महाभारत से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

महाभारत को पंचम वेद कहा जाता है। महाभारत में बहुत सी घटनाएं, संबंध और ज्ञान-विज्ञान के रहस्य छिपे हुए हैं। महाभारत योद्धाओं की गाथाओं के लिए ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े शाप, वचन और आशीर्वाद के कारण भी हमारे मन- प्राण में बसा हुआ है। आइए जानते है महाभारत से जुड़े कुछ रहस्य और रोचक तथ्य:

  • कहा जाता है कि महाभारत में 18 संख्या बहुत महत्वपूर्ण है। महाभारत की पुस्तक में 18 अध्याय हैं। गीता में भी 18 अध्याय हैं। कृष्ण जी ने अर्जुन को 18 दिन तक ज्ञान दिया था। कौरवों और पांडवों की सेना 18 अक्षोहिनी सेना थी, जिनमें 11 कौरवों की और 7 पांडवों की अक्षोहिनी सेना थी। यह युद्ध भी 18 दिन तक चला था और युद्ध में 18 योद्धा ही जीवित बचे थे। महाभारत में 18 संख्या या तो कोई संयोग है या फिर इसमें कोई रहस्य छिपा है।
  • कर्ण और दुर्योधन की बहुत गहरी दोस्ती थी। एक बार कर्ण और दुर्योधन की पत्नी भानुमति शतरंज खेल रहे थे। भानुमति ने दुर्योधन को आते देख कर खड़े होने की कोशिश की। कर्ण को पता नहीं था कि दुर्योधन आ रहा है। जब भानुमति खड़े होने की कोशिश कर रही थी, तब कर्ण ने उसकी मदद करने के लिए उसे पकड़ना चाहा। लेकिन कर्ण के हाथ में भानुमति की मोतियों की माला आ गई और माला टूट कर बिखर गई। तब तक दुर्योधन भी वहां आ चूका था। वह दोनों दुर्योधन को देख डर गए कि दुर्योधन को कहीं कुछ गलत शक ना हो जाए। लेकिन दुर्योधन को कर्ण पर बहुत विश्वास था और उसने बस इतना ही कहा कि मोतियों को उठा लो।
  • कौरवों के इलावा धृतराष्ट्र का युयुत्सु नाम का एक और पुत्र था। गांधारी के गर्भवती के समय वह धृतराष्ट्र की सेवा करने से असमर्थ थी, इसीलिए उन दिनों वैश्य नाम की दासी धृतराष्ट्र की सेवा करती थी। युयुत्सु, वैश्य और धृतराष्ट्र का पुत्र था। युयुस्तु बहुत यशस्वी और विचारशील था।
  • कहा जाता है कि गुरु द्रोणाचार्य का पुत्र अश्वत्थामा आज भी ज़िंदा है।अश्वत्‍थामा ने महाभारत के युद्ध में एक ब्रह्मास्त्र छोड़ा था, जिससे लाखों लोग मारे गए थे। यह सब देखकर कृष्ण जी क्रोधित हो गए और उन्होंने अश्वत्थामा को श्राप दे दिया कि वह इन सब मृतिक लोगों का पाप ढोता हुआ तीन हजार वर्ष तक निर्जन स्थानों पर भटकता रहेगा। कहा जाता है कि अश्वत्‍थामा इस श्राप के बाद रेगिस्तानी इलाके में चला गया था।
  • जब पांडव वारणावत नगर में रह रहे थे, एक दिन वहां कुंती ने ब्राह्मण भोज करवाया। सब लोगों के भोजन कर के चले जाने के बाद वहां एक भील स्त्री अपने पांच पुत्रों के साथ भोजन करने आई और उस रात वह अपने पुत्रों के साथ वहीं सो गई। उसी रात भीम ने महल में आग लगा दी और सभी पांडव कुंती सहित गुप्त रास्ते से बाहर निकल गए। सुबह जब लोगों ने भील स्त्री और उसके पांच पुत्रों के शव देखे तो उन्हें लगा कि कुंती और पांचों पांडव जल कर मर गए हैं।
  • मरने से पहले पांडवों के पिता पांडु ने अपने पुत्रों से कहा कि वे उसका दिमाग खा जाएं, क्योंकि इससे वह बुद्धिमान होंगे और ज्ञान भी हासिल होगा। लेकिन उनमें से सिर्फ सहदेव ने ही अपने पिता के दिमाग को खाया। जब सहदेव ने पहली बार दिमाग खाया, उसे दुनिया में बीत चुकी चीज़ों के बारे में जाना। दूसरी बार जो वर्तमान में हो रहा है, उसके बारे में जानकारी मिली। तीसरी बार भविष्य में क्या होने वाला है, इसके बारे में उसने जानकारी हासिल की।
  • सहदेव अपने पिता का दिमाग खाकर बुद्धिमान और ज्ञानी बन गया था, वह भविष्य को देख सकता था। इसीलिए युद्ध शुरू होने से पहले दुर्योधन सहदेव के पास गया और उसे युद्ध शुरू करने का सही मुहूर्त पूछा। दुर्योधन उनका सबसे बड़ा शत्रु है, सहदेव को ये बात पता होते हुए भी उसने दुर्योधन को युद्ध शुरू करने का सही समय बताया था।
  • कुंती की बाल्यावस्था में उसने ऋषि दुर्वासा की सेवा की थी। ऋषि दुर्वासा ने सेवा से खुश होकर उसे एक मंत्र दिया था, इस मंत्र का प्रयोग कर कुंती किसी भी देवता का आह्वान कर उससे पुत्र प्राप्त कर सकती थी। विवाह के बाद कुंती ने मंत्र की शक्ति देखने के लिए सूर्यदेव का आह्वान किया, जिससे कर्ण का जन्म हुआ था।

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जानिए अपने बेस्ट फ्रेंड का स्वभाव

हर एक इंसान का एक बेस्ट फ्रेंड ज़रूर होता है। दोस्ती का रिश्ता इतना खास होता है कि बेस्ट फ्रेंड के ऊपर बहुत सी फ़िल्में और गाने बने है यहाँ तक की बहुत सी किताबें भी लिखी गई हैं । एक दोस्त के साथ हम अपनी सारी बातें और सीक्रेट्स शेयर करते हैं। हम उम्र होने के कारण दोस्त हमारी सारी बातों को अच्छे से समझते हैं। लेकिन दोस्त भी बहुत प्रकार के होते है, आइए जानते है 10 प्रकार के दोस्तों के बारे में:

