बच्चों की इम्युनिटी कैसे बढ़ाएं

सात दिन में बढ़ाये अपने बच्चों की इम्युनिटी

माँ अपने बच्चों के लिए हमेशा चिंतित रहती है। आज कल के बदलते मौसम में बच्चों  को बार बार जुखाम खांसी होती है। आजकल पेरेंट्स  कोरोना वायरस की वजह से भी बच्चों के प्रति चिंतित है। हम लोग अपने बच्चों को वायरल फीवर जैसे संक्रमणित बिमारियों से कैसे बचा सकते हैं। ये प्रश्न हम सबके मन में चलता रहता है। जब तक बच्चा  छोटा होता है तो माता पिता को उसे पालने में आसानी रहती है। लेकिन जैसे ही बच्चे थोड़ा बड़े होते हैं तो वो पूरा दिन कीटाणुओं और विषाणुओं से घिरे रहते हैं। जैसे  ही मौसम बदलता है। बच्चे सर्दी खांसी और अन्य संक्रमणित  बिमारियों की चपटे आ जाते है। इसका कारण है कि आपके बच्चे की इम्युनिटी कम है। आजकल के बदलते लाइफस्टाइल में हमारा खाना पीना और सोना आदि की रूटीन बदल गई है जिससे हमारे बच्चों पर भी असर पड़ रहा है। लेकिन हमें एक स्मार्ट पैरेंट की तरह सोच कर अपने बच्चों को बिमारियों से लड़ने के लिए उनके इम्युनिटी को बढ़ाना होगा।  जब हमारे बच्चे की इम्मुनिटी सिस्टम मजबूत होगा तो वे बार बार संक्रमणित बिमारिओं की चपेट में नहीं आएंगे । आप कैसे अपने बच्चों को स्वस्थ रख सकते हैं और उनके इम्युनिटी को कैसे बड़ा सकते हो आज हम उसके बारे में आपको बता रहे हैं।

आप इन आदतों तो अपनाये और बच्चों को इन आदतों को सिखाएं।

  1. स्तनपान कराने से बेहतर होती है बच्चों की इम्युनिटी :- हमारे बड़े बुजुर्ग कहते है कि बच्चों को माँ का दूध पिलाना चाहिए है क्यूंकि माँ का दूध बच्चों के लिए अमृत की तरह काम करता है। माँ का जो पहला पीला गाढा दूध होता है वो बच्चों को जरूर देना चाहिए क्यूंकि उसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है जो बच्चों के इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाता है। इसलिए बच्चों को 6 महीने तक माँ का दूध देना चाहिए जिससे बच्चों में संक्रमण, एलर्जी, निमोनिया, दिमागी बुखार, मूत्र मार्ग में संक्रमण की समस्या और बच्चों की दिमागी शक्ति बढ़ती है। जो बच्चा माँ का दूध पीता है वो फिजिकली स्ट्रांग और इंटेलीजेंट होता है।‘
  2. फल और सब्जियाँ :- गाजर, सेब, शकरकंद, सेम फली, ब्रोकली, कीवी, खरबूजे नारंगी और स्ट्रॉबेरी जैसे फल सब्जियां बच्चों के साथ साथ हम सब बड़ों के लिए भी बहुत उपयोगी है। फ्लू से लड़ने के लिए हमें विटामिन सी से युक्त फल आंवला,  नारंगी, संतरा नींबू आदि को बच्चों के भोजन में शामिल करना चाहिए। बच्चों को आप फल सब्जियों को जूस और सूप बना कर भी खिला सकते है। अगर आप का बच्चा सब्जियों को खाने में आना कानि करता है तो आप सब्जियों को chop  करके नमकीन दलिया बनाकर उसमें डाल सकते हैं। सब बच्चों को टेस्ट अलग अलग होता है इसलिए आप देखें की आप के बच्चे को आप कैसे फल सब्जी लिखा खिला सकते है। बच्चों के लिए हर भोजन में सब्जी को अलग अलग  तरीकों से डाल कर खिलायें।
  3. साफ सफाई का ध्यान रखना :- बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए आपको बच्चों की साफ सफाई का भी उचित ध्यान रखना चाहिए। सफाई की आदत बच्चों को बिमारियों से बचाती है। यह बच्चों की इम्युनिटी तो नहीं बढाती लेकिन बचपन से डाली गई सही आदत हमें सारी उम्र रहती है। बच्चों को कभी भी नीचे पड़ी चीजों को न खाने दें क्यूंकि इससे आप का बच्चा संक्रमनित हो सकता है और बीमार पड़ सकता है। बच्चों को खाने से पहले साबुन से हाथ धोना, बाहर से आने पर सबसे पहले बाथरूम का प्रयोग करना, दिन में दो बार ब्रश करना साफ कपड़े पहनना ,छींक खांसी आने पर रुमाल का इस्तेमाल करना  और उनको shake hand करने के बजाये नमस्कार करने को कहें। नमस्कार  हमारी संस्कृति का  अभिन अंग ही नहीं है बल्कि उसका  फायदा यह है कि आप लोगो के डायरेक्ट सम्पर्क में न आकर संक्रमणित बिमारियों से बच सकते हैं ।    इस प्रकार की आदतें आपके बच्चों को कीटाणुओं से दूर रखती है।
  4. एक्सरसाइज करने को प्रेरित करना:- प्राचीनकाल से ही ऋषि -मुनियों द्वारा चलाये जाने वाले गुरुकुलों में आपने देखा होगा कि बच्चों को अपना काम खुद करना होता था चाहे वह लकड़ी लाना हो या पानी भरना। ऋषि मुनियों का यह मानना था कि बच्चा इससे फिजिकल फिट होगा। बच्चे को हर प्रकार की ट्रैनिंग दी जाती थी। इसके पीछे एक मकसद बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी इम्मून सिस्टम को मजबूत करना भी था। हमें बच्चों को 30min के लिए डेली एक्सरसाइज करवानी चाहिए। तेज कदमों से चलना, साइकिल चलाना, स्विमिंग करना, स्पोर्ट्स के अन्य गेम्स खेलना और योगा करवाने से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पढ़ना जितना जरूरी है उतना खेलना भी। इसलिए बच्चों को खेलने के लिए भी हमें प्रेरित करना चाहिए उन्हें घर पर बिठाकर नहीं रखना चाहिए।
  5. पर्याप्त नींद लेना :- जब बच्चा पूरी नींद और आराम लेता है तो उसका शरीर पूरी तरह से रिचार्ज हो जाता है। हमें बच्चों को अँधेरा करके कमरे में सुलाना चाहिए ताकि वह गहरी नींद ले सके। अँधेरे में सोने से हॉर्मोन मेलेटोनिन के उत्पाद को बढ़ावा मिलता है, जो अच्छी नींद के लिए जरूरी है और आपके शरीर में एक एंटीआक्सीडेंट के रूप में भी कार्य करता है।
  6. विटामिन डी जरूर दें :- बच्चों को सुबह की धूप भी दें जिससे उनमें विटामिन डी की कमी न हो। विटामिन डी कमी से अस्थमा, कैंसर और प्रतिरक्षा प्रणाली संबधी कई बीमारियाँ हो सकती है। नवजात शिशु को प्रतिदिन सुबह धूप में ले जाएँ। परन्तु दिन की धूप से बच्चों को बचाये।

