ये हैं दुनिया टॉप 10 अजीबोगरीब नौकरियां!!

बचपन में कई बार आपसे पूछा गया होगा कि आप बड़े होकर क्या बनना चाहते हो? तो इस पर अधिकतर डॉक्टर, इंजीनियर या आर्किटेक्ट जैसे नाम ही लेते हैं। क्योंकि प्रत्येक इंसान एक अच्छी और आरामदायक जॉब पाना चाहता है। लेकिन आपको कुछ नौकरियों के बारे में नहीं पता होगा जो आज-कल दुनिया में लोग करते हैं जो एक से बढ़ कर एक अतरंगी और अजीबोगरीब नौकरियां हैं, तो चलिए जानते हैं इस लेख के माध्यम से:-

किराए का बॉयफ्रेंड

टोक्यो में अगर आप चाहो तो किराए पर बॉयफ्रेंड बन सकते हो। अधिकांश लड़कियां अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए किराए पर बॉयफ्रेंड लेती हैं, जो उनके साथ समय बिताते हैं और उनसे प्यार जताते हैं। इसके बदले में किराए के बॉयफ्रेंड को पैसे मिलते हैं।

पेशेवर सोने वाला

सपना सा लगता है न? सोने के लिए भी कोई पैसा दे सकता है! लेकिन ये सच है। वैज्ञानिक अपनी रिसर्च के लिए पेशेवर सोने वालों को सैलरी देते हैं। उन्हें बस आराम से सोना होता है और वैज्ञानिक नींद से सम्बंधित बीमारियों की रिसर्च उन पर करते हैं।

धक्का देने का जॉब

जापान में कई लोग धक्का देने का जॉब करके मोटी सैलरी लेते हैं। दरअसल, जापान में समय पर काम पर पहुंचने के लिए अधिकांश लोग मेट्रो से सफर करते हैं।

ऐसे में मेट्रो में काफी भीड़ होती है, इसलिए यहां बकायदा लोगों को धक्का मारने की नौकरी पर रखा गया है, जो मेट्रो में यात्रियों को धक्का देने का काम करते हैं।

लाइन स्टैंडर

इंतज़ार करना और खासतौर पर किसी चीज़ के लिए लाइन में खड़े होकर इंतज़ार करना बहुत ही इरिटेटिंग हो सकता है।आपकी इस परेशानी का समाधान कुछ पैसे देकर मिल सकता है। लाइन स्टैंडर आपकी जगह पर जितनी देर आप चाहोगे उतनी देर खड़ा हो जाएगा, जब तक आप उसे पैसे दे रहे हैं।

शादी में मेहमान बनने की नौकरी

हिंदुस्तान में होने वाली अधिकांश शादियों में बिन बुलाए ही कई मेहमान पहुंच जाते हैं, लेकिन जापान में शादी में मेहमान बनकर जाने की पार्ट-टाइम नौकरी मिलती है। इस नौकरी को करने वाले पेशेवर शादी में जाते हैं और खाना खाते हैं। इसके बदले उन्हें सैलरी दी जाती है।

झटका देने वाला

आपको जानकर हैरानी होगी कि मेक्सिको में कुछ लोग दूसरों को बिजली का झटका दे कर पैसे कमाते हैं। अब आप सोच रहे होगे कि ऐसा करने के पैसे कौन देता होगा? दरअसल मेक्सिको के पब या बार में जो लोग कुछ ज़्यादा ही मदहोश हो जाते हैं, उनकी उतारने के लिए इन पेशेवर झटका देने वालों को बुलाया जाता है।

पेट फ़ूड टेस्टर

दुनिया में बहुत से ऐसे लोग हैं जो जानवरों से बेइंतेहा प्यार करते हैं और ये बहुत अच्छी बात है। लेकिन इनमें से कुछ लोग जानवरों की देखभाल को ही अपनी प्रोफेशनल लाइफ भी बना लेते हैं।

ऐसी ही एक नौकरी है पेट फूड टेस्टर की, जिसमें शख्स को कुत्तों और दूसरे पालतू जानवरों के लिए बनाए गए खाने को टेस्ट करना पड़ता है और इसके लिए उसे अच्छी खासी सैलरी मिलती है।

वॉटर स्लाइड टेस्टर

आप वॉटर पार्क में तो ज़रूर गए होगे। कितना मज़ा आता है न उन बड़ी-बड़ी स्लाइड्स से नीचे आने में? लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ लोग ये काम अपनी रोज़ी-रोटी के लिए करते हैं। वॉटर स्लाइड टेस्टर्स का काम होता है, ये देखना कि वाटर पार्क की स्लाइड्स ठीक से काम कर रही हैं कि नहीं और लोगों को उस पर खतरा तो नहीं है।

