ऐसी बिल्डिंग जिसके बीच में से गुजरता है हाईवे जानिए क्या है खासियत

ऐसी बिल्डिंग जिसके बीच में से गुजरता है हाईवे जानिए क्या है खासियत

वैसे तो दुनिया में कई बड़ी-बड़ी खूबसूरत इमारतें हैं, जिनको देखर अक्सर हम लोग हैरानी में पड़ जाते है और सोचते है कि इसको बनाने वाले ने कितना दिमाग लड़ाया होगा।

इसी खूबसूरती और खासियत की वजह से वह इमारतें दुनियाभर में मशहूर हो जाती है। आज हम जिस इमारत की बात कर रहे है वो है जापान के ओसाका में स्थित गेट टावर बिल्ड़िंग।

यह दुनिया की पहली ऐसी बिल्डिंग है जिसके बीच में से एक्सप्रेस हाईवे गुजरता है और उसके ऊपर-नीचे लोग रहते है। गेट टॉवर दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारत संरचनाओं में से एक है।

दरअसल, यह जापान के ओसाका के फुकुशिमा-कू में 16 मंजिल का एक कार्यालय भवन है, जो इमारत से गुजरने वाले राजमार्ग के लिए उल्लेखनीय है।

यह इमारत 236 फीट ऊंची है। इसके पांचवें, छटवें और सातवें माले के बीच से “हैंशिन एक्सप्रेसवे” सिस्टम नामक हाईवे गुजरता है।

इस इमारत को “अजूसा सेकेई” और ” यमामोटो-निशिहारा केंचिकु सेकेई जिमुशो” ने डिजाइन किया है। इस इमारत में दोहरा कोर निर्माण है, जिसमें एक गोलाकार क्रॉस सेक्शन है। बिल्डिंग के तीन मंजिलों पर लिफ्ट नहीं रुकती, जिससे राजमार्ग गुजरता है।

ये हाईवे अपने आप में अनोखा है, आपको ये जानकर आश्चर्य होगा की इस हाईवे से सैंकड़ों गाड़ियां प्रतिदिन गुजरती हैं। वहीं इस बिल्डिंग में काफी लोग भी रहते हैं।

बिल्डिंग के नीचे बना ब्रिज हाईवे को सहारा देता है, गाड़ियों के शोर और वाइब्रेशन को बिल्डिंग में जाने से रोकने के लिए हाइवे के आस-पास एक खास स्ट्रक्चर बनाया गया है। इस इमारत की छत पर एक हेलीपैड बनाया गया है।

बिल्डिंग की खासियत

इस बिल्डिंग की खासियत यह है कि इसकी लिफ्ट इन तीन मालो पर नहीं रुकती है, जिससे यहां पर कोई न उतरे और न एक्सीडेंट हो।

अब आप सोच रहे हैं कि जब यहां पर हाईवे बना है, तो बिल्डिंग बनाने की अनुमति क्यों दी गई, तो यह भी काफी दिलचस्प है।

दरअसल, इस इमारत का डिजाइन 1982 में तैयार किया गया था, लेकिन इसको परमिट नहीं मिला, क्योंकि इस  जगह पहले से हाईवे बन रहा था लेकिन यह जमीन जिसकी थी, उसने इसके खिलाफ केस कर दिया।

पांच वर्षों तक हैंशिन एक्सप्रेसवे निगम के साथ उनका विवाद जारी रहा, लेकिन भवन के संपत्ति अधिकार धारकों ने हार नहीं मानी और कानून से इस बिल्डिंग को बनवाने की अनुमति लें ली और 1989 में उन्हें मंजूरी मिल गई ।

इसके बाद 1992 में यह बिल्डिंग बनी, लेकिन मालिक को तीन मालों की जगह हाईवे के लिए छोड़नी पड़ी। इसका कारण यह है कि यहाँ राजमार्ग बनाने की योजना पहले से ही थी।

गेट टॉवर बिल्डिंग जापान की पहली इमारत है जिसके पास से राजमार्ग गुजरता है और ऊपर व नीचे लोग रहते है। जगह के इस्तेमाल के कारण प्रशासन बिल्डिंग के मालिक को इन तीन मंजिलों का किराया चुकाता है।

 

जानिए इतिहास के सबसे जिंदादिल इंसान स्टीफन हॉकिंग के बारे में कुछ अमेजिंग फैक्ट्स

व्हील चेयर पर बैठा इंसान शरीर से तो पूरी तरह बेजान था लेकिन उनका दिमाग एक आम आदमी से कहीं गुना ज़्यादा तेज़ था l स्टीफन विलियम हॉकिंग का जन्म 8 जनवरी, 1942 को इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड में हुआ था l

1963 में जब स्टीफन महज 21 साल के थे तब डॉक्टर्स ने उन्हें बताया कि उन्हें मोटर न्यूरॉन नाम की एक भयानक लाइलाज  बीमारी है l

इस बीमारी में इंसान का उसकी मांसपेशियों से नियंत्रण छूटने लगता है और धीरे-धीरे उसका सारा शरीर अपंग हो जाता है। किसी इंसान में इस बीमारी के पता लगने के कुछ ही महीने या साल बाद इंसान की मृत्यु हो जाती है।

जब डॉक्टर्स को पता चला कि स्टीफन को यह  बीमारी है, तब डॉक्टर ने उनको बताया कि वह 2 साल से ज्यादा नहीं जी पाएंगे लेकिन स्टीफन ने अपनी इच्छाशक्ति की बदौलत डॉक्टर्स की भविष्यवाणी को झूठ साबित कर दिया l

वह 50 साल से भी ज्यादा जिए। बीमारी के पता चलने के बाद धीरे-धीरे वह पूरी तरह अपंग  हो गए थे सिर्फ उनका दिमाग जिन्दा था।

आज हम आपको इस महान वैज्ञानिक के बारे में कुछ ऐसी बातें बताएंगे जो वाकई आपको हैरान कर देगी :-

