भारत में अब तक के 10 सबसे बड़े घोटाले

खेद का विषय यह है कि भारत में नित नए घोटाले सामने आते रहतें है। अधिकतर घोटालों में गुनेहगार अभी तक क़ानून की पकड़ से बाहर है। इसका मुख्य कारण यह है कि भ्रष्टाचार के अधिकतर मामले भारतीय अदालतों में लंबित पड़े हैं।  यहाँ प्रस्तुत है, अनगिनत घोटालों में से चुनिंदा घोटाले, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अंत्यंत घातक रहें है।

भारतीय कोयला आबंटन घोटाला

Indian-coal-allocation-scamइस घोटाले में कोयले का गलत तरीके से आबंटन हुआ था। बिना किसी बोली-प्रक्रिया के कोयले के ब्लॉक की नीलामी की गई, जिससे 1.86 लाख करोड़ का नुक्सान हुआ था। मनमोहन सिंह नीत कांग्रेस गठबंधन सरकार के समय यह घोटाला हुआ था।

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2जी स्पेक्ट्रम घोटाला

2G-scam2g स्पेक्ट्रम बहुत बड़ा घोटाला था। इसमें यूनिफाइड एक्सेस सर्विस लाइसेंस का आबंटन हुआ था। इस घोटाले से 1.76 लाख करोड़ का नुकसान बताया जाता है। 2g घोटाला कोयले घोटाले से 5 वर्ष पहले हुआ था, जब भारत मंदी के दौर से गुज़र रहा था। अब भी इस घोटाले को ले कर कई लोगों के ऊपर अदालती करवाई चल रही है।

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वक्फ बोर्ड लैंड घोटाला

waqf-land-scamइस घोटाले में कर्नाटक की वक्फ बोर्ड के अधीन जमीन को गलत तरीके से आबंटन किया गया। वक्फ बोर्ड एक मुस्लिम चैरिटेबल ट्रस्ट है, जो गरीब मुसलमानों की मदद के लिए बनी थी। एक रिपोर्ट में पता चला है कि लगभग 50% जमीन गलत तरीके से सरकारी काम करने वालों ने ले ली। इससे 1.5 से 2 लाख करोड़ का नुक्सान हुआ था।

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कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला

cwg-scamकॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला भारत के इतिहास में एक और बड़ा घोटाला था। अंदाजा था कि 70,000 करोड़ कॉमनवेल्थ की गेम्स में लगाना था। लेकिन इसका 50% ही खेलों और उससे सम्बंधित गतिविधिओं में लगाया गया। यह घोटाला एक तरह की सीधी लूट थी। पैसा उन लोगों को दिया गया, जो असल में थे ही नहीं। मशीनों को तय मूल्यों से दोगुनी कीमत में खरीदी दिखाया गया था।

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तेलगी घोटाला

telgi-scamअब्दुल करीम तेलगी नाम के शख्स ने नकली टिकट पेपर बनाने में महारत हासिल की थी। उसने नकली स्टाम्प पेपर को बैंकों को और कई संस्थाओं को बेचा। उसने नकली स्टाम्प पेपर्स का कारोबार भारत के 12 राज्यों में फैला दिया था।  आकलन के अनुसार नकली स्टैम्प्स की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को 20,000 करोड़ का नुक्सान हुआ था।

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सत्यम घोटाला

satyamसत्यम घोटाला भारत के कॉर्पोरेट्स जगत में सबसे बड़ा घोटाला था, जिसमें 14000 करोड़ का नुक्सान हुआ था। सत्यम के चेयरमैन रामालिंगा राजू ने सब को अंधेरे में रखा। इस घोटाले ने उन निवेशकों को हिला के रख दिया, जिन्होंने सत्यम कम्पनी में निवेश किया था। बाद में टेक महिंद्रा ने सत्यम कंपनी को खरीद लिया था।

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बोफोर्स घोटाला

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बोफोर्स तोप घोटाला 1980 और 1990 के दशक में हुआ था। स्वीडन की बोफोर्स एबी कम्पनी ने भारत को 155 एमएम होवित्ज़र तोप सौदे के लिए भारत सरकार के राजनीतिज्ञों को रिश्वत दी। इस घोटाले में 1 करोड़ 60 लाख डॉलर की रिश्वत कथित तौर पर सत्तासीन कांग्रेसी नेताओं और राजीव गाँधी को दी गई बताई गयी है।

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चारा घोटाला

fodder-scam1996 के चारा घोटाले में 900 करोड़ का नुक्सान हुआ था, जो की उस समय में बहुत बड़ी रकम थी। इस घोटाले में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव मुख्य आरोपी है। पक्के सबूत मिलने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था, परन्तु बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया, मामला अदालत में लंबित पड़ा है।

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हवाला स्कैंडल

hawala-scandalहवाला स्केंडल में 100 करोड़ रुपयों का नुक्सान हुआ था। यह घोटाला 1996 में सामने आया था, इसमें उन लोगों का नाम सामने आया, जो सरकार को चला रहे थे। जो ह्वाला के दलालों से रिश्वत ले रहे थे। इस घोटाले में लालकृष्ण अडवाणी का भी नाम आया, जो उस समय विरोधी पार्टी के सदस्य थे।

