अगर 5 सेकंड के लिए ऑक्सीजन गायब हो जाए, तो क्या होगा?

जीवन के लिए ऑक्सीजन अनिवार्य आवश्यकताओं में से एक है। जिस प्रकार धरती के जीव बिना भोजन और पानी के जीवित नहीं रह सकते, उसी प्रकार ऑक्सीजन के बिना भी वे जीवित नहीं रह सकते हैं|

श्वसन की मदद से मनुष्य भोजन से ऊर्जा प्राप्त करते हैं और इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।हमारे वातावरण में 21% ऑक्सीजन, 78% नाइट्रोजन और 1% अन्य गैसें हैं।

इसका मतलब है कि ऑक्सीजन हमारे वातावरण में सबसे अधिक मात्रा वाली गैस नहीं है लेकिन यह हमारे लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। ऑक्सीजन कई प्रकार से उपयोगी होती है।

जैसे- उद्योगों में इसका प्रयोग सल्फ्यूरिक एसिड एवं नाइट्रिक एसिड आदि बनाने में किया जाता है। औद्योगिक क्षेत्र में ऑक्सीजन का प्रयोग धातुओं को काटने, वेल्डिंग करने और गलाने में किया जाता है।

वायुमंडलीय ऑक्सीजन का प्रयोग औद्योगिक कार्यों, जनरेटरों और जहाजों के लिए ऊर्जा पैदा करने में किया जाता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर पूरी दुनिया में मात्र 5 सेकंड के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति  रुक जाए तो क्या होगा?

दिन में आसमान में अंधेरा छा जाएगा

सूर्य से प्रकाश पृथ्वी की सतह पर कई प्रतिबिंबों के परिणामस्वरूप पहुंचता है l यह तब होता है जब प्रकाश हवा में कणों (धूल, ऑक्सीजन अणु, हवा में अन्य अशुद्धियों) को उछाल देते हैं।

ऑक्सीजन की अनुपस्थिति का मतलब है कि प्रकाश को उछालने के लिए कम कण हैं, इसलिए आकाश लगभग काला दिखाई देगा।

हानिकारक किरणों का धरातल पर सीधे आगमन

ओजोन और कुछ नहीं बल्कि आणविक ऑक्सीजन से बनीं एक परत है जो सूर्य से आने वाली सभी हानिकारक किरणों को पृथ्वी के धरातल तक आने से रोकती है और उनसे हमें बचाती है।

इसके बिना, समुद्र तट पर हर किसी को खुले आसमान के नीचे धूप सेकने को नहीं मिल सकती और न ही इस पूरी पृथ्वी पर कही पर भी खुले में आप घूम सकते है क्योकि सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणें हमारी त्वचा पर हानिकारक प्रभाव डालती है।

प्रत्येक व्यक्ति के भीतरी कान के परदे फट जायेंगें

ऑक्सीजन की कमी के कारण एक पल में ही, हमारे आस–पास मौजूद हवा का दबाव 21% कम हो जाएगा जो समुद्र तल से करीब 2000 मी. की ऊँचाई से छलांग लगाने के बराबर होगा।

ऑक्सीजन कान के पर्दों को दबाव में होने वाले बदलावों के अनुकूल बनाता है। अतः ऑक्सीजन की अनुपस्थिति के कारण सुनने संबंधी गंभीर बीमारियाँ होने की संभावना बढ़ सकती है।

पृथ्वी की पपड़ी उखड़ जाएगी

पृथ्वी के उपरी परत में 45% ऑक्सीजन होती है और ऑक्सीजन के बिना यौगिक अपनी कठोरता बनाए नहीं रख सकते हैं इसलिए, यदि ऑक्सीजन 5 सेकंड के लिए पृथ्वी से गायब हो जाये तो पृथ्वी की पपड़ी के टुकड़े टुकड़े हो जायेंगे। जिसके कारण हमारे नीचे की धरती गायब हो जाएगी और हम आसानी से गिरने लगेंगे।

धातुओं के अलग-अलग टुकड़े तुरंत आपस में जुड़ जायेंगे

ऑक्सीकारक की परत, धातुओं के अलग-अलग टुकड़ो के तुरंत जुड़ने का विरोध करती है। हालांकि, जैसे ही ऑक्सीजन को हटा दिया जाता है प्रतिरोध शून्य हो जाता है और अनट्रीटेड धातुएं तुरंत एक दूसरे से जुड़ने में सक्षम हो जाती हैं।

महासागरों और अन्य जल निकायों का वाष्पन शुरु हो जाएगा और सारा जल भाप बनकर अंतरिक्ष में फैल जाएगा

पानी के दो घटक होते हैं – 2 भाग हाइड्रोजन और 1 भाग ऑक्सीजन। 33% ऑक्सीजन के बिना, पानी सिर्फ हाइड्रोजन गैस मुक्त होगा। हाइड्रोजन गैस, सभी तत्वों में सबसे हल्की होने के कारण, ऊपरी क्षोभमंडल में बढ़ जाएगी और धीरे-धीरे अंतरिक्ष में फैल जाएगी।

तो, संभवतः, पृथ्वी हमारे कीमती ऑक्सीजन के बिना लगभग सभी समय में केवल रेगिस्तान का एक बड़ा ग्रह बन सकती है।

आंतरिक दहन इंजन वाले वाहन काम करना बंद कर देंगे

आंतरिक दहन इंजन पर निर्भर करने वाले सभी कार या वाहन ऑक्सीजन के बिना रुक जाएंगे क्योंकि ऑक्सीजन के बिना दहन संभव नहीं है। इसके अलावा दहन के लिए ऑक्सीजन की न्यूनतम मात्रा की आवश्यकता होती है।

हालांकि, यदि ऑक्सीजन गायब हो जाती हैं, तो उड़ान भरने वाले विमानो के दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाएगी और हवा में उड़ रहे विमान कुछ समय (5 सेकेंड) के लिए हवा में तैरने लगेंगे।

कंक्रीट से बनी हर संरचना ध्वस्त हो जाएँगी।

ऑक्सीजन कंक्रीट संरचनाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्यूंकि ऑक्सीजन धरती के कणों को बांधे रखती है और इसके बिना, यौगिक उनकी कठोरता को पकड़ नहीं पाते हैं और इसी कारणवश सभी कंक्रीट संरचनाये ध्वस्त हो जाएँगी।

तुलसीदास और उनके जन्म दिवस से जुड़ी कुछ विशेष बातें

तुलसीदास और उनके जन्म दिवस से जुड़ी कुछ विशेष बातें

तुलसीदास जयंती हर साल मनाई जाती है और इस वर्ष तुलसीदास जयंती 27 जुलाई को है। वे एक समाज सुधारक, राम भक्त, कवि और संत थे । उनका जन्म विक्रमी संवत को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के राजापुर में हुआ था। उनकी माता का नाम हुलसी और उनके पिता का नाम अत्ताराम दुबे था।