1. मस्तमौला

इस तरह के दोस्त चिंता मुक्त होते हैं, और अपने दोस्त को भी चिंता से दूर रखते हैं। ऐसे दोस्त बेफिक्र और मस्ती में रहते हैं। यह दोस्त दुख- सुख में हमेशा साथ देतें हैं। ऐसे दोस्तों में बेरंग जिंदगी में रंग भरने की काबिलियत भरी होती है।

2. मूडी

इस तरह के दोस्तों का मिजाज दिन में कई बार बदलता रहता है। ऐसे दोस्तों का मूड कभी भी ऑन – ऑफ हो जाता है। इनको हैंडल करना बहुत मुश्किल होता है। अगर आपको इस तरह के दोस्तों को हैंडल करना अच्छे से आता है तो दोस्ती बेहतरीन होती है, नहीं तो बात बिगड़ भी जाती है।

3. स्वार्थी

इस तरह के दोस्त अपने मतलब के लिए दोस्ती करते हैं। यह अपनी दोस्ती को अपना लक्ष्य प्राप्त करने की सीढ़ी की तरह इस्तेमाल करते हैं। मौकापरस्त और मतलबी टाइप के ऐसे दोस्त काम हो जाने के बाद कभी याद नहीं करते हैं।

4. लाइफटाइम

ऐसे दोस्त पूरी उम्र साथ निभाते हैं। इस तरह के दोस्त हर एक मुश्किल में अपने दोस्त के लिए सब कुछ कुर्बान करने का जज़्बा रखते हैं। आज के टाइम में लाइफटाइम साथ निभाने वाले दोस्त कम ही मिलते हैं। आज के टाइम में तो तक़रीबन ऐसी दोस्ती फिल्मों या किताबों में होती हैं।

5. केयरिंग

अगर आपका दोस्त आपके लिए बहुत केयरिंग है तो आप बहुत खुशकिस्मत हैं, आपके पास ऐसा दोस्त है। ऐसे दोस्त आपके लिए हर टाइम हाज़िर रहते हैं। वह आपकी पढ़ाई, तबियत और खाने-पीने आदि बातों का पूरा ध्यान रखते हैं।

6. पकाऊ

ऐसे दोस्तों को फेंकू के नाम से भी बुलाया जाता है। इन्हें हर एक बात में अपनी राय रखने की बीमारी होती है। अगर इन्हें कोई सुनने वाला हो, वह उसे अपनी फालतू की बातों से बोर कर देते हैं। ऐसे लोग सामने वालों को बोलने का मौका नहीं देते।

7. पोसेस्सिव

ऐसे दोस्त बहुत संवेदनशील, मददगार और केयरिंग होते हैं। लेकिन यह छोटी छोटी बातों पर मुंह भी फुला लेते हैं। आप कोई काम इनसे पूछे बगैर करते हैं तो यह सहन नहीं करते, पर इनकी इन भावनाओं के पीछे आपके लिए प्यार छिपा होता है।

8. टाइमपास

ऐसे दोस्त अकसर बस या ट्रेन में बनते हैं। इनके साथ बस या ट्रेन के सफर तक ही कुछ गपशप, जोक्स शेअरिंग आदि होती है। उसके बाद यह दोस्त फोन, सोशल साइट्स तक ही सीमि‍त रहते हैं।

9. कंजूस

ऐसे दोस्तों को कम खर्चे में काम चलाना अच्छी तरह से आता है। इनसे किसी भी पार्टी की उम्मीद नहीं होती, यह कैंटीन या खर्चीली जगहों पर अपने कभी पैसे नहीं निकालते। इनके हिस्से का खर्चा तक़रीबन दोस्तों को ही देना पड़ता है।

10. बेचारा

इस तरह के दोस्त बहुत इमोशनल होते हैं। यह दुखी और चिंता में रहते हैं। इनको अपने दोस्त की बहुत ज़रुरत होती है, क्योंकि दोस्त का साथ इन्हें हिम्मत दिलाने के लिए बहुत होता है।

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भारत में बहुत चाव से खाई जाने वाली ये चीज़ें विदेशों में है बैन

हर एक देश के अपने अपने अलग- अलग कानून होते है। बहुत से देशों में ऐसे – ऐसे कानूनी नियम होते है, जिन्हें सुन कर हमें हंसी आ जाती है। भारत में खाने-पीने को लेकर कोई नियम नहीं होते, हम लोग अपनी पसंद का कभी भी खा- पी सकते है। लेकिन जिन चीज़ों को भारत में हम लोग बहुत चाव से खाते है, कई देशों में उन चीज़ों पर बैन लगे हुए है। आइए जानते हैं, किस देश में किस खाने की चीज़ पर बैन है।

समोसा

भारतीय लोगों का समोसा सबसे पसिंददा फूड है। समोसे का नाम सुनते ही मुँह में पानी आ जाता है। लेकिन मुस्लिम देश सोमालिया में समोसा बैन है। जेहादी आतंकी संगठन अल शबाब ने इस पर बैन लगाया था, क्योंकि समोसे का आकार त्रिकोणा होता है। वहां त्रिकोण के आकार को क्रिश्चियानिटी (Christianity) का प्रतीक माना जाता है।

च्यूइंगम

भारत में च्युइंगम चबाना आम बात है, बच्चों से लेकर बूढ़े तक आपको च्युइंगम चबाते नज़र आएंगे। लेकिन सिंगापुर में आप च्युइंगम नहीं चबा सकते, वहां च्युइंगम बैन है। 1992 में यहां किसी व्यक्ति ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर च्युइंगम चिपका दिया था, जिसके कारण पब्लिक ट्रांसपोर्ट बहुत घंटों तक प्रभावित हो गया था।

च्युइंगम बैन का एक और कारण है, वहां की सरकार का कहना था कि लोग च्युइंगम चबा कर सड़कों पर थूक देते है, और च्युइंगम लोगों के जूतों से चिपकर सड़कों को गंदा करती है। इसी वजह से सिंगापुर में च्युइंगम बैन है।

