्य क्षमता अच्छी होती है उन देशों की गिनती पावरफुल देशों में की जाती है । आज के युग में हर देश अपनी सेना की ताकत का प्रदर्शन करने से नहीं कतराता है, लेकिन क्या आपको पता है कि विश्व में ऐसे भी कई देश हैं जिनके पास अपनी सेना नहीं हैं ।

आइए जानें विश्व के ऐसे देशों के बारें में जिनके पास अपनी सेना नहीं हैं…..!

एंडोरा

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यूरोप का यह छोटा सा देश एंडोरा 1278 में बना था। एंडोरा देश 467.6 वर्ग किलोमीटर तक फैला हुआ है। इस देश के पास अपनी सेना नहीं है वह दुसरे देशों पर निर्भर है।

अगर एंडोरा देश पर कभी भी हमले की स्थिति उत्पन्न होती है तो वह अपने नजदीकी देश स्पेन और फ्रांस पर निर्भर हैं। एंडोरा ने आपदा या हमले से बचने के लिए अपने पड़ोसी देशों फ्रांस और स्पेन से सैन्य सम्बन्धी समझौता कर रखा है।

ग्रेनेडा

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ग्रेनेडा देश के पास अपनी सेना न होने के बावजूद अमरीका जैसे शक्तिशाली देश का हमला झेल चूका है। यह हमला सेना और सरकार के बीच हो रहे आपसी विवाद के कारण हुआ था और सन 1983 में सेना को हटा दिया गया था।

ग्रेनेडा देश में अभी भी आंतरिक सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी पुलिस के पास है। ग्रेनेडा देश का क्षेत्रफल 348.5 वर्ग किलोमीटर है।

लिकटेंस्टीन

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लिकटेंस्टीन देश उन देशों में से एक है जिन्हें कभी भी सेना की जरूरत महसूस नहीं हुई। 1868 में हुए हमले के बाद यहाँ की सरकार ने अपनी सेना तैयार की थी लेकिन सेना तैयार करने में अधिक खर्च की आवश्कता थी और लिकटेंस्टीन देश यह खर्च उठाने में असमर्थ था। लिकटेंस्टीन देश में पुलिस ही सुरक्षा और कानून व्यवस्था दोनों को संभालती हैं।

सोलोमन आइलैंड्स

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सोलोमन आइलैंड के पास अपनी सेना नहीं हैं। यह देश 1893 तक ब्रिटेन पर आधारित था। सोलोमन आइलैंड कई द्वीपों का समूह है जिसके कारण 1976 में बनी सरकार ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाई।

सोलोमन आइलैंड में जातीय संघर्ष और अपराधिक मामले बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। सोलोमन आइलैंड न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया के मध्य में हैं इसलिए अब आस्ट्रेलिया ही इस देश की देख-रेख कर रहा है।

नॉरू

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नॉरू देश दुनिया के सबसे छोटे देशों में गिना जाता है। नॉरू देश का क्षेत्रफल सिर्फ 21.10 वर्ग किलोमीटर हैं। इस देश के पास अपनी कोई सेना नहीं है। इस देश की पुलिस ही सुरक्षा और कानून व्यवस्था देखती हैं। जरूरत पड़ने पर ऑस्ट्रेलिया इस देश की मदद करता है।

वेटिकन सिटी

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वेटिकन शहर यूरोप महाद्वीप में स्थित एक देश है। यह दुनिया का सबसे छोटा देश है। वेटिकन सिटी के पास अपनी कोई सेना नहीं है। वेटिकन शहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी इटली के पास है।

मॉरीशस

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मॉरीशस हिन्द महासागर में बसा एक छोटा सा देश है जिसके पास अपनी कोई सेना नहीं है। मॉरीशस को हिन्द महासागर का मोती भी कहा जाता है। इस देश के पास ज्यादा से ज्यादा 10 हजार पुलिसकर्मी ही है। इनके ऊपर ही मॉरीशस शहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी है।