उन्होंने अपने गुरु नरहरिदास से शिक्षा प्राप्त की थी और तुलसीदास के शिक्षण के साथ उन्हें एक नया नाम रामबोला दिया गया था। उनके माता-पिता के बारे में कहा जाता है कि उनके जन्म के कुछ वर्षों बाद उनकी मृत्यु हो गई थी और उसके बाद उन्होंने अयोध्या, चित्रकूट और काशी जैसे पवित्र स्थानों में अपना जीवन बिताया।

वे भक्ति सगुण कविधारा के प्रसिद्ध कवि थे। उन्होंने कई ग्रंथों की रचना भी की थी। इन सभी में रामचरितमानस, कवितावली, विनयचरता, जानकीमंगल, हनुमान चालीसा, बरवा रामायण शामिल हैं।

विशेष बातें

  • इस वर्ष 27 जुलाई को तुलसीदास जयंती मनाई जाएगी। पारंपरिक हिंदू कैलेंडर के अनुसार,उनका जन्म श्रावण के महीने में हुआ था और तुलसीदास जयंती को कृष्ण पक्ष के ’सप्तमी’ को मनाया जाता है, जो चंद्रमा के अंधेरे पखवाड़े के 7 वें दिन में होता है।
  • तुलसी दास ने अपने जीवन का ज़्यादातर समय वाराणसी में बिताया। वाराणसी में गंगा नदी पर बना प्रसिद्ध “तुलसी घाट ” उन्ही के नाम पर रखा गया है। यह वही जगह है जहाँ वे ज़्यादातर समय निवास करते थे।
  • तुलसीदास कई रचनाओं के लिए प्रसिद्ध हैं लेकिन उन्हें महाकाव्य रामचरितमानस लिखने के लिए जाना जाता है। रामचरितमानस के मूल को रामायण की घटनाओं का काव्य-पुन: वर्णन माना जाता है जो मूल रूप से महर्षि वाल्मीकि द्वारा संस्कृत में लिखा गया था।
  • तुलसीदास को महर्षि वाल्मीकि के पुनर्जन्म के रूप में प्रतिष्ठित किया गया था। उन्होंने रामायण की कहानी को अवधी में लिखा, जो हिंदी की एक बोली है।
  • तुलसी दास भगवान राम के भक्त थे। ऐसी मन्यता है कि कलयुग में इन्हें हनुमान सहित भगवान राम  और लक्ष्मण के दर्शन हुए थे।
  • ऐसा माना जाता है कि तुलसीदास ने रामचरितमानस की सम्पूर्ण रचना 2 साल 7 महीने और 26 दिन में पूरी की थी।
  • तुलसीदास की रामायण का संस्करण काफी लोकप्रिय हुआ और रामायण भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण घटक बन गई ।
  • कई लोग मानते हैं कि उन्होंने हनुमान चालीसा (भगवान हनुमान को समर्पित एक धार्मिक भजन) की रचना भी की थी।
  • तुलसीदास जयंती का दिन हिंदू धर्म में बहुत अधिक धार्मिक महत्व रखता है और इस दिन गोस्वामी तुलसीदास के अद्वितीय योगदान का जश्न मनाया जाता है।
  • इस दिन तुलसीदास के साथ, हम सभी कलाकारों की कारीगरी का सम्मान करते हैं।
  • रामायण महाकाव्यों में से एक है जो एक बहुत बड़ा धार्मिक महत्व रखता है। यह इस तथ्य से स्पष्ट है कि आज रामायण टेलीविजन श्रृंखला अपने आप में कुल 52 मिलियन व्यूज़ के साथ दुनिया भर में सर्वाधिक व्यूअरशिप रिकॉर्ड रखती है।

सेहत के साथ-साथ त्वचा के लिए भी फायदेमंद है सुबह गर्म पानी पीना

हम में से अधिकांश लोग अपने दिन की शुरुआत गर्म कप चाय या कॉफी के साथ करना पसंद करते हैं। हालांकि, जब पानी की बात आती है, तो हम आमतौर पर ठंडा पानी पीना पसंद करते हैं। अगर आयुर्वेदिक विशेषज्ञों की माने तो ऐसा करने से आप अपने शरीर को ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं।

वहीं दूसरी और सुबह गर्म पानी पीने से हमें बहुत फ़ायदे होते है।  हमारे शरीर का 70 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है। यह हमारी सेहत के साथ साथ हमारी त्वचा का भी ध्यान रखता है।

वजन घटाने में मदद करता है

गर्म पानी से वजन कम करने में भी मदद मिलती है। गर्म पानी पीने से आपके शरीर के तापमान में थोड़ी वृद्धि होती है जिससे शरीर के तापमान को कम कर मेटाबॉलिज्‍म को सक्रिय किया जा सकता है। गर्म पानी आंतों से मल को बाहर निकालकर शरीर को साफ कर देता है और ये प्रक्रिया वजन कम करने में भी मदद करती है।

शरीर को डिटॉक्सीफाई करता है

बहुत से लोग नहीं जानते कि गर्म पानी आपके पसीने और मूत्र के माध्यम से हानिकारक विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर आपके शरीर को शुद्ध करने के लिए एक शक्तिशाली औषधि के रूप में कार्य करता है। बेहतर परिणाम के लिए आप गर्म पानी में नींबू का रस और शहद भी मिला सकते हैं।

पाचन में सहायक

गर्म पानी पीना, विशेष रूप से अपने भोजन के दौरान आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन को पचाने में मदद करता है, जिससे ब्रेकडाउन  प्रक्रिया में तेजी आती है। यह पाचन को भी बढ़ाता है और आपके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट और खनिज संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा, खाली पेट गर्म पानी पीने से मल त्याग और कब्ज में भी सुधार होता है।

समय से पहले बूढ़ा होने से रोकता है

विषाक्त पदार्थों के आपके शरीर को साफ करने के अलावा, गर्म पानी आपकी त्वचा के लचीलेपन  को बढ़ाता है और इसकी मरम्मत करने की क्षमता को बढ़ाता है, जिससे समय से पहले बूढ़ा होने के लक्षण जैसे कि झुर्रियां, शुष्क त्वचा और गहरे पैच कम हो जाते हैं।

खांसी और जुकाम के लक्षणों से राहत दिलाता है

गर्म पानी पीना खांसी, ठंड और गले में खराश से छुटकारा पाने का एक प्रभावी प्राकृतिक तरीका है। यह कफ को साफ करके और सांस की बीमारियों, विशेष रूप से खांसी से तुरंत राहत प्रदान करता है।

