जानिए अंगूर खाने से होने वाले चमत्कारी फायदों के बारे में

प्रकृति ने हमें अनगिनित खाने की चीजें दी है। कुछ खाद्य पदार्थ सचमुच हमारे जीवन को हर तरह से आसान और स्वस्थ बना सकते हैं और इसीलिए उन्हें सुपरफूड भी कहा जाता है।

जिससे हम पूर्णतया स्वस्थ्य रह सकते हैं। ऐसा ही एक फल है “अंगूर” जो हमारे शरीर की अनेकों बीमारियों को ठीक करने में मदद करता है।

यदि आप इसका सेवन आज से शुरू करते है तो इसका फर्क आप कुछ ही दिनों में महसूस कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं अंगूर खाने से होने वाले चमत्कारी फायदों के बारे में :-

  • मानसिक तनाव के कारण सिरदर्द या माइग्रेन की शिकायत हो तो प्रतिदिन प्रात: काले अंगूर का रस पीना चाहिए।
  • छोटे बच्चों को दांत निकलते वक्त अंगूर का रस नियमित रूप देना चाहिए।
  • गुर्दै और जिगर की बीमारियों में अंगूर का रस काफी लाभप्रद रहता है।
  • कैटेचिन हरी अंगूर में पाए जाने वाले एक अन्य प्रकार के एंटीऑक्सिडेंट हैं जो कोशिका क्षति को रोकते हैं।
  • अंगूर के सेवन से खून साफ होता है। मौसम के अनुसार अगूर खाने से त्वचा खूबसूरत और चमकदार होती है।
  • कब्ज को दूर करने के लिए अंगूर का सेवन करना अच्छा होता है।
  • गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन अंगूर का सेवन करना चाहिए। इससे वे अनीमिया की शिकार होने से बचेंगी।
  • घबराहट, बेचैनी या कमजोरी महसूस होने पर अंगूर का जूस पीना चाहिए।
  • अंगूर खूबसूरती भी बढ़ाता है। अंगूर में आरसेनिक धातु पाई जाती है जिसके कारण नियमित रूप से सेवन करते रहने से चेहरे पर खूबसूरती बढ़ती जाती है और झुर्रियां काम होती हैं। अंगूर के सेवन से हड्डियां भी मजबूत होती हैं।
  • अंगूर में कैलोरी की भरपूर मात्रा होती है। 100 ग्राम अंगूर में 69 कैलोरी होती है और इसका कोलेस्ट्रॉल स्तर शून्य होता है।
  • महिलाओं की माहवारी की पीड़ा को दूर करने में अंगूर काफी बढ़िया दवा है।
  • अंगूर आयरन, कॉपर, कैल्शियम, पोटेशियम और मैंगनीज जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों से भी भरपूर होते हैं, जो हमारी त्वचा की कोशिकाओं और संपूर्ण स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं।
  • अंगूर एंटीऑक्सिडेंट का एक उत्कृष्ट स्रोत हैं।
  • अंगूर विटामिन ए, सी, बी 6 और फोलेट से भरपूर होते हैं जो हमारी त्वचा की कोशिकाओं के लिए आवश्यक हैं।
  • अंगूर का इस्तेमाल मिठाइयों और अन्य व्यंजनों के लिए भी किया जाता है।
  • क्या आप यह भी जानते हैं कि ये छोटा सा फल दिल की समस्याओं, अल्जाइमर और कैंसर जैसी बीमारियों को रोक सकती हैं?
  • शोध से पता चला है कि फ्रेंच में हृदय रोगों की दर कम है क्योंकि रेड वाइन उनके आहार का एक अनिवार्य हिस्सा है।
  • अंगूर में पोटेशियम की मात्रा रक्तचाप को नियंत्रित करती है।
  • अंगूर खाने से आंखों की रोशनी बनाए रखने में मदद मिलती है क्योंकि रेटिना में प्रोटीन जारी होता है।
  • रेस्वेराट्रोल शरीर के रक्त प्रवाह को मस्तिष्क की ओर बढ़ाने में मदद करता है जो मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ाता है। यह पट्टिका और मुक्त कणों को भी हटा सकता है। यह मुँहासे को रोकता है और मुँहासे के निशान को ठीक करता है।
  • अंगूर एंटीऑक्सिडेंट में समृद्ध हैं जो जोड़ों को लचीलापन और ताकत प्रदान करते हैं इसलिए यह आपके घुटनों के लिए भी अच्छा है।

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यकीन कर पाना है मुश्किल, यह मंदिर 15000 किलो सोने से बना है

आपने अब तक भारत के कई मंदिरों के दर्शन किए होंगे और सभी मंदिर अपने आप में कोई न कोई विशेषता रखता है। आज हम जिस मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं वह दुनिया भर में अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है।

यह तमिलनाडु के वेल्लूर में बना देवी महालक्ष्मी का मंदिर है। इस मंदिर की खासियत यह है कि इसे 15000 किलो सोने से बनाया गया है और इसी वजह से इसे दक्षिण भारत का स्वर्ण मंदिर भी कहा जाता है।