चिकन का लिंग पता करने वाला

दुनिया के अजीबो-गरीब जॉब में एक ऐसा भी जॉब शामिल है, जिसमें पेशेवर को सिर्फ चिकन का लिंग पता करना होता है। जी हां, इन लोगों का काम सिर्फ यह पता लगाना होता है कि मुर्गी के चूजे का लिंग क्या है। इसके लिए उन्हें सैलरी दी जाती है।

पेपर टॉवल सूंघने वाला

कुछ पेपर टॉवल बनाने वाले ये सुनिश्चित करते हैं कि मार्किट में जाने से पहले कहीं उनकी पेपर टॉवेल्स में से बदबू तो नहीं आ रही है। इसके लिए पेपर टॉवल सूंघने वाले काम कर रखे जाते हैं।

यह भी पढ़ें :-

अजीब परम्परा :- विधवाओं की तरह रहती हैं यहाँ विवाहित महिलाएं

0

भारतीय परम्परा में विवाहित महिलाओं के लिए श्रृंगार का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में शादी के बाद एक सुहागिन स्त्री के जीवन में सिंदूर, बिंदी, मेहंदी जैसी चीजें बहुत मायने रखती हैं।

ये सभी चीजें एक सुहागिन स्त्री के सुहाग का प्रतीक होती हैं। स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र के लिए ही सोलह श्रृंगार करती है व्रत रखती हैं लेकिन एक समुदाय ऐसा भी है जहां की महिलाएं पति के जीवित होते हुए भी हर साल कुछ समय के लिए विधवाओं की तरह रहती हैं।

इस समुदाय का नाम है ‘गछवाहा समुदाय‘। इस समुदाय की महिलाएं लंबे समय से इस रिवाज का पालन करती आ रही हैं। बताया जाता है कि यहां की महिलाएं अपनी पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए हर साल कुछ समय के लिए विधवाओं की तरह रहती हैं।

आज के इस लेख में हम इसी अजीब परम्परा के बारे में बताने जा रहे हैं तो चलिए जानते हैं :-

श्रंगार का सामान कुलदेवी को अर्पित करती हैं

गछवाहा समुदाय में तरकुलहा देवी को कुलदेवी के रूप में पूजा जाता है। जिस दौरान पुरुष ताड़ी उतारने का काम करते हैं तो उनकी पत्नियां अपना सारा श्रंगार देवी के मंदिर में रख देती हैं।

गछवाहा समुदाय के लोग मुख्यतः पूर्वी उत्तर प्रदेश में रहते हैं। यहां के आदमी लगभग पांच माह तक पेड़ों से ताड़ी उतारने (एक तरह का पेय पदार्थ) का काम करते हैं।

जिन पेड़ों (ताड़ के पेड़) से ताड़ी उतारी जाती है वे बहुत ही ऊंचे होते हैं और जरा सी भी चूक व्यक्ति की मौत की वजह बन सकती है, इसलिए यहां की महिलाएं कुलदेवी से अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं और श्रंगार को उनके मंदिर में रख देती हैं।

5 महीने के लिए विधवाओं की तरह रहती हैं महिलाएं

गछवाहा समुदाय की महिलाएं हर साल विधवा जैसी जिंदगी जीती हैं, जिसका कारण यह है कि इससे उनके पति की लंबी उम्र होगी।

ये महिलाएं पुरे साल में करीब 5 महीने के लिए विधवाओं की तरह रहती हैं। ये परम्परा काफी समय से चलता आ रहा है, जिसे वहां की औरतें आज तक निभा रहीं हैं। इसमें शामिल कोई भी महिला करीब 5 महीने तक न तो कोई श्रृंगार करती हैं।

यह भी पढ़ें:

जानिए चीकू के 10 जबरदस्त फायदों के बारे में!!

चीकू स्वाद के साथ ही सेहत का खजाना भी समेटे हए हैं। इसे खाने से शरीर की कई समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और फाइबर शरीर की बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं।

इसमें विटामिन ‘ए’, ‘सी’, जीवाणुरोधी, सूजनरोधी तथा एंटी वायरल गुण मौजूद होते हैं। चीकू के गूदा के अतिरिक्त इसकी बाहरी खाल तथा पत्ते खांसी और जुकाम के उपचार में लाभकारी हैं। इसमें पोयशियम, सोडियम, कॉपर, आयरस और मैग्नीशियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

आज इस लेख में हम आपको चीकू खाने के 10 जबरदस्त फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं, तो चलिए जानते हैं :-

10 amazing benefits of chikoo

1. चीकू में विटामिन ‘ए’ भरपूर मात्रा में पाया जाता है और यह आंखों को सेहतमंद बनाए रखने में सहायता करता है।

