ऐसे पाएँ तनाव-रहित और भरपूर नींद से नई ऊर्जा

जैसे शरीर के लिए खाना-पीना आवश्यक है, भरपूर नींद भी उसी प्रकार आवश्यक है। एक भरपूर व तनाव रहित नींद व्यक्ति में नई ऊर्जा व स्फूर्ति भर देती है।

खेद की बात है कि आज के भागदौड़ और तनावपूर्ण दिनचर्या के कारण एक अच्छी व भरपूर नींद लेना कठिन होता जा रहा है। किशोर से लेकर बुजुर्ग अनिद्रा की अनचाही बीमारी के शिकार हो रहे हैं। आलम यह है कि हर तीसरा शख्स किसी न किसी कारणवश पूरी नींद नहीं ले पा रहा है।

देखे: नींद न आने के कारण और समाधान

शोधों से साबित हो चुका है कि मोबाइल फोन अनिद्रा का एक बड़ा कारण हैं। इसके इस्तेमाल को कम करें। हो सके तो रात के समय महत्वपूर्ण काल्स के अलावा इसकी तरफ ध्यान ही न दें। अनिद्रा से जूझ रहे व्यक्ति के लिए यह उपाय बड़े काम का है।

भरपूर नींद के लिए कुछ उपाय

यदि आप को नींद न आए तो अपने आप से कुछ सवाल करें। जैसे?

  • क्या ऐसी कोई भी ऐसी चीज़ है जो आप सोने से पहले करना चाहते हैं?
  • कोई सोच, डर, चिंता, उत्तेजना या शंका आपके मन पर हावी हो रही है?
  • कोई समस्या जो कल तक नहीं टाली जा सकती?

ऐसा है तो फिर ये भी सोचें..

आपका शरीर आपकी सबसे उपयोगी मशीन है, जिसे दूसरी किसी भी मशीन की तरह आराम की जरूरत है। अगर आपका शरीर सही हालत में है तो आप किसी भी समस्या का समाधान कर सकते हैं। इसलिए या तो सब कुछ बस अभी सोच लें या कर लें और तब तक न सोएँ जब तक कोई समाधान न मिल जाये।

या इस मशीन को थोड़ा आराम दे ताकि आप “उस समस्या” के बारे में बेहतर तरीके से सोच-विचार कर सकें। तो क्या आप मानते हैं कि ये सोच-विचार का task आप कल भी कर सकते हैं??

इस शरीर रूपी मशीन को अभी स्विच ऑफ करें और बिस्तर पर गिर पड़ें। स्विच ऑफ का मतलब है सब कुछ स्विच ऑफ, दिल-दिमाग, सारे विचार, सारी सोच. यह सोचें कि जैसे आप कोई रोबोट हैं जिसकी instructions वाली pen drive आपने निकाल कर फेंक दी! इसमें रोबोट भी आप हैं, और instructions वाली pen drive भी आप ही हैं और इसको ऑन ऑफ करने वाले भी आप हैं। यानि सारा कंट्रोल आपके ही पास है।

हाँ आप रोबोट नहीं है, आपके भी दिल/दिमाग है…आदि-इत्यादि… लेकिन खुद का थोड़ा मजा लेने में क्या जाता है?

बात नहीं बनी?

अगर आपको लगता है यह सोच-विचार कल नहीं हो सकता है तो फिर अभी उठ कर लाइटस ऑन करें। शीशे के सामने खड़े हो जाएँ और 5-10-20-25-30 मिनट्स 1 घंटा या पूरा दिन, जितना ठीक लगे खूब सोच लें। बिस्तर पर लेटे-2 मत सोचें। आँखों में आँखें डाल कर इसका सामना करें।

यदि नींद न आने अगर, कोई उतेजना, तनाव, शंका, डर, घबराहट है  तो उसकी तह तक जाने की कोशिश करें। किसी मनोचिकित्सक या अपने डॉक्टर से सलाह मशविरा करें। हो सकता है कि थोड़े उपचार से आपको मनचाही नींद मिलने लगे।

यदि इससे भी बात न बने तो तो फिर ये उपाय करें।

आगे पढ़ें: ये 11 तरीके नींद लाने में आपकी मदद कर सकते हैं