प्रतिरक्षा को मजबूत करता है

खाली पेट पानी पीने से आपके शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है और प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बढ़ावा मिलता है। पानी स्वाभाविक रूप से अपशिष्ट उत्पादों और अन्य बैक्टीरिया को समाप्त करता है जो संक्रमण या बीमारी का कारण हो सकता है।

रक्त संचार को बढ़ाता है

जब आप एक गिलास गर्म पानी पीते हैं, तो शरीर में जमा वसा और विषाक्त पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाते हैं। यह आपके शरीर में रक्त संचार में सुधार करने में भी मदद करता है और आपके रक्त में विषाक्त पदार्थों की उपस्थिति के कारण विभिन्न स्वास्थ्य जटिलताओं के जोखिम को कम करता है।

त्वचा के संक्रमण से बचाता है

त्वचा की कोशिकाओं को फिर से जीवंत करने के अलावा, गर्म पानी का प्रतिदिन सेवन आपकी त्वचा को डिटॉक्स करता है, जिससे आपकी त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है। रोजाना कम से कम आठ गिलास गर्म पानी पीने का नियम मुहांसों से निपटने में सही है।

गर्म पानी आपके छिद्रों को बंद करने में मदद करता है और त्वचा के भीतर मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। इसके अतिरिक्त, यह शुष्क त्वचा के लिए एक प्राकृतिक मॉइस्चराइज़र के रूप में भी काम करता है।

ऊर्जा बढ़ाता है

सुबह गर्म पानी पीने से आपकी ऊर्जा का स्तर तुरंत बढ़ जाता है और आप ऊर्जावान महसूस करते हैं क्योंकि अगर सुबह आपका शरीर निर्जलित होता है तो यह आपको थका हुआ महसूस कर सकता है।

आपके आंतरिक अंगों को स्वस्थ रखता है

खाली पेट गर्म  पानी पीने से शरीर के आंतरिक अंगों के समुचित कार्य में मदद मिलेगी, जो आपके लसीका प्रणाली को स्वस्थ रखता है क्योंकि यह आपके शरीर के तरल पदार्थों को संतुलित करने में सहायक होता है।

बीमारियों को दूर करने में मदद करता है

सुबह जल्दी उठकर गर्म पानी पीने से शरीर से कई प्रकार की बीमारियाँ से बचाव होता है, जैसे- कैंसर, टीबी, नेत्र, मूत्र, गुर्दे की बीमारी, गले का रोग, उल्टी, सिर दर्द आदि रोगों से कुछ हद तक राहत मिलने में सहायता करता है।

इंस्टाग्राम पर करते हैं राज ये 10 सेलिब्रिटी, फॉलोअर्स के मामले में तोड़े रिकार्ड्स!

आज के समय में सेलिब्रिटी के लिए अपने फैन्स से जुड़े रहने का सबसे आसान और सटीक तरीका बन चुका है सोशल मिडिया जिसमें वो अपनी बातों को शेयर करते हैं और जल्द ही तेजी से वायरल हो जाते हैं इसलिए ज्यादातर सेलेब्स आज के समय में इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल काफी तेजी के साथ कर रहें हैं।

आज हम आपको ऐसे ही 10 सेलिब्रिटी के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके इंस्टाग्राम पर हैं सबसे ज्यादा फॉलोअर्स।

विराट कोहली

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले दुनिया के एकमात्र ऐसे क्रिकेटर खिलाड़ी है जिनके इंस्टाग्राम पर 69.3 मिलियन फॉलोअर्स हैं। सोशल मिडिया पर विराट कोहली काफी एक्टीव रहते हैं साथ ही मैदान पर भी उनकी आक्रामक बल्लेबाजी देखने को मिलती है। इंग्लैंड की मेजबानी में खेले गए वर्ल्ड कप-2019 में विराट कोहली की कप्तानी से टीम इंडिया सेमीफाइनल तक पहुंची थी।

प्रियंका चोपड़ा

इंडिया में इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले सेलिब्रिटी में प्रियंका चोपड़ा का नाम भी आता है इनके 55.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं। साल 2000 की मिस वर्ल्ड विजेता प्रियंका चोपड़ा एक भारतीय अभिनेत्री होने का साथ गायिका, और फिल्म निर्माता भी हैं।

प्रियंका चोपड़ा आज के समय में भारत की सबसे अधिक कमाई करने वाली और सबसे लोकप्रिय हस्तियों में से एक मानी जाती हैं।

श्रद्धा कपूर

श्रद्धा कपूर एक भारतीय अभिनेत्री होने के साथ एक अच्छी गायिका भी हैं,यह फिल्म अभिनेता शक्ति कपूर की बेटी हैं। श्रद्धा कपूर ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत “आशिकी-2” से की थी जो कि एक बहुत बड़ी सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी इसके बाद से उनकी फैन्स फॉलोइंग बढ़ती गई। आज के समय में श्रद्धा के इंस्टाग्राम पर 51 मिलियन फॉलोअर्स हैं।

दीपिका पादुकोण

दीपिका पादुकोण भी भारत में इंस्टाग्राम पर सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाली अभिनेत्रियों की लिस्ट में हैं। इनके 50.7 मिलियन फॉलोअर्स हैं। दीपिका पादुकोण बॉलीवुड अभिनेत्री होने के साथ सबसे ज्यादा कमाई करने वाली अभिनेत्रियों में से एक है। दीपिका पादुकोण को तीन फिल्मफेयर पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

दीपिका पादुकोण ने बॉलीवुड में अपने कैरियर की शुरूआत 2007 में फिल्म “ओम शांति ओम” से की थी, और 2017 में हॉलीवुड फिल्म XXX: रिटर्न ऑफ एक्सेंडर केज में काम करके अपनी पहली पहचान बनाई।

आलिया भट्ट

भारत में इंस्टाग्राम पर सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाली अभिनेत्रियों की लिस्ट में आलिया भट्ट चौथे नंबर पर आती है आलिया 1999 में फिल्म “संघर्ष” में एक बाल अभिनेत्री के रूप में नज़र आई थी इनकी पहली फिल्म “स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर” थी। इस फिल्म के बाद से ही आलिया लोगों की पहली पसंद बनकर उभरी।

आलिया को इंस्टाग्राम पर 48.1 मिलियन से ज्यादा लोगों द्वारा फॉलो किया जाता है। आलिया की (2019) की फिल्म “गली बॉय” को बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता मिली थी।

नरेंद्र मोदी

नरेंद्र दामोदरदास मोदी (नरेंद्र मोदी) के इंस्टाग्राम पर 45.6 मिलियन फॉलोअर्स के साथ विश्व के सबसे प्रसिद्ध नेता बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्विटर और फेसबुक पर ज्यादा सक्रिय होने के कारण विश्व के सबसे प्रसिद्ध नेताओं में शुमार हैं।

