OMG :-गिरगिट की तरह पलभर में ही अपना रंग बदलने में माहिर होता है ये समुद्री घोड़ा

धरती पर कई ऐसे जीव-जंतु है, जो अपनी विशेषता की वजह से जाने जाते हैं। पृथ्वी के अंदर और समुद्र में बहुत से जीव ऐसे हैं, जो अपनी विशेष पहचान के लिए मशहूर हैं।

आपने रंग-बिरंगी मछलियों के बारे में तो सुना होगा, लेकिन समुद्र में मछलियों के अलावा एक ऐसा जीव भी रहता है, जो पल भर में अपना रंग बदल लेता है।

इस जीव का नाम है ‘सी-होर्स’ जिसे ‘समुद्री घोड़ा’ या ‘अश्वमीन’ भी कहते हैं और इसका वैज्ञानिक नाम Hippocampus है। समुद्री घोड़ा असल में घोड़ा नहीं है, बल्कि एक विचित्र प्रकार की मछली है।

इसका सिर घोड़े के सिर से काफी मिलता-जुलता है, इसलिए इसका नाम समुद्री घोड़ा पड़ गया। इसका शरीर कड़ा और चिकना होता है और पूंछ सांप जैसी होती है।

खतरा महसूस होने पर रंग बदलने की कला

समुद्री घोड़ा खुद को बचाने के लिए और माहौल के हिसाब से अपना रंग बदल लेता है। ज्यादातर यह जीव दुश्मनों से बचने के लिए ऐसा करते हैं। इनमें खतरा महसूस होने पर रंग बदलने की कला होती है।

इंटरनेशनल मार्केट में सबसे ज्यादा बिकते हैं समुद्री घोड़े

वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि यह प्रजाति विलुप्त होने की कगार पर है। इस प्रजाति के कुछ ही घोड़े बचे हैं। लेकिन खास बात यह है कि एक समुद्री घोड़ा एक बार में 1800 बच्चों को जन्म देती है। इसके बावजूद ताज्जुब करने वाली बात यह है कि ये प्रजाती विलुप्ती के कगार पर है।

जीवों के विलुप्त होने के पीछे का कारण इंसान ही हैं। इंसान अपने फायदे के लिए इन प्रजातियों का शिकार करते हैं, जिस वजह से ऐसी प्रजातियां विलुप्त होती जा रही हैं।

इंटरनेशनल मार्केट में सबसे ज्यादा बिकने वाले समुद्री जीवों में समुद्री घोड़े का नाम भी शामिल है। इससे साफ है कि समुद्री शिकारी कितनी तेजी से इन्हें पकड़ रहे हैं।

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वायरल वीडियो :- 5 फीट लंबी शिकारी छिपकली इस महिला को गले लगाती है जैसे इसकी माँ है!!

इस दुनिया में बहुत से लोग हैं जो जानवरों से प्यार करते हैं। आज हम आपको एक ऐसी महिला से मिलवाने जा रहे हैं जिसे देखकर आपके होश उड़ जायेंगे।

दरअसल, नीचे दिया गया वीडियो ‘द रैपिटिल जू’ का है जहां से 5 फुट लंबी शिकारी छिपकली का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दिखाया गया है कि मॉनिटर छिपकली के साथ महिला की अद्भुत दोस्ती है और मॉनिटर छिपकली उससे ऐसे चिपकी रहती है जैसे कि वह महिला उसकी मां हो।

 

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आप देख सकते हैं इस वीडियो में दोनों के बीच कितनी मजबूत बॉन्डिंग है. वीडियो को द रैपिटिल जू ने इंस्टाग्राम पर अपलोड किया है और इसे ‘वी लव दिस टेडी बियर (मॉनिटर लिजर्ड)’ के रूप में कैप्शन दिया है।

आप देख सकते हैं ये वाकई में हैरान कर देने वाला वीडियो है. इस वीडियो में चिड़ियाघर में काम करने वाली महिला छिपकली को बच्चे की तरह प्यार से गोद में लिए हुए है.

छिपकली एक पालतू जानवर के रूप में महिला के चेहरे को चाट रही है और उसकी गोद में मस्ती कर रही है। आप देख सकते हैं इस वीडियो में जो मंजर है वह हैरान कर देने वाला है. वीडियो में ट्रेंड प्रोफेशनल महिला कहती नजर आ रही है। ‘यह मॉनिटर छिपकली हमारी प्यारी है, यह हमें कभी परेशान नहीं करती।’

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भारत में इन 8 हिल स्टेशनों पर आप छू सकते हैं बादलों को!!

