भारतीय इतिहास की 16 भयंकर प्राकृतिक आपदाएं

भारत के इतिहास में बहुत सारी प्राकृतिक आपदाएं आई हैं, जिनमें ज्वालामुखी, बाढ़, सुनामी, भूकंप आदि शामिल है. भारत में हुई अमरनाथ यात्रा त्रासदी, मंधेर देवी मंदिर में मची भगदड़ और सबरीमाला केरल मंदिर में भगदड़, करंजादी ट्रेन दुर्घटना और वैभववादी ट्रेन दुर्घटना भी इन भयानक आपदाओं में शामिल है. यह है भारत के इतिहास में हुई सबसे बुरी प्राक्रतिक आपदाओं की सूची:-

1. बंगाल में 1770 में आया भयंकर अकाल

यह अकाल बंगाल में सन 1770 में आया था. उस समय बंगाल ब्रिटिश शासन के अधीन था. इस अकाल से मरने वालों की संख्या 1 करोड़ थी. इस अकाल ने बंगाल, बिहार और ओडिशा की कई जगहों को प्रभावित किया था.

2. 1839 में आया कोरिंगा चक्रवात

कोरिंगा चक्रवात ने भारत को हिला कर रख दिया था. यह भारत में आई दस सबसे बढ़ी आपदाओं में से एक थी. कोरिंगा चक्रवात की शुरुआत आंध्रप्रदेश के जिले गोदावरी से हुई थी. इस चक्रवात में 20,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी.

3. 1896 में आई तीसरी प्लेग महामारी

यह महामारी भारत में 1896 में आई थी. इस महामारी का असर भारत और चीन दोनों देशों पर हुआ था. इस महामारी की शुरुआत बॉम्बे और कोलकाता के बंदरगाह से हुई और फिर यह धीरे-धीरे भारत के छोटे कस्बों में फैलती गई.

4. 1979 में हुआ लाहौल घाटी हिमस्खलन

मार्च, 1979 में लाहौल घाटी में भारी बर्फबारी हुई थी. इस बर्फबारी से 200 लोग 20 फीट बर्फ के नीचे दब कर मर गए थे. यह हिमालय में आए सबसे भयंकर हिमस्खलनों में से एक था.

5. मालपा भूस्खलन

मालपा भूस्खलन भारत में अब तक के आए सबसे खराब भूस्खलनों में से एक था. यह भूस्खलन उत्तरांचल के पिथौरागढ़ के पास पढ़ते मालपा गांव में हुआ था. इस त्रासदी में कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने आए 380 यात्रियों की मौत हुई थी.

6. 1999 में ओडिशा में आया चक्रवात

इस चक्रवात को भारत में 05B के नाम में भी जाना जाता है. इस चक्रवात से 1999 में 15,000 लोगों की मौत हुई थी. यह तूफ़ान भारत में आया अब तक का सबसे विनाशकारी तूफ़ान था. इस तूफ़ान में मरने वालों की संख्या 15,000 तक पहुंच गई थी.

7. गुजरात में 2001 को आया भयंकर भूकंप

यह भूकंप भारत के 51वें गणतंत्र दिवस 26 जनवरी, 2001 को आया था. गुजरात में आए इस भूकंप की तीव्रता 7.6 और 7.7 के बीच थी और इस भूकंप में मरने वालों की संख्या 20,000 थी.

8. दक्षिण भारत में पड़ी भयंकर गर्मी, 2002

यह गर्मी भारत के दक्षिण क्षेत्र में 2002 को पड़ी थी, इस भयंकर गर्मी में मरने वालों की संख्या 1000 थी. इस त्रासदी में सबसे ज़्यादा लोग आंध्र प्रदेश में मरे थे. उस समय गर्मी इतनी ज़्यादा थी कि उड़ते हुए पक्षी आकाश से गिर कर मरने लगे थे, तालाबों और नदियों का पानी तक सूख गया था.

9. हिंद महासागर सुनामी, 2004

हिंद महासागर में आई सुनामी का असर भारत सहित 14 देशों पर हुआ था. यह सुनामी 2004 में सुमात्रा के पश्चिमी तट पर हई थी. इस सुनामी से मरने वालों की संख्या 2,30,000 थी. यह सुनामी भारत के इतिहास की सबसे बढ़ी आपदाओं में से एक थी.

10. मुंबई की भारी वर्षा, 2005

गुजरात में आई बाढ़ के एक महीने बाद ही जून 2005 में महराष्ट्र में बाढ़ आई थी. इस बाढ़ से महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई सबसे बुरी तरह प्रभावित हुई थी. इस बाढ़ से 5,000 लोग मरे थे. यह बाढ़ भारत के इतिहास में आई सबसे भयंकर बाढ़ों में से एक थी.

11. बिहार में आई बाढ़, 2007

यह बाढ़ 2007 में बिहार में आई थी. यह बाढ़ पिछले 30 वर्षों की सबसे भयंकर बाढ़ थी. वैसे तो बिहार में हमेशा बाढ़ें आती रहती हैं, लेकिन यह बाढ़ अब तक की आई सबसे भयंकर बाढ़ थी. इस बाढ़ से हज़ारों लोगों ने अपनी जान गवाईं थी और करोड़ों रुपए की संपत्ति नष्ट हो गई थी.

12. 2010 में आया पूर्वी भारतीय तूफ़ान

इस तूफ़ान ने भारत के पूर्वी राज्यों को बुरी तरह से प्रभावित किया था. यह तूफ़ान 30-40 मिनट तक सक्रिय रहा था. इस तूफ़ान में मरने वालों की संख्या 91 थी और इस तूफ़ान ने 91,000 से अधिक घरों को नष्ट कर दिया था.

13. महाराष्ट्र में सूखा, 2013

यह सूखा महाराष्ट्र के इतिहास का सबसे भयंकर सूखा था. इस सूखे से महारष्ट्र के जलना, जलगाँव और धुले क्षेत्र बहुत बुरी तरह से प्रभावित हुए थे.

14. उत्तराखंड में आई बाढ़, 2013

2013 में उत्तराखंड में आकस्मिक बाढ़, बादल फटने की वजह से भयंकर तबाही हुई थी. इस बाढ़ से कई जगह भूस्खलन भी हुए थे. इस बाढ़ से मरने वालों की संख्या 5,000 थी. उत्तराखंड में आई यह बाढ़ भारत के इतिहास की अब तक की सबसे भयंकर बाढ़ थी.

15. कश्मीर में बाढ़, 2014

सितंबर 2014 में कश्मीर में आई बाढ़ में लगभग 500 लोगों की मौत हो गईं थी। श्रीनगर, बांदीपुर, राजौरी जैसे कई क्षेत्र इस भयंकर बाढ़ से प्रभावित हुए थे।

16. केरल में आई बाढ़, 2018

भारत के दक्षिणी राज्य केरल में अगस्त 2018 में आई भीषण बाढ़ ने भयानक तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में तकरीबन 477 लोगों की जानें गईं, वहीं हज़ारों लोग बेघर हो गए।

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