जैकलीन फर्नांडीज

श्रीलंका की ब्यूटी क्वीन कहलाई जाने वाली जैकलीन फर्नांडीज ने भारतीय फिल्म इंड्रस्टी में अपना एक नया मुकाम हासिल किया है। साल 2006 में ये मिस यूनिवर्स श्रीलंका की विजेता रही हैं आज के समय में वो भारत की प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक है।

भारत में जैकलीन प्रशंसकों के बीच “जैक” के नाम से जानी जाती हैं। इन्हें इंस्टाग्राम पर 43.4 मिलियन से ज्यादा लोगों द्वारा फॉलो किया जाता है।

नेहा कक्कड़

बॉलीवुड सिंगर नेहा कक्कड़ ने कई सुपरहिट गाने गाए हैं। उनके गानों को बहुत पसंद किया जाता है। सोशल मीडिया पर भी नेहा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहती हैं।

हाल ही में नेहा कक्कड़ ने एक वीडियो शेयर कर फैन्स का शुक्रिया अदा किया है। दरअसल, नेहा कक्कड़ के इंस्टाग्राम पर 40 मिलियन फॉलोअर्स हो गए हैं, जिसकी खुशी में उन्होंने केक कट किया था।

अक्षय कुमार

वैसे तो देश-दुनिया में खिलाड़ी के नाम से प्रसिद्ध अक्षय कुमार के फैंंस की कोई कमी नहीं, लेकिन अक्षय ने सोशल मीडिया में फैंस की तादाद के लिहाज से एक नया कीर्तिमान हासिल किया है l

अक्षय कुमार एक अच्छे भारतीय अभिनेता हैं। अक्षय बॉलीवुड के ऐसे पहले मेल एक्टर बन गए हैं, जिनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 42.7 मिलियन फॉलोअर्स हैं l

कटरीना कैफ

बॉलीवुड एक्ट्रेस कटरीना कैफ पिछले कुछ वर्षों में अपने शानदार प्रदर्शन के साथ खूब सुर्खियां बटोर रही हैं और इतना ही नहीं, उन्होंने इंस्टाग्राम पर भी 40 मिलियन फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर लिया है।

इसमें कोई दो राय नहीं है कि कटरीना कैफ ने अपने काम से लोगों को दिलों में खास जगह बना ली है। इंस्टाग्राम पर उनके तेजी से फॉलोअर्स बढ़ रहे हैं। कटरीना कैफ सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं।

 

जानिए रहस्य एक रात में गायब हो गए गांव का 

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क्या आपने कभी किसी ऐसे गांव के बारे में सुना  है। जहां पर रहने वाले लोग अचानक से एक रात में ही सब गायब हो गए हो। आपको बता दें कनाडा का एक ऐसा गांव है जो कि 89 साल से रहस्य का कारण बना हुआ है।

यह गांव अंजिकुनी जिले के किनारे बसा हुआ था लेकिन बाद में यह रहस्यमई तरीके से अचानक पूरा गांव गायब हो गया। जिसका रहस्य अभी तक नहीं सुलझ पाया है कि आखिर इस गांव के लोग रातो-रात कहां चले गए।

इस गांव के लोगों के गायब होने के पीछे की कहानी कुछ इस तरह है। साल 1930 में ‘जो लाबेल’ नाम का एक व्यक्ति भटकते हुए इस गांव में पहुंचा क्यूंकि उस समय ठंड का मौसम था, इसलिए वो गर्म जगह की तलाश में यहां तक आ पहुंचा। वह पहले भी इस गांव में आ चुका था और उसे पता था यहां कोई न कोई व्यवस्था हो ही जाएगी, जहां वह रात काट सके।

लाबेल ने चारों तरफ नजर घुमाई, लेकिन उसे कोई भी नजर नहीं आया। फिर उसने सोचा कि शायद यहां के लोग कहीं और चले गए हो  हालांकि वह रात काटने के लिए एक घर में घुसा, लेकिन वह यह देखकर हैरान रह गया कि घर का सारा सामान बिल्कुल वैसे का वैसे ही रखा हुआ है। किचन में आधा पका हुआ खाना पड़ा था और चूल्हा भी जल रहा था। ऐसा लग रहा था, जैसे अभी-अभी खाना बन रहा हो।

जब वह शख्स गांव में पहुंचा तो उसने मदद के लिए लोगों को आवाज लगाई, लेकिन उसे अपनी आवाज के अलावा किसी और की आवाज सुनाई नही दी। चारों तरफ सन्नाटा छाया हुआ था। उसे वहां ना तो कोई इंसान नजर आ रहा था और ना ही किसी जानवर की आवाज़ आ रही थी।

यह सब देखकर लाबेल काफी ज़्यादा घबरा गया । वह तुरंत उस घर से निकल गया और दूसरे घर में घुसा। तब उसको वहां भी बिल्कुल वैसा ही नजारा देखने को मिला जैसा कि वह पहले घर में देख कर आया था।

गांव के सारे घरों का हाल लगभग एक जैसा था। ऐसा लग रहा था कि जैसे लोग आधा-अधूरा काम छोड़कर कहीं गायब हो गए हैं। लाबेल ने गांव से बाहर आकर इस रहस्यमयी घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद छानबीन शुरू हुई, लेकिन पुलिस यह पता लगाने  में नाकाम रही कि आखिर गांव के सारे लोग एक साथ कहां और कैसे गायब हो गए।

पुलिस ने आसपास के गांवों में जाकर लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि कुछ दिन पहले वहां एक अजीब सी चमकती हुई रोशनी दिखाई पड़ी थी, जो बार-बार अपना आकार बदल रही थी और वह लगातार अंजिकुनी गांव की तरफ ही बढ़ रही थी।

हालांकि इसका कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिल पाया है, लेकिन यह आज भी एक रहस्य बना हुआ है कि आखिर सारे लोग कहां गायब हो गए।

लिपस्टिक से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

दुनिया की हर महिला को सजना सवरना बेहद पसंद होता है। इसके लिए वे कई तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं। उन्हीं में से एक है लिपस्टिक। जैसा कि आप सभी जानते हैं, हर महिला के मेकअप लिस्ट में शुमार होती है लिपस्टिक।

शादी में जाना हो, पार्टियों में जाना हो या फिर घर से बाहर कहीं घूमने ही क्यों ना जाना हो अधिकतर महिलाएं इसका इस्तेमाल करती हैं। इसे लगाने से महिलाओं की खूबसूरती में चार चाँद लग जाते हैं। लिपस्टिक श्रृंगार का अभिन्न अंग बन चुकी है।

तो आज हम आपको बताएंगे लिपस्टिक के बारे में कुछ रोचक तथ्य जो शायद आप नहीं जानते हैं।

