लंबे और खूबसूरत बालों के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

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हर महिला चाहती है कि उसके बाल लंबे और घने हों। खूबसूरत बालों से महिलाओं की खूबसूरती में चार चाँद लग जाते हैं।

बालों को स्वस्थ रखने के लिए हम बाजार में उपलब्ध विभिन्न उत्पादों का उपयोग करके बालों को जितना संभव हो उतना अच्छा रखने की कोशिश करते हैं।

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे तरीके जिनसे आप अपने बालों को लंबा, रेशमी, खूबसूरत और चमकदार बना सकते हैं।

बालों को धोने के बाद हल्का सूखा लें

बालों को धोने के बाद इसे आमतौर पर हाथ से बहुत हल्के से सुखाया जाना चाहिए। यदि आप बालों को बल से पोंछते हैं, तो टूटने की अधिक संभावना है।

बालों को पोंछने के लिए एक बहुत पतली तौलिया या एक पुरानी टी-शर्ट का उपयोग करें। बहुत से लोगों को हिंसक तरीके से अपने बालों को हिलाने की आदत होती है। यह आदत गलत है। इससे बाल झड़ सकते हैं।

रोजाना शैंपू करने से बचें

बहुत से लोगों को खासकर लड़कियों को अपने बाल प्रतिदिन धोने की आदत होती है ताकि वे अच्छे दिखें, लेकिन यह आदत गलत है।

इससे बालों में पैदा होने वाला प्राकृतिक तेल नष्ट हो जाता है और बालों की गुणवत्ता बिगड़ जाती है। प्राकृतिक बाल सबसे अच्छे बाल होते हैं।

बालों की नियमित रूप से मालिश करें

बालों की जड़ों के लिए मालिश फायदेमंद होती है। मालिश शरीर में रक्त प्रवाह को सुचारू करने में मदद करती है।इसके लिए नारियल के तेल या बादाम के तेल से जड़ों की मालिश करने से बालों की गुणवत्ता में सुधार होता है।

आप परिवार के सदस्यों या दोस्तों से भी सिर की मालिश करवा सकते हैं। इसके अलावा अब पार्लर में मसाज के ऑप्शन भी उपलब्ध हैं।

सप्ताह में दो बार तेल लगाएं

शरीर के किसी भी हिस्से की तरह बालों को भी उचित पोषण की आवश्यकता होती है। बालों के रोम में तेल लगाने से बालों के विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं इसलिए बाल लंबे और मजबूत रहते हैं।

बालों में गर्म तेल लगाने के बाद धीरे से बालों की जड़ों की मालिश करें। तेल लगाने के बाद तौलिये को गर्म पानी में डालें, इसे निचोड़ें और बालों में बाँध लें।

10 मिनट तक ऐसा करने से तेल बालों में अच्छी तरह से लग जाएगा। दो घंटे के बाद बालों को शैम्पू से धोएं। इस प्रकार सप्ताह में दो बार तेल लगाएं l

हर बार कंडीशनर का उपयोग करें

अगर आप अपने बालों को अच्छा रखना चाहते हैं तो कंडीशनर का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। यह बालों को प्रदूषण और धूल से बचाने में मदद करता है और खूबसूरत बनाता है।

अपने बालों की गुणवत्ता को देखते हुए सही शैम्पू और कंडीशनर चुनना भी महत्वपूर्ण है। बाजार में विभिन्न प्रकार के शैंपू और कंडीशनर उपलब्ध हैं।

समुद्र का पानी इतना खारा क्यों होता है जाने क्या है कारण

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समुद्र तो वैसे बहुत विशाल होते है लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि समुद्र का पानी खारा क्यों होता है। अगर ऐसा नहीं होता तो पीने के पानी की कोई कमी नहीं होती।

तो आज हम आपको इस पोस्ट में बताएंगे कि समुद्र का पानी किस तरह से खारा हो जाता है या बोला जाये तो नमकीन हो जाता है।

यह है कारण पानी के खारा का

नदियों का पानी समुद्र में आकर मिलता है और आपने देखा होगा कि कई नदियों का पानी मीठा होता है तो कई नदियों का पानी खारा होता है और इस तरह समुद्र में कई तरह का पानी आकर मिलता है।

जब यह पानी वाष्पीकृत होता है तो ऊपर जाकर बादल का रूप ले लेता है और यही बादल बारिश के रूप में नीचे गिरता है।

बरसते समय यह पानी हवा में मौजूद कार्बन डाईऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी गैसों के संपर्क में आकर अम्लीय हो जाता है ।

जब यह पानी जमीन, चट्टानों और पहाड़ों पर गिरता है तो बारिश के पानी में मौजूद लवण इसमें घुल जाते हैं। जब इन सतहों से नदी का संपर्क होता है तो ये लवण नदियों में घुल जाते हैं और यह नदियां समुद्र में जाकर मिलती है।

नदियों में यह लवणीय पानी बहुत कम मात्रा में होता है इसलिए नदियों का पानी खारा नहीं लगता, लेकिन जब कई  नदियां समुद्र में जाकर मिलती है तो इनका लवण समुद्र में भारी मात्रा में चला जाता है और धीरे-धीरे समुद्र का पानी खारा हो जाता है।

दूसरा कारण समुद्र की तल पर पाई जाने वाली चट्टानें और ज्वालामुखी होतें है । यह समुद्र जल में लवण बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण होता है, जिससे समुद्र का पानी खारा होता है ।

एवं समुद्र में मौजूद क्लोरीन तथा सोडियम जब एक दुसरे से रासायनिक क्रिया करके सोडियमक्लोराइड अर्थात नमक का निर्माण करते हैं जोकि समुद्र के पानी को खारा बनाते है

अब आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि इस तरह तो समुद्र का पानी निरंतर और ज्यादा खराब होता जा रहा होगा, परन्तु ऐसा नहीं होता।

दरसअल समुद्र में मौजूद लवण का इस्तेमाल सालकधारी समुद्री जीव जंतु अपनी खोल बनाने में इस्तेमाल कर लेते हैं और इन जीवों के मरने पर ये खोल चुने के पत्थर का रूप लेकर समुद्र की सतह पर आ जाते हैं और समुद्र से बाहर निकल जाते हैं।

यह वही चुना होता है जिसका खनन करके घरों में काम में इस्तेमाल किया जाता है। यही प्रक्रिया चलते रहने से करोड़ों सालों से समुद्र का पानी खारा वैसा ही बना हुआ है।

समुद्र के जल में औसतन 3.5 प्रतिशत लवण पाया जाता है यानी प्रति 100 ग्राम जल में करीब साढ़े तीन ग्राम लवण मौजूद होता है।

समुद्र में पाए जाने वाला यह लवण ही नमक रूपी लवण होता है। ऐसा माना जाता है कि अगर पूरी दुनिया के सभी समुद्र से उसके ऊपर का नमक निकाल कर उसे सुखाया जाए तो उससे 288 किलोमीटर ऊँची 1.6 किलोमीटर मोटी और पृथ्वी की परिधि के जितनी लम्बाई वाली एक दिवार बनाई जा सकती है।

