विश्व की दिल दहला देने वाली सामूहिक आत्महत्या की कुछ घटनाएं

विश्व के इतिहास में ऐसी कई घटना हुई जिन्होंने सारी दुनिया को हिला कर रख दिया। यह घटनाएं चाहे धर्म-कर्म के नाम पर हो या फिर क्रूर शासकों की क्रूरता और सनकपन के कारण सैकड़ों लोगों ने आत्महत्या की ।

अमेरिकी इतिहास में जिम जोंस का नाम क्रूर घटनाओं के कारण आज भी लिया जाता है। ऐसी कई घटनाएं है जिनके कारण कई लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी। आज हम आपको कुछ ऐसी ही घटनाओं के बारे में बताएंगे:-

पिपुल्स टेंपल

18 नवंबर 1978 को अमेरिका के इंडियाना में 918 लोगों ने सामूहिक आत्म्हत्या की थी। इसमें 276 बच्चे भी शामिल थे। इसको जोंसटाउन भी कहा जाता है। इस घटना  ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था।

इस  घटना के बाद एक टेप भी सामने आया जिसमें सामूहिक आत्महत्या की  बाते करते सुना गया था। इतना ही नहीं इस टेप में आत्महत्या के तरीकों पर भी चर्चा करते हुए लोगों को सुना गया था। पिपुल्स टेंपल के तौर पर इस घटना को आज भी याद किया जाता है।

इस घटना को जिस शख्स ने अंजाम दिया था उसका नाम जिम जॉन्स था। इस घटना को यह कहते हुए अंजाम दिया गया था कि वह सामूहिक आत्महत्या नहीं कर रहे हैं बल्कि एक निर्दयी दुनिया के खिलाफ क्रांति लाने के लिए  कदम उठा रहे हैं। इस दौरान जॉन्स को छोड़कर सभी को साइनाइड दिया गया था जबकि खुद उसने अपनी जान गोली मारकर ली थी।

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सोलर टेंपल

स्विटरज़लैंड ,  फ्रांस और कनाडा में मौजूद द ऑर्डर ऑफ द सोलर टेंपल एक गुप्त सोसाइटी और संप्रदाय थे।  जो नाइट्स टेंपलर के आदर्शों को मानते थे ।  वर्ष 1984 में इसकी स्थापना जिनेवा में जोसेफ डी मैंब्रो और एल जौरेट ने की थी।

इस समूह को 1994 में कई सामूहिक आत्महत्याओं और एक के बाद एक हत्याओं, की वजह माना जाता था। दरअसल, अक्टूबर 1994 में टोनी ड्युटॉइट के तीन माह के नवजात बच्चे की क्यूबेक, मॉरिन-हाइट्स स्थित संस्था के केंद्र में लकड़ी से गोद-गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।

इसकी वजह यह थी कि उस बच्चे को डी मैंबो ने बाइबिल के हिसाब से ईसा का विरोधी माना गया था। इसके कुछ दिन बाद पश्चिमी स्विटजरलैंड के चेइरी और सैलवान नामक दो गांवों व मॉरिन हाइट्स में इनर सर्किल के 15 सदस्यों ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

सोलर टेंपल की घटना भी इसी तरह का एक और उदाहरण है। इस घटना में करीब 74 लोगों ने सामूहिक आत्म्हत्या की थी। जिन लोगों  ने आत्म्हत्या की थी उनका मानना था कि इस दुनिया के पाखंड और उत्पीड़न के खिलाफ यह कदम उठाया गया है। इस घटना को जोसफ डी मेंब्रो ने अंजाम दिया था। जेनेवा की इस घटना ने भी लोगों के दिलों में डर फैलाने का काम किया था।

बुराड़ी आत्महत्या कांड दिल्ली

बुराड़ी में एक परिवार के 11 सदस्यों के आत्महत्या के मामले ने पूरे देश को हिला दिया है। जिसमें घर के सभी सदस्यों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली । जबकि  एक बुजुर्ग महिला का शव जमीन पर पड़ा मिला ।

इस  घटना में 7 महिलाओं और 4 पुरुषों के शव मिले। इस घटना का मुख्य कारण धर्म-आस्था बताया गया है । जिसके चलते घर के सभी सदस्यों ने आत्महत्या कर ली।

हैवेन्स गेट

24 से 27 मार्च के बीच अमेरिका के केलिफोर्निया में रैंचो सांता -फे हैवेन्स गेट के 39 लोगों ने सामूहिक आत्म्हत्या कर ली थी। केलिफोर्निया में घटी इस घटना को आज भी अमेरिका नहीं भूल सका है। रैंचो सेंटा फे इलाका उत्तर में सेन डियागो से मिलता है।

यहां मौजूद कुछ ग्रुप्स का मानना था कि इस तरह का कदम उठाकर उनके शरीर की आत्मा दूर चली जाएगी। उनका विश्वास था कि इस के बाद उनकी आत्मा दूर स्थित हैली कॉमेट  (अंतरिक्ष) पर चली जाएगी।

इस घटना में हैवन गेट के दो ऐसे सदस्य बच गए थे, क्यूंकि  यह दोनों ही उस वक्त वहां पर नहीं थे, जहां  यह घटना घटित हुई थी।  फरवरी 1998 में इस घटना से बचे हुए लोगो ने भी आत्महत्या कर ली थी।

बांग्लादेश की एडम फैमिली

यह घटना बांग्लादेश के दूसरे सबसे घनी आबादी वाले माइमेनसिंह में 2007 की है, जिसमें एक ही परिवार के 9 सदस्यों ने ट्रेन के आगे कूदकर सामूहिक आत्महत्या कर ली थी। इस घटना को एडम हाउस के तौर पर याद किया जाता है।

घटना के बाद उनके घर से  मिली डायरी से पता चला कि यह परिवार एडम पंथ (आदम पंथ) को मानता था।  उनके घर का नाम भी एडम हाउस था।

परिजनों का मानना था कि वे आदम और हव्वा (एडम एंड ईव) जैसा शुद्ध जीवन जीना चाहते थे, और इसलिए उन्होंने खुद को किसी बाहरी के संपर्क से दूर करने और किसी भी धर्म की पाबंदी से मुक्त होने के लिए यह रास्ता चुना। वह चाहते थे कि उनके जीवन पर किसी भी धर्म विशेष  पाबन्दी न हो  l