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स्टॉक मार्किट घोटाला

harshad-mehtaनिवेशक 4,000 करोड़ के घोटाले को अपने दिलों दिमाग से कभी नहीं भुला सकते कि कैसे शेयर दलाल हर्षद मेहता ने उनके पैसे डूबा दिए थे। एक अन्य शेयर दलाल सी.आर. भंसाली ने 1,200 करोड़ एफडी, म्यूचुअल फंड के माध्यम से जनता से उगाहे और अस्तित्वहीन फर्मों के माध्यम से डिबेंचर और व्यक्तिगत लाभ के लिए उन्हें शेयरों में निवेश कर दिया। अन्य शेयर दलाल केतन पारेख ने शेयरों की कीमतों में हेरफेर करने के लिए बैंकों से उधार के पैसे के माध्यम से चयनित शेयरों में सर्कुलर ट्रेडिंग की जिसे 900 का घाटा हुआ था।

10 बॉलीवुड अभिनेता जिन पर अपराधिक मामले हैं

बॉलीवुड अभिनेता और विवादों का चोली दामन का साथ रहा है। फ़िल्मी गपशप, अभिनेता-अभिनेत्रियों के रोमांस के किस्सों के साथ-साथ अपराधों और मुकद्दमों से भी बॉलीवुड अछूता नहीं रहा। यहाँ प्रस्तुत है, बॉलीवुड के टॉप 10 वह  नायक-नायिकाएं, जिन पर न सिर्फ अपराधिक मुकद्दमे दायर हुए, बल्कि अधिकतर मामलों में उन्हें जेल की हवा भी  खानी पड़ी।

 संजय दत्त

संजय दत्त को अप्रैल 1993 में टेररिस्ट और विघटनकारी गतिविधियां अधिनियम (टाडा) के तहत गिरफ्तार किया गया था। संजय दत्त को 1993 के दौरान एक 9 एमएम पिस्टल और एक ए.के. 56 राइफल को अवैध रूप में रखने के मामले में गिरफ्तार किया था। संजय दत्त इस मामले में 5 साल की सज़ा काट कर रिहा हो चुके है।

सलमान खान

सलमान खान का विवादों से चोली दामन का साथ रहा है। 28 सितंबर 2002 में उनको लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 6 मई 2015 को इस मामले में सलमान खान को सभी आरोपों में दोषी पाया गया था। इस ‘हिट एंड रन’ में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी और तीन अन्य घायल हुए थे। एक अन्य मामले में, फिल्म “हम साथ साथ हैं” की शूटिंग के दौरान उन्होंने जोधपुर में अपने को-एक्टर सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, नीलम और तब्बू के साथ मिलकर, कथित तौर पर दो लुप्तप्राय चिंकारा और दो काले हिरण का शिकार किया था, काले हिरण का शिकार मामले में उन्हें दोषी मानते हुए, अदालत ने उन्हें 5 साल की सज़ा सुनाई थी, इस समय वह जमानत पर है।

शायनी आहुजा

2009 में शायनी आहूजा पर 20 वर्ष की उसकी घरेलू नौकरानी ने बलात्कार का आरोप लगाया था। शुरू में शायनी आहूजा ने अपने पर लगे आरोपों से इंकार किया, बाद में उसने कबूल कर लिया कि उसने अपने घर की नौकरानी का बलात्कार करने का प्रयास किया था। अदालत ने शायनी आहूजा को सात साल की सज़ा सुनाई थी और 2011 को शायनी आहूजा को बेल मिल गई थी।

 सैफ अली खान

अभिनेता सैफ अली खान काले हिरण के शिकार के मामले में सलमान खान के साथ थें। काला हिरण, जो लुप्तप्राय हैं, के शिकार के लिए सलमान खान के साथ बुकिंग की थी। इस केस की सुनवाई जोधपुर की अदालत में चली, जिसमें सैफ अली खान को 5 अप्रैल 2018 को काला हिरण के शिकार के आरोपों से बरी कर दिया गया था।

 जॉन अब्राहम

जॉन अब्राहम को गलत तरीके से मोटर साइकिल चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गलत तरीके की ड्राइविंग से उन पर अदालत में केस दर्ज हुआ और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जॉन अब्राहम को फिर चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था।

शाहरुख खान

बॉलीवुड के बादशाह कहलाने वाले शाहरुख खान कई विवादों में रहें हैं। वर्ष 2012 में शाहरुख खान पर महाराष्ट्र क्रिकेट संघ के अधिकारियों से उलझने के आरोप लगे थे। शाहरुख खान अपने परिवार के साथ क्रिकेट के मैदान (वानखेड़े क्रिकेट मैदान) में थे। कहा जाता है कि शाहरुख खान ने ग्राउंड के अधिकारियों को जान से मारने की धमकी दी थी और इसीलिए उन पर 5 साल का ग्राउंड में एंट्री का बैन लगा था । साल 2015 में शाहरुख़ खान का वो बैन हटा दिया गया था ।

 मधुर भंडारकर

बॉलीवुड के निर्माता-निर्देशक, जो अपनी यथार्थवादी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, पर प्रीती जैन नाम की मॉडल-अभिनेत्री द्वारा उन पर बलात्कार के आरोप लगाए गए थे। प्रीती जैन ने उन पर उसका 16 बार बलात्कार करने का  आरोप लगाया था । अदालती केस 8 वर्ष तक चला, परन्तु बाद में मधुर भंडारकर को अदालत ने पर्याप्त सबूत ना होने की वजह से छोड़ दिया था।