रात के समय जब इस मंदिर में प्रकाश किया जाता है तब यह और भी अधिक खूबसूरत दिखाई देता है। इस मंदिर को सुबह 4 से 8 बजे तक अभिषेक के लिए और सुबह 8 से रात के 8 बजे तक दर्शन के लिए खोला जाता है।

इस मंदिर को और खूबसूरत बनाने के लिए इसके बाहरी क्षेत्र को सितारे का आकार दिया गया है। इस मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है कि विश्व में किसी भी मंदिर के निर्माण में इतना सोना नहीं लगा है जितना की इस मंदिर में लगा है।

बता दें अमृतसर के गोल्डन टेम्पल में सिर्फ 750 किलो लगा है। इस मंदिर को सोने से बनाने में 7 साल का समय लगा था। यह मंदिर 100 एकड़ जमीन पर बना हुआ है।

महालक्ष्मी मंदिर को बनाने में लगभग 15000 किलो शुद्ध सोने का इस्तेमाल हुआ है। इस स्वर्ण मंदिर को बनाने में 300 करोड़ से भी ज्यादा राशि का इस्तेमाल हुआ था। महालक्ष्मी मंदिर में हर एक कलाकृति हाथों से बनाई गई है।

जब रात में इस मंदिर के अंदर प्रकाश किया जाता है तो सोने की चमक देखने वाली होती है। इस मंदिर को 24 अगस्त 2007 में दर्शन के लिए खोला गया था।

रात के समय यहां भक्तों की संख्या ज़्यादा रहती है क्योंकि इस वक्त सोने से बने पूरे मंदिर को रोशनी से जगमगाया जाता है जो कि बहुत अद्भुत नज़ारा होता है।

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क्यों होते हैं आँखों के नीचे काले घेरे जानिए कैसे पाएं छुटकारा

आंखों के नीचे काले घेरे होना आम बात है। यह समस्या पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं में भी देखी जाती है। इसका मूल कारण अत्यधिक जागृति है।

जिन लोगों नींद पूरी नहीं होती, जो तनावग्रस्त होते हैं वे इन समस्याओं से अधिक पीड़ित होते हैं। यह समस्या आपकी स्मार्टनेस को कम कर देती है।

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्यों होते है ये काले घेरे और कैसे हम इनसे छुटकारा पा सकते हैं तो आइए जानते हैं :-

आँखों के नीचे काले घेरे के कारण: –

  • एनीमिया – आँखों के नीचे काले घेरे का यह भी एक मुख्य कारण है। आयरन की कमी वाले व्यक्ति में लाल रक्त कोशिकाएं आकार में छोटी होती हैं और इसलिए रक्त वाहिकाओं के माध्यम से अधिक आसानी से रिसाव करती हैं। इस प्रकार आंखों के नीचे की त्वचा में खिंचाव पैदा होता है जो धीरे-धीरे काले घेरे के रूप ले लेता है।
  • विटामिन की कमी – आहार में विटामिन की कमी भी काले घेरे का एक प्रमुख कारण है। ये विशेष रूप से एक कुपोषित व्यक्ति की आँखों के नीचे दिखाई देते हैं। यदि ऐसे व्यक्तियों को उनके आहार में विटामिन ए, सी, ई और के की पर्याप्त मात्रा दी जाती है तो इन काले घेरों को समाप्त किया जा सकता है।
  • पर्याप्त पानी न पीना – यह लक्षण उन लोगों में भी सबसे अधिक दिखाई देते हैं जो पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं।
  • पर्याप्त नींद न लेना और थका हुआ होना – दिन-रात के काम, जागने या अपर्याप्त नींद के कारण शरीर अत्यधिक थक जाता है। इसका आंखों के नीचे की त्वचा पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इससे आँखों में खुजली हो सकती है और जब आँखों में खुजली होती है तो हम इन्हें रगड़ते हैं। आँखों को इस तरह रगड़ने से आंखों के नीचे की रक्त वाहिकाएं फट जाती हैं और रंग गहरा हो जाता है।
  • हार्मोनल प्रभाव – शरीर में हार्मोन के प्रभाव के कारण आँखों के नीचे की त्वचा काली पड़ जाती है। यह प्रभाव गर्भावस्था के दौरान महसूस किया जाता है, खासकर महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान।
  • आनुवंशिकता – यदि किसी परिवार में इस तरह के काले घेरे पीढ़ी-दर-पीढ़ी दिखाई देते हैं, तो ये कम उम्र से भी दिखाई दे सकते हैं।