पलाऊ

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पलाऊ देश के पास अपनी सेना नहीं है वह केवल पुलिसवालों पर ही निर्भर है। 1983 में अमेरिका के साथ हुए समझौते के अनुसार अमेरिका, पलाऊ को हर तरह से सुरक्षा प्रदान करेगा।

हैती

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हैती देश नॉर्थ अमेरिका में स्थित है। वर्ष 1995 में सेना और सरकार के आपसी विवाद के कारण यहाँ से सेना को हटा दिया गया था।अब हैती देश के पास कोई अपनी सेना नहीं है और यह देश केवल पुलिस पर ही निर्भर हैं।

मार्शल आइलैंड

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मार्शल आइलैंड 1983 में स्वतंत्र हो चूका है लेकिन आज भी इसे अमेरिका का ही हिस्सा माना जाता है। मार्शल आइलैंड में भी कोई सेना नहीं है। अगर कभी भी इस आइलैंड पर हमला या कोई आपदा आती है तो अमेरिकी सेना ही इसकी जिम्मेदारी लेती हैं।

भारतीय सेना के बारे में कुछ अदभुत तथ्य!

भारतीय सशस्त्र बल सेना, भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना, भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल भारत को दुश्मनों से सुरक्षित रखते हैं। हम में से बहुत से लोगों को उनकी जीत और उनके तरकीय योगदान के बारे में पता होगा।

यहां निम्नलिखित सूची में भारत की सेना के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य हैं, जिससे पढ़कर आप Indian Army को पहले से 10 गुना ज़्यादा सम्मान की नज़रों से देखेंगे।

भारतीय सेना दुनिया की सबसे ऊँची रणभूमि “सियाचिन ग्लेशियर” को नियन्त्रण करती है, जिसकी ऊंचाई समुन्द्र तल से 5000 मीटर है.

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भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी “स्वैच्छिक” सेना है।

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सभी सेवारत और रिज़र्व सेना के पास अपनी सेवा देने या ना देने का अधिकार होता है। यह अधिकार भारत के संविधान में भी दर्ज है। लेकिन इस संविधान को कभी भी प्रयोग में नहीं लाया गया। भारतीय सेना के पास पहाड़ों की उंचाई वाले क्षेत्रों में लड़ने की महारत हासिल है।

Indian Army द्वारा High Altitude Warfare School (HAWS) दुनिया में सबसे संभ्रांत सैन्य प्रशिक्षण चलाया जाता है। जिसमें अमेरिका, इंग्लैंड और रूस के विशेष सेना बल ने अफ़ग़ानिस्तान पर आक्रमण करने से पहले हिस्सा लिया था।

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भारत ने 1970 और 1990 में परमाणु परिक्षण किया था। इस परिक्षण के बारे में दुनिया की सबसे ताकतवर ख़ुफ़िया एजेंसी सी.आई.ए. को भी नहीं पता चला था और यह सी.आई.ए की अब तक की सबसे बड़ी असफलता है।

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भारत में अन्य सरकारी संगठनों और संस्थाओं के विपरीत Indian Army में किसी भी व्यक्ति की जाती या धर्म नहीं देखा जाता।

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भारत और पाकिस्तान के बीच हुई “लोंगेवाला की लड़ाई” में सिर्फ दो भारतीय सेना के जवान ही शहीद हुए थे. इस लड़ाई पर मशहूर बॉलीवुड फिल्म “बॉर्डर” बनी है।

लोंगेवाला की लड़ाई भारत और पाकिस्तान के बीच दिसम्बर 1971 में हुई थी। इस लड़ाई में 120 Indian Army के जवानों ने 2000 पाकिस्तानी सेना के जवानों को घुटने टेकने के लिए मज़बूर कर दिया था।

सबसे रोचक तथ्य यह है कि इस लड़ाई में Indian Army के पास सिर्फ एक जीप थी, जिस पर एम्40 की राइफल लगी थी और दूसरी तरफ पाकिस्तानी सेना 2000 की तदाद में टैंकों से लेस थी।