छठ पूजा 2020 का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि व महत्व

छठ पूजा का महापर्व कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। इसे सूर्य षष्ठी के नाम से भी जानते है। छठ पूजा का पर्व दिवाली के 6 दिन बाद आता है।

उत्तर भारत में यह पर्व बहुत लोकप्रिय है। छठ पूजा में सूर्य देव और उनकी बहन छठी मैया की पूजा व अर्घ्य देने का विधान है। आज हम आपको इस पोस्ट में 2020 में मनाए जाने वाले की छठ पर्व की तिथि, शुभ मुहूर्त और उसकी पूजा विधि के बारे में बताएंगे।

छठ पर्व की तिथि शुभ मुहूर्त 2020

साल 2020 में यह पर्व 20 नवंबर शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा। छठ पूजा सूर्योदय का समय होगा। प्रातकाल 6:40 पर पूजा। सूर्यास्त का समय शाम 5:26 पर। षष्ठी तिथि प्रारंभ होगी 19 नवंबर रात्रि 9:59 पर षष्ठी तिथि समाप्त होगी 20 नवंबर रात्रि 9:29 पर।

पहला दिन – नहाये खाए

छठ पर्व की पूजा चार दिन तक चलती है इसीलिए इसे 4 दिवसीय उत्सव भी कहा जाता है। इस पर्व की शुरुआत कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होकर का कार्तिक शुक्ल सप्तमी तिथि को इसका समापन किया जाता है। नहाए खाए छठ पूजा का पहला दिन होता है। इस दिन स्नान के बाद घर की साफ सफाई की जाती है और सात्विक भोजन किया जाता है।

दूसरा दिन – खरना

खरना छठ पूजा का दूसरा महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन निर्जल उपवास रखा जाता है यानी कि इस दिन व्रत रखने वाला व्यक्ति जल ग्रहण नहीं करता। इस दिन संध्या काल के समय गुड़ की खीर, घी लगी रोटी और फल प्रसाद के तौर पर ग्रहण किए जाते हैं।

तीसरा दिन – संध्या अर्घ्य

छठ पूजा के तीसरे दिन शाम के समय सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। अर्घ्य देने के लिए बांस की टोकरी में फल, ठेकुआ, चावल से बने लड्डू आदि चीजों से सजाया जाता है और व्रत करने वाला व्यक्ति अपने परिवार के साथ संध्या काल के समय सूर्य भगवान को अर्घ्य देता है ।

सूर्य देव को जल और दूध का अर्घ्य देने के बाद सजाई के सूप से छठी मैया की पूजा की जाती है। सूर्य उपासना के बाद छठी मैया के गीत गाकर व्रत कथा सुनी जाती है।

चौथा दिन – उषा काल अर्घ्य

छठ पर्व के अंतिम दिन सुबह के समय सूर्य देव को अर्घ्य देने का विधान है। छठ पर्व के चौथे दिन प्रात काल सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए किसी नदी के घाट पर पहुंचकर उगते हुए सूरज को अर्घ्य दिया जाता है और छठ मैया से अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

छठ पूजा का महत्व

वैज्ञानिक और ज्योतिषी दोनों ही दृष्टिकोण से छठ पर्व का बहुत अधिक महत्व है। सूर्य के प्रकाश में कई रोगों को नष्ट करने की अद्भुत क्षमता होती है जिस कारण इसके प्रभाव से व्यक्ति को आरोग्य और तेज की प्राप्ति होती है।

छठ पर्व पर सूर्य देव और छठी मैया का पूजन करके न सिर्फ उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है बल्कि संतान सुख और मनोवांछित फलों की प्राप्ति भी होती है।

रोचक तथ्य ! जिनके बारे में जान कर आप हैरान रह जाएंगे

रोचक रोचक ! तथ्य जिनके बारे में जान कर आप हैरान रह जाएंगे

  • जर्मनी की “यूनिवर्सिटी ऑफ फ्रीबर्ग एंड इंपीरियल” कॉलेज की रिसर्च में खुलासा हुआ है कि जिन लोगों के हाथों और पैरों में छह उंगलियां होती हैं, वे पांच उंगलियों वाले लोगों की अपेक्षा काम को ज्यादा बेहतर तरीके से करते हैं। उनका दिमाग पांच उंगलियों वालों से ज्यादा तेज गति से काम करता है साथ ही हर काम में वे बेहतर संतुलन बनाए रखते हैं।
  • बादलों को देखकर लगता है मानो रुई के हलके-फुल्के गोले हवा में तैर रहे हों, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि रिसर्च से इन बादलों की (water density) वाटर डेन्सिटी और वॉल्यूम के आधार पर अनुमाना लगाया है कि इनका वजन साढ़े चार लाख किलो तक हो सकता है, लेकिन फिर भी ये हवा में इसलिए फ्लोट कर पाते हैं क्योंकि उनके नीचे की हवा और भी भारी होती है।
  • चाँद पर पहली बार कदम रखने वाले “नील एल्डन आर्मस्ट्रांग” को पता था कि इस मिशन पर उनकी मौत भी हो सकती है इसीलिए वे अपनी फैमिली को आर्थिक रूप से सुरक्षित करना चाहते थे पर रिस्क अधिक होने के कारण उन्हें किसी कम्पनी ने लाइफ इन्शुरन्स नहीं दिया इसलिए उन्होंने मिशन पर जाने से पहले सैकड़ों ऑटोग्राफ साइन किये ताकि यदि उन्हें कुछ हो जाए तो परिवार उनके ऑटोग्राफ बेच कर पैसे कमा सके।
  • लोग घर में बार-बार लगने वाले मकड़ी के जालों से परेशान होते हैं और उन्हें बार-बार हटाते रहते हैं लेकिन प्राचीन ग्रीस और रोम में डॉक्टर्स इन जालों से मरीजों के लिए बैंडेज तैयार करते थे। ऐसा इसलिए क्योंकि माना जाता था कि इन जालों में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो घाव को साफ रख सकते हैं और संक्रमण होने से रोक सकते हैं।
  • अक्सर लोग हवाई जहाज में मिलने वाले खाने की बुराई करते हैं लेकिन एक जर्मन स्टडी के मुताबिक दोष खाने का नहीं बल्कि हमारी टेस्ट बड्स का होता है। जब हम 35000 फीट की ऊँचाई पर ट्रेवल कर रहे होते हैं तब सूखापन और कम दबाव (low pressure) की वजह से हमारे टेस्ट बड्स की संवेदनशीलता 30% तक घट जाती है साथ ही हमारी सूंघने की क्षमता भी घट जाती है और हमें खाना बेस्वाद लगने लगता है।
  • अगर आपसे पूछा जाए कि दुनिया का सबसे पुराना होटल कितना पुराना है तो शायद आप 100 -200 साल पुराना कहेंगे लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जापान के “एकैशी माउंटेन्स” (Akaishi Mountains) के पास स्थित “निशियामा ओनसेन” (Nishiyama Onsen) होटल दुनिया का सबसे पुराना होटल होने का वर्ल्ड रिकॉर्ड रखता है और यह होटल 100, 200 नहीं पूरे 1300 साल पुराना है।
  • आमतौर पर इन्टरनेट सुचारू रूप से चलता है लेकिन एक दिन ऐसा भी आया था जब इन्टरनेट पर गूगल, ट्विटर और विकिपीडिया एक ही दिन में क्रेश हो गए थे और वो दिन था 25 जून, 2009। उस दिन पॉप किंग माइकल जैक्सन की मौत हो गयी थी और पूरी दुनिया उनके बारे में जानने के लिए बेताब थी।
  • वैसे तो पिज्जा की डिलिवरी फ्री है, लेकिन अमेरिकी पिज्जा कंपनी को साल 2001 में हुई एक पिज्जा डिलिवरी के लिए कुछ सौ, हज़ार या लाख नहीं पूरे 7 करोड़ रुपए खर्च करने पड़े थे। दरअसल, ये स्पेशल पैन पिज्जा एस्ट्रोनॉट यूरी उसाचेव की डिमांड पर एक resupply rocket द्वारा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन भेजा गया था। पिज्जा हट ने छह इंच के इस पिज्जा को तैयार किया था और स्पेस में डिलीवरी करने वाला पहला रेस्टोरेंट बन गया था।
  • आपको ये तो ज़रूर पता होगा कि “जुपिटर” सोलर सिस्टम का सबसे बड़ा ग्रह है लेकिन क्या आपको अंदाजा है कि ये कितना बड़ा है ? यदि आप बाकी सभी प्लैनेट्स को मिला दें तो भी जुपिटर अकेले उनका दोगुना होगा और अगर सिर्फ पृथ्वी से कम्पेयर करें तो यदि पृथ्वी अंगूर का एक दाना है तो जुपिटर एक बास्केट बॉल है।