  • इतिहास में बहुत पहले से ही कुदरती लिपस्टिक का इस्तेमाल किया जाता रहा है, रंग वाले फल, फूल, पोधो का रस भी लिपस्टिक के रूप में इस्तेमाल होता रहा है|
  • लिपस्टिक बनाने में विटामिन E, एलोवेरा, धूप से बचाने के लिए कुछ पदार्थ और एमिनो एसिड भी डाला जाता है|
  • फ्रिज में रखने से लिपस्टिक ज़्यादा समय तक चलती है और ख़राब नहीं होती|
  • आधुनिक युग की लिपस्टिक बनाने के लिए ज्यादातर मोम, तेल, रंग का प्रयोग होता है|
  • रानी एलिज़ाबेथ से पहले तक लिपस्टिक को वेश्याओं का श्रृंगार समझा जाता था उस समय केवल नीची जाती की औरतें ही लिपस्टिक का इस्तेमाल करती थी|
  • मशहूर हॉलीवुड अदाकारा मर्लिन मुनरो केवल लाल लिपस्टिक का ही इस्तेमाल करती थी|
  • 1880 में दुनिया की पहली व्यावसायिक लिपस्टिक को मार्किट में उतारा गया|
  • बरसात के मौसम में अधिक लिपस्टिक बिकती हैं|
  • पहले के समय में महिलाएं हर शेड की लिपस्टिक लगाती थीं। न्यूड्स, लाल, गुलाबी और यहां तक कि काले और सफ़ेद रंग की भी। वर्ष 1960 के क़रीब मॉड कल्चर के उदय के दौरान लोगों ने होंठों पर सफ़ेद लिपस्टिक लगाना शुरू किया। उसी दौर से  सफ़ेद लिपस्टिक का चलन शुरू हुआ।
  • 70 % लोगो का मानना है कि लाल लिपस्टिक सच में आकर्षक और सेक्सी होती है|
  • लिपस्टिक का 15% हिस्सा मुह धोते हुए बह जाता है|
  • कहा जाता है कि जो महिलाएं रोजाना लिपस्टिक लगाती हैं वे अपने जीवन में कम से कम 4 पाउंड लिपस्टिक खा जाती हैं।
  • दुनिया की सबसे महंगी लिपस्टिक है “ग्वर्लेन की एक्सक्लूसिव किसकिस गोल्ड और डायमंडल लिपस्टिक”। जिसकी क़ीमत है तक़रीबन रु42,61,540. इस लिपस्टिक के बारे में यह भी जान लें कि यह केवल लिपस्टिक की एक ट्यूब भर नहीं है, यह 199 डायमंड्स और 110 ग्राम सोने से बनी हुई है।
  • मनुष्य द्वारा बनाई गई पहली लिपस्टिक आज से 400 या 500 साल पहले मेसोपोटामिया में पाई गई थी उस समय में औरतें कीमती रत्नों को मसलकर उस से अपने होंठ सजाती थी l
  • लिपस्टिक केवल एक तरह की नहीं होती, इसके कई प्रकार होते हैं जैसे की, आम या चमकदार , सुखी या मॉइस्चराइजिंग इत्यादि l
  • 80% अमेरिकी औरतें प्रतिदिन लिपस्टिक का इस्तेमाल करती हैं और इन में से 25% ऐसी है जो की लिपस्टिक लगाये बिना घर से बहार नहीं निकलती।
  • बहुत समय तक यूरोपी मध्य काल में लाल लिपस्टिक को शैतान की पूजा करने के साथ जोड़ा जाता था।
  • जॉर्ज वाशिंगटन, अमेरिका के पहले राष्ट्रपति भी कभी कभी लिपस्टिक का प्रयोग करते थे।
  • एक अध्यन बताता है कि लिपस्टिक लगाने वाली औरते लिपस्टिक न लगाने वाली औरतों के मुकाबले में पुरुषो का अधिक ध्यान आकर्षित करती हैं
  • सबसे अधिक समय तक टिकने वाली पहली लिपस्टिक की खोज 1950 में की गई थी
  • एक समय ऐसा था जब लिपस्टिक लंच के समय तो लगा सकते थे परन्तु डिनर के समय नहीं।
  • एक अध्यन के एक अनुसार 82 % औरतें ,अगर उन्होंने लिपस्टिक न लगाई हो तो, किसी मीटिंग या डेट पर अपने आप को कम बेहतर महसूस करती हैं।
  • 75 % औरतें केवल वो ही लिपस्टिक खरीदना पसंद करती है जो की उन्हें यकीन हो की उन पर अच्छी लगती है।
  • 5 % लिपस्टिक पानी पीने वाले ग्लास, कोफी के कप या पानी की बोतल पर रह जाती है।
  • दूसरे विश्व युद्ध के दौरान विंस्टन चर्चिल ने कॉस्मेटिक्स में केवल लिपस्टिक का प्रोडक्शन जारी रखा था, क्योंकि उनका मानना था कि यह मनोबल बढ़ाती है।
  • लिपस्टिक के शेड्स की चमक बढ़ाने के लिए आज भी मछली के स्केल्स यानी उनके ऊपरी सुरक्षात्मक आवरण का इस्तेमाल किया जाता है।
  • क्या आपने कभी सोचा है कि पुरानी ब्लैक ऐंड वाइट फ़िल्मों में महिलाएं ब्लैक लिपस्टिक क्यों लगाती थीं? क्योंकि जब स्क्रीन पर रंगों को उकेरने की तकनीक का इजाद नहीं हुआ था, तब फ़िल्म स्टॉक यानी मोशन पिक्चर को कैप्चर करने का मीडियम रंगों के प्रति काफ़ी संवेदनशील था इसलिए लाल रंग की बजाय अभिनेत्रियां काले रंग की लिपस्टिक लगाती थीं ताकि स्क्रीन पर काला रंग सही नज़र आए।

नर कंकाल से भरी है उत्तराखंड की रूपकुंड झील जानिए क्या है रहस्य

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नर कंकाल से भरी है उत्तराखंड की रूपकुंड झील जानिए क्या है रहस्य

एक ऐसी झील जो सर्दियों के मौसम में पूरी तरह से बर्फ से ढक जाती है और फिर गर्मियों का मौसम आता है और धीरे-धीरे बर्फ पिघलने लगती है। अब आप सोच रहे होंगे कि भला इसमें क्या रॉकेट साइंस है?