अजीबोगरीब विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली महिलाएं

दुनियाभर में ऐसी कई महिलाएं हैं जो अपने आप में बेहद खास हैं। इनके खास होने की वजह भी बेहद ही अजीब और अनोखी है। इनमें कुछ महिलाओं ने तो ये वजह खुद बनाई है, जिसकी वजह से इन महिलाओं ने विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है। आज हम ऐसी ही कुछ महिलाओं के बारे में बताने जा रहे हैं l

आशा मंडेला

आशा मंडेला दुनिया में सबसे लंबे बालों वाली महिला के नाम से जानी जाता हैं। इनके बाल लंबे ही नहीं, बल्कि बहुत ही ज्यादा लंबे हैं। यहां तक कि दुनिया में सबसे लंबे बालों वाली महिला का विश्व रिकॉर्ड भी आशा मंडेला के ही नाम है। इनके बालों की लंबाई 19 फीट से ज्यादा है। इन्हें अपने  बालों को धोकर पूरी तरह सुखाने में ही दो दिन लग जाते हैं।

जूलिया ग्नूसे

जूलिया ग्नूसे ने अपने शरीर के 95 फीसदी हिस्सों पर टैटू करवा रखे हैं।  इसके पीछे वजह ये है कि 35 साल की उम्र में उन्हें पॉरफीरिया नामक बीमारी हो गई, जिससे सूर्य की रोशनी में उनकी त्वचा जलने लगी और छाले पड़ने लगे। उन निशानों को छुपाने के लिए जूलिया ग्नूसे ने अपने पुरे शरीर पर टैटू बनवा दिए। इसी वजह से उन्होंने वर्ल्ड रेकॉर्ड भी कायम किया है।

मारिया क्रिस्टर्ना

मारिया क्रिस्टर्ना दिखने में किसी वैंपायर से कम नहीं लगती। मारिया क्रिस्टर्ना नामक महिला ने अपने चेहरे सहित पूरे शरीर पर टैटू बनवाए और अपने माथे पर किसी जानवर के सींग की तरह इम्प्लान्ट भी करवा रखी है । मारिया क्रिस्टर्ना को ड्रैगन लेडी और वैंपायर वुमन के नाम से भी जाना जाता है। मारिया क्रिस्टर्ना पेशे से मशहूर वकील  हैं। वह घरेलू हिंसा की शिकार औरतों की मदद भी करती हैं।

एनेटा फ्लोरचेक

एनेटा फ्लोरचेक को दुनिया की सबसे मजबूत और ताकतवर महिला के तौर पर जाना जाता है। एनेटा कई बार दुनिया की सबसे ताकतवर महिला का खिताब जीत चुकी हैं। वो एक जवान पुरुष को आसानी से अपने हाथों से उठाकर अपने सिर के ऊपर तक ले जा सकती हैं।

एलीना

रूस की 35 वर्षीय एलीना अपने नाखूनों की वजह से खूब चर्चा में रहती है।  ऐलिना ने अपने नाखूनों का नाम बेबी रखा है। इस नाम को रखने के पीछे एक खास वजह है वे अपने नाखूनों की देखभाल बिल्कुल अपने बच्चे की तरह करती है। इनके नाखून की लंबाई 4.7 इंच है। जब उनसे इतने बड़े नाखूनों  के बारे में इनसे पूछा गया तो उन्होंने  बताया की पिछले पांच सालों में इन्होने अपने नाखूनों नही काटा और इन नाखूनों को मजबूत बनाने के लिए एलीना ने कई विटामिन की गोलियां भी खाई हैं।

ओफेलिया वैनिटी

“लॉस एंजिलिस”  ओफेलिया वैनिटी की  रहने वाली है। वह  30 साल की है। लॉस एंजिलिस ने ह्यूमन बार्बी डॉल की तरह दिखनें के लिए अपने  शरीर के ऊपर 40 से ज्यादा सर्जरी करवाई  है और 22 लाख रुपए खर्च कर किये है। ओफेलिया वैनिटी ने  बताया की वो हमेशा से बार्बी जैसी दिखना चाहती थीं, जिसके लिए ओफेलिया ने साल 2009 में पहली बार अपने चेहरे पर ‘Botox’ इंजेक्शन लगवाया।  इसके बाद इंजेक्शन लगाने का यह काम उन्होंने नियमित रुप से शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि करीब चार साल के अंदर उन्होंने अपने होंठ, आंख, नाक और चेहरे पर काफी बार इंजेक्शन लगवाय और इनकी  सर्जरी भी करवाई है।

दुनिया की सबसे लम्‍बी और गहरी और अद्भुत सुरंग – गॉटहार्ड बेस

गॉटहार्ड बेस दुनिया की सबसे लंबी रेलवे सुरंग है। यह आल्प्स पहाड़ के 2.3 किमी. नीचे बनी है। स्विट्जरलैंड में स्थित 57 किमी. लंबी गॉटहार्ड बेस टनल को आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। गॉटहार्ड बेस टनल से प्रतिदिन 260 मालगाड़ियां और 65 पैसेंजर ट्रेनें गुजरेंगी। ट्रैक पर ट्रेन 200 किमी./घंटे की स्पीड से दौड़ सकेगी।

इस सुरंग की खासियत

पहाड़ के ऊपर का तापमान जीरो डिग्री व सुरंग के अंदर का तापमान 46 डिग्री रहता है। ज्यूरिख से नॉर्थ इटली के मिलान के बीच अब 2 घंटे चालीस मिनट का समय लगेगा। यह पहले के मुकाबले एक घंटे कम होगा। इस सबसे लंबी रेल टनल को बनाने में करीब 17 साल लगे और इस पर 80 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं l

