व्यक्ति जो मनुष्य से नहीं पक्षियों से बात करता है

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जब ईश्वर किसी इंसान के शरीर में कोई कमी छोड़ देते हैं तो अक्सर उसे कोई न कोई ऐसी खुबी भी देते हैं जो आम इंसानों में देखने को नहीं मिलती है। ऐसे ही एक शख्स हैं रजाली बिन मोहम्मद हाबिदिन। बचपन से ही सुनने में लाचार रजाली सिंगापुर के जूरोंग बर्ड पार्क में पक्षियों की देखरेख का काम करते हैं। दिलचस्प है कि पार्क में नियुक्त अन्य केयरटेकरों की तुलना में पक्षियों के साथ उसके संबंध कहीं अधिक प्रगाढ़ हैं और इसी वजह से पार्क के सभी कर्मचारी अब उसे ‘बर्ड विस्परर’ (पक्षियों से कानाफूसी करने वाला) कहने लगे हैं।

बचपन में ही सुनने की 80 प्रतिशत क्षमता खो देनेवाले रजाली को पार्क में काम करते हुए दो दशक से अधिक हो चुके हैं और अब वह डिप्टी हैड एवियन कीपर के पद पर नियुक्त हैं। वह इशारों, शारीरिक भाव- भंगिमाओं तथा ख-खर जैसी आवाजेंनिकाल कर पक्षियों के साथ ‘बात’ करते हैं।

इशारों ही इशारों में वह कहते हैं, वे सभी मेरे मित्र हैं। ”पार्क के एक असिस्टैंट क्यूरेटर एंगेलिन लिम कहते हैं” वह न जाने कैसे पक्षियों के साथ संवाद स्थापित करना जानते हैं। जो हममें से और कोई नहीं कर पाता है। वह केवल देख कर जान जाते हैं कि कोई पक्षी ठीक है या नहीं।”

हालांकि, सहकर्मियों के साथ बात करना उनके लिए पक्षियों से कहीं अधिक कठिन है। एक दर्जन कर्मचारियों का नेतृत्व करने वाले रजाली को उन्हें निर्देश देने के लिए कई तरह के इशारे करने पड़ते हैं और उनकी बात समझने के लिए उनके होंठ पढ़ने पड़ते हैं।

करीब 5 हजार पक्षियों वाले इस पार्क में तोतों से लेकर होर्नबिल तक विभिन्न प्रजातियों के पक्षी रखे गए हैं। इनमें विश्व के सबसे बड़े तोते’ हायासिंथ मैकाऊ’ भी शामिल हैं। | सभी पक्षी उन्हें अच्छे से जानते हैं और उनके निर्देशों का सहर्ष पालन करते हैं। रजाली के हाथों से खाना तो उन्हें विशेष रूप से प्रिय है।

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