दरअसल उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र के अन्तर्गत अनेक सुरम्य ऐतिहासिक स्थल हैं जिनकी जितनी खोज की जाए उतने ही रहस्य सामने आ जाते हैं। इन्ही में से एक है रूपकुंड झील जिसमें अनेक नरकंकाल  तैरते दिखाई देते हैं।

इसके आलावा यहाँ  के आकर्षक एवं मनमोहक स्थलों को देखने के लिए प्राचीन काल से वैज्ञानिक, इतिहासकार, पुरातत्ववेत्ताओं, भूगर्भ विशेषज्ञों एवं जिज्ञासु पर्यटकों के क़दम इन स्थानों में पड़ते रहे हैं।

तो आइये जानतें इस झील के बारे में :-

इस झील के पानी में सैंकड़ों कंकाल तैरते दिखाई देते है

वैज्ञानिकों  का मानना है कि करीब 900 साल पहले  यहाँ इतनी ओला वृष्टि हुई कि यहां रहने वाले सभी लोग मारे गए। कंकालों की DNA जाँच से ये साबित हुआ कि ये  लगभग 900 साल पहले के हैं। हर साल जब बर्फ पिघलती है तो यहाँ  सैंकड़ों कंकाल झील के पानी में तैरते दिखाई देते हैं।  इतने सारे नरकंकालों के यहाँ होने की वजह से ही इस झील का नाम नर कंकाल झील रख दिया गया है।

1942 में मिली नरकंकालों से भरी ये झील

रूपकुंड झील उत्तराखंड के चमोली जिले में हैं। यह हिमालय में बसी एक छोटी-सी घाटी में मौजूद है। यह 16499 फिट ऊँचे हिमालय पर है।  यह चारों तरफ से बर्फ और ग्लेशियर से घिरी हुई है। यह झील बहुत ही गहरी है। इसकी गहराई लगभग 2 मीटर है और यह झील टूरिस्टों के लिए एक आकर्षण का केंद्र है। रूपकुंड झील में मौजूद नरकंकालों की खोज सबसे पहले 1942 में हुई थी।

इसकी खोज नंदा देवी गेम रिज़र्व के रेंजर एच.के माधवल द्वारा की गई थी।  इस जगह के बारे में नेशनल जियोग्राफी को पता चला तो, उन्होंने भी यहाँ अपनी एक टीम भेजी। उनकी टीम ने इस जगह पर 30 और कंकालों की खोज की थी।

साल 1942 से हुई इसकी खोज के साथ आज तक सैकड़ों नर कंकाल मिल चुके हैं। यहाँ हर लिंग और उम्र के कंकाल पाए गए हैं। इसके अलावा यहाँ कुछ गहने, लेदर की चप्पलें, चूड़ियाँ, नाख़ून, बाल, मांस आदि अवशेष भी मिले है जिन्हें संरक्षित करके रखा गया है। ख़ास बात यह है कि कई कंकालों के सिर पर फ्रैक्चर भी है।

स्थानीय लोग इसे देवी का प्रकोप मानते हैं

स्थानीय लोगों के अनुसार, कन्नौज के राजा जसधवल अपनी गर्भवती पत्नी रानी बलाम्पा के साथ यहाँ तीर्थ यात्रा पर निकले थे। दरअसल, वह हिमालय पर मौजूद नंदा देवी मंदिर में माता के दर्शन के लिए जा रहे थे। वहां हर 12 साल पर नंदा देवी के दर्शन की बड़ी महत्ता थी।

राजा बहुत जोरो-शोरों के साथ यात्रा पर निकले थे, लोगो का कहना था कि बहुत मना करने के बावजूद राजा ने दिखावा नही छोड़ा और वह पूरे जत्थे के साथ ढोल नगाड़े बजाते हुए इस यात्रा पर निकले।

ऐसी  मान्यता थी कि देवी इससे नाराज हो जायेंगी और हुआ भी वही।  उस दौरान बहुत ही भयानक और बड़े-बड़े ओले और बर्फीला तूफ़ान आया, जिसकी वजह से राजा और रानी समेत पूरा जत्था रूपकुंड झील में समा गया।

एक रिसर्च में यह कहा गया कि यहाँ एक ट्रेकर्स का समूह निकला हुआ था। यह समूह अपने रास्ते में ही था कि अचानक बर्फीला तूफ़ान आ गया। इस दौरान, गेंद जितने बड़े- बड़े ओले आसमान से बरस रहे थे।

इस भयानक तूफ़ान से कोई इसलिए भी नहीं बच पाया, क्योंकि 35 किलोमीटर दूर -दूर तक सिर छिपाने की जगह ही नहीं थी।  जिसकी वजह से लोगों ने छटपटा कर दम तोड़ दिया।

छींक क्यों आती है जानिए कुछ रोचक तथ्य

हमारे नाक में अचानक गुदगुदी सी शुरू होती है फिर एक चुभने वाली सी खुजली आती है और अचानक नाक से एक जोर का फॉर्स लगता है जिसे छींक कहा जाता है। छींकना हमारे शरीर की एक जटिल शारीरिक प्रक्रिया है जिससे कि फेफड़े और अन्य आंतरिक अंगों को दूषित होने से बचाया जाता है।

छींकना या जिसे मेडिकल भाषा में sternutation कहते हैं वो तब होता है जब सांस लेने के रास्ते में नाक के अंदर जो लाइन्स होती है उनमें जलन होती है। इससे श्लेष्मा झिल्ली में भी जलन होने लग जाती है जो कि हमारे तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित कर देती है और हमारे दिमाग को छींक लेने के लिए एक संदेश भेजती है।

छींक आना इंसान के शरीर की इम्यून प्रोसेस का एक हिस्सा है। यह शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। जब नाक में कुछ प्रवेश कर जाता है तो दिमाग का एक भाग जो छींक का केन्द्र या अनियंत्रित क्रियाओं के लिए उत्तरदायी होता है। यह हिस्सा दिमाग का निचला भाग होता है। इस हिस्से के द्वारा तेजी से सिग्नल भेजे जाते हैं। जिसके कारण गला, आंखें व मुंह कसकर बंद हो जाता है।

आज हम आपको बताने जा रहे हैं छींक से जुड़ी कुछ ऐसी ही रोचक बातें जिन्हें सुनकर आपको जरूर हैरानी होगी।