टोमाटो कैचअप

फ्रांस अपने खानपान के लिए बहुत मशहूर है। फ्रेंच फ्राइज खाने का मज़ा तो टोमाटो कैचअप के साथ ही आता है। लेकिन फ्रांस की मशहूर डिश फ्रेंच फ्राइज को वहां कैचअप के साथ नहीं खा सकते। सिर्फ फ्रेंच फ्राइज ही नहीं, कैचअप को वहां किसी भी चीज़ के साथ नहीं खाया जाता, क्योंकि फ्रांस में कैचअप पर बैन है। दरअसल 2011 में वहां की गवर्मेंट ने यह कह कर बैन कर दिया था कि कैचअप काफी मसालेदार होता है।

किंडर जॉय

भारत में तो किंडर जॉय की ऐड देख कर ही बच्चे अपने माता-पिता से इसे खाने की ज़िद करने लगते है। भारत में बच्चों की यह पसंदीदा चॉक्लेट है। लेकिन यूनाइटेड स्‍टेट्स में किंडर जॉय बैन है। यूएस गवर्मेंट बच्‍चों के फूड आइटम्‍स को लेकर बहुत सावधान रहती है। वहां गवर्मेंट प्‍लास्टिक की सख्त विरोधी है। वहां बच्चों की खाने की चीज़ें बहुत सावधानी से पैक होतीं है।

डेयरी प्रोडक्ट

कनाडा और यूएसए के कुछ राज्यों में क्रीम मिल्क और डेयरी प्रोडक्टस पर बैन है, क्योंकि इन प्रोडक्टस में ज्यादा मात्रा में जर्म्स पाए गए है। इनके सेवन के कारण फूड पॉयजनिंग हो सकती है।

मैक्रोनी

नॉर्वे और ऑस्‍ट्रीया में मैक्रोनी और चीज़ उसके कलर की वजह से बैन है, क्योंकि इस कलर के फूड को बच्चों के लिए अच्छा नहीं माना जाता। हैरानी की बात तो यह है कि सिर्फ मैक्रोनी और चीज़ ही नहीं, इस कलर के जितने भी फूड आइटम्स है, उन सब पर बैन है।

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मानसिक रूप से मज़बूत लोग अपनी शक्ति को संभाल के रखते हैं

कोई भी आपकी भावनाओं के ऊपर नियंत्रण नहीं कर सकता और ये बात मानसिक रूप से मज़बूत लोग अच्छी तरह से जानतें हैं। आप उनसे कभी ऐसा नहीं सुनेंगे कि मेरे दोस्त ने मेरा मन उदास कर दिया। जब आपका आप पर नियंत्रण होगा तो आपको पता होगा कि नकारात्मक स्थिति से कैसे निपटना है।

खुद के लिए कभी खेद नहीं जताते

मानसिक रूप से मज़बूत लोगों के पास इतना समय नहीं होता कि वो बीती बातों पर अफ़सोस करें. उनको पता होता है कि ऐसा करने से सिर्फ समय ही बर्बाद होगा। वो अपना सारा समय जीवन में सफल होने में लगातें हैं।

समय के साथ अपने आप को ढ़ाल लेतें हैं

बहुत सारे लोगों को अपनी ज़िन्दगी में बदलाव नही पसंद होता। ज़िन्दगी में बदलाव करना बहुत मुश्किल और असंभव होता है। मानसिक रूप से मज़बूत लोगों में समय के साथ बदलने की योग्यता होती है।

उन बातों के बारे में चिंता नहीं करते जिनको वो बदल नहीं सकते

मानसिक रूप से मज़बूत लोग ट्रैफिक जाम, सामान का गुम होना जैसी चीज़ों पर चिंता नहीं करते क्योंकि उनको पता होता है कि इन स्थितिओं को वो बदल नहीं सकते।

मानसिक रूप से मज़बूत लोग हर किसी के सामने नहीं झुकते

अगर आप मानसिक रूप से मज़बूत हो तो आप कई लोगों को निराश कर सकते हो। मानसिक रूप से मज़बूत लोग हरेक के सामने जी हां, जी हां नहीं कहते। वो अपने दिलो दिमाग से सोचकर ना कहने में हिचकिचाते नहीं।

सोच-समझ कर जोखिम उठाते हैं

मानसिक रूप से मज़बूत लोगों को पता होता है कि कहां जोखिम लेना है, और कहां नहीं। वो पहले हर स्थिति के फायदे और नुकसान के बारे में सोचतें हैं और फिर जोखिम उठाते हैं।

अपने अतीत के बारे में नहीं सोचते

मज़बूत लोग अपने अतीत के बारे में सोच-सोच कर अपना समय जाया नहीं करते। वो आज के लिए जीतें हैं और आने वाले कल के लिए अपनी योजनायें बना के रखतें हैं।

मानसिक रूप से मज़बूत लोग अपनी गलतियों से सीखते हैं

मज़बूत लोग अपनी की हुई गलतियों की जिम्मेदारी उठाते हैं और उनसे सीखते हैं और अपने भविष्य के लिए अच्छे चुनाव करते हैं।

दूसरों की कामयाबी से ईर्ष्या नहीं करते

मानसिक रूप से मज़बूत लोग पूरे विश्वास के साथ दूसरों की कामयाबी का जश्न मनाते हैं। वो किसी दुवारा उनको धोखा दिए जाने पर उदास नहीं होते। मज़बूत लोग अपनी मेहनत से सफलता हासिल करने में विश्वास रखते हैं।

मानसिक रूप से मज़बूत लोग अपना लक्ष्य नहीं छोड़ते

रास्ते में आने वाली कठिनाई से विफल होकर वो अपना रास्ता नहीं बदलते बल्कि इसको एक मौका समझ कर उससे सीखते हैं। वो बार-बार उस कठिनाई का सामना करते हैं, जब तक वो कठिनाई को पार नहीं कर लेते।

अकेले रहने में बुराई नहीं समझते

मानसिक रूप से मज़बूत लोग अपने साथ में ही आनंदमय महसूस करते हैं। उनको किसी के सहारे की ज़रूरत नहीं होती। वो अकेले रहने में भी आनंद मानते हैं।