  • इक इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि उनकी नजर में संसार का सबसे दिलचस्प रहस्य क्या है स्टीफन हॉकिंग ने जवाब दिया “औरतें”। उन्होंने हंसते हुए कहा कि उनके लिए औरतें एक अबूझ पहेली है l
  • स्टीफन के जन्म और मृत्यु से एक बड़ा संयोग जुड़ा हुआ है जिस दिन ग्रेट वैज्ञानिक “गैलीलियो गैलिली” की मृत्यु हुई थी उसके पुरे 300 साल बाद 8 जनवरी 1942 को स्टीफन का जन्म हुआ था और जिस दिन दुनिया के सबसे महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म हुआ था उस दिन स्टीफन की मृत्यु हुई थी। गजब की बात यह है कि ये तीनों ही अपने समय के जाने माने वैज्ञानिक थे।
  • ब्रिटिश नागरिक होने के बावजूद तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वर्ष 2009 में हॉकिंग को अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान ‘प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम’ से नवाज़ा था l
  • स्टीफन हॉकिंग एक मीडयोकर स्टूडेंट थे l सन 2010 में उन्होंने कहा था कि वह 8 साल का होने तक पढ़ना भी नहीं सिख पाए थे और ग्रेड स्कूल से लेकर उनके ऑक्सफर्ड जाने तक वो एक लेजी स्टूडेंट थे।
  • एक मीडयोकर स्टूडेंट होने के बावजूद स्टीफन को उनके स्कूली दिनों में उन्हें अल्बर्ट आइंस्टीन कहां जाता था क्योंकि उनको space-time और यूनिवर्स के बारे में बहुत नॉलेज थी l
  • एक इंटरव्यू जो ब्रिटिश न्यूज़ पेपर “द गार्डियन” में पब्लिश हुआ था, इस इंटरव्यू के दौरान स्टीफन हॉकिंग ने कहा था कि हमारा दिमाग एक कंप्यूटर है और यह कंप्यूटर तब काम करना बंद कर देता है जब इसके कम्पोनेंट्स फ़ैल हो जाते हैं इसी को मृत्यु कहते हैं और जो यह मान्यताएं होती है कि मृत्यु के बाद भी जिंदगी मिलेगी स्वर्ग वगैरह यह सब मान्यताएं लोगों को मौत के डर से दिलासा देने के लिए होती है। स्टीफन हॉकिंग के  इस विचार से मिलता जुलता मिर्जा गालिब का शेर है “हमको मालूम है जन्नत की हकीकत लेकिन दिल के खुश रखने को ग़ालिब ये ख्याल अच्छा है”।
  • स्टीफन हाकिंग मानते थे कि हमारी दुनिया से अलग दूसरे ग्रहों पर भी जीव हो सकते हैं उन्होंने एक बार कहा था कि इस अनंत ब्रह्मांड को देखते हुए यह लगता है कि एलियंस सचमुच होंगे लेकिन हमें उनसे संपर्क करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए l यह हमारे लिए खतरनाक साबित हो सकता है l स्टीफन हाकिंग ने चेतावनी देते हुए कहा कि एलियंस रिसोर्सेज के लिए पृथ्वी को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • 2010 में स्टीफन हॉकिंग ने कहा था कि अगर कभी एलियंस हमारी दुनिया को विजिट करते हैं तो नतीजा कुछ ऐसा होगा जैसा कि तब हुआ था जब कोलंबस अमेरिका की धरती पर उतरा था, कोलंबस का अमेरिका पहुंचना अमेरिका के लोगों के लिए नुकसानदायक साबित हुआ था।
  • वैसे तो स्टीफन साइंटिफिक कम्युनिटी में पहले से ही काफी फेमस थे लेकिन वास्तव में वह आम लोगों की अटेंशन में तब आए जब 1988 उनकी साइंस बुक “अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम” पब्लिश हुई l इस बुक ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया l ये अपने समय की सबसे ज्यादा बिकने वाली बुक बनी l 150 हफ्तों तक न्यूयॉर्क टाइम्स बेस्ट लिस्ट में सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 237 हफ्तों तक ब्रिटिश संडे टाइम बेस्ट सेलर लिस्ट में रही।  इस  बुक की एक करोड़ से भी ज्यादा कॉपीस बिक चुकी है।
  • 2010 में दिए एक इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि आप अपने बच्चों को क्या सलाह देना चाहेंगे l प्रोफेसर हाकिंग ने जवाब में कहा मैं अपने बच्चों को यहां 3 एहम सलाहें देना चाहूंगा l पहली याद रखना हमेशा ऊपर सितारों की तरफ देखना है नीचे पैरों की तरफ नहीं, दूसरी काम करना कभी मत छोड़ना क्योंकि काम तुम्हें जिंदगी का उदेश्य देता है और बिना काम की जिंदगी खाली है तीसरी अगर किस्मत से कभी तुम्हें तुम्हारा प्यार मिल जाए तो उसे कभी मत छोड़ना l
  • प्रोफेसर हॉकिंग कहते थे कि उन्होंने हमेशा से एक सपना देखा था कि वह साइंस पर कोई ऐसी बुक लिखेंगे जिसे आम लोग भी आसानी से समझ पाए l वे कहते थे कि “अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम” पर उनका यह सपना पूरा हुआ l यह बुक उन्होंने तब लिखी थी जब वह पूरी तरह से अपंग हो चुके थे l स्टीफन की ये  बुक कॉस्मोलॉजी पर है और उन्होंने इसमें बिगबैंग और ब्लैक होल्स जैसे विषयों पर लिखा है l
  • प्रोफेसर ने अपनी बेटी लूसी के साथ मिलकर बच्चों के लिए भी कई साइंस बुक लिखी हैं lयह किताबें जॉर्ज नाम के एक लड़के पर केंद्रित है जो ब्रह्मांड में ट्रैवल करते हुए ब्रह्मांड के बारे में सीखता है।
  • इतने महान वैज्ञानिक होने के बावजूद और उनकी ग्राउंडब्रेकिंग डिस्कवरीज के बावजूद भी स्टीफन हॉकिंग कभी नोबेल प्राइज नहीं जीत पाए।
  • स्टीफन एक फेमस साइंटिस्ट तो थे लेकिन वह बहुत से टीवी शोस जैसे “द स्टार ट्रैक”, “द सिमप सन” और “द बिग बैंग थ्योरी” में भी नजर आ चुके हैं l
  • बी बी सी को दिए एक इंटरव्यू में प्रोफेसर स्टीफन हॉकिंग ने कहा था कि स्पेस में ट्रैवल करने की उनकी लंबे अरसे से ख्वाहिश है l 2007 में उनकी यह ख्वाहिश पूरी हुई जब साइंटिस्ट उन्हें 1 स्पेस शटल में ले गए और वहां उन्हें जीरो ग्रेविटी का अनुभव कराया गया l प्रोफेसर हॉकिंग करीब 4 मिनट तक वेट लेस रहे।
  • हॉकिंग ने दुनिया के अंत के बारे में बात करते हुए यह कहा था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस न्यूक्लियर वॉर, महामारी, क्लाइमेट चेंज और बढ़ती जनसंख्या यह सभी वह कारण है जो दुनिया को अंत की ओर लेकर जाएंगे l प्रोफेसर ने कहा था कि मुझे लगता है मानव जाति के पास खुद का  अस्तित्व बचाए रखने के लिए 1000 साल है l जब तक की पृथ्वी मनुष्य के रहने के काबिल ना बचे तब तक हमें पृथ्वी जैसा कोई और ग्रह खोजने की जरूरत है।
  • लंबी बीमारी की वजह से स्टीफन का शरीर पूरी तरह बेजान हो गया था वह ना लिख सकते थे और ना ही बोल सकते थे लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कई किताबें लिखी। यह किताबें उन्होंने अपने स्पीच सिंथेसाइजर की मदद से लिखी l स्टीफन पूरी तरह अपंग होने के बावजूद भी इस डिवाइस की मदद से लोगों से बात कर पाते थे।
  • स्टीफन ब्रिटिश थे लेकिन उनके स्पीड सिंथेसाइजर में जो कंप्यूटराइज आवाज थी उसका एक्सेंट (बोलने का लहज़ा) अमेरिकन था इस बीच जनरेटिंग डिवाइस में समय-समय पर काफी सुधार होते रहे लेकिन उन्होंने उस अमेरिकन एक्सेंट वाली कंप्यूटर आवाज को कभी बदलने नहीं दिया l स्टीफन को वह आवाज़ बहुत पसंद थी और लोगों के बीच भी वह आवाज इतनी फेमस थी कि कोई भी उसे थोड़ा सा सुनकर यह आसानी से बता सकता था कि यह प्रोफेसर स्टीफन बोल रहे हैं।

 

करवा चौथ पर राशि के अनुसार इस रंग के कपड़े पहनने से मिलेंगी अपार खुशियां!!

