आज दिखाई देगा सुपरमून, जाने क्या है मायने और क्यों नज़र आएगा चंद्रमा लाल?

आज यानि 26 मई का दिन बेहद खास है। लोग चंद्रग्रहण और सुपर मून दोनों खगोलीय घटनाएं एक साथ देख पाएंगे। बुधवार को चांद सफेद की बजाय सुर्ख लाल रंग का नजर आएगा। सात फीसदी बड़ा और 30 फीसदी अधिक सुर्ख रोशनी बिखेरता चांद सुपर ब्लड मून कहलाएगा।

चंद्रग्रहण की शुरुआत

चंद्रग्रहण की शुरुआत दोपहर 2:17 मिनट से शुरू होकर 7:19 मिनट तक रहेगी। इसी दौरान सुपर ब्लड मून की घटना को शाम 6:49 मिनट पर 35 मिनट तक देखा जा सकेगा। हालांकि भारत से सुपर मून आंशिक रूप से नजर आएगा।

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) नैनीताल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडे ने बताया कि पश्चिमी-दक्षिण अमरीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण-पूर्वी एशिया आदि देशों में लोग पूर्ण चंद्रग्रहण देख पाएंगे, लेकिन भारत में केवल उपच्छाया चंद्रग्रहण ही नजर आएगा।

उन्होंने बताया कि पिछले सुपर ब्लड मून और चंद्रग्रहण की घटना 21 जनवरी 2019 को हुई थी। वहीं अगली बार यह घटना 16 मई 2022 को घटित होगी।

डॉ. पांडे ने बताया कि चंद्रग्रहण के समय पृथ्वी की छाया के कारण चंद्रमा धरती से काला नजर आता है। उन्होंने बताया कि इस दौरान चंद सेकेंड के लिए चंद्रमा लाल भी दिखाई देगा। यह तब होता है, जब सूर्य की रोशनी परिवर्तित होकर चंद्रमा तक जाती है।

क्या है सुपरमून ?

सुपरमून क्या होता है? अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा कि 2021 में अन्य पूर्ण चंद्रमाओं की तुलना में फ्लावर मून पृथ्वी के सबसे निकट पहुंचेगा। जिसके कारण यह वर्ष के सबसे निकटतम और सबसे बड़े पूर्ण चंद्रमा के रूप में दिखाई देगा।

पृथ्वी का चक्कर काटते समय ऐसी स्थिति बनती है जब चंद्रमा पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है यानी सबसे कम दूरी होती है। इस दौरान कक्षा में करीबी बिंदु से इसकी दूरी करीब 28,000 मील रहती है। इसी परिघटना को सुपरमून कहा जाता है।

सुपर का क्या अर्थ है?

चंद्रमा के निकट आ जाने से यह आकार में बड़ा और चमकीला दिखता है। वैसे, सुपरमून और सामान्य चंद्रमा के बीच कोई अंतर निकालना कठिन है जब तक कि दोनों स्थिति की तस्वीरों को किनारे से ना देखें। चंद्र ग्रहण से क्या मतलब है।

चंद्र ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में पूरी तरह या आंशिक रूप से छिप जाता है। यह परिघटना पूर्णिमा के दौरान होती है। इसलिए पहले पूर्णिमा के चंद्रमा को समझने का प्रयास करते हैं।

पृथ्वी की तरह ही चंद्रमा का आधा हिस्सा सूरज की रोशनी में प्रकाशित रहता है। पूर्ण चंद्र की स्थिति तब बनती है जब चंद्रमा और सूरज पृथ्वी के विपरीत दिशा में होते हैं।’ इससे रात में चंद्रमा तश्तरी की तरह नजर आता है।

प्रत्येक चंद्र कक्षा में दो बार चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य दोनों के समान क्षैतिज तल पर होता है। अगर यह पूर्ण चंद्रमा से मेल खाती है तो सूरज, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आते हैं और चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरेगा। इससे पूर्ण चंद्र ग्रहण होता है।

हनुमान चालीसा पाठ से दूर होते हैं सारे दुःख, पर न करें ये काम

श्रीहनुमान चालीसा हिन्दी और अवधी साहित्य के महान सन्त कवि गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित एक महान और प्रसिद्ध रचना है। जैसे कि नाम से ज्ञात होता है, यह चालीस छंदों और दो दोहों में अवधी भाषा में लिखी गयी है।

श्रीहनुमान चालीसा श्रीरामभक्त श्रीहनुमानजी की सुंदर स्तुति है जिसमें उनकी श्रीराम भक्ति, वीरता, सरलता, निर्भयता, सौंदर्य आदि गुणों का सुंदर ढंग से चित्रण किया गया है। यह गोस्वामी तुलसीदासजी की सर्वश्रेष्ठ रचनाओं में से एक है।

हनुमान चालीसा पाठ से दूर होते हैं सारे दुःख, पर न करें ये काममान्यता है कि श्रीहनुमानजी ने तुलसीदासजी को दर्शन देकर श्रीराम लक्ष्मण के दर्शन पाने का मार्ग सुझाया था।

श्रीहनुमान चालीसा-पाठ से मिटते हैं सारे दुःख

श्रीहनुमानजी की स्तुति करने से दुःख, क्लेश और भय आदि विकारों को मिटाने के सरलतम उपाए श्रीहनुमान चालीसा में बताए गये है। माना जाता है श्रीहनुमानजी अजर-अमर हैं और कलियुग में विचरते रहते हैं।