2. चीकू में ग्लूकोज पाया जाता है जो शरीर को तुरन्त एनर्जी देने का काम करता है। जो लोग रोज एक्सरसाइज करते हैं, उन्हें ऊर्जा की बहुत आवश्यकता होती है इसलिए उन लोगों को चीकू रोज खाना चाहिए।

3. इसमें विटामिन ‘ए’ और ‘बी’ अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो कैंसर के खतरे से बचाता है। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट, फाइबर और अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं जो कैंसर कोशिकाओं को बनने से रोकते हैं।

4. अगर आप अपनी हड्डियों को मजबूत बनाना चाहते हैं तो चीकू आज ही से खाना शुरू कर दें। इसमें कैल्शियम फास्फोरस और आयरन की भरपूर मात्रा होती है जो हड्डियों के लिए आवश्यक होती है।

5. कब्ज से राहत पाने के लिए चीकू खाना सबसे अच्छा उपाय है। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज से राहत दिलाता है और अन्य संक्रमण से लड़ने की शक्ति देता है।

6. चीकू में कई एंटी-वायरल, एंटी-परसिटिक और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो शरीर में बैक्टीरिया को आने से रोकते हैं।

7. यह फल दिमाग को शांत रखने और तनाव को कम करने में भी मदद करता है।

8. सर्दी और खांसी के लिए चीकू रामबाण का काम करता है और यह पुरानी खांसी से भी राहत देता है।

9. चीकू के फल के बीज को पीस कर खाने से गुर्दे की पथरी पेशाब के साथ निकल जाती है। साथ ही यह गुर्दे के रोगों से भी बचाता है।

10. चीकू में ‘लेटेक्स‘ भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है जिसका इस्तेमाल दांतों की कैविटी को भरने के लिए भी किया जाता है।

पंजाब केसरी से साभार

यह भी पढ़ें :-

5 रोचक जानकारियां जो आपको शायद ही पता हो!

आज इस पोस्ट में हम देश विदेश से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियों के बारे में जानेगें, तो चलिए जानते हैं :-

1) 800 गोल करने वाले पहले फुटबॉलर

पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो, क्लब और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में 800 से ज्यादा गोल करने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर हैं। ३ दिसम्बर 2021 को मैनचेस्टर यूनाइटेड बनाम आर्सेनल मैच के दौरान क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने करियर का 800वां गोल किया था। अब तक उनके कुल 817 गोल हो चुके हैं। (31 दिसंबर 2022 तक)

2) देश की पहली ‘पॉड’ कॉन्सेप्ट

रिटायरिंग रूम सर्विस आईआरसीटी ने मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर देश की पहली ‘पॉड‘ कॉन्सेप्ट रिटायरिंग रूम सर्विस शुरू की है। यह एक एसी रूम कंपार्टमेंट की तरह है और इस तरह के 48 पॉड रूम तैयार किए गए हैं।

यहां यात्री 12 से 24 घंटे तक ठहर सकते हैं। इसका किराया 999 रुपए से लेकर 1999 रुपए के लगभग है, वहीं प्राइवेट पॉड का किराया 1249 से लेकर 2499 रुपए तक होगा।

इनमें प्राइवेट पॉड और क्लासिक पॉड शामिल हैं। महिलाओं और दिव्यांगों के लिए अलग से पॉड बनाए गए हैं। अमेरिका-जापान में पॉड काफी प्रचलित हैं।

‘पॉड’ कॉन्सेप्ट

क्या है ‘पॉड’ कॉन्सेप्ट?

एक पॉड या कैप्सूल होटल, जिसे सबसे पहले जापान में विकसित किया गया था, में बड़ी संख्या में छोटे, बिस्तर के आकार के कमरे होते  हैं जिन्हें कैप्सूल के रूप में जाना जाता है। ये होटल उन मेहमानों के लिए किफायती, बुनियादी, रात भर रहने की जगह प्रदान करते हैं, जिन्हें पारंपरिक होटलों द्वारा पेश किए जाने वाले बड़े, अधिक महंगे कमरों की आवश्यकता नहीं होती है या वे वहन नहीं कर सकते हैं।

3) पराग अग्रवाल बने ट्विटर के नए सीईओ

पराग अग्रवाल ट्विटर (Twitter) के नए सीईओ बन गए हैं। वे अब तक ट्विटर में सीटीओ के पद पर थे। पराग ट्विटर के सह संस्थापक और सीईओ जैक डोर्सी की जगह लेंगे।