भारत कई प्राकृतिक और खूबसूरत जगहों से घिरा हुआ है। यहां की मनोरम पहाड़ियां, घाटियां, जंगल, वन्य जीवन और पहाड़ इस देश की खूबसूरती में चार-चांद लगा देते हैं।

भारत में कई हिल स्टेशन हैं, जहां आप शहरों के शोर शराबे से दूर कुछ समय के लिए शांति और सुखद वातावरण प्राप्त करने के लिए जा सकते हैं।

आज इस पोस्ट में हम आपको कुछ ऐसे ही हिल स्टेशनों के बारे में बताने जा रहे हैं जहा से आप बादलों को छू सकते हैं:-

दार्जिलिंग (Darjeeling)

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दार्जिलिंग, भारत के पश्चिम बंगाल राज्य का एक कस्बा है। दार्जिलिंग अपनी प्राक्रतिक सुंदरता, बर्फ से ढके हुए हिमालय पर्वतों और चाय के बागानों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।

हर वर्ष दार्जिलिंग में देश भर से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। ख़ास तौर पर गर्मियों के दौरान यह जगह पर्यटकों की सबसे पसंदीदा जगह है।

कुर्ग (Coorg)

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कुर्ग हिल स्टेशन, भारत के कर्नाटक राज्य में पड़ता है। कुर्ग को भारत का “कॉफ़ी का कटोरा” कहा जाता है और इस हिल स्टेशन को “भारत का स्विट्ज़रलैंड” भी कहा जाता है।

अगर आप कुदरत से प्यार करते हैं और थोड़े समय के लिए ताजा हवा लेना चाहते हैं। तो कुर्ग आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प है। यहां पर बहते हुए झरने और पक्षियों के कलरव करते द्रश्य आपके ह्रदय को छू लेंगे।

माथेरान (माथेरान)

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माथेरान एक हिल स्टेशन है जो महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित है। भारत में माथेरान एक बहुत छोटा सा हिल स्टेशन है। इस हिल स्टेशन को ब्रिटिश शासन के दौरान स्थापित किया गया था। इस हिल स्टेशन की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस हिल स्टेशन पर गाड़ियां चलाने पर प्रतिबंध है।

नैनीताल (Nainital)

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नैनीताल, उत्तराखंड का एक छोटा सा कस्बा है जिसके आस-पास बहुत सी झीलें हैं। नैनीताल हरे-भरे जंगलों और पहाड़ों से घिरा हुआ हिल स्टेशन है।

हर साल इस हिल स्टेशन की सुंदरता पर्यटकों को अपनी तरफ खींचती है। नैनीताल “सिटी ऑफ़ लेक्स” के नाम से भी मशहूर है।

नंदी हिल्स (Nandi Hills)

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नंदी हिल्स जगह भारत के कर्नाटक राज्य में स्थित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस हिल्स स्टेशन का नाम नंदी हिल्स इसलिए पड़ा था क्योंकि इस हिल स्टेशन की पहाड़ियाँ सोये हुए बैल की तरह लगती हैं।

इस हिल स्टेशन की पहाड़ियाँ शानदार हैं। यह शहर की शोरो-गुल से अलग थलग है। इस हिल स्टेशन के जंगलों में रहने वाले जीव-जन्तु सबसे खूबसूरत और शानदार हैं।

शिमला (Shimla)

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शिमला, हिमाचल प्रदेश की राजधानी है। शिमला को “क्वीन ऑफ़ हिल स्टेशन” के नाम से भी जाना जाता है। यह हिल स्टेशन 18 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह हिल स्टेशन घने वुडलैंड्स, सेब के बगीचे और सुंदर कुदरती परिद्रश्य से भरा पड़ा है।

कोडैकानल (Kodaikanal)

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कोडैकानल तमिलनाडु के सबसे मशहूर हिल स्टेशनों में से एक है। यह हिल स्टेशन परप्पर (Parappar) और गुंडार (Gundar) के बीच पढ़ते पठार की दक्षिणी ढलान पर स्थित है। कोडाइकनाल हिल स्टेशन नीलगिरी के तेल, पल्म, घर का बना चोकलेट और नाशपाती के उत्पादन करने में भी मशहूर है।

