तुलसीदास और उनके जन्म दिवस से जुड़ी कुछ विशेष बातें

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तुलसीदास और उनके जन्म दिवस से जुड़ी कुछ विशेष बातें

तुलसीदास जयंती हर साल मनाई जाती है और इस वर्ष तुलसीदास जयंती 27 जुलाई को है। वे एक समाज सुधारक, राम भक्त, कवि और संत थे । उनका जन्म विक्रमी संवत को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के राजापुर में हुआ था। उनकी माता का नाम हुलसी और उनके पिता का नाम अत्ताराम दुबे था।

उन्होंने अपने गुरु नरहरिदास से शिक्षा प्राप्त की थी और तुलसीदास के शिक्षण के साथ उन्हें एक नया नाम रामबोला दिया गया था। उनके माता-पिता के बारे में कहा जाता है कि उनके जन्म के कुछ वर्षों बाद उनकी मृत्यु हो गई थी और उसके बाद उन्होंने अयोध्या, चित्रकूट और काशी जैसे पवित्र स्थानों में अपना जीवन बिताया।

वे भक्ति सगुण कविधारा के प्रसिद्ध कवि थे। उन्होंने कई ग्रंथों की रचना भी की थी। इन सभी में रामचरितमानस, कवितावली, विनयचरता, जानकीमंगल, हनुमान चालीसा, बरवा रामायण शामिल हैं।

विशेष बातें

  • इस वर्ष 27 जुलाई को तुलसीदास जयंती मनाई जाएगी। पारंपरिक हिंदू कैलेंडर के अनुसार,उनका जन्म श्रावण के महीने में हुआ था और तुलसीदास जयंती को कृष्ण पक्ष के ’सप्तमी’ को मनाया जाता है, जो चंद्रमा के अंधेरे पखवाड़े के 7 वें दिन में होता है।
  • तुलसी दास ने अपने जीवन का ज़्यादातर समय वाराणसी में बिताया। वाराणसी में गंगा नदी पर बना प्रसिद्ध “तुलसी घाट ” उन्ही के नाम पर रखा गया है। यह वही जगह है जहाँ वे ज़्यादातर समय निवास करते थे।
  • तुलसीदास कई रचनाओं के लिए प्रसिद्ध हैं लेकिन उन्हें महाकाव्य रामचरितमानस लिखने के लिए जाना जाता है। रामचरितमानस के मूल को रामायण की घटनाओं का काव्य-पुन: वर्णन माना जाता है जो मूल रूप से महर्षि वाल्मीकि द्वारा संस्कृत में लिखा गया था।
  • तुलसीदास को महर्षि वाल्मीकि के पुनर्जन्म के रूप में प्रतिष्ठित किया गया था। उन्होंने रामायण की कहानी को अवधी में लिखा, जो हिंदी की एक बोली है।
  • तुलसी दास भगवान राम के भक्त थे। ऐसी मन्यता है कि कलयुग में इन्हें हनुमान सहित भगवान राम  और लक्ष्मण के दर्शन हुए थे।
  • ऐसा माना जाता है कि तुलसीदास ने रामचरितमानस की सम्पूर्ण रचना 2 साल 7 महीने और 26 दिन में पूरी की थी।
  • तुलसीदास की रामायण का संस्करण काफी लोकप्रिय हुआ और रामायण भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण घटक बन गई ।
  • कई लोग मानते हैं कि उन्होंने हनुमान चालीसा (भगवान हनुमान को समर्पित एक धार्मिक भजन) की रचना भी की थी।
  • तुलसीदास जयंती का दिन हिंदू धर्म में बहुत अधिक धार्मिक महत्व रखता है और इस दिन गोस्वामी तुलसीदास के अद्वितीय योगदान का जश्न मनाया जाता है।
  • इस दिन तुलसीदास के साथ, हम सभी कलाकारों की कारीगरी का सम्मान करते हैं।
  • रामायण महाकाव्यों में से एक है जो एक बहुत बड़ा धार्मिक महत्व रखता है। यह इस तथ्य से स्पष्ट है कि आज रामायण टेलीविजन श्रृंखला अपने आप में कुल 52 मिलियन व्यूज़ के साथ दुनिया भर में सर्वाधिक व्यूअरशिप रिकॉर्ड रखती है।