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के परिवार की रगों में दौड़ती थी देशभक्ति

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शहीद भगत सिंह जी ने भारत देश को आज़ाद करने के लिए खुद को कुर्बान तक कर दिया था और वह हंसते हंसते फांसी पर चढ़ गए थे। भगत सिंह जी का जन्म 28 सितंबर 1907 को लायलपुर जिले के बंगा में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है।

पूरे परिवार के रगों में दौड़ती थी देशभक्ति

भगत सिंह जी का जन्म पाकिस्तान के एक सिख परिवार में हुआ था। जब भगत सिंह जी पैदा हुए, तो उस समय उनके पिता किशन सिंह जेल में थे, और उनके चाचा अजीत सिंह और श्‍वान सिंह भारत की आज़ादी में अपना सहयोग दे रहे थे। वह दोनों करतार सिंह सराभा द्वारा संचालित गदर पाटी के सदस्‍य थे। भगत सिंह पर इन दोनों का गहरा प्रभाव पड़ा था। इसलिए वह बचपन से ही अंग्रेजों से घृणा करने लगे थे।

जलियावाला बाग कांड का पड़ा असर

13 अप्रैल 1919 को बैसाखी वाले दिन रौलट एक्ट के विरोध में देशवासियों की जलियांवाला बाग में सभा हुई। अंग्रेजी हुकूमत को यह बात पसंद नहीं आई और जनरल डायर के क्रूर और दमनकारी आदेशों के चलते निहत्थे लोगों पर अंग्रेजी सैनिकों ने ताबड़बतोड़ गोलियों की बारिश कर दी। इस अत्याचार ने देशभर में क्रांति की आग को और भड़का दिया था.

12 साल के भगत सिंह पर इस सामुहिक हत्याकांड का गहरा असर पड़ा। उन्होंने जलियांवाला बाग के रक्त रंजित धरती की कसम खाई कि अंग्रेजी सरकार के खिलाफ वह आज़ादी का बिगुल फूंकेंगे। उन्होंने लाहौर नेशनल कॉलेज की पढ़ाई छोड़कर ‘नौजवान भारत सभा’ की स्थापना कर डाली।

‘सांडर्स-वध’, दिल्ली की सेंट्रल असेम्बली पर बम फेंका

अंग्रेजी सरकार के दमनकारी नीतियों के खिलाफ पंजाब केसरी लाला लाजपत राय शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। तभी पुलिस अधीक्षक स्कॉट और उसके साथियों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलाई। इसमें लाला लाजपत राय बुरी तरह घायल हो गए और 17 नवंबर को उनका देहांत हो गया था।

लाला लाजपत राय के देहांत के बाद आज़ादीव् के इस मतवाले ने पहले लाहौर में ‘सांडर्स-वध’ किया और उसके बाद दिल्ली की सेंट्रल असेंबली में चंद्रशेखर आज़ाद और पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ बम-विस्फोट कर ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध खुले विद्रोह को बुलंदी दी थी।

शहीद भगत सिंह ने इन सभी कार्यो के लिए वीर सावरकर के क्रांतिदल अभिनव भारत की भी सहायता ली और इसी दल से बम बनाने के गुर सीखे। वीर स्वतंत्रता सेनानी ने अपने दो अन्य साथियों सुखदेव और राजगुरु के साथ मिलकर काकोरी कांड को अंज़ाम दिया, जिसने अंग्रेजों के दिल में भगत सिंह के नाम का खौफ पैदा कर दिया था।

भगत सिंह की गिरफ्तारी

सेंट्रल असेम्बली पर बम फेंके जाने की घटना के बाद भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त की गिरफ्तारी हुई थी। सुखदेव और राजगुरू को भी गिरफ्तार किया गया। 7 अक्टूबर 1930 को यह फैसला सुनाया गया कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी पर लटकाया जाए जबकि, बटुकेश्वर दत्त को उम्रकैद की सजा हुई।

भगत सिंह समेत राजगुरु और सुखदेव को फांसी देने के लिए जेल की कोठरी से बाहर लाया गया। आज़ादी के मतवालों ने मां भारती को प्रणाम किया और आज़ादी के गीत गाते हुए फांसी के फंदे पर झूल गए।

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त्वचा से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी

त्वचा से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी

  • त्वचा वास्तव में हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग है l
  • त्वचा हमारे शरीर की रक्षा के लिए बेहद जरूरी होती है, जो हमारे शरीर के ऊपर एक परत होती है। एक औसत वयस्क की त्वचा का फैलाव लगभग 21 वर्ग फुट होता है और इसका वजन 9 पाउंड यानी चार किलो के आसपास हो सकता है l शरीर की रक्तवाहिनियों की लंबाई करीब 18 किलोमीटर तक होती है।
  • बच्चे की त्वचा का असली रंग उसके जन्म के 6 महीने बाद पता चलता है।
  • हमारे शरीर में सबसे पतली चमड़ी हमारी आंखो की होती है, 0.2 से 0.5mm तक।
  • जो व्यक्ति एक दिन में 10 या इससे ज्यादा सिगरेट पीता है उसके माथे पर अधिक गहरी लाइनें नजर आने लगती है।
  • गर्मी के दौरान एक दिन में शरीर से तीन गैलन यानी करीब 11 लिटर तक पसीना बह जाता है। परन्तु कुछ भाग ऐसे होते है, जिन भागो में पसीना नहीं आता वे है नाखूनों के अस्तर, होंठ, जननांग के सिरे और कान के पर्दे।
  • पेट के बल सोने से हमारे माथे पर और साइड में करके सोने पर हमारी ठोढ़ी और गालों पर झुर्रियाँ पड़ती है।
  • स्तन एपोक्राइन पसीने की ग्रंथि का एक संशोधित रूप हैं।
  • त्वचा में कम से कम पांच प्रकार के रिसेप्टर्स होते हैं जो दर्द और स्पर्श करने के लिए प्रतिक्रिया करते हैं।
  • सेब का तेल त्वचा के लिए बहुत ही लाभदायक है, यह स्किन पर पड़ी झुर्रियां, टूटी त्वचा, खुजली और सूजन को दूर करता है
  • त्वचा का गोरा रंग 20,000 से 50,000 साल पहले ही होना शुरू हुआ हैं, इससे पहले सभी इंसान काले रंग के होती थीं।
  • 25 साल की उम्र होने के बाद त्वचा में झुर्रियाँ पड़नी शुरू होती है। इसमें ग्रेविटी का बहुत बड़ा हाथ है।
  •  विटामिन (C) सी सूर्य की Ultraviolet से हमारी स्किन की रक्षा करती है।
  • हमारी त्वचा की परत्त हर 28 दिन में एक बार और पूरे जीवनकाल में लगभग 900 बार बदलती है l
  • आपके घरों में मौजूद धूल के 50 % कण आपकी त्वचा के ही होते हैं l आपकी त्वचा से हर मिनट 30,000 कोशिका झड़ती रहेती है l
  • जब हमारा ह्रदय काम करना बंद कर देता है तो त्वचा का रंग सफेद या बैंगनी हो जाता हैं l
  • हमारी त्वचा में 5 तरह के रिसेप्टर्स होते है जो दर्द से लेकर छूने तक की सारी जानकारी दिमाग को देता है l
  • त्वचा पर होने वाली गंध का कारण भोजन और फैटी यौगिकों को पचाने में इस्तेमाल हो रहे बैक्टीरिया के कारण आती है l
  • हर व्यक्ति की उंगलियों के निशान एक-दूसरे से अलग होते हैं लेकिन क्या आप जानतें हैं कि भ्रूण में तीन महीने के गर्भ तक उंगलियों के निशान विकसित नहीं होते है l
  • हमारे शरीर में सबसे मोटी चमड़ी हमारे तलवों की होती है, जोकि 4mm तक होती है।

जीवन में सफल होने के कुछ उपाय

प्रत्येक व्यक्ति जीवन में सफल होना चाहता है। कोई पैसा चाहता है तो कोई शोहरत, कोई अच्छा जीवन जीना चाहता है तो कोई ऐशोआराम। इसके लिए वह हर प्रकार के संभव कार्य करता है। ऐसा करने में कुछ लोग सफल हो जाते हैं और कुछ नहीं। कुछ लोग अपना पूरा जीवन यह सोचकर व्यतीत करते हैं कि जीवन में कैसे सफल हो। परन्तु वे ऐसा नहीं कर पातें।तो आइये जानतें हैं जीवन में सफल होने के कुछ उपाय :-

स्वयं पर भरोसा रखो

खुद पर भरोसा एक चीज़ है। जो आपके हर काम में आपका पहला साथी होता है। जब भी आप कोई काम शुरू करते है, तो वह काम शुरू करने से पहले और उस  पर मेहनत करने से पहले आपको यह विश्वास होना चाहिए कि आप यह कम कर सकते है, तभी आप उस काम में सफल होंगे। यदि आपके अंदर विश्वास है तो आप प्रत्येक काम कर सकते है। इसलिए आपको अपने आप पर भरोसा होना जरुरी है।

सफलता का दृढ निश्चय करना

जब आप यह निश्चय करते हैं कि चाहे कुछ भी हो, कितनी भी मेहनत करनी पड़े हमें अपना लक्ष्य हासिल करना है तो यह संकल्प हमें सफल बनाता है। इस संकल्प को निरंतर बनाये रखना जरुरी है। कि आप जो चाहते है वो आप पक्का हासिल करेंगे।

सफलता के लिए चार नियम

  • तय करें कि आप क्या करना चाहते हैं और आप कहाँ जाना चाहते हैं।
  • एक समय सीमा निर्धारित करें और वहां पहुंचने के लिए एक योजना बनाएं।
  • अपनी योजना पर कार्य करें; अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए हर दिन प्रयास करें।
  • पहले से संकल्प कर लें कि आप तब तक अपने लक्ष्य पर कायम रहेंगे जब तक आप सफल नहीं हो जाते। कभी हार नहीं मानेंगे।