यह खुशी की बात है कि सत्या नडेला (माइक्रोसॉफ्ट), सुंदर पिचाई (गूगल), शांतनु नारायण(एडोब), अरविंद कृष्णा(आईबीएम), अजयपाल सिंह बंगा(मास्टरकार्ड) और इंदिरा नूई (पूर्व सीईओ पेप्सीको) के बाद इतनी बड़ी कंपनी का प्रमुख कोई भारतीय बना है।

4) सबसे छोटी कार

ब्रिटेन के 31 वर्षीय अलेक्स ओर्चिन ने पिछले दिनों दुनिया की सबसे छोटी कार से 1400 किलोमीटर की यात्रा की। यह कार 134 सेंटीमीटर लंबी, 98 सेंटीमीटर चौड़ी और 100 सेंटीमीटर ऊंची है।

इसकी अधिकतम रफ्तार 35 किलोमीटर प्रतिघंटे है। ओर्चिन ने जरूरतमंद बच्चों की मदद हेतु फंड जुटाने के लिए यह सफर किया।

5) जानवरों को गोद लेने की शुरुआत

कोलकाता में अलीपुर जूलॉजिकल गार्डन ने जानवरों के प्रति जन-जागरूकता पैदा करने के लिए जानवरों को गोद लेने की शुरुआत की है।

चिड़ियाघर के अधिकारियों के अनुसार गोद लेने की फीस कम कर दी गई है और लोगों को हिरण, बाघ और चिम्पैंजी जैसे लोकप्रिय जानवरों के अलावा कम लोकप्रिय पक्षियों और जानवरों को गोद लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

6) स्वीडन की पहली महिला प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडरसन

Magdalena Andersen, the first female prime minister of Sweden

मैग्डेलेना एंडरसन स्वीडन की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने जा रही हैं। उनके पक्ष में 117 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 174 वोट डाले गए। इस दौरान 57 सांसदों ने मतदान नहीं किया, जबकि सदन का एक सदस्य अनुपस्थित रहा।

खास बात यह है कि पक्ष में कम वोट होने के बावजूद उन्हें जीत मिली, क्योंकि स्वीडन के सिस्टम के मुताबिक प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को संसद में बहुमत हासिल करने की जरूरत नहीं होती है।

पक्षियों की अद्भुत कलाकारी, जानिए कैसे बनाते हैं अपने खूबसूरत घोंसले

दुनियाभर में अनगिनत पक्षी पाए जाते हैं जिसमें हजारों किस्म के पक्षी सामिल है। इनके रहने के अलग-अलग तरीके हैं। इनके घोंसले एक तरह का नहीं बल्कि कई तरह का होते हैं। हर पक्षी अपना घोंसला बनाने के लिए हजार बार उड़ती है चीजें इकट्ठा करके घर बनाने के लिए पूरा ताकत लगा देता है।

आज के इस लेख में हम जानेंगे पक्षियों की अद्भुत कलाकारी से घोंसलों के बारे में:-

छोटा घोंसला

दुनिया का सबसे छोटा पक्षी हमिंग बर्ड अपना घोंसला मकड़ी के जाले, छोटे पत्ते और अपने टूटे हुए पंखों से बनाते हैं। यह घोंसला लचीला होता है। अंडे से बच्चे निकलकर जैसे-जैसे बड़े होने लगते हैं, यह घोंसला भी थोड़ा बड़ा हो जाता है।

यह भी पढ़ें :- जानिए खूबसूरत हमिंग बर्ड से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

जमीन पर घोंसला

बतख, शतुरमुर्ग, एमू आदि पक्षी जमीन पर घोंसला बनाते हैं। ये पत्ते और झाड़ियों का इस्तेमाल कर अपना घोंसला बनाते हैं। शतुरमुर्ग तो अपना घोंसला रेत पर बनाता है और अपने अंडों की सुरक्षा खुद ही करता है।

गुहा घोंसला या कोटर

पेड़ के मोटे तने को चोंच से कुरेदकर बनाए गए घोंसले को गुहा घोंसला कहा जाता है। तोता, उल्लू, मैना, कठफोड़वा आदि प्रजाति पेड़ के कोटर में अपना घोंसला बनाते हैं।

बड़ा घोंसला

चील, सारस जैसे बड़े पक्षी बड़ा घोंसला बनाते हैं। ये पेड़ की छोटी-छोटी टहनियों और झाड़ियों का इस्तेमाल करके अपना घोंसला बनाते हैं। यह आकार में काफी बड़ा होता है। चील पक्षी अपना घोंसला ऊंची पहाड़ियों या ऊंचे पेड़ों पर बनाते हैं।

तैरने वाला घोंसला इस तरह के घोंसले पानी में तैरने वाले पक्षी बनाते हैं। हंस और बटेर की सारी प्रजातियां इसी तरह से अपना घोंसला बनाती हैं।