सफलता की अपनी परिभाषा तय करतें हैं

मानसिक रूप से मज़बूत लोग सफलता की अपनी परिभाषा बनातें है। मानसिक रूप से मज़बूत लोगों की यह सोच होती है, कि सबका सफलता पाने का अपना तरीका होता है। ऐसे लोग किसी को हराने के लिए नहीं जीतना चाहते, बल्कि अपने लिए जीतना चाहते हैं, और ना ही किसी से खुद की तुलना करते हैं।

तुरंत नतीजों को जानने के इच्छुक नहीं होते

नया व्यापार शुरू करना हो या जिम ज्वाइन किया हो वो तुरंत इनके नतीजे नहीं देखते। उनको पता होता है कि अच्छे नतीजे समय लेते हैं।

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भारत में अब तक के 10 सबसे बड़े घोटाले

खेद का विषय यह है कि भारत में नित नए घोटाले सामने आते रहतें है। अधिकतर घोटालों में गुनेहगार अभी तक क़ानून की पकड़ से बाहर है। इसका मुख्य कारण यह है कि भ्रष्टाचार के अधिकतर मामले भारतीय अदालतों में लंबित पड़े हैं।  यहाँ प्रस्तुत है, अनगिनत घोटालों में से चुनिंदा घोटाले, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अंत्यंत घातक रहें है।

भारतीय कोयला आबंटन घोटाला

Indian-coal-allocation-scamइस घोटाले में कोयले का गलत तरीके से आबंटन हुआ था। बिना किसी बोली-प्रक्रिया के कोयले के ब्लॉक की नीलामी की गई, जिससे 1.86 लाख करोड़ का नुक्सान हुआ था। मनमोहन सिंह नीत कांग्रेस गठबंधन सरकार के समय यह घोटाला हुआ था।

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2जी स्पेक्ट्रम घोटाला

2G-scam2g स्पेक्ट्रम बहुत बड़ा घोटाला था। इसमें यूनिफाइड एक्सेस सर्विस लाइसेंस का आबंटन हुआ था। इस घोटाले से 1.76 लाख करोड़ का नुकसान बताया जाता है। 2g घोटाला कोयले घोटाले से 5 वर्ष पहले हुआ था, जब भारत मंदी के दौर से गुज़र रहा था। अब भी इस घोटाले को ले कर कई लोगों के ऊपर अदालती करवाई चल रही है।

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वक्फ बोर्ड लैंड घोटाला

waqf-land-scamइस घोटाले में कर्नाटक की वक्फ बोर्ड के अधीन जमीन को गलत तरीके से आबंटन किया गया। वक्फ बोर्ड एक मुस्लिम चैरिटेबल ट्रस्ट है, जो गरीब मुसलमानों की मदद के लिए बनी थी। एक रिपोर्ट में पता चला है कि लगभग 50% जमीन गलत तरीके से सरकारी काम करने वालों ने ले ली। इससे 1.5 से 2 लाख करोड़ का नुक्सान हुआ था।

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कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला

cwg-scamकॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला भारत के इतिहास में एक और बड़ा घोटाला था। अंदाजा था कि 70,000 करोड़ कॉमनवेल्थ की गेम्स में लगाना था। लेकिन इसका 50% ही खेलों और उससे सम्बंधित गतिविधिओं में लगाया गया। यह घोटाला एक तरह की सीधी लूट थी। पैसा उन लोगों को दिया गया, जो असल में थे ही नहीं। मशीनों को तय मूल्यों से दोगुनी कीमत में खरीदी दिखाया गया था।

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तेलगी घोटाला

telgi-scamअब्दुल करीम तेलगी नाम के शख्स ने नकली टिकट पेपर बनाने में महारत हासिल की थी। उसने नकली स्टाम्प पेपर को बैंकों को और कई संस्थाओं को बेचा। उसने नकली स्टाम्प पेपर्स का कारोबार भारत के 12 राज्यों में फैला दिया था।  आकलन के अनुसार नकली स्टैम्प्स की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को 20,000 करोड़ का नुक्सान हुआ था।

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सत्यम घोटाला

satyamसत्यम घोटाला भारत के कॉर्पोरेट्स जगत में सबसे बड़ा घोटाला था, जिसमें 14000 करोड़ का नुक्सान हुआ था। सत्यम के चेयरमैन रामालिंगा राजू ने सब को अंधेरे में रखा। इस घोटाले ने उन निवेशकों को हिला के रख दिया, जिन्होंने सत्यम कम्पनी में निवेश किया था। बाद में टेक महिंद्रा ने सत्यम कंपनी को खरीद लिया था।

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बोफोर्स घोटाला

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बोफोर्स तोप घोटाला 1980 और 1990 के दशक में हुआ था। स्वीडन की बोफोर्स एबी कम्पनी ने भारत को 155 एमएम होवित्ज़र तोप सौदे के लिए भारत सरकार के राजनीतिज्ञों को रिश्वत दी। इस घोटाले में 1 करोड़ 60 लाख डॉलर की रिश्वत कथित तौर पर सत्तासीन कांग्रेसी नेताओं और राजीव गाँधी को दी गई बताई गयी है।

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चारा घोटाला

fodder-scam1996 के चारा घोटाले में 900 करोड़ का नुक्सान हुआ था, जो की उस समय में बहुत बड़ी रकम थी। इस घोटाले में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव मुख्य आरोपी है। पक्के सबूत मिलने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था, परन्तु बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया, मामला अदालत में लंबित पड़ा है।

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हवाला स्कैंडल

hawala-scandalहवाला स्केंडल में 100 करोड़ रुपयों का नुक्सान हुआ था। यह घोटाला 1996 में सामने आया था, इसमें उन लोगों का नाम सामने आया, जो सरकार को चला रहे थे। जो ह्वाला के दलालों से रिश्वत ले रहे थे। इस घोटाले में लालकृष्ण अडवाणी का भी नाम आया, जो उस समय विरोधी पार्टी के सदस्य थे।