सोच हमेशा बड़ी रखो

ज्यादातर लोग अपना लक्ष्य बहुत ही छोटा सेट करते हैं और उसे प्राप्त करके खुश हो जाते हैं जबकि कुछ लोग बहुत बड़ा लक्ष्य  पाने की कोशिश तो करते हैं और उसे  हासिल करने में कामयाब भी हो  जाते है। इसलिये आप अपना लक्ष्य काफी सोच समझ कर सेट करें और बड़ा सोचें। हमरी सफलता हमारी सोच के साथ मेल करती है हम जैसा सोचेगें वैसा ही होता है इसलिए जीवन में कुछ  प्राप्त करना हो  तो हमे बड़ा सोचना चाहिए l

असफलता से मत डरो

सफलता का मतलब है कि सफलता प्राप्त करने के लिय पूरे मन से प्रयास करना। परन्तु यदि असफलता भी मिले तो उससे भी नहीं घबराना चाहिए। असफलता किसी काम को दुबारा शुरू करने का एक मौका देती है जिससे और अधिक चीज़े सीखने को मिलती हैं,  कि उसी काम को और भी अच्छे तरीके से किया जाए।

योग्यता के अनुसार कार्य करें

किसी भी चीज़ में सफल होने के लिए हमारी योग्यता हमारा सबसे बड़ा हथियार होता है। यदि  बात की जाये सफलता और असफलता की तो यह सब योग्यता पर निर्भर करता है  l बहुत से लोग ऐसे है जो मेनहत तो बहुत करते है, लेकिन सफल नहीं हो पाते। इसका मुख्य कारण है कि हम अपनी योग्यता के अनुसार कार्य नही करते।

योजना बनाकर अपना लक्ष्य तय करें

यदि आपको खुद पर भरोसा है और आपके पास योग्यता भी है। लेकिन आपके काम करने का तरीका सही नही है तो आप जिंदगी में कभी सफल नहीं हो सकते। जब तक आप किसी भी काम की योजना नहीं बनाऐंगे तब तक आपको उस काम में सफलता नहीं मिल सकती। किसी भी काम को शुरू करने से पहले उस काम की एक अच्छी योजना होना जरुरी है। योजना के साथ किया गया काम जरूर सफल होता है।

मानवीय आँखों से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

मानवीय आँखों से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  1. हमारी Eyes की Muscles हर समय एक्टिव रहती हैं। हमारी फोकस करने वाली Muscles 1 दिन में 10 लाख बार करती है मतलब मिलती है यानी कि हमारी टांगो की Muscles को 80 किलोमीटर पैदल चलना पड़ेगा उसके बराबर।
  2. हमारी आंखें धूल-मिट्टी अपने आप छान लेती है और उसको 48 घंटे के अंदर साफ यानी ठीक कर लेती है। हमारी 1 मिनट में लगभग 17 बार आंखे झपकती है।
  3. हमारी आंखे सिर्फ दो तरह की कोशिकाओं की वजह से देख पाती है Rod Cells and Cone Cells.  हमारी आंखों में 13 करोड़ Rod Cells होते  हैं और 70 लाख Cone Cells होते हैं। हम  अंधेरे में सिर्फ Rod Cells की मदद से देख पाते हैं।
  4. इंसान की आंखें 576 मेगापिक्सल की होती है और इंसान आंख को किसी जगह फोकस करने में सिर्फ 2 मिली सेकंड लगते हैं।
  5. हमारा दिमाग 65% सिर्फ आंखों को संभालने में लगता है। शायद आपको पता ना हो कि हमारी आँखों में हर 5 महीने में पलकें अपने आप ही नई आ जाती हैं।
  6. जो नीली आंखों वाले लोग होते हैं उनकी आंखों में Melanin की मात्रा अधिक होती है।
  7. अगर आपको नजदीक का देखने में दिक्कत आती है तो आपकी आंखों के गोले ( Eyesballs ) बड़े होंगे इसके दूसरी तरफ अगर आपको दूर का देखने में दिक्कत आती है तो आप की आंखों की गोले छोटे होंगे।
  8. जिन लोगों की आंखें नीली होती है वह बाकियों के मुकाबले सूर्य की चमक को ज्यादा सहन नहीं कर पाते आज से 10000 साल पहले नीली आंखों वाले लोग नहीं हुआ करते थे।
  9. जब हमारी आँखों से पानी निकलता है, तो हमारी आँखें उस वक्त सूखे स्थिति में होती है।
  10. कम प्रकाश में पढ़ने से हमारी आँख़ों को हानी तो नहीं पहुँचती, लेकिन आंखें थक जाती हैं।
  11. आँसू हमारी आँखों को साफ रखता है। लेकिन फिर भी वैज्ञानिक आज तक नहीं समझ पाए कि जब हम दुखी होते हैं तो रोते क्यों हैं।
  12. जिस तरह से उंगलियों की छाप में 40 अनोखे तत्व होते हैं, उसी तरह हमारे आँख की पुतलियों में 256 प्रकार के अनोखे तत्व होते हैं।
  13. पुरुषों में छोटे अक्षर पढ़ने की क्षमता, औरतों से ज़्यादा होती है।
  14. तेज़ रोशनी में हमें टोपी और धूप का चश्मा पहना चाहिए। इससे हमारी आँखें पराबैंगनी किरणों (UV rays) से सुरक्षित रहतीं हैं।
  15. जिस मच्छली की चार आँखें होती है, वो पानी के ऊपर और नीचे एक ही बार में देख सकती है।
  16. हमारी आंख 2 मिलियन तांत्रिक कोषों से बनी है l
  17. हमारी आँखों के अंदर जाने वाला प्रकश सबसे पहेले retina पर आता है इसके बाद ही हमारी आँख कोई भी चीज देख पाती है।
  18. हमारी आँख हर बार पलक झपकते समय कम से कम3 सेकंड के लिए बंद रहती है।  इस तरह पुरे दिन की बात करे तो हम 30 मिनिट तक अँधेरे में ही रहेते है और जिन्दगी के 5 साल हम Blinking यानि की पलक झपकने की वजह से अँधेरे में रहेते है।
  19. हमारी आंखे 1 करोड़ रंग पहचान सकती है लेकिन वास्तव में आंखे तीन रंगों को ही पहचान पाती है हरा, लीला और लाल। इन तीनो रंगों के अलग-अलग शेड्स मिलाकर 1 करोड़ रंग हमारी आंख देख पाती है।
  20. कुछ इंसानों की आँखों का रंग ब्राउन, डार्क, ब्लू कलर होता  है परंतु  क्या आप जानते है कि  दुनिया में ऐसे लोग भी  होते  है  जिनकी दोनों आँखों  का रंग अलग अलग होता  है। इसे  Heterochromia कहा जाता है।