मसूरी (Mussoorie)

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हिमालय की तलहटी में स्थित, मसूरी भारत के उत्तराखंड राज्य में एक लोकप्रिय हिल स्टेशन है। इस हिल स्टेशन को “क्वीन ऑफ़ हिल्स” भी कहा जाता है।

इसकी समुद्र तल से औसतन ऊंचाई 1,880 मीटर है। मसूरी अपने कुदरती द्रश्य, अपने हरे भरे पहाड़ों, दून घाटी के अदभुत द्रश्यों के लिए जाना जाता है।

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जानिए दूध पीने का सही समय और इसके फ़ायदों के बारे में!!

दूध एक संपूर्ण आहार है। इसलिए न केवल बच्चों को बल्कि बड़े लोगों को भी दूध पीना चाहिए। दूध में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जिससे हड्डियां और दांत मज़बूत होते हैं।

इसके अलावा इससे विटामिन डी, प्रोटीन, फॉस्फोरस भी पर्याप्त मात्रा में मिलता है। आज इस पोस्ट में हम जानेंगे दूध पीने का सही समय और फायदे, तो चाहिए जानते हैं :-

वज़न घटाता है

दूध और दूध से निर्मित खाद्य पदार्थ प्रोटीन के अच्छे स्रोत होते हैं और प्रोटीन वज़न घटाने व नियंत्रित करने में मददगार होता है। दूध में उपस्थित पोषक तत्व पेट भरा रखते हैं और इस कारण देर तक भूख नहीं लगती।

जो लोग वज़न कम करना चाहते हैं उन्हें टोंड या मलाई रहित दूध पीना चाहिए। दूध के सेवन के साथ-साथ नियमित रूप से व्यायाम करना भी आवश्यक है।

नींद अच्छी आती है

दूध पीने से शरीर की मांसपेशियों को बहुत आराम मिलता है। रात को सोने से पहले दूध पीने से नींद अच्छी आती है। अगर रात में नींद न आने, बेचैनी या नींद बीच में टूट जाने की समस्या है, तो रोज़ाना रात को सोने से पहले सामान्य तापमान वाले या गुनगुने दूध का सेवन करना फ़ायदेमंद होता है।

मानसिक शांति मिलती है

दूध पीने से हमारे मस्तिष्क में मन को शांत रखने वाले हार्मोन डोपामाइन का स्राव बढ़ता है जो मानसिक सुकून देता है। यह बच्चों और बड़ों दोनों के लिए अच्छा है।

बालों को बनाए मज़बूत

दूध का रोज़ सेवन करने से बाल मज़बूत होते हैं। दूध में कैल्शियम और प्रोटीन की अच्छी मात्रा पाई जाती है। प्रोटीन बालों को झड़ने से रोकने और बढ़ने में सहायक है। इसके लिए कैल्शियम भी महत्पूर्ण भूमिका निभाता है।

इम्युनिटी बढ़ाता है

दूध के साथ हल्दी का सेवन करने से या अदरक डालकर पीने से खांसी व गला ख़राब होने की समस्या कम होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता यानि शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।

हृदय रोग से बचाव

दूध में पोटैशियम अधिक होता है। यह रक्तचाप को ठीक रखता है। दूध पीने से हृदय स्वस्थ रहता है। चिकित्सक की सलाह के अनुसार सेवन करना बेहतर है।

कब्ज़ दूर होता है

रात के समय गर्म दूध का सेवन करने से सुबह पेट आसानी से साफ़ हो जाता है। इसलिए कब्ज़ या पेट की समस्याएं होने पर रोज़ सोने से पहले गर्म या गुनगुने दूध का सेवन करें।

मधुमेह के ख़तरे से बचाव

रोज़ दूध पीने से डायबिटीज़ के ख़तरे से बचा जा सकता है। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम व पेप्टाइड्स होते हैं जो शरीर में ग्लूकोज़ टोलरेंस और इंसुलिन सेंसिटिविटी को संतुलित बनाए रखते हैं।