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स्टॉक मार्किट घोटाला

harshad-mehtaनिवेशक 4,000 करोड़ के घोटाले को अपने दिलों दिमाग से कभी नहीं भुला सकते कि कैसे शेयर दलाल हर्षद मेहता ने उनके पैसे डूबा दिए थे। एक अन्य शेयर दलाल सी.आर. भंसाली ने 1,200 करोड़ एफडी, म्यूचुअल फंड के माध्यम से जनता से उगाहे और अस्तित्वहीन फर्मों के माध्यम से डिबेंचर और व्यक्तिगत लाभ के लिए उन्हें शेयरों में निवेश कर दिया। अन्य शेयर दलाल केतन पारेख ने शेयरों की कीमतों में हेरफेर करने के लिए बैंकों से उधार के पैसे के माध्यम से चयनित शेयरों में सर्कुलर ट्रेडिंग की जिसे 900 का घाटा हुआ था।

10 बॉलीवुड अभिनेता जिन पर अपराधिक मामले हैं

बॉलीवुड अभिनेता और विवादों का चोली दामन का साथ रहा है। फ़िल्मी गपशप, अभिनेता-अभिनेत्रियों के रोमांस के किस्सों के साथ-साथ अपराधों और मुकद्दमों से भी बॉलीवुड अछूता नहीं रहा। यहाँ प्रस्तुत है, बॉलीवुड के टॉप 10 वह  नायक-नायिकाएं, जिन पर न सिर्फ अपराधिक मुकद्दमे दायर हुए, बल्कि अधिकतर मामलों में उन्हें जेल की हवा भी  खानी पड़ी।

 संजय दत्त

संजय दत्त को अप्रैल 1993 में टेररिस्ट और विघटनकारी गतिविधियां अधिनियम (टाडा) के तहत गिरफ्तार किया गया था। संजय दत्त को 1993 के दौरान एक 9 एमएम पिस्टल और एक ए.के. 56 राइफल को अवैध रूप में रखने के मामले में गिरफ्तार किया था। संजय दत्त इस मामले में 5 साल की सज़ा काट कर रिहा हो चुके है।

सलमान खान

सलमान खान का विवादों से चोली दामन का साथ रहा है। 28 सितंबर 2002 में उनको लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 6 मई 2015 को इस मामले में सलमान खान को सभी आरोपों में दोषी पाया गया था। इस ‘हिट एंड रन’ में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी और तीन अन्य घायल हुए थे। एक अन्य मामले में, फिल्म “हम साथ साथ हैं” की शूटिंग के दौरान उन्होंने जोधपुर में अपने को-एक्टर सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, नीलम और तब्बू के साथ मिलकर, कथित तौर पर दो लुप्तप्राय चिंकारा और दो काले हिरण का शिकार किया था, काले हिरण का शिकार मामले में उन्हें दोषी मानते हुए, अदालत ने उन्हें 5 साल की सज़ा सुनाई थी, इस समय वह जमानत पर है।

शायनी आहुजा

2009 में शायनी आहूजा पर 20 वर्ष की उसकी घरेलू नौकरानी ने बलात्कार का आरोप लगाया था। शुरू में शायनी आहूजा ने अपने पर लगे आरोपों से इंकार किया, बाद में उसने कबूल कर लिया कि उसने अपने घर की नौकरानी का बलात्कार करने का प्रयास किया था। अदालत ने शायनी आहूजा को सात साल की सज़ा सुनाई थी और 2011 को शायनी आहूजा को बेल मिल गई थी।

 सैफ अली खान

अभिनेता सैफ अली खान काले हिरण के शिकार के मामले में सलमान खान के साथ थें। काला हिरण, जो लुप्तप्राय हैं, के शिकार के लिए सलमान खान के साथ बुकिंग की थी। इस केस की सुनवाई जोधपुर की अदालत में चली, जिसमें सैफ अली खान को 5 अप्रैल 2018 को काला हिरण के शिकार के आरोपों से बरी कर दिया गया था।

 जॉन अब्राहम

जॉन अब्राहम को गलत तरीके से मोटर साइकिल चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गलत तरीके की ड्राइविंग से उन पर अदालत में केस दर्ज हुआ और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जॉन अब्राहम को फिर चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था।

शाहरुख खान

बॉलीवुड के बादशाह कहलाने वाले शाहरुख खान कई विवादों में रहें हैं। वर्ष 2012 में शाहरुख खान पर महाराष्ट्र क्रिकेट संघ के अधिकारियों से उलझने के आरोप लगे थे। शाहरुख खान अपने परिवार के साथ क्रिकेट के मैदान (वानखेड़े क्रिकेट मैदान) में थे। कहा जाता है कि शाहरुख खान ने ग्राउंड के अधिकारियों को जान से मारने की धमकी दी थी और इसीलिए उन पर 5 साल का ग्राउंड में एंट्री का बैन लगा था । साल 2015 में शाहरुख़ खान का वो बैन हटा दिया गया था ।

 मधुर भंडारकर

बॉलीवुड के निर्माता-निर्देशक, जो अपनी यथार्थवादी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, पर प्रीती जैन नाम की मॉडल-अभिनेत्री द्वारा उन पर बलात्कार के आरोप लगाए गए थे। प्रीती जैन ने उन पर उसका 16 बार बलात्कार करने का  आरोप लगाया था । अदालती केस 8 वर्ष तक चला, परन्तु बाद में मधुर भंडारकर को अदालत ने पर्याप्त सबूत ना होने की वजह से छोड़ दिया था।

 मोनिका बेदी

मोनिका बेदी के संबंध अंडरवर्ल्ड के डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ बताये गए। मोनिका बेदी को पोर्तुगाल के हवाईअड्डे में गिरफ्तार कर लिया गया, जब वो गलत पास्स्पोर्ट रखने के मामले में पकड़ी गई। पुर्तगाल की जेल में रहने के बाद उसे 2005 में उसके बॉयफ्रेंड अबू सलेम के साथ भारत भेज दिया गया और भारत में उन्हें भोपाल सेंट्रल जेल में बंद किया गया था।2010 में मोनिका को रिहा कर दिया गया।

 गोविंदा

गोविंदा को एक दर्शक को थप्पड़ मारने के आरोप में अदालती करवाई का सामना करना पड़ा। “मनी है तो हनी है” फिल्म की शूटिंग के दौरान ये मामला सामने आया था। IPC की धारा 323, 352 और 506 के तहत अदालती कारवाई हुई। गोविंदा ने इस पर कोई माफ़ी नहीं मांगी और अंत में उन्हें चेतावनी दे कर छोड़ दिया गया था।