Sociable Weaver bird सोशिएबल वीवर बर्ड, इस पक्षी का यह नाम इसलिए रखा गया है, क्योंकि ये झुंड में अपना घोंसला बनाते हैं। एक बड़े-से घोंसले में कई होल्स होते हैं, जिनमें सैंकड़ों पक्षी एक साथ रह सकते हैं।

ये पेड़ की ऊंचाई पर घास की तीलियों और छोटी-छोटी टहनियों से अपना घोंसला बनाते हैं और सालों-साल एक ही घोंसले का इस्तेमाल करते हैं। कई बार दूसरे पक्षी भी इनके घोंसले का उपयोग कर लेते हैं।

लटकता हुआ घोंसला

बया या बुनकर पक्षी समुदाय का सदस्य है। इसका वैज्ञानिक नाम Ploceus philippinus है। यह भारतीय उपमहाद्वीप और दक्षिण पूर्व एशिया में पाया जाता है। यह सबसे आकर्षक घोंसला बनाने में माहिर होते हैं।

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ये घोंसला मादा पक्षी (Female Bird) नहीं, बल्कि नर (Male) बनाते हैं। घोंसला बनाने के लिए ये घास की लंबी-लंबी पत्तियों का इस्तेमाल करते हैं।

जब मेल पक्षी घोंसले का बैसिक स्ट्रक्चर बना लेता है, तब फीमेल बर्ड उसे चेक करती है। अगर उसे सही लगा तो वो आगे का घोंसला बनाने में उसकी मदद करती है।

मिट्टी से बना घोंसला

अबाबील (Clay swallow) पक्षी अपना घोंसला मिट्टी से बनाता है। यह मिट्टी के साथ छोटी झाड़ियां और पत्तों को मिलाकर अपना घोंसला बनाता है। इस तरह बने घोसले का बारिश और तूफान में भी कुछ बिगड़ता नहीं है।

खाया जा सकने वाला घोंसला

स्विफ्टलेट (Swiftlet) एक ऐसा पक्षी है, जो एडिबले नेस्ट (edible nest) बनाता है, जिसे खाया जा सकता है। यह घोंसला ये पक्षी अपने ही (Saliva) यानी लार से बनाते हैं।

चीन के लोग स्विफ्टलेट पक्षी के घोंसले को बड़े शौक से खाते हैं और इसका सूप बनाकर भी पीते हैं। यह पक्षी भारत के अंडमान-निकोबार इलाकों में पाए जाते हैं। इनके घोंसले की कीमत भारत में लगभग 3 लाख रुपए प्रति किलो होती है।

यह भी पढ़ें :-

जानिए लौंग के चमत्कारी टोटके, जिनसे लाइफ में बनी रहती है सकारात्मकता

आम तौर पर लौंग का प्रयोग सेहत और स्वाद के लिए किया जाता है लेकिन साथ ही इसका इस्तेमाल पूजा पाठ के लिए भी किया जाता है। मान्यता है कि इससे देवी-देवता प्रसन्न होकर अपनी असीम कृपा बरसाते हैं। वास्तु के अनुसार लौंग से जुड़े कुछ उपाय करने से घर व जीवन में मौजूद नकारात्मकता दूर हो जाती है।

आज इस पोस्ट में जानेंगे लौंग के चमत्कारी टोटकों के बारे में,तो चलिए जानते हैं:-

miraculous tricks of cloves, by which positivity remains in life

दिया हुआ पैसा वापिस पाने के लिए

अक्सर लोगों को अपना उधार दिया पैसा वापिस पाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे छुटकारा पाने के लिए पूर्णिमा या अमावस्या की रात को 1 कपूर और 21 लौंग माता लक्ष्मी के सामने जलाएं। इससे उधार दिया पैसा वापिस पाने में मदद मिल सकती है।

अगर बार-बार काम बिगड़ जाएं

अक्सर कई बार मेहनत करने पर भी पूरा फल नहीं मिलता है, ऐसे में आप लौंग से जुड़ा एक उपाय कर सकते हैं। इसके लिए मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाकर उसमें एक जोड़ा लौंग डालें।

उसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करके अपनी परेशानियों को दूर करने की प्रार्थना करें। कुछ दिनों तक ऐसा करने से आपके बिगड़े काम बनने लगेंगे। जीवन की समस्याएं दूर होकर सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होगी।

इंटरव्यू या किसी जरूरी काम पर जाने से पहले

किसी खास काम या इंटरव्यू में जाने से पहले मुंह में एक जोड़ा लौंग डालकर ही घर से निकलें। फिर उस जगह पर पहुंचकर लौंग को मुंह से निकाल दें। मन में तरक्की व सफलता की कामना करते हुए इंटरव्यू दें। मान्यता है कि इससे सफलता व तरक्की के रास्ते खुलते हैं।