दूध पीने का सही समय

  • दूध पीने के लिए कोई ख़ास समय नहीं होता है। दूध को किसी भी समय पी सकते हैं। दिन में एक बार दूध ज़रूर पीना चाहिए। अक्सर देखा जाता है कि लोग सुबह का नाश्ता चाय के साथ करते हैं, यह बिल्कुल ग़लत है। सुबह का नाश्ता हमेशा दूध के साथ ही लेना चाहिए।
  • रात को खाना खाने के बाद भी दूध का सेवन कर सकते हैं। इससे कब्ज की समस्या नहीं होती है। लेकिन ध्यान रखें रात के खाने और दूध पीने में कम से कम 1 से 2 घंटे का अंतराल होना चाहिए अन्यथा फूड पॉइजनिंग, गैस, अपच, उल्टी, पेट दर्द या पेट ख़राब हो सकता है।
  • कई लोगों को दूध से समस्या होती है। ऐसे में उन्हें दूध या दूध से बने खाद्य पदार्थों के सेवन से पेट दर्द होने लगता है। जिन लोगों को गुर्दे में पथरी की समस्या होती है, उन्हें भी दूध का अत्यधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए। किडनी की समस्या है, तो डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ के सलाह अनुसार ही दूध का सेवन करें।

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दुनिया का एक ऐसा गांव, जहाँ के लोग सिर्फ इशारों में ही बातें करते हैं !!!

विश्व में एक ऐसा गांव भी है जहां लोग बोलने की अपेक्षा हाथों के इशारों में ही बातें करते हैं। हो गए ना आप भी हैरान? जी हां हम बात कर रहे हैं, इंडोनेशिया के बेंगकला गांव की।

बेंगकला गांव के लोग सिर्फ हाथों के इशारों से ही बातें करते हैं। इस गांव के लोग हाथों के इशारों से ही अपने सुख-दुखों को एक दूसरे के साथ बांटते हैं।

indonesian-village-bengklaबेंगकला गांव के लोगों को डीफ विलेज के नाम से भी जाना जाता है। बेंगकला गांव की एक हैरान करने वाली बात ये भी है इस गांव के लोग घर परिवार में ही नहीं, बल्कि यहां के अधिकतर दफ्तरों में भी हाथों के इशारों से ही बातें करते हैं।

बेंगकला गांव में सारी व्यवस्था यहाँ के स्थानीय लोग ही संभालते हैं। बेंगकला गांव में बोली जाने वाली इस सांकेतिक भाषा को काटा कोलोक भाषा कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह भाषा सैकड़ों साल पुरानी है।

बेंगकला गांव के अधिकतर लोग बोलने और सुनने में सक्षम नहीं हैं। इस गांव के बच्चे जन्म से ही बोलने और सुनने की बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं। अभी भी यह बीमारी एक रहस्य बना हुआ है लेकिन फिर भी लोग इस बीमारी को भौगोलिक स्थिति का कारण बताते हैं।

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रात्रि में नींद क्यों नहीं आती?

नींद शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक तत्वों में से एक है। एक स्वस्थ और प्रसन्न जीवन जीने के लिए भरपूर नींद लेना बहुत जरूरी है।

वर्तमान की भागदौड़ भरी जिन्दगी में नींद न आना एक बहुत आम समस्या बनती जा रही है। खास कर शहरों में लोग अपनी दिनचर्या में इतने उलझे होते हैं कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरुरीआठ घंटें की नींद नहीं ले पाते।

कारण

  • सोने से पहले भरपेट तथा भारी भोजन करना।
  • असफलता या अपमानित होने का भय।
  • बजट से ज्यादा खर्च करने की परिस्थितियां बन जाना।
  • बहुत देर तक टी.वी. की स्क्रीन की या कम्प्यूटर पर काम करने से दिमाग के सोने वाले एक्टीवेटिंग सिस्टम’ में बाधा होना।
  • ऐसे चित्र या टी.वी. चैनल देखना जो दिमाग में कामोद्दीपक या गंदे विचार लाएं।
  • अगले दिन कुछ अप्रत्याशित होने की खुशी या गम।
  • किसी का बुरा करने की सोच रखना।
  • किसी की बात का बहुत ज्यादा बुरा मान जाना और अनचाही परिस्थिति का शिकार हो जाना।
  • अनियमित दिनचर्या का होना।
  • नींद की गोली खाने का आदी हो जाना।
  • डायबिटीज, रक्तचाप आदि बीमारियों का दुष्प्रभाव होना।
  • विटामिन, प्रोटीन युक्त भोजन की कमी।
  • अत्यधिक व्यस्तता से तनावमय जीवन होना।
  • नींद न आने का मुख्य कारण भय और चिंता भी है।
  • दिमाग में किसी भी काम की व्यस्तता या उत्तेजना।