स्किन केयर की चिंता पुरुषों को भी होती है, पढ़ें पुरुष की त्वचा की देखभाल से जुड़े फैक्ट्स

अब वो समय गया जब कहा जाता था कि त्वचा की देखभाल करना लड़कियों का काम है और लड़कों को इन सभी चीजों की परवाह नहीं होती, लड़के रफ टफ रहना पसंद करते हैं, इसलिए वे स्किन केयर जैसी चीजों से दूर रहते थे लेकिन आधुनिक समय में ऐसा कुछ नहीं है।

जैसे-जैसे मैन्‍स कॉस्‍मैटिक प्रोडक्‍ट का बाजार बढ़ रहा है, उससे यह अहसास होने लगा है कि पुरुषों को भी अपनी सुंदरता का बहुत ख्‍याल है।

आज के समय में हरकोई अच्छा दिखना चाहता है और अगर ऐसा है तो लड़के भला क्यों अपना ध्यान नहीं रखें। यह भी सच है कि महिलाएं ऐसे पुरुषों की ओर भी आकर्षित होती हैं जो वेल मैनटैनेड और वेल ग्रूम्ड हों।

तो चलिए, कुछ खास बातें जानते हैं, जो पुरुषों की त्वचा की देखभाल (मेन्स स्किन केयर रूटीन) से संबंधित हैं ।

अपनी स्किन को मॉइस्चराइज करें

आप अपने शरीर के अंदर सभी अंगों की देखभाल करते हैं, लेकिन आप अपने सबसे बड़े अंग-आपकी त्वचा की देखभाल के लिए क्या कर रहे हैं?

एक वयस्क लगभग 8 पाउंड त्वचा की देखभाल करता है, इसलिए आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि यह स्वस्थ हो।

नमी आपकी त्वचा को स्वस्थ रखने का एक नंबर है। खूब पानी पिए और अगर आपकी त्वचा अभी भी थोड़ी सूखी लगती है, तो आप शॉवर के बाद लोशन लगाएं।

अपने शरीर पर अच्छी तरह से बॉडी लोशन का प्रयोग करें और अपने चेहरे के लिए एक फेस मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें।

हो सके तो फेस वॉश का ही इस्तेमाल करें

फेश वॉश का इस्तेमाल हमेशा अपनी स्किन और चेहरे की बनावट के हिसाब से करें। ड्राई स्किन के लिए ऐलोवेरा फेसवॉश सबसे बेस्ट है। जबकि आयली स्किन वाले पाइनएप्पल फेसवॉश का इस्तेमाल करें।

जिन लोगों को चेहरे पर किसी तरह के दाग-धब्बे, पिगमेनटेशन, निशान, झाईयां और सांवलेपन की समस्या है वो लोग नीम फेसवॉश का इस्तेमाल करें।

Himalaya Herbals Moisturizing Aloe Vera Face Wash,100ml (Pack of 2)यूँ तो बाजार में कई तरह के प्रोडक्ट्स उपलब्ध है लेकिन अगर आप इसे घर बैठे मंगवाना चाहते है तो अमेज़न से भी मंगवा सकते हैं।

शेव करते समय रखें ध्यान

पुरुषों की त्वचा संबंधी समस्याएं ज्यादातर दाढ़ी और बालों के बढ़ने के मुद्दों पर ही आधारित होती हैं। पुरुष त्वचा की देखभाल के लिए शेविंग करने के तरीके में बदलाव कर सकते हैं।

हर दिन शेव करने से चेहरे पर डार्क पैच बन जाते हैं। शेविंग के बाद सिर्फ आफ्टर शेव इस्तेमाल करना ही काफी नहीं है। शेव के बाद अच्छा मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें।

अच्छा आहार लें

त्वचा को नमीयुक्त रखने के अलावा, आपका आहार अच्छा होना चाहिए। पानी वाले फल और सब्जियां हाइड्रेशन के साथ मदद करते हैं, जो त्वचा को युवा बनाए रखता है।

तरबूज, टमाटर, खीरे और नींबू को अपने आहार में शामिल करें। साथ ही अधिक पत्ता गोभी का सेवन करें। इसमें विटामिन सी और विटामिन ए होता है।

यह रक्त को भी डिटॉक्सीफाई करता है, और गोभी में मौजूद फाइबर शरीर से अपशिष्ट और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। विषाक्त पदार्थों को वास्तव में आपके चेहरे पर दिखाई दे सकता है, जिससे आप अपने से बड़े दिखते हैं।

नींद पूरी करें

एक दिन या कई दिनों तक अच्छे से न सोना आपके ऊपर प्रभाव दिखाने लगता है। अगर आप अंडर-आई बैग्स से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको दिन में औसतन 8 घंटे सोना होगा।