पर्यटक बढ़ौतरी और आमदनी में वृद्धि

ज्यूरिख और मिलान के बीच अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए यात्रा का समय पुराने गॉथर्ड मार्ग के माध्यम से चार घंटे की तुलना में ढाई घंटे तक कम हो जाएगा, जिसमें सुरंगों के माध्यम से चलने वाली ट्रेनें125 मील प्रति घंटे तक की यात्रा करती हैं। इसके खुलने के कुछ  महीनों के बाद यात्रियों की संख्या में 30% की वृद्धि हुई। इस पर ट्रेन यात्रा में एक विशेषज्ञ मार्क स्मिथ जिसे ” द मैन इन सीट 61 के नाम से भी जाना जाता है:- ने कहा कि “हम में से जो लोग पुराने मार्ग को याद करते हैं, वे इस उच्च ऊंचाई वाले गोथर्ड लाइन के सर्पिलों को ‘शीर्ष पर’ याद करेंगे, क्यूंकि यहाँ शानदार दृश्यों के साथ एक सुंदर मार्ग बना हुआ है।

विवादास्पद मेगाप्रोजेक्ट

वियना के दक्षिण में, आल्प्स के सबसे पुराने और सबसे प्रसिद्ध रेलवे को भी बाईपास किया जा रहा है। 17 मील, $ 3.65 बिलियन का सेमरिंग बेस सुरंग 2027 में खुल जायगी। इसके खुलने से ऑस्ट्रियाई राजधानी और मध्य यूरोप से एड्रियाटिक के लिए एक नया और तेज़ रास्ता बन जायगा। 1848 और 1854 के बीच खोला गया, वर्तमान पर्वतीय रेलवे पहले आल्प्स को पार करने के लिए था परन्तु अब यह एक यूनेस्को हेरिटेज साइट है।

इस निर्माण परियोजनाएँ में अनेक आलोचक या कठिनाइयां थी l चाहे राजनीतिक, पर्यावरण या बड़े पैमाने पर निर्माण परियोजनाओं से प्रभावित समुदाय। इसका मुख्य उदाहरण फ्रांस में ल्योन और उत्तरी इटली में ट्यूरिन के बीच विवादास्पद 170 मील का रेलवे है।

आल्प्स के माध्यम से खुदाई

इस परियोजना का पैमाना बहुत बड़ा था। इसके लिए दुनिया भर से 1900 से अधिक लोगों को काम पर लगाया गया था। जिसमें टेकियन, विस्फोट विशेषज्ञ और भारी उपकरण ऑपरेटर शामिल थे। खनिकों को आल्प्स के बाहर 24 मिलियन टन चट्टाने खोदनी थी। इसके लिए श्रमिकों ने दुनिया में सबसे बड़ी सुरंग खोदने वाली मशीनों का इस्तेमाल किया। यह मशीन दिन में 130 फीट से अधिक ठोस क्लस्टर खोद सकती थी। लेकिन अभी भी एक समस्या थी – वह थी पानी। ड्रिलिंग से पहाड़ों के अंदर बहुत सारा पानी जमा हो जाता था। इसके निकास का कोई साधन नहीं था l बाद में इस पानी को फ़िल्टर किया गया और आस – पास की नदियों में पुनर्निर्देशित किया गया।

रोलिंग मोटरवे

कीथ बैरो, कहते हैं, कि गोथर्ड बेस टनल (GBT) और सेनेरी सुरंगें अंतर्राष्ट्रीय महत्वपूर्ण परियोजना हैं। गोथर्ड बेस टनल एक व्यापक परियोजना का हिस्सा है, जिसे आधिकारिक तौर पर नई ट्रांस-अल्पाइन रेलवे के रूप में जाना जाता है। लोट्सबर्ग मार्ग “मोटरवे” के रूप में जानी जाने वाली गाड़ियों पर बड़ी मात्रा में कार्गो पहुंचाता है। खासकर दक्षिणी जर्मनी और उत्तरी इटली के बीच। बेस सुरंगों में लाखों अरबों डॉलर का निवेश किया जा रहा है, जिससे जर्मनी और इटली को जोड़ने वाले मुख्य रेलमार्गों में सुधार हो सके। अल्पाइन क्षेत्रों में सड़क यातायात बढ़ाने और भविष्य में अधिक यातायात की सुरक्षा के लिए, स्विस फेडरेशन जब भी संभव हो, सामान को सड़क से रेलमार्ग पर ले जाने के लिए काम कर रहा है।

महाशिवरात्रि – जानें किन राशियों पर होगा कैसा असर

महाशिवरात्रि हिंदुओं के सबसे बड़े पर्वों में से एक है। शिवरात्रि का यह मुख्य पर्व साल में दो बार आता है, एक फाल्गुन के महीने में तो दूसरा श्रावण मास में आता है। फाल्गुन के महीने की शिवरात्रि को, महाशिवरात्रि कहा जाता है। इसे फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है।

हिंदू धर्म में, महाशिवरात्रि व्रत, पूजा, कथा और उपायों का खास महत्व होता है। इस दिन लोग देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने के लिए बड़ी आस्था से परिपूर्ण महाशिवरात्रि का व्रत करते हैं।

कब है महाशिवरात्रि और शुभ मुहूर्त

इस बार शिवरात्रि 21 फरवरी 2020 को है।

प्रारंभ: 21 फरवरी 2020 को शाम 5 बजकर 20 मिनट से

समाप्त:  22 फरवरी 2020 को शाम 7 बजकर 2 मिनट तक

महाशिवरात्रि पर कैसा होगा राशियों  पर असर

महाशिवरात्रि का त्यौहार इस वर्ष बेहद खास माना जा रहा है। 117 साल बाद ग्रहों का ऐसा योग बना रहा है।  इस दिन चंद्रमा और शनि के मकर राशि में साथ होने से विष योग बनेगा। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि पर बन रहे इस विषयोग का सभी राशियों पर कैसा असर होगा।

मेष

मेष राशि के लोगों के लिए दिन अच्छा नहीं  है। आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।  साथ ही धन की हानि भी हो सकती है। इस दौरान किसी अंजान शख्स को धन उधार देने की गलती न करें l हालांकि पारिवारिक समस्याएं दूर होंगी।  गृह क्लेश और वाद-विवाद खत्म होंगे।

वृष

वृषभ राशि के लोगों  के लिए महाशिवरात्रि पर होने वाला विषयोग आपके लिए लाभकारी रहेगा।  इस दौरान संपत्ति खरीदने का योग हैं।  साथ ही मित्रों का सहयोग मिलेगा।  अचानक धन लाभ के भी योग बन रहे हैं। प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए भी यह शुभ समय है।