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Indian Army द्वारा चलाया गया ऑपरेशन राहत (2013) अब तक सबसे बड़ा लोगों को बचाने वाला मिशन था. ऑपरेशन राहत मिशन को भारतीय वायु सेना द्वारा चलाया गया था।

इस मिशन का मुख्य लक्ष्य 2013 में उत्तराखंड में आयी बाढ़ से प्रभावित लोगों को बचाना था। ऑपरेशन राहत के पहले चरण में 17 जून 2013 को 20,000 लोगों को बाढ़ के क्षेत्र से सुरक्षित निकाल लिया गया था, जो अपने-आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड था।

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केरल की एज़िमाला नौसेना अकादमी पूरे एशिया में सबसे बढ़ी अकादमी है।

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भारतीय सेना के पास घुड़सवार सेना की रेजिमेंट भी है. ऐसी रेजिमेंट दुनिया में सिर्फ तीन ही हैं।

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भारतीय वायु सेना का ताजीकिस्तान में आउट-स्टेशन है।

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भारतीय सेना ने भारत के सबसे ऊँचे पुल का भी निर्माण किया है. यह लदाख वैली में द्रास और सुरु नदियों के बीच बना हुआ है। इस पुल का निर्माण भारतीय सेना द्वारा अगस्त 1982 में किया गया था।

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सैन्य इंजीनियरिंग सेवा (एमईएस) भारत में सबसे बड़ी निर्माण एजेंसियों में से एक है। एमईएस और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) पर भारत की बेहद शानदार सड़कों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी है। खर्दुन्गला (जो पूरी दुनिया में सबसे ऊँची सड़क है) और चुम्बकीय पहाड़ी जैसी सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी एमईएस पर आती है।

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भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में हुआ युद्ध उस समय खत्म हो गया था। जब पाकिस्तानी सेना के 93,000 जवानों ने Indian Army के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। दुसरे विश्व युद्ध के बाद यह सबसे बड़ा आत्मसमर्पण था, जो पाकिस्तानी सेना द्वारा किया गया था।

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अक्सर कई लोकप्रिय हस्तियों को सशस्त्र बलों की मानद रैंक से सम्मानित किया जाता है। सचिन तेंदुलकर को भारतीय वायु सेना द्वारा कप्तान का रैंक से सम्मानित किया गया है और एम्.एस धोनी को भारतीय सेना द्वारा लेफ्टिनेंट की पदवी से सम्मानित किया गया है।

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जानिए दुनिया की सबसे खतरनाक नदियों के बारे में!

नदियां हमारे जीवन का आधार होती हैं, लेकिन क्या होगा जब यह नदियां ही जानलेवा बन जाए। आज हम इस पोस्ट में आपको बताने जा रहे हैं दुनिया की सबसे खतरनाक नदियों के बारे में :-

येलो रिवर चाइना

चीन से होकर बहने वाली यह नदी लम्बाई के हिसाब से विश्व में सातवां स्थान रखती है। यह दुनिया की सबसे खतरनाक जानलेवा नदियों में से एक है। यह नदी अपने बहाव क्षेत्र में,अपने रास्ते को कुल 27 बार बदलती है।

इसमें हर साल तेज़ बाढ़ आती है। अगर यह नदी अपना रौद्र रूप धारण कर ले तो इसके रास्ते में आने वाली हर चीज को यह मिटा देती है।

हर साल आने वाली बाढ़ के कारण यहाँ के हजारों लोगों को जान व् माल का भारी नुकसान होता है। जिसके कारण इस नदी को चीन में “दुःख की नदी” भी कहा जाता है।

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कांगो रिवर अफ्रीका

कांगो नदी को अफ्रीका में अंधकार का हृदय भी कहा जाता है। यह नील नदी के बाद अफ्रीका की सबसे बड़ा नदी है और उतनी ही ज्यादा खौफनाक भी है।

कांगो नदी को सबसे गहरी नदी माना जाता है। इसकी संपूर्ण लंबाई 2,900 मील है। नदी के पास 75 मील-लंबी घाटी है, जिसे “गेट्स ऑफ नरक” कहा जाता है।

