रोजाना किशमिश का सेवन करें, और देखें इसके चमत्कारी फायदे

किशमिश खाने में जितना स्वादिष्ट होता है उतना ही सेहत के लिए फायदेमंद होता है। खासतौर पर सर्दियों में इसका सेवन और भी ज्यादा फायदेमंद होता है।

आयुर्वेद के अनुसार इसमें बहुत सारे औषधीय गुण होते हैं। इसमें मौजूद आयरन, पोटेशियम और फाइबर रक्तचाप को कम करके उचित पाचन को बनाए रखने में मदद करते हैं।

हमें रोजाना 4-5 किशमिश खाने चाहिए। इसका सेवन सर्दी-खांसी और कफ के लिए सबसे अच्छा उपाय माना जाता है।

किशमिश मीठी, ठंडी, दिल के लिए फायदेमंद, डिटॉक्सिफाइंग, ब्लड थिनर है। इसके अलावा किशमिश का सेवन करने से शरीर को कई फायदे होते हैं।

इसमें मौजूद पोषक तत्व कई बीमारियों में फायदेमंद होते हैं। तो आइए जानें रोजाना किशमिश खाने के क्या फायदे हैं।

  • किशमिश खाने से रक्त परिसंचरण में सुधार होता है और यह त्वचा की रंगत को निखारता है, यदि इसे भिगो कर खाया जाये तो कुछ हद तक एनीमिया को कम करने में मदद मिलती है।
  • इसमें पोटैशियम की भरपूर मात्रा होती है। लहसुन की चटनी के साथ रोजाना एक चम्मच किशमिश खाने से रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
  • इसके एंटीऑक्सिडेंट शरीर में कोशिकाओं के लिए हानिकारक मुक्त कणों की मात्रा को कम करते हैं। इससे कैंसर से बचाव होता है
  • किशमिश में फाइबर होते हैं। बिस्तर पर जाने से एक घंटे पहले उबले हुए दूध के साथ इसका सेवन करने से पेट से संबंधित बीमारियों को दूर किया जा सकता है। विशेष रूप से कब्ज के लिए इस उपाय को आजमाना फायदेमंद है। यह पाचन में भी सुधार करता है।
  • इसमें बैक्टीरिया के विकास को रोकने की क्षमता होती है इसीलिए बुखार होने पर किशमिश खाना चाहिए। बुखार से जल्दी छुटकारा पाने के लिए इसका सेवन करना फायदेमंद होता है।
  • बीटा कैरोटीन आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद है। किशमिश बीटा कैरोटीन में समृद्ध हैं इसलिए आंखों की सेहत में सुधार के लिए भी इसका सेवन करना चाहिए।
  • दिन में दो बार किशमिश का उचित सेवन गले के लिए भी फायदेमंद है।
  • इसमें ऑक्सालिक एसिड होता है। इससे दांत मजबूत होते हैं। यह मसूड़ों की समस्याओं से बचाता है।
  • इसके सेवन से शरीर से टॉक्सिन्स दूर होते हैं और बालों के गिरने की समस्या भी दूर होती है।
  • यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को सीमित करने में मदद करता है जो दिल के दौरे के जोखिम को कम करता है।

सैमसंग गैलेक्सी A02s और A12 लॉन्च, जाने क्या है कीमत और विशेषताएं

सैमसंग गैलेक्सी A02s और गैलेक्सी A12 लॉन्च, जाने क्या है कीमत और विशेषताएं

सैमसंग ने अपने दो स्मार्टफोन सैमसंग गैलेक्सी A02s और A12 लॉन्च किए हैं। ये दोनों मोबाइल लंबे समय से सुर्खियों में हैं। तो चलिए जानते हैं इन नए फ़ोन्स के बारे में :-

कीमत

सैमसंग गैलेक्सी A12 को 179 यूरो यानि 15,800 रुपये में लॉन्च किया गया है। सैमसंग गैलेक्सी A02s को यूरोप में 150 यूरो में लॉन्च किया गया है, जो कि 13,300 रुपये है। दोनों ही फोन में बड़ी स्क्रीन, पावरफुल बैटरी और शानदार फीचर हैं। दोनों स्मार्टफोन को यूरोप में आधिकारिक बना दिया गया है, और जनवरी 2021 से बिक्री शुरू हो जाएगी।

सैमसंग गैलेक्सी A02s की विशेषताएं

सैमसंग के इस फोन में 6.5 इंच का एचडी + इन्फिनिटी-वी डिस्प्ले है। इसका स्क्रीन रिज़ॉल्यूशन 720×1520 पिक्सल है। कंपनी ने इसे 3GB रैम और 32GB स्टोरेज के साथ लाल, काले और सफेद रंग में लॉन्च किया है। एंड्रॉयड10 पर बेस्ड इस फोन में कंपनी ने Qualcomm SM4250 Snapdragon 450 प्रोसेसर लगाया है।

इस फोन में 5000 mAh (एमएएच) की बैटरी है। 15 वाट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ है। इसमें 5 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है जिसमें 13 मेगापिक्सल और 2-2 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर और माइक्रो लेंस है।