मिथुन

मिथुन राशि के लोगों को ग्रहों की ऐसी स्थिति  में सावधान रहने की जरूरत है। इस दौरान न सिर्फ काम का बोझ बढ़ेगा, बल्कि मानसिक तनाव से भी काम में रुकावटें आएंगी।  नौकरी ना बदलें और किसी भी व्यकित को धन उधार देने की गलती न करें।

कर्क

कर्क राशि के लोगों पर इस दिन महादेव की कृपा बनी रहेगी जो उनके रास्ते में आने वाली रुकावटों को दूर करेंगे। महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिलेगी। जीवनसाथी से मतभेद खत्म होगा। कारोबार में थोड़ा व्यस्त जरूर रहेंगे, लेकिन धन लाभ के योग भी बन रहे हैं।

सिंह

सिंह राशि के लोगों को भी इस दौरान कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। नौकरी में बड़ा बदलाव होने की संभावनाएं हैं।  सेहत में थोड़ा उतार-चढ़ाव होगा। हालांकि धन खर्च होने के योग हैं तो थोड़ा संभलकर चलने की जरूरत होगी।

कन्या

कन्या राशि के लोगों लिए भी महाशिवरात्रि का त्यौहार खुशियों की सौगात लेकर आ रहा है। विवाह की समस्या खत्म होंगी। लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलेगा।  घर में किसी सदस्य की सेहत खराब हो सकती है।  परिजनों की देखभाल करें।

तुला

तुला राशि वालों के लिए भी ग्रहों की ऐसी स्थिति फलदायी रहने वाली है।  तुला राशि वालो को  नया मकान या प्रॉपर्टी खरीदने का योग है। साथ ही नौकरी में तरक्की होगी। यात्रा के भी योग हैं।  परिवार में शांति बनाए रखने से लाभ की स्थिति पैदा होंगी।

वृश्चिक

वृश्चिक राशि के जो लोग कुछ समय से परेशान चल रहे थे, उनकी तमाम दिक्कतें दूर होने वाली हैं।  आपकी सेहत में भी सुधार होगा और धन लाभ भी हो सकता है।  उधार दिया हुआ धन वापस मिल सकता। पार्टनर के साथ वाद-विवाद सुलझाने के लिए भी ये अच्छा समय है।

धनु

धनु राशि के लोग महाशिवरात्रि पर बन रहे विषयोग के दौरान संभलकर रहें।  इनका दिन आलस्य से भरा रहेगा।  संतान के कारण चिंता होगी।  घर पर अचानक मेहमानों के आने का योग है।  किसी भी बाहरी व्यक्ति को उधार देने से बचें और प्रॉपर्टी में निवेश करने का भी ये उचित समय नहीं है।

मकर

मकर राशि वालों के लिए भी महाशिवरात्रि का त्यौहार शुभ और फलदायी रहने वाला है। नौकरी प्राप्ति में मुश्किलें खत्म होंगी।  जीवनसाथी से मतभेद खत्म होगा। घरवालों के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर आ रहा है।

कुंभ

कुंभ राशि वालों को ये विषयोग नुकसान दे सकता है।  इस दौरान आपके किसी छिपे हुए राज से पर्दा उठ सकता है।  सेहत खराब होने के भी योग हैं।  व्यापार में नुकसान हो सकता है।  रुपये-पैसे की तंगी भी आपको घेर सकती है।

मीन

मीन राशि वालों के लिए ग्रहों की ऐसी स्थिति मिली-जुली रहने वाली है। किसी भी मामले में निवेश करने से बचें। नौकरी का अवसर जरूर मिलेगा, लेकिन सतर्कता के साथ ही अंतिम फैसला लें।  घर की सफाई पर ध्यान दें।

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महाशिवरात्रि हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है। यह भगवान शिव और माँ गौरी के विवाह का दिन है। इस दिन भगवान शिव और पार्वती की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। इस साल 2020 में महाशिवरात्रि 21 फरवरी को है।

महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त:
महाशिवरात्रि की तिथि: 21 फरवरी 2020
चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 21 फरवरी 2020 को शाम 5 बजकर 20 मिनट से

चतुर्थी तिथि समाप्‍त: 22 फरवरी 2020 को शाम 7 बजकर 2 मिनट तक

यह पर्व फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। यह पर्व महादेव शिव और देवी पार्वती के विवाह की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है ।

ऐसी भी मान्यता है की इस दिन ही पहला शिवलिंग प्रकट हुआ था। इस दिन ही भगवान् शिव ने ‘कालकूट’ नाम के विष को अपने कंठ में रख लिया था जो कि समुद्र मंथन के समय बाहर आया।

वैसे तो हर महीने त्रयोदशी/चतुर्दशी को शिवरात्रि होती है। यानि साल में कुल 12 शिवरात्रि होती है लेकिन फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी यानी महाशिवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है।

इस बार है खास

इस बार शिवरात्रि पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस साल महाशिवरात्रि सोमवार को है। सोमवार का स्वामी चन्द्रमा है। ज्योतिष शास्त्र में चन्द्रमा को सोम कहा गया है और भगवान् शिव को सोमनाथ।

अतः सोमवार को शिवरात्रि का होना बहुत ही शुभ माना गया है। सोमवार को शिवजी की पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।

इस दिन अगर भोलेबाबा और माँ पार्वती की सच्चे मन से भक्ति की जाए तो वो अपने भक्तों की सारी मनोकामना पूरी करते है। मंदिरों में इस दिन बेल पत्र,दूध, दही,जल,फलाहार आदि चढ़ाये जाते है।

किस राशि के लिए है खास

चूंकि इस बार महाशिवरात्रि पर खास योग बन रहे हैं । यह सभी राशि वालों के लिए अत्यंत लाभकारी है। सच्चे मन से व्रत करने पर और जल, विल्वपत्र मात्र से ही पूजा करने पर भगवान शिव प्रसन्न होंगे, ऐसा ज्योतिष के जानकारों का मानना है।

साथ ही गरीबों को भोजन कराने और जिनके विवाह नहीं हो रहा उनका विवाह का प्रयत्न करवाने मात्र से ही अभीष्ट फल सिद्धि का भी योग है ।

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क्या है कोरोना वायरस के लक्षण और बचाव कैसे करें

चीन में घातक कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 2,000 के पार हो गई है जबकि इसके कुल 74,185 मामलों की पुष्टि की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने बताया कि इससे मरने वालों की संख्या 2,004 हो गई है। वहीं इसके 1,749 नए मामले सामने आए हैं।

कोरोना वायरस क्या है?