कैसे पाएं छुटकारा

  • जब आंखों के नीचे काले घेरे दिखाई देते हैं, तो अक्सर अलग अलग सौंदर्य प्रोडक्ट्स का उपयोग करके इन घेरों को छिपाने का प्रयास किया जाता है। जैसे “कंसीलर” लेकिन यह एक अस्थायी और सतही उपचार था।
  • संतुलित आहार को पहली प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कैल्शियम, प्रोटीन और आयरन से भरपूर आहार लें साथ ही उच्च फाइबर खाद्य पदार्थ और पत्तेदार सब्जियां खाएं। दूध और घी का सेवन रोज करना चाहिए और फल खाने चाहिए।
  • तैलीय, मसालेदार भोजन का सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए। हर आठ से दस गिलास पानी पिएं ताकि शरीर शुष्क न हो।
  • यदि आहार के साथ-साथ योग किया जाए मुख्य रूप से प्राणायाम, भ्रामरी और ध्यान का अभ्यास किया जाए, तो इन काले घेरों से छुटकारा पाया जा सकता है।
  • आंखों के नीचे काले घेरे से छुटकारा पाने में खीरा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे आंखों को भी आराम मिलता है। खीरे का पेस्ट एक अच्छा क्लीन्ज़र है। यह आंखों के नीचे काले घेरे कम करने में मदद करता है। एक खीरे को छीलें, इसे पीस लें और इसे दिन में दो से तीन बार 10 मिनट के लिए लगाएं।
  • यदि आप पर्याप्त नींद नहीं ले पाते हैं तो इससे आंखों के नीचे काले घेरे हो सकते हैं। इससे बचाव के लिए पर्याप्त नींद लें। आराम बहुत जरूरी है। यह आंखों पर खिंचाव को कम करेगा और उन्हें काले होने से बचाएगा।
  • टमाटर के कई गुण आपकी त्वचा पर काले धब्बों को कम करने में मदद करते हैं। इसका मिश्रण बनाने के लिए एक चम्मच टमाटर का पेस्ट और नींबू का रस (कुछ बूंदें) मिलाएं। इस मिश्रण को अपनी आंखों के नीचे लगाएं। दो मिनट तक रखें। फिर ठंडे पानी से धो लें।
  • बादाम के तेल में कई गुण होते हैं। यह आंखों के आसपास की त्वचा को फायदा पहुंचाता है। बादाम के तेल का नियमित उपयोग त्वचा की टोन को उज्ज्वल करने में मदद करता है। रात में आंखों के नीचे बादाम का तेल लगाएं। धीरे से मालिश करें। सुबह उठने के बाद अपना चेहरा धो लें।

कुछ अन्य उपयोग: –

  • गुलाब जल – गुलाब जल में कपास की कलियों को डुबोएं और इसे सोते समय दोनों पलकों पर रखें।
  • जायफल – जायफल विटामिन ई और सी से भरपूर होता है। जायफल को पानी में भिगोकर रात को सोते समय काले घेरे पर लगाएं और सुबह अपने चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।
  • बादाम – दूध में बादाम भिगोएँ और खीरे के स्लाइस के साथ आँखों को कवर करें और पंद्रह मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें।
  • एलोवेरा, ककड़ी, आलू, शहद, नींबू, नारियल तेल, केस्टर ऑयल, केसर का तेल, दूध, हल्दी, केसर, टमाटर, ग्रीन टी का उपयोग लेप के लिए किया जा सकता है। डॉक्टर की सलाह पर, अन्य दवाओं के साथ अपनी त्वचा के अनुसार लोशन लगाएं।

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वे 7 काम जो सफल व्यक्ति सोने से पहले करते हैं

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यदि हम सफल लोगों को रोल मॉडल बनाकर उनकी आदतों को जीवन में उतारा जाएं तो हमें ऊंचाई हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता।

ये आदतें छोटी भी हो सकती हैं और बड़ी भी, लेकिन हर आदत का अपना महत्व होता है। आज हम आपको बताने जा रहें हैं सफल व्यक्ति सोने से पहले क्या काम करते हैं, तो आइए जानते हैं :-

कम से कम 30 मिनट पढ़ें

बराक ओबामा से लेकर बिल गेट्स जैसे शीर्ष सफल व्यक्ति सोने से पहले कम से कम 30 मिनट जरूर पढ़ते हैं। इतना ही नहीं, वे रात के समय मोबाइल बंद कर देते हैं या डाटा ऑफ कर देते हैं।

वे इन घंटों को बेहद निजी रखते हैं और ऐसे काम करते हैं जिनसे उनको खुशी मिले। यह उनके दिमाग को रिचार्ज करता है और इससे अगला दिन अधिक उत्पादक होता है।

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अगले दिन की सकारात्मक कल्पना करते हैं

यह एक बहुत ही अद्भुत आदत है। बहुत से सफल व्यक्ति सोने से पहले अगले दिन की बेहद शक्तिशाली तरीके से कल्पना करते हैं। वे अपने काम को पूरा होते हुए देखते हैं बड़ी रकम के चेक आते हुए देखते हैं।

जो समस्या बहुत दिन से हल नहीं हो रही है, वे देखते हैं कि उसका समाधान मिल गया है। वे अगले दिन की सफलता का मानसिक चित्रण करते हैं। बहुत से लोगों को तो रात में अपनी समस्याओं के समाधान का क्लू भी मिल जाता है।

