‘खिलौनों’ ने खोले महासागरों के रहस्य, जाने कैसे ?

करीब 30 साल पहले अमरीका जा रहे समुद्री जहाज से गलती से एक कंटेनर उत्तरी प्रशांत महासागर में गिर गया। इसमें हजारों ‘बाथ टॉयज‘ यानी स्नान के समय बाथ टब में डाले जाने वाले खिलौने ले जाए जा रहे थे। हांगकांग से अमेरिका जा रहे कंटेनर में 29,000 रबर से बने बत्तख, कछुए, मेंढक जैसे खिलौने थे। ये हजारों खिलोने महासागर में दूर तक फैल गए।

लहरों के साथ दुनिया भर में पहुंचे खिलौने

तेज लहरों और शक्तिशाली हवाओं ने फिर इन्हें दुनिया भर के समुद्र तटों तक पहुंचा दिया। दशकों बाद भी समुद्र तट पर लोगों को चमकीले रंगों वाले ये खिलौने मिल रहे हैं। खास बात है कि आज ये वैज्ञानिकों को महासागरों के बारे में बहुत कुछ जानने में मदद करते हैं। दरअसल, वैज्ञानिकों को इनसे मूल्यवान जानकारी मिल रही है।

जब समुद्र तटों पर टहलते लोगों को ये खिलौने लगातार मिलने लगे तो इन द्वारा समुद्र में की गई यात्रा ने वैज्ञानिकों का ध्यान खींचा। इनके दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचने में लगने वाले समय का अंदाजा लगाया गया जिससे महासागरों की धाराओं के बारे में कई जरूरी जानकारियां मिली हैं।

60 हजार जूते भी गिरे थे समुद्र में

कुछ साल पहले इसी तरह की शिपिंग दुर्घटना में 60,000 से अधिक जूते महासागर में गिर गए थे। बाद में अमेरिका और कनाडा के पश्चिमी तटों पर लोगों को वे जूते मिलने शुरू हो गए थे।

लम्बे समय से हो रहा है इस तरीके का उपयोग

समुद्र में चीजों को बहाने की विधि का उपयोग समुद्री अनुसंधान के सबसे पुराने तरीकों में से एक है। 1864 में हैम्बर्ग में जर्मन नेवल ऑब्जर्वेटरी के शोधकर्ता जॉर्ज वॉन न्यूमेयर ने केप हॉर्न से रवाना होते ही एक बोतल में संदेश लिख कर उसे समुद्र में फैंका था।

संदेश में उन्होंने उसे पाने वाले को यह बताने के लिए कहा था कि बोतल कहां और कब मिली। वह बोतल ऑस्ट्रेलिया पहुंच गई थी। यह साल से भी पहले की बात है और इसने बड़े पैमाने पर समुद्री धाराओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद की।

सैटेलाइट्स और आधुनिक तकनीकों की मदद

आज सैटेलाइट्स और आधुनिक तकनीकों की मदद से समुद्रों के बारे में काफी कुछ पता लगाया जा रहा है और खिलौनों से मिला डेटा बहुत सटीक भी नहीं है लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि यह कुछ भी न होने से बेहतर है, खासकर जब इतनी सारी जानकारी मुफ्त में मिल रही हो।

समुद्र में बड़ी संख्या में उपकरण या चीजें डाल कर, शोध करना बेहद जटिल प्रक्रिया है जबकि ये खिलौने इस काम को आसान और मुफ्त बना रहे हैं।

पंजाब केसरी से साभार

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जानिए हाथ की उंगलियों में सूजन होने पर क्या करें ?

यह शिकायत बड़ी आम हो गई है कि हाथ की उंगलियों में हमेशा सूजन या दर्द बना ही रहता है। विशेषकर लगभग 40 की उम्र के आसपास की महिलाओं को आए दिन यह शिकायत रहती है। कभी-कभी उंगलियों में सूजन के साथ झनझनाहट की भी शिकायत रहती है।

अक्सर यह भी देखा गया है कि जिन लोगों को छाती या कंधे के पास किसी दुर्घटना में चोट लगी हो तो उनमें उंगलियों की समस्या शुरू हो जाती है। अगर यह समस्या बढ़ती चली गई तो अंत में यह उंगलियों में घाव का रूप ले लेती है।

कौन से लोग इस समस्या से पीड़ित रहते हैं?