माना जाता है कि जो भी साधक सच्चे और शुद्ध मन से श्रीहनुमान चालीसा का पाठ करता है और श्रीहनुमानजी का ध्यान करता है बजरंगबली उसे शीघ्र ही दर्शन देकर सारे भयों से मुक्त कर देते हैं।

लेकिन न करें ये काम

लेकिन हनुमान चालीसा का पाठ करने के साथ ही साधक को काम, क्रोध, लोभ, मोह से बचना चाहिए। खासतौर पर पर-स्त्री गमन, पराई स्त्री पर बुरी नज़र रखने और कामुक विचारों आदि से दूर रहना चाहिए।

चूंकि श्रीहनुमानजी बाल-ब्रह्मचारी हैं इसलिए यदि उनकी भक्ति करते हैं तो इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसा न करने पर श्रीहनुमान जी की कृपा दृष्टि मिलना कठिन होता है, ऐसा माना जाता है।

श्रीहनुमान चालीसा

दोहा:
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।।
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

चौपाई:

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।

रामदूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी।।

कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुंडल कुंचित केसा।।

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
कांधे मूंज जनेऊ साजै।

संकर सुवन केसरीनंदन।
तेज प्रताप महा जग बन्दन।।

विद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर।।

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया।।

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
बिकट रूप धरि लंक जरावा।।

भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्र के काज संवारे।।

लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा।।

जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा।।

तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
लंकेस्वर भए सब जग जाना।।

जुग सहस्र जोजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।

दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रक्षक काहू को डर ना।।

आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हांक तें कांपै।।

भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।।

नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा।।

संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।

सब पर राम तपस्वी राजा।
तिन के काज सकल तुम साजा।

और मनोरथ जो कोई लावै।
सोइ अमित जीवन फल पावै।।

चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा।।

साधु-संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे।।

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता।।

राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा।।

तुम्हरे भजन राम को पावै।
जनम-जनम के दुख बिसरावै।।

अन्तकाल रघुबर पुर जाई।
जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।।

और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।

संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।

जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बंदि महा सुख होई।।

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा।।

तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।।

दोहा:

पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।
­

आगे पढ़ें >> श्री हनुमान चालीसा व्याख्या, सरलतम शब्दों में

अजीबोगरीब चीजें जमा करने का ‘विश्व रिकॉर्ड’!!

उत्तरी जर्मनी के एक संग्रहालय में उड़ने में असमर्थ पेंगुइन पक्षियों को समर्पित एक जोड़े के अजीबोगरीब संग्रह की छोटी-सी झलक देखी जा सकती है। अब वे इससे जुड़ा पांचवां विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले हैं।

अजीबोगरीब चीजें जमा करना कई लोगों का शौक होता है। जर्मन युगल बिरगिटबॅरेंड्स और स्टीफन किरचॉफ को भी ऐसा ही एक शौक है।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार ‘दुनिया के पेंगुइन संबंधित वस्तुओं के सबसे बड़े संग्रह’ का रिकॉर्ड उनके ही नाम है। पेंगुइन से जुड़ी चीजें जमा करने के लिए उनके नाम चार ‘गिनीज रिकॉर्ड्स’ हैं।

उनका पिछला रिकॉर्ड 2011 का है जब उनके पास 11,000 से अधिक वस्तुओं का संग्रह था। अब वे जर्मन इंस्टीच्यूट ऑफ रिकॉर्ड्स से मान्यता पाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उनकी सूची में वर्तमान में 26,000 से अधिक पेंगुइन जैसी चीजें दर्ज हो चुकी हैं।

बिरगिट औरस्टीफन जर्मनी के बंदरगाह शहर कक्सहैवन में एक पेंगइन संग्रहालय चलाते हैं जिसमें उनकी लगभग 4,000 वस्तुएं प्रदर्शित हैं। ये चीजें मोम, धातु, लकड़ी से लेकर चीनी मिट्टी सहित विभिन्न सामग्रियों से बनी हैं।

सबसे बड़ी आकृति 1.9 मीटर ऊंची है। पेंगुइन-थीम वाले पैन और तौलियों के साथ ही एक कंकाल और 6 अलग-अलग प्रकार के ‘टैक्सिडेरमी पेंगुइन’ भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।

उनका घर भी किसी संग्रहालय से अलग नहीं दिखता जहां चारों ओर पेंगुइन से प्रेरित चीजें ही नजर आती हैं। यह समझने के लिए कि उनका घर कितना पेंगुइन-थीम वाला है। विचार करें कि उनके पास पेंगइन डिजाइन वाले विस्तरों के कितने सैट हैं – इनकी संख्या ही 260 है।

इस बीच विरगिट और स्टीफन ने कसम खा ली है कि अगला रिकॉर्ड उनका आखिरी होगा क्योंकि इसके बाद वे और चीजें जमा नहीं करेंगे।

अब उन्होंने पेंगुइन के डिजाइन वाली चीजों की तलाश करना बंद कर दिया है और अन्य संग्रहकर्ताओं से भी चीजें स्वीकार नहीं करते हैं। 2017 में उन्हें एक पेंगुइन प्रेमी से 6,000 से अधिक वस्तुएं मिलीं जो अपने संग्रह को बांट रहा था।

उन चीजों को छांटने तथा रिकॉर्ड तैयार करने में ही लगभग डेढ़ साल का समय लग गया। उन्हें इन चीजों को रखने के लिए स्थान भी किराए पर लेना पड़ा।