 मोनिका बेदी

मोनिका बेदी के संबंध अंडरवर्ल्ड के डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ बताये गए। मोनिका बेदी को पोर्तुगाल के हवाईअड्डे में गिरफ्तार कर लिया गया, जब वो गलत पास्स्पोर्ट रखने के मामले में पकड़ी गई। पुर्तगाल की जेल में रहने के बाद उसे 2005 में उसके बॉयफ्रेंड अबू सलेम के साथ भारत भेज दिया गया और भारत में उन्हें भोपाल सेंट्रल जेल में बंद किया गया था।2010 में मोनिका को रिहा कर दिया गया।

 गोविंदा

गोविंदा को एक दर्शक को थप्पड़ मारने के आरोप में अदालती करवाई का सामना करना पड़ा। “मनी है तो हनी है” फिल्म की शूटिंग के दौरान ये मामला सामने आया था। IPC की धारा 323, 352 और 506 के तहत अदालती कारवाई हुई। गोविंदा ने इस पर कोई माफ़ी नहीं मांगी और अंत में उन्हें चेतावनी दे कर छोड़ दिया गया था।

 इंद्र कुमार

इंद्र कुमार, जिसे सलमान खान की “वांटेड” में देखा गया था, पर एक 23 वर्षीय संघर्षरत अभिनेत्री ने बलात्कार का आरोप लगाया गया था। इंद्र कुमार को भारतीय दंड सहिंता की धारा, 324 (गंभीर चोट के कारण) और 506 (आपराधिक धमकी), 376 (बलात्कार) तहत 25 अप्रैल, 2014 को गिरफ्तार किया गया था। 10 जून, 2014 को, इंद्र कुमार को जमानत दे दी गई थी।

रात को पढ़ाई करने के फायदे और नुक्सान

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आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि रात को पढ़ाई करने के कितने फायदे और नुकसान हैं। बहुत से छात्रों का मानना है कि रात का समय पढ़ाई करने के लिए अच्छा होता है और उस समय ध्यान लगाना भी आसान होता है। लेकिन आपको बता दें कि अगर किसी चीज़ के फायदे हैं तो उसके नुक्सान भी होते हैं। तो जानिए क्या हैं रात के समय पढ़ाई करने के फायदे और नुकसान।

फायदे

जैसे कि आपको पता है कि रात के समय में ज़्यादा शोर नहीं होता। इससे आपको सोचना और ध्यान लगाना और भी आसान हो जाता है।

दिन के समय आपके पास छोटे-छोटे काम होते हैं, जिसके कारण आपको बार-बार उठना पड़ता है। रात के समय आपको कोई काम नहीं होता, तो एक जगह बैठकर कर आसानी से पढ़ाई कर सकते हो।

आपके पास समय कम होता हैं, इसलिए आप थोड़े समय में ज़्यादा पढ़ने की कोशिश करते है और कुछ हद तक आप इसमें सफल भी होते है।

रात के समय में विकर्षण कम होते है। आप टीवी या फ़ोन का प्रयोग कम करते है और इसी कारण से आपका पढ़ाई पर ध्यान आसानी से लग जाता है।

आपको बता दें कि सोते समय भी आपका दिमाग काम करता रहता है, इसलिए सोने से पहले आप जो भी पढ़ेंगे वो आपको याद रहेगा।

नुकसान

अगर आप पूरी रात पढ़ाई करोगे तो आप अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते। इससे आपका दिमाग और शरीर थक जाता हैं। आपके लिए पूरे दिन में काम पर ध्यान लगाना भी मुश्किल हो जाता हैं।

रात को पढ़ने से आपको सही ढंग से आराम नहीं मिलता, जिसकी वजह से आपके सिर और पीठ में दर्द होने लग जाता हैं।

देर रात तक जागने से आपकी आँखों में भी दर्द होने लग सकता हैं  और इससे आँखों के नीचे काले घेरे भी बन जाते हैं। इसके अलावा और भी तकलीफें हो सकती हैं, जैसे कि मुहासे और रूखी त्वचा।

जो लोग देर रात तक पढ़ना चुनते हैं, उन पर अक्सर तनाव ज़्यादा होता हैं। वो लोग अक्सर डिप्रेशन और तनाव जैसी चीज़ों का शिकार हो जाते हैं।

अगर आप रात को पढ़ते रहे और दिन के समय भी आपने आराम नहीं किया तो आपके दिमाग की सोचने की शक्ति कम हो जाएगी।

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जानिए क्या है law of attraction

आपको बता दें कि  Law of Attraction के अनुसार जो आप सोचते हैं वही आपके साथ होता हैं। अल्बर्ट आइंस्टीन का मानना था कि सब कुछ ऊर्जा ही है, इसके अलावा कुछ नहीं हैं। तो जानिए क्या है law of attraction

आकर्षण का कानून(law of attraction)

आकर्षण का कानून यह कहता है कि आप जैसे विचारों पर ध्यान केंद्रित करते हो वैसा ही अनुभव आपको जीवन में होता है। यह विश्वास इस विचार पर आधारित है कि जो लोग और उनके विचार “शुद्ध ऊर्जा” से बने होते हैं, और “सामान ऊर्जा” उसी तरह की उर्जा को आकर्षित करने की प्रक्रिया से एक व्यक्ति अपने स्वास्थ्य, धन और व्यक्तिगत संबंधों में सुधार कर सकता है।

आपको अपने जीवन में जो चीज़ चाहिए आपको उसकी मन में इस तरह कल्पना करनी चाहिए, जैसे कि वो आपको पहले ही मिल चूका हो या आपके साथ वो हो चूका हो।