महिलाएं जिनका वजन निर्धारित सीमा से ऊपर होता है और जो व्यायाम नहीं करती हैं, वे इस समस्या की शिकार होती हैं। यह समस्या खाद्य संरक्षण उद्योग से जुड़े कर्मचारी।

बर्फ व आईसक्रीम फैक्टरी में काम करने वाले श्रमिकों में भी ज्यादा देखने को मिलती है। इसका कारण यह है कि इस व्यवसाय से जुड़े लोगों के हाथों का ठंडे व गर्म नी से जल्दी-जल्दी सम्पर्क होता रहता है।

वैसे यह समस्या उन लोगों मे भी देखने को मिलती है जो चक्करदार गतिशील औजारों का बहुत प्रयोग करते हैं जैसे ड्रिलिंगमशीन आप्रेटर, मिक्सी-ज्यूसर का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने वाले दुकानदार व ब्यूटीपार्लर में काम आने वाला हेयर ड्रैसर। प्यानो, हारमोनियम व टाइपिंग ज्यादा समय करने वाले लोग भी उंगलियों की समस्या से बच नहीं पाते।

‘थोरेसिक आऊटलेट सिंड्रोम’ भी है एक कारण

जिन लोगों की गर्दन की मांसपेशियों में अनावश्यक रूप से अत्यधिक दबाव होता है या गर्दन में रीढ़ से असाधारण रूप से निकली हुई पसली का दवाव (सरवाइकल) पड़ता है, उन लोगों में यह समस्या “थोरेसिक आऊटलेट सिंड्रोम” (टी.ओ.सी.) के कारण उत्पन्न हो जाती है।

डायबिटीज के मरीज भी इस समस्या से दूर नहीं

देखा गया है कि जिन लोगों को लम्बे समय से डायबिटीज की शिकायत है, वे अक्सर उंगलियों में सूजन व दर्द की शिकायत करते हैं।

कैसे बचें?

उंगलियों में दर्द व सूजन की शिकायत करने वाले लोग अपने हाथ को ठंडे पानी व बर्फ के सम्पर्क में न लाएं। सर्दी के मौसम में हाथों में गर्म व ऊनी दस्तानों का प्रयोग करें।

डिटर्जेंट पाऊडर व कपड़े धोने वाले साबुन का हाथों पर इस्तेमाल न करें। नहाने के लिए बहुत हल्के साबुन का प्रयोग करें। हाथ में कभी टाइट घड़ी का पट्टान बांधे और न ही हाथ की उंगलियों में टाइट अंगूठी पहनें। उंगलियों की समस्या से पीड़ित लोग सिलाई मशीन, प्यानो, हारमोनियम व टाइपिंग मशीन का इस्तेमाल बहुत कम करें।

खाने में सावधानी बरतें

अदरक, हरी सब्जी, टमाटर व गाजर का प्रयोग प्रचुर मात्रा में करें। ताजा कटे अन्नानास का सेवन इस समस्या के निदान में काफी लाभदायक है। याद रखें कि अन्नानास को काटने के बाद तुरन्त खाने से ही फायदा है। अत्यधिक तेल व चर्बी युक्त खाद्य पदार्थों से दूर रहें। मिठाई से थोड़ा परहेज रखें।

कछ दवाइयों से दूर रहें

ब्लडप्रैशर में प्रयुक्त बीटा-ब्लॉकर दवाइयों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। सर दर्द या माइग्रेन में प्रयुक्त होने वाली अरगोटामीन या अरगट औषधियों के सेवन से भी बचना चाहिए। पीड़ित महिलाओं को गर्भ निरोधक दवाइयों व गर्भपात के लिए दी जाने वाली अरगट औषधियों से भी परहेज रखना चाहिए।

इलाज की विधाएं

उंगलियों में दर्द, सूजन व लाल चकत्ते बन रहे हो तो बैगर समय व्यर्थ किए वैस्क्युलर सर्जन से परामर्श लें और उनकी निगरानी में जरूरी जांच करवा कर इलाज शुरू करवा दें। रोगी आटोइम्यून रोग यानी स्केलेरोडरा से पीड़ित तो नहीं है, इसके लिए खून की विशेष जांच व बायोप्सी का सहारा लेना पड़ता है।

स्पैशल क्रीम व तेल स्नान से त्वचा मुलायम और मांसपेशियों में लचीलापन रहता है। अक्सर विशेष एंटीबायोटिक का इस्तेमाल भी करना पड़ता है। कभी-कभी सरवाइकल सिमपैथेक्टमी, थ्रॉम्बोएमबोलेक्टमी व वैस्क्युलर बाईपास आप्रेशन की भी जरूरत पड़ती है।

पंजाब केसरी से साभार

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जानिए विदेशों से आई कुछ खूबसूरत महारानियों के बारे में !