  • छींक के बाद लोगों को ”गॉड ब्लेस यू” कहते हुए सुना होगा मगर ये जानकर शायद आपको बहुत हैरानी होगी कि छींक आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी है। छींकने से शरीर के हानिकारक जर्म बाहर निकलते हैं और यह प्रतिरोधी तंत्र की प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा है। सेहतमंद जीवन के लिए छींक का आना भी जरूरी है।
  • यदि आपको छींके आ रही हैं तो आपको नींद नहीं आ सकती है या यूं कहें जब आप सोते हैं तो छींक नहीं आ सकती है, क्योंकि उस समय नसें आराम की अवस्था में होती हैं। आपके साथ छींक से जुड़ी नसों को भी आराम मिलता है इसलिए कभी भी नींद के दौरान आपको छींक नहीं आ सकती है।
  • छींक एक ऐसी क्रिया है जिसके आने पर हमारा शरीर भी नियंत्रण नहीं कर पाता है, क्योंकि इसकी गति बहुत तेज होती है। छींक की रफ्तार 100 मील प्रतिघंटा होती है। एक छींक के साथ लगभग 100000 जर्म वातारण में मुक्त होते हैं।
  • आपने ये तो सुना होगा कि धूप में रहने से स्किन डल हो जाती है, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि धूप में ज़्यादा रहना छींक का कारण भी बन सकता है। जी हां तेज धूप से छींक की नसें सक्रिय हो जाती हैं। जिससे धूप में चलते वक्त भी छींक आ जाती है।
  • कुछ लोगों के छींकने की आवाज बहुत तेज़ होती है लेकिन आपको जान कर हैरानी होगी कि यह आवाज़ नाक से नहीं बल्कि मुंह से आती है। जब तेजी से हवा का दबाव बाहर निकलता है तो हमारे मुंह से ‘आछू’ की आवाज आती है लेकिन ये आछू भाषा के हिसाब से अलग-अलग होता है। फ्रेंच में एट्कम, इटैलियन में हप्सू, जापानी में हाकुशॉन और स्वीडिश में अट्जो कहते हैं। जबकि आछू इंग्लिश शब्द है।
  • शायद आपको ये बात अजीब लगे, लेकिन छींकने की वजह सेक्स भी हो सकता है। शोधों की मानें तो सेक्स के दौरान पैरासिंपेथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है। जिससे सेक्स के बाद कई बार कुछ लोगों को बहुत छींक आती है।
  • कभी-कभी आपको इतनी जोरदार छींक आती है कि आपका अंग-अंग हिला हुआ सा महसूस होता है। छींकने के बाद ऐसा लगना लाजमी है, क्योंकि जब आप छींकते हैं तब आपके गले, डायफ्राम, पेट और सीने की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होता है। जिसके कारण इन अंगों का वर्कआउट हो जाता है।
  • कुछ लोगों को थ्रेडिंग करवाते समय या उसके बाद छींक आती है दरअसल, भौहों के ठीक नीचे जो नस होती है। वह श्वसन नली से जुड़ी होती है। इस नली से जुड़ी कोई भी गतिविधि छींक के रूप में इस नस पर प्रतिक्रिया करती है।

मिट्टी के घड़े का पानी स्वास्थ्य के लिए होता है लाभदायक जानिए कैसे

पुराने जमाने में घर में बड़े बुर्जुग साफ और ठंडा पानी पीने के लिए मिट्टी के घड़े का इस्तेमाल करते थे। टेक्नोलॉजी के इस युग में हम फ्रीज में रखे ठंडे पानी पीने के आदी हो चुके हैं कई स्वास्थय विशेषज्ञों की मानें तो फ्रीज का पानी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

ज़मीन में कई विटामिंस और मिनरल्स पाए जाते हैं। इसी कारण मिट्टी से बने मटके में पानी पीना भी स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक माना जाता है। गर्मियों में खासतौर पर इसका इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि इसमें पानी काफी ठंडा रहता है।

आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अबरार मुल्तानी मानना है कि मिट्टी के मटके का पानी पीने से मैग्नीशियम मिलता है, जो डिप्रेशन को ठीक करने में मदद करता है इसी तरह यह कैल्शियम का भी सोर्स है जो हडि्डयों और जोड़ों के लिए फायदेमंद है।

जानिए मिट्टी से बने मटके में पानी पीने के फायदे

  • मिट्टी से बने मटके में पानी मौसम के हिसाब से ठंडा होता है। यह मटके की एक ऐसी क्वालिटी होती है, जो अन्य किसी चीज़ें में नहीं मिल पाती। यह सिर्फ पानी को ठंडा ही नहीं करते बल्कि हमारी बॉडी में पानी के साथ कई ऐसी जरूरी चीजें पहुंचाते हैं, जो ज़मीन में पाई जाती है।
  • मिट्टी का नेचर ऐल्कलाइन (क्षारीय) होता है, जो बॉडी में पीएच बैलेंस मेंटेन करने का काम करता है। मानव शरीर एसिडिक नेचर के लिए जाना जाता है। ऐसे में क्षारीय मिट्टी एसिडिक वाटर में रिएक्ट कर पीएच बैलेंस को संतुलित करती है। इससे एसिडिटी और गैस्ट्रोनोमिक पैन में राहत मिलती है।
  • मिट्टी के घड़े में पानी पीने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है जबकि प्लास्टिक बॉटल्स और कंटेनर्स में पानी पीने से खतरनाक केमिकल जैसे बीपीए पाया जाता है। यह टेस्टोस्टेरोन लेवल को संतुलित करता है जबकि प्लास्टिक इसे कम करता है। इसमें जो मिनरल्स पाए जाते हैं, उनसे डाइजेशन इम्प्रूव होता है।
  • यह गले के लिए भी काफी लाभदायक होता है। कफ और कोल्ड का शिकार होने वालों के लिए मटके का पानी पीना काफी उचित माना जाता है। गर्मियों में जो लोग सांस लेने की बीमारी से पीड़ित रहते हैं, उनके लिए भी मटके का पानी बेस्ट होता है। फ्रीज का पानी काफी ज्यादा ठंडा होता है और कई बार इसे पीने से गले संबंधी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।
  • गर्मियों में सनस्ट्रोक (लू) बहुत सामान्य बात है। मिट्टी का घड़ा इससे भी बचाता है, क्योंकि यह बॉडी को जरूरी न्यूट्रिएंट्स और विटामिंस उपलब्ध करवाता है इससे बॉडी का ग्लुकोज मेंटेन रहता है और यह हीट स्ट्रोक से बचाता है। मिट्टी के घड़े को हर दो से तीन दिन में अच्छे से साफ कर इस्तेमाल करना चाहिए।
  • फ्रिज के पानी की अपेक्षा यह अधिक फायदेमंद है क्योंकि इसे पीने से कब्ज और गला खराब होने जसी समस्याएं नहीं होती। इसके अलावा यह सही मायने में शरीर को ठंडक देता है।
  • मिट्टी के घड़े में स्टोर किए गए पानी को पीने से सबसे बड़ा फायदा पेट को होता है। यह पेट से जुड़ी कई प्रकार की समस्याएं जैसे कब्ज, एसिडिटी, पेट में ऐंठन को दूर करने के लिए सकारात्मक असर दिखा सकता है। वैज्ञानिक अध्ययन में इस बात का दावा भी किया जा चुका है कि मिट्टी के घड़े या फिर मिट्टी से बने हुए बर्तन में स्टोर किए गए पानी को पीने से पेट से जुड़ी कई प्रकार की समस्याओं से राहत पाई जा सकती है।