घर की नकारात्मकता दूर करने के लिए

अक्सर लोग घर के सदस्यों का बार-बार बीमार होने से परेशान रहते हैं। वास्तु के अनुसार, इसके पीछे का कारण घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा हो सकती है।

इससे बचने के लिए 7-8 लौंग तवे पर जलाकर घर के किसी कोने पर रख दें। इसका धुआं पूरे घर पर पड़ने से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाएगी।

आर्थिक परेशानी से बचने के लिए

पैसों की किल्लत से परेशान लोग 7-7 काली मिर्च और लौंग को अपने सिर से वार किसी सुनसुान जगह पर फेंक दें। ध्यान रखें इस उपाय को करने के बाद बिना पीछे देखे सीधा घर आ जाएं। मान्यता है कि इससे धन संबंधी समस्याएं दूर होने में मदद मिलती है।

यह भी पढ़ें :-

ये हैं दुनिया की 6 रहस्य्मयी झीलें!

दुनिया के कई हिस्सों में आज भी कुछ ऐसी झीलें मौजूद हैं जो इंसानों के लिए रहस्य बनी हुई हैं। विज्ञान भी इन्हें लेकर अंधेरे में ही है। कहा जाता है कि इनकी गहराइयों में ऐसा कुछ है जिससे 21वीं शताब्दी में कदम रखने के बाद भी दुनिया अनजान है।

दुनिया की इन रहस्यमयी झीलों के नाम हैं लोच नेस (इंगलैंड), हानास (चीन), जेगरजिनाकी (पौलैंड), लाबिनकोर (रूस), कोलकोल (कजाखस्तान) और चैम्पलैन (अमरीका)।

सवाल यह पैदा होता है कि आखिर क्यों ये सारी झीलें रहस्यमयी बनी हुई हैं? वास्तव में यह सारी झीलें इसलिए रहस्यमयी हैं क्योंकि उनमें ऐसे दैत्याकार जीवों को देखा जा चुका है जिनसे हमारी यह दुनिया एकदम अनजान है।

चलिए जानते हैं इस पोस्ट के माध्यम से

mysterious lakes of the world

लोच नेस झील

पहला मामला 3 युवतियों का है जो लोच नेस झील के पास ही बने एक होटल की सबसे ऊपरी मंजिल पर स्थित एक कमरे में ठहरी हुई थीं। कैटरीना मरै, शैरन बालटेन और सेलिना नामक ये लड़कियां घूमने के लिए वहां आई हुई थीं।

चांदनी रात में तीनों सहेलियों की आंखों ने जो कुछ देखा वह यकीन करने वाला नहीं था। पहले तो तीनों को भ्रम हुआ कि लोच नेस झील में से कोई नया टापू उभर रहा है किन्तु कुछ ही क्षणों में तीनों को लगा कि झील की गहराइयों से निकल कर जो बाहर आ रहा था वह कोई वेजान चट्टानी टापू नहीं था बल्कि कोई प्राणवान वस्तु थी।

तीनों सहेलियों ने जो देखा था वैसा ही देखने का दावा पहले भी कई लोग कर चुके थे। लौच नेस में देखे जाने वाले विशाल दैत्य जैसे जीव को एक नाम भी दिया जा चुका था और वह था नेस्साई।

नेस्साई नामक यह रहस्यमयी जीव आज भी पहेली बना हुआ है। इस जीव की खोज में आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों की मदद से कई बार व्यापक अभियान भी चलाया गया मगर इससे कुछ हासिल नहीं हुआ।

यह भी पढ़ें:- दुनिया का सबसे सुंदर मंदिर, जहां भगवान ने अपने नाखूनों से बना डाली झील

चीन की हासान झील

लोच नेस जैसे विशालकाय विचित्र जीव को देखने का दावा चीन की हानास झील के आसपास बसने वाले लोग भी करते हैं। यह झील चीन के चिनजियांग प्रांत में कई सौ मील के दुर्गम जंगली क्षेत्र में फैली है।

1980 में हालास झील में कभी-कभी दिखने वाले डायनासोर जैसे जीव की खोज में जिनजियांग यूनिवर्सिटी के टैक्नीशियनों ने एक बड़ा अभियान चलाया था।

इस अभियान के अंतर्गत यूनिवर्सिटी के टैक्नीशियनों ने सघन और दुर्गम जंगली क्षेत्र में फैली झील में करीब 500 मील की यात्रा एक स्टीमर पर तय की और कई जगह शक्तिशाली दूरबीनों से लैस उपकरणों को झील की गहराइयों में उतारा।