अमरीकी और यूरोपियन महिलाओं, खासतौर पर अंग्रेज महिलाओं से शादी करने के लिए भारतीय राजे-रजवाड़े हमेशा उत्सुक रहते हैं। उन सभी राजाओं और राजकुमारों के तो नाम गिनवाने की जरूरत नहीं है, जिन्होंने यूरोपियन तथा अमरीकी महिलाओं से शादी की। परंतु कुछ उदाहरणों से यह स्पष्ट हो जाएगा कि प्यार की हवा का रुख उस समय क्या था।

तो चलिए जानते हैं इस पोस्ट के माध्यम से:-

दक्षिण भारत की एक रियासत ‘पुत्थूकोट्टा‘ के शासक राजा ‘मार्तंड तोंडिमन बहादुर‘ ने एक विदेशी महिला “मौली फिंक” से शादी की। उन्होंने उसके साथ पूरा यूरोप घूमा था। राजा ने उसे ऐतिहासिक महत्व के कई हीरे-जवाहरात भेंट स्वरूप दिए थे।

पुत्थूकोट्टा की महारानी मौली फिंक

इन दोनों की कपूरथला के महाराजा जगजीत सिंह से खासी दोस्ती थी। कपूरथला नरेश यूरोप और पैरिस के समाजों में जाने-माने थे ही। इसने ही ‘राजा तोंडिमन‘ और उसकी रानी का परिचय पैरिस के समाज में कराया था।

राजा ‘तोंडिमन’ की रानी बड़ी सुंदर महिला थी। लम्बा कद और भव्य आकृति। उसने जल्दी ही अपने आपको भारतीयता के सांचे में ढाल लिया था। वह अक्सर साड़ी पहनती और देखने भालने में बिल्कुल भारतीय महारानी जैसी लगती थी।

पन्ना के महाराजा राजा ‘महेंद्र यादवेंद्र सिंह बहादुर‘ ने भी एक की रानी अंग्रेज महिला से शादी की थी। इनकी पहली रानी भावनगर के महाराजा की पुत्री थी, जिसकी मृत्यु के बाद इन्होंने जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह की बहन से शादी की थी।

चूंकि पन्ना का महाराजा नित नई अंग्रेज महिलाओं के साथ घूमने फिरने का शौकीन था, इसलिए वह गर्मियों में अपनी महारानी को पहाड़ों पर रंगरलियां मनाने के लिए छोड़कर खुद अन्य अंग्रेज महिलाओं के साथ सफर को निकल जाता था।

महारानी पहाड़ों पर जी भरकर मौज मनाती ठाठदार दावतें देती और उन दावतों में अंग्रेज अफसरों तथा मसूरी के गिने चुने लोगों को निमंत्रित करती। इनमें भारतीय राजकुमार और जवान भारतीय अफसर भी होते थे।

वह दिल खोल कर अतिथि सत्कार करती थी। उसके चेहरे से ही वासना टपकती थी। कोई भी उसकी ओर देख कर आकर्षित हुए बिना नहीं रह सकता था।

पालमपुर के नवाब ‘सर ताले मोहम्मद खान‘ की बेगम भी अंग्रेज थी। नवाब ने इसे बेशुमार कीमती हीरे जवाहरात दिए थे। पालमपुर का नवाब अफगानों के ‘यूसुफहोनी‘ वंश का था। उसके बेटे ने भी अपने पिता के पदचिन्हों पर चल कर एक अंग्रेज महिला से शादी की।

गुजरात के पोरबंदर के महाराजा नटवर सिंह जी की शादी लिम्बड़ी के दौलत सिंह जी की पुत्री राजकुमारी ‘रूपलिब‘ से हुई थी परंतु किसी संतान को जन्म देने से पहले ही उसकी मृत्यु हो गई थी जिसके बाद उन्होंने एक अंग्रेज महिला से नाता जोड़ा।

भारतीय रियासतों के भारत में विलय के बाद नटवर सिंह अपनी भूतपूर्व रियासत में बहुत कम जाते थे। अगर कभी जाते भी तो सिर्फ अपने हीरे-जवाहरात और महल का साज-सामान बेचने के लिए।

इंदौर के महाराजा ‘तुकोजीराव होल्कर‘ तथा उनका सुपुत्र जो उनके बाद इंदौर का महाराजा बना, इन दोनों ने भी अमरीकी महिलाओं से शादी की थी। पंजाब की जींद रियासत के शासक महाराजा रणबीर सिंह राजिंद्र बहादुर ने भी एक अंग्रेज महिला से शादी की थी।

कपूरथला की महारानी अनीता डेलगाडो

कपूरथला के राजा जगतजीत सिंह ने अनीता डेलगाडो से शादी की जो बाद में प्रेम कौर बन गई।

टिकारी की महारानी Elsie Caroline

टिकारी के महाराजा राजी कुमार गोपाल सरन नरैन सिंह ने ऑस्ट्रेलियाई एक्ट्रैस एल्सी कैरोलीन से शादी की।