 इंद्र कुमार

इंद्र कुमार, जिसे सलमान खान की “वांटेड” में देखा गया था, पर एक 23 वर्षीय संघर्षरत अभिनेत्री ने बलात्कार का आरोप लगाया गया था। इंद्र कुमार को भारतीय दंड सहिंता की धारा, 324 (गंभीर चोट के कारण) और 506 (आपराधिक धमकी), 376 (बलात्कार) तहत 25 अप्रैल, 2014 को गिरफ्तार किया गया था। 10 जून, 2014 को, इंद्र कुमार को जमानत दे दी गई थी।

रात को पढ़ाई करने के फायदे और नुक्सान

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आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि रात को पढ़ाई करने के कितने फायदे और नुकसान हैं। बहुत से छात्रों का मानना है कि रात का समय पढ़ाई करने के लिए अच्छा होता है और उस समय ध्यान लगाना भी आसान होता है। लेकिन आपको बता दें कि अगर किसी चीज़ के फायदे हैं तो उसके नुक्सान भी होते हैं। तो जानिए क्या हैं रात के समय पढ़ाई करने के फायदे और नुकसान।

फायदे

जैसे कि आपको पता है कि रात के समय में ज़्यादा शोर नहीं होता। इससे आपको सोचना और ध्यान लगाना और भी आसान हो जाता है।

दिन के समय आपके पास छोटे-छोटे काम होते हैं, जिसके कारण आपको बार-बार उठना पड़ता है। रात के समय आपको कोई काम नहीं होता, तो एक जगह बैठकर कर आसानी से पढ़ाई कर सकते हो।

आपके पास समय कम होता हैं, इसलिए आप थोड़े समय में ज़्यादा पढ़ने की कोशिश करते है और कुछ हद तक आप इसमें सफल भी होते है।

रात के समय में विकर्षण कम होते है। आप टीवी या फ़ोन का प्रयोग कम करते है और इसी कारण से आपका पढ़ाई पर ध्यान आसानी से लग जाता है।

आपको बता दें कि सोते समय भी आपका दिमाग काम करता रहता है, इसलिए सोने से पहले आप जो भी पढ़ेंगे वो आपको याद रहेगा।

नुकसान

अगर आप पूरी रात पढ़ाई करोगे तो आप अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते। इससे आपका दिमाग और शरीर थक जाता हैं। आपके लिए पूरे दिन में काम पर ध्यान लगाना भी मुश्किल हो जाता हैं।

रात को पढ़ने से आपको सही ढंग से आराम नहीं मिलता, जिसकी वजह से आपके सिर और पीठ में दर्द होने लग जाता हैं।

देर रात तक जागने से आपकी आँखों में भी दर्द होने लग सकता हैं  और इससे आँखों के नीचे काले घेरे भी बन जाते हैं। इसके अलावा और भी तकलीफें हो सकती हैं, जैसे कि मुहासे और रूखी त्वचा।

जो लोग देर रात तक पढ़ना चुनते हैं, उन पर अक्सर तनाव ज़्यादा होता हैं। वो लोग अक्सर डिप्रेशन और तनाव जैसी चीज़ों का शिकार हो जाते हैं।

अगर आप रात को पढ़ते रहे और दिन के समय भी आपने आराम नहीं किया तो आपके दिमाग की सोचने की शक्ति कम हो जाएगी।

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जानिए क्या है law of attraction

आपको बता दें कि  Law of Attraction के अनुसार जो आप सोचते हैं वही आपके साथ होता हैं। अल्बर्ट आइंस्टीन का मानना था कि सब कुछ ऊर्जा ही है, इसके अलावा कुछ नहीं हैं। तो जानिए क्या है law of attraction।

आकर्षण का कानून(law of attraction)

आकर्षण का कानून यह कहता है कि आप जैसे विचारों पर ध्यान केंद्रित करते हो वैसा ही अनुभव आपको जीवन में होता है। यह विश्वास इस विचार पर आधारित है कि जो लोग और उनके विचार “शुद्ध ऊर्जा” से बने होते हैं, और “सामान ऊर्जा” उसी तरह की उर्जा को आकर्षित करने की प्रक्रिया से एक व्यक्ति अपने स्वास्थ्य, धन और व्यक्तिगत संबंधों में सुधार कर सकता है।

आपको अपने जीवन में जो चीज़ चाहिए आपको उसकी मन में इस तरह कल्पना करनी चाहिए, जैसे कि वो आपको पहले ही मिल चूका हो या आपके साथ वो हो चूका हो।

इस तरह से आपकी सकारात्मक विचार करने की क्षमता बढ़ेगी  इससे आप सकारात्मक अनुभव और आपकी मन चाही चीजों को आप यूनिवर्स की मदद से आकर्षित कर पाओगे, लेकिन इस आकर्षण के सिद्धांत को अबतक कोई भी वैज्ञानिक तौर पर साबित नहीं कर पाया है| पर हज़ारो लोगो ने इसकी मदद से अपनी ज़िन्दगी बदली है, इसलिए ये काम करता है।

ऐसा दावा भी किया जाता है कि, आकर्षण के इस सिद्धांत का अनुकरण करने से बहुत लोगों की ज़िन्दगी में बदलाव आये हैं। इन लोगो में से हॉलीवुड के कई दिग्गज एक्टर्स का नाम भी शामिल है, जिन्होंने आकर्षण के सिद्धांत के उपयोग से अपने जीवन में मनचाही चीजों और परिस्थितियों को आकर्षित कर एक उच्च मुकाम प्राप्त कर लिया है।

इस सिद्धांत को universally भी माना जाता है, मतलब यह हर तरफ से लागु होता है, और हम जिस चीज़ को आकर्षित करते हैं, अंतिमत: उसी को ही पाते हैं।

आपको बता दें कि ऐसा नहीं होना चाहिए की आपको चाहिए एक चीज़ और आप कल्पना कर रहे हो एक से ज्यादा जा फिर किसी और चीज़ की। इस वजह से ये सिद्धांत फ़ैल(faill) हो सकता है। आपको उसी चीज़ के बारे में कल्पना करनी होगी, जिस चीज़ को आप असल में चाहते हो और जिसके आप हकदार हो।