करवा चौथ पर राशि के अनुसार इस रंग के कपड़े पहनने से मिलेंगी अपार खुशियां!!

करवा चौथ हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है। यह कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। करवा चौथ का दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत खास होता है।

इस बार चतुर्थी 4 नवंबर दिन बुधवार को करवा चौथ मनाया जाएगा। ग्रामीण महिलाओं से लेकर आधुनिक महिलाओं तक सभी महिलाएं करवाचौथ का व्रत बडी़ श्रद्धा एवं उत्साह के साथ रखती हैं।

इस दिन विवाहित महिलाएं पूर्ण श्रृंगार कर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती है। यदि आप इस शुभ संयोग में करवा चौथ के व्रत का शुभ फल प्राप्त करना चाहते हैं, तो राशि के मुताबिक ही अपने कपड़ों का चयन करें।

ऐसा करने से आप चंद्रमा और दूसरे ग्रहों की भी शुभ दृष्टि का लाभ पा सकती हैं l आइए जानते हैं राशिओं के अनुसार आपको कौन से रंग के कपड़े पहनने चाहिए।

तो आइए जानते हैं करवा चौथ पर राशि के अनुसार इस रंग के कपड़े पहनने से मिलेंगी अपार खुशियां

मेष– मेष राशि वाली महिलाएं गुलाबी रंग की साड़ी, लेहंगा आदि पहनें एवं चंद्रमा के पूजन में गुलाब अवश्य चढ़ाएं।
वृषभ– वृषभ राशि वाली महिलाएं पीले रंग के वस्त्र पहनें एवं चन्द्रमा के पूजन में पीला फूल चढ़ाएं।
मिथुन– मिथुन राशि वाली महिलाएं हरे रंग के कपड़े पहनें एवं चंद्रमा के पूजन में आंकड़े के फूल चढ़ाएं।
कर्क– कर्क राशि वाली महिलाएं लहरिया साड़ी या लेहंगा पहनें जिसमे हेवी वर्क हो, चंद्रमा के पूजन में सफेद फूल चढ़ाएं।
सिंह– सिंह राशि वाली महिलाएं लाल रंग के कपड़े पहनें एवं चंद्रमा के पूजन में लाल फूल चढ़ाएं।
कन्या– कन्या राशि वाली महिलाएं हरी लाइन वाली साड़ी या लेहंगा, सूट पहनें एवं पूजन में चावल अवश्य चढ़ाएं।
तुला– तुला राशि वाली महिलाएं गुलाबी रंग के वस्त्र (जिसमें सफेद धागे की कढ़ाई हो) पहनें एवं पूजन में सफेद गुलाब चढ़ाएं।
वृश्चिक– वृश्चिक राशि वाली महिलाएं प्लेन कपड़े (जिसमें लाल फूल की बनावट हो) पहनें एवं पूजन में कुमकुम का प्रयोग करें।
धनु– धनु राशि वाली महिलाएं हल्की पीले रंग के कपड़े पहनें एवं पूजन में पीला व सफेद फूल चढ़ाएं।
मकर– मकर राशि वाली महिलाएं कत्थई रंग के वस्त्र पहनें एवं पूजन में आंकड़े एवं गेंदे के फूल चढ़ाएं।
कुंभ– कुंभ राशि वाली महिलाएं मेहरून रंग के कपड़े पहनें एवं पूजन में लाल गुलाब व सफेद फूल चढ़ाएं।
मीन– मीन राशि वाली महिलाएं नीले रंग के वस्त्र पहनें एवं पूजन में दुर्वा चढ़ाएं।

जानिए नवरात्रि  के इस शुभ पर्व पर कैसा रहेगा इन 12 राशियों पर प्रभाव

हिन्दू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि मां नवदुर्गा की उपासना का पर्व है। इस बार नवरात्रि का शुभ पर्व 17 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। नवरात्रि का शुभ पर्व हर साल श्राद्ध खत्म होते ही शुरू होता है, लेकिन इस बार नवरात्रि 25 दिन देरी से शुरू हो रहें है।

नवरात्रि का शुभ मुहूर्त

इस बार सर्वार्थसिद्धि योग में नवरात्र शुरू हो रहा है। नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना शुभ मुहूर्त में होगी। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को बेहद शुभ माना जाता है, जो पूजा उपासना में अभीष्ट सिद्धि देगा।

साथ ही दशहरे तक खरीदारी के लिए त्रिपुष्कर, सौभाग्य और रवियोग जैसे खास मुहूर्त भी रहेंगे। इन शुभ संयोग में प्रॉपर्टी, व्हीकल, फर्नीचर, भौतिक सुख-सुविधाओं के सामान और अन्य तरह की मांगलिक कामों के लिए खरीदारी करना शुभ रहेगा।

जानें किस तारिख को किस देवी की होगी पूजा

  • 17 अक्टूबर- मां शैलपुत्री पूजा, घटस्थापना
  • 18 अक्टूबर- मां ब्रह्मचारिणी पूजा
  • 19 अक्टूबर- मां चंद्रघंटा पूजा
  • 20 अक्टूबर- मां कुष्मांडा पूजा
  • 21 अक्टूबर- मां स्कंदमाता पूजा
  • 22 अक्टूबर- षष्ठी मां कात्यायनी पूजा
  • 23 अक्टूबर- मां कालरात्रि पूजा
  • 24 अक्टूबर- मां महागौरी दुर्गा पूजा
  • 25 अक्टूबर- मां सिद्धिदात्री पूजा

जानिए राशियों पर कैसा रहेगा नवरात्र का प्रभाव

मेष– इस राशि के लिए विवाह के योग बन सकते हैं। प्रेम में सफलता मिल सकती है। नवरात्रि में नौ दिनों तक मां की आराधना जरूर करें। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आप अपने संबंधों के बल पर जीवन में नई ऊंचाइयां छूने वाले हैं। मेष राशि के जातक ऊं दुं दुर्गायै नमः मंत्र का पाठ नवरात्रि में करेंगे तो आपकी सारी मनोकामनाएं अवश्य पूरी होंगी।

वृष– वृषभ राशि वाले लोगों को शत्रुओं पर विजय मिलेगी। रोगों में लाभ होगा। नवरात्रि में कलश स्थापना कर मां की उपासना करें। आपके आकर्षण प्रभाव में वृद्धि होगी और आपको कोई विशेष सम्मान प्राप्त हो सकता है। शारदीय नवरात्रि में वृषभ राशि के जातक देवी दुर्गा के अष्टभुजा स्वरूप की पूजा करेंगे तो हर तरह से लाभ ही लाभ होगा।

मिथुन– संतान सुख मिलने के योग हैं। नौकरी में प्रमोशन और धन लाभ मिल सकता है। संभव हो तो इस बार आप नवरात्रि व्रत रखें। नए वस्त्र-आभूषणों की प्राप्ति होगी। वैवाहिक जीवन में खुशियां आएंगी। मिथुन राशि के जातक नवरात्रि में प्रतिदिन दुर्गा चालीसा का पाठ करें।

कर्क– माता से सुख मिलेगा। वैभव बढ़ेगा। कार्यों में सफलता के साथ सम्मान मिलेगा। दुर्गा चालीसा का सुबह शाम पाठ करें। इस राशि के जातक नवरात्रि में कन्याओं को भोजन करवाकर उनके मनपसंद उपहार भेंट करें।