इनके अलावा और भी कई भूतपूर्व भारतीय राजाओं-महाराजाओं ने विदेशी महिलाओं से विवाह करके उन्हें महारानियां घोषित किया।

पंजाब केसरी से साभार

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ऐसे पाएँ तनाव-रहित और भरपूर नींद से नई ऊर्जा

जैसे शरीर के लिए खाना-पीना आवश्यक है, भरपूर नींद भी उसी प्रकार आवश्यक है। एक भरपूर व तनाव रहित नींद व्यक्ति में नई ऊर्जा व स्फूर्ति भर देती है।

खेद की बात है कि आज के भागदौड़ और तनावपूर्ण दिनचर्या के कारण एक अच्छी व भरपूर नींद लेना कठिन होता जा रहा है। किशोर से लेकर बुजुर्ग अनिद्रा की अनचाही बीमारी के शिकार हो रहे हैं। आलम यह है कि हर तीसरा शख्स किसी न किसी कारणवश पूरी नींद नहीं ले पा रहा है।

देखे: नींद न आने के कारण और समाधान

शोधों से साबित हो चुका है कि मोबाइल फोन अनिद्रा का एक बड़ा कारण हैं। इसके इस्तेमाल को कम करें। हो सके तो रात के समय महत्वपूर्ण काल्स के अलावा इसकी तरफ ध्यान ही न दें। अनिद्रा से जूझ रहे व्यक्ति के लिए यह उपाय बड़े काम का है।

भरपूर नींद के लिए कुछ उपाय

यदि आप को नींद न आए तो अपने आप से कुछ सवाल करें। जैसे?

  • क्या ऐसी कोई भी ऐसी चीज़ है जो आप सोने से पहले करना चाहते हैं?
  • कोई सोच, डर, चिंता, उत्तेजना या शंका आपके मन पर हावी हो रही है?
  • कोई समस्या जो कल तक नहीं टाली जा सकती?

ऐसा है तो फिर ये भी सोचें..

आपका शरीर आपकी सबसे उपयोगी मशीन है, जिसे दूसरी किसी भी मशीन की तरह आराम की जरूरत है। अगर आपका शरीर सही हालत में है तो आप किसी भी समस्या का समाधान कर सकते हैं। इसलिए या तो सब कुछ बस अभी सोच लें या कर लें और तब तक न सोएँ जब तक कोई समाधान न मिल जाये।

या इस मशीन को थोड़ा आराम दे ताकि आप “उस समस्या” के बारे में बेहतर तरीके से सोच-विचार कर सकें। तो क्या आप मानते हैं कि ये सोच-विचार का task आप कल भी कर सकते हैं??

इस शरीर रूपी मशीन को अभी स्विच ऑफ करें और बिस्तर पर गिर पड़ें। स्विच ऑफ का मतलब है सब कुछ स्विच ऑफ, दिल-दिमाग, सारे विचार, सारी सोच. यह सोचें कि जैसे आप कोई रोबोट हैं जिसकी instructions वाली pen drive आपने निकाल कर फेंक दी! इसमें रोबोट भी आप हैं, और instructions वाली pen drive भी आप ही हैं और इसको ऑन ऑफ करने वाले भी आप हैं। यानि सारा कंट्रोल आपके ही पास है।

हाँ आप रोबोट नहीं है, आपके भी दिल/दिमाग है…आदि-इत्यादि… लेकिन खुद का थोड़ा मजा लेने में क्या जाता है?

बात नहीं बनी?

अगर आपको लगता है यह सोच-विचार कल नहीं हो सकता है तो फिर अभी उठ कर लाइटस ऑन करें। शीशे के सामने खड़े हो जाएँ और 5-10-20-25-30 मिनट्स 1 घंटा या पूरा दिन, जितना ठीक लगे खूब सोच लें। बिस्तर पर लेटे-2 मत सोचें। आँखों में आँखें डाल कर इसका सामना करें।

यदि नींद न आने अगर, कोई उतेजना, तनाव, शंका, डर, घबराहट है  तो उसकी तह तक जाने की कोशिश करें। किसी मनोचिकित्सक या अपने डॉक्टर से सलाह मशविरा करें। हो सकता है कि थोड़े उपचार से आपको मनचाही नींद मिलने लगे।

यदि इससे भी बात न बने तो तो फिर ये उपाय करें।

आगे पढ़ें: ये 11 तरीके नींद लाने में आपकी मदद कर सकते हैं

क्या है हैशटैग, जानिए इसके फायदे और नुकसान

आपने सोशल मीडिया साइट्स पर कई बार पोस्ट के आगे #(हैशटैग) का साइन लगा हुआ देखा होगा। आखिर यह है क्या और क्यों इस्तेमाल किया जाता है, आइए जानते हैं