18 साल की उम्र में शुरू हुआ पेंगुइन प्रेम

पेंगुइन के प्रति बिरटिग का लगाव 18 साल की उम्र में शुरू हुआ था। इसकी वजह पूछने पर वह कहती हैं, “मुझे ये जानवर अद्भुत लगते हैं।” जब स्टीफन उनकी जिंदगी में आए तो उन्होंने भी उनके शौक को अपना लिया।

2006 में बना पहला रिकॉर्ड

2006 में उनके संग्रह, जिसमें तब 2,520 चीजें थीं, को आधिकारिक तौर पर दुनिया भर में सबसे बड़े पेंगुइन संग्रह के रूप में दर्ज किया गया। उन्होंने पेंगुइन को प्राकृतिक माहौल में देखने के लिए न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका से लेकर अंटार्कटिका तक यात्रा की है।

“पंजाब केसरी” से साभार

यह भी पढ़ें :-

बेकिंग सोडा है बड़े काम का, जानिए कैसे?

बेकिंग सोडा साफ़-सफ़ाई के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। ये दाग़ छुड़ाने के साथ ही गंध भी दूर भगाता है। इसके और क्या-क्या उपयोग हैं, चलिए जानते हैं।

टाइल्स को चमकाएं

टाइल्स गंदी होने पर एक बाल्टी में आधा कप बोकिंग सोडा मिलाएं। इस पानी से फर्श साफ़ करें। हफ्ते में एक दिन इस मिश्रण से पोछा लगाने पर गंदगी नहीं जमेगी। इसके अलावा दीवारों के टाइल्स भी पानी के इस मिश्रण से साफ़ कर सकते हैं।

स्लैब की चिकनाहट हटाए

किचन स्लैब पर लगातार खाना बनता है। इस कारण उस पर चिकनाई जमा होने लगती है, जो आसानी से साफ़ नहीं होती। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए गर्म पानी में सोडा मिलाकर प्रभावित जगह पर डाल दीजिए। आधे घंटे बाद स्क्रब से साफ़ कर दीजिए, चिकनाई दूर हो जाएगी।

अवन रहेगा साफ़

अवन की सफाई के लिए मुलायम कपड़े को हल्का-सा गीला कर लें और उस पर बेकिंग सोडा छिड़क दें। अब कपड़े से अवन को साफ़ करें। दाग गहरे हैं तो रात को बेकिंग सोडा छिड़ककर हल्का-सा पानी डाल दें। सुबह कपड़े से पोंछ दें। दाग निकल जाएंगे।

कपड़ों की धुलाई

कपड़े धोते समय डिटर्जेंट के साथ दो बड़े चम्मच सोडा डाल दें। इससे कपड़े अधिक साफ़ दिखेंगे और गंदगी भी दूर होगी। सफेद कपड़े कुछ समय बाद पीले दिखाई देते हैं। सफेद कपड़ों को धोते समय भी थोड़ा-सा सोडा डाल दें, सफेदी बरकरार रहेगी।

सिंक के दाग़ छडाएं

सिंक में पानी के या झूठन के दाग़ पड़ गए हैं तो सोडा और पानी मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को पूरी सिंक में लगा दें। एक घंटे लगा रहने दें फिर ब्रश से रगड़कर साफ़ करें और पानी से धो दें। सिंक चमक उठेगा।

कंघी रहेगी साफ़

कंघी या मेकअप ब्रश को साफ़ रखना बेहद जरूरी होता है इसलिए बड़े बर्तन में एक कप पानी और एक चम्मच सोडा मिलाएं। इसमें कंघी को आधे घंटे के लिए भिगो दें, सारी गंदगी अपने आप निकल जाएगी। मेकअप ब्रश व कंघी को एक साथ न डालें।

गंध दूर भगाएं

प्याज-लहसुन काटने के बाद हाथों से गंध आती है, जो काफ़ी समय तक रहती है। ऐसा न हो इसके लिए हथेलियों पर बेकिंग सोडा डालकर रगड़ें और कुछ देर बाद धो लें। गंध दूर हो जाएगी।

चींटियों से छुटकारा

गर्मियों में चींटिया होना आम हैं इसलिए नमक और सोडा को बराबर मात्रा में मिलाकर जहां चीटियां आती हों वहां बुरक दें। चीटियां आना बंद हो जाएंगी।

चांदी चमक जाएगी

चांदी के बर्तन, आभूषण रखे-रखे काले पड़ जाते हैं। इन्हें साफ़ करने के लिए पानी में सोडा डालकर पेस्ट बनाएं और इस पेस्ट को बर्तन या गहनों पर स्पॉन्ज या ब्रश की मदद से लगा दें। आधे या एक घंटे बाद कपड़े से रगड़कर साफ़ कर दें।

चीनी के बर्तन

कांच व चीनी के बर्तन (कप, प्लेट, अचार की बरनी आदि) इस्तेमाल करते-करते पीले पड़ जाते हैं। इन पर पानी-सोडे का पेस्ट बनाकर लगा दें और कुछ देर बाद धो दें। बर्तनों का पीलापन आसानी से दूर हो जाएगा।

शावर के छेद खोलें

बाथरूम में शावर व जेट में पानी के साथ पत्थर और गंदगी आने की वजह से उनके छेद बंद हो जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए सिरके में बेकिंग सोडा मिलाकर इस मिश्रण को एक पॉलिथिन में भर दें और शावर व जेट को इसमें डालकर रातभर के लिए छोड़ दें। छेद आसानी से खुल जाएंगे।

फ्रिज करें साफ़

फ्रिज की ट्रे पर सोडा छिड़ककर छोड़ दें। आधे घंटे बाद गीले कपड़े से फ्रिज को पोंछ दें। गंदगी, दाग़ के निशान के साथ-साथ दुर्गध भी दूर हो जाएगी।

सागर की गहराइयों मे छुपे कुछ राज़ !!