आखिर झील की गहराइयों में डाली गई दूरबीन की श्रेणी में वह चीज आ गई जिस चीज की तलाश में चीनी टैक्नीशियन जुटे थे। वह सब स्तब्ध करने वाला था। उस विशाल जीव का आकार किसी बड़े समुद्री जहाज जितना था।

वह विशाल जीव केवल कुछ क्षण के लिए झील में डाली गई दूरबीन की श्रेणी में रहा और फिर तेजी से डुबकी लगाकर अनंत गहराइयों में कहीं गुम हो गया। इस विशाल विचित्र जीव को चीनी टैक्नीशियनों के दल ने पुनः ढूंढने की बेहद कोशिश की मगर वह नहीं मिला।

यह भी पढ़ें :- जानिए चमत्कारी कैलाश मानसरोवर झील से जुड़े कुछ रोचक तथ्य!!

पोलैंड की जेगरजिनाकी झील

चीन के बाद अब पोलैंड की जेगरजिनाकी झील में नजर आने वाले विचित्र जीव की बात करते हैं। यह झील राजधानी वारसा के करीब है और अपने अंदर अनेक रहस्य समेटे है।

इसमें डायनासोर जैसे जीवों को देखने की बात लम्बे समय से सुनने में आती रही है। चश्मदीदों के अनुसार बहुत बड़े काले सिर वाले इस विशाल जीव के कान किसी गिलहरी जैसे थे।

1982 में तो जेगरजिनाकी झील में नहाने के लिए उतरे दो छात्रों का बाकायदा इस जीव में आमना-सामना हो गया था। छात्रों को ऐसा लगा जैसे अचानक कोई दानव जेगरजिनाकी झील में से बाहर निकल आया हो।

काले सिर और गिलहरी जैसे कानों वाले उस विशालकाय जीव की गर्दन की ऊंचाई ही कम से कम 60 फुट से ज्यादा थी।

यह भी पढ़ें :-नर कंकाल से भरी है उत्तराखंड की रूपकुंड झील जानिए क्या है रहस्य

रूस की लाबिनकोर झील

रूस के एक खोजी लेखक अनोनोले पानकोव ने तो लाबिनकोर झील में दिखने वाले जीवों पर लम्बी रिसर्च की थी। उनके अनुसार 1959 के आसपास झील में एक विशाल जीव को देखे जाने की घटनाएं बहुत बड़ी संख्या में रिकार्ड की गई थीं।

वह जीव अपने मुख से किसी बच्चे के रोने जैसी तेज आवाज निकालता था और उसकी गर्दन किसी मीनार सी थी और रंग स्लेटी था। उनके अनुसार यह जीव करोड़ों साल पहले धरती से गायब हो चुके डायनासोरों की ही किसी नस्ल का हो सकता था।

यह भी पढ़ें :-दुनिया की शीर्ष भूमिगत झीलें, जिनकी सुंदरता आपको अचंभित कर देंगी! 

कोलकोल झील

कजाखस्तान के अलमायटा शहर में मौजूद कोलकोल झील में भी डायनासोर जैसे जीव को दर्जनों बार देखा गया है। झील की गहराई में उतरे गोताखोर उस जीव को भले ही नहीं जीव का ढूंढ सके लेकिन उन्होंने इस पहेली को काफी क चित्र हद तक सुलझा लिया कि वह आखिर गायब कहां हो गया था?

गोताखोर उसके तल में बड़ी दरारों को तलाशने में सफल रहे थे। इनके नीचे ही कहीं अंधेरी दुनिया में ही शायद उस जीव ने अपने छिपने की जगह बना रखी थी। वहां तक पहुंचना काफी मश्किल था।

अमरीका की झील चैम्पलेन

अमरीका की रहस्यमय झील चैम्पलेन भी एक दैत्य जैसे जीव का घर है। इस विशाल दैत्य जैसे जीव को अमेरिका लोगों ने चैम्प का नाम दे रखा है।

इसकी मौजूदगी को लेकर लेखक जोसफ जारिनाकी ने बाकायदा पुस्तक ‘चैम्प दी लीजैंड‘ लिखी जिसमें चैम्प को देखे जाने के लगभग 200 मामलों का विवरण दिया गया।

पंजाब केसरी से साभार

यह भी पढ़ें :-

जानिए बासी चावल खाने के चमत्कारी फायदों के बारे में!!