परिवार को समय देते हैं

वे यह सुनिश्चित करते हैं कि रात को सोने से पहले अपने जीवनसाथी के साथ सोने का समय नियत करें जिससे बिस्तर पर हल्की-फुल्की गप्प हो सके।

सोने से पहले वे अपने बच्चों के कमरे में जाकर उनसे बतियाते हैं और उन्हें दोस्त बनाते हैं। इससे परिवार में प्रगाढ़ता बढ़ती है और यही प्रगाढ़ता उन्हें उत्पादक बनाती है।

ध्यान-मनन करते हैं

बहुत से सफल व्यक्ति सोने से पहले ध्यान-मनन करते हैं। इससे दिन भर का तनाव दूर हो जाता है। ध्यान से उनका फोकस बढ़ता है और वे शांति के साथ सही निर्णय ले पाते हैं।

खुद को साफ-स्वच्छ रखते हैं

‘क्लीन बॉडी, क्लीन माइंड’ के सिद्धांत पर यकीन करने वाले सफल लोग सोने से पहले गुनगुने पानी से स्नान करते हैं। कुछ लोग अच्छे से चेहरा और हाथ-पैर धोकर ब्रश करते हैं और अपने बाल बनाते हैं। ये लोग सोने के पहले खुद को शीशे में भी देखते हैं।

डिनर-ड्रिंक्स से परहेज करते हैं

यदि पार्टियों की बात छोड दें तो सामान्य तौर पर देर रात के भारी डिनर और ड्रिंक्स से सफल लोग दूर रहते हैं। इससे सुबह के व्यायाम में भी समस्या नहीं आती और शरीर स्वस्थ रहता है।

अनेक स्लीप अलार्म लगाते हैं

नींद के समय को तय करने और अपनी बॉडी क्लॉक को सेट करने के लिए सफल लोग 2-3 अलार्म लगाते हैं। पहला अलार्म यह संदेश देता है कि सोने का समय आने वाला है और अपना काम ख़त्म करने की तैयारी करो।

दूसरे अलार्म का अर्थ है कि अब बिस्तर पर आ जाओ। धीरे-धीरे अलार्म हमारा समय तय कर देते हैं और बाद में हमें ठीक उसी वक़्त पर नींद आने लगती है। एक उत्पादक दिन के लिए शानदार नींद जरूरी है।

सांप की जीभ दो भागों में क्यों कटी होती है? जानिए क्या है इसके पीछे रहस्य!

सांप को देखकर अक्सर लोग डर जाते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में सांपों की 2500 से 3000 प्रजातियाँ पाई जाती हैं। जहरीले सर्पो की 89 प्रजातियाँ भारत में पाई जाती है, जिनमें से 29 समुद्री साँप और 40 स्थलीय साँप हैं।

वैसे तो आपने अपनी जिंदगी में कई सांप देखे होंगे और इतना तो जरूर जानते होंगे कि सांप की जीभ आगे से दो हिस्सों में बंटी हुई होती है लेकिन ऐसा क्यों है। चलिए आज जानते हैं इस रहस्य के बारे में।

सांपों की जीभ दो भागों में कटी हुई होती है। इसके पीछे एक गहरा रहस्य छुपा हुआ है जिसका उल्लेख महाभारत में देखने को मिलता है। जी हां, दरअसल महर्षि वेदव्यास द्वारा लिखी गई महाभारत में सांपों की जीभ से जुड़ी एक बहुत ही रोचक कथा है।

महाभारत के अनुसार, महर्षि कश्यप की 13 पत्नियां थीं। कद्रू उनमें से एक थी। सभी सांप कद्रू के बच्चे हैं। इसके आलावा महर्षि कश्यप की एक अन्य पत्नी का नाम विनता था, जिनके पुत्र पक्षीराज गरुड़ हैं।

एक बार महर्षि कश्यप की पत्नी कद्रू और विनता ने एक सफेद घोड़ा देखा। उसे देखकर कद्रू ने कहा कि घोड़े की पूंछ काली थी और विनता ने कहा कि नहीं यह सफेद थी। इस बात पर दोनों में एक शर्त लग गई।

तब कद्रू ने अपने नाग पुत्रों से कहा कि वो अपना आकार छोटा करके घोड़े की पूंछ से लिपट जाएं। ताकि घोड़े की पूंछ काली नजर आए और वह शर्त जीत ले। उस समय कुछ नाग पुत्रों ने ऐसा करने से मना कर दिया।

कद्रू ने अपने ही पुत्रों को श्राप दे दिया। दरअसल श्राप यह था कि तुम राजा जनमेजय के यज्ञ में भस्म हो जाओगे। शाप सुनकर नाग पुत्र सफेद घोड़े की पूंछ पर चढ़ गए जैसा कि उनकी माँ ने कहा था और घोड़े की पूंछ काली हो गई।

शर्त हारने के बाद विनता कद्रू की दासी बन गई। जब विनता के बेटे गरुड़ को पता चला कि उसकी माँ गुलाम बन गई है तो उन्होंने कद्रू और उनके नाग पुत्रों से पूछा कि तुम्हें मैं ऐसी कौन सी वस्तु लाकर दूं, जिससे कि मेरी माता तुम्हारे दासत्व से मुक्त हो जाएं।