कहते हैं सागर की गहराइयों में क़ुदरत के बहुत से राज़ छुपे हैं, जिनसे इंसान आज भी पर्दा नहीं उठा पाया है। इसके साथ ही इंसानी ज़िंदगी की तबाही के भी बहुत से राज़ समंदर ने अपने सीने में छुपा रखे हैं।

आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताने जा रहे हैं सागर से जुड़े एक ऐसे ही राज़ के बारे में :-

अटलांटिक महासागर पर ‘एलियन्‍स’ या ‘उड़न तश्‍तरी’!

अमेरिकी सेना को अटलांटिक महासागर के ऊपर क्यूब के आकार की एक रहस्यमय वस्तु उड़ते हुए नजर आई है। चांदी के रंग में क्यूब जैसी यह वस्तु अटलांटिक महासागर के ऊपर उड़ान भरती नज़र आई थी।

UFO द्वारा यह घटना वर्ष 2018 और 2020 की गर्मियों की में देखी गई थी। इसकी तस्वीरों को अमेरिका के खुफिया संगठनों के बीच बड़े पैमाने पर शेयर किया गया था। इस पूरी रिपोर्ट को अनाइडेन्टफाइड एरियल फेनोमेना (UAP) टास्क फोर्स ने तैयार किया था।

UAP की रिपोर्ट में कहा गया था कि यह रहस्यमय ऑब्जेक्ट समुद्र से निकला और आकाश में चक्कर लगाने लगा। इस वस्‍तु के हर कोने से सफेद लाइट न‍िकल रही थी। देखने में यह त्रिकोण के आकार का विमान नज़र आ रहा था।

बाल्टिक सागर विसंगति

2011 में, 87 मीटर की गहराई पर बाल्टिक सागर के तल पर, गोताखोरों को एक रहस्यमय वस्तु मिली, जिसने दुनिया भर के वैज्ञानिकों को उलझन में डाल दिया।

इस रहस्यमय वस्तु को “बाल्टिक विसंगति” या “बाल्टिक यूएफओ” उपनाम दिया गया था, क्योंकि यह एक विदेशी अंतरिक्ष यान की तरह दिखता था। इसका व्यास लगभग 60 मीटर था, और इसका आकार बेलनाकार था।

कुछ भूवैज्ञानिकों का मानना ​​है कि यह प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होने वाली चट्टान है, जबकि अन्य आश्वस्त हैं कि यह वास्तव में एक यूएफओ है जो समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि आइस एज से पहले इसे हजारों साल पहले बनाया गया था। हालांकि अभी यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि यह वास्तव में क्या है।

बिमिनी रोड

साल 1968 में एक स्कूबा डाइविंग की टीम ने समुद्र के अंदर एक ऐसी रहस्यमई चीज ढूंढ निकाली, जिस पर यकीन करना मुश्किल है।

यह रहस्यमई चीज़ एक सड़क थी। आखिर समुद्र के इतने नीचे यह सड़क कहां से आ सकती है और उस सड़क का नाम बीमिनी रोड रखा गया।

यह रहस्यमई सड़क अलग-अलग पत्थरों से मिलकर बनी हुई थी। जिसमें से ज्यादातर पत्थर 10 से 13 फीट लंबे और 7 से 10 फीट चौड़े हैं। हैरानी वाली बात तो यह है, कि यह सभी पत्थर एक आकार के कटे हुए हैं।

हर पत्थरों एक के बाद एक इस तरह से मौजूद हैं। जिसे देख कर कोई भी कह सकता है, कि इन पत्थरों का आकार कुदरती तो नहीं हो सकता, बल्कि इन्हें एकदम सही आकार में काट कर रखा गया है।

ताकि एक बिल्कुल सही रास्ता तैयार हो सके। अजीब चीज तो यह है, कि आगे चलकर यह सभी पत्थर एक के ऊपर एक जुड़े हुए मिलते हैं।

सबसे रहस्यमई बात तो यह है, कि कोई नहीं जानता कि यह रास्ता किसने बनवाया थी और आखिर यह कहां जाकर खत्म होता है क्योंकि आखरी पत्थर का ज्यादातर हिस्सा ओसियन फ्लोर में धंसा हुआ है।

धँसा हुआ पिरामिड

पुर्तगाल में टर्सेरिया और साओ मिगेल के द्वीपों के बीच एक विशाल सूर्य के पिरामिड की खोज की गई थी। इसके बारे में अनुमान है कि यह लगभग 20,000 वर्षों से पानी के भीतर रहा है, जिसका अर्थ है कि यह अंतिम हिमयुग के समय मौजूद था।

पिरामिड की ऊंचाई लगभग 60 मीटर है और इसके आधार की चौड़ाई लगभग 8000 वर्ग मीटर है। विशाल पिरामिड की नोक सतह से लगभग 40 फीट नीचे है जबकि संरचना लगभग एक परिपूर्ण पिरामिड है।

इसके पास में पिको द्वीप है, जिसके बारे में माना जाता है कि यह एक ऐसी सभ्यता थी, जो हजारों साल पहले यहाँ मौजूद थी।