नींद न आने पर क्या करें

  • नींद न आने पर कोई अच्छी किताब थोड़ी देर पढ़ें जिसमें किसी के प्रवचन या चरित्र का वर्णन हो।
  • लाइट बंद करके अंधेरे में शांत भाव से लेटे रहें।
  • छाती पर हाथ रख कर सीधे न लेटें।
  • बाई करवट लेट कर अपने श्वासों पर ध्यान दें। इससे आपका मन शांत होगा और नींद आएगी।
  • अपनी सोच को हमेशा सकारात्मक बनाए रखें।
  • किसी के बारे में ज्यादा न सोचें।
  • नींद नहीं आने पर चिंतित न हों बल्कि यह सोचें कि अच्छा हुआ जो नींद नहीं आने पर कम से कम हमें इस समय आत्मचिंतन अथवा परमात्मा का ध्यान करने का मौका मिल गया।
  • नींद न आने पर टी.वी. कभी न देखें क्योंकि उससे बहुत देर के लिए आपकी नींद चली जाएगी।

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बड़े काम का है केले के पेड़ का हर भाग!!

केले के पेड़ का हर भाग पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक होता है। विटामिन, आयरन और फाइबर युक्त केला तो फल के रूप में हम खाते ही हैं, लेकिन केले के पेड़ के अन्य भाग जैसे फूल, पत्ते, तने आदि भी भोजन पकाने और व्यंजन बनाने में उपयोग होते हैं।

केले के पत्तों पर भोजन परोसा जाता है, साथ ही इसका इस्तेमाल भोजन पकाने में भी होता है। दक्षिण भारत में केले के पेड़ के तने का इस्तेमाल भी भोजन में किया जाता है।

आज इस पोस्ट में हम जानेंगे केले के पेड़ के विभिन्न उपयोग, तो चलिए जानते हैं:-

कच्चा केला

कच्चे केले को कागज में लपेटकर रखने पर ये पक जाते हैं और पेड़ में पके हुए केले से कहीं ज्यादा स्वादिष्ट होते हैं। ये प्राकृतिक रूप से पकते हैं इसलिए हानिकारक भी नहीं होते।

इसके अलावा कच्चे केले की सूखी सब्जी, पकौड़े और चिप्स बनते हैं। कच्चे कले को कद्दूकस करके कोफ्ते भी बनाए जाते हैं।

केले के पत्ते

दक्षिण भारत में केले के पत्ते पर भोजन परोसा जाता है। वहीं बंगाली और दक्षिण भारत के लोग इसमें खाना लपेटकर पकाते हैं। इसके लिए पहले केले के पत्तों को धोकर पोछते हैं।

टुकड़ों में काटकर आंच पर घुमाते हैं ताकि ये मुलायम हो जाएं। इसके बाद सीधे हिस्से पर तेल या घी लगाकर चिकना करते हैं।

फिर इन पर मसाले में लिपटी हुई मछली या चावल या मक्के का आटा, इडली, इडियप्पम रखकर या लपेटकर भाप में पकाते हैं।

केले के फूल

केले का फूल जितना सुंदर दिखता है, उसकी सब्जी उतनी ही लजीज बनती है। इस फूल में से एक कड़े धागे जैसा भाग निकाल कर प्रत्येक भाग खाया जाता है।

हालांकि इसके फूल का स्वाद थोड़ा कड़वा और स्टार्च युक्त होता है, लेकिन नींबू के रस में भिगोने के बाद स्वाद ठीक हो जाता है। इस फूल की मसालेदार सब्जी के अलावा सलाद, कटलेट, पकौड़े और सूप भी बनता है।

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राजस्थान की इन जगहों पर रात में तो क्या दिन में भी जाने से कांपती है लोगो की रूह

राजस्थान में जैसे खूबसूरत जगहों की कमी नहीं है, उसी तरह से यहां भूतिया जगहों की भी कमी नहीं है। ये जगह कई डरावने किस्से और भूतों की कहानियों को समेटे हुए है।