सैमसंग गैलेक्सी A12 की विशेषताएं

गैलेक्सी A12 में 720×1560 पिक्सल का 6.5 इंच स्क्रीन रिज़ॉल्यूशन है। कंपनी ने फोन को ब्लैक, रेड और व्हाइट तीन कलर्स में लॉन्च किया है, इसमें 3 GB रैम और 32 GB स्टोरेज और 4 GB रैम प्लस 64 GB स्टोरेज और 6 GB रैम प्लस 128 GB स्टोरेज है।

एंड्रॉयड 10 आधारित फोन में ऑक्टा कोर प्रोसेसर है। गैलेक्सी A12 में 5000 mAh की बैटरी है जिसमें 15 वॉट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट है।

इस फोन में 8 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा और 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर है। इसमें 2 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर और 2 मेगापिक्सल का माइक्रो लेंस है।

जानिए व्हाट्सएप पर आ रहे नए फीचर्स के बारे में

दुनिया भर में व्हाट्सएप के अरबों यूजर्स हैं। व्हाट्सएप अपने यूजर्स के लिए नए फीचर्स लेकर आ रहा है। व्हाट्सएप दुनिया में सबसे प्रसिद्ध इंस्टेंट मैसेंजर है।

फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप को लगातार नए फीचर्स मिल रहे हैं। जल्द ही इस ऐप में कुछ नए फीचर्स जोड़े जाएंगे। यूजर्स को इन नए फीचर्स के बारे में जानने के लिए काफी दिलचस्पी है।

तो चलिए जानते हैं इन नए फीचर्स के बारे में:

रीड लेटर

व्हाट्सएप का नया फीचर एप आर्काइव्ड चैट (Archived Chat) फीचर की जगह लेगा। यह फीचर लगभग एक पुराने वेकेशन फीचर की तरह काम करेगा। जिसे व्हाट्सएप से हटा दिया गया था। आप अपनी इच्छानुसार इस विकल्प को इनेबल या डिसेबल कर सकते हैं।

भेजने से पहले वीडियो म्यूट करें

जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है इस फीचर की मदद से आप विडियो भेजने से पहले म्यूट कर सकेंगे। व्हाट्सएप के जरिए विडियो शेयर करने से पहले उस आइकन पर टैप करने से वीडियो को म्यूट किया जा सकेगा। ये फीचर पहले से ही इंस्टाग्राम और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।

रिपोर्ट टु वॉट्सऐप

यह फीचर व्हाट्सएप के सबसे महत्वपूर्ण फीचर्स में से एक है। इस फीचर की मदद से आप किसी भी यूजर को जो आपको अनचाहे मेसेज भेजता है उसे रिपोर्ट कर सकते हैं। फीचर से किसी कॉन्टैक्ट को आसानी से रिपोर्ट किया जा सकेगा।

नए इमोजी

यह नया फीचर नहीं है लेकिन जल्द भारत में व्हाट्सएप पर 138 नए इमोजी के लिए सपॉर्ट आने की उम्मीद है। लेटेस्ट अपडेट के साथ एंड्रॉयड बीटा यूजर्स के लिए यह फीचर उपलब्ध है।

एलोरा के कैलाश मन्दिर से जुड़े कुछ अनसुने रहस्य

दुनिया में कई मंदिर ऐसे हैं जो अपनी खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं लेकिन भारत में एक मंदिर ऐसा भी है जो अपनी खूबसूरती के पीछे कई रहस्य छुपाये हुए कई सेंकडो सालो से खड़ा हुआ है। यह मंदिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में प्रसिद्ध एलोरा की गुफाओं में स्थित है।

एलोरा की गुफाएं सबसे प्राचीन मानी जाती है। यह  पत्थर को काटकर बनाई गई 34 गुफाएं हैं और एक रहस्यमई प्राचीन हिंदू मंदिर है। इस मंदिर को किसी आम मंदिर की तरह पत्थरों से जोड़कर नहीं बल्कि केवल एक अकेले पहाड़ को काटकर बनाया गया है।

  • एलोरा में कैलाश मंदिर राष्ट्रकूट वंश द्वारा भगवान शिव के लिए एक मंदिर के रूप में बनाया गया था। शायद, यह शिव के रहस्यमय निवास पर्वत कैलाश का एक दर्शन था।
  • एलोरा में कैलाश मंदिर एक बहुमंजिला परिसर है, जिसे कैलाश पर्वत की तरह बनाया गया है – जो भगवान शिव का पौराणिक घर है।
  • 1682 में मुगल शासक औरंगजेब ने हजार सैनिकों के एक दल को इस मंदिर को पूरी तरह से नष्ट करने का काम सौंपा था। यह हजार सैनिक लगातार 3 साल तक इस मंदिर को नुकसान पहुंचाने का काम करते रहे। परन्तु इसके बावजूद भी वे पूरी तरह से इस मंदिर को नष्ट नहीं कर पाए। जब औरंगजेब को यह समझ आया कि इस मंदिर को नष्ट करना नामुमकिन है तो उसने मंदिर को नष्ट करने का काम रोक दिया।
  • आज तक कोई सही अनुमान नहीं लगा पाया है कि यह मंदिर कितने साल पुराना है क्योंकि इसे केवल एक पहाड़ को काटकर बनाया है और पहाड़ की उम्र और मंदिर की उम्र में अंतर होगा। पहाड़ तो कई लाख साल पुराना हो सकता है और फिर बाद में उसे काटकर मंदिर का निर्माण कई हजार साल बाद ही किया गया होगा।

