बाघों का निवास – नाहरगढ़ किला

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नाहरगढ़ किले को जयपुर के राजा सवाई जय सिंह द्वारा बनाया गया था. इस किले का निर्माण कार्य 1734 में पूरा किया गया. नाहरगढ़ किला, अरावली पर्वत श्रृंखला में बना हुआ है. यह भारतीय व् यूरोपीय वास्‍तुकला का सुंदर समामेलन है. नाहरगढ़ से जयपुर शहर का नजारा देखने लायक होता है. दिन और रात दोनों ही समय जयपुर शहर लुभावना और खूबसूरत लगता है. इस किले का पहले नाम सुदर्शनगढ़ था. इस किले में रानियों के लिए 12 खास कमरे बनवाए गए थे और राजा के लिए शानदार कमरा बनाया गया था.

इस किले का नामकरण जयपुर के राजकुमार नाहर के नाम पर किया गया था। कहा जाता है कि राजकुमार की आत्‍मा, इस किले के निर्माण में काफी बाधा पहुंचाती थी जिसके बाद किले  के परिसर में एक मंदिर का निर्माण करवाया गया जिसमें राजकुमार की आत्‍मा की शांति के लिए काफी प्रयास किए गए थे। किले के नाम में बाने वाला शब्‍द नाहरगढ़ का अर्थ होता है –  बाघों का निवास। किले में एक माधवेन्‍द्र भवन है जिसका इस्‍तेमाल राजा और उनके परिवारजनों द्वारा गर्मियों के दिनों में किया जाता था।  वर्तमान में यह किला एक पिकनिक स्‍पॉट बन गया है जो जयपुर में काफी लोकप्रिय है। पर्यटक यहां आकर किले के परिसर में स्थित कैफेटेरिया और रेस्‍टोरेंट में एंजाय कर सकते है।

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