कोरोना वायरस, वायरसों का एक बड़ा समूह है, जो कि आमतौर पर जानवरों में पाया जाता है। यह वायरस सांप, ऊंट, बिल्ली तथा चमगादड़ सहित कई पशुओं में भी प्रवेश कर रहा है। दुर्लभ स्थिति में पशु मनुष्यों को भी संक्रमित कर रहें  हैं।  इसमें  सांस संबंधी बीमारियां और  बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत इस संक्रमण के लक्षण हैं। यह न्यूमोनिया का कारण भी बन सकता है। इस वायरस स्थिति मिडल ईस्ट रेस्पाइरेट्री सिंड्रोम (एमईआरएस) और सेवल एक्युट रेस्पाइरेट्री सिंड्रोम (सार्स) से काफी मिलती जुलती है।

कोरोना वायरस से व्यक्ति कैसे मरता है?

कोरोना वायरस सांस की बीमारियों के साथ फैलना बहुत आम हैं जैसे  सूखी खांसी, सांस की तकलीफ। कुछ लोगो को बुखार, सिरदर्द, गले में खराश ,थकान आदि होती है । कोरोना वायरस फेफड़ों पर हमला करता है। जैसे ही वायरस फेफड़ों की कोशिकाओं में प्रवेश करता है, यह कोशिकाओं को नष्ट करना शुरू कर देता है। और सूजन पैदा कर देता  है।  इसका मतलब है कि फेफड़ों में वायु की थैली फूल जाती है और द्रव से भर जाती है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। शरीर के अंगों को कार्य करने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, इसलिए जब ऑक्सीजन नहीं होता है, तो लिवर और किडनी फ़ैल जाती है। “ऑक्सीजन की कमी से शरीर में अधिक सूजन और समस्याएं उत्पन  हो  जाती है ।  जिससे व्यक्ति  मृत्यु  जाती है।

कोरोना वायरस कैसे फैलता है?

WHO के मुताबिक कोरोना वायरस एक जूनोटिक है। इसका मतलब है कि यह जानवरों के जरिए व्यक्ति में फैला है। ऐसा माना जा रहा है कि यह वायरस सीफूड खाने से फैला था। लेकिन अब कोरोना वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल रहा है।

यह वायरस कोरोना वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है। जैसे खांसी, छींक या हाथ मिलाना कोरोना वायरस का कारण बन सकता है।

किसी संक्रमित व्यक्ति के छूने और फिर अपने मुंह, नाक या आंखों को छूने से भी वायरस का संक्रमण हो सकता है। इससे सबसे पहले फेफड़े ही प्रभावित हो रहे हैं।

इस वायरस का संक्रमण होते ही संक्रमित व्यक्ति  को खांसी और जी मिचलाना (उल्टी ) की शिकायत हो जाती है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के उपमंत्री ली बिन ने बताया कि कोरोनावायरस सांस के जरिए फैलता है, और इससे ‘वायरल म्यूटेशन’ होने या वायरस के ज़्यादा फैलने की संभावना बनती है l

कोरोना वायरस के लक्षण

  1. सिरदर्द
  2. नाक बहना
  3. खांसी
  4. गले में ख़राश
  5. बुखार
  6. अस्वस्थता का अहसास होना
  7. छींक आना, अस्थमा का बिगड़ना
  8. थकान महसूस करना
  9. निमोनिया, फेफड़ों में सूजन

रोकथाम

संक्रमण को रोकने के लिए वर्तमान में कोई टीका या उपचार नहीं है। संक्रमण को रोकने का सबसे अच्छा तरीका इस वायरस के संपर्क में आने से बचना है। डॉक्टर केवल बुखार और दर्द की दवाई देकर लक्षणों से राहत दे सकते है। विश्व सवास्थ्य  संगठन  ने सभी देशों को सलाह दी है कि कैसे इस वायरस को कैसे रोका जा सकता है, उसके लिए निम्न उपाय है

  1. कम से कम 20 सेकंड के लिए अपने हाथों को साबुन और पानी से धोएं, खासकर बाथरूम जाने के बाद, और खाना खाने से पहले।
  2. साबुन और पानी आसानी से उपलब्ध न हो तो कम से कम 60% शराब के साथ अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
  3. अगर हाथ दिखने में गंदे हैं तो हमेशा साबुन और पानी से हाथ धोएं।
  4. अपनी आंखों, नाक और मुंह को अनचाहे हाथों से छूने से बचें।
  5. जो लोग बीमार हैं उनके सम्पर्क में आने से बचें।
  6. यदि आप बीमार है, तो घर पर ही रहें भीड़ से बचें।
  7. जब आप खाँसते या छींकते है, तो आपने मुँह को ढक लें, और आपके द्वारा स्पर्श की जाने वाली वस्तुओं को कूड़े में फेंक दे।
  8. नियमित घर की सफाई के लिए स्प्रे या पोंछे का उपयोग  करें।
  9. अंडे और मांस के सेवन से बचेंl

बचाव कैसे करें

कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए सवयं ही अपना बचाव करना होगा जैसे :-

  1. डॉक्टर से सलाह करें और इस वायरस के लक्षणों के बारे में जानकारी प्राप्त करें।
  2. शारीरिक परीक्षण करवायें l
  3. रक्त की जाँच करवायें l
  4. थूक के प्रयोगशाला परीक्षण, गले की खराबी से एक नमूना या अन्य श्वसन नमूनों का परीक्षण कर सकते हैं l

कोरोना वायरस का प्रकोप सबसे पहले दिसंबर माह में चीन के वुहान शहर में देखा गया था । चीन से बाहर 22 देशों में भी कोरोना वायरस के कई मामलों की पुष्टि हुई है l इन देशों में थाईलैंड, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। वैज्ञानिक लियो पून, जिन्होंने पहले वायरस को डिकोड किया था, उन्होंने बताया कि यह वायरस सबसे पहले एक जानवर में शुरू हुआ जोकि अब मनुष्यों में फैल रहा है l भारत में भी इसके तीन मामले सामने आये थे परन्तु अब भारत में इसका एक भी मामला नहीं है।