सोने से आपके दिमाग और त्वचा की कोशिकाओं को आराम मिलता है और चेहरे पर झुर्रियां भी कम दिखाई देती हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि एक तनाव मुक्त और शांतिपूर्ण मन, बेहतर दिखने वाली त्वचा के बराबर होता है।

सनस्क्रीन क्रीम या लोशन का इस्तेमाल

पुरुषों के लिए भी सूर्य से सुरक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन अक्सर इसे अनदेखा किया जाता है । पुरुषों की त्वचा महिलाओं के मुकाबले ज्यादा तेजी से टैन हो जाती है।

सूर्य से सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन लगाना बहुत जरुरी है क्यूंकि यह आपकी त्वचा को यूवीए और यूवीबी किरणों से सुरक्षित करेगी।

मौसम चाहे कोई भी हो, यूवी किरणों का प्रभाव हर त्वचा पर पड़ता है। कई बार धूप से बचने के साधारण उपाय अपनाने के बाद भी त्वचा प्रभावित हो जाती है।

इससे बचने का एक ही उपाय है कि घर या घर से बाहर निकलते वक्त सनस्क्रीन क्रीम या लोशन का इस्तेमाल जरूर किया जाए।

पुरुषों की होती है मोटी त्वचा

महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की त्वचा मोटी होती है। महिलाओं से तुलना करें तो स्किन 20 से 30 प्रतिशत अधिक मोटी होती है, वहीं इसमें रोमछिद्र भी अधिक होते हैं चूंकि महिलाओं की स्किन सॉफ्ट होती है, इसलिए उनके लिए स्किन केयर रूटीन अलग होता है।

अगर पुरुष महिलाओं के स्किन केयर रूटीन को फॉलो करेंगें, तो नतीजा जीरो होगा इसलिए उनका स्किन केयर अलग होना चाहिए।

फेसवॉश का इस्तेमाल करें

चेहरे को साफ करने के लिए साबुन की बजाय फेसवॉश का इस्तेमाल करें, क्योंकि साबुन सिर्फ महिलाओं ही नहीं पुरुषों की त्वचा की नमी भी चुरा लेता है और चेहरे को रूखा बनाता है इसलिए अपनी स्किन टाइप को पहचान कर फेसवॉश से दिन में दो बार चेहरे को साफ करें। यदि आपकी स्किन रूखी है तो क्रीमी फेसवॉश लगाएं और ऑयली है तो क्लीयर क्‍लींजर का इस्तेमाल करें।

सही मॉइस्चराइजर का करें इस्तेमाल

ज्यादातर पुरुषों की त्वचा कॉम्बिनेशन स्किन होती है। इसलिए, हेवी क्रीम या लोशन से दूर रहें। पुरुष त्वचा की देखभाल के लिए घरेलू उपचार में भी ऐसी चीजों को इस्तेमाल में लाएं, जो त्वचा में आसानी से अवशोषित हो जाते हों।

पुरुषों की स्किन अक्सर बेजान सी नजर आती है। ऐसे ब्यूटी प्रोडक्ट्स चुनें जो वॉटर बेस्ड हों। इससे ऑयली स्किन की समस्या से भी निजात मिलेगी।

आंखो के नीचे की स्किन का रखें खास ख्याल

पुरुषों की आंखो के नीचे जल्दी झुर्रियां पड़ती है। आंखों के नीचे की स्किन में आयल ग्लांड्स कम होते हैं, साथ ही इस एरिया में पसीना भी कम आता है। यही वजह है जो इस हिस्से में रिंकल्स पड़ते हैं।

इस हिस्से को हाइड्रेड करने के लिए अच्छी आई क्रीम्स का इस्तेमाल करना चाहिए, जिसे सुबह और रात को सोने से पहले लगाने से रिंकल्स से बचाव हो सके।

केले से जुड़े कुछ अद्भुत रोचक तथ्य

केला हिन्दू धर्म में बहुत ही पवित्र फल माना जाता है किसी भी शुभ कार्य में केले के फल और उसके पत्तों को काम में लिया जाता है। केला स्वास्थ्य के लिए भी बहुत ही फायदेमंद होता है।

आज हम आपको केले के बारे में कुछ ऐसे फैक्ट्स बताने जा रहे हैं जिनको पढ़ कर आप आश्चर्य में पड़ जायेंगे। तो आइये जानते है केले के बारे में कुछ अद्भुत रोचक तथ्य:-

  • केले की खेती उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में की जाती है और सबसे पहले यह “पपुआ न्यू गिनी” में उगाया गया था। केले के पौधें मूसा के परिवार के हैं और इसका वैज्ञानिक नाम मूसा सेपिनटम (Musa Sapientum) है। इसका अर्थ होता है – ‘बुद्धिमान व्यक्ति का फल’।
  • केले के फल स्वाभाविक रूप से रेडियोधर्मी होते हैं ।
  • आपको जानकर हैरानी होगी कि इंसान और केले का डीएनए 50% तक मैच करता है।
  • इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो पाचन क्रिया बेहतर बनाने में मदद करता है।
  • क्या आप जानते हैं केले की 1000 से ज्यादा प्रजाति होती है लेकिन हम उनमें से केवल एक को ही खाते हैं।
  • केला अकेला एकमात्र ऐसा फल है जिसके अंदर बीज नहीं पाया जाता है।
  • एक हरे केले में बड़ी मात्रा में उच्च स्टार्च सामग्री होती है l
  • सबसे अधिक केला युगांडा में खाया जाता है जहां प्रति व्यक्ति 1 साल में लगभग 300 से अधिक केले खा जाता है।
  • यह अमेरिकी आहार में सबसे लोकप्रिय फलों में से एक हैं और इसका दैनिक आधार पर सेवन किया जाता है।
  • कुछ जगहों पर (सबसे विशेष रूप से जापान) केले के पौधे में पाया जाने वाले फाइबर का उपयोग कपड़े और कभी-कभी कागज बनाने के लिए भी करते हैं।
  • इसकी पकने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए आप इन्हें फ्रिज में रख सकते हैं।
  • सुबह के नाश्ते में केले को सबसे ज्यादा खाया जाता है । साल भर में लगभग 1 लाख करोड़ केलों की खपत होती है, जो गेहूँ, चावल और मक्का के बाद चौथा सबसे बड़ा खाने का उत्पाद है।
  • खून की कमी को दूर करने के लिए केले का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।
  • भारत केले के उत्पादन में विश्व में पहले स्थान पर आता है, भारत पूरे विश्व का लगभग 28 प्रतिशत केले का उत्पादन करता है।
  • यदि आप केले को फ्रिज में रखते हैं, तो छिलका गहरा भूरा या काला हो जाएगा, लेकिन यह फल को अंदर से प्रभावित नहीं करेगा।
  • विश्व के सभी खिलाडियों की डाइट में केले को शामिल किया जाता है।
  • इसके छिलकों को जूतों पर रगड़ने से जूते चमक उठते हैं।
  • आपको जानकर हैरानी होगी की सिर्फ 2 केले खाने से आपको लगातार 90 मिनट तक काम करने की ऊर्जा मिल जाती है ।
  • अगर आपको कभी मच्छर काट ले तो उस जगह पर केले का छिलका रगड़ देने से खारिश, सूजन और दर्द में तुरंत आराम मिल जाता है।
  • अमेरिका में “हवाई” एकमात्र ऐसा स्थान है जहां केले व्यावसायिक रूप से उगाए जाते हैं, हालांकि एक समय में वे दक्षिणी कैलिफोर्निया और फ्लोरिडा में भी उगाए जाते थे।
  • शोध से पता चला है कि केला खाने से दिल के दौरे और स्ट्रोक का जोखिम कम हो सकता हैं, साथ ही साथ कैंसर होने के जोखिम को भी कम कर सकते हैं।
  • केला एकमात्र ऐसा फल है जिसमें अमीनो एसिड ट्रिप्टोफैन प्लस विटामिन बी 6 होता है। ये आपके शरीर को सेरोटोनिन – एक प्राकृतिक पदार्थ बनाने में मदद करते हैं जो अवसाद को कम करता है।
  • केला लगभग 75% पानी से बना होता है, जो ककड़ी या मूली की तुलना में बहुत अधिक नहीं है।
  • केले पानी में तैरते हैं क्योंकि वे अन्य फलों की तुलना में कम घने होते हैं।
  • केले को सफाई के साथ बीच से तोडना बहुत मुश्किल होता है लेकिन स्वीडन के माइकल ओटोसन ने एक मिनट में 70 केलों को बीच में से तोड़ कर रिकार्ड बनाया था।