यह भी पढ़े :-

“हिटलर कभी चैन की नींद न सो सका”, हिटलर के बारे में रोचक तथ्य

विश्व का शायद ही कोई व्यक्ति हिटलर के नाम से अपरिचित होगा। दूसरे विश्व युद्ध के लिए जिम्मेदार हिटलर विशेषकर अपने सनकी व्यक्तित्व के कारण हमेशा चर्चित रहा है। उसके रहन सहन तथा खान-पान से जुड़ी कुछ अनजानी बातें यहां आपको बता रहे हैं:

  • जर्मनी का तानाशाह बनने के बाद हिटलर अपनी सुरक्षा के संबध में इतना अधिक चिंतित रहने लगा कि वह चैन की नींद नहीं सो पाया। दिन – रात उसको यही गम सताने लगा कि उसकी कभी भी हत्या हो सकती है। इस कारण वह काफी हद तक अन्धविश्वासी तथा शंकालु बन गया।

  • हिटलर को नींद बहुत कम आती थी इसीलिए वह अपना काम प्रायः रात में ही करता था। रात में भोजन के बाद विश्व के प्रमुख अखबारों की खबरें विभिन्न भाषाओं के विशेषज्ञों द्वारा जर्मन भाषा में हिटलर को बताई जाती थीं।
  • हिटलर के निवास स्थान के इर्द-गिर्द हवाई जहाजों को मार गिराने वाली तोपें लगी हुई थीं।महल की और जाने वाली हर सड़क के नीचे बारूदी सुरंगे बनई हुई थीं। हर दरवाज़े पर ईलैक्ट्रिक आई(बिजली की आंख)लगी थी। और अगर कोई छिप कर किसी दरवाजे पर घुसने की कोशिश करता तो फौरन पता चल जाता तथा अपने आप महल के दरवाजे बंद हो जाते।
  • अंतिम दो वर्षों में हिटलर की आंखे काफ़ी कमजोर हो गईं लेकिन वह इस दोष को स्वीकार करने में अपना अपमान समझता था।गोपनीय मंत्रणाओं में तो वह अवश्य चश्मा लगा लेता था लेकिन भारी भीड़ के सम्मुख उसने कभी चश्मा नहीं लगाया।उसके भाषण मुख्यतः मोटे अक्षरों वाले टाइपराइटर पर ही टाइप किए जाते थे।
  • हिटलर के महल के एक कमरे में दुनियाभर के नक्शे थे। लंदन का तो नक्शा ऐसा था कि उसमें वहां का एक-एक घर चित्रित था। यूरोप और जर्मनी का कांसे का बना एक नक्शा भी इस कमरे में था।
  • विभिन्न पत्रों को लिखते समय वह भिन्न-भिन्न रंग की पैंसिलें प्रयोग में लाता था। शत्रु को लाल रंग की पेंसिल से, मित्र को हरे रंग की पेंसिल से,और अति गोपनीय संदेशो को वह बहुधा नीली पेंसिल से लिखा करता था।
  • हिटलर के पास प्रतिदिन 600 पत्र आया करते थे। महल में 2 अत्यंत शक्तिशाली रेडियो सैट व ट्रांसमीटर सैट भी भी थे। इनकी कार्य प्रणाली गुप्त रहती थी। इनके माध्यम से हिटलर अपनी फौजों को आदेश दे सकता था।
  • हिटलर के महल में 5 कमरे ऐसे थे जिनमें सिर्फ हिटलर और उसका ज्योतिषि ही जा सकते थे। उन कमरों का नाम, चेंबर्स ऑफ स्टार्स, यानी नक्षत्र कक्ष था। उसका ज्योतिषि अवस्तेज 35 वर्ष का था। दुबले-पतले और काले रंग के इस व्यक्ति का दावा था कि वह सितारों की सहायता से भविष्य के बारे में बहुत कुछ बता सकता है। जब वह हिटलर के पास होता तो कोई भी हिटलर के कमरे में नहीं जा सकता था।
  • हिजलिज नामक नौकर पर भी हिटलर को पूर्ण विश्वास था। 10 से भी अधिक वर्षों तक हिटलर के साथ रहा और हिटलर की गुप्त सभाओं तथा यात्राओं में वह हमेशा उपस्थित रहता था।
  • सन 1942 के आसपास हिटलर के पास मर्सिडीज की दो जुड़वां कारें थीं। प्रत्येक कार की लंबाई 20 फुट तथा वजन 10 हजार पौंड था। कार की सुरक्षा के लिए सवा इंच मोटी लोहे की चादर और आधा इंच मोटा शीशा लगा रहता था। इन कारों का प्रयोग वह यूरोप के पराजित देशों की यात्राओं के समय करता था।
  • हिटलर के कपड़े कभी नाप पर पूरे नहीं उतरते थे क्योंकि वह दर्जी को नाप देने से चिढ़ता था। असैनिक पोशाक के लिए सिर्फ स्याह और भूरा रंग पंसद था।
  • हिटलर को अपने कुत्ते के साथ- साथ पक्षियों से बहुत प्यार था ।उसने निवास स्थान पर दुनिया भर के पक्षी संग्रह किये थे।
    हिटलर उन पक्षियों को अपने हाथों से दान देता था। एक बार उसका एक प्यारा पक्षी मर गया तो हिटलर की आँखों में आंसू आ गए। उस पक्षी को बकायदा दफनाया गया तथा उसकी स्मृति में कब्र पर कांसे की एक तख्ती लगाई गई।

“पंजाब केसरी” से साभार

आगे पढ़ें >> अडोल्फ हिटलर के नाम से ही कांपता था पूरा विश्व

इन पत्तों के हैं कई फायदे, जिनके बारे में जानकर आप दंग रह जाएंगे !!