  • आर्किओलॉजिक्ल और जिओलॉजी डिपार्टमेंट की रिसर्च से यह पता चला है कि यह कोई सामान्य मंदिर नहीं है। इस मंदिर के नीचे एक सीक्रेट अंडरग्राउंड सिटी है लेकिन नीचे जाने का रास्ता आम आदमियों के लिए बंद है।
  • आर्किओलॉजिक्ल के अनुसार पत्थर को काटकर ऐसा मंदिर बनाने के लिए लगभग 400000 टन पत्थर को काटकर यहां से निकाला गया होगा लेकिन अगर रिकॉर्ड की बात करें तो इतिहास कहता है कि कैलाश मंदिर को बनाने में केवल 18 वर्षों का समय लगा था लेकिन यह मुमकिन नहीं है। अगर हम मान ले कि इस मंदिर को बनाने वाले मजदूरों ने दिन के 12 घंटे बिना रुके काम किया होगा तो भी 18 साल में चार लाख टन पत्थर को हटाने के लिए हर साल में कम से कम 22,222 टन पत्थरों को हटाया गया होगा। इसका मतलब यह होता है कि 60 टन पत्थरों को रोज और 5 टन पत्थरों को हर घंटे से निकाला गया होगा। तब भी केवल चट्टान को हटाया जा सकेगा। फिर चट्टान काटने के बाद मंदिर में बनी मूर्तियों में की गई अद्भुत शिल्पकारी मंदिर में बने भवन आदि को बनाने में कितना समय लगा होगा । यह सब बातें मंदिर को और अधिक रहस्य्मय बनाती है क्योंकि आज से कई 100 साल पहले जब आज की तरह कोई आधुनिक उपकरण नहीं थे तो केवल कुछ पत्थरों के औजारों से इस तरह की भव्य इमारत को कैसे बनाया गया होगा।
  • हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि इस मंदिर से काट कर निकला गया पत्थर यहाँ आसपास मिलो दूर कहीं भी दिखाई नहीं देता। उस काल में जब बड़ी क्रेन जैसी मशीनें और कुशल औजार नहीं थे तो इतना सारा पत्थर कैसे काटा गया होगा और इस मंदिर स्थल से कैसे हटाया गया होगा। इस मंदिर में बारिश के पानी को संग्रहित करने के लिए वॉटर ड्रेनिंग सिस्टम भी देखने को मिलता है साथ ही यहाँ पूल, सीढ़ियां खम्बे खूबसूरत से तैयार किये गए है।

लंबे और खूबसूरत बालों के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

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हर महिला चाहती है कि उसके बाल लंबे और घने हों। खूबसूरत बालों से महिलाओं की खूबसूरती में चार चाँद लग जाते हैं।

बालों को स्वस्थ रखने के लिए हम बाजार में उपलब्ध विभिन्न उत्पादों का उपयोग करके बालों को जितना संभव हो उतना अच्छा रखने की कोशिश करते हैं।

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे तरीके जिनसे आप अपने बालों को लंबा, रेशमी, खूबसूरत और चमकदार बना सकते हैं।

बालों को धोने के बाद हल्का सूखा लें

बालों को धोने के बाद इसे आमतौर पर हाथ से बहुत हल्के से सुखाया जाना चाहिए। यदि आप बालों को बल से पोंछते हैं, तो टूटने की अधिक संभावना है।

बालों को पोंछने के लिए एक बहुत पतली तौलिया या एक पुरानी टी-शर्ट का उपयोग करें। बहुत से लोगों को हिंसक तरीके से अपने बालों को हिलाने की आदत होती है। यह आदत गलत है। इससे बाल झड़ सकते हैं।

रोजाना शैंपू करने से बचें

बहुत से लोगों को खासकर लड़कियों को अपने बाल प्रतिदिन धोने की आदत होती है ताकि वे अच्छे दिखें, लेकिन यह आदत गलत है।

इससे बालों में पैदा होने वाला प्राकृतिक तेल नष्ट हो जाता है और बालों की गुणवत्ता बिगड़ जाती है। प्राकृतिक बाल सबसे अच्छे बाल होते हैं।

बालों की नियमित रूप से मालिश करें

बालों की जड़ों के लिए मालिश फायदेमंद होती है। मालिश शरीर में रक्त प्रवाह को सुचारू करने में मदद करती है।इसके लिए नारियल के तेल या बादाम के तेल से जड़ों की मालिश करने से बालों की गुणवत्ता में सुधार होता है।

आप परिवार के सदस्यों या दोस्तों से भी सिर की मालिश करवा सकते हैं। इसके अलावा अब पार्लर में मसाज के ऑप्शन भी उपलब्ध हैं।

सप्ताह में दो बार तेल लगाएं

शरीर के किसी भी हिस्से की तरह बालों को भी उचित पोषण की आवश्यकता होती है। बालों के रोम में तेल लगाने से बालों के विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं इसलिए बाल लंबे और मजबूत रहते हैं।

बालों में गर्म तेल लगाने के बाद धीरे से बालों की जड़ों की मालिश करें। तेल लगाने के बाद तौलिये को गर्म पानी में डालें, इसे निचोड़ें और बालों में बाँध लें।

10 मिनट तक ऐसा करने से तेल बालों में अच्छी तरह से लग जाएगा। दो घंटे के बाद बालों को शैम्पू से धोएं। इस प्रकार सप्ताह में दो बार तेल लगाएं l