मार्क जुकरबर्ग से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य जो आपने कहीं नहीं पढ़ें होंगे

मार्क जुकरबर्ग से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य जो आपने कहीं नहीं पढ़ें होंगे

  • जुकरबर्ग फेसबुक के CEO होने के बावजूद केवल $1 सैलेरी लेते हैं।
  • उन्होंने 2010 में “बिल गेट्स” और “वारेन बफेट” के साथ “द गिविंग प्लेज” पर हस्ताक्षर किए जिसके अनुसार वह अपने धन का आधा हिस्सा 50 % दान में देंगे। 2014 में, जकरबर्ग ने पश्चिम अफ्रीका में इबोला वायरस की महामारी से निपटने के लिए $ 25 मिलियन का दान दिया था।
  • जब जुकरबर्ग 12 वर्ष के थे, तो उन्होंने एक तात्कालिक संदेश प्रोग्राम बनाया, जिसका नाम जुकनेट था, जो उनके दंत चिकित्सक पिता को दवाखाने में आने वाले रोगियों के बारे में सूचित करता था l
  • जुकरबर्ग वर्तमान में फोर्ब्स की 400 सबसे अमीर अमेरिकियों की सूची में 10 पर नंबर पर हैं।
  • जुकरबर्ग अपनी पत्नी “प्रिसिला चान” से एक पार्टी में टॉयलेट की कतार में इंतज़ार करते हुए मिले थे।
  • जुकरबर्ग फ्रेंच, हिब्रू और ग्रीक भाषा लिख और बोल सकते हैं वह मैंडरिन भी बोल सकते हैं l वे लैटिन जैसी प्राचीन भाषाओं में भी रुचि रखते थे।
  • उनकी पसंदीदा पुस्तकों में से एक “द एनेड” है, और पसंदीदा टीवी शो में से एक “द वेस्ट विंग” है, जिसे “आरोन सोरकिन” ने बनाया था, यह वही व्यक्ति है जिसने “फेसबुक द सोशल नेटवर्क” के निर्माण के आधार पर फिल्म भी लिखी थी।
  • जुकरबर्ग ने पहली बार डमीज़ बुक के लिए C ++ से कोड करना सीखा।
  • शुरुवात में याहू व MTV ने एक करोड़ डॉलर में फेसबुक साइट को खरीदना चाहा था परन्तु मार्क ने मना कर दियाl उन्होंने कहा, ” पहले मैं सूचना आदान-प्रदान का खुला वैश्विक प्लेटफॉर्म बना लूं फिर मुनाफे के बारे में विचार करूंगा।
  • वर्ष 2016 में जुकरबर्ग ने 365 मील चलने का लक्ष्य रखा उन्होंने गर्मियों के दौरान अपने इस लक्ष्य को पूरा किया।
  • 2010 में जुकरबर्ग ने चीनी भाषा इसलिए सीखी ताकि वे अपनी पत्नी प्रिसिला चान के माता-पिता के साथ चीनी भाषा में बातचीत कर सकें।
  • मार्क जुकरबर्ग को गूगल प्लस पर सबसे ज्यादा फॉलो किया जाता है और आज भी वे नंबर. 1 पर हैं।
  • क्या आप जानते है कि जुकरबर्ग ने अपनी पत्नी “प्रिसिला चान” के लिए खुद ही वेडिंग रिंग डिजाइन की थी।
  • जुकरबर्ग के माता-पिता ने उनके साथ काम करने के लिए एक कंप्यूटर ट्यूटर को रखा था, लेकिन जुकरबर्ग इतने तेज़ थे कि ट्यूटर ने कहा कि उन्हें किसी ट्यूटर की आवश्यकता नहीं हैं।
  • जुकरबर्ग ने कॉलेज के दिनों में फेसमैश नामक एक प्रोग्राम बनाया था। फेसमैश कॉलेज कैंपस में सबसे आकर्षक शख्स का पता लगाने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। यह फेसबुक का प्रारंभिक स्तर था जो कि साल 2003 में बनाई गई थी। बाद में फेसमैश को साल 2010 में 30201 डॉलर में बेच दिया गया।
  • क्या आप जानते हैं कि मार्क जुकरबर्ग ने साल 2009 में पूरा साल केवल एक ही टाइ यह दिखाने के लिए पहनी थी कि 2008 के बाद का यह साल उनके लिए कितना महत्वपूर्ण है।
  • जब जुकरबर्ग हाई स्कूल में थे, तो उन्होंने एक mp3 प्लेयर “सिनाप्स मीडिया प्लेयर” नामक एक ऐप बनाया, जो उपयोगकर्ता के पसंदीदा गीतों के लिए था और उनकी पसंद के आधार पर प्लेलिस्ट बनाता था, यह ऐप, Spotify या पेंडोरा का प्रारंभिक स्वरुप था।
  • जुकरबर्ग 2011 में शाकाहारी बन गए थे और उन्होंने प्रण लिया था कि वे अब मांस उसी जानवर का खाएंगे जिसे उन्होंने खुद मारा होगा।
  • मार्क के ट्विटर पर 2,50,000 फॉलोअर्स हैं परन्तु क्या आप जानते हैं कि इस सोशल साइट से जुड़ने के चार साल बाद तक उन्होंने केवल 19 ट्वीट किए हैं।
  • जुकरबर्ग ने 2011 में गूगल के सोशल नेटवर्क पर पॉपुलेरिटी के मामले में गूगल के फाउंडर “लैरी पेज आर सर्गेइ बिन” को भी पीछे छोड़ दिया था।
  • जुकरबर्ग “द सोशल नेटवर्क” फिल्म के प्रशंसक नहीं थे क्यूंकि उनके अनुसार फिल्म में दिए गए कुछ तर्क गलत थे।
  • अभी जुकरबर्ग हाई स्कूल में ही थे कि उन्हें कई कंपनियों (एओएल और माइक्रोसॉफ्ट सहित) द्वारा नौकरी की पेशकश के लिए संपर्क किया गया था लेकिन जुकरबर्ग ने उन सभी को ठुकरा दिया था।
  • जुकरबर्ग कइ कानूनी मामलों में फंसे है। वे केवल 23 साल की उम्र में ही अरबपति बन गए थे और उन पर बौद्धिक चोरी, निन्दा (intellectual theft, blasphemy) और फेलियर टू अपहोल्ड कॉन्ट्रैक्ट जैसे कानूनी मामले चल रहे हैं। उनका सबसे लंबा कानूनी मामला दो जुड़वां भाइयों कैमरन आर टायलर विकलवॉस के साथ चला। दोनों भाइयों ने मार्क पर उनका फेसबुक आइडिया चोरी करने का आरोप लगाया था।