बाबा जैक्सन – MICHEAL JACKSON OF RAJSTHAN

राजस्थान के जोधपुर के युवराज सिंह उर्फ बाबा जैक्सन का कुछ ही दिनों पहले एक टिक टॉक विडिओ खूब वायरल हुआ। बॉलीवुड स्टार्स ऋत्विक रोशन, रवीना टंडन, अमिताभ बचन और रेमो डिसूज़ा भी इनके टिक टॉक विडिओ को सोशल मीडिया में शेयर करते नजर आये।

कड़ी मेहनत से मुकाम पर पहुंचा

नई फ़िल्म स्ट्रीट डांसर 3 डी के कलाकार वरुण धवन तथा श्रद्धा कपूर भी इस स्ट्रीट डांसर के इतने मुरीद हो गए कि युवराज सिंह उर्फ बाबा जैक्सन के साथ एक टिक टॉक विडिओ कर डाला। यह भी आजकल खूब वायरल हो रहा है।

युवराज सिंह ने टिक टॉक पर अपनी एक विडिओ MJ STYLE और AIR WALK STYLE में डाली जो लोगो को इतना पसंद आया कि कुछ ही घंटो में लाखों लोगो के द्वारा देखा गया। इससे युवराज टिक टॉक स्टार बन गया।jakson

बाद में डारेक्टर/कोरियोग्राफर रेमो डिसूज़ा ने युवराज सिंह उर्फ बाबा जैक्सन को अपनी फ़िल्म में कास्ट करने का एलान कर दिया।

बाबा जैक्सन – YOU-TUBE से डांस सीखा

युवराज उर्फ बाबा जैक्सन एक गरीब परिवार से है। युवराज उर्फ बाबा जैक्सन ने YOU-TUBE से देख कर डांस करना सीखा है। घर पर शीशा नहीं था तो उसने अपनी परछाई को देखकर डांस करना शुरू किया। कड़ी मेहनत का नतीजा सबके सामने है।

ऋत्विक रोशन को वह अपना रोल मॉडल मानते हैं। डांस करते हुए इन्होने अपना एक स्टाइल डिस्कवर किया जिसको AIR WALK स्टाइल बोलते हैं। युवराज को लोग AIR WALKER भी बोलते हैं।

युवराज का कहना है कि उसके माता पिता ने उसको बहुत सपोर्ट किया युवराज ने घर की छत पर विडिओ बनना शुरू किया था तब उनके पास जूते ख़रीदने के भी पैसे नहीं थे।

सीखने पर ध्यान दें

उनका कहना है कि जिंदगी में सफल होने के लिया पैसो तथा अकेडमिक मार्क्स की तरफ ध्यान देने के बजाये सिखने पर ध्यान देना चाहिए । माता पिता को अपने बच्चों की तुलना नहीं कर चाहिए बल्कि उनको हर समय कुछ नया सीखने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

https://youtu.be/7AOOTsfrm7c

दिमाग हिला देने वाले कुछ रोचक तथ्य

रोचक तथ्य

  • एक वयस्क मानव शरीर में 206 हड्डियाँ होती हैं और एक बच्चे के विकासशील शरीर में 300 होती हैं।
  • सांप पूरी तरह से मांसाहारी होते हैं क्योंकि वे केवल अन्य जानवरों को खाते हैं और किसी भी प्रकार की वनस्पति नहीं खाते हैं।
  • दुनिया का सबसे बड़ा उभयचर विशाल सैलामैंडर (giant salamander) है। इसकी लंबाई 5 फीट तक बढ़ सकती है।
  • मानव शरीर की सबसे छोटी हड्डी, मध्य कान में स्थित स्टेप्स या रकाब की हड्डी है। यह लगभग 3 mm होती है।
  • मानव शरीर में सबसे लंबी कोशिकाएँ मोटर न्यूरॉन्स हैं। ये कोशिकाएँ 5 फीट तक लम्बी हो सकती हैं।
  • पिस्सू (fleas) अपनी ऊंचाई से 130 गुना ज्यादा ऊंची छलांग लगा सकते हैं। मानवीय शब्दों में, यह 6 फुट के व्यक्ति के समान है जो हवा में 780 फीट कूदता है।
  • ब्लू व्हेल 188 डेसिबल तक की ध्वनि उत्पन्न कर सकती है, जो कि एक जीवित जानवर द्वारा निर्मित सबसे तेज ध्वनि है।
  • स्टेगोसॉरस डायनासोर की लंबाई 30 फीट मापी गई थी, लेकिन उसके दिमाग का आकार अखरोट जैसा था।
  • मानव की आंख साल में औसतन2 मिलियन बार झपकती है।
  • आर्माडिलोस, ओपोसम और स्लॉथ अपने जीवन का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा सोने में बिताते हैं।
  • एक क्रिकेट के कान घुटने के नीचे, सामने के पैरों पर स्थित होते हैं।
  • ध्वनि, हवा की तुलना में पानी में लगभग चार गुना तेज यात्रा करती है।
  • हाउस मक्खियों का जीवनकाल दो सप्ताह का होता है।
  • चिम्प्स एकमात्र ऐसे जानवर हैं जो खुद को एक दर्पण में पहचान सकते हैं।
  • स्टारफिश के पास दिमाग नहीं होता।
  • साधारणत: व्यक्ति सात मिनट में सो जाता है।
  • बिल्लियों में 100 से अधिक मुखर ध्वनियां होती हैं, जबकि कुत्तों में केवल 10 हैं।
  • एक शुतुरमुर्ग की आँख उसके मस्तिष्क से भी बड़ी होती है।
  • जिराफ ऊंट से ज्यादा दिनों तक प्यासा रह सकता है।
  • एक इगुआना 28 मिनट के लिए पानी के नीचे रह सकता है।
  • सुनहरी मछली एकमात्र ऐसी जानवर है, जो अवरक्त और पराबैंगनी प्रकाश दोनों देख सकती है।
  • चींटियाँ अपने भोजन को चबा नहीं सकती हैं। वे भोजन से रस निकालने के लिए कैंची की तरह अपने जबड़े बग़ल में घुमाती हैं।
  • एक बिल्ली के प्रत्येक कान में बत्तीस मांसपेशियां होती हैं।
  • बाघों की धारीदार त्वचा होती है, न कि केवल धारीदार फर।
  • दुनिया में सबसे बड़े अंडे एक व्हेल शार्क के होते हैं।
  • ब्रह्मांड 50,000,000,000 आकाशगंगाओं से बना है।
  • पृथ्वी का ऑक्सीजन महासागर द्वारा निर्मित होता है l
  • ऑक्टोपस के तीन दिल होते हैं, नौ दिमाग और नीले रंग का रक्त होता है।
  • एक व्यक्तिगत रक्त कोशिका को शरीर का पूरा सर्किट बनाने में लगभग 60 सेकंड लगते हैं l
  • 2,000 किलोमीटर से अधिक लंबी, ‘द ग्रेट बैरियर रीफ’ पृथ्वी पर सबसे बड़ी जीवित संरचना है l