हर बार कंडीशनर का उपयोग करें

अगर आप अपने बालों को अच्छा रखना चाहते हैं तो कंडीशनर का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। यह बालों को प्रदूषण और धूल से बचाने में मदद करता है और खूबसूरत बनाता है।

अपने बालों की गुणवत्ता को देखते हुए सही शैम्पू और कंडीशनर चुनना भी महत्वपूर्ण है। बाजार में विभिन्न प्रकार के शैंपू और कंडीशनर उपलब्ध हैं।

समुद्र का पानी इतना खारा क्यों होता है जाने क्या है कारण

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समुद्र तो वैसे बहुत विशाल होते है लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि समुद्र का पानी खारा क्यों होता है। अगर ऐसा नहीं होता तो पीने के पानी की कोई कमी नहीं होती।

तो आज हम आपको इस पोस्ट में बताएंगे कि समुद्र का पानी किस तरह से खारा हो जाता है या बोला जाये तो नमकीन हो जाता है।

यह है कारण पानी के खारा का

नदियों का पानी समुद्र में आकर मिलता है और आपने देखा होगा कि कई नदियों का पानी मीठा होता है तो कई नदियों का पानी खारा होता है और इस तरह समुद्र में कई तरह का पानी आकर मिलता है।

जब यह पानी वाष्पीकृत होता है तो ऊपर जाकर बादल का रूप ले लेता है और यही बादल बारिश के रूप में नीचे गिरता है।

बरसते समय यह पानी हवा में मौजूद कार्बन डाईऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी गैसों के संपर्क में आकर अम्लीय हो जाता है ।

जब यह पानी जमीन, चट्टानों और पहाड़ों पर गिरता है तो बारिश के पानी में मौजूद लवण इसमें घुल जाते हैं। जब इन सतहों से नदी का संपर्क होता है तो ये लवण नदियों में घुल जाते हैं और यह नदियां समुद्र में जाकर मिलती है।

नदियों में यह लवणीय पानी बहुत कम मात्रा में होता है इसलिए नदियों का पानी खारा नहीं लगता, लेकिन जब कई  नदियां समुद्र में जाकर मिलती है तो इनका लवण समुद्र में भारी मात्रा में चला जाता है और धीरे-धीरे समुद्र का पानी खारा हो जाता है।

दूसरा कारण समुद्र की तल पर पाई जाने वाली चट्टानें और ज्वालामुखी होतें है । यह समुद्र जल में लवण बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण होता है, जिससे समुद्र का पानी खारा होता है ।

एवं समुद्र में मौजूद क्लोरीन तथा सोडियम जब एक दुसरे से रासायनिक क्रिया करके सोडियमक्लोराइड अर्थात नमक का निर्माण करते हैं जोकि समुद्र के पानी को खारा बनाते है

अब आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि इस तरह तो समुद्र का पानी निरंतर और ज्यादा खराब होता जा रहा होगा, परन्तु ऐसा नहीं होता।

दरसअल समुद्र में मौजूद लवण का इस्तेमाल सालकधारी समुद्री जीव जंतु अपनी खोल बनाने में इस्तेमाल कर लेते हैं और इन जीवों के मरने पर ये खोल चुने के पत्थर का रूप लेकर समुद्र की सतह पर आ जाते हैं और समुद्र से बाहर निकल जाते हैं।

यह वही चुना होता है जिसका खनन करके घरों में काम में इस्तेमाल किया जाता है। यही प्रक्रिया चलते रहने से करोड़ों सालों से समुद्र का पानी खारा वैसा ही बना हुआ है।

समुद्र के जल में औसतन 3.5 प्रतिशत लवण पाया जाता है यानी प्रति 100 ग्राम जल में करीब साढ़े तीन ग्राम लवण मौजूद होता है।

समुद्र में पाए जाने वाला यह लवण ही नमक रूपी लवण होता है। ऐसा माना जाता है कि अगर पूरी दुनिया के सभी समुद्र से उसके ऊपर का नमक निकाल कर उसे सुखाया जाए तो उससे 288 किलोमीटर ऊँची 1.6 किलोमीटर मोटी और पृथ्वी की परिधि के जितनी लम्बाई वाली एक दिवार बनाई जा सकती है।

छठ पूजा 2020 का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि व महत्व

छठ पूजा का महापर्व कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। इसे सूर्य षष्ठी के नाम से भी जानते है। छठ पूजा का पर्व दिवाली के 6 दिन बाद आता है।

उत्तर भारत में यह पर्व बहुत लोकप्रिय है। छठ पूजा में सूर्य देव और उनकी बहन छठी मैया की पूजा व अर्घ्य देने का विधान है। आज हम आपको इस पोस्ट में 2020 में मनाए जाने वाले की छठ पर्व की तिथि, शुभ मुहूर्त और उसकी पूजा विधि के बारे में बताएंगे।

छठ पर्व की तिथि शुभ मुहूर्त 2020

साल 2020 में यह पर्व 20 नवंबर शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा। छठ पूजा सूर्योदय का समय होगा। प्रातकाल 6:40 पर पूजा। सूर्यास्त का समय शाम 5:26 पर। षष्ठी तिथि प्रारंभ होगी 19 नवंबर रात्रि 9:59 पर षष्ठी तिथि समाप्त होगी 20 नवंबर रात्रि 9:29 पर।