कुछ ऐसे पत्ते होते हैं, जिन्हें पूजापाठ जैसे पवित्र कार्यों में प्रयोग किया जाता है वहीं कुछ पत्ते आपकी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं, तो आज हम आपको कुछ ऐसे पत्तों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके आपकी सेहत को अद्भुत लाभ मिलते हैं। तो चलिए जानते हैं :-

पीपल के पत्ते

पीपल के पत्ते स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। आयुर्वेद में भी इसके गुणों के बारे में बताया गया है। रात में सोने से पहले पीपल के पत्तों का रस पानी में मिलाकर पीने से पेट साफ होता है और इसके पत्तों को पानी में उबालकर पीने से सर्दी – खांसी में भी आराम मिलता है।

पीलिया होने पर पीपल के पत्तों को सुखाकर पीस लें और इसमें मिश्री मिलाकर दिन में 3 से 4 बार पियें। कुछ दिनों में ही पीलिया से आराम मिलेगा।

मूली के पत्ते

मूली के पत्तों में क्लोरीन, फास्फोरस, सोडियम, आयरन और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके पत्तों को सब्ब्जी और साग के रूप में बनाकर खाया जा सकता है। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। इन्हें कच्चा खाने से दांतों और मसूड़ों की बीमारियां दूर होती हैं।

कब्ज और गठिया रोग में भी लाभकारी होता हैं। इसमें सोडियम होता है और यह शरीर में नमक की कमी को पूरा करता है, इसलिए लो ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए भी यह बेहद फायदेमंद है।

नीम के पत्ते

नीम के पत्ते सेहत के लिए काफी फायदेमंद हैं। रोजाना सुबह खाली पेट नीम के पत्तों को खाने से इम्युनिटी स्ट्रॉन्ग होती है। नीम के पत्तों का अर्क दांतों और मसूड़ों के लिए अच्छा होता है। अगर आप कड़वाहट की वजह से नीम की पत्तियां नहीं खाना चाहतें तो इनकी चटनी बनाकर खा सकते हैं।

बेर के पत्ते

बेर के पत्ते कहीं पर भी आसानी से मिल जाते हैं। यह काफी लाभकारी होते हैं। इसमें बहुत सारे काँटे होते हैं और काफी पोषक तत्व भी होते हैं।

यदि किसी का तेज़ी से वजन बढ़ रहा है तो उसे बेर के पत्तों का सेवन करना चाहिए उसके लिए बेर के पत्तों को पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट पीना चाहिए। एक महीना ऐसा करने से वजन कम होने लगेगा ।

जामुन के पत्ते

हम में से अधिकतर लोग यह जानते है कि जामुन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है, और इसकी पत्तियाँ पूरे वर्ष भर उपलब्ध रहती है यह रोगी को फायदा पहुंचाती है।

अगर आपके मसूड़े कमजोर हैं, तो जामुन के पतों की राख का मजंन करने से आपको लाभ मिल सकता है। जामुन के पत्तों का गाय के दूध के साथ सेवन करने से खूनी बवासीर में भी लाभ पहुंचता है।

आम के पत्ते

आम खाना हर किसी को पसंद होता है। इसे खाने से कई फायदे होते हैं। आम के साथ – साथ इसके पत्ते भी काफी लाभदायक होते हैं।

वैसे तो आम के पत्तों का इस्तेमाल पूजा पाठ के लिए किया जाता है लेकिन इसका सेवन करने कई बीमारियों से निजात पाया जा सकता है।

आम के पत्तों में एंटी-बैक्टीरियल होते हैं अगर किसी व्यक्ति को ट्यूमर है तो इसकी पत्तियों का सेवन करके इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। आम की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पीने से अस्थमा की समस्या से निजात पाया जा सकता है।

पपीते के पत्ते

वैसे तो गर्मी आते ही लोग पपीता खाना बेहद पसंद करते हैं, लेकिन इसके पत्ते भी बहुत लाभदायक होते हैं। इसके गुण हमें गर्मी से राहत ही नहीं देते हैं, बल्कि हमें कई बीमारियों से दूर भी रखते हैं।

पपीते के पत्तों में पैपिन एंजाइम की भरपूर मात्रा होती है जो हमारे पाचन को मजबूत करने का काम करता है। पपीते के पत्तों का सेवन करने से आप डेंगू के दौरान होने वाले बुखार, सिर दर्द में राहत पा सकते हैं। साथ ही ब्लड प्लेटलेट्स को बढ़ाने में मदद करता है।

अमरूद के पत्ते

विटामिन सी से भरपूर होने के कारण यह एक बहुत अच्छा एंटीऑक्सीडेंट है। अमरूद के पत्तों को अपनी डाइट में शामिल करने से एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा बढ़ जाती है जो फ्री रेडिकल से लड़ने में मदद करते हैं और त्वचा को किसी भी प्रकार के नुकसान से बचा कर रखते हैं।

अमरूद के पत्तों को चबाना सेहतमंद होता है । यह दांतो में सड़न पैदा नहीं होने देता, यह विटामिन सी और फ्लेवोनोइड्स से भरपूर है जो मसूड़ो में खून, दांत दर्द और बुरी सांस के खिलाफ मदद करता है।

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए इस बात का जानना जरूरी है कि किसी भी खाने की चीज़ को सही मात्रा में खाने से ही उसके फायदे मिलते हैं।

अधिक मात्रा में सेवन करने से फायदे की जगह नुकसान हो सकते हैं इसलिए किसी भी चीज़ को अपनी डाइट में अपने शरीर के अनुसार ही शामिल करें।

यह भी पढ़ें :-

ज़्यादा देर तक टिकी रहेगी लिपस्टिक, अपनाएं ये ट्रिक!!