किसी बड़े लेखक का कहना है की आपकी भावना और आपके विचार से ही आप जिस चीज़ को चाहते हो उसे जितना हो सके उतना सरल ढंग से सोचो और उस चीज़ के बारे में सकारात्मक ही सोचो। वो सोच और भावना का संयोजन ही है, जो उस चीज़ को आकर्षित करता है।

उस लेखक के अनुसार चिंता, भय, तनाव या अन्य नकारात्मक विचार लोगों को बीमार करते हैं, जबकि प्रेम के सकारात्मक विचार लोगों को स्वस्थ और यहां तक ​​कि बीमारियों का इलाज भी कर सकते हैं। इसीलिए अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने और बीमारी का इलाज करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अपने आपको स्वस्थ होने के रूप में कल्पना करने में सक्षम होना है।

इसके विपरीत अगर कोई व्यक्ति लगातार सोचता है कि वह गरीब हैं, तो यह उनका भविष्य का अनुभव हो जायेगा और वो असल में गरीब ही रह जायेगा। आकर्षण का कानून हमेशा आपके विचारों के लिए आज्ञाकारी रहा है, इसीलिए अगर आप बुरा सोचोगे तो आपको बुरा ही मिलेगा और अच्छा सोचेगे तो आपको अच्छा ही फल मिलेगा। इस सिद्धांत की मदद से आप अपने प्यार को भी हासिल कर सकते है।

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जानिए प्रेरणादायक और विप्रो कंपनी के चेयरमैन अजीम प्रेमजी के बारे में

आज हम आपको महान इंसान विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी के जीवन के बारे में बताने जा रहे हैं। अजीम प्रेमजी दुनिया के बड़े बिज़नेस मैन होने के साथ एक अच्छे व्यक्ति भी हैं। इनको सबसे बड़े दान दाता के नाम से भी जाना जाता है। इनकी मेहनत के कारण ही विप्रो का नाम आज पूरी दुनिया में चमक रहा है। जानिए इनके बारे में और भी कई बातें।

प्रारंभिक जीवन

अजीम प्रेमजी का जन्म 24 जुलाई 1945 को मुंबई के एक निज़ारी इस्माइली शिया मुस्लिम परिवार में हुआ था। इनके पूर्वज मुख्यतः कछ (गुजरात) के निवासी थे। उनके पिता एक प्रसिद्ध व्यवसायी थे और ‘राइस किंग ऑफ़ बर्मा’ के नाम से जाने जाते थे। भारत और पाकिस्तान बंटवारा के बाद मोहम्मद अली जिन्नाह ने उनके पिता को पाकिस्तान आने का न्योता दिया था पर उन्होंने उसे ठुकरा कर भारत में ही रहने का फैसला किया था।

वेस्टर्न इंडियन वेजिटेबल प्रोडक्ट्स लिमिटेड की स्थापना

सन 1945 में अजीम प्रेमजी के पिता मुहम्मद हाशिम प्रेमजी ने महाराष्ट्र के जलगाँव जिले में ‘वेस्टर्न इंडियन वेजिटेबल प्रोडक्ट्स लिमिटेड’ की स्थापना की थी। यह कंपनी ‘सनफ्लावर वनस्पति’ और कपड़े धोने के साबुन ’787’ का निर्माण करती थी।

पिता का देहांत

उनके पिता ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए प्रेमजी को अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय भेजा पर दुर्भाग्यवश इसी बीच उनके पिता की मौत हो गयी थी और अजीम प्रेमजी को इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर भारत वापस आना पड़ा था। उस समय उनकी उम्र मात्र 21 साल थी।

विप्रो को पहुंचाया सफलता पर

आपको बता दें कि इसके बाद भी वह उन्होंने साहस नहीं छोड़ा, बलकि जमकर मेहनत की और विप्रो को एक नए मुकाम पर पहुंचाया। आज विप्रो एक बहु व्यवसायी (Multi Business) तथा बहु स्थानीय (Multi National) कंपनी बन गयी हैं। इसका व्यसाय उपभोक्ता उत्पादों, अधोसरंचना यांत्रिकी से विशिष्ट सूचना प्रौद्योगिकी उत्पादों और सेवाओं तक फैला हैं।

एशिया वीक मैगज़ीन के अनुसार प्रेमजी का नाम दुनिया के 20 प्रभावशाली लोगों में शामिल हैं, और टाइम मैग्जीन ने भी उन्हें कई बार दुनिया की 100 प्रभावशाली हस्तियों में शामिल किया हैं। आज विप्रो दुनिया की टॉप सौ सॉफ्टवेयर आईटी कंपनियों में शामिल हैं।

दान देने में हमेशा आगे

प्रेमजी दान देने के मामले में हमेशा आगे रहते हैं। वह अब भारत में विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय खोलने में लगे हुए हैं। वह आपको ये जानकर गर्व होगा कि उन्होंने गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए आठ हजार करोड़ रुपये से भी अधिक दान दिया हैं।

निजी जीवन

अजीम प्रेमजी का विवाह यास्मीन के साथ हुआ और दंपत्ति के दो पुत्र हैं – रिषद और तारिक। रिषद वर्तमान में विप्रो के आई.टी. बिज़नेस के ‘मुख्य रणनीति अधिकारी’ हैं।

जीवन घटनाक्रम

1945: 24 जुलाई को अजीम रेमजी का जन्म मुंबई में हुआ था ।

1966: अपने पिता की मृत्यु के बाद अमेरिका से पढ़ाई छोड़ भारत वापस आ गए थे।

1977: कंपनी का नाम बदलकर ‘विप्रो प्रोडक्ट्स लिमिटेड’ कर दिया गया था।

1980: विप्रो का आई.टी. क्षेत्र में प्रवेश हुआ था।

1982: कंपनी का नाम ‘विप्रो प्रोडक्ट्स लिमिटेड’ से बदलकर ‘विप्रो लिमिटेड’ कर दिया गया था।

1999-2005: सबसे धनी भारतीय रहे।

2001: उन्होंने ‘अजीम प्रेमजी फाउंडेशन’ की स्थापना की थी।

2004: टाइम मैगज़ीन द्वारा दुनिया के टॉप 100 प्रभावशाली व्यक्तियों में उनको शामिल किया था।