पहला दिन – नहाये खाए

छठ पर्व की पूजा चार दिन तक चलती है इसीलिए इसे 4 दिवसीय उत्सव भी कहा जाता है। इस पर्व की शुरुआत कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होकर का कार्तिक शुक्ल सप्तमी तिथि को इसका समापन किया जाता है। नहाए खाए छठ पूजा का पहला दिन होता है। इस दिन स्नान के बाद घर की साफ सफाई की जाती है और सात्विक भोजन किया जाता है।

दूसरा दिन – खरना

खरना छठ पूजा का दूसरा महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन निर्जल उपवास रखा जाता है यानी कि इस दिन व्रत रखने वाला व्यक्ति जल ग्रहण नहीं करता। इस दिन संध्या काल के समय गुड़ की खीर, घी लगी रोटी और फल प्रसाद के तौर पर ग्रहण किए जाते हैं।

तीसरा दिन – संध्या अर्घ्य

छठ पूजा के तीसरे दिन शाम के समय सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। अर्घ्य देने के लिए बांस की टोकरी में फल, ठेकुआ, चावल से बने लड्डू आदि चीजों से सजाया जाता है और व्रत करने वाला व्यक्ति अपने परिवार के साथ संध्या काल के समय सूर्य भगवान को अर्घ्य देता है ।

सूर्य देव को जल और दूध का अर्घ्य देने के बाद सजाई के सूप से छठी मैया की पूजा की जाती है। सूर्य उपासना के बाद छठी मैया के गीत गाकर व्रत कथा सुनी जाती है।

चौथा दिन – उषा काल अर्घ्य

छठ पर्व के अंतिम दिन सुबह के समय सूर्य देव को अर्घ्य देने का विधान है। छठ पर्व के चौथे दिन प्रात काल सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए किसी नदी के घाट पर पहुंचकर उगते हुए सूरज को अर्घ्य दिया जाता है और छठ मैया से अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

छठ पूजा का महत्व

वैज्ञानिक और ज्योतिषी दोनों ही दृष्टिकोण से छठ पर्व का बहुत अधिक महत्व है। सूर्य के प्रकाश में कई रोगों को नष्ट करने की अद्भुत क्षमता होती है जिस कारण इसके प्रभाव से व्यक्ति को आरोग्य और तेज की प्राप्ति होती है।

छठ पर्व पर सूर्य देव और छठी मैया का पूजन करके न सिर्फ उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है बल्कि संतान सुख और मनोवांछित फलों की प्राप्ति भी होती है।

