ये हैं दुनिया के सबसे खूबसूरत झरने

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इस दुनिया में बहुत सी खूबसूरत जगह हैं। उन्हीं में कुछ खूबसूरत झरने भी शामिल हैं। जिनके बारे लोग जानना पसंद करते हैं। आइये जानते हैं कुछ ऐसे ही खूबसूरत झरनों के बारे में :-

जोग जलप्रपात, भारत

भारत के कर्नाटक राज्य में जोग नामक एक खूबसूरत झरना है। जोग प्रपात को जरस्पा प्रपात भी कहा जाता है। यह पूरे भारत में दूसरे सबसे ऊँचे झरने के रूप में भी जाना जाता है। यह 830 फीट (253 मीटर) की ऊँचाई से गिरता है। इसके  चारों  और घने जंगल होने के  कारण यह झरना और भी खूबसूरत लगता है।

सदरलैंड फॉल्स, न्यूजीलैंड

न्यूजीलैंड के दक्षिण द्वीप पर दूर स्थित  सदरलैंड झरना है। सदरलैंड फॉल्स न्यूजीलैंड में  सबसे ऊंचे स्थान पर स्थित है, इसकी ऊंचाई 1,904 फीट (580 मीटर) है। यह काफी बड़ा है। सन् 1880 में डोनाल्ड सदरलैंड द्वारा इसकी खोज की गई थी, इसलिए उनकी वजह से ही इसका नाम सदरलैंड फॉल्स पड़ा।

गुल्फफॉस फॉल्स, आइसलैंड

गुल्फफॉस: आइसलैंड का ये झरना प्रकृति की एक खूबसूरत देन है। यहां ऊंचाई से पानी की गिरती धारा बहुत ही खूबसूरत दिखाई देती है। 12 मीटर की ऊंचाई से गिरते नीले-हरे पानी के झरने की चौड़ाई लगभग 32 मीटर है। इसे ‘गोल्डन फॉल्स’ तथा ‘वाटर फॉल ऑफ गॉड’ भी कहा जाता है। इस झरने को देखने से ऐसा प्रतीत होता है जैसे चट्टानों से पानी बह रहा है। कहा जाता है इस झरने का ये नाम 1000 साल पहले पड़ा था।

कैएटिरिटी फॉल्स, गुयाना

दक्षिण अमेरिका में स्थित कैएटिरिटी  नामक झरना खूबसूरत होने  के साथ-साथ बहुत गहरा भी है। कैएटिरिटी फॉल्स को वर्षावन के कई अमूल्य खजानों में से एक माना जाता है। कैएटिरिटी फॉल्स की खोज ब्रिटिश भूविज्ञानी चार्ल्स बैरिंगटन ब्राउन ने 1870 में की थी।

प्लेटविस झरना , क्रोएशिया

यूरोप एक खूबसूरत देश है,और यहाँ पर कई अनेक खूबसूरत जगह है। उन्हीं खूबसूरत जगहों में से एक है प्लिटविस झरना l प्लिटविस झरना एक शुद्ध वातावरण के साथ एक स्वर्ग की तरह है। यह प्राकृतिक क्षेत्र 300 मी में फैला हुआ है। यह झरना एक पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और इस झरने का पानी बहुत साफ़ है।

योसमिते झरना , कलिफ़ोर्निया

कैलिफोर्निया के योसमिते नेशनल पार्क में एक ऐसा झरना है,जो इस झरने को बाकियों से काफी अलग करता है।  इस झरने की ऊंचाई लगभग 480 मीटर है। आमतौर पर झरनों से पानी की धारा बहती है, लेकिन इस झरने को देखकर लगता है, जैसे यहां आग का लावा बह रहा हो। इस  झरने को हॉर्सटेल फायरफॉल भी कहा जाता है। हर साल फरवरी महीने में ही झरने का यह रूप दिखाई देता है। क्यूंकि फरवरी महीने में शाम के वक्त जब सूरज की रौशनी ढल रही होती है तो इन्हीं रोशनी  की किरणों के चलते  झरने का ऐसा नजारा देखने को मिलता है।

नियाग्रा फॉल्स, न्यूयॉर्क और ओंटारियो

नियाग्रा फॉल्स संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा की सीमा पर स्थित  है। यह न्यूयॉर्क के बफेलो से 27 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम और कनाडा के टोरंटो (ओन्टारियो) से 120 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में स्थित है। यह दुनिया का सबसे ऊँचा जलप्रपात है। नियाग्रा फॉल्स बेहद खूबसूरत  है। यहां रात में होने वाले लाइट शॉ के सतरंगी नज़ारे बहुत ही खूबसूरत होते है।

एंजेल फॉल्स, वेनेजुएला

यदि दुनिया के सबसे बड़े झरने की बात की जाए तो उसमे एंजेल फॉल्स का नाम भी आता है । इसकी  ऊंचाई  3,212 फीट यानी 979 मीटर है। इसके ऊपरी क्षेत्र में बड़े बड़े-बड़े चट्टान और इसके ठीक नीचे घने जंगल हैं जो इस झरने की खूबसूरती को और भी बढ़ा देते है। इस झरने से गिरने वाला पानी औयन्तेपुई माउंटेन क्षेत्र में स्थित कैनाइमा नेशनल पार्क में जाता है।

इगुआजु फॉल्स, अर्जेंटीना और ब्राजील

ब्राजील और अर्जेंटीना की सीमा पर  इगुआजु झरना स्थित है। यह झरना  2.7 किमी क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इस  झरने  का बहाव इतना है, कि एक सेकंड में पांच स्विमिंग पूल भर सकते हैं। 1984 में इसे वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया गया था। ऐसा माना जाता है कि यहाँ पर पहले नदी होती थी l सांपो के देवता बोई ने इस  नदी को तोड़कर झरने में बदल दिया था।  इसका कारण यह था कि बोई की प्रेमिका नाइपू अपने प्रेमी तारोबा के साथ भाग रही थी। नाइपू -तारोबा दोनों की मौत इस झरने में गिरने से हो गई थी। तब से यह पर जो इंद्रधनुष दिखाई देता है, उसे लोग नाइपू- तारोबा का मिलन बताते हैं।

विक्टोरिया फॉल्स, ज़ाम्बिया और ज़िम्बाब्वे

विक्टोरिया जलप्रपात जिसे स्थानिय भाषा मे मोसी-ओआ-तुन्या (Mosi-oa-Tunya) कहा जाता है, जिसका मतलब है धुंआ और गर्जना। इसकी  गर्जना बहुत दूर से सुनी जा सकती है। यह 108 मीटर ऊंचा और 1700 मीटर चौड़ा है। यह झरना अफ़्रीका की जेम्बेजी नदी पर स्थित है। इस जलप्रपात को विश्व के सात प्राकृतिक अदभुत जगहों  मे से एक माना जाता है।  नवंबर 1855 में पहले विदेशी डेविड लिंगस्टोन यहां पहुंचे थे। उन्होंने ब्रिटेन की महारानी के नाम पर इस फॉल्स का नाम विक्टोरिया फॉल्स रखा था।