दुनिया की सबसे लंबी गॉटहार्ड बेस सुरंग के बारे में कुछ रोचक तथ्य

दुनिया की सबसे लंबी गॉटहार्ड बेस सुरंग के बारे में कुछ रोचक तथ्य

  1. गॉटहार्ड बेस सुरंग दुनिया की सबसे लंबीरेलवे सुरंग है, और इसकी लंबाई 57 किलोमीटर है।
  2. गॉटहार्ड बेस सुरंग की कुल लम्बाई 09 किलोमीटर है जबकि दूसरी अन्य सुरंगों एवं रास्तों को मिलकर इस रूट की कुल लम्बाई 151.84 किलोमीटर है l
  3. गॉटहार्ड बेस सुरंग को दो भागों में बाँटा गया है l
  4. ‘गोटहार्ड बेस सुरंग’ रेल टनल स्विट्जरलैंड के यूरी के सेंट्रल कैंटन के अर्स्टफेल्ड से शुरू होकर सदर्न टिसिनो कैंटन के बोडियो तक जाता है।
  5. इस सुरंग को बनाने की लागत 74 अरब है l
  6. इस टनल का काम पूर्ण करने में 17 साल लगे है l
  7. 11 दिसंबर 2016 को इस टनल को सावर्जनिक उपयोग के लिए खोल दिया गया हैl
  8. यह उरी एवं टिसिनो को जोड़ने वाली तीसरी सुरंग है l
  9. देश की सबसे लंबी रेलवे सुरंग ‘पीर पंजाल’ हिमालय की रेंज में जम्मू-कश्मीर में बनी है।
  10. इस ट्रैक पर ट्रेन अधिकतम250 किमी/घंटे की स्पीड तक दौड़ सकेंगी l
  11. इसका मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र में परिवहन सुविधा को और बेहतर बनाना है।
  12. इस टनल निर्माण के दौरान 9 वर्कर्स की मौत हो गई थी।
  13. इसके निर्माण के समय इंजीनियर्स ने लगभग 73 तरह के पत्थरों को ब्लास्ट किया था।
  14. इसे बनाने के लिए पहली डिजाइन साल 1947 में पहली बार स्विस इंजीनियर कार्ल एडवर्ड ग्रूनर ने बनाई थी।
  15. इसे बनाने के लिए लोगों ने लगातार 17 साल तक काम (125 मजदूरों ने 43800 घंटें) किया था।
  16. इस ट्रेन टनल की पहली यात्रा के लिए 1,30,000 लोग तैयार थे , लेकिन इसमें सफर करने वाले 500 लोगों का चुनाव लॉटरी से किया गया था ।
  17. इस नाभिकीय रेल परियोजना हेतु धन जुटाने के लिए वैल्यू, एडेड, ईंधन टैक्स, भारी वाहनों पर रोड चार्ज और पिछले एक दशक में राज्य दवारा दिए  गए  बकाया लोने का इस्तेमाल किया गया था।
  18. गॉटहार्ड बेस सुरंग आल्प-ट्रांजिट प्रोजेक्ट का भाग है जिसे न्यू रेलवे लिंक थ्रू आल्प्स के नाम से भी जाना जाता है।