रोचक तथ्य ! जिनके बारे में जान कर आप हैरान रह जाएंगे

रोचक रोचक ! तथ्य जिनके बारे में जान कर आप हैरान रह जाएंगे

  • जर्मनी की “यूनिवर्सिटी ऑफ फ्रीबर्ग एंड इंपीरियल” कॉलेज की रिसर्च में खुलासा हुआ है कि जिन लोगों के हाथों और पैरों में छह उंगलियां होती हैं, वे पांच उंगलियों वाले लोगों की अपेक्षा काम को ज्यादा बेहतर तरीके से करते हैं। उनका दिमाग पांच उंगलियों वालों से ज्यादा तेज गति से काम करता है साथ ही हर काम में वे बेहतर संतुलन बनाए रखते हैं।
  • बादलों को देखकर लगता है मानो रुई के हलके-फुल्के गोले हवा में तैर रहे हों, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि रिसर्च से इन बादलों की (water density) वाटर डेन्सिटी और वॉल्यूम के आधार पर अनुमाना लगाया है कि इनका वजन साढ़े चार लाख किलो तक हो सकता है, लेकिन फिर भी ये हवा में इसलिए फ्लोट कर पाते हैं क्योंकि उनके नीचे की हवा और भी भारी होती है।
  • चाँद पर पहली बार कदम रखने वाले “नील एल्डन आर्मस्ट्रांग” को पता था कि इस मिशन पर उनकी मौत भी हो सकती है इसीलिए वे अपनी फैमिली को आर्थिक रूप से सुरक्षित करना चाहते थे पर रिस्क अधिक होने के कारण उन्हें किसी कम्पनी ने लाइफ इन्शुरन्स नहीं दिया इसलिए उन्होंने मिशन पर जाने से पहले सैकड़ों ऑटोग्राफ साइन किये ताकि यदि उन्हें कुछ हो जाए तो परिवार उनके ऑटोग्राफ बेच कर पैसे कमा सके।
  • लोग घर में बार-बार लगने वाले मकड़ी के जालों से परेशान होते हैं और उन्हें बार-बार हटाते रहते हैं लेकिन प्राचीन ग्रीस और रोम में डॉक्टर्स इन जालों से मरीजों के लिए बैंडेज तैयार करते थे। ऐसा इसलिए क्योंकि माना जाता था कि इन जालों में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो घाव को साफ रख सकते हैं और संक्रमण होने से रोक सकते हैं।
  • अक्सर लोग हवाई जहाज में मिलने वाले खाने की बुराई करते हैं लेकिन एक जर्मन स्टडी के मुताबिक दोष खाने का नहीं बल्कि हमारी टेस्ट बड्स का होता है। जब हम 35000 फीट की ऊँचाई पर ट्रेवल कर रहे होते हैं तब सूखापन और कम दबाव (low pressure) की वजह से हमारे टेस्ट बड्स की संवेदनशीलता 30% तक घट जाती है साथ ही हमारी सूंघने की क्षमता भी घट जाती है और हमें खाना बेस्वाद लगने लगता है।
  • अगर आपसे पूछा जाए कि दुनिया का सबसे पुराना होटल कितना पुराना है तो शायद आप 100 -200 साल पुराना कहेंगे लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जापान के “एकैशी माउंटेन्स” (Akaishi Mountains) के पास स्थित “निशियामा ओनसेन” (Nishiyama Onsen) होटल दुनिया का सबसे पुराना होटल होने का वर्ल्ड रिकॉर्ड रखता है और यह होटल 100, 200 नहीं पूरे 1300 साल पुराना है।
  • आमतौर पर इन्टरनेट सुचारू रूप से चलता है लेकिन एक दिन ऐसा भी आया था जब इन्टरनेट पर गूगल, ट्विटर और विकिपीडिया एक ही दिन में क्रेश हो गए थे और वो दिन था 25 जून, 2009। उस दिन पॉप किंग माइकल जैक्सन की मौत हो गयी थी और पूरी दुनिया उनके बारे में जानने के लिए बेताब थी।
  • वैसे तो पिज्जा की डिलिवरी फ्री है, लेकिन अमेरिकी पिज्जा कंपनी को साल 2001 में हुई एक पिज्जा डिलिवरी के लिए कुछ सौ, हज़ार या लाख नहीं पूरे 7 करोड़ रुपए खर्च करने पड़े थे। दरअसल, ये स्पेशल पैन पिज्जा एस्ट्रोनॉट यूरी उसाचेव की डिमांड पर एक resupply rocket द्वारा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन भेजा गया था। पिज्जा हट ने छह इंच के इस पिज्जा को तैयार किया था और स्पेस में डिलीवरी करने वाला पहला रेस्टोरेंट बन गया था।
  • आपको ये तो ज़रूर पता होगा कि “जुपिटर” सोलर सिस्टम का सबसे बड़ा ग्रह है लेकिन क्या आपको अंदाजा है कि ये कितना बड़ा है ? यदि आप बाकी सभी प्लैनेट्स को मिला दें तो भी जुपिटर अकेले उनका दोगुना होगा और अगर सिर्फ पृथ्वी से कम्पेयर करें तो यदि पृथ्वी अंगूर का एक दाना है तो जुपिटर एक बास्केट बॉल है।

स्किन केयर की चिंता पुरुषों को भी होती है, पढ़ें पुरुष की त्वचा की देखभाल से जुड़े फैक्ट्स

अब वो समय गया जब कहा जाता था कि त्वचा की देखभाल करना लड़कियों का काम है और लड़कों को इन सभी चीजों की परवाह नहीं होती, लड़के रफ टफ रहना पसंद करते हैं, इसलिए वे स्किन केयर जैसी चीजों से दूर रहते थे लेकिन आधुनिक समय में ऐसा कुछ नहीं है।

जैसे-जैसे मैन्‍स कॉस्‍मैटिक प्रोडक्‍ट का बाजार बढ़ रहा है, उससे यह अहसास होने लगा है कि पुरुषों को भी अपनी सुंदरता का बहुत ख्‍याल है।

आज के समय में हरकोई अच्छा दिखना चाहता है और अगर ऐसा है तो लड़के भला क्यों अपना ध्यान नहीं रखें। यह भी सच है कि महिलाएं ऐसे पुरुषों की ओर भी आकर्षित होती हैं जो वेल मैनटैनेड और वेल ग्रूम्ड हों।

तो चलिए, कुछ खास बातें जानते हैं, जो पुरुषों की त्वचा की देखभाल (मेन्स स्किन केयर रूटीन) से संबंधित हैं ।

अपनी स्किन को मॉइस्चराइज करें

आप अपने शरीर के अंदर सभी अंगों की देखभाल करते हैं, लेकिन आप अपने सबसे बड़े अंग-आपकी त्वचा की देखभाल के लिए क्या कर रहे हैं?

एक वयस्क लगभग 8 पाउंड त्वचा की देखभाल करता है, इसलिए आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि यह स्वस्थ हो।

नमी आपकी त्वचा को स्वस्थ रखने का एक नंबर है। खूब पानी पिए और अगर आपकी त्वचा अभी भी थोड़ी सूखी लगती है, तो आप शॉवर के बाद लोशन लगाएं।

अपने शरीर पर अच्छी तरह से बॉडी लोशन का प्रयोग करें और अपने चेहरे के लिए एक फेस मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें।

हो सके तो फेस वॉश का ही इस्तेमाल करें

फेश वॉश का इस्तेमाल हमेशा अपनी स्किन और चेहरे की बनावट के हिसाब से करें। ड्राई स्किन के लिए ऐलोवेरा फेसवॉश सबसे बेस्ट है। जबकि आयली स्किन वाले पाइनएप्पल फेसवॉश का इस्तेमाल करें।

जिन लोगों को चेहरे पर किसी तरह के दाग-धब्बे, पिगमेनटेशन, निशान, झाईयां और सांवलेपन की समस्या है वो लोग नीम फेसवॉश का इस्तेमाल करें।