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नील रिवर अफ्रीका

नील नदी दुनिया की सबसे लम्बी नदी है, जिसकी लम्बाई 6650 किलोमीटर है,लेकिन इस नदी के पीछे छिपे खतरे को अक्सर हम नजरअंदाज कर देते है।

इस नदी में दुनिया के सबसे खतरनाक जीव निवास करते हैं। जिसमें जहरीले सांप, खतरनाक मकड़ियां शामिल है, साथ ही इस नदी में विशालकाय मगरमच्छ एवं जहरीले मच्छर भी पाए जाते हैं जो कि बहुत ज़यादा जानलेवा हो सकते हैं।

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अमेज़न नदी

यह दक्षिण अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी नदी है, जो कि 6400 किलोमीटर यात्रा के दौरान मुख्य रूप से जंगलो के बीचो-बीच से होकर गुजरती है।

जहाँ न जाने कितने जीव जंतु रहते हैं जिनसे हम आज भी अनजान है और जिन जीवों से हम परिचित है, वे बहुत खतरनाक है।

इस नदी में विशालकाय अनाकोंडा रहता है जो हम इंसानो को जिन्दा ही निगल जाने में सक्षम है। इस नदी में खून की प्यासी मछली भी पाई जाती है, जो किसी भी इंसान को पल भर में मौत की नीद सुला सकती है।

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सीतारम नदी इंडोनेशिया

इसे दुनिया की सबसे दूषित नदियों में एक गिना जाता है। दूर से देखने पर आपको लगेगा कि जैसे आप कोई कूड़े का ढेर देख रहें हो लेकिन इस कूड़े के ढेर के नीचे एक नदी भी बहती है।

इस नदी का पानी बेहद दूषित और बैक्टीरिया से भरी हुई है लेकिन इसके बावजूद यहाँ के स्थानीय लोग इस नदी के पानी को नहाने एवं कुछ लोग तो इस पानी को घरेलू कामों में भी इस्तेमाल करते हैं ।

इंडोनेशिया सरकार ने हाल ही में इसकी सफाई के लिए अभियान तो शुरू किया है लेकिन इसके कोई अच्छे परिणाम जमीनी स्तर पर नजर नहीं आ रहे हैं।

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रिओ तिन्तो रिवर स्पेन

स्पेन में बहने वाली इस नदी को खूनी लाल नदी भी कहा जाता है, क्योकि इस नदी का ज्यादातर हिस्सा लाल रंग का दिखाई पड़ता है, इसकी सबसे बड़ी वजह है कि यह नदी सोने, चांदी, ताम्बा एवं कई अन्य धातुओं के खदानों से होकर गुजरती है इसलिए इस नदी में धातु की मात्रा काफी ज़्यादा पाई जाती है। जिसकी वजह से इसका पानी पीने में जान भी जा सकती है।

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रेड रिवर अमेरिका

अमेरिका के दक्षिणी भाग में बहने वाली यह नदी काफी खूबसूरत है लेकिन यह नदी जितनी खूबसूरत है उतनी ही डरावनी भी है क्योंकि इस नदी का बहाव अपने मन की मालिक है, इस नदी का बहाव रातो -रात बदल जाता है।

इस नदी में सबसे खतरनाक है इसका भवर, जो कि इस नदी के तकरीबन हर हिस्से में देखने को मिलता है जिसकी चपेट में अगर कोई इंसान आ जाए तो उसका बच पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। इस नदी के आसपास बहुत सारे दलदलीय क्षेत्र भी पाए जाते है।

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पराना रिवर

पराना नदी दक्षिण मध्य अमेरिका में बहने वाली एक नदी है। पराना नदी का मतलब है- ‘समुद्र जैसी विशाल.’ यह ब्राजील, पैराग्वे और अर्जेंटीना में बहते हुए 4880 किमी का सफर तय करती है।

पराना नदी में मजबूत धाराएं होती हैं और लगातार बाढ़ पैदा होते है। बाढ़ उन लोगों की मुसीबतें बढ़ा देती हैं जो नदी के किनारों या आसपास में बसे हैं। अक्सर बाढ़ के दौरान यह नदी काफी जान-माल का नुकसान करती है।

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मकर संक्रांति – 200 साल बाद मकर राशि में 5 ग्रहों का दुर्लभ संयोग!