क्या है हैशटैग

हैशटैग सोशल मीडिया के किसी पोस्ट में लिखे किसी भी शब्द को एक लिंक में बदलने का काम करता है, जैसे #Kidsmagazine, अगर हम Facebook पर इस तरह लिख दें तो यह एक लिंक में बदल जाएगा और इस पर क्लिक करके हम वह सारी पोस्ट देख सकेंगे, जिनमें #Kidsmagazine लगा हुआ होगा।

जब आप इंइंस्टाग्रामस्टाग्राम, फेसबुक और Youtube आदि पर कोई Hashtag पर क्लिक करते हैं तो उससे रिलेटेड सभी टॉपिक आपको दिखाई देने लगते हैं। इससे कोई भी टॉपिक सर्च करने में आसानी होती है।

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कैसे होता है उपयोग

इसके उपयोग से हम आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा सकते हैं और अपना ओपिनियन शेयर कर सकते हैं। इसका उपयोग बिजनेस, वेबसाइट को प्रमोट करने के लिए भी किया जा सकता है, इसीलिए जब भी कोई पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं तो इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

जैसे- #आज #इस #प्रकार #से #लिखें

या #आजइसप्रकारसेलिखें

या #आज-इस-प्रकार-से-लिखें।

इस प्रकार से अच्छे से हैशटैग का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन उसी शब्द पर हैशटैग का उपयोग करना चाहिए, जो बहुत ज्यादा जरूरी है, जैसे कि आज ‘एग्जाम’ कोई ट्रेंडिंग टॉपिक है, जिसके बारे में आपको अपना सुझाव देना है तो अपने सुझाव के बाद आप कैप्शन में हैशटैग में एग्जाम लगा सकते हैं, जिससे आपका ओपिनियन ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे।

फायदे

# लगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप उन लोगों को देख सकते हैं जो कि किसी ब्रांड, इवेंट या किसी प्रमोशन पर अपनी राय दे रहे हैं।

यह किसी भी ब्रांड को प्रमोट करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है। यह सबसे पहले ट्विटर पर इस्तेमाल किया गया था। उसके बाद अभी यह इंस्टाग्राम, फेसबुक, गूगल प्लस, यूट्यूब आदि जैसे कई प्लेटफॉर्म पर भी इस्तेमाल होने लगा है।

अगर आप फेसबुक पर पॉपुलर होना चाहते हैं तो आप अपने आपको हैशटैग के जरिये एडवरटाइज कर सकते हैं। यह एक फ्री में प्रमोट करने वाली तकनीक है। अगर आप अपनी पोस्ट को पब्लिक में रखते हैं तो यह पूरी दुनिया में एक्सेस होकर आपको प्रमोट करती है।

नुकसान

फेसबुक पर # का इस्तेमाल करते हैं तो यह आपकी प्राइवेसी को लीक करता है, इसलिए अगर आप किसी पर्सनल मैटर पर कुछ लिख रहे हैं तो उसमें हैशटैग का इस्तेमाल ना करें।

अगर आपने कोई फोटो अपलोड की है तो उस पर भी आप हैशटैग का इस्तेमाल ना करें, क्योंकि अगर आप हैशटैग का इस्तेमाल करते हैं तो यह अननोन यूजर को भी दिखाई देती है।

अगर आप सही ढंग से हैशटैग का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो यह इग्नोर कर दिया जाता है, इसलिए आप अपने आर्टिकल से रिलेटेड ही # लगाएं, जिससे कि आपका आर्टिकल ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके और लोग इसे पसंद कर सकें।

आप अपने आर्टिकल में इस तरह के हैशटैग न लगाएं जो कि आर्टिकल से बिल्कुल ही रिलेटेड न हों। कोई भी आर्टिकल में हैशटैग लगाने से पहले उसको अच्छी तरह चेक कर लें कि वह हैशटैग आपके लिए सही है या नहीं और आर्टिकल पोस्ट करने से पहले आप अपने हैशटैग की स्पेलिंग भी जरूर चेक कर लें।

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‘पाचन तंत्र’ से हैं परेशान तो अपनाएं ये उपाय!!