ऐसी बिल्डिंग जिसके बीच में से गुजरता है हाईवे जानिए क्या है खासियत

ऐसी बिल्डिंग जिसके बीच में से गुजरता है हाईवे जानिए क्या है खासियत

वैसे तो दुनिया में कई बड़ी-बड़ी खूबसूरत इमारतें हैं, जिनको देखर अक्सर हम लोग हैरानी में पड़ जाते है और सोचते है कि इसको बनाने वाले ने कितना दिमाग लड़ाया होगा।

इसी खूबसूरती और खासियत की वजह से वह इमारतें दुनियाभर में मशहूर हो जाती है। आज हम जिस इमारत की बात कर रहे है वो है जापान के ओसाका में स्थित गेट टावर बिल्ड़िंग।

यह दुनिया की पहली ऐसी बिल्डिंग है जिसके बीच में से एक्सप्रेस हाईवे गुजरता है और उसके ऊपर-नीचे लोग रहते है। गेट टॉवर दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारत संरचनाओं में से एक है।

दरअसल, यह जापान के ओसाका के फुकुशिमा-कू में 16 मंजिल का एक कार्यालय भवन है, जो इमारत से गुजरने वाले राजमार्ग के लिए उल्लेखनीय है।

यह इमारत 236 फीट ऊंची है। इसके पांचवें, छटवें और सातवें माले के बीच से “हैंशिन एक्सप्रेसवे” सिस्टम नामक हाईवे गुजरता है।

इस इमारत को “अजूसा सेकेई” और ” यमामोटो-निशिहारा केंचिकु सेकेई जिमुशो” ने डिजाइन किया है। इस इमारत में दोहरा कोर निर्माण है, जिसमें एक गोलाकार क्रॉस सेक्शन है। बिल्डिंग के तीन मंजिलों पर लिफ्ट नहीं रुकती, जिससे राजमार्ग गुजरता है।

ये हाईवे अपने आप में अनोखा है, आपको ये जानकर आश्चर्य होगा की इस हाईवे से सैंकड़ों गाड़ियां प्रतिदिन गुजरती हैं। वहीं इस बिल्डिंग में काफी लोग भी रहते हैं।

बिल्डिंग के नीचे बना ब्रिज हाईवे को सहारा देता है, गाड़ियों के शोर और वाइब्रेशन को बिल्डिंग में जाने से रोकने के लिए हाइवे के आस-पास एक खास स्ट्रक्चर बनाया गया है। इस इमारत की छत पर एक हेलीपैड बनाया गया है।

बिल्डिंग की खासियत

इस बिल्डिंग की खासियत यह है कि इसकी लिफ्ट इन तीन मालो पर नहीं रुकती है, जिससे यहां पर कोई न उतरे और न एक्सीडेंट हो।

अब आप सोच रहे हैं कि जब यहां पर हाईवे बना है, तो बिल्डिंग बनाने की अनुमति क्यों दी गई, तो यह भी काफी दिलचस्प है।

दरअसल, इस इमारत का डिजाइन 1982 में तैयार किया गया था, लेकिन इसको परमिट नहीं मिला, क्योंकि इस  जगह पहले से हाईवे बन रहा था लेकिन यह जमीन जिसकी थी, उसने इसके खिलाफ केस कर दिया।

पांच वर्षों तक हैंशिन एक्सप्रेसवे निगम के साथ उनका विवाद जारी रहा, लेकिन भवन के संपत्ति अधिकार धारकों ने हार नहीं मानी और कानून से इस बिल्डिंग को बनवाने की अनुमति लें ली और 1989 में उन्हें मंजूरी मिल गई ।

इसके बाद 1992 में यह बिल्डिंग बनी, लेकिन मालिक को तीन मालों की जगह हाईवे के लिए छोड़नी पड़ी। इसका कारण यह है कि यहाँ राजमार्ग बनाने की योजना पहले से ही थी।

गेट टॉवर बिल्डिंग जापान की पहली इमारत है जिसके पास से राजमार्ग गुजरता है और ऊपर व नीचे लोग रहते है। जगह के इस्तेमाल के कारण प्रशासन बिल्डिंग के मालिक को इन तीन मंजिलों का किराया चुकाता है।

 

जानिए इतिहास के सबसे जिंदादिल इंसान स्टीफन हॉकिंग के बारे में कुछ अमेजिंग फैक्ट्स

व्हील चेयर पर बैठा इंसान शरीर से तो पूरी तरह बेजान था लेकिन उनका दिमाग एक आम आदमी से कहीं गुना ज़्यादा तेज़ था l स्टीफन विलियम हॉकिंग का जन्म 8 जनवरी, 1942 को इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड में हुआ था l

1963 में जब स्टीफन महज 21 साल के थे तब डॉक्टर्स ने उन्हें बताया कि उन्हें मोटर न्यूरॉन नाम की एक भयानक लाइलाज  बीमारी है l

इस बीमारी में इंसान का उसकी मांसपेशियों से नियंत्रण छूटने लगता है और धीरे-धीरे उसका सारा शरीर अपंग हो जाता है। किसी इंसान में इस बीमारी के पता लगने के कुछ ही महीने या साल बाद इंसान की मृत्यु हो जाती है।