आज सूर्य के मकर राशि में आने से मकर संक्रांति पर्व मनाया जा रहा है। इस बार मकर राशि में सूर्य के साथ चंद्रमा, बुध, गुरु और शनि भी हैं।

इन पांच ग्रहों का योग पिछले 200 साल में नहीं बना। साथ ही आज पांच राजयोग भी बन रहे हैं। इनमें सूर्य का उत्तरायण होना बहुत शुभ माना जा रहा है।

मकर संक्रांति पर मंगल, शनि, बृहस्पति और चंद्रमा से रुचक, शश, गजकेसरी, दान और पर्वत नाम के राजयोग बन रहे हैं। इनमें तीर्थ स्नान, पूजा और दान करने से बहुत पुण्य मिलता है।

इसके लिए सुबह 8:29 से शाम को सूर्यास्त तक पुण्यकाल रहेगा। मकर संक्रांति धार्मिक पर्व होने के साथ ही एक खगोलीय घटना भी है। जिससे धरती के उत्तरी गोलार्द्ध में सूर्य के आने से दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं।

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साल में 12 संक्रांतियां, लेकिन 2 ही खास

ज्योतिष ग्रंथों में साल की दो ही संक्रांतियां खास मानी गई हैं। 14 जनवरी को जब सूर्य मकर राशि में आता है, तब मकर संक्रांति होती है।

इस दिन सूर्य उत्तरायण हो जाता है जो कि करीब 6 महीने रहता है। इसके बाद जब सूर्य कर्क राशि में जाता है तो कर्क संक्रांति होती है।

इस समय सूर्य दक्षिणायन होता है यानी दक्षिणी गोलार्द्ध की ओर बढ़ने लगता है इसलिए इन दो ही संक्रांति को महत्वपूर्ण माना गया है।

इनके अलावा हर महीने जब सूर्य राशि बदलता है तो उस राशि के नाम के मुताबिक मेष, वृष मिथुन संक्रांति होती है। इस तरह साल में 12 संक्रांति होती है

13 फरवरी तक 12 राशियों पर कुछ ऐसा रहेगा असर

वृश्चिक सहित 4 राशियों के लिए रहेगा शुभ समय

वृष: किस्मत का साथ मिलेगा। मेहनत बढ़ेगी और उसका पूरा फायदा भी मिलेगा।

कर्क: रोजमर्रा के काम पूरे हो जाएंगे। पुरानी परेशानियां खत्म होने लगेंगी। नए काम शुरू होंगे।

सिंह: दुश्मनों पर जीत मिलेगी। सेहत में सुधार होगा। दूर स्थान पर रहने वाले लोगों से मदद मिलेगी।

वृश्चिक: दोस्तों और भाइयों से मदद मिलेगी। मेहनत और पराक्रम बढ़ेगा। कई मामलों में भाग्यशाली रहेंगे।

4 राशियों पर रहेगा मिला-जुला असर

मेष: नौकरी और बिजनेस में बड़े काम होंगे, लेकिन मेहनत और तनाव भी बढ़ सकता है।

कन्या: नई योजनाओं पर काम शुरू होगा। फायदा मिलेगा, लेकिन संतान को लेकर चिंता बढ़ेगी।

धनु: धन लाभ होने के योग बन रहे हैं, लेकिन खर्चा भी बना रहेगा। गुप्त बात उजागर हो सकती है।

मीन: कामकाज का फायदा मिलेगा, लेकिन लव लाइफ में तनाव और विवाद बढ़ सकता है।

तुला और कुंभ सहित 4 राशियों को रहना होगा संभलकर

मिथुन: गुप्त बातें उजागर हो सकती हैं। धन हानि के योग हैं। नौकरी और बिजनेस में नुकसान होने की आशंका है।