इस तरह से आपकी सकारात्मक विचार करने की क्षमता बढ़ेगी  इससे आप सकारात्मक अनुभव और आपकी मन चाही चीजों को आप यूनिवर्स की मदद से आकर्षित कर पाओगे, लेकिन इस आकर्षण के सिद्धांत को अबतक कोई भी वैज्ञानिक तौर पर साबित नहीं कर पाया है| पर हज़ारो लोगो ने इसकी मदद से अपनी ज़िन्दगी बदली है, इसलिए ये काम करता है।

ऐसा दावा भी किया जाता है कि, आकर्षण के इस सिद्धांत का अनुकरण करने से बहुत लोगों की ज़िन्दगी में बदलाव आये हैं। इन लोगो में से हॉलीवुड के कई दिग्गज एक्टर्स का नाम भी शामिल है, जिन्होंने आकर्षण के सिद्धांत के उपयोग से अपने जीवन में मनचाही चीजों और परिस्थितियों को आकर्षित कर एक उच्च मुकाम प्राप्त कर लिया है।

इस सिद्धांत को universally भी माना जाता है, मतलब यह हर तरफ से लागु होता है, और हम जिस चीज़ को आकर्षित करते हैं, अंतिमत: उसी को ही पाते हैं।

आपको बता दें कि ऐसा नहीं होना चाहिए की आपको चाहिए एक चीज़ और आप कल्पना कर रहे हो एक से ज्यादा जा फिर किसी और चीज़ की। इस वजह से ये सिद्धांत फ़ैल(faill) हो सकता है। आपको उसी चीज़ के बारे में कल्पना करनी होगी, जिस चीज़ को आप असल में चाहते हो और जिसके आप हकदार हो।

किसी बड़े लेखक का कहना है की आपकी भावना और आपके विचार से ही आप जिस चीज़ को चाहते हो उसे जितना हो सके उतना सरल ढंग से सोचो और उस चीज़ के बारे में सकारात्मक ही सोचो। वो सोच और भावना का संयोजन ही है, जो उस चीज़ को आकर्षित करता है।

उस लेखक के अनुसार चिंता, भय, तनाव या अन्य नकारात्मक विचार लोगों को बीमार करते हैं, जबकि प्रेम के सकारात्मक विचार लोगों को स्वस्थ और यहां तक ​​कि बीमारियों का इलाज भी कर सकते हैं। इसीलिए अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने और बीमारी का इलाज करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अपने आपको स्वस्थ होने के रूप में कल्पना करने में सक्षम होना है।

इसके विपरीत अगर कोई व्यक्ति लगातार सोचता है कि वह गरीब हैं, तो यह उनका भविष्य का अनुभव हो जायेगा और वो असल में गरीब ही रह जायेगा। आकर्षण का कानून हमेशा आपके विचारों के लिए आज्ञाकारी रहा है, इसीलिए अगर आप बुरा सोचोगे तो आपको बुरा ही मिलेगा और अच्छा सोचेगे तो आपको अच्छा ही फल मिलेगा। इस सिद्धांत की मदद से आप अपने प्यार को भी हासिल कर सकते है।

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जानिए प्रेरणादायक और विप्रो कंपनी के चेयरमैन अजीम प्रेमजी के बारे में

आज हम आपको महान इंसान विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी के जीवन के बारे में बताने जा रहे हैं। अजीम प्रेमजी दुनिया के बड़े बिज़नेस मैन होने के साथ एक अच्छे व्यक्ति भी हैं। इनको सबसे बड़े दान दाता के नाम से भी जाना जाता है। इनकी मेहनत के कारण ही विप्रो का नाम आज पूरी दुनिया में चमक रहा है। जानिए इनके बारे में और भी कई बातें।

प्रारंभिक जीवन

अजीम प्रेमजी का जन्म 24 जुलाई 1945 को मुंबई के एक निज़ारी इस्माइली शिया मुस्लिम परिवार में हुआ था। इनके पूर्वज मुख्यतः कछ (गुजरात) के निवासी थे। उनके पिता एक प्रसिद्ध व्यवसायी थे और ‘राइस किंग ऑफ़ बर्मा’ के नाम से जाने जाते थे। भारत और पाकिस्तान बंटवारा के बाद मोहम्मद अली जिन्नाह ने उनके पिता को पाकिस्तान आने का न्योता दिया था पर उन्होंने उसे ठुकरा कर भारत में ही रहने का फैसला किया था।

वेस्टर्न इंडियन वेजिटेबल प्रोडक्ट्स लिमिटेड की स्थापना

सन 1945 में अजीम प्रेमजी के पिता मुहम्मद हाशिम प्रेमजी ने महाराष्ट्र के जलगाँव जिले में ‘वेस्टर्न इंडियन वेजिटेबल प्रोडक्ट्स लिमिटेड’ की स्थापना की थी। यह कंपनी ‘सनफ्लावर वनस्पति’ और कपड़े धोने के साबुन ’787’ का निर्माण करती थी।

पिता का देहांत

उनके पिता ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए प्रेमजी को अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय भेजा पर दुर्भाग्यवश इसी बीच उनके पिता की मौत हो गयी थी और अजीम प्रेमजी को इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर भारत वापस आना पड़ा था। उस समय उनकी उम्र मात्र 21 साल थी।