दिमाग से संबधित कुछ अनोखे रहस्य

दिमाग से संबधित कुछ अनोखे रहस्य

  • ब्रेन के तीन भाग होते हैं।
  1. (अग्र मस्तिष्क) fore brain
  2. (मध्य मस्तिष्क) mid brain
  3. (मस्तिष्क में बाधा) hind brain
  • लगातार 90 मिनट तक पसीने से तर -बतर रहने से दिमाग सिकुड़ जाता है।
  • दिमाग में हर सेकंड 1 लाख से ज्यादा केमिकल रिएक्शन होती है और इन्ही केमिकल के हिसाब से हमारा दिमाग काम करता है।
  • पुरुषों का दिमाग महिलाओं से 10 % बड़ा होता है।
  • साइंटिस्ट आइंस्टीन का दिमाग सामान्य इंसान के दिमाग की तुलना में 10 % छोटा था परन्तु उनके दिमाग में न्यूरॉन डेन्सिटी सामान्य दिमाग से ज्यादा थी।
  • Sperm whale का दिमाग सबसे बड़ा होता है
  • दिमाग सोते समय भी काम करता है।
  • दिमाग को कभी दर्द नहीं हो सकता क्यूंकि दिमाग में pain receptors नहीं होते।
  • ज्यादा मोबाइल फ़ोन उपयोग करने वाले लोगों में ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ जाता है।
  • जब आप कुछ नया याद करते हो तो आपके दिमाग का ढांचा बदल जाता है।
  • ब्रेन पावर law of attraction पर काम करती है। हमारे ब्रेन में इतने रक्त वाहिकाएं होते हैं कि हम पृथ्वी को चार बार लपेट सकते हैं।
  • एक सामान्य व्यक्ति के दिमाग में हर दिन में लगभग 60 ,000 विचार आते हैं।
  • हमारा दिमाग हमारे शरीर का 2 % है परन्तु यह कुल ऑक्सीजन का 20 % ऑक्सीजन उपयोग करता है और खून भी 20 % उपयोग करता है ।
  • हमारे दिमाग को 5 से 10 मिनट ऑक्सीजन न मिले तो हमारा दिमाग क्षतिग्रस्त हो सकता है।
  • हमारा दिमाग 75 % पानी से बना है।
  • हमारा दिमाग 5 साल की उम्र में 95 % विकसित हो जाता है और 18 साल तक पहुँचते 100 % विकसित हो जाता है।
  • जब इन्सान जगता है तो उसका दिमाग 10 से 23 वाटस की पावर जेनरेट करता है जो एक लाइट बल्ब को जलने के लिए बहुत है।
  • हमारा ब्रेन 90 mins से लेकर 1:30 hrs तक एकाग्रित हो सकता है। इसके बाद आपकी एकाग्रता (concentration) टूट जाती है।
  • अगर आप अपने आप को गुदगुदी करें तो आप नहीं हँसते क्यूँकि आपके ब्रेन का एक हिस्सा सेरिबैलम बता देता है की वह आप खुद है।
  • जब आप किसी से बात कर रहे होते हैं तो आपका ब्रेन आपको बता देता है कि सामने वाला आपको सुन रहा है या ignore कर रहा है।
  • क्या आपको पता है कि हमारे दिमाग में जितनी संख्या में न्यूरॉन्स है ,उतनी संख्या में तारे है मतलब 100 अरब।
  • हमारे दिमाग में एक “Midbrain Dopamine System” होता है ,जो घटनाओं के बारे में ब्रेन को संकेत भेजता है। हो सकता है कि हम इसे ही भविष्य का पूर्वानुमान कहते है। शायद इसी लिए कुछ लोग भविष्यवाणी कर पाते है।
  • दिमाग शराब पीने के लगभग 8 -10 मिनट के अंदर ही सक्रिय हो जाता है और हमें नशा होने लगता है।
  • एक स्वस्थ पूर्ण विकसित दिमाग कंप्यूटर से 30,000 गुना तेजी से काम कर सकता है। जिसे सुपर पावर कह सकते हैं।

ये कुछ ऐसे तथ्य हैं जो इंसान को हैरान कर देते हैं कि उसका दिमाग कितना तेज़ है।

ये हैं दुनियां की सबसे खतरनाक जगहें, यहां से कोई लौट कर नहीं आता!!

हमारी पृथ्वी एक सुरक्षित स्थान की तरह प्रतीत होती है। बहुत सारी ऐसी जगहें हैं जिन्हें स्वर्ग के रूप में जाना है। वहीँ कुछ ऐसी जगहें भी हैं जिन्हें नरक का द्वार कहा जाता है। दुनिया भर में बहुत से खतरनाक स्थान जहां जाने का मतलब मौत से खेलना है। हालांकि बहुत से साहसी या यूं कहें कि दु:साहसी लोग फिर भी ऐसी जगह जाने से बाज नहीं आते है।

आज हम आपको कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जो बहुत ही खतरनाक हैं और जहां जाना घोषित या अघोषित रूप से वर्जित है।

स्नेक आइलैंड, ब्राजील

इलहा डी क्विमाडा ग्रांड का निक नाम का एक स्नेक आइलैंड है। यह ब्राजील के साओ पालो द्वीप के तट पर स्थित है। यहाँ पर सांपो की संख्या इतनी अधिक है कि हर एक वर्ग मीटर में पांच रहते है। यह द्वीप ग्रह का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां घातक गोल्डन लांसहेड वाइपर पाया जाता हैं। इसका जहर इतना खतरनाक होता है  कि यह मानव मांस को पिघला सकता है। इन सांपों की गिनती विश्व के सबसे जहरीले सांपो में होती है। ब्राजील की नौसेना ने यहां लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।

बोस्टन स्ट्रिड इंग्लैंड

इंग्लैंड में बहने वाली व्हार्फ नदी (बोस्टन स्ट्रिड) को बेहद ही खतरनाक माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि आज तक जो भी इस नदी में गया, वह जिंदा बाहर नहीं लौट सका और ना ही कभी उसकी लाश मिलती है। बेहद ही खूबसूरत दिखने वाली ये नदी बोल्टन अब्बे क्षेत्र में महज 6 फीट चौड़ी है, लेकिन इसकी गहराई बहुत ही ज्यादा है। साथ ही पथरीले रास्तों से गुजरने के कारण इसका बहाव भी काफी तेज है। ऐसे में कोई शख्स जैसे ही नदी में जाता है, वह तेज धार के कारण बह जाता है। दरअसल, पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से बोल्टन अब्बे में नदी को तंग रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिसकी वजह से इसकी रफ्तार बढ़ जाती है। इसके तेज बहाव के कारण पहाड़ भी काफी नुकीले हो गए हैं। ऐसे में कोई शख्स जैसे ही बोल्टन अब्बे एरिया में इस नदी के अंदर जाने की कोशिश करता है, वह तेज धार की वजह से नुकीले पहाड़ों से टकराकर खाई में समा जाता है।