पुरस्कार और सम्मान

बिजनेस वीक द्वारा प्रेमजी को महानतम उद्यमियों में से एक कहा गया है।
सन 2000 में मणिपाल अकादमी ने उनको डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था।
सन 2005 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था।
2006 में ‘राष्ट्रीय औद्योगिक इंजीनियरिंग संस्थान, मुंबई, द्वारा उनको लक्ष्य बिज़नेस विजनरी से सम्मानित किया गया था।
2009 में उनको कनेक्टिकट स्थित मिडलटाउन के वेस्लेयान विश्वविद्यलाय द्वारा उनके उत्कृष्ट लोकोपकारी कार्यों के लिए डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था।
सन 2011 में उन्हें भारत सरकार द्वारा देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया था।
सन 2013 में उनको ‘इकनोमिक टाइम्स अचीवमेंट अवार्ड’ दिया गया था।
सन 2015 में मैसोर विश्वविद्यालय ने उनको डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया था।

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जानिए मुकेश अंबानी और उनके परिवार के बारे में कुछ रोचक बातें

मुकेश अंबानी भारत के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। वह 19.6 अरब रूपए के नेटवर्क के साथ भारत में अमीरों की सूची में पहले स्थान पर हैं। अंबानी परिवार में मुकेश उनकी पत्नी नीता और उनके तीन बच्चे आकाश, ईशा और अनन्त हैं। अंबानी और उनके परिवार के बारे में जानने के लिए इस पोस्ट को पूरा पढ़ें।

मुकेश अंबानी और उनके परिवार के बारे में

मुकेश अंबानी का जन्म 19 अप्रैल 1957 को हुआ था। उनके पिता का नाम धीरूभाई अंबानी और माता का नाम कोकिला बेन अंबानी है। उनके एक छोटे भाई अनिल अंबानी और दो बहने दीप्ति सलग ओमकार और मीना कोठारी भी है। पूरा अंबानी परिवार 1970 तक मुंबई के भुलेश्वर मैं 2 बैडरूम के अपार्टमेंट में रहा करता था। बाद में धीरूभाई अंबानी ने कोलामबा में एक 14 मंजिला अपार्टमेंट खरीदा था| जिसे शि-वाईनड भी कहा जाता है। जहां कुछ समय पहले मुकेश और अनिल अपने परिवार के साथ अलग-अलग मंजिल पर रहा करते थे।

महंगा घर अंबानी परिवार का

दुनिया में सबसे महंगा घर भी अंबानी का है, जिसका नाम एंटीलिया है। इस घर की कीमत $1000000000 से भी ज्यादा है। इस घर में 60 मंजिलें और एक गैरेज भी है, जिसमें 168 कारों खड़ सकती हैं। परिवार के हर सदस्य के लिए हेल्थ क्लब, सिनेमा और 600 स्टाफ है।

अनन्त अंबानी का सफेद हाथी

मुकेश अंबानी के 23 वर्षीय बेटे अनंत अंबानी को अध्यात्म से कुछ ज्यादा ही लगाव हैं। कुछ रिपोर्टों में उल्लेख किया गया हैं। वो अक्सर भगवान बालाजी मंदिर का भ्रमण करते रहते हैं। उन्होंने भगवान बालाजी को एक पवित्र सफेद हाथी भी भेट किया हैं।

परिवार की अहमियत

अपने बिज़नेस के साथ-साथ मुकेश अपने परिवार को भी काफी अहमियत देते हैं। वह जितने भी बिजी रहे लेकिन हर रविवार को अपनी मां, पत्नी और बच्चों के साथ समय बिताते हैं।

अंबानी की गाड़ी

मुकेश अंबानी की BMW 760Li कार Bullet Proof है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भी ऐसी ही Hi-tech कार है।

मुकेश अंबानी ने अपनी पत्नी को Traffic में शादी के लिए Propose किया था और कार को चलाने से मना कर दिया था जब तक वो हाँ नही करती।

मुकेश अंबानी कभी भी बिना पूजा किये घर से बाहर नही जाते।

परिवार का खास गिफ्ट

मुकेश ने सिर्फ अपना 50 वा बर्थडे मनाया था। आपको बता दें कि अंबानी को अपना बर्थडे मनाना पसंद नहीं हैं, लेकिन परिवार के सदस्यों को वह बर्थडे मनाने से नहीं रोकते हैं। नीता अंबानी के बर्थडे पर उन्होंने करीब 6.2 करोड़ डॉलर का जेट नीता अंबानी को गिफ्ट में दिया था।

परोपकारी गतिविधियां

नीता अंबानी कई परोपकारी गतिविधियों और चैरिटी प्रोजेक्टस में लगी हुई हैं। जिस क्षेत्र मैं वो सबसे ज्यादा सक्रिय हैं।

सादगी पसंद परिवार

भारत के सबसे अमीर व्यक्ति होने के बावजूद भी मुकेश को उनके विनम्र व्यवहार के लिए जाना जाता हैं। वो पारंपरिक भारतीय भोजन को खाना पसंद करते हैं और वो शाकाहारी भी हैं।

कम उम्र की अरबपति

मुकेश और नीता की बेटी ईशा अंबानी सबसे कम उम्र की अरबपति वारिस हैं। 2008 में जब ईशा महज 16 साल की थी तो उनको दुनिया के 10 अरबपति मैं दूसरा रैंक दिया गया था।

जियो का रिकॉर्ड

21 फरवरी 2017 के अनुसार मुकेश अंबानी के जियो ने अपने 10 करोड़ यूजर्स बना लिए थे। 21 फरवरी 2017 तक 160 दिन पूरे कर लिए थे इसी कारण संचार के क्षेत्र में भारत वर्ल्ड में टॉप पर आ गया था। Reliance जियो ने अपने सर्वे में यह बताया की यूजर्स ने प्रतिदिन 5.5 करोड़ घंटे लाइव वीडियो देखते हुए बताएं।

बहुमूल्य अवॉर्ड्स

एक अच्छे बिज़नेस मैन होने के कारण मुकेश अंबानी को कई अवॉर्ड्स भी मिल चुके हैं और उनके नाम कई रिकॉर्ड्स भी हैं। फॉर्च्यून मैगजीन मैं उनको बिजनेस में एशिया की सबसे प्रभावशाली लोगों की रैंकिंग में 13वं स्थान दिया था।

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