आमतौर पर लोग ज्यादा तीखा, मसालेदार, चिकनाई वाला भोजन खाना पसंद करते हैं और इसी खाने से पाचन तंत्र गड़बड़ा जाता है। जिससे कई तरह की समस्याएं होती हैं।

अगर आप भी रोज रोज ऐसी ही परेशानियों से जूझ रहे हैं तो आज इस पोस्ट में हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं जिनसे आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं, तो चलाये जानते हैं।

फाइबर वाले खाद्य पदार्थ खाएं

पेट से जुड़ी समस्याओं से बचने का सबसे आसान तरीका है कि आप डाइट में अधिक से अधिक घुलनशील फाइबर वाली चीजों को शामिल करें।

यह न केवल आपके पाचन को सही करते हैं बल्कि इससे आप कब्ज जैसी समस्याओं से भी बच जाते हैं। हरी सब्जियों और फलों का सेवन अधिक करें।

तांबे के बर्तन में पानी पिएं

तांबे के बर्तन में पानी पीना पेट के लिए काफी फायदेमंद होता है। पुराने समय में अक्सर लोग ऐसा किया करते थे क्योंकि उनका मानना था कि पेट तमाम बीमारियों की जड़ होता है। इसलिए तांबे के बर्तन में पानी पीना भी लाभदायक हो सकता है।

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चाय-कॉफी कम पीएं

चाय कॉफी और अल्कोहल का कम से कम सेवन करें, क्योंकि इनके सेवन से पेट से जुड़ी समस्याएं और बढ़ जाती हैं। इनके अधिक सेवन से आपको डायरिया की समस्या भी हो सकती है। अल्कोहल के अधिक सेवन से आपको ‘डिहाइड्रेशन‘ भी हो सकता है।

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गुनगुना पानी पिएं

ठंडा पानी आपके पाचन तंत्र को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। पानी शरीर के लिए सबसे जरूरी चीजों में से एक है। शरीर का हाइड्रेट रहना सबसे ज्यादा जरूरी है। पानी शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।

ठंडा पानी पीने से कई ज्यादा बेहतर है कि आप गुनगुना पानी पिएं। इससे पाचन शक्ति मजबूत करने में काफी मदद मिल सकती है।

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फैट युक्त चीजें न खाएं

अगर आप आवश्यकता से ज्यादा फैट वाली चीजें खाते हैं तो इससे आपकी स्थिति और बिगड़ सकती है और आपको मल त्याग करते समय काफी मुश्किलें भी आ सकती हैं इसलिए ज्यादा तली भुनी और फ्राई की हुई चीजों की बजाय फलों और हरी सब्जियों का सेवन करें।

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भारत की इन 6 जगहों का नाम दर्ज़ है वर्ल्ड रिकॉर्ड में !!

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भारत में ऐसी कई जगहें हैं जो बेहद खूबसूरत हैं आज इस पोस्ट में हम आपको भारत की 6 ऐसी ही जगहों के बारे में बताने जा रहें हैं जिनका नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज़ है।

तो आइये जानते हैं

पृथ्वी पर सबसे अधिक गीला स्थान, मौसिनराम

दुनिया में सबसे ज़्यादा नमी वाले जगह के तौर पर गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भारत के मेघालय में मौसिनराम का नाम दर्ज है। यहां बंगाल की खाड़ी की वजह से काफी ज़्यादा नमी है और 1491 मीटर की ऊंचाई वाले खासी पहाड़ियों की बदौलत यह नमी संघनित भी हो जाती है। यहां औसतन सालाना बारिश 11,871 मिलीमीटर होती है।

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दुनिया का सबसे ऊंचा डाकघर, हिक्किम गांव

हिमाचल प्रदेश के स्पीति में हिक्किम नाम के गांव में स्थित है दुनिया का सबसे ऊंचा डाकघर। 14567 फीट यानी 4440 मीटर की ऊंचाई पर जहां सांस लेने के लिए भी मेहनत करनी पड़ती है, वहां यह डाकघर 1983 से दूर-दराज के दुर्गम गांवों तक चिट्ठियां पहुंचा रहा है। भारत वो जगह है जहां विश्व का सबसे ऊंचा डाकघर स्थित है।

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डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज, मेघालय

Living root bridges are handmade from the aerial roots of banyan fig trees by Khasi people.

भारत अपनी खूबसूरती से विदेश का मुकाबला करने में माहिर है। यहां के हरे-भरे बाग, जंगल, झरने, प्राकृतिक दृश्य किसी का भी ध्यान अपनी ओर खिंचने का काम करते हैं। ऐसे में ही एक आकर्षित जगह चेरापूंजी, मेघालय में स्थित है।

असल में, यहां पर “डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज” है जो जीवित जड़ सेतु के नाम से दुनियाभर में फेमस है। यह करीब 50 मीटर लंबा और 1.5 मीटर चौड़ा है। माना जाता है कि 200 से 500 साल पुराना है। यह सुंदर व आकर्षित ब्रिज मेघालय की उमशियांग नदी के ऊपर बना है।

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दुनिया में सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़क

लद्दाख का चिसुमले-डेमचोक रोड समुद्र तल से 19000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित दुनिया की सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़क है। इस सड़क का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। इस ऊंचे पहाड़ी दर्रे से होते हुए बीआरओ ने 52 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क बनाई है जो देश के कुछ सबसे कठिन सीमा क्षेत्रों को जोड़ता है।