तुला: माता की सेहत को लेकर चिंता रहेगी। नौकरी और बिजनेस में परेशानियां बढ़ सकती है। प्रॉपर्टी संबंधी विवाद होने के योग हैं।

मकर: रोजमर्रा के कामों में रुकावटें आएंगी। मैरिड लाइफ में तनाव बढ़ सकता है। सेहत के मामलों में लापरवाही न करें।

कुंभ: धन हानि हो सकती है। नौकरी और बिजनेस में विवाद और नुकसान के योग हैं। सेहत संबंधी बड़ी परेशानी की भी आशंका है।

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दुनिया की सबसे अजीबोगरीब सज़ाए, जिनके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे !

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दुनिया की सबसे अजीबोगरीब सज़ाए, जिनके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे !

यदि कोई अपराध करता है तो उसे उस अपराध की सज़ा जरूर मिलनी चाहिए, फिर चाहे वह अपराध छोटा हो या बड़ा।अपराधी को उसके अपराध के हिसाब से सज़ा जरूर मिलती है, परन्तु ज़रा सोचिए अगर अपराधी को अजीबोगरीब सजा मिलने लगे तो, सुनने में कितना अजीब लगता है न।

आज हम आपको इस पोस्ट में कुछ ऐसे ही अजीबोगरीब सज़ाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में जानकर आप ये जरूर कहेंगे कि ऐसा भी होता है क्या?

तो आइए जानतें हैं कुछ अजीबोगरीब सज़ाओं के बारे में :-

बाम्बी कार्टून देखने की सज़ा

अमेरिका के मिसौरी में रहने वाले डेविड बेरी नामक शख्स पर सैकड़ों हिरणों का शिकार करने का आरोप था। साल 2018 में डेविड बेरी को इस जुर्म का दोषी पाते हुए अदालत ने उसे एक साल तक जेल की सज़ा दी और साथ ही जेल में रहकर महीने में कम से कम एक बार डिज्नी का बाम्बी कार्टून देखने की भी सजा सुनाई थी।

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गधे के साथ मार्च करने की सजा

साल 2003 में अमेरिका के शिकागो में रहने वाले दो लड़कों ने क्रिसमस की शाम चर्च से ईसा मसीह की मूर्ति चुराई थी और उसे नुकसान भी पहुंचाया था।

इस जुर्म का दोषी पाते हुए दोनों को 45 दिन के लिए जेल की सज़ा सुनाई गई थी। इसके अलावा उन्हें अपने गृहनगर में एक गधे के साथ मार्च करने का भी आदेश दिया गया था।

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ड्रग, शराब और निकोटिन टेस्ट कराने की सज़ा

साल 2011 को अमेरिका के ओकलाहोमा में रहने वाला 17 वर्षीय टाइलर एलरेड शराब पीकर गाड़ी चला रहा था जिसकी वजह से गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया और उसके एक दोस्त की मौत हो गई थी।

उस समय टाइलर हाई स्कूल में पढ़ता था, इसलिए अदालत ने उन्हें हाई स्कूल और ग्रेजुएशन खत्म करने के अलावा साल भर के लिए ड्रग, शराब और निकोटिन टेस्ट करवाने के साथ ही 10 साल तक चर्च जाने की सज़ा सुनाई थी।

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घर छोड़ने की सजा

स्पेन के एंडालूसिया में रहने वाले एक 25 वर्षीय युवक के माता-पिता ने उसे पॉकेट मनी देनी बंद कर दी थी, जिसके बाद वह युवक इस मामले को लेकर अदालत पहुंचा।

हालांकि अदालत ने उल्टे उसी को सज़ा सुना दी कि अगले 30 दिन के अंदर उसे उसके माता-पिता का घर छोड़ना पड़ेगा और अपने पैरों पर खड़ा होना पड़ेगा।

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20 घंटों तक शास्त्रीय संगीत सुनने की सज़ा

एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2008 में एंड्रयू वेक्टर पर अपनी कार में तेज आवाज में संगीत सुनने पर 120 पाउंड यानी आज के हिसाब से करीब 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

वो अपना पसंदीदा संगीत ‘रैप’ सुन रहा था। हालांकि बाद में जज ने कहा कि वह जुर्माने की रकम घटाकर 30 पाउंड कर देंगे, बशर्ते कि वेक्टर को 20 घंटों तक बीथोवन, बाख और शोपेन का शास्त्रीय संगीत सुनना होगा।

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सऊदी अरब के बारे में कुछ रोचक तथ्य

सऊदी अरब को मक्का मदीना, तेल, रेत, अमीर शेखों और वहां के सख्त कानून के लिए जाना जाता है। सउदी अरब मध्यपूर्व में स्थित एक सुन्नी मुस्लिम देश है।

यह एक इस्लामी राजतंत्र है जिसकी स्थापना 1932 को हुई थी। आज हम आपको सऊदी अरब के बारे में कुछ रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं।

  • सऊदी अरब की कुल जनसंख्या का आधा भाग युवा है। यहां हर तीसरा व्यक्ति 35 साल की उम्र से कम है। वहां महिलाओं की संख्या कम और पुरुषों की संख्या ज़्यादा है।
  • सऊदी अरब का अरबी नाम (अल मुल्क), (अल अरेबिया) या द किंगडम ऑफ सऊदी अरेबिया है।
  • इस देश में महिलाएं कार नहीं चला सकती हैं। यहां पर महिलाओं के कार चलाने पर प्रतिबंधित है। इस बात को लेकर यहां कई बार प्रदर्शन भी किए गए हैं। मगर अभी भी यह प्रतिबन्ध यथावत लगा हुआ है।
  • यहाँ का अपना कोई संविधान नहीं है वे केवल कुरान और पैगम्बर मोहम्द के उपदेशों पर ही चलते हैं।
  • तेल के अलावा, सऊदी अरब के पास पूरी दुनिया में छठा सबसे बड़ा गैस भंडार है।
  • इस देश में काम करने वाले 80 प्रतिशत लोग विदेशी हैं और ज्यादातर मजदूर तेल और गैस सैक्टर में काम करते हैं।

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  • सन 2012 में सऊदी अरब में सरकारी दफ्तरों और अधिकतर सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान पर बैन लगा दिया था l
  • सऊदी अरब में पानी का एक भी बड़ा स्रोत नहीं है और यहां पर पानी को एक बहुत ही दुर्लभ चीज माना जाता है। सऊदी अरब एक ऐसा राष्ट्र है जो समुद्र के पानी को पीने लायक बना कर उसका इस्तेमाल करता है।
  • इस देश में महिलाओ को नकाब में ही रहना पड़ता है और यदि किसी महिला का रेप होता है तो अपराधी को तब तक सजा नहीं मिलती जब तक इस अपराध को देखने वाले कम से कम 4 गवाह ना हो।
  • सऊदी अरब के पास दुनिया के लगभग 22% तेल भंडार हैं जो उन्हें पेट्रोलियम का सबसे बड़ा निर्यातक बनता हैं।
  • सऊदी अरब दुनिया का ऐसा देश है जहा एक भी नदी नही है।