विप्रो को पहुंचाया सफलता पर

आपको बता दें कि इसके बाद भी वह उन्होंने साहस नहीं छोड़ा, बलकि जमकर मेहनत की और विप्रो को एक नए मुकाम पर पहुंचाया। आज विप्रो एक बहु व्यवसायी (Multi Business) तथा बहु स्थानीय (Multi National) कंपनी बन गयी हैं। इसका व्यसाय उपभोक्ता उत्पादों, अधोसरंचना यांत्रिकी से विशिष्ट सूचना प्रौद्योगिकी उत्पादों और सेवाओं तक फैला हैं।

एशिया वीक मैगज़ीन के अनुसार प्रेमजी का नाम दुनिया के 20 प्रभावशाली लोगों में शामिल हैं, और टाइम मैग्जीन ने भी उन्हें कई बार दुनिया की 100 प्रभावशाली हस्तियों में शामिल किया हैं। आज विप्रो दुनिया की टॉप सौ सॉफ्टवेयर आईटी कंपनियों में शामिल हैं।

दान देने में हमेशा आगे

प्रेमजी दान देने के मामले में हमेशा आगे रहते हैं। वह अब भारत में विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय खोलने में लगे हुए हैं। वह आपको ये जानकर गर्व होगा कि उन्होंने गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए आठ हजार करोड़ रुपये से भी अधिक दान दिया हैं।

निजी जीवन

अजीम प्रेमजी का विवाह यास्मीन के साथ हुआ और दंपत्ति के दो पुत्र हैं – रिषद और तारिक। रिषद वर्तमान में विप्रो के आई.टी. बिज़नेस के ‘मुख्य रणनीति अधिकारी’ हैं।

जीवन घटनाक्रम

1945: 24 जुलाई को अजीम रेमजी का जन्म मुंबई में हुआ था ।

1966: अपने पिता की मृत्यु के बाद अमेरिका से पढ़ाई छोड़ भारत वापस आ गए थे।

1977: कंपनी का नाम बदलकर ‘विप्रो प्रोडक्ट्स लिमिटेड’ कर दिया गया था।

1980: विप्रो का आई.टी. क्षेत्र में प्रवेश हुआ था।

1982: कंपनी का नाम ‘विप्रो प्रोडक्ट्स लिमिटेड’ से बदलकर ‘विप्रो लिमिटेड’ कर दिया गया था।

1999-2005: सबसे धनी भारतीय रहे।

2001: उन्होंने ‘अजीम प्रेमजी फाउंडेशन’ की स्थापना की थी।

2004: टाइम मैगज़ीन द्वारा दुनिया के टॉप 100 प्रभावशाली व्यक्तियों में उनको शामिल किया था।

पुरस्कार और सम्मान

बिजनेस वीक द्वारा प्रेमजी को महानतम उद्यमियों में से एक कहा गया है।
सन 2000 में मणिपाल अकादमी ने उनको डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था।
सन 2005 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था।
2006 में ‘राष्ट्रीय औद्योगिक इंजीनियरिंग संस्थान, मुंबई, द्वारा उनको लक्ष्य बिज़नेस विजनरी से सम्मानित किया गया था।
2009 में उनको कनेक्टिकट स्थित मिडलटाउन के वेस्लेयान विश्वविद्यलाय द्वारा उनके उत्कृष्ट लोकोपकारी कार्यों के लिए डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था।
सन 2011 में उन्हें भारत सरकार द्वारा देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया था।
सन 2013 में उनको ‘इकनोमिक टाइम्स अचीवमेंट अवार्ड’ दिया गया था।
सन 2015 में मैसोर विश्वविद्यालय ने उनको डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया था।

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जानिए मुकेश अंबानी और उनके परिवार के बारे में कुछ रोचक बातें

मुकेश अंबानी भारत के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। वह 19.6 अरब रूपए के नेटवर्क के साथ भारत में अमीरों की सूची में पहले स्थान पर हैं। अंबानी परिवार में मुकेश उनकी पत्नी नीता और उनके तीन बच्चे आकाश, ईशा और अनन्त हैं। अंबानी और उनके परिवार के बारे में जानने के लिए इस पोस्ट को पूरा पढ़ें।

मुकेश अंबानी और उनके परिवार के बारे में

मुकेश अंबानी का जन्म 19 अप्रैल 1957 को हुआ था। उनके पिता का नाम धीरूभाई अंबानी और माता का नाम कोकिला बेन अंबानी है। उनके एक छोटे भाई अनिल अंबानी और दो बहने दीप्ति सलग ओमकार और मीना कोठारी भी है। पूरा अंबानी परिवार 1970 तक मुंबई के भुलेश्वर मैं 2 बैडरूम के अपार्टमेंट में रहा करता था। बाद में धीरूभाई अंबानी ने कोलामबा में एक 14 मंजिला अपार्टमेंट खरीदा था| जिसे शि-वाईनड भी कहा जाता है। जहां कुछ समय पहले मुकेश और अनिल अपने परिवार के साथ अलग-अलग मंजिल पर रहा करते थे।

महंगा घर अंबानी परिवार का

दुनिया में सबसे महंगा घर भी अंबानी का है, जिसका नाम एंटीलिया है। इस घर की कीमत $1000000000 से भी ज्यादा है। इस घर में 60 मंजिलें और एक गैरेज भी है, जिसमें 168 कारों खड़ सकती हैं। परिवार के हर सदस्य के लिए हेल्थ क्लब, सिनेमा और 600 स्टाफ है।