सिंह– आपका पराक्रम अच्छा रहेगा। आशा के अनुरूप फल प्राप्त होंगे। भाई से मदद मिलेगी। नवरात्रि में संभव हो तो जवारे बोएं। खर्च की अधिकता जरूर रहेगी, लेकिन फिर भी कोष में वृद्धि करने में कामयाब होंगे। दुर्गा सप्तशती का पाठ नियमित करें।

कन्या– स्थाई संपत्ति से लाभ हो सकता है। धन वृद्धि के योग बन रहे हैं। कन्या पूजन कर उसे हरे फल दान करें। नवरात्रि में प्रतिदिन मंदिर जाकर देवी दुर्गा के दर्शन करें। यथाशक्ति कन्याओं को उपहार-भेंट दें, भोजन करवाएं।

तुला– इस राशि के लिए प्रसन्नता बनी रहेगी। सोचे हुए काम समय पर पूरे होंगे। नवरात्रि में व्रत रखें और 3 वर्ष की कन्या की पूजा करें।  देवी दुर्गा पर लाल फूल अर्पित करें। आप किसी धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। शत्रुओं के नाश और सर्वत्र रक्षा के लिए दुर्गा सप्तशती का नियमित पाठ करें। इसके बाद सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ भी करें।

वृश्चिक– अनावश्यक व्यय होगा। कमाई कम हो सकती है। घर-परिवार से संबंधित चिंताजनक समाचार मिल सकता है। देवी को शहद का भोग अर्पित करें। पारिवारिक जीवन के संकटों का समाधान इस बार की नवरात्रि दे कर जाएगी। मां दुर्गा की पूर्ण कृपा पाने के लिए प्रतिदिन देवी को एक गुलाब का पुष्प अवश्य अर्पित करें।

धनु– आपके लिए ये नवरात्रि लाभदायक रह सकती है। आय में बढ़ोतरी होने के योग हैं। मां दुर्गा को खोपरा चढ़ाएं और काली चींटी को मिश्री डालें। नया वाहन खरीदने के योग भी बनेंगे। जो युवक-युवतियां अविवाहित हैं वे नवरात्रि में प्रतिदिन शिव की पूजा करें और देवी को मिष्ठान्न का नैवेद्य लगाएं।

मकर– इन लोगों के लिए नवरात्रि अत्यंत शुभ है। मां दुर्गा के मंदिर में पांच प्रकार के फल चढ़ाएं। धर्म, ज्योतिष, योग, अध्यात्म के क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने के अनेक अवसर मिलेंगे। इनसे आपकी आर्थिक पारिवारिक स्थिति भी मजबूत बनेगी। नवरात्रि में गरीबों को भोजन करवाएं, वस्त्र भेंट करें। संभव हो तो नवरात्रि के उपवास रखें।

कुंभ– इस राशि के लिए भाग्य वृद्धि का समय है। साथियों की मदद प्राप्त होगी l काम पूरे होंगे। सफलता का समाचार मिलेगा। मां दुर्गा के 32 नाम दोनों समय पढ़ें। नवरात्रि में नया व्यापार प्रारंभ करेंगे। पुराने बिजनेस को आगे बढ़ाएंगे। परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर जाएंगे। प्रतिदिन ऊं दुं दुर्गायै नमः मंत्र की पांच माला जाप करें। जो चाहेंगे वह पूरा होगा, देवी की पूर्ण कृपा आएगी।

मीन– आपको वाहन प्रयोग में सावधानी रखनी होगी। दुर्घटना होने के योग बन रहे हैं।  शत्रुओं की वजह से परेशानी हो सकती है।  देवी मां को चुनरी और ध्वजा चढ़ाएं। धन, पद, प्रतिष्ठा, सम्मान, सुख, वैभव में वृद्धि होगी। नवरात्रि के अंतिम दिन देवी की स्वरूप नौ कन्याओं का पूजन कर भोजन करवाएं और वस्त्र भेंट करें।

जानिए भारत की शीर्ष 10 प्रसिद्ध महिला उद्यमियों के बारे में

वो दिन अब चले गए जब महिलाओं को कमजोर समझा जाता था। अब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे निकल चुकी हैं। पिछले कुछ दशकों में भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति में भारी बदलाव आया है।

आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। महिलाएं भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और लगभग हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त की है।

आज हमने 10 प्रसिद्ध महिला उद्यमियों को सूचीबद्ध किया है, जिन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और अन्य महिलाओं को प्रेरित करने के लिए कुछ अलग किया है।

तो आइए जानते हैं भारत की शीर्ष 10 प्रसिद्ध महिला उद्यमियों के बारे में :-

वंदना लूथरा – वीएलसीसी की संस्थापक

VLCC ब्‍यूटी प्रोडक्‍ट के बारे में तो लगभग हर कोई जानता होगा। इस समय एशिया, अफ्रीका सहित 11 देशों में इनके प्रोडक्‍ट इस्‍तेमाल किए जाते हैं और इन सबका श्रेय जाता है वंदना लूथरा को। वह ब्यूटी एंड वेलनेस सेक्टर स्किल काउंसिल (B & WSSC) की चेयरपर्सन भी हैं l

वंदना लूथरा ब्यूटी और फिटनेस के क्षेत्र में जानामाना नाम है। भारत में उनकी कंपनी वीएलसीसी ने आज लोगों के बीच विशेष पहचान बनाई है।

अप्रैल 2013 में, उन्हें भारतीय राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया। वंदना लूथरा ख़ुशी नामक एनजीओ भी चला रही हैं, जो उन लोगों को मुफ्त शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करता है, जो शारीरिक रूप से विकलांग हैं।

फाल्गुनी नायर- न्याका की संस्थापक

फाल्गुनी नायर Nyka के संस्थापक और सीईओ हैं, जो ऑनलाइन सौंदर्य प्रसाधन और वेलनेस उत्पादों को बेचती है।

वह पहले कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी के पूर्व प्रबंध निदेशक थी फिर 2012 में न्याका की स्थापना की थी और अपनी कंपनी शुरू करने के सपने को आगे बढ़ाने के लिए नौकरी छोड़ दी।

2017 में उन्हें बिजनेस टुडे द्वारा “सबसे शक्तिशाली व्यवसाय” का खिताब मिला और उन्हें इकोनॉमिक टाइम्स में “महिला अहेड” पुरस्कार भी मिला।

किरण मजूमदार शॉ – बायोकॉन लिमिटेड की संस्थापक

किरण मजूमदार-शॉ एक भारतीय महिला व्यवसायी टेक्नोक्रेट, अन्वेषक और बायोकॉन की संस्थापक है, वे बायोकॉन लिमिटेड की अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक तथा सिनजीन इंटरनेशनल लिमिटेड और क्लिनिजीन इंटरनेशनल लिमिटेड की अध्यक्ष हैं।

उन्होंने 1978 में बायोकॉन को शुरू किया और उत्पादों के अच्छी तरह से संतुलित व्यापार पोर्टफोलियो तथा मधुमेह, कैंसर-विज्ञान और आत्म-प्रतिरोध बीमारियों पर केंद्रित शोध के साथ इसे एक औद्योगिक एंजाइमों की निर्माण कंपनी से विकासित कर पूरी तरह से एकीकृत जैविक दवा कंपनी बनाई।