लिपस्टिक होंठों को जितना खूबसूरत बनाती है उतना ही चेहरे को अलग लुक भी देती है लेकिन जब होंठों पर लगी लिपस्टिक हल्की हो जाए या फिर फैल जाए तो वह देखने में भी खराब लगती है।

लिपस्टिक की शौकीन ज़्यादातर महिलाएं इसके फीका पड़ जाने से परेशान रहती हैं। ऑफिस या पार्टी के दौरान बार- बार अपनी लिपस्टिक ही ठीक करती रह जाती हैं लेकिन अब उन्हें ऐसा करने की जरूरत नहीं।

इस पोस्ट में हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप लिपस्टिक को फीका पड़ने से बचा सकती हैं:-

ब्यूटी से जुड़े प्रोडक्ट्स को आप ऑनलाइन भी मंगवा सकते हैं इसके आप हमारी इस पोस्ट में दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

लिपस्टिक से पहले बेस लगाएं

लिपस्टिक लगाने से पहले होंठो पर बेस जरूर लगाएं। इसके लिए आप प्राइमर, कंसीलर, फाउंडेशन, लिप बाम लगाकर उस पर हल्का फेश पाउडर उंगलियों से लगाएं। फिर इसके ऊपर लिपस्टिक लगाएं। ऐसा करने से आपकी लिप ड्राई नहीं होगी और लिपस्टिक लंबे समय तक चलेगी।

लिप स्क्रबर का इस्तेमाल करें

ड्राई लिप पर लिपस्टिक को लंबे समय तक टिकाने के लिए स्क्रबर का इस्तेमाल जरुर करें। इससे आपके होंठ स्मूथ रहेंगे।आप चाहे तो स्क्रबर की जगह टूथब्रश का प्रयोग भी कर सकते हैं।

लिप पेंसिल

होंठों पर लिपस्टिक लगाने से पहले लिप पेंसिल लगाना अच्छा होता है। आप लिपस्टिक के कलर की लिप पैंसिल या लिप कलर का इस्तेमाल कर सकती हैं।

ब्लोटिंग पेपर

पहला कोट लगाने के बाद लिप्स पर लगी अत्यधिक लिपस्टिक को जरूर निकालें। आप अपने होंठों को ब्लोटिंग पेपर के बीच में दबाकर ज़्यादा लगी लिपस्टिक को निकाल सकती हैं। ऐसा करने से आपकी लिपस्टिक ज़्यादा देर तक न फैलेगी और न मिटेगी।

लिपस्टिक को फ्रिज में रखें

लिपस्टिक को ज़्यादा देर तक होंठों पर टिकाना चाहती हैं तो उसे रात को फ्रीज में रख दें। ऐसा करने से लिपस्टिक लंबे समय तक लगी रहती है।

अच्छे ब्रांड की लिपस्टिक लगाएं

लिपस्टिक का चुनाव करते समय सावधानी बरतें। हमेशा अच्छे ब्रांड की लाइट वेटेड लिपस्टिक का ही इस्तेमाल करें। वैसे तो मार्केट में कई ब्रांड्स की लिपस्टिक मौजूद हैं लेकिन एक अच्छे ब्रांड की लिपस्टिक का चुनाव करना आवश्यक है ।

यह भी पढ़ें :-

जानिए पुरुषों से जुड़े दिलचस्प तथ्य!!

हमारा समाज पुरुष प्रधान है। यह हर साल 19 नवंबर को विश्व पुरुष दिवस मनाया जाता है। ज्यादातर पुरुष रफ टफ लुक में रहना पसंद करते हैं लेकिन कुछ बातें ऐसी भी हैं जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे।

आज इस पोस्ट में हम आपको बताने जा रहे हैं पुरुषों से जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्य बताने जा रहे हैं तो चलिए जानते हैं :-