विश्व का सबसे ऊंचा क्रिकेट ग्राउंड, चैल, हिमाचल प्रदेश

विश्व का सबसे ऊंचाई पर स्थित क्रिकेट मैदान हिमाचल प्रदेश के चैल (Chail) नामक स्थान पर मौजूद Chail Cricket Ground है। इस मैदान का निर्माण 1893 में पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह के द्वारा करवाया गया था। 2250 मीटर की ऊंचाई पर स्थित चैल क्रिकेट का मैदान दुनिया के अन्य सभी क्रिकेट स्टेडियमों में सबसे ऊंचा है।

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दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल, चिनाब ब्रिज, जम्मू और कश्मीर

चिनाब ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज जो कि एफ़िल टॉवर से भी 35 मीटर ऊंचा है। यह पुल बक्कल (कटरा) और कौरी (श्रीनगर) को जोड़ता है। इसकी नदी तल से ऊंचाई 359 मीटर है।

इस रेल लाईन से सेना को कश्मीर घाटी तक पहुंचने में 4 से 5 घंटे की बचत होगी। जम्मू और कश्मीर में मौजूद दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल चिनाब ब्रिज, चिनाब नदी पर स्थित है।

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व्यायाम के शीर्ष 10 आश्चर्यजनक लाभ

आपने ऐसा कई बार सुना होगा कि व्यायाम के बहुत फायदे होते हैं, लेकिन जब तक आप खुद व्यायाम नहीं करोगे, तो आपको व्यायाम के फायदों के बारे में अच्छी तरह से नहीं पता चलेगा। यह हैं व्यायाम करने के 10 आश्चर्यजनक लाभ.

नियमित व्यायाम करने से हृदय रोग कम होते हैं

दैनिक व्यायाम करने से आपके शरीर का कोलेस्ट्रॉल अच्छा होने के साथ साथ आपके दिल की मांसपेशियों में भी मजबूती आती है और आपके रक्त प्रवाह में भी सुधार आता है.

रक्त दबाव में सुधार

वैज्ञानिक शोध में पाया गया है व्यायाम आपके शरीर में उच्च रक्त दबाव को 40 प्रतिशत कम कर देता है.

आपके स्वास्थ्य में सुधार

एक ताजा अध्ययन में पाया गया है कि नियमित व्यायाम करने से बुढ़ापे में भी लोग अच्छे स्वस्थ जीवन का आनंद ले सकते हैं.

कम पीठ दर्द होना

व्यायाम करने से आपकी मांसपेशियों में ताकत आएगी, उनमें सहन शक्ति बढ़ेगी, मांसपेशियों में लचीलापन आएगा, जिससे आपकी रीढ़ की हड्डी में होने वाला दर्द कम होगा.

मजबूत हड्डियाँ

व्यायाम करने से आपके शरीर की हड्डियों में मजबूती आएगी. मजबूत हड्डियाँ आपको नाचने, खेलने में मदद करती हैं, जिससे आपको शरीरक थकान भी कम होगी.

बेहतर आत्मसम्मान और तनाव प्रबंधन

आपके द्वारा किए गए जोरदार व्यायाम से आपके शरीर में एंडोरफिन्स पैदा होते हैं, जिससे आपको मानसिक रूप से अच्छा महसूस होता है. एक तरह से, शरीरक व्यायाम आप में अच्छी मानसिक स्थिति पैदा करता है.

आपके शरीर की रोगक्षमता में बढ़ावा

नियमित व्यायाम, आप में वायरस (cold) से लड़ने की शक्ति पैदा करता है और आप के शरीर में कोशिकाओं के संचालन में वृद्धि करता है, जिससे आपके शरीर में अलग अलग बीमारियों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि आती है.

स्तन कैंसर के खतरे में कमी करना

एक वैज्ञानिक शोध में पाया गया है कि नियमित व्यायाम करने से औरतों के शरीर में स्तन कैंसर के होने में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी आती है. हालांकि यह नतीजे पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह स्पष्ट है व्यायाम से कैंसर के होने के खतरे में 20 से 30 प्रतिशत गिरावट आती है.

व्यायाम से मिलती है अधिक ऊर्जा

नियमित व्यायाम से आपके शरीर में अधिक उर्जा पैदा होती है, जिससे आप अपना भारी समान भी आराम से उठा सकते हैं.

व्यायाम करने से आती है अच्छी नींद

नियमित व्यायाम से आपको अच्छी नींद आती है और नींद की गुणवत्ता में भी सुधार आता है. लेकिन आपको बस यह ध्यान में रखना होगा कि आपके व्यायाम करने के समय और आपके सोने के समय के बीच थोड़ा अंतर हो.