जब डॉक्टर्स को पता चला कि स्टीफन को यह  बीमारी है, तब डॉक्टर ने उनको बताया कि वह 2 साल से ज्यादा नहीं जी पाएंगे लेकिन स्टीफन ने अपनी इच्छाशक्ति की बदौलत डॉक्टर्स की भविष्यवाणी को झूठ साबित कर दिया l

वह 50 साल से भी ज्यादा जिए। बीमारी के पता चलने के बाद धीरे-धीरे वह पूरी तरह अपंग  हो गए थे सिर्फ उनका दिमाग जिन्दा था।

आज हम आपको इस महान वैज्ञानिक के बारे में कुछ ऐसी बातें बताएंगे जो वाकई आपको हैरान कर देगी :-

  • इक इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि उनकी नजर में संसार का सबसे दिलचस्प रहस्य क्या है स्टीफन हॉकिंग ने जवाब दिया “औरतें”। उन्होंने हंसते हुए कहा कि उनके लिए औरतें एक अबूझ पहेली है l
  • स्टीफन के जन्म और मृत्यु से एक बड़ा संयोग जुड़ा हुआ है जिस दिन ग्रेट वैज्ञानिक “गैलीलियो गैलिली” की मृत्यु हुई थी उसके पुरे 300 साल बाद 8 जनवरी 1942 को स्टीफन का जन्म हुआ था और जिस दिन दुनिया के सबसे महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म हुआ था उस दिन स्टीफन की मृत्यु हुई थी। गजब की बात यह है कि ये तीनों ही अपने समय के जाने माने वैज्ञानिक थे।
  • ब्रिटिश नागरिक होने के बावजूद तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वर्ष 2009 में हॉकिंग को अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान ‘प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम’ से नवाज़ा था l
  • स्टीफन हॉकिंग एक मीडयोकर स्टूडेंट थे l सन 2010 में उन्होंने कहा था कि वह 8 साल का होने तक पढ़ना भी नहीं सिख पाए थे और ग्रेड स्कूल से लेकर उनके ऑक्सफर्ड जाने तक वो एक लेजी स्टूडेंट थे।
  • एक मीडयोकर स्टूडेंट होने के बावजूद स्टीफन को उनके स्कूली दिनों में उन्हें अल्बर्ट आइंस्टीन कहां जाता था क्योंकि उनको space-time और यूनिवर्स के बारे में बहुत नॉलेज थी l
  • एक इंटरव्यू जो ब्रिटिश न्यूज़ पेपर “द गार्डियन” में पब्लिश हुआ था, इस इंटरव्यू के दौरान स्टीफन हॉकिंग ने कहा था कि हमारा दिमाग एक कंप्यूटर है और यह कंप्यूटर तब काम करना बंद कर देता है जब इसके कम्पोनेंट्स फ़ैल हो जाते हैं इसी को मृत्यु कहते हैं और जो यह मान्यताएं होती है कि मृत्यु के बाद भी जिंदगी मिलेगी स्वर्ग वगैरह यह सब मान्यताएं लोगों को मौत के डर से दिलासा देने के लिए होती है। स्टीफन हॉकिंग के  इस विचार से मिलता जुलता मिर्जा गालिब का शेर है “हमको मालूम है जन्नत की हकीकत लेकिन दिल के खुश रखने को ग़ालिब ये ख्याल अच्छा है”।
  • स्टीफन हाकिंग मानते थे कि हमारी दुनिया से अलग दूसरे ग्रहों पर भी जीव हो सकते हैं उन्होंने एक बार कहा था कि इस अनंत ब्रह्मांड को देखते हुए यह लगता है कि एलियंस सचमुच होंगे लेकिन हमें उनसे संपर्क करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए l यह हमारे लिए खतरनाक साबित हो सकता है l स्टीफन हाकिंग ने चेतावनी देते हुए कहा कि एलियंस रिसोर्सेज के लिए पृथ्वी को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • 2010 में स्टीफन हॉकिंग ने कहा था कि अगर कभी एलियंस हमारी दुनिया को विजिट करते हैं तो नतीजा कुछ ऐसा होगा जैसा कि तब हुआ था जब कोलंबस अमेरिका की धरती पर उतरा था, कोलंबस का अमेरिका पहुंचना अमेरिका के लोगों के लिए नुकसानदायक साबित हुआ था।
  • वैसे तो स्टीफन साइंटिफिक कम्युनिटी में पहले से ही काफी फेमस थे लेकिन वास्तव में वह आम लोगों की अटेंशन में तब आए जब 1988 उनकी साइंस बुक “अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम” पब्लिश हुई l इस बुक ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया l ये अपने समय की सबसे ज्यादा बिकने वाली बुक बनी l 150 हफ्तों तक न्यूयॉर्क टाइम्स बेस्ट लिस्ट में सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 237 हफ्तों तक ब्रिटिश संडे टाइम बेस्ट सेलर लिस्ट में रही।  इस  बुक की एक करोड़ से भी ज्यादा कॉपीस बिक चुकी है।
  • 2010 में दिए एक इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि आप अपने बच्चों को क्या सलाह देना चाहेंगे l प्रोफेसर हाकिंग ने जवाब में कहा मैं अपने बच्चों को यहां 3 एहम सलाहें देना चाहूंगा l पहली याद रखना हमेशा ऊपर सितारों की तरफ देखना है नीचे पैरों की तरफ नहीं, दूसरी काम करना कभी मत छोड़ना क्योंकि काम तुम्हें जिंदगी का उदेश्य देता है और बिना काम की जिंदगी खाली है तीसरी अगर किस्मत से कभी तुम्हें तुम्हारा प्यार मिल जाए तो उसे कभी मत छोड़ना l
  • प्रोफेसर हॉकिंग कहते थे कि उन्होंने हमेशा से एक सपना देखा था कि वह साइंस पर कोई ऐसी बुक लिखेंगे जिसे आम लोग भी आसानी से समझ पाए l वे कहते थे कि “अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम” पर उनका यह सपना पूरा हुआ l यह बुक उन्होंने तब लिखी थी जब वह पूरी तरह से अपंग हो चुके थे l स्टीफन की ये  बुक कॉस्मोलॉजी पर है और उन्होंने इसमें बिगबैंग और ब्लैक होल्स जैसे विषयों पर लिखा है l
  • प्रोफेसर ने अपनी बेटी लूसी के साथ मिलकर बच्चों के लिए भी कई साइंस बुक लिखी हैं lयह किताबें जॉर्ज नाम के एक लड़के पर केंद्रित है जो ब्रह्मांड में ट्रैवल करते हुए ब्रह्मांड के बारे में सीखता है।
  • इतने महान वैज्ञानिक होने के बावजूद और उनकी ग्राउंडब्रेकिंग डिस्कवरीज के बावजूद भी स्टीफन हॉकिंग कभी नोबेल प्राइज नहीं जीत पाए।
  • स्टीफन एक फेमस साइंटिस्ट तो थे लेकिन वह बहुत से टीवी शोस जैसे “द स्टार ट्रैक”, “द सिमप सन” और “द बिग बैंग थ्योरी” में भी नजर आ चुके हैं l
  • बी बी सी को दिए एक इंटरव्यू में प्रोफेसर स्टीफन हॉकिंग ने कहा था कि स्पेस में ट्रैवल करने की उनकी लंबे अरसे से ख्वाहिश है l 2007 में उनकी यह ख्वाहिश पूरी हुई जब साइंटिस्ट उन्हें 1 स्पेस शटल में ले गए और वहां उन्हें जीरो ग्रेविटी का अनुभव कराया गया l प्रोफेसर हॉकिंग करीब 4 मिनट तक वेट लेस रहे।
  • हॉकिंग ने दुनिया के अंत के बारे में बात करते हुए यह कहा था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस न्यूक्लियर वॉर, महामारी, क्लाइमेट चेंज और बढ़ती जनसंख्या यह सभी वह कारण है जो दुनिया को अंत की ओर लेकर जाएंगे l प्रोफेसर ने कहा था कि मुझे लगता है मानव जाति के पास खुद का  अस्तित्व बचाए रखने के लिए 1000 साल है l जब तक की पृथ्वी मनुष्य के रहने के काबिल ना बचे तब तक हमें पृथ्वी जैसा कोई और ग्रह खोजने की जरूरत है।
  • लंबी बीमारी की वजह से स्टीफन का शरीर पूरी तरह बेजान हो गया था वह ना लिख सकते थे और ना ही बोल सकते थे लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कई किताबें लिखी। यह किताबें उन्होंने अपने स्पीच सिंथेसाइजर की मदद से लिखी l स्टीफन पूरी तरह अपंग होने के बावजूद भी इस डिवाइस की मदद से लोगों से बात कर पाते थे।
  • स्टीफन ब्रिटिश थे लेकिन उनके स्पीड सिंथेसाइजर में जो कंप्यूटराइज आवाज थी उसका एक्सेंट (बोलने का लहज़ा) अमेरिकन था इस बीच जनरेटिंग डिवाइस में समय-समय पर काफी सुधार होते रहे लेकिन उन्होंने उस अमेरिकन एक्सेंट वाली कंप्यूटर आवाज को कभी बदलने नहीं दिया l स्टीफन को वह आवाज़ बहुत पसंद थी और लोगों के बीच भी वह आवाज इतनी फेमस थी कि कोई भी उसे थोड़ा सा सुनकर यह आसानी से बता सकता था कि यह प्रोफेसर स्टीफन बोल रहे हैं।