जहाँ तक उनकी योग्यता का सवाल है, उन्होंने अपनी स्नातक और मास्टर डिग्री क्रमशः बैंगलोर विश्वविद्यालय और मेलबर्न विश्वविद्यालय से की है।

2019 में, उन्होंने भारत के 54 वें सबसे अमीर और दुनिया की 65 वीं शक्तिशाली महिला का खिताब जीता।

प्रिया पॉल- पार्क होटल की चेयरपर्सन

प्रिया पॉल एक भारतीय महिला उद्यमी हैं, जो एपीजे (Apeejay) सुरेंद्र समूह की सहायक कंपनी, एपीजे सुरेंद्र पार्क होटल्स की चेयरपर्सन हैं,और “द पार्क होटल्स” श्रृंखला की होटलों का संचालन करती है।

उन्होंने वेलेस्ले कॉलेज (यूएस) से अपनी पढ़ाई खत्म करने के बाद, 21 साल की उम्र में “द पार्क” नई दिल्ली में मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अपने पिता के साथ मार्केटिंग मैनेजर के रूप में काम करना शुरू कर दिया।

जनवरी 2012 के गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर प्रिया पॉल को भारत सरकार द्वारा पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

रितु कुमार – द फैशन डिज़ाइनर

रितु कुमार एक भारतीय फैशन डिजाइनर हैं उन्होंने कोलकाता में अपना फैशन करियर शुरू किया। प्रारंभ में वह दुल्हन के कपड़े बनाती थी।

कुछ समय के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश किया और आज कई अलग-अलग शहरों फ्रांस और न्यूयॉर्क में अपना कारोबार चला रही है।

उनकी शिक्षा की बात की जाये तो उन्होने दिल्ली के लेडी इर्विन कालेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त कर अमेरिका में उच्च शिक्षा पूरी की।

उन्हें कई पुरस्कारों से भी नवाज़ा गया है उन्होंने 2012 में लोरियल पेरिस फेमिना वीमेन अवार्ड में अचीवमेंट अवार्ड जीता और 2013 में, उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया।

श्रद्धा शर्मा- योरस्टोरी की संस्थापक

श्रद्धा शर्मा, YourStory की संस्थापक और सीईओ हैं, जो स्टार्टअप और उद्यमियों के लिए एक डिजिटल-मीडिया प्लेटफॉर्म है।

2008 में YourStory शुरू करने से पहले, श्रद्धा ने CNBC TV18 में सहायक उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया और द टाइम्स ऑफ़ इंडिया में एक ब्रांड सलाहकार भी थीं। श्रद्धा शर्मा ने “सेंट स्टीफन कॉलेज” दिल्ली से इतिहास में स्नातक और मास्टर डिग्री प्राप्त की।

श्रद्धा शर्मा को समावेशी स्टार्टअप समुदाय के निर्माण में उनके प्रयासों के लिए नैस्कॉम इकोसिस्टम इवेंजलिस्ट पुरस्कार प्राप्त हुआ है, इसके अलावा उन्हें 2010 में स्टार्टअप्स के कवरेज के लिए विल्ग्रो जर्नलिस्ट ऑफ़ द इयर पुरस्कार दिया गया था।

2015 में उन्हें दुनिया भर में 500 लिंक्डइन इन्फ्लुएंसर के बीच सूचीबद्ध किया गया था, और उसी वर्ष उन्हें ऑनलाइन इन्फ्लुएंस के लिए लोरियल पेरिस फेमिना पुरस्कार प्राप्त हुआ। 2016 में श्रद्धा शर्मा इंटरनेट श्रेणी के तहत लिंक्डइन में सबसे अधिक देखे जाने वाली सीईओ थीं l

अदिति गुप्ता – मेनस्ट्रुपेडिया की सह-संस्थापक

अदिति गुप्ता एक भारतीय लेखिका हैं और मेनस्ट्रूपीडिया कॉमिक की सह-संस्थापक हैं। वह और उनके पति, दोनों ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन एलुमनी, 2012 में मेनस्ट्रूपीडिया कॉमिक्स की स्थापना की।

2014 में उन्हें फोर्ब्स इंडिया अंडर 30 की सूची में नामित किया गया था। 2014 में, उन्होंने “मेनस्ट्रुपेडिया कॉमिक: द फ्रेंडली गाइड टू पीरियड्स टू गर्ल्स” कॉमिक बुक लॉन्च की और उन्हें बहुत सफलता मिली l

इस पुस्तक का स्पेनिश और नेपाली में अनुवाद किया गया है। मेनस्ट्रूपीडिया कॉमिक्स का उपयोग ब्राइट इंग्लिश स्कूल अहमदाबाद, इकोले मोंडिएल वर्ल्ड स्कूल, गल्र्स प्राइमरी स्कूल और कई अन्य लोगों द्वारा किया जाता है।

सुप्रिया पॉल- जोश वार्ता की संस्थापक

सुप्रिया पॉल जोश टॉक की निर्देशक और सीओ-फ़ाउंडर हैं। सुप्रिया ने शोभित बंगा के साथ 2015 में जोश वार्ता की स्थापना की।

आज यह भारत में सबसे तेजी से बढ़ता सामाजिक तकनीकी स्टार्टअप है जो हर महीने 45+ मिलियन तक पहुंच रहा है।

2018 में फोर्ब्स पत्रिका ‘एशिया अंडर 30’ में सुप्रिया को सूचीबद्ध किया गया था और उन्हें सर्वश्रेष्ठ सामग्री निर्माण के लिए “शेप पीपल डिजिटल वीमेन अवार्ड 17” प्राप्त हुआ।

25 जनवरी 2019 में सुप्रिया को भारत के माननीय राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद द्वारा जोश वार्ता के लिए राष्ट्रीय मीडिया पुरस्कार से सम्मानित किया।

राधिका घई अग्रवाल – शॉपक्लूज.कॉम की सह-संस्थापक और सीएमओ

राधिका घई अग्रवाल एक इंटरनेट उद्यमी और यूनिकॉर्न क्लब में प्रवेश करने वाली भारत की पहली महिला हैं। वह 2011 में सिलिकॉन वैली में स्थापित ऑनलाइन मार्केटप्लेस शॉपक्लूज की सह-संस्थापक हैं।

वर्तमान में वह कंपनी के मुख्य व्यवसाय अधिकारी के रूप में कार्य करती है। राधिका के पास रीटेल, ईकॉमर्स, फैशन और लाइफस्टाइल, विज्ञापन और जनसंपर्क (पब्लिक रिलेशन) जैसे विभिन्न इंडस्ट्री में मार्केटिंग का साढ़े दस साल से अधिक का अनुभव है l

अपने इस अनुभव के आधार पर उन्होंने शॉपक्लूस.कॉम की सह-स्थापना कीl इसकी स्थापना से पूर्व राधिका ने नॉर्डस्ट्रॉम के कॉर्पोरेट हेडक्वाटर में स्ट्रेटेजी प्लानिंग की फील्ड में काम कियाl

इसके अतिरिक्त उन्होंने न्यूयॉर्क और अमेरीका के मेनलो पार्क में अपने वेल्थ मैनेजमेंट ग्रुप में गोल्डमैन साक्स (Goldman Sachs) के साथ काम किया l उन्होंने वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से एडवर्टाइजिंग और पब्लिक रिलेशन में एमबीए किया है l