Himalaya Herbals Moisturizing Aloe Vera Face Wash,100ml (Pack of 2)यूँ तो बाजार में कई तरह के प्रोडक्ट्स उपलब्ध है लेकिन अगर आप इसे घर बैठे मंगवाना चाहते है तो अमेज़न से भी मंगवा सकते हैं।

शेव करते समय रखें ध्यान

पुरुषों की त्वचा संबंधी समस्याएं ज्यादातर दाढ़ी और बालों के बढ़ने के मुद्दों पर ही आधारित होती हैं। पुरुष त्वचा की देखभाल के लिए शेविंग करने के तरीके में बदलाव कर सकते हैं।

हर दिन शेव करने से चेहरे पर डार्क पैच बन जाते हैं। शेविंग के बाद सिर्फ आफ्टर शेव इस्तेमाल करना ही काफी नहीं है। शेव के बाद अच्छा मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें।

अच्छा आहार लें

त्वचा को नमीयुक्त रखने के अलावा, आपका आहार अच्छा होना चाहिए। पानी वाले फल और सब्जियां हाइड्रेशन के साथ मदद करते हैं, जो त्वचा को युवा बनाए रखता है।

तरबूज, टमाटर, खीरे और नींबू को अपने आहार में शामिल करें। साथ ही अधिक पत्ता गोभी का सेवन करें। इसमें विटामिन सी और विटामिन ए होता है।

यह रक्त को भी डिटॉक्सीफाई करता है, और गोभी में मौजूद फाइबर शरीर से अपशिष्ट और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। विषाक्त पदार्थों को वास्तव में आपके चेहरे पर दिखाई दे सकता है, जिससे आप अपने से बड़े दिखते हैं।

नींद पूरी करें

एक दिन या कई दिनों तक अच्छे से न सोना आपके ऊपर प्रभाव दिखाने लगता है। अगर आप अंडर-आई बैग्स से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको दिन में औसतन 8 घंटे सोना होगा।

सोने से आपके दिमाग और त्वचा की कोशिकाओं को आराम मिलता है और चेहरे पर झुर्रियां भी कम दिखाई देती हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि एक तनाव मुक्त और शांतिपूर्ण मन, बेहतर दिखने वाली त्वचा के बराबर होता है।

सनस्क्रीन क्रीम या लोशन का इस्तेमाल

पुरुषों के लिए भी सूर्य से सुरक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन अक्सर इसे अनदेखा किया जाता है । पुरुषों की त्वचा महिलाओं के मुकाबले ज्यादा तेजी से टैन हो जाती है।

सूर्य से सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन लगाना बहुत जरुरी है क्यूंकि यह आपकी त्वचा को यूवीए और यूवीबी किरणों से सुरक्षित करेगी।

मौसम चाहे कोई भी हो, यूवी किरणों का प्रभाव हर त्वचा पर पड़ता है। कई बार धूप से बचने के साधारण उपाय अपनाने के बाद भी त्वचा प्रभावित हो जाती है।

इससे बचने का एक ही उपाय है कि घर या घर से बाहर निकलते वक्त सनस्क्रीन क्रीम या लोशन का इस्तेमाल जरूर किया जाए।

पुरुषों की होती है मोटी त्वचा

महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की त्वचा मोटी होती है। महिलाओं से तुलना करें तो स्किन 20 से 30 प्रतिशत अधिक मोटी होती है, वहीं इसमें रोमछिद्र भी अधिक होते हैं चूंकि महिलाओं की स्किन सॉफ्ट होती है, इसलिए उनके लिए स्किन केयर रूटीन अलग होता है।

अगर पुरुष महिलाओं के स्किन केयर रूटीन को फॉलो करेंगें, तो नतीजा जीरो होगा इसलिए उनका स्किन केयर अलग होना चाहिए।

फेसवॉश का इस्तेमाल करें

चेहरे को साफ करने के लिए साबुन की बजाय फेसवॉश का इस्तेमाल करें, क्योंकि साबुन सिर्फ महिलाओं ही नहीं पुरुषों की त्वचा की नमी भी चुरा लेता है और चेहरे को रूखा बनाता है इसलिए अपनी स्किन टाइप को पहचान कर फेसवॉश से दिन में दो बार चेहरे को साफ करें। यदि आपकी स्किन रूखी है तो क्रीमी फेसवॉश लगाएं और ऑयली है तो क्लीयर क्‍लींजर का इस्तेमाल करें।

सही मॉइस्चराइजर का करें इस्तेमाल

ज्यादातर पुरुषों की त्वचा कॉम्बिनेशन स्किन होती है। इसलिए, हेवी क्रीम या लोशन से दूर रहें। पुरुष त्वचा की देखभाल के लिए घरेलू उपचार में भी ऐसी चीजों को इस्तेमाल में लाएं, जो त्वचा में आसानी से अवशोषित हो जाते हों।

पुरुषों की स्किन अक्सर बेजान सी नजर आती है। ऐसे ब्यूटी प्रोडक्ट्स चुनें जो वॉटर बेस्ड हों। इससे ऑयली स्किन की समस्या से भी निजात मिलेगी।