 

करवा चौथ पर राशि के अनुसार इस रंग के कपड़े पहनने से मिलेंगी अपार खुशियां!!

करवा चौथ पर राशि के अनुसार इस रंग के कपड़े पहनने से मिलेंगी अपार खुशियां!!

करवा चौथ हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है। यह कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। करवा चौथ का दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत खास होता है।

इस बार चतुर्थी 4 नवंबर दिन बुधवार को करवा चौथ मनाया जाएगा। ग्रामीण महिलाओं से लेकर आधुनिक महिलाओं तक सभी महिलाएं करवाचौथ का व्रत बडी़ श्रद्धा एवं उत्साह के साथ रखती हैं।

इस दिन विवाहित महिलाएं पूर्ण श्रृंगार कर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती है। यदि आप इस शुभ संयोग में करवा चौथ के व्रत का शुभ फल प्राप्त करना चाहते हैं, तो राशि के मुताबिक ही अपने कपड़ों का चयन करें।

ऐसा करने से आप चंद्रमा और दूसरे ग्रहों की भी शुभ दृष्टि का लाभ पा सकती हैं l आइए जानते हैं राशिओं के अनुसार आपको कौन से रंग के कपड़े पहनने चाहिए।

तो आइए जानते हैं करवा चौथ पर राशि के अनुसार इस रंग के कपड़े पहनने से मिलेंगी अपार खुशियां

मेष– मेष राशि वाली महिलाएं गुलाबी रंग की साड़ी, लेहंगा आदि पहनें एवं चंद्रमा के पूजन में गुलाब अवश्य चढ़ाएं।
वृषभ– वृषभ राशि वाली महिलाएं पीले रंग के वस्त्र पहनें एवं चन्द्रमा के पूजन में पीला फूल चढ़ाएं।
मिथुन– मिथुन राशि वाली महिलाएं हरे रंग के कपड़े पहनें एवं चंद्रमा के पूजन में आंकड़े के फूल चढ़ाएं।
कर्क– कर्क राशि वाली महिलाएं लहरिया साड़ी या लेहंगा पहनें जिसमे हेवी वर्क हो, चंद्रमा के पूजन में सफेद फूल चढ़ाएं।
सिंह– सिंह राशि वाली महिलाएं लाल रंग के कपड़े पहनें एवं चंद्रमा के पूजन में लाल फूल चढ़ाएं।
कन्या– कन्या राशि वाली महिलाएं हरी लाइन वाली साड़ी या लेहंगा, सूट पहनें एवं पूजन में चावल अवश्य चढ़ाएं।
तुला– तुला राशि वाली महिलाएं गुलाबी रंग के वस्त्र (जिसमें सफेद धागे की कढ़ाई हो) पहनें एवं पूजन में सफेद गुलाब चढ़ाएं।
वृश्चिक– वृश्चिक राशि वाली महिलाएं प्लेन कपड़े (जिसमें लाल फूल की बनावट हो) पहनें एवं पूजन में कुमकुम का प्रयोग करें।
धनु– धनु राशि वाली महिलाएं हल्की पीले रंग के कपड़े पहनें एवं पूजन में पीला व सफेद फूल चढ़ाएं।
मकर– मकर राशि वाली महिलाएं कत्थई रंग के वस्त्र पहनें एवं पूजन में आंकड़े एवं गेंदे के फूल चढ़ाएं।
कुंभ– कुंभ राशि वाली महिलाएं मेहरून रंग के कपड़े पहनें एवं पूजन में लाल गुलाब व सफेद फूल चढ़ाएं।
मीन– मीन राशि वाली महिलाएं नीले रंग के वस्त्र पहनें एवं पूजन में दुर्वा चढ़ाएं।

जानिए नवरात्रि  के इस शुभ पर्व पर कैसा रहेगा इन 12 राशियों पर प्रभाव

हिन्दू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि मां नवदुर्गा की उपासना का पर्व है। इस बार नवरात्रि का शुभ पर्व 17 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। नवरात्रि का शुभ पर्व हर साल श्राद्ध खत्म होते ही शुरू होता है, लेकिन इस बार नवरात्रि 25 दिन देरी से शुरू हो रहें है।

नवरात्रि का शुभ मुहूर्त

इस बार सर्वार्थसिद्धि योग में नवरात्र शुरू हो रहा है। नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना शुभ मुहूर्त में होगी। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को बेहद शुभ माना जाता है, जो पूजा उपासना में अभीष्ट सिद्धि देगा।