ये हैं दुनिया के सबसे खूबसूरत झरने

इस दुनिया में बहुत सी खूबसूरत जगह हैं। उन्हीं में कुछ खूबसूरत झरने भी शामिल हैं। जिनके बारे लोग जानना पसंद करते हैं। आइये जानते हैं कुछ ऐसे ही खूबसूरत झरनों के बारे में :-

जोग जलप्रपात, भारत

भारत के कर्नाटक राज्य में जोग नामक एक खूबसूरत झरना है। जोग प्रपात को जरस्पा प्रपात भी कहा जाता है। यह पूरे भारत में दूसरे सबसे ऊँचे झरने के रूप में भी जाना जाता है। यह 830 फीट (253 मीटर) की ऊँचाई से गिरता है। इसके  चारों  और घने जंगल होने के  कारण यह झरना और भी खूबसूरत लगता है।

सदरलैंड फॉल्स, न्यूजीलैंड

न्यूजीलैंड के दक्षिण द्वीप पर दूर स्थित  सदरलैंड झरना है। सदरलैंड फॉल्स न्यूजीलैंड में  सबसे ऊंचे स्थान पर स्थित है, इसकी ऊंचाई 1,904 फीट (580 मीटर) है। यह काफी बड़ा है। सन् 1880 में डोनाल्ड सदरलैंड द्वारा इसकी खोज की गई थी, इसलिए उनकी वजह से ही इसका नाम सदरलैंड फॉल्स पड़ा।

गुल्फफॉस फॉल्स, आइसलैंड

गुल्फफॉस: आइसलैंड का ये झरना प्रकृति की एक खूबसूरत देन है। यहां ऊंचाई से पानी की गिरती धारा बहुत ही खूबसूरत दिखाई देती है। 12 मीटर की ऊंचाई से गिरते नीले-हरे पानी के झरने की चौड़ाई लगभग 32 मीटर है। इसे ‘गोल्डन फॉल्स’ तथा ‘वाटर फॉल ऑफ गॉड’ भी कहा जाता है। इस झरने को देखने से ऐसा प्रतीत होता है जैसे चट्टानों से पानी बह रहा है। कहा जाता है इस झरने का ये नाम 1000 साल पहले पड़ा था।

कैएटिरिटी फॉल्स, गुयाना

दक्षिण अमेरिका में स्थित कैएटिरिटी  नामक झरना खूबसूरत होने  के साथ-साथ बहुत गहरा भी है। कैएटिरिटी फॉल्स को वर्षावन के कई अमूल्य खजानों में से एक माना जाता है। कैएटिरिटी फॉल्स की खोज ब्रिटिश भूविज्ञानी चार्ल्स बैरिंगटन ब्राउन ने 1870 में की थी।

प्लेटविस झरना , क्रोएशिया

यूरोप एक खूबसूरत देश है,और यहाँ पर कई अनेक खूबसूरत जगह है। उन्हीं खूबसूरत जगहों में से एक है प्लिटविस झरना l प्लिटविस झरना एक शुद्ध वातावरण के साथ एक स्वर्ग की तरह है। यह प्राकृतिक क्षेत्र 300 मी में फैला हुआ है। यह झरना एक पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और इस झरने का पानी बहुत साफ़ है।

योसमिते झरना , कलिफ़ोर्निया

कैलिफोर्निया के योसमिते नेशनल पार्क में एक ऐसा झरना है,जो इस झरने को बाकियों से काफी अलग करता है।  इस झरने की ऊंचाई लगभग 480 मीटर है। आमतौर पर झरनों से पानी की धारा बहती है, लेकिन इस झरने को देखकर लगता है, जैसे यहां आग का लावा बह रहा हो। इस  झरने को हॉर्सटेल फायरफॉल भी कहा जाता है। हर साल फरवरी महीने में ही झरने का यह रूप दिखाई देता है। क्यूंकि फरवरी महीने में शाम के वक्त जब सूरज की रौशनी ढल रही होती है तो इन्हीं रोशनी  की किरणों के चलते  झरने का ऐसा नजारा देखने को मिलता है।

नियाग्रा फॉल्स, न्यूयॉर्क और ओंटारियो

नियाग्रा फॉल्स संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा की सीमा पर स्थित  है। यह न्यूयॉर्क के बफेलो से 27 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम और कनाडा के टोरंटो (ओन्टारियो) से 120 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में स्थित है। यह दुनिया का सबसे ऊँचा जलप्रपात है। नियाग्रा फॉल्स बेहद खूबसूरत  है। यहां रात में होने वाले लाइट शॉ के सतरंगी नज़ारे बहुत ही खूबसूरत होते है।

एंजेल फॉल्स, वेनेजुएला

यदि दुनिया के सबसे बड़े झरने की बात की जाए तो उसमे एंजेल फॉल्स का नाम भी आता है । इसकी  ऊंचाई  3,212 फीट यानी 979 मीटर है। इसके ऊपरी क्षेत्र में बड़े बड़े-बड़े चट्टान और इसके ठीक नीचे घने जंगल हैं जो इस झरने की खूबसूरती को और भी बढ़ा देते है। इस झरने से गिरने वाला पानी औयन्तेपुई माउंटेन क्षेत्र में स्थित कैनाइमा नेशनल पार्क में जाता है।