तब नाग पुत्रों ने कहा कि अगर तुम हमें स्वर्ग से अमृत लाकर दोगे तो तुम्हारी माता अवश्य ही हमारी माता के दासत्व से मुक्त हो जाएंगी।

अब नागपुत्रों के कहेनुसार गरुड़ स्वर्ग से अमृत का कलश ले आए और उसे कुशा यानि कि एक प्रकार की धारदार घास पर रख दिया।

इसके बाद उन्होंने सभी सर्पों को अमृत पीने से पहले स्नान करने को कहा। गरुड़ के कहेनुसार, सभी सांप स्नान के लिए गए लेकिन इसी बीच देवराज इंद्र वहां आए और फिर से अमृत कलश लेकर स्वर्ग चले गए।

जब सभी सांप स्नान करने के बाद आए तो उन्होंने देखा कि कुश पर कोई अमृत पात्र नहीं था। सांप फिर उस घास को चाटने लगे जिस पर अमृत रखा था।

दरअसल उन्हें लगा कि इस जगह पर अमृत का थोड़ा अंश तो अवश्य गिरा होगा। हालांकि ऐसा करने से उन्हें अमृत की प्राप्ति तो नहीं हुई लेकिन घास की वजह ही उनकी जीभ के दो टुकड़े अवश्य हो गए।

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अगर चाय और कॉफी के शौक़ीन हैं तो अपनाए इन ख़ास नुस्खों को स्वाद दोगुना हो जाएगा!

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चाय हो या कॉफी जब तक इसका स्वाद लाजवाब ना हो, पीने में मज़ा ही नहीं आता। इनके स्वाद को बढ़ाने के लिए प्रयोग होते ही रहते हैं।

आज इस पोस्ट में हम आपको कुछ ऐसे ही नुस्खों या प्रयोग के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से चाय और कॉफी के स्वाद को दोगुना किया जा सकता है।

अगर आप भी इनका स्वाद बढ़ाना चाहते है, तो इनमें कुछ ख़ास सामग्री मिलाने की आवश्यकता होती है जिससे की इसके स्वाद को बढ़ाया जा सकता है।

ऐसे बढ़ाएं कॉफी का स्वाद…

  • एक कप कोल्ड कॉफी में एक स्कूप वनीलाआइसक्रीम डालकर फेंटने से इसका स्वाद बढ़ जाता है। ये सिर्फ़ कोल्ड कॉफी में कारगर है।
  • कन्डेंस्ड मिल्क मीठा और क्रीम की तरह होता है। गर्म या कोल्ड कॉफी में 1-2 चम्मच कन्डेंस्ड मिलाने से ये कॉफी का स्वाद लाजवाब करता है। इससे कॉफी गाढ़ी भी बनेगी।
  • आप कॉफी में पिघली हुई चॉकलेट भी मिला सकते हैं और चॉकलेट पाउडर मिलाने से भी स्वाद बढ़ेगा।
  • दालचीनी, अदरक या इलायची से भी इसका स्वाद बढ़ाया जा सकता है।
  • कॉफी में वनीला एक्सट्रेक्ट या शक्कर के स्थान पर शहद मिला सकते हैं।

जब चाय बनानी हो

  • अगर चाय बनाते वक़्त एक छोटा चम्मच कॉफी पाउडर मिलाया जाए, तो चाय बेहद स्वादिष्ट बनेगी। कॉफी के अलावा पिघली चॉकलेट भी मिला सकते हैं। कप में चाय छानने के बाद ऊपर से गर्म पिघली हुई चॉकलेट मिलाएं।
  • चाय बनाते वक़्त दूध के बजाय क्रीम का इस्तेमाल करें। इससे चाय का स्वाद बढ़ेगा और चाय गाढ़ी भी बनेगी।
  • चाय का स्वाद बढ़ाने के लिए दालचीनी, काली मिर्च या लौंग का प्रयोग किया जाता रहा है। इन्हें पिसा हुआ इस्तेमाल करने की बजाय चाय बनाते वक़्त ही ओखल में पीसकर मिलाएं। इससे अच्छा स्वाद आएगा।

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विवाह से जुड़ी अजीबोगरीब परम्पराएं, जिनके बारे में जानकर आप हैरान रहे जाएंगे !