शहनाज़ हुसैन – शहनाज़ हर्बल्स की सीईओ

“हर्बल ब्यूटी केयर की रानी” के नाम से जानी जाने वाली शहनाज़ हुसैन एक प्रमुख भारतीय महिला उद्यमी है जिन्हें अपने हर्बल सौंदर्य प्रसाधनों के लिए जाना जाता है जिनमें त्वचा की देखभाल के उत्पाद सबसे प्रमुख हैं।

शहनाज़ ने कलकत्ता में 1979 में पहला फ्रैंचाइज़ी क्लिनिक खोला और एक साल के भीतर, भारत में 80 शहनाज़ हर्बल फ्रैंचाइज़ी क्लीनिक थे। दुनिया भर में लगभग 600 फ्रेंचाइजी क्लीनिक हैं। शहनाज़ हुसैन का 138 देशों में कारोबार चल रहा है l

शहनाज हुसैन की शादी बहुत कम उम्र (16 वर्ष) में हो गई थी , लेकिन वह आज जहां हैं, वहां पहुंचने के लिए सभी बाधाओं से लड़ती हैं। 2006 में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।

दुनिया की सबसे अमीर महिलाएं – 2020

दुनिया भर में धनी यानी अमीर लोगों की कमी नहीं है l इन अमीरों में कई ऐसे हैं जिन्होंने धन-सम्पति अपनी मेहनत और सूझ-बूझ से कमाई तो कई ऐसे हैं जिन्हें यह धन-सम्पदा विरासत में हासिल हुई l

आज की इस पोस्ट में हम ऐसे ही टॉप 5 अमीर लोगों के बारे में जानकारी लेकर आये हैं l दिलचस्प बात यह है कि ये सभी अमीर लोग महिलाएं हैं l

सभी जानते हैं कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कमतर नहीं हैं l इंजीनियरिंग हो चाहे बैंकिंग सेक्टर, राजनीति हो चाहे व्यवसाय, सिनेमा हो चाहे इंटरनेट हर जगह महिलाएं मजबूती के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज़ करवा रही हैं l

तो यह रही, अमेरिकी मैगज़ीन फोर्ब्स के अनुसार वर्ष 2020 में दुनिया की पाँच सबसे अमीर महिलाएं

एलिस वॉल्ट्न

दुनिया में खुदरा बाज़ार की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी वालमार्ट (Walmart) के संस्थापक सैम वाल्टन की बेटी एलिस वाल्टन दुनिया की सबसे अमीर महिला हैं।

वर्ष 2020 में फोर्ब्स  द्वारा जारी दुनिया की 10 सबसे अमीर महिलाओं की सूची में उनका नाम पहले स्थान पर है तथा इनकी कुल संपत्ति $54.4 बिलियन है।

हालाँकि ऐलिस को वालमार्ट में हिस्सेदारी पैतृक संपत्ति के तौर पर मिली है लेकिन उनकी विशेष रूचि कला के प्रोत्साहन तथा समाजसेवा के क्षेत्र में रही है।

वर्ष 2011 में उन्होंने क्रिस्टल ब्रिज म्यूज़ियम ऑफ़ अमेरिकन आर्ट (Crystal Bridges Museum of American Art) की स्थापना की है।

इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका की स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने के लिए एक विशाल हॉस्पिटल की स्थापना की घोषणा की है।

फ्रांस्वा बैटनकोर्ट

सौंदर्य प्रसाधन बनाने वाली विश्व प्रसिद्ध फ़्रांसीसी कंपनी लोरेअल (L’Oreal) की मालकिन फ्रांस्वा बेटनकोर्ट वर्तमान में दुनिया की सबसे अमीर महिलाओं में से एक हैं।

वर्ष 2020 में फोर्ब्स द्वारा जारी दुनिया की 10 सबसे अमीर महिलाओं की सूची में फ्रांस्वा का नाम दूसरे स्थान पर है तथा इनकी कुल संपत्ति $48.9 बिलियन है।

हम आपको बताते चलें कि लोरेअल कंपनी की स्थापना वर्ष 1909 में यूजीन शुलर द्वारा की गई थी जो कि फ्रांस्वा के नाना थे।

यूजीन शुलर की मौत के बाद इस कंपनी का कार्यभार लिलियन बेटनकोर्ट को जो कि फ्रांस्वा की माँ थी तथा वर्ष 2017 में लिलियन बेटनकोर्ट की मौत के बाद फ्रांस्वा बेटनकोर्ट लोरेअल की मालकिन बनीं।

जूलिया कोच

अमेरिकी कंपनी कोच इंडस्ट्रीज (Koch Industries) के पूर्व मालिक डेविड कोच की विधवा जूलिया कोच वर्तमान में दुनिया की तीसरी सबसे अमीर महिला हैं।

वर्ष 2020 में फोर्ब्स द्वारा जारी दुनिया की 10 सबसे अमीर महिलाओं की सूची में जूलिया कोच का नाम तीसरे स्थान पर है तथा इनकी कुल संपत्ति $38.2 बिलियन है।

वर्ष 2019 में इनके पति की मौत के बाद कोच इंडस्ट्रीज की 46 प्रतिशत हिस्सेदारी जूलिया को प्राप्त हुई। इसी वजह से उनका नाम वर्ष 2020 के फोर्ब्स की सूची में शामिल किया गया।

कोच इंडस्ट्रीज इंजीनियरिंग तथा रसायनिक उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। इनके पति डेविड एक व्यवसायी होने के साथ-साथ राजनीतिज्ञ, समाजसेवी तथा रसायनिक इंजीनियर भी थे।

मैकेंज़ी बेज़ोस

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति तथा अमेज़न (Amazon) के संस्थापक जेफ़ बेज़ोस की पूर्व पत्नी मैकेंज़ी बेज़ोस (वास्तविक नाम मैकेंज़ी स्कॉट) दुनिया की चौथी सबसे अमीर महिला हैं।

वर्ष 2020 में फोर्ब्स द्वारा जारी दुनिया की 10 सबसे अमीर महिलाओं की सूची में मैकेंज़ी का नाम चौथे स्थान पर है तथा इनकी कुल संपत्ति $36 बिलियन है।

48 वर्षीय मैकेंजी ने दुनिया का सबसे महंगा तलाक लिया है। मैकेंजी को कंपनी के 25% शेयर मिले हैं। आप को बता दें कि मैकेंजी अमेज़न की पहली कर्मचारी भी थी।

मैकेंजी एक उपन्यासकार हैं।  मैकेंजी ने डी टेस्टिंग ऑफ़ लूथर अलब्राइट और ट्रैप्स सहित कई किताबें भी लिखी हैं। दिलचस्प बात यह है कि अमेज़न की कामयाबी में मैकेंजी की बहुत भूमिका है।

वर्ष 2019 में जेफ़ बेज़ोस से तलाक के बाद इन्हें मुआवजे के तौर पर $36 बिलियन की संपत्ति प्राप्त हुई जिसके बाद वो उस साल दुनिया की पाँचवी सबसे अमीर महिला बनीं।

हालाँकि व्यक्तिगत रूप से उपन्यासकार, उद्यमी तथा समाजसेवी मैकेंज़ी ने यह घोषणा की है की वह अपनी संपत्ति का आधा हिस्सा चैरिटी में दान कर देंगी।