चावल खाना भला किसे अच्छा नहीं लगता? चावल खाना सबको पसंद है। कई बार हमारे घर में रात के पके चावल बच जाते हैं और हम उन्हें बेकार समझकर या तो जानवरों को खिला देते हैं या फिर फेंक देते हैं। लेकिन ये बासी चावल शरीर के लिए अत्यंत फायदेमंद होते है।

दरअसल बासी चावल माइक्रो-न्यूट्रीएंट्स और मिनरल्स से भरपूर होते हैं। इसमें बहुत से पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके इस्तेमाल से कैंसर जैसी घातक बीमारी को भी दूर किया जा सकता है।

चलिए जानते इस पोस्ट के माध्यम से बासी चावल खाने के चमत्कारी फायदों के बारे में:-

miraculous benefits of eating stale rice

जब आपका चावल खाने का मूड नहीं हो तो उसे फ्रिज में स्टोर कर के रख दें। ध्यान रखें कि आप चावल को मिट्टी के बर्तन में ढक कर रख दें और फिर अगले दिन उसका सेवन करें।

  • बासी चावल का उपयोग करने से डाइजेस्टिव सिस्टम स्वस्थ रहता है। साथ ही इससे शरीर का तापमान भी नियंत्रण में रहता है। एक दिन पहले के बने चावल का इस्तेमाल आप दोपहर तक कर सकते हैं।
  • फाइबर की मात्रा चावल में अधिक पाई जाती है। इसके सेवन से पेट से जुड़ी समस्या जैसे कब्ज, गैस, पेट दर्द आदि से छुटकारा पाया जा सकता है।
  • बासी चावल के उपयोग से आप फ्रेश फील करेंगे। साथ ही आपके शरीर को भरपूर एनर्जी मिलेगी।
  • बासी चावल खाने से आप अल्सर की प्रॉब्लम से निजात पा सकते है। ये घाव को सही करने में भी बहुत फायदेमंद होता है।
  • प्रातः चावल का इस्तेमाल करने से आपको चाय और कॉफी पीने की इच्छा नहीं होगी। अगर आपको चाय और कॉफी की लत है तो सुबह उठकर चावल खाने से आपकी ये लत कुछ ही दिनों में कंट्रोल हो जाएगी।

एक स्टडी के अनुसार, इसमें माइक्रो-न्यूट्रीएंट्स और कई जरूरी मिनरल्स होते हैं। ऐसे में हर रोज सुबह बासी चावल खाना फायदेमंद है।

यह भी पढ़ें :-

स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है टहलना!!

स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं ये योगासन

आखिर क्यों कुत्तों को चॉकलेट नहीं खिलानी चाहिए?

चॉकलेट का नाम सुनते ही हमारे मुंह में पानी आ जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि यही चॉकलेट कुत्तों के लिए हानिकारक हो सकती है। आज की हमारी इस पोस्ट में हम जानेंगे कि आखिर कुत्तों को चॉकलेट क्यों नहीं खिलनी चाहिए। तो चलिए जानते हैं:-

दरअसल चॉकलेट में थियोब्रोमाइन नाम का रसायन पाया जाता हैं। यह कैफीन की तरह ही होता है, जो कुत्ते के लिए बहुत नुकसानदेह होता है। यह मुख्य रूप से दिल, केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और गुर्दे को प्रभावित करता है।

इसके लक्षणों का पता 4 से 24 घंटों के बाद पता चलता है और चॉकलेट की मात्रा के आधार पर असर होता है। थियोब्रोमाइन सामग्री चॉकलेट में कोको सामग्री से संबंधित है। चॉकलेट जितनी डार्क होगी, उतनी ही नुकसानदायक होगी।

इसीलिए चॉकलेट खाने के बाद कुत्ते को बहुत ज्यादा प्यास लग सकती है, पेट खराब हो सकता है, उसके दिल की धड़कन असामान्य हो सकती है, उसे दौरे भी पड़ सकते हैं। खासतौर से डार्क चॉकलेट से कुत्ते की मृत्यु भी हो सकती है।

क्या करें यदि कुत्ता चॉकलेट खा ले?

यदि आपका कुत्ता किसी भी प्रकार का चॉकलेट खाता है तो उपचार आवश्यक हो सकता है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके अपने पशुचिकित्सा से संपर्क करें।

यदि आप उसे बता सकते हैं कि आपके कुत्ते ने कितना चॉकलेट खाया है, यह किस तरह का चॉकलेट था (जैसे रैपर बहुत उपयोगी हो सकते हैं) तो यह जानने में आसानी होगी कि कुत्ते किस तरह के उपचार की आवश्यकता है। ज्यादातर मामलों में पशुचिकित्सक कुत्ते को उल्टी करवा देता है।

यह भी पढ़ें :-Omg!! दुनिया की सबसे महंगी चॉकलेट, कीमत 6 लाख रुपये !!

अपने कुत्ते के खाने में आप ये चीज़े दे सकते हैं:- पीनट बटर, चीज़, चिकन, योगर्ट , गाजर , कददू, हरी सेम(बीन्स), अंडे, सैलमन, शकरकंदी, सेब, ओटमील।