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विवाह एक पवित्र बंधन होता है जब भी परिवार में किसी की शादी होती है, तो हर कोई बहुत उत्साही होता है। विवाह के दौरान कई रस्में की जाती है लेकिन इनमें से कई रस्में बहुत दिलचस्प और अजीब भी होती हैं।

भारत में ही अलग अलग जगह पर अलग अलग रीति रिवाज हैं लेकिन दुनिया में कुछ जगह ऐसी भी हैं जहाँ की अजीबोगरीब परम्पराओं के बारे में जानकर आप चौंक जाएंगे।

इन अजीब प्रथाओं के बारे में जानने के बाद आप जरूर ये कहेंगे कि ऐसा क्यों किया जाता है। आज हम दुनिया भर की सबसे अजीब शादियों की परम्पराओं के बारे में बताने जा रहें हैं :-

रोमानिया: दुल्हन का अपहरण और फिरौती की मांग

रोमानिया में एक अजीब और मज़ेदार परम्परा होती है। विवाह से ठीक पहले नकली अपहरण होता है। दुल्हन के दोस्त और परिवार के लोग दुल्हन का अपहरण करते हैं और उसे मुक्त करने के लिए दूल्हे से फिरौती की मांग करते हैं। शादी के बाद दूल्हे को अपने दोस्तों और परिवार को एक पार्टी देनी होती है ।

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इंडोनेशिया: नवविवाहितों को 3 दिनों तक बाथरूम का उपयोग करने की अनुमति नहीं होती

इंडोनेशिया में टीडॉन्ग जनजाति की परंपरा है कि नवविवाहितों को शादी के 3 दिन और 3 रात तक बाथरूम का उपयोग करने की अनुमति नहीं है।

इस समारोह के दौरान नवविवाहितों को कम भोजन और पानी मिलता है। इस रस्म के बारे में एक मान्यता यह भी है कि यह रस्म विवाहित जीवन को खुशहाल बनाती है और इस परंपरा को तोड़ना बुरा माना जाता है।

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चीन: रोने का अभ्यास किया जाता है

चीन के तुजिया जातीय समूह में शादी से ठीक एक महीने पहले यह विचित्र परंपरा शुरू होती है। शादी के एक महीने से दुल्हन हर दिन एक घंटे के लिए रोना शुरू कर देती है।

दुल्हन की माँ 10 दिनों के बाद ऐसा करती है और दादी 10 दिनों के बाद करती है। धीरे-धीरे परिवार की सभी महिलाएं सदस्य इस रोने की परंपरा में शामिल हो जाती हैं।

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फ्रांस में अजीब प्रथाएं

फ्रेंच पोलिनेशिया में शादी के बाद, कपल के रिश्तेदार जमीन पर सोते हैं। फिर उनके ऊपर एक कपड़ा रखा जाता है। यह एक मानव गलीचा बनता है। न्यूलीवेड्स को फिर इस मानव गलीचा पर चलना होता है।

वेल्स : लकड़ी से बनी नक्‍काशीदार चम्‍मच तोहफे में दिया जाता है

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वेल्‍स में पुरुष शादी से पहले अपनी होने वाली पत्‍नी को लकड़ी से बनी नक्‍काशीदार चम्‍मच तोहफे के रूप में देते हैं। इसके पीछे लड़के का लड़की से यह वादा होता है कि वह उसे जिंदगी में कभी भूखा नहीं रहने देगा।

बोर्नियो : लड़का और लड़की को घर से कहीं जाने की इजाजत नहीं होती।

बोर्नियो के एक आदिवासी इलाके में शादी वाले दिन लड़का और लड़की को घर से कहीं जाने की इजाजत नहीं होती, यहां तक कि वे बाथरूम भी नहीं जा सकते। अन्य परंपराओं की तरह इसके बारे में भी माना जाता है कि ऐसा होने वाले दंपती के सौभाग्य के लिए किया जाता है।

स्‍कॉटलैंड : दुल्हा-दुल्हन को शगुन को तौर पर सड़े- गले अंडे, टमाटर और मछलियां मारते हैं।

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जिस तरह भारत में शादी से पहले दुल्हा-दुल्हन को हल्दी लगाई जाती है। उसी तरह स्‍कॉटलैंड में शादी से पहले लड़का-लड़की को उसके फ्रैंड्स व रिश्तेदार शगुन को तौर पर सड़े- गले अंडे, टमाटर और मछलियां मारते हैं।

इस तरह सभी द्वारा फेंकी ये गंदी चीजों से लड़का-लड़की को बचना होता है। मान्यता है कि इन चीजों से वे खुद को संभालने में अगर सक्षम रहें तो वे अपनी आगे आने वाली जिंदगी में किसी भी संकट या तुफान से जुझने के लिए तैयार हैं।

इटली : ताला लगा कर चाबी नदी में फेंक दी जाती है

इटली के रोम में शादी करने जा रहा जोड़ा पहले नदी के ऊपर स्थित पुल पर आता है और यहां आकर उन्हें एक खूबसूरत सा ताला लगा दिया जाता है और उसकी चाबी नदी में फेंक देता है। मान्यता है कि ऐसा करने से उनका संबंध हमेशा के लिए जुड़ जाता है और फिर यह दंपती कभी अलग नहीं होते।

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दुनिया का सबसे लम्बा गांव बसा है पोलैंड में

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पोलैंड गणराज्य आधिकारिक तौर पर मध्य यूरोप में एक देश है। इसका का कुल क्षेत्रफल लगभग 3 मिलियन वर्ग किलोमीटर है, जो इसे यूरोप का 9वां सबसे बड़ा देश बना देता है।