जैकलीन मार्स

अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनी मार्स, इंकॉर्पोरेटेड (Mars, Incorporated) के संस्थापक फ्रैंकलिन मार्स की पोती जैकलीन मार्स दुनिया की 5वीं सबसे अमीर महिला हैं।

वर्ष 2020 में फोर्ब्स द्वारा जारी दुनिया की 10 सबसे अमीर महिलाओं की सूची में जैकलीन का नाम पांचवे स्थान पर है तथा इनकी कुल संपत्ति $24.7 बिलियन है।

मार्स इंकॉर्पोरेटेड कंपनी पूरी दुनिया में अपने चॉकलेट, कैंडी, फ़ूड प्रोडक्ट्स, ड्रिंक्स और कन्फेक्शनरी, आदि के लिए विख्यात है।

जानिए अमरुद खाने से होने वाले जबदस्त फायदें

अमरूद बहुत से लोगों का पसंदीदा फल है। अमरुद खाने का मज़ा ही कुछ अलग है। इसमें विटामिन सी, कैल्शियम और आयरन होता है।

ऐसे पोषक तत्वों से भरपूर अमरुद  का सेवन हमारी सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमरुद खाने के अलग-अलग फायदे हैं। आइए जानें कि अमरुद खाने से शरीर को क्या-क्या फायदें होते हैं।

पेट की समस्या से राहत मिलती है

पेट खराब होने की समस्या अक्सर होती है। उपाय के तौर पर पके हुए अमरूद के टुकड़ों को नमक के साथ खाएं। इससे पेट की समस्या ठीक होती है। अमरुद के बीज पेट साफ करने में मदद करते हैं।

पेट साफ हो जाता है

कई लोग कब्ज की समस्या से पीड़ित रहते हैं ऐसे व्यक्तियों को प्रतिदिन नाश्ते में हो सके तो अमरुद खाना चाहिए। यदि आप कब्ज से पीड़ित हैं, तो आपको सुबह और शाम अमरुद  खाने से फायदा होगा।

गैस एसिडिटी पर प्रभावी है

यदि गैस, एसिडिटी की समस्या हो तो अमरुद  के बीज कारगर हैं। यह गैस और अपच की समस्या को भी खत्म करता है।

खून की कमी को पूरा करता है

इसमें आयरन और विटामिन सी  भरपूर मात्रा में होता है, आयरन हीमोग्लोबिन बढ़ाने का काम करता है। विटामिन सी शरीर में आयरन को अवशोषित करने में मदद करता है।

ये दोनों कारक हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए आवश्यक हैं। एनीमिया से पीड़ित लोगों को अमरूद का सेवन करना फायदेमंद होता है।

बवासीर पर फायदेमंद है

बवासीर होने की स्थिति में अमरुद का छिलका बहुत फायदेमंद होता है। अमरुद का जूस पीने से भी बवासीर की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। बवासीर के रोगियों को इस जूस को कम से कम 1 महीने तक लगातार पीना चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार अमरूद की पत्तियां चबाने से शरीर का बुखार कम हो जाता है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को अमरूद खाने से बचना चाहिए।

यह ठंडा होता है इसलिए इसमें अधिक रेशेदार तत्व होते हैं। इससे गर्भवती महिलाओं को दस्त हो सकते हैं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं में जुकाम हो सकता है।

जानिए क्यों आयुर्वेद में तुलसी के पत्तों को चबाने की मनाही है।

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तुलसी के पौधे का धार्मिक और आयुर्वेदिक दृष्टि से विशेष महत्‍व है। एक ओर जहां हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे की पूजा की जाती है, तो वहीँ दूसरी ओर इसके सेवन से कई बीमारियां भी ठीक होती हैं।

आयुर्वेद में तुलसी के पत्तों का औषधीय रूप से उपयोग किया जाता है। इसमें औषधीय गुण भी पाए जाते  हैं। आयुर्वेद में तुलसी को सेहत के लिए फायदेमंद बताया गया है।

इसमें माइक्रोबियल-रोधी, सूजन-रोधी, गठिया-रोधी, लिवर को सुरक्षा देने वाले, डायबिटीज-रोधी और दमा-रोधी गुण पाए जाते हैं l

आइए जानते हैं तुलसी कैसे शरीर के लिए असरकारक औषधि का काम करती है :-

डॉक्टर कोरोना वायरस के लिए भी तुलसी के पत्तों के काढ़े की सलाह देते हैं। तुलसी के पत्ते मौसमी बुखार और सर्दी, खांसी के लिए भी रामबाण इलाज है।

आयुर्वेद में भी तुलसी के पत्ते की चाय पीने की सलाह दी जाती है। इससे कई बीमारियों से राहत मिलती है। हालाँकि आयुर्वेद में तुलसी के पत्तों को चबाना मना है।

इसलिए तुलसी के पत्तों को नहीं चबाते

तुलसी की पत्तियों में काफी मात्रा में लौह तत्व व पारा पाया जाता है, जो हमारे दांतों को नुकसान पहुंचा सकता है इसलिए आयुर्वेद में तुलसी को चबाने से मना किया गया है।

इसके अलावा तुलसी के पत्ते में कुछ मात्रा में आर्सेनिक भी पाया जाता है, जो दांतों को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि प्रतिदिन तुलसी की पत्तियों को चबाएंगे तो वह मुंह में मौजूद क्षार तत्वों से मिल जाने पर दांतो में सड़न संबंधित खतरा बढ़ जाता है।

तुलसी की पत्तियां प्राकृतिक रूप से में थोड़ी अम्लीय यानि एसिडिक होती हैं, जिससे दांतों में दर्द की शिकायत हो सकती है इसलिए तुलसी के पत्ते लेते समय ध्यान रखें कि इसे चबाने के बजाय चाय या अर्क बनाकर इनका सेवन करना बेहतर है।

इम्यून सिस्टम को बेहतर करती है तुलसी

आपको ये जानकर हैरान होगी कि तुलसी मानसिक तनाव को कम करने के साथ-साथ इम्यून सिस्टम को भी ठीक करती है। अनेक शोध में पता चला है कि तुलसी में एंटी-स्ट्रेस गुण पाए जाते हैं।

इसके अलावा तुलसी शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को भी संतुलित करती है। गौरतलब है कि कोर्टिसोल एक प्रकार का हार्मोन होता है, जिसका संबंध मानसिक तनाव से होता है।

तुलसी से श्वसन संबंधी बीमारियों, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों आदि का संक्रमण भी दूर हो जाता है।

तुलसी के पत्तों का सेवन कैसे करें

सबसे सरल और आसान तरीका तुलसी के पत्तों से बनी चाय पीना है। इसके लिए तुलसी के पत्तों को पानी में उबालें और इसका सेवन करें।

यदि आप चाहें, तो आप अपनी पसंद के लिए अन्य मसाले और जड़ी बूटियों को भी जोड़ सकते हैं। इस चाय को पीने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह कैफीन मुक्त है।

तुलसी के पत्ते खाने से उच्च रक्तचाप कम होता है। रोजाना तुलसी के पत्ते की चाय पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।

बिठूर गाँव – जोकि ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह है l

“बिठूर गाँव” जिसने भारत के इतिहास की कई महत्वपूर्ण घटनाओं को देखा है। इस खूबसूरत गाँव का उल्लेख भारत में प्राचीन काल से है।