आंखो के नीचे की स्किन का रखें खास ख्याल

पुरुषों की आंखो के नीचे जल्दी झुर्रियां पड़ती है। आंखों के नीचे की स्किन में आयल ग्लांड्स कम होते हैं, साथ ही इस एरिया में पसीना भी कम आता है। यही वजह है जो इस हिस्से में रिंकल्स पड़ते हैं।

इस हिस्से को हाइड्रेड करने के लिए अच्छी आई क्रीम्स का इस्तेमाल करना चाहिए, जिसे सुबह और रात को सोने से पहले लगाने से रिंकल्स से बचाव हो सके।

केले से जुड़े कुछ अद्भुत रोचक तथ्य

केला हिन्दू धर्म में बहुत ही पवित्र फल माना जाता है किसी भी शुभ कार्य में केले के फल और उसके पत्तों को काम में लिया जाता है। केला स्वास्थ्य के लिए भी बहुत ही फायदेमंद होता है।

आज हम आपको केले के बारे में कुछ ऐसे फैक्ट्स बताने जा रहे हैं जिनको पढ़ कर आप आश्चर्य में पड़ जायेंगे। तो आइये जानते है केले के बारे में कुछ अद्भुत रोचक तथ्य:-

  • केले की खेती उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में की जाती है और सबसे पहले यह “पपुआ न्यू गिनी” में उगाया गया था। केले के पौधें मूसा के परिवार के हैं और इसका वैज्ञानिक नाम मूसा सेपिनटम (Musa Sapientum) है। इसका अर्थ होता है – ‘बुद्धिमान व्यक्ति का फल’।
  • केले के फल स्वाभाविक रूप से रेडियोधर्मी होते हैं ।
  • आपको जानकर हैरानी होगी कि इंसान और केले का डीएनए 50% तक मैच करता है।
  • इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो पाचन क्रिया बेहतर बनाने में मदद करता है।
  • क्या आप जानते हैं केले की 1000 से ज्यादा प्रजाति होती है लेकिन हम उनमें से केवल एक को ही खाते हैं।
  • केला अकेला एकमात्र ऐसा फल है जिसके अंदर बीज नहीं पाया जाता है।
  • एक हरे केले में बड़ी मात्रा में उच्च स्टार्च सामग्री होती है l
  • सबसे अधिक केला युगांडा में खाया जाता है जहां प्रति व्यक्ति 1 साल में लगभग 300 से अधिक केले खा जाता है।
  • यह अमेरिकी आहार में सबसे लोकप्रिय फलों में से एक हैं और इसका दैनिक आधार पर सेवन किया जाता है।
  • कुछ जगहों पर (सबसे विशेष रूप से जापान) केले के पौधे में पाया जाने वाले फाइबर का उपयोग कपड़े और कभी-कभी कागज बनाने के लिए भी करते हैं।
  • इसकी पकने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए आप इन्हें फ्रिज में रख सकते हैं।
  • सुबह के नाश्ते में केले को सबसे ज्यादा खाया जाता है । साल भर में लगभग 1 लाख करोड़ केलों की खपत होती है, जो गेहूँ, चावल और मक्का के बाद चौथा सबसे बड़ा खाने का उत्पाद है।
  • खून की कमी को दूर करने के लिए केले का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।
  • भारत केले के उत्पादन में विश्व में पहले स्थान पर आता है, भारत पूरे विश्व का लगभग 28 प्रतिशत केले का उत्पादन करता है।
  • यदि आप केले को फ्रिज में रखते हैं, तो छिलका गहरा भूरा या काला हो जाएगा, लेकिन यह फल को अंदर से प्रभावित नहीं करेगा।
  • विश्व के सभी खिलाडियों की डाइट में केले को शामिल किया जाता है।
  • इसके छिलकों को जूतों पर रगड़ने से जूते चमक उठते हैं।
  • आपको जानकर हैरानी होगी की सिर्फ 2 केले खाने से आपको लगातार 90 मिनट तक काम करने की ऊर्जा मिल जाती है ।
  • अगर आपको कभी मच्छर काट ले तो उस जगह पर केले का छिलका रगड़ देने से खारिश, सूजन और दर्द में तुरंत आराम मिल जाता है।
  • अमेरिका में “हवाई” एकमात्र ऐसा स्थान है जहां केले व्यावसायिक रूप से उगाए जाते हैं, हालांकि एक समय में वे दक्षिणी कैलिफोर्निया और फ्लोरिडा में भी उगाए जाते थे।
  • शोध से पता चला है कि केला खाने से दिल के दौरे और स्ट्रोक का जोखिम कम हो सकता हैं, साथ ही साथ कैंसर होने के जोखिम को भी कम कर सकते हैं।
  • केला एकमात्र ऐसा फल है जिसमें अमीनो एसिड ट्रिप्टोफैन प्लस विटामिन बी 6 होता है। ये आपके शरीर को सेरोटोनिन – एक प्राकृतिक पदार्थ बनाने में मदद करते हैं जो अवसाद को कम करता है।
  • केला लगभग 75% पानी से बना होता है, जो ककड़ी या मूली की तुलना में बहुत अधिक नहीं है।
  • केले पानी में तैरते हैं क्योंकि वे अन्य फलों की तुलना में कम घने होते हैं।
  • केले को सफाई के साथ बीच से तोडना बहुत मुश्किल होता है लेकिन स्वीडन के माइकल ओटोसन ने एक मिनट में 70 केलों को बीच में से तोड़ कर रिकार्ड बनाया था।