लगभग 40 मिलियन की आबादी के साथ यह यूरोपीय संघ का 6 वां सबसे अधिक आबादी वाला देश है। वैसे तो इस देश में काफी खूबसूरत जगहें है लेकिन आज हम इस पोस्ट में बात करने जा रहे हैं पोलैंड के एक गांव के बारे में जो दुनिया का सबसे लम्बा गांव बन गया है ।

तो चलिए जानते हैं दुनिया के सबसे लम्बे गांव के बारे में :-

पोलैंड का सुलोस्जोव गांव दुनिया का सबसे लंबा गांव बन गया है। यह 9 किमी की लंबाई और करीब 150 मीटर की चौडाई में बसा है। इस गांव में करीब 1600 घर हैं, जो एक सड़क के दोनों तरफ बने हैं।

इनमें करीब 6200 लोग रहते हैं। वर्ल्ड रूरल प्लानिंग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह गांव क्राकोव शहर से करीब 30 किमी दूर है। यह 14वीं शताब्दी में बसा था। उस वक्त इसका दायरा करीब 500 मीटर था।

लेकिन धीरे-धीरे इसकी बसावट लंबाई में बढ़ती गई। इस गांव के दोनों तरफ हरेभरे खेत हैं। इस गांव में अस्पताल, बैंक, स्कूल और सारी मूलभूत सुविधाएँ हैं।

दुनिया का सबसे बड़ा गांव बांग्लादेश का बनियाचोंग

बांग्लादेश का बनियाचोंग गांव दुनिया का सबसे बड़ा गांव है। यहां की आबादी करीब 2.40 लाख है। हबींगज जिले के इस गांव में 50.84 फीसदी पुरुष हैं। जबकि 49.16 फीसदी महिलाएं हैं।

उत्तर प्रदेश का गहमर है एशिया का सबसे बड़ा गांव

यूपी का गहमर एशिया का सबसे बड़ा गांव हैं। यहां की आबादी 1.10 लाख से ज़्यादा है। गाजीपुर के इस गांव की खासियत है कि यहां हर घर से कोई न कोई सेना में है। यह गांव साल 1530 में बसा था।

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सांप का दिखना शुभ है या अशुभ, जानें शास्‍त्रों के अनुसार क्या है मान्यता!

आमतौर पर सांप का नाम सुनते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। दुनिया सांपों को खौफ का दूसरा नाम मानती है, वहीं दूसरी तरफ शास्त्रों में इन्हें पूजनीय भी बताया गया है।

भगवान महादेव भी सर्प को एक आभूषण के रूप में स्‍वीकार करते हैं। इन सभी तथ्यों के साथ ही ज्योतिष शास्त्र में सांपों के दिखने के बारे में कुछ शुभ और अशुभ संकेत बताए गए हैं।

तो चलिए आज इस पोस्ट जानते हैं सांप को दिखने पर क्या मान्यताएं हैं :-

पेड़ पर चढ़ता हुआ सांप देखना

यदि किसी व्यक्ति को सांप पेड़ पर चढ़ता दिखाई देता है तो उसे समझ लेना चाहिए कि आने वाले समय में कुछ अच्छा होने वाला है। सामान्यत: ये एक शुभ संकेत होता है और धन मिलने की संभावनाओं को दर्शाता है।

इसका मतलब है कि जल्द ही प्रगति और उन्नति का मार्ग खुलेंगे। हालाँकि, पेड़ से सांप को उतरते हुए देखना शुभ नहीं माना जाता है। इसका मतलब है कि आपको अपने कार्य क्षेत्र में कुछ मुद्दों से निपटना पड़ सकता है।

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रास्ते पर सांप दिखना

रास्ते पर सांप का दिखाई देना शुभ संकेत माना जाता है। यह एक संकेत माना जाता है कि कुछ अच्छा होने वाला है या अच्छी खबर आने वाली है।

अगर आपको कोई सांप दाईं ओर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है, तो यह भी एक अच्छा संकेत है। यदि बाएं हाथ की ओर से कोई सांप आपका रास्ता काट दे तो आपको सावधान होकर कार्य करना चाहिए।

ऐसा होने पर कार्यों में असफलता के योग बनते हैं। यदि संभव हो तो हर सोमवार को शिवलिंग पर दूध से अभिषेक करना चाहिए। भगवान शिव की मूर्ति, या शिवलिंग के सामने एक घी का दीपक जलाना चाहिए।

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साँपों का एक जोड़े को देखना

यदि किसी व्यक्ति को नाग-नागिन प्रणय (प्रेम) करते दिखे तो इसे अशुभ माना जाता है। ऐसे में व्यक्ति को नाग-नागिन के सामने रुकना नहीं चाहिए।

यदि उनके प्रेम में विघ्न पड़ता है तो यह व्यक्ति के लिए खतरनाक हो सकता है। अत: ऐसे स्थान से तुरंत चले जाना चाहिए। नाग-नागिन से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए।

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घर में सांप का दिखना

कई बार घरों के अंदर सांप चले जाते हैं, घर में सांपों का मिलना बेहद शुभ माना जाता है। इसका मतलब है कि आप धन का सृजन करने जा रहे हैं।