करीवेरकन मैल्स्ट्रोम स्कॉटलैंड

कोरिवरेकेरन  मुख्य भूमि स्कॉटलैंड के पश्चिमी तट से बाहर, अरगिल और बुटे में जुरा और स्कार्बा के द्वीपों के बीच एक संकीर्ण जलसंधि है। यह अपनी मजबूत ज्वारीय धाराओं और खड़ी तरंगों के लिए प्रसिद्ध है। ज्वार की सही अवस्था में बनने वाला भँवर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा भँवर है। स्कॉटलैंड में मौजूद ये भंवर वाकई में खतरे का प्रतीक हैं। स्कॉटलैंड के पश्चिमी तटों पर मौजूद इस भंवर को स्ट्रेट ऑफ़ कोरिवरेकेरन (Strait of Corryvreckan) भी कहा जाता हैं। इनमें फंसने वाला साढ़े छह सौ फीट की गहराई में गुम हो जाता है।

डोर टू हेल तुर्कमेनिस्तान

डोर टू हेल यानी “नरक का दरवाजा” जो कि तुर्कमेनिस्तान के दरवेज गांव में स्थित है। 1971 में पूर्व सोवियत संघ के वैज्ञानिक इस डेजर्ट एरिया में आयल और गैस कि खोज करने के लिए आए थे। उन्होंने दरवेज गांव के पास स्थित इस जगह को ड्रिलिंग के लिए चुना । उन्होंने यहां सेटअप लगाकर ड्रिलिंग शुरू की जिससे यहां एक क्रेटर (गड्ढा) बन गया। इस क्रेटर से बहुत ज्यादा मात्रा में मीथेन गैस निकलने लगी। मीथेन गैस को बाहर निकलने से रोकने के दो विकल्प थे या तो इस क्रेटर को बंद कर दिया जाए या फिर इस मीथेन गैस को जला दिया जाए। वैज्ञानिकों ने दूसरा तरीका अपनाया और क्रेटर में आग लगा दी तब से लेकर आज तक ये क्रेटर जलता रहता है।

कावा ईजेन सल्फर माइंस इंडोनेशिया

इंडोनेशिया में स्थित आज भी एक जाग्रत ज्वालामुखी है। जंहा पर गंधक की खदाने हैं। इन खादानों में काम करने वाले लोग इसे ‘डेविल्स गोल्ड’ कहते हैं। इसकी वजह से यहां के लोगों का रोजगार चलता है। जो लोग इन खदानों में काम करते हैं वे जान हथेली पर लेकर बिना किसी सुरक्षा के करीब डेढ़ किलोमीटर तक इस साढ़े छह सौ फुट गहरी खदान में उतरते हैं। इसे (गंधक) हासिल करने के लिए लोगों को भारी कीमत चुकानी पड़ती है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह

1 मार्च से 8 मार्च 2020 को महिला दिवस के सप्ताह  के रूप में मनाया जा रहा हैं। यह सप्ताह समारोह ,शिक्षा ,जागरूकता और लिंग मुद्दों पर आधारित है।  आज के आधुनिक युग में जहाँ महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कधां मिलाकर चल रही है, वहीँ पुरुषों की सोच भी  महिलाओं के प्रति बदल रही है। अब महिलाएं घर तक सिमित नहीं रही बल्कि प्लेन ,ट्रैन, कारों तक को चला रही है। अंतराष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह में अलग अगल क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु महिलाओं को सम्मानित किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को प्रतिवर्ष पूरे इतिहास और राष्ट्रों में महिलाओं की उपलब्धिओं का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया जाता है। महिला दिवस को महिला अधिकारों और अंतर्राष्ट्रीय शान्ति के लिए सयुंक्त राष्ट्र (यू एन ) दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

अलग अलग देशों में इस दिन को विभिन्न तरीकों से आयोजित किया जाता है। कुछ देशों में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को सर्वाजनिक छुट्टी होती है। कई देशों में कई व्यवसाय ,सरकारी कार्यलय शैक्षणिक संस्थान बंद रहते है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2020 के लिए थीम (पीढ़ी समानता)

इस साल इंटरनेशनल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का थीम पीढ़ी समानता हैं। 2020 दुनियाभर में लैंगिंक समानता को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष है। इस इंटरनेट के ज़माने में महिलाओं को नई जानकारीयां, उनके अधिकारों के बारे में पता चल रहा हैं। अब महिलाओं को भी हर ज्ञान घर बैठ कर मिल रहा है। आज महिला और पुरुष एक समान है और साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसलिए अब कोई छोटा या बड़ा नहीं रहा है। 2020 का वर्ष एक नई सोच का वर्ष है जिसमें सबकी तरकी सबका विकास साथ मिलकर होगा।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के लिए रंग

बैंगनी रंग को अंतर्राष्ट्रीय रंग के रूप में महिलाओं के प्रतीक के रूप में मान्यता प्राप्त  है। जबकि हरे, बैंगनी और सफेद रंगो का संगम महिलाओं की समानता का प्रतिनिधित्व करने के लिए है। कुछ लोग बैंगनी रिबन पहनकर इस दिन का जश्न मनाते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह का महत्व

इस दिन को मनाने का मुख्य उदेश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना था। ताकि वे अपने  अधिकारों के लिए आवाज उठाये। यह दिन महिलाओं के प्रति सम्मान , प्रशंसा और प्यार प्रकट करते हुए शैक्षणिक आर्थिक ,राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उपलक्ष में उत्सव के तौर पर मनाया जाता है। पूरी दुनिया में महिलाओं से संबधित विषयों पर चर्चा की जाती है समाधान खोजे जाते है और संकल्प लिए जाते हैं ।

अंतर्राष्ट्राय महिला दिवस महिला जागरूकता सशक्तिकरण का आयोजन है। जागरूकता और जानकारी महिला और पुरुषों में भेदभाव मिटाने के सबसे बड़े हथियार हैं।

1857 में न्यूर्याक शहर में पोशाक बनाने वाले एक कारखाने में काम करने वाली महिलाओं ने अपने समान अधिकारों , काम करने की अवधि में कमी , कार्य अवस्था  में सुधार की मांग करते हुए जुलुस निकालकर सड़कों पर उतर आई थी।