अनन्त अंबानी का सफेद हाथी

मुकेश अंबानी के 23 वर्षीय बेटे अनंत अंबानी को अध्यात्म से कुछ ज्यादा ही लगाव हैं। कुछ रिपोर्टों में उल्लेख किया गया हैं। वो अक्सर भगवान बालाजी मंदिर का भ्रमण करते रहते हैं। उन्होंने भगवान बालाजी को एक पवित्र सफेद हाथी भी भेट किया हैं।

परिवार की अहमियत

अपने बिज़नेस के साथ-साथ मुकेश अपने परिवार को भी काफी अहमियत देते हैं। वह जितने भी बिजी रहे लेकिन हर रविवार को अपनी मां, पत्नी और बच्चों के साथ समय बिताते हैं।

अंबानी की गाड़ी

मुकेश अंबानी की BMW 760Li कार Bullet Proof है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भी ऐसी ही Hi-tech कार है।

मुकेश अंबानी ने अपनी पत्नी को Traffic में शादी के लिए Propose किया था और कार को चलाने से मना कर दिया था जब तक वो हाँ नही करती।

मुकेश अंबानी कभी भी बिना पूजा किये घर से बाहर नही जाते।

परिवार का खास गिफ्ट

मुकेश ने सिर्फ अपना 50 वा बर्थडे मनाया था। आपको बता दें कि अंबानी को अपना बर्थडे मनाना पसंद नहीं हैं, लेकिन परिवार के सदस्यों को वह बर्थडे मनाने से नहीं रोकते हैं। नीता अंबानी के बर्थडे पर उन्होंने करीब 6.2 करोड़ डॉलर का जेट नीता अंबानी को गिफ्ट में दिया था।

परोपकारी गतिविधियां

नीता अंबानी कई परोपकारी गतिविधियों और चैरिटी प्रोजेक्टस में लगी हुई हैं। जिस क्षेत्र मैं वो सबसे ज्यादा सक्रिय हैं।

सादगी पसंद परिवार

भारत के सबसे अमीर व्यक्ति होने के बावजूद भी मुकेश को उनके विनम्र व्यवहार के लिए जाना जाता हैं। वो पारंपरिक भारतीय भोजन को खाना पसंद करते हैं और वो शाकाहारी भी हैं।

कम उम्र की अरबपति

मुकेश और नीता की बेटी ईशा अंबानी सबसे कम उम्र की अरबपति वारिस हैं। 2008 में जब ईशा महज 16 साल की थी तो उनको दुनिया के 10 अरबपति मैं दूसरा रैंक दिया गया था।

जियो का रिकॉर्ड

21 फरवरी 2017 के अनुसार मुकेश अंबानी के जियो ने अपने 10 करोड़ यूजर्स बना लिए थे। 21 फरवरी 2017 तक 160 दिन पूरे कर लिए थे इसी कारण संचार के क्षेत्र में भारत वर्ल्ड में टॉप पर आ गया था। Reliance जियो ने अपने सर्वे में यह बताया की यूजर्स ने प्रतिदिन 5.5 करोड़ घंटे लाइव वीडियो देखते हुए बताएं।

बहुमूल्य अवॉर्ड्स

एक अच्छे बिज़नेस मैन होने के कारण मुकेश अंबानी को कई अवॉर्ड्स भी मिल चुके हैं और उनके नाम कई रिकॉर्ड्स भी हैं। फॉर्च्यून मैगजीन मैं उनको बिजनेस में एशिया की सबसे प्रभावशाली लोगों की रैंकिंग में 13वं स्थान दिया था।

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मशहूर उद्योगपति रतन टाटा का अब तक का सफर

मशहूर उद्योगपति रतन टाटा के बारे तो आप जानते ही होंगे। एक ऐसे इंसान जिनका टाटा परिवार के साथ खून का रिस्ता नहीं है। वह एक गोद लिए हुए पुत्र है। टाटा ग्रुप के अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने टाटा ग्रुप को शिखर पर पहुंचा दिया। उन्होंने बड़ी मेहनत और लगन से टाटा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। आइए जानते है उनके जीवन से जुड़ी बातें:

रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को सूरत, गुजरात में हुआ था। रतन टाटा नवल टाटा और सोनू टाटा के बेटे है। जिन्हें नवाजबाई टाटा ने अपने पति की मृत्यु के बाद गोद लिया था। जब रतन 10 साल के थे, उनके माता-पिता का तलाक हो गया था। उनका पालन- पोषण उनकी दादी नवजबाई टाटा ने किया था।

उन्होंने टाटा ग्रुप में अपने करियर की शुरुआत 1961 में की थी। शुरुआत में वो स्टील के शॉप फ्लोर पर लाइमस्टोन को हटाने और धमाके भट्टी को हैंडल करने का काम करते थे। उस टाइम कंपनी में सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक्स ही बनाए जाते थे और कंपनी को कोई खास मुनाफा नहीं होता था। 1971 में उन्हें राष्ट्रीय रेडियो और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी (नेल्को) में प्रभारी निदेशक नियुक्त किया गया।

1981 में जमशेदजी टाटा ने रतन को टाटा ग्रुप का नया अध्यक्ष बनाया। जब उन्हें टाटा ग्रुप का अध्यक्ष बनाया गया था, तब कंपनी में उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा था। लेकिन उनके उत्तराधिकारी बनने के बाद टाटा इंड्रस्ट्री ने नई मंजिले हासिल की। रतन टाटा के उत्तराधिकारी बनने के बाद टाटा ग्रुप ने टाटा टी ब्रांड के तले टीटले, टाटा मोटर्स के तले जगुआर लैंड रोवर और टाटा स्टील खरीद लिए।