घर में सांप को परेशान या मारना नहीं करना चाहिए। यदि हो सके तो साँप को सुरक्षित रूप से बाहर निकालें।

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सफेद सांप का दिखना

यदि कोई व्यक्ति सफेद सांप देखता है तो यह शुभ माना जाता है। ऐसा होने पर व्यक्ति को सफलता मिलती है।

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सांप की केंचुली मिलना

अगर आपको कहीं सांप की केंचुली दिखाई दे तो यह एक शुभ संकेत माना जाता है। यह माना जाता है कि आप अपने लंबित ऋण जल्द ही प्राप्त करेंगे।

यदि संभव हो तो केंचुली को एक लाल कपड़े में लपेट लेना चाहिए और घर के अंदर रख लेना चाहिए। सांप की इस केंचुली को बाहर किसी को भी नहीं दिखाना चाहिए।

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मरा हुआ सांप दिखना

अगर किसी को मरा हुआ सांप दिख जाता है, तो इसे अच्छा संकेत नहीं माना जाता है। यदि ऐसा कोई दृश्य दिखाई देता है, तो भगवान शिव से माफी मांगनी चाहिए। मंदिर में जाकर जल और दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें।

दूसरी ओर, मंदिर में सांप का दिखना शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जल्द ही आपकी सारी इच्छाएं पूरी होने वाली है।

यह भी कहा जाता है कि यदि शिवलिंग पर सांप लिपटा हुआ दिखाई दे तो यह भी बहुत शुभ संकेत होता है। यह दर्शाता है कि भोलेनाथ की हम पर कृपा है।

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त्रिपुरा का रहस्यमयी उनाकोटी मंदिर : जिसका रहस्य आज तक कोई नहीं सुलझा पाया

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त्रिपुरा के जंगलों में बसा हुआ उनाकोटि मूल रूप से भगवान शिव को समर्पित एक तीर्थ स्थल है, और माना जाता है कि यह 7वीं – 9वीं शताब्दी ईसवी पुराना है।

यह मंदिर त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से तकरीबन 125 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यह मंदिर पूर्वोत्तर भारत के सबसे बड़े रहस्यों में भी गिना जाता है। दूर-दूर तक फैले जंगल, तंग पगडण्डी और कोलाहल मचाते नदी स्रोतों के मध्य स्थित है यह त्रिपुरा की ‘उनाकोटी‘।

यह स्थान काफी सालों तक अज्ञात रूप में यहां मौजूद है, हालांकि अब भी बहुत लोग इस स्थान का नाम तक नहीं जानते हैं। यह मंदिर जितना अद्भुत है उससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है।

यहां कुल 99 लाख 99 हजार 999 पत्थर की मूर्तियां हैं, जिनके रहस्यों को आज तक कोई भी सुलझा नहीं पाया है। जैसे कि ये मूर्तियां किसने बनाई, कब बनाई और क्यों बनाई और सबसे जरूरी कि एक करोड़ में एक कम ही क्यों? हालांकि इसके पीछे कई कहानियां प्रचलित हैं, जो हैरान करने वाली हैं।

इन्हीं रहस्यमयी मूर्तियों के कारण ही इस जगह का नाम उनाकोटी पड़ा है, जिसका अर्थ होता है “करोड़ में एक कम”। यहाँ दो तरह की मूर्तियों मिलती हैं, एक पत्थरों को काट कर बनाई गईं मूर्तियां और दूसरी पत्थरों पर उकेरी गईं मूर्तियां।

यहां ज्यादातर हिन्दू धर्म से जुड़ी प्रतिमाएं हैं, जिनमें भगवान शिव, देवी दुर्गा, भगवान विष्णु, और गणेश भगवान आदि की मूर्तियां स्थित है।

इस स्थान के मध्य में भगवान शिव के एक विशाल प्रतिमा मौजूद है, जिन्हें उनाकोटेश्वर के नाम से जाना जाता है। भगवान शिव की यह मूर्ति लगभग 30 फीट ऊंची बनी हुई है।

इसके अलावा भगवान शिव की विशाल प्रतिमा के साथ दो अन्य मूर्तियां भी मौजूद हैं, जिनमें से एक मां दुर्गा की मूर्ति है। यहां तीन नंदी की मूर्तियां भी हैं। इसके अलावा यहां और भी ढेर सारी मूर्तियां बनी हुई हैं।

इस स्थान के मुख्य आकर्षणों में भगवान गणेश की अद्भुत मूर्तियां भी हैं। जिसमें गणेश की चार भुजाएं और बाहर की तरफ निकले तीन दांतों को दर्शाया गया है। भगवान गणेश की ऐसी मूर्ति बहुत ही कम देखी गई है।

इसके अलावा यहां भगवान गणेश की चार दांत और आठ भुजाओं वाली दो और मूर्तियां भी हैं। इन अद्भुत मुर्तियों के कारण यह स्थान काफी रोमांच पैदा करता है।

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