सन 1910 में महिलाओं की समस्याओं के समाधान हेतु बीजिंग में एक विश्व सभा बुलाई गई  थी।  उसी दिन की स्मृति में 8 मार्च को महिला दिवस मनाया जाता है।

शिक्षा पाकर लड़कियां आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेगीं तो आर्थिक आजादी के साथ ही समानता की भावना भी पनपेगी। समय के साथ साथ महिलाओं की स्थिति भी पहले से अच्छी हुई  है। अब महिलाएं अपनी पेशेवर जिंदगी (सामाजिक ,आर्थिक ,राजनीतिक ) को लेकर अधिक जागरूक हैं। अब महिलाएं पुरुषों से आगे निकल रही है।  भारत की नारी भी अब अपने पुरुष मित्रों के साथ काम करते हुए आगे बढ़ रही है और दुनिया में अपनी पहचान बना रही है।  दुनिया की बहुत सी महिलाएं है जो कई कंपनियों, हॉस्पिटलों और होटलों को चला रही है और दुनियां की अमीर महिलाओं में  भी उनका नाम शामिल है। उदाहरण के लिए फ्रांस्वा बेटनकोट ,एलिस वॉल्ट्न जैकलीन मार्स ,सुषैन क्लैटन यांग हुइयाआन जो सबसे अमीर महिलाओं मे गिनी जाती है। 8 मार्च को ऐसी ही महिलाओं को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने इस दुनिया में अपने कामों से अपनी एक अलग पहचान बनाई हो।

फूलों के बारे में कुछ मजेदार तथ्य

फूलों के बारे में कुछ मजेदार तथ्य

  1. 1600 के दशक में हॉलैंड में सोने की तुलना में ट्यूलिप बल्ब अधिक मूल्यवान थे।
  2. टाइटन अरुम दुनिया का सबसे बड़ा फूल है; उनके विशाल फूलों की परिधि तीन मीटर से अधिक हो सकती है और वे एक छोटे पेड़ के आकार तक बढ़ने में सक्षम एकल पत्ती के साथ तीन मीटर ऊंचे होते हैं। सड़े हुए मांस की अपनी भयानक गंध के कारण, इसे लाश के फूल के रूप में भी जाना जाता है।

  1. कमल के फूल को प्राचीन मिस्रियों द्वारा एक पवित्र फूल माना जाता था और धार्मिक संस्कार में उपयोग किया जाता था। यह फूल आर्द्रभूमि को नम करता है, लेकिन सूखे के समय वर्षों तक निष्क्रिय रहता है, केवल पानी की वापसी के साथ फिर से उगता है। मिस्र के लोग इसे पुनरुत्थान और अनन्त जीवन के प्रतीक के रूप मानते है।

  2. गुलाब सेब, रसभरी, चेरी, आड़ू, प्लम, अमृत, नाशपाती और बादाम से संबंधित हैं। गुलाब की कुछ प्रजातियों के गुलाब कूल्हों (गुलाब की बेरी जैसी फलों की संरचना) विटामिन सी के सबसे समृद्ध स्रोत में से हैं। इनका उपयोग जाम, जेली और चाय बनाने के लिए किया जाता है। प्राचीन मिस्र में गुलाब को पवित्र फूल माना जाता था।

  3. अमेरिका में उगाए जाने वाले ताजे कटे फूलों का लगभग 60 प्रतिशत कैलिफोर्निया से आता है।

  4. दुनिया का सबसे बड़ा खिलने वाला फूल रैफलेसिया अर्नोल्डी है जिसे आमतौर पर लाश लिली कहा जाता है। यह दुर्लभ फूल इंडोनेशिया के वर्षावनों में पाया जाता है। यह 1 मीटर (3.3 फीट) तक बढ़ सकता है और इसका वजन 11 किलोग्राम (24 पाउंड) तक हो सकता है।

  1. ब्लूबेल के फूलों के रस का उपयोग ऐतिहासिक रूप से गोंद बनाने के लिए किया जाता था।

  2. मार्श मैरीगोल्ड के फूलों की कलियों को केपर्स के विकल्प के रूप में चुना जाता है।

  3. Agave, जिसे सदी के पौधे के रूप में भी जाना जाता है, बिना किसी फूल के उगने के कई साल बिताता है, जिसके बादइसमें एक ही फूल खिलता है और मर जाता है। इस घटना को मोनोकार्पिक कहा जाता है।

  4. सूरजमुखी पूर्व से पश्चिम की ओर सूर्य की गति के अनुसार पूरे दिन चलता है।

  5. चंद्रमा के फूल केवल रात में खिलते हैं, दिन के दौरान बंद होते हैं। यह फूल बड़े 4 से 6 इंच के सुगंधित, सफेद या गुलाबी फूल हैं, जो कि चमकती बेलों पर होते हैं। चंद्रमा का फूल शाम को खिलते हैं और रात भर रहता है, जब तक वह सुबह के सूर्य के संपर्क में नहीं आता तब तक खिले रहते है.

  6. केसर जो की बहुत महंगा मसाला हैं , एक प्रकार के क्रोकस फूल से आता है।

  1. प्राचीन सभ्यताओं ने बुरी आत्माओं को दूर भगाने के लिए एस्टर के पत्तों को जलाया जाता था।

  2. निकोटियाना का फूल तम्बाकू से संबंधित है, जिससे सिगरेट बनाई जाती है।

  3. शेन्ज़ेन नोंगके आर्किड, अब तक का सबसे महंगा फूल है। ऑर्किड फूल हर 4 से 5 साल में एक बार ही खिलता है। 2005 में इस फूल की नीलामी $ 200,000 की हुई , जिसने सभी चौंका दिया। यह अब तक बिकने वाला सबसे महंगा फूल है।