यह सब खरीदने के बाद टाटा ग्रुप भारत के बहुत बड़े ब्रांड बिज़नेस में शामिल हो गया था और भारत के अलावा टाटा ग्रुप का बिजनेस 100 और देशों में भी फैल गया। आज टाटा ग्रुप में 110 कंपनिया आती हैं, जिनमें टाटा चाय से लेकर पांच सितारा होटल तक, सुई से लेकर स्टील तक और लखटकिया नैनो से लेकर हवाई जहाज तक बनते है।

28 दिसंबर 2012 को वह टाटा ग्रुप की सभी कार्यकारी जिम्मेवारियां से सेवा मुक्त हो गए। उनकी जगह 44 साल के साइरस मिस्त्री को चेयरमैन नियुक्त किया गया। सेवा मुक्ति के बाद भी वह काम-काज में लगे रहते है।

रतन टाटा बहुत शर्मीले स्वभाव के है। वह दुनिया की झूठी चमक दमक में विश्वास नहीं करते। रतन टाटा ने कभी शादी नहीं की, हालांकि उनको 4 बार प्यार भी हुआ था, लेकिन चारों बार हालात ऐसे बने कि किसी न किसी वजह से उनका प्यार अधूरा रह गया। 2008 में भारत सरकार ने उनको पद्दम भूषण और पद्दम विभूषण से सन्मानित किया था।

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एक तांगे वाले से मसालों की कंपनी के मालिक बनने तक का सफर

सफलता पाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। सफलता ऐसे ही नहीं मिलती, हरेक बड़े इंसान की सफलता के पीछे संघर्ष छिपा होता है। आज हम आपको ऐसे ही एक बड़े इंसान के बारे में बताने जा रहे है, जिसकी सफलता के पीछे एक संघर्ष भरी कहानी है। हम बात कर रहे है, MDH नाम की मसालों की कंपनी के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी।

उनका जन्म 1923 में सियालकोट (पाकिस्तान) में हुआ था। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी। वह पढ़ाई में बहुत कमजोर थे और पाँचवी कक्षा में फेल हो गए थे। उसके बाद उन्होंने स्कूल जाना छोड़ दिया।

उनके पिता ने उन्हें काम सीखने के लिए दुकान भेजा। उनका किसी भी काम में दिल नहीं लगता था। 15 साल की उम्र तक उन्होंने बहुत सारे काम बदले। क्योंकि सियालकोट लाल मिर्च के लिए बहुत मशहूर था इसीलिए उनके पिता ने उन्हें एक छोटी सी मसाले की दुकान खुलवा दी और धीरे- धीरे वह दुकान अच्छी चलने लगी।

1947 में देश आज़ाद होने के बाद सियालकोट को पाकिस्तान का हिस्सा बना दिया गया। इसीलिए महाशय धर्मपाल जी और उनका परिवार सियालकोट छोड़ कर दिल्ली आ गए। जब वह पाकिस्तान छोड़ कर दिल्ली आये, उनके पास सिर्फ 1500 रूपये थे। उन्होंने 650 का घोड़ा तांगा खरीद लिया। दो महीने तांगे का काम करने के बाद धर्मपाल जी को लगा यह काम वो और नहीं कर पाएंगे, लेकिन उनके पास इस काम को करने के सिवा और कोई चारा भी नहीं था ।

क्योंकि सियालकोट पाकिस्तान में वह मसालों का काम करते थे, उन्हें मसालों के बारे में अच्छे से पता था। उन्होंने सोच विचार कर मसाले पीसने और बेचने का काम शुरू कर दिया। मसालों की शुद्धता की वजह से धीरे-धीरे उनकी पहचान बनने लगी और उनका मसालों का व्यापार बढ़ने लगा।

ईमानदारी के दम पर धर्मपाल जी सफलता पाते गए और 1996 तक उन्होंने दिल्ली में मसालों की फैक्ट्री लगा ली। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा,और धीरे धीरे वह मसालों की और फैक्ट्रियां लगाते गए।

आज MDH पूरे विश्व भर में एक बड़ा Brand बन चुका है और उनकी कम्पनियाँ 100 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडेक्ट्स सप्लाई करती है। धर्मपाल जी एक समाज सेवक भी है, भारत में उनके द्वारा बहुत सी जगहों पर स्कूल और हस्पताल स्‍थापित किये गए है।

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प्यार का रिश्ता दुनिया में सबसे सुंदर है। बहुत सारे लोग सच्चे प्यार की तलाश में भटकते रहते है। प्यार में पड़ना तो मुश्किल नहीं है लेकिन उस प्यार को हमेशा बरकरार रखना थोड़ा मुश्किल होता है। कई बार कुछ गलतियों के कारण लोग एक दूसरे से इरिटेट हो जाते है और रिश्तों में दूरियां बढ़ जाती है। आइए आज हम आपको कुछ लव टिप्स बताते है, जिससे आपका प्यार हमेशा बरकरार रहेगा।

जलन ठीक है, लेकिन शक नहीं

अक्सर लड़का अगर किसी और लड़की से या फिर लड़की अपने पार्टनर के इलावा किसी और लड़के से बात करती है, वहां जलन होना आम बात है। जलन तक तो ठीक है, पर कभी शक नहीं करना चाहिए। शक के कारण भरोसा और रिश्ता टूट जाता है।