इगुआजु फॉल्स, अर्जेंटीना और ब्राजील

ब्राजील और अर्जेंटीना की सीमा पर  इगुआजु झरना स्थित है। यह झरना  2.7 किमी क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इस  झरने  का बहाव इतना है, कि एक सेकंड में पांच स्विमिंग पूल भर सकते हैं। 1984 में इसे वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया गया था। ऐसा माना जाता है कि यहाँ पर पहले नदी होती थी l सांपो के देवता बोई ने इस  नदी को तोड़कर झरने में बदल दिया था।  इसका कारण यह था कि बोई की प्रेमिका नाइपू अपने प्रेमी तारोबा के साथ भाग रही थी। नाइपू -तारोबा दोनों की मौत इस झरने में गिरने से हो गई थी। तब से यह पर जो इंद्रधनुष दिखाई देता है, उसे लोग नाइपू- तारोबा का मिलन बताते हैं।

विक्टोरिया फॉल्स, ज़ाम्बिया और ज़िम्बाब्वे

विक्टोरिया जलप्रपात जिसे स्थानिय भाषा मे मोसी-ओआ-तुन्या (Mosi-oa-Tunya) कहा जाता है, जिसका मतलब है धुंआ और गर्जना। इसकी  गर्जना बहुत दूर से सुनी जा सकती है। यह 108 मीटर ऊंचा और 1700 मीटर चौड़ा है। यह झरना अफ़्रीका की जेम्बेजी नदी पर स्थित है। इस जलप्रपात को विश्व के सात प्राकृतिक अदभुत जगहों  मे से एक माना जाता है।  नवंबर 1855 में पहले विदेशी डेविड लिंगस्टोन यहां पहुंचे थे। उन्होंने ब्रिटेन की महारानी के नाम पर इस फॉल्स का नाम विक्टोरिया फॉल्स रखा था।

 

महिलाओं का इंसाफ: सीरियल रेपिस्ट को कोर्ट के अंदर उतारा था मौत के घाट

भरत कालीचरण उर्फ अक्कू यादव एक 32 वर्षीय कथित बलात्कारी और हत्यारा था जिसे 200 महिलाओं की एक भीड़ ने मार डाला था।  उस पर हत्या और बलात्कार के केस में सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश किया जाना था। अगस्त 13, 2004 के दिन नागपुर के कस्तूरबा नगर में लगभग 200 महिलाओं की भीड़ ने कोर्ट परिसर में धावा बोल कर अक्कू यादव को मार डाला।

अक्कू यादव – कुख्यात गुंडा, बलात्कारी और हत्यारा

पत्रिका के अनुसार, नागपुर के कस्तूरबा नगर में अक्कू यादव नाम के स्थानीय गुंडे की दबंगई के चलते यहाँ के निवासियों और महिलाओं में दहशत थी। अक्कू हमेशा महिलाओं को छेड़ता था, उन पर भद्दे कमेंट्स करता था। वह उन पर यौन आक्रमण करता था। नागपुर के कस्तूरबा नगर में रहने वाले 32 वर्षीय अक्कु यादव के खिलाफ करीब 25 अपराधिक मामले दर्ज भी हुए थे।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्थानीय पुलिस पीड़ितों की मदद करने या यादव पर मुकदमा चलाने से आना-कानी करती थी क्योंकि यादव उन्हें रिश्वत देता था। एक अन्य स्रोत के मुताबिक पुलिस अधिकारी उसके दोस्त थे, और राजनेता उसके संरक्षक थे। उसने कम से कम 40 महिलाओं से बलात्कार किया था। हालांकि कुछ स्रोत यह संख्या 100 से अधिक बताते हैं।

यादव ने कथित तौर पर कम से कम तीन लोगों की हत्या कर दी थी और रेल पटरियों पर उनके शरीरों को फेंक दिया था। कहा जाता है कि वह कई महिलाओं की बलात्कार के बाद हत्या भी कर चुका था।

कैसे फूटा महिलाओं का गुस्सा

अक्कू यादव अपने रसूख के चलते हर बार जमानत पा लेता था। उसे एक बार फिर से अदालत में पेश किया जा रहा था जहां से उसे संभवत: जमानत मिलने वाली थी। हालांकि महिलाएं कुछ और ही ठान कर आईं थीं जिसे अपनी अकड़ के चलते अक्कू समझ नहीं पाया। दरअसल लगभग 200 महिलाएं सब्जी काटने वाले चाकू . मिर्च पाउडर और कंकड़-पत्थरो से लैस होकर अदालत आयीं थीं और बस मौके की तलाश में थीं जो अक्कू उन्हें देने वाला था।

आखिर महिलाओं को वह मौका मिल गया। अदालत परिसर में ही अक्कू बलात्कार की पीड़ित एक महिला पर हंसा और उसे ‘वेश्या’ कहा। बस यहीं पर महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया। उन्होने अक्कू को पुलिस हिरासत से खींच लिया और चाकुओं से गोद दिया। उसकी आँखों में मिर्ची पाउडर डाला और मुंह में कंकड़ भर दिये।

रिपोर्ट के अनुसार उसपर 50 से अधिक चाकू के वार किए गए थे। कहा जाता है कि बलात्कार की शिकार एक महिला ने उसका गुप्तांग भी काट डाला था। काफी सारी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। स्थानीय अदालत में पाँच महिलाओं के खिलाफ़ हत्या का मुकद्दमा चला जिन्हें 2012 में जमानत मिल गयी।

देश-विदेश में इस घटना की चर्चा हुई। अधिकतर मंचों से महिलाओं की सराहना की गई। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर देश की लचर कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया जिसकी वजह से पीड़ितों को कानून हाथ में लेना पड़ा।

2015 में फ़िल्म निर्देशक एनवीबी चौधरी ने एक तेलगु फिल्म कीचक  बनाई जो अक्कू यादव के जीवन पर आधारित है। फ़िल्म को वयस्क श्रेणी(A) में रखा गया है क्योंकि उसमें हिंसा और असंपादित दृश्य प्रस्तुत किए गए हैं। निर्देशक के अनुसार यह एक महिला-समर्थक फ़िल्म है।