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इन 10 फोटोज़ को देखकर आपका दिमाग हिल जाएगा!

सोशल मीडिया पर हमे रोज़ ऐसी कई फोटो या विडियो देखने को मिलती हैं। जिन में से कई फोटोज़ और वीडियो बहुत हंसी वाले होते हैं तो वहीँ कुछ हैरान कर देने वाले होते हैं। कई बार कुछ ऐसी फोटो भी देखने को मिलती हैं, जिसे देखकर दिमाग हिल जाता हैं। मतलब हमें ये समझ नहीं आता की ये क्या है। आज इस पोस्ट में हम आपको 10 ऐसे फोटोज़ दिखाने जा रहे हैं जिन्हें देखकर आपका दिमाग हिल जाएगा। तो चलिए देखते हैं :-

आप सोच रहे होंगे की ये ये मेंढ़क है लेकिन ये कोई मेढ़क नहीं है असल में कॉफी पर बने बुलबुले हैं।

इस तस्वीर को देखकर अगर आप ये सोच रहे हैं कि ये डेंटिस्ट द्वारा उखाड़े गए दांत हैं, तो आप गलत हैं दरअसल ये सफेद शिमला मिर्च हैं, जिनके अंदर टमाटर काट कर डाले गए हैं। समझ नहीं आया कौन लड़का है कौन लड़की ? इस तस्वीर को देखकर आपने भी इसे कंबल समझ लिया होगा ना, लेकिन ये कंबल नही बल्कि Shar-Pei प्रजाति के कुत्ते का मुंह है। इस तस्वीर में लड़की के तीन पैर नजर आ रहे है लेकिन अगर एक बार ध्यान से इस फोटो पर नज़र डालें है तो कुछ और ही समझ आता है। लगता है बिल्ली फोटो खिचवाले के मूड में है ! यह पेड़ इस तरह से बना है मानो किसी लड़की की टाँगें हैं ! omg अफसर के इतने लम्बे हाथ! अरे ! भाई पूरी बतख निगल जायेगा क्या? ये क्या है यह भी पढ़ें :- ये हैं दुनिया टॉप 10 अजीबोगरीब नौकरियां!!

यू ट्यूब स्टार है ये 7 साल की बच्ची, कमाई जानकर आपके होश उड़ जायेंगे

जिस उम्र में बच्चे खेलना कूदना सीखते हैं उस उम्र में ये बच्ची करोड़ों की आमदनी कर रही है। इस छोटी से बच्ची का नाम अनास्तासिया रैडजिस्काया है और ये महज महज 7 साल की है। रूस की रहने वाली यह बच्ची यू ट्यूब स्टार है।

उसके वीडियोज को लाखों नहीं करोड़ों बार देखा जाता है, जिसकी बदौलत वह हर महीने 1 करोड़ रुपये से अधिक कमा रही है। यह सात साल की बच्ची 140 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति की मालकिन है।

कब की शरुआत

अनास्तासिया का जन्म साल 2014 में हुआ था, जिसके तुरंत बाद पता चला कि उन्हें न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर है। दरअसल, डॉक्टरों ने एनास्तासिया के माता-पिता को इस बच्ची को मस्तिष्क से जुड़ी बीमारी होने की बात बताई थी।

इसके बाद उसके माता-पिता ने एक फैसला किया। उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ कर इस बच्ची के लिए यूट्यूब पर Like Nastya नाम का चैनल बना दिया।

शुरू-शुरू में इस चैनल पर पढाई-लिखाई से जुड़े हुए प्रोजेक्ट की वीडियो शेयर की जाती थी। मात्र 2 साल के अंदर ही इस चैनल को लोगों का भरपूर प्यार मिला और देखते ही देखते ये आगे बढ़ गया। पिछले साल ही ये चैनल यू ट्यूब पर सबसे ज्यादा कमाई करने वाला चैनल बन गया है।

अब वो अपने चैनल पर अलग-अलग तरह के कंटेंट डालती रहती है जिससे दूसरे बच्चे भी इंस्पायर होते हैं और सीखते भी है। अब एनास्तासिया दुनिया भर के बच्चों के लिए एक जाना-माना नाम बन चुकी है।

अनास्तासिया यू ट्यूब से सबसे अधिक पैसे कमाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स की टॉप 10 की लिस्ट में छठे नंबर पर पहुंच गईं।

एक वीडियो को मिले 90 करोड़ से ज्यादा व्यूज

इस बच्ची के कंटेंट को लोग कितना पसंद करते हैं, यह उनका 4 साल पहले अपलोड किये गए एक वीडियो बखूबी पता चलता है जिस पर 90 करोड़ से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। जबकि उनके चैनल को 86 मिलियन लोगों ने सब्सक्राइब किया है।

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