टाइम दें

आज कल की बिजी लाइफ में अपने पार्टनर के लिया टाइम निकालना मुश्किल हो गया है, जिस कारण झगड़े होते है और दूरियां बढ़ जाती है। इसलिए दिन में आपके पास चाहे 4-5 मिनट हो, उस वक्त में पार्टनर से बात करें और उसे अच्छा और स्पेशल फील कराए। उसके इलावा टाइम निकाल कर आप उस के साथ बहार जाएं और अपने परिवार और दोस्तों से मिलवाएं।

परेशानी में दें साथ

कई बार जिन्दगी में कुछ मुश्किलें आ जाती है, ऐसे वक्त अपने पार्टनर का हमेशा साथ दें। अपने पार्टनर से अपनी मुश्किलें शेयर करें। एक दूसरे को मुश्किलों से लड़ने का होंसला दें। परेशानी चाहे परिवार को लेकर या पैसों को लेकर हो,  जितनी हो सके पार्टनर की मदद करें।

समय समय पर दें तोहफे

अपने पार्टनर को समय समय पर गिफ्ट दें। आप बर्थडे, एनिवर्सरी, वैलेंटाइन डे आदि अवसरों पर गिफ्ट देकर अपने प्यार को जता सकते है।

पसंद- ना पसंद का रखें ख्याल

अपने पार्टनर के साथ हमेशा रिश्ता बरकरार रखने के लिए उनकी पसंद- ना पसंद का ध्यान रखना ज़रूरी है। छोटी- बड़ी बातों के झगड़े तो होते ही रहते है, लेकिन इन्हें जल्दी खत्म कर देना चाहिए। आप पार्टनर की पसंद का गिफ्ट देकर उसे खुश कर सकते है।

थैंक्यू और सॉरी भी है ज़रूरी

वैसे तो प्यार में क्या थैंक्यू और सॉरी कहना। लेकिन कई बार ये शब्‍द रिश्‍ते में एक नई जान ले आते हैं। लेकिन अगर थैंक्यू और सॉरी बोलना है तो दिल से बोलिए, ना कि कोई फॉर्मैलिटी से।

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कुछ लोगों को डरावनी फिल्में देखने का बहुत शौंक होता है। हॉरर मूवीज के मामले में तो हॉलीवुड सबसे आगे है। अक्सर लोग हॉलीवुड की डरावनी मूवीज को ज़्यादा देखना पसंद करते है। लेकिन डरावनी फिल्मों के मामले में बॉलीवुड भी कम नहीं है। आज हम आपको बॉलीवुड की कुछ ऐसी हॉरर मूवीज के बारे में बताने जा रहे है, जिनको देख कर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते है।

परी (2018)

रूखसाना (अनुष्का शर्मा) की माँ की कार एक्सीडेंट से मौत हो जाती है। जिस यक्ति की कार से वह मरती है, उसको मालूम नहीं होता है कि ये मां बेटी शैतान है। वह रूखसाना को अपने घर में ले आता है। घर ले आने के बाद उस यक्ति को एहसास होता है कि रूखसाना में कुछ तो अजीब है। वहीं से उस यक्ति की जिंदगी नॉर्मल नहीं रहती और अजीब घटनाएं शुरू हो जाती है।

लुप्त (2018)

फिल्म में हर्ष टंडन (जावेद जाफरी) एक बिजनेसमैन है। उसको अचानक कुछ आत्मा या भूत दिखाई देने लगते है। इसी कारण नींद न आने के कारण डॉक्टर उसे कहीं हॉलीडे पर जाने की सलाह देते है। हर्ष अपनी फैमिली के साथ कार से नैनीताल के लिए रवाना हो जाता है। रास्ते में उनकी गाड़ी ख़राब हो जाती है। वहीं से उनके साथ भूतिया घटनाएं शुरू हो जाती है।

1921 (2018)

इस फिल्म में करन कुंद्रा- आयुष और जरीन खान- रोज़ के किरदार में है। फिल्म में आयुष इंग्लैंड में म्यूजिक सीखने जाता है। वहां जिस घर में आयुष रहता है, वहां उसका पाला बुरी आत्माओं से पड़ने लगता है। रोज़ उन प्रेत-आत्माओं को देख सकती है और आयुष का उनसे छुटकारा दिलाने की कोशिश करती है।

दोबारा (2017)

यह फिल्म अमेरिकन हॉरर फिल्म ओकुलस का हिंदी रीमेक है। इस फिल्म में कबीर मर्चेंट (साकिब सलीम) और नताशा मर्चेंट (हुमा कुरैशी) है। एक दिन उनके पिता आईना खरीद कर लाते है, वह आईना भूतिया होता है। इसी दौरान कबीर और नताशा के माता पिता की मौत हो जाती है। दोनों बहन भाई इस भूतिया रहस्यमई मौत का कारण जानने का प्रयास करते है।

द फाइनल एग्जिट (2017)

एक फैशन फोटोग्राफर विद्युत (कुणाल रॉय कपूर) जो कि ड्रग एडिक्ट भी है और वह हैलुसिनेशन का शिकार हो जाता है। कभी वह सपने में जाता और कभी सपनों से बाहर आता है। वो ऐसी- ऐसी चीज़ें देखने लगता है, जो असल में होती ही नहीं। यह एक सुपर नेचुरल थ्रिलर फिल्म है जो जीवन, मृत्यु और आत्माओं के बीच घूमती रहती है।

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