साथ ही दशहरे तक खरीदारी के लिए त्रिपुष्कर, सौभाग्य और रवियोग जैसे खास मुहूर्त भी रहेंगे। इन शुभ संयोग में प्रॉपर्टी, व्हीकल, फर्नीचर, भौतिक सुख-सुविधाओं के सामान और अन्य तरह की मांगलिक कामों के लिए खरीदारी करना शुभ रहेगा।

जानें किस तारिख को किस देवी की होगी पूजा

  • 17 अक्टूबर- मां शैलपुत्री पूजा, घटस्थापना
  • 18 अक्टूबर- मां ब्रह्मचारिणी पूजा
  • 19 अक्टूबर- मां चंद्रघंटा पूजा
  • 20 अक्टूबर- मां कुष्मांडा पूजा
  • 21 अक्टूबर- मां स्कंदमाता पूजा
  • 22 अक्टूबर- षष्ठी मां कात्यायनी पूजा
  • 23 अक्टूबर- मां कालरात्रि पूजा
  • 24 अक्टूबर- मां महागौरी दुर्गा पूजा
  • 25 अक्टूबर- मां सिद्धिदात्री पूजा

जानिए राशियों पर कैसा रहेगा नवरात्र का प्रभाव

मेष– इस राशि के लिए विवाह के योग बन सकते हैं। प्रेम में सफलता मिल सकती है। नवरात्रि में नौ दिनों तक मां की आराधना जरूर करें। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आप अपने संबंधों के बल पर जीवन में नई ऊंचाइयां छूने वाले हैं। मेष राशि के जातक ऊं दुं दुर्गायै नमः मंत्र का पाठ नवरात्रि में करेंगे तो आपकी सारी मनोकामनाएं अवश्य पूरी होंगी।

वृष– वृषभ राशि वाले लोगों को शत्रुओं पर विजय मिलेगी। रोगों में लाभ होगा। नवरात्रि में कलश स्थापना कर मां की उपासना करें। आपके आकर्षण प्रभाव में वृद्धि होगी और आपको कोई विशेष सम्मान प्राप्त हो सकता है। शारदीय नवरात्रि में वृषभ राशि के जातक देवी दुर्गा के अष्टभुजा स्वरूप की पूजा करेंगे तो हर तरह से लाभ ही लाभ होगा।

मिथुन– संतान सुख मिलने के योग हैं। नौकरी में प्रमोशन और धन लाभ मिल सकता है। संभव हो तो इस बार आप नवरात्रि व्रत रखें। नए वस्त्र-आभूषणों की प्राप्ति होगी। वैवाहिक जीवन में खुशियां आएंगी। मिथुन राशि के जातक नवरात्रि में प्रतिदिन दुर्गा चालीसा का पाठ करें।

कर्क– माता से सुख मिलेगा। वैभव बढ़ेगा। कार्यों में सफलता के साथ सम्मान मिलेगा। दुर्गा चालीसा का सुबह शाम पाठ करें। इस राशि के जातक नवरात्रि में कन्याओं को भोजन करवाकर उनके मनपसंद उपहार भेंट करें।

सिंह– आपका पराक्रम अच्छा रहेगा। आशा के अनुरूप फल प्राप्त होंगे। भाई से मदद मिलेगी। नवरात्रि में संभव हो तो जवारे बोएं। खर्च की अधिकता जरूर रहेगी, लेकिन फिर भी कोष में वृद्धि करने में कामयाब होंगे। दुर्गा सप्तशती का पाठ नियमित करें।

कन्या– स्थाई संपत्ति से लाभ हो सकता है। धन वृद्धि के योग बन रहे हैं। कन्या पूजन कर उसे हरे फल दान करें। नवरात्रि में प्रतिदिन मंदिर जाकर देवी दुर्गा के दर्शन करें। यथाशक्ति कन्याओं को उपहार-भेंट दें, भोजन करवाएं।

तुला– इस राशि के लिए प्रसन्नता बनी रहेगी। सोचे हुए काम समय पर पूरे होंगे। नवरात्रि में व्रत रखें और 3 वर्ष की कन्या की पूजा करें।  देवी दुर्गा पर लाल फूल अर्पित करें। आप किसी धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। शत्रुओं के नाश और सर्वत्र रक्षा के लिए दुर्गा सप्तशती का नियमित पाठ करें। इसके बाद सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ भी करें।

वृश्चिक– अनावश्यक व्यय होगा। कमाई कम हो सकती है। घर-परिवार से संबंधित चिंताजनक समाचार मिल सकता है। देवी को शहद का भोग अर्पित करें। पारिवारिक जीवन के संकटों का समाधान इस बार की नवरात्रि दे कर जाएगी। मां दुर्गा की पूर्ण कृपा पाने के लिए प्रतिदिन देवी को एक गुलाब का पुष्प अवश्य अर्पित करें।

धनु– आपके लिए ये नवरात्रि लाभदायक रह सकती है। आय में बढ़ोतरी होने के योग हैं। मां दुर्गा को खोपरा चढ़ाएं और काली चींटी को मिश्री डालें। नया वाहन खरीदने के योग भी बनेंगे। जो युवक-युवतियां अविवाहित हैं वे नवरात्रि में प्रतिदिन शिव की पूजा करें और देवी को मिष्ठान्न का नैवेद्य लगाएं।

मकर– इन लोगों के लिए नवरात्रि अत्यंत शुभ है। मां दुर्गा के मंदिर में पांच प्रकार के फल चढ़ाएं। धर्म, ज्योतिष, योग, अध्यात्म के क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने के अनेक अवसर मिलेंगे। इनसे आपकी आर्थिक पारिवारिक स्थिति भी मजबूत बनेगी। नवरात्रि में गरीबों को भोजन करवाएं, वस्त्र भेंट करें। संभव हो तो नवरात्रि के उपवास रखें।

कुंभ– इस राशि के लिए भाग्य वृद्धि का समय है। साथियों की मदद प्राप्त होगी l काम पूरे होंगे। सफलता का समाचार मिलेगा। मां दुर्गा के 32 नाम दोनों समय पढ़ें। नवरात्रि में नया व्यापार प्रारंभ करेंगे। पुराने बिजनेस को आगे बढ़ाएंगे। परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर जाएंगे। प्रतिदिन ऊं दुं दुर्गायै नमः मंत्र की पांच माला जाप करें। जो चाहेंगे वह पूरा होगा, देवी की पूर्ण कृपा आएगी।

मीन– आपको वाहन प्रयोग में सावधानी रखनी होगी। दुर्घटना होने के योग बन रहे हैं।  शत्रुओं की वजह से परेशानी हो सकती है।  देवी मां को चुनरी और ध्वजा चढ़ाएं। धन, पद, प्रतिष्ठा, सम्मान, सुख, वैभव में वृद्धि होगी। नवरात्रि के अंतिम दिन देवी की स्वरूप नौ कन्याओं का पूजन कर भोजन करवाएं और वस्त्र भेंट करें।