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  • फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार, इस देश के राजा अब्दुल्ला दुनिया के 8 वें सबसे शक्तिशाली व्यक्ति और दुनिया के सबसे शक्तिशाली मुस्लिम हैं।
  • यह  दुनिया का आखिरी ऐसा देश है जिसने 2011 में अब्दुल्ला के आदेश से मुंसिपल इलेक्शन में महिलाओं को वोट डालने का अधिकार दिया
  • गैर-मुस्लिमों को सऊदी नागरिकता की अनुमति नहीं है, और न ही  गैर-मुस्लिम को पूजा स्थलों पर जाने की अनुमति नहीं है।
  • सऊदी अरब इस्लाम का जन्मस्थान है और धर्म के पवित्रतम मंदिर, मक्का और मदीना का घर है। गैर-मुस्लिमों को इन पवित्र स्थान पर पैर रखने की अनुमति नहीं है।
  • इस देश में कोई भी महिला किसी गैर मर्द से नहीं मिल सकती है और जब भी कोई महिला घर से किसी पब्लिक प्लेस के लिए बहार निकलती है तो उसके साथ उस महिला के परिवार से कोई सदस्य जरूर होना चाहिए। यह कानून पुरे सऊदी अरब में सख्ती के साथ लागु किया गया है।
  • इस देश में मृत्यु की सजा देना आम है मृत्युदंड देने के मामले में पूरी दुनिया में सऊदी अरब का चौथा नंबर है यहां पर गर्दन काटकर मृत्यु देने की सजा है।

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  • सऊदी अरब में गैर मुस्लिमों को दफन नही किया जा सकता है।
  • इस देश में तेल इतना है कि वह पूरे विश्व में आयात किया जाता है लेकिन यहां पर पानी तेल से महंगा है।
  • सऊदी अरब दुनिया की सबसे उची बिल्डिंग बना रहा है। इसकी ऊंचाई 56 किलोमीटर से ज्यादा होगी और इसका नाम “द किंगडम टावर” है। जो दुनिया की सबसे उची ईमारत होगी। इसके सामने दुबई की बुर्ज खलीफा भी बौनी नजर आएगी।
  • इस देश में कई दशकों तक महिलाओं को काम करने की मनाही रही है इसलिए लॉन्ड्री शॉप में पुरुष ही महिलाओं के कपड़े और सामान दिखाते रहे हैं लेकिन सन 2012 की शुरुआत में मर्दों को महिलाओं के समान वाली दुकानों पर काम करने की मनाही हो गई और वहां पर अब लड़कियां ही वह सारे सामान दिखाती हैं।
  • सऊदी अरब में आप सॉस वाला सैंडविच नहीं खा सकते।
  • इस देश में ऊंट का सबसे बड़ा व्यापार किया जाता है। यहां हर रोज तकरीबन 100 ऊंट बेचे जाते हैं।
  • सऊदी अरब का राष्ट्रीय खेल अल-जेनरिया है इस खेल में दो हजार से ज्यादा प्रतिभागी ऊंट पर दौड़ लगाते हैं।
  • सऊदी अरब में महिलाओं को बैंक अकाउंट तक खोलने के लिए अपने पति से इजाज़त लेनी पड़ती है। अगर वह अपने पति से इजाज़त नहीं लेती है तो फिर उन्हें अकाउंट खोलने की मंजूरी नहीं मिलती।
  • यह एकमात्र ऐसा देश है जहां पर गला काटना, अंग विच्छेद करना, पत्थर मारना जैसी क्रूर सजाएं दी जाती हैं।

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  • सऊदी अरब में बेबी ऊंट का मीट बहुत ज्यादा पसंद किया जाता है जेद्दाह को बेबी ऊंट का मीट उत्पादन करने की विशेषता के कारण जाना जाता है
  • पूरी दुनिया में सऊदी अरब ही एक एसा देश है जहा पर वेलेंटाइन दिवस नहीं मनाया जाता है, यहाँ तक कि इस दिन के आसपास और पुरे हफ्ते तक कोई भी दुकानदार दिल के आकार की कोई भी चीज भी नहीं बेच सकता।
  • इस देश में टेक्स की जगह कुल संम्पति पर 5 % जकात लिया जाता है।
  • अगर कोई भी टूरिस्ट सऊदी अरब जाता है तो इसको एक बात का ख्याल जरुर रखना होगा की आप इस देश में बिना किसी की इजाज़त के फोटो नहीं खिंच सकते हो, यदि आप ऐसा करते हुए पकड़े गए तो आपको इस देश के कानून का सामना करना पड़ सकता है इसी वजह से इस देश में घुमने जाने वाले हर एक टूरिस्ट को यह बात बता दी जाती है।

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