आज हम आपको राजस्थान की सबसे डरावनी और भूतिया जगहों के बारे में बताने वाले हैं, जहां के नाम सुनने से ही रूह कांप उठती है। तो चलिए जानते हैं :-

राजस्थान का भानगढ़ का किला

राजस्थान की सबसे डरावनी जगहों में से एक भानगढ़ का किला किसी परिचय का मोहताज नहीं है। भानगढ़ किले को राजस्थान में सबसे प्रेतवाधित स्थानों में गिना जाता है।

भानगढ़ किला एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां जाने के बाद आपको यहां की वीरान और सुनसान जगह को देखकर ही डर लग जाएगा।

इस किले के बारे में कहा जाता है कि रात में इस किले पर भूतों का साया रहता है। किले में चिल्लाने, रोने की आवाज़े और कई तरह की परछाइयां दिखाई देती हैं।

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राजस्थान का कुलधरा गांव

कुलधरा गांव राजस्थान की एक ऐसी जगह है, जो करीब 170 सालों से वीरान पड़ी हुई है। इस जगह में कोई इंसान अकेले जाने के बारे में सोचता तक नहीं।

ऐसा कहा जाता है यहां के शासक सलीम सिंह की गन्दी नज़र गाँव की एक खूबसूरत लड़की पर पड़ गयी थी। वह उस लड़की से ज़बरदस्ती शादी करना चाहता था।

इसके लिए सलीम सिंह ने ब्राह्मणों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और उसने लड़की से शादी करने के लिए चंद दिनों की मोहलत दी।

यह ज़बरदस्ती की शादी उनके समुदाय के सम्मान और गौरव के खिलाफ थी। इसलिए गाँव के मुखिया ने यह फैसला लिया के वो रातों रात इस गाँव को छोड़ कर चले जायेंगे।

जाते समय उन्होंने इस गाँव को श्राप दे दिया कि इस जगह पर कोई भी बस नहीं पायेगा। उस रात के बाद यहां सब वीरान हो गया और आज तक यहां कोई नहीं बस पाया।

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राजस्थान का नाहरगढ़ किला

नाहरगढ़ किला राजस्थान की राजधानी जयपुर के पास अरावली पहाड़ियों के किनारे स्थित है। यह किला बेहद आकर्षक लगता है लेकिन इस किले को राजस्थान की भूतिया जगहों में लिया जाता है।

इस किले को सवाई राजा मान सिंह ने बनवाया था। इस किले को उन्होंने अपनी बेटियों के लिए बनवाया था, लेकिन उनकी मृत्यु होने के बाद ही ये किला भूतिया कहा जाने लगा। ऐसा कहा जाता है कि इस किले में राजा का भूत है।

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राजस्थान की राणा कुम्भ महल

चित्तौड़गढ़ का राणा कुंभा पैलेस एक ऐसी जगह है जहां भूत प्रेत के बहुत से किस्से जुड़े हुए हैं। इस स्थान को सबसे डरावनी जगहों में से एक माना जाता है। इस किले के बारे में ऐसा कहा जाता है कि यहां रानी पद्मावती ने बाकि रानियों के साथ मिलकर जौहर कर लिया था।

आपको बता दें, दिल्ली के सुल्तान, अलाउद्दीन खिलजी ने इस महल पर हमला कर दिया था और खुद को खिलजी से बचने के लिए रानी पद्मिनी ने 700 महिला अनुयायियों के साथ आत्मदाह कर लिया। तभी से यहां इस तरह की घटनाएं देखी जाती हैं।

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राजस्थान का अजेमेर-उदयपुर हाइवे

अजमेर उदयपुर हाइवे को खून का रास्ता भी कहते हैं। इस रास्ते से गुजरने वाले लोगो ने यहां कई भूतिया गतिविधियों का अनुभव किया है। कई लोगों का कहना है कि इस रास्ते एक औरत दिखाई देती है, जो दुल्हन का लाल जोड़ा पहने होती है।

जब बाल विवाह प्रचलित था तब एक 5 साल की एक लड़की की शादी 3 साल के लड़के से होनी था, लेकिन मां इस रिश्ते से खुश नहीं थी और वो मदद मांगने के लिए हाइवे की और चली गई, लेकिन तेज रफ़्तार गाड़ी ने मां और बेटी दोनों को टक्कर मार दी और उन दोनों की वही मौत हो गई।