कहा जाता है कि कई ऐतिहासिक घटनाएं यहां हुई थीं। बिठूर, उत्तर प्रदेश में कानपुर के पश्चिमोत्तर दिशा में स्थित एक नगरपंचायत है।

मेरठ के अलावा बिठूर में भी सन 1857 में भारतीय स्वतंत्रता का प्रथम संग्राम का श्रीगणेश हुआ था। यह शहर उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर से 22 किलोमीटर दूर कन्नौज रोड पर स्थित है।

तो आइये जानते हैं बिठूर गाँव के बारे में

  • बिठूर उत्तर प्रदेश में गंगा किनारे एक ऐसा छोटा सा क़स्बा है जो किसी ज़माने में सत्ता का केंद्र हुआ करता था।
  • कानपुर के पास आज यहाँ की पुरानी ऐतिहासिक इमारतें और मंदिर जीर्ण-शीर्ण हालत में पड़ी हैं; लेकिन स्थानीय लोगों के पास इतिहास की वो यादें हैं जिनका पाठ हर बच्चे को स्कूल में पढ़ाया जाता है।
  • नानाराव, तात्या टोपे 1857 के विद्रोह के मुख्य नेता थे। आज भी, टोपे परिवार के सदस्य यहां रहते हैं।
  • उसी दौर में कानपुर से अपनी जान बचाकर भाग रहे अंग्रेज़ों को सतीचौरा घाट पर मौत के घाट उतार दिया गया। बाद में उसके बदले में अंग्रेज़ों ने गाँव के गाँव तबाह कर दिए और एक एक को पेड़ से लटका कर फाँसी दे दी।
  • वाल्मीकि का जन्म इसी गाँव में हुआ था और यहीं पर वाल्मीकि ने तपस्या के माध्यम से रामायण की रचना की थी।
  • जीत के बाद अँग्रेज़ों ने बिठूर में नानाराव पेशवा के महल को तो मटियामेट कर ही दिया था l जब ताँत्या टोपे के रिश्तेदारों को 1860 में ग्वालियर जेल से रिहा किया गया तो उन्होंने बिठूर लौटकर पाया कि उनका घर भी जला दिया गया है।
  • रानी लक्ष्मीबाई, जिन्होंने अंग्रेजों के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी और कहा कि वह मैं मेरी झांसी को नहीं छोड़ेंगी, उन्होंने अपना बचपन इसी गांव में बिताया।
  • इस गांव को 52 घाटों के शहर के रूप में जाना जाता है, परन्तु इस गाँव में अब  केवल 29 घाट बचे हैं।
  • जिस वाल्मीकि ऋषि के आश्रम में सीता माता  ने अपने पुत्रों लव और कुश को जन्म दिया, वह आश्रम थोड़ी ही दूर पर एक पहाड़ी पर है।
  •  पठार घाट पर एक भव्य शिव मंदिर भी है।
  • यहीं पर ब्रह्मा ने ब्रह्मांड का निर्माण किया और फिर अश्वमेध यज्ञ किया था।

रोचक तथ्य: एप्पल के स्टीव जॉब्स की कार पर कभी नंबर प्लेट क्यों नहीं लगी?

स्टीव जॉब्स को कौन नहीं जानता। अगर आपने “एप्पल” का iPhone, iPad या iMac फोन या कंप्यूटर यूज किया है तो फिर तो जानते ही होंगे. अगर आप फिर भी नहीं जानते हैं तो आपको बता दें की दुनिया के सबसे तेज, टेक्नोलॉजी में बेजोड़, टिकाऊ और महंगे फोन बनाने वाली कंपनी “एप्पल” के संस्थापक थे स्टीव जॉब्स, जिनका 5 अक्टूबर 2011 को निधन हो गया था.

Steve Jobs - Stay Hungry Stay Foolishहालांकि, स्टीव अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जब वो अपनी कार चलाते थे तो उस पर नंबर प्लेट कभी नहीं लगाते थे। फिर भी ना ही उन्हें कभी पुलिस ने पकड़ा और ना ही कभी उन पर कभी कानूनी कार्यवाही हुई ।

शायद आप जानते होंगे कि संयुक्त राज्य अमेरिका के क़ानून काफी सख्त हैं और उनका पालन भी कड़े तरीके से करवाया जाता है. आपने कई सेलिब्रिटी का चालान किये जाने की ख़बरें भी पढ़ी होंगी.

तो अगर आपको लगता है कि स्टीव जॉब्स इतने बड़े आदमी या सेलिब्रिटी होने की वजह से बच जाते थे?

या क्या हर बार पकड़े जाने पर वह सिर्फ जुर्माना भर कर छूट जाते थे? धन की कमी तो थी नहीं ! या क्या उन्हें कैलिफ़ोर्निया प्रान्त सरकार ने उनको विशेष छूट दे रखी थी?

वे यातायात क़ानून से कैसे बचे रहे? इसके पीछे की कहानी काफी दिलचस्प है.

स्टीव जॉब्स के पास सिल्वर कलर की बिना नंबर की Mercedes SL55 AMG रहती थी। इस पर उन्होंने कभी नंबर प्लेट नहीं लगाई. दरअसल जॉब्स ने कैलिफोर्निया के एक परिवहन क़ानून का फायदा उठाया जिसके अनुसार किसी नयी गाड़ी पर 6 महीने तक नंबर प्लेट न लगाने की छूट रहती है।

स्टीव की कार जॉब्स पार्किंग में अपंग लोगों के लिए बनाई गई पार्किंग में खड़ी है

तो इस के लिए जॉब्स ने कार (leasing ) कंपनी के साथ एक व्यवस्था की, कि कम्पनी लीज़(lease) के छठे महीने के दौरान स्टीव जॉब्स की कार को नई कार से बदल देगी, एक हूबहू सिल्वर मर्सिडीज SL55 AMG के साथ। और इस प्रकार नंबर प्लेट को लगाने की कोई कानूनी आवश्यकता ही नहीं रही थी।

स्टीव जॉब्स की कार में नंबर प्लेट न होने की क्या थी वजह

अब आप सोच रहे होंगे कि स्टीव जॉब्स ऐसा क्यों करते थे? इसके पीछे की वजह यह है कि स्टीव चाहते थे कि उन्हें कोई ट्रैक ना कर सके।

“क्योंकि लोग कभी-कभी मेरा पीछा करते हैं, और अगर मेरे पास लाइसेंस प्लेट होगी तो वे पता कर लेंगे कि मैं कहाँ रहता हूँ”, वाल्टर इसाकसन(Walter Isaacson) द्वारा स्टीव जॉब्स की जीवनी के एक अंश के अनुसार स्टीव जॉब्स ने कहा था.

हालाँकि जॉब्स मानते थे की गूगल मैप के आ जाने से यह अब तर्कसंगत नहीं रह गया था. फिर भी वे संतुष्ट थे कि यह करना उन्हें अच्छा लगता था.

आखिर एक जीनियस और “हट के” व्यक्ति का शौक कर सोच भी स्पेशल और “हट के” ही होंगे, है ना!

वैसे आपने ऊपर कार की तस्वीर में एक बात नोट की होगी। स्टीव की कार जॉब्स पार्किंग में अपंग लोगों के लिए बनाई गई पार्किंग में खड़ी है. दरअसल स्टीव जॉब्स अपंगों के लिए बनाई गई पार्किंग में अपनी कार पार्क करने के लिए भी “कुख्यात” थे 🙂