  • पुरुष अपने जीवनकाल का एक साल सिर्फ महिलाओं को देखने में गुजार देते हैं।
  • किसी महिला को प्रपोज करते समय लड़की की तरह ही एक आदमी भी नर्वस होता है।
  • पुरुषों में आत्महत्या की प्रवृति महिलाओं से दुगुनी होती है। रूस और ब्राज़ील जैसे देशों में पुरुषों की आत्महत्या दर महिलाओं की तुलना में 6 गुनी अधिक है।
  • एक आदमी अपनी गर्ल फ्रेंड और, वाइफ के साथ लगभग 7% धीरे चलता है वहीं दूसरे पुरुष के साथ चलने पर उसकी स्पीड बढ़ जाती है।
  • पुरुषों को महिलाओं की तुलना में दोगुना पसीना आता है।
  • पुरुषों द्वारा “I LOVE YOU” कहने के चांस महिलाओं से कहीं ज़्यादा है।
  • पुरुष को सात दिन के लिए कहीं बाहर जाना हो, तो वो 5 दिन के हिसाब से कपड़े पैक करता है। वहीं महिलाएं 21 दिन के हिसाब से कपड़े पैक करती हैं।
  • यदि पुरुष अपना अंगूठा अपनी बेल्ट पर रखते हैं, तो इसका मतलब है कि वो किसी लड़की का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। यह मुद्रा एक तरह से यह प्रदर्शित करती है कि वह साहसी और मजबूत है।
  • आपको जानकर हैरानी होगी कि “high heels” मूल रूप से मर्दों के बनाई गई थी ज़्यादा मर्दाना दिखने के लिए लेकिन बाद में महिलाओं ने पहनना शुरू कर दिया।
  • पुरुषों का अधिकतर फैट उनके पेट पर ही आकर जमा होता है।
  • पुरुषों में महिलाओं की तुलना में अधिक रक्तचाप होता है, चाहे वे किसी भी जाति या नस्ल के हों।
  • पुरुष दिन में औसतन 6 से 17 बार रोते हैं, वहीं महिलाएं 30 से 64 बार।
  • उम्र बढ़ने के साथ ही आदमी फैशनेबल कपडों की तुलना में आरामदायक कपड़े पहनना पसंद करते हैं।
  • एक रिसर्च के अनुसार यह बात सामने आई है जो पुरुष विश्वासघाती होते हैं उनका IQ Level बहुत कम होता है।
  • वेलेंटाइन डे, पर सामान्य पुरुष अपनी गर्लफ्रेंड पर 154 डॉलर खर्च करते हैं लेकिन पत्नी पर केवल 136 डॉलर।
  • ड्राइविंग के दौरान पुरुष हर साल हजारों गैलन (3.7 लीटर) फ्यूल (डीजल, पेट्रोल) बर्बाद कर देते हैं क्योंकि उन्हें ज़्यादा डायरेक्शन पूछना पसंद नहीं होता है।
  • पुरुष महिलाओं की तुलना में बेहतर खाना बनाते हैं। शायद इसलिए दुनिया भर में ज्यादातर शेफ पुरुष हैं।
  • महिलाओं के मुकाबले आदमी ज़्यादा आत्महत्या करते हैं।
  • टेलीविजन पर दो पुरुषों ने सबसे पहला KISS सन 1927 में किया था।
  • पुरुषों पर महिलाओं की तुलना में पांच गुना अधिक बिजली गिरने की संभावना होती है।
  • पुरुषों के नाखून महिलाओं की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ते हैं। अंगुलियों के नाखून की तुलना में पैरों के नाखून धीमी गति से बढ़ते हैं।
  • यूं तो कहा जाता है कि लड़कियों के दिमाग में क्या चल रहा है इसे समझ पाना मुश्किल है, लेकिन यही बात काफी हद तक लड़कों पर भी लागू होती है। वे भी अपने दिल में कुछ ऐसी बातें रखते हैं जिन्हें हर कोई नहीं जान पाता, हालांकि उनकी इच्छा यही होती है कि लड़की उनके बिन कहे ही उनके दिल की बात समझ जाएं।
  • आदमी के मन को आकर्षित रखने के लिए सिर्फ सुंदरता ही काफी नहीं है।
  • एक पुरुष को बिल्कुल भी पसंद नहीं होता है कि उसकी गर्लफ्रेंड या पत्नी अपने एक्स-लवर के बारे में किसी भी तरह की बात करे।
  • पुरुष प्रति दिन लगभग 12,500 शब्द कहते हैं, महिलाएं 22,000 के आसपास बोलती हैं।
  • जिन पुरुषों के सर पर बाल नहीं होते उन्हें बालों वाले पुरुष से 13% ज्यादा ताकतवर माना गया है।

यह भी पढ़ें :-

माचिस की तीलियों से बनाई गई सुंदर कलाकृतियां !!

माचिस का इस्तेमाल हम सब घरों में करते हैं। माचिस के यूज़ के बाद इसकी स्टिक जिसे हम बेकार समझ कर फैंक देते है, उससे घर की सजावट के लिए अलग-अलग तरह के डैकोरेटिव पिस तैयार किए जा सकते हैं।

माचिस की तीलियों का एक सैट लो और आप एक रचनात्मक हॉबी शुरू कर सकते हैं। इन तीलियों को आपस में अलग-अलग आकृतियों में चिपका कर आप कुछ ही देर में सजावटी सामान या कई तरह की सुंदर कलाकृतियां भी तैयार कर सकते हैं।

अपनी कल्पना का उपयोग करते हुए आप आसानी से कई तरह की कलाकृतियां तथा चीजें जैसे कि घर, फूल, कार, फोटो फ्रेम से लेकर दीवार तथा डैस्क की सजावट के लिए कुछ न कुछ बनाना शुरू कर सकते हैं।

माचिस की तीलियों का उपयोग करके आप स्कूल के लिए प्रोजैक्ट भी तैयार कर सकते हैं। आप चाहें तो कोई सुंदर चित्र बना कर उसे नया रूप देने के लिए उसमें भी माचिस की तीलियों को चिपका सकते हैं।

जैसे कि किसी लड़की का चित्र बनाकर उसकी स्कर्ट को माचिस की तीलियों से सजाया जा सकता है। इसी प्रकार अलग-अलग तरह के चित्रों में भी आप इसी तरह की कलाकारी दिखा सकते हैं। इंटरनेट पर भी आपको इस संबंध में कई तरह के आइडियाज मिल जाएंगे।

आप चाहें तो माचिस में भी आप इसी तरह की कलाकारी दिखा सकते हैं। इंटरनेट पर भी आपको इस संबंध में कई तरह के आइडियाज मिल जाएंगे।

आप चाहें तो माचिस की तीलियों को वाटर कलर से रंग करके अपनी कलाकृतियों को और भी नया रूप दे सकते हैं। इस अनूठी कलाकारी के लिए आपको जो चीजें चाहिए वे आसानी से आपको घर पर ही मिल जाएंगी। जैसे कि कागज और माचिस की तीलियों के अलावा थोड़ासा गोंद।

यह भी पढ़ें :-