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वीडियो :- टोक्यो ओलंपिक में मीराबाई की सिल्वर शुरुआत से लेकर नीरज का गोल्डन फिनिश, भारत ने 7 मेडल जीतकर इतिहास रचा

टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल के साथ शुरू हुए भारत के ऐतिहासिक सफर का शनिवार को गोल्डन अंत हो चुका है। इस ओलंपिक में भारत ने 7 मेडल जीते हैं जिसमें एक स्वर्ण पदक भी शामिल है।

नीरज चोपड़ा (गोल्ड मेडल)

टूर्नामेंट के अंतिम दिन 23 साल के नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीता। 8 अगस्त को नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक एथलेटिक्स में भारत को सबसे पहला स्वर्ण पदक दिलाने के बाद ट्विटर पर ट्वीट किया।

इतना गौरवांन्वित और रोमांचित अनुभव कर रहा जिसका बयान नहीं किया जा सकता है। सभी देशवासियों और अन्य सभी की दिल से धन्यवाद  करता हूँ जिन्होंने मुझे इसको हासिल करने में मदद की और प्रोत्साहित किया। यह कभी ना भूलने वाला क्षण है

मीराबाई चानू (सिल्वर मेडल)

पीवी सिंधु (ब्रॉन्ज मेडल)


इस ओलंपिक में पहले दिन वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने सिल्वर मेडल जीता था और आखिरी दिन नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीता। ओलंपिक में भारत ने पहली बार अधिकतम 7 मेडल जीत कर इतिहास रच दिया।

 

रवि दहिया (सिल्वर मेडल)

पहलवान रवि दहिया ने टोक्यो ओलंपिक में 57 किग्रा भार वर्ग कुश्ती में सिल्वर मेडल जीता था। उन्होंने अपनी कामयाबी से भारत के लिए खाते में दूसरा सिल्वर मेडल जोड़ दिया था। उनसे देश को गोल्ड की उम्मीदें थीं, लेकिन वे फाइनल मुकाबले में जीत हासिल नहीं कर पाए।

लवलीना बोरगोहेन (ब्रॉन्ज मेडल)

बजरंग पूनिया (ब्रॉन्ज मेडल)

भारतीय पुरुष हॉकी टीम (ब्रॉन्ज मेडल)

ओलंपिक 2020 (Tokyo Olympics 2020) में भारत की हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है। भारत को ब्रॉन्ज (कांस्य) मेडल मिल गया है। भारत ने काटे के मुकाबले में जर्मनी को 5-4 से हरा दिया है।

भारत की हॉकी टीम ने 41 साल बाद ओलंपिक का कोई मेडल जीता है। सेमीफाइनल में भारत को बेल्जियम के हाथों हार मिली थी, जबकि जर्मनी को ऑस्ट्रेलिया ने हराया था। 1980 के बाद भारतीय हॉकी टीम ने पहली बार ओलंपिक मेडल जीता है।

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वायरल वीडियो : भैंस को कंधे पर उठाने की कोशिश कर रहा था लड़का, उठाना तो दूर उसे हिला भी नहीं पाया

सोशल मीडिया पर कई फनी वीडियोज शेयर किए जाते हैं, जिन्हें देखकर लोगों के लिए हंसी रोक पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसा ही एक वीडियो फिर सामने आया है। वीडियो में लड़का अजब काम करता दिख रहा है।

 

वीडियो में दिखता है कि एक लड़का एक्सरसाइज कर रहा है। फिर वो अपनी ताकत की नुमाइश के लिए अचानक ही पास खड़ी भैंस को उठाने की कोशिश करने लगता है ।

मजेदार बात ये है कि काफी कोशिशों के बावजूद वो भैंस को हिला तक नहीं पाता। यह सब देखकर लोगों की हंसी नहीं रुक रही है।

यह वीडियो लोगो द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है और लोग इस वीडियो पर मजेदार कमेंट्स भी कर रहे हैं।

लोग वीडियो पर कमेंट कर लिख रहे हैं कि दुनिया में ऐसे भी लोग हैं जो ताकत दिखाने के लिए ये सब करते हैं। वहीं कुछ अन्य इस लड़के को सलाह दे रहे हैं कि कहीं वो ही भैंस के नीचे ना आ जाए।

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