ताजमहल से जुड़े कुछ मज़ेदार तथ्य

भारत के आगरा शहर में स्थित एक ऐतिहासिक इमारत है, जिसे ताजमहल के नाम से जाना जाता है। यह एक ऐसी इमारत है जिसे प्यार की निशानी भी कहा जाता है। इस इमारत को देखने के लिए लोग दूर दूर से आते हैं। इसका निर्माण17वीं शताब्दी में, मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा करवाया गया था। आइये जानते है इससे जुड़े कुछ मज़ेदार तथ्यों के बारे में :-

  • ताजमहल मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा बनवाया गया था। शाहजहां ने 7 शादियाँ की थी और ताज़महल का निर्माण अपनी चौथी बेगम मुमताज़ की याद में करवाया था।  मुमताज़ की मौत 14वें बच्चे को जन्म देते हुए हुई थी।
  • ताजमहल का निर्माण 1632 में शुरू हुआ था और यह 1653 तक चला। ताज महल बनाने में 22 साल लगे थे l ताजमहल को पूरा करने के लिए 22 ,000 मज़दूरों ने काम  किया था, जिसमें भारत के अलावा फ्रांस और तुर्की के मज़दूर भी शामिल थे।
  • हिंदुओ के अनुसार ताजमहल में एक शिव मंदिर है जिसका असली नाम है “तेजोमहालय” क्योकिं किसी भी मुस्लिम देश में ऐसी कोई इमारत नही है जिसके नाम के अंत में महल आए। ‘महल’ मुस्लिम शब्द नही हैं।
  • ताजमहल का रंग दिन में सफेद शाम को सुनहरा और सुबह गुलाबी दिखाई देता है। ताजमहल हर बार अलग अलग रंगों में प्रतीत होता है।
  • 1632 में ताजमहल को बनाने में2 करोड़ रूपए खर्च हुए थे। लेकिन यदि आज ताज़महल बनाया जाता तो लगभग 6800 करोड़ रूपए खर्च होते।
  • इस स्मारक में एक मुख्य हॉलनुमा स्थल है जिसके चारों तरफ चार गुम्बदें हैं। पूरा ताजमहल संगमरमर से ही निर्मित है। 17 हेक्टेयर में बना यह स्मारक, बेहद सुंदर है जिसकी संरचना मुस्लिम धर्म के वास्तु के हिसाब बनाई गई है। कहा जाता है कि इसमें लगा हुआ संगमरमर  राजस्थान, चीन, अफगानिस्तान और तिब्बत से आया था। इसमें 28 तरह के बेशकीमती पत्थर जड़े हुए हैं।
  • ताज महल यमुना नदी के किनारे बना हुआ है। ताजमहल का आधार एक ऐसी लकड़ी पर बना हुआ है जिसे मजबूत बनाये रखने के लिए नमी की जरूरत होती है और इस नमी को यमुना नदी ही बनाये रखती है।
  • जिस तरह सफेद संगमरमर का ताजमहल शाहजहां ने अपनी बेगम के लिए बनवाया था, वैसा ही ताजमहल वह अपने लिए काले संगमरमर का बनवाना चाहते थे l लेकिन उनके बेटे ने उन्हे ऐसा करने से रोक दिया और न मानने पर उन्हे बंदी बना लिया।
  • ताज महल दुनिया की सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली इमारत है। हर रोज पूरी दुनिया से लगभग 12 ,000 लोग ताज महल देखने आते हैं।
  • ताजमहल के निर्माण के समय बादशाह शाहजहां ने इसके शिखर पर सोने का एक कलश लगवाया था। इसकी लंबाई 30 फीट 6 इंच थी। कलश करीब 40 हजार तोले (466 किलोग्राम) सोने से बनाया गया था।
  • ताजमहल के मुख्य मार्ग के बीच जो फव्वारें लगे हैं वह किसी पाइप से नहीं जुड़े है बल्कि हर फव्वारें के नीचे एक तांबे का टैंक है। ये सभी टैंक एक साथ भरते है और दबाव बनने पर एक साथ पानी छोड़ते हैं।
  • ताजमहल को 1857 में एक हमले के दौरान थोड़ा सा नुकसान हुआ था। लेकिन लॉर्ड कर्जन ने इसे 1908 में दुबारा ठीक करवा दिया था, क्योंकि तब तक इसे विश्व भर में ख्याति मिल चुकी थी।
  • ताजमहल में शाहजहां और मुमताज की कब्र के ठीक ऊपर एक खूबसूरत लैंप टंगा है। ये लैंप मिस्र के सुल्तान बेवर्सी द्वितीय की मस्जिद में लगे लैंप की तरह है।

चैत्र नवरात्रि का राशियों पर होने वाला प्रभाव

चैत्र नवरात्रि प्रति वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होते हैं, और इसी दिन से हिंदुओं का नव वर्ष भी प्रारंभ हो जाता है। नवरात्रि पर्व पर माता की पूजा के साथ ही व्रत-उपवास और पूजन का विशेष महत्व होता है।

नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। नौ दिनों में मां दुर्गा के प्रत्येक दिन के अनुसार भोग अर्पित किया जाता है, जिससे मां दुर्गा प्रसन्न होकर सभी प्रकार के कष्ट दूर करती हैं।

नवरात्रि पर्व का राशियों पर होने वाला असर

नवरात्रि पर्व सभी के लिए बहुत-सी खुशियां लेकर आता है। प्रत्येक मनुष्य अपने जीवन में सुख-समृद्धि, यश-वैभव, आर्थिक-मानसिक एवं शारीरिक सुख की चाहत रखता है। जानिए चैत्र नवरात्रि का आपकी राशियों पर क्या प्रभाव होगा।

मेष

इस राशि के जातकों को नवरात्रि में करियर को लेकर बड़ी सफलता हासिल होगी। खर्चों पर नियंत्रण रखें। निवेश करते समय सावधानी बरतनी होगी। बेरोजगार जातकों को मां की कृपा से नौकरी मिलने के योग बन रहे हैं।

वृष

ये नवरात्रि आपके लिए काफी शुभ रहेंगी। विदेश जाने का अवसर प्राप्त होगा। कार्यों में आ रही अड़चन दूर होने लगेंगी। बिगड़े काम बनेंगे।

मिथुन

आपको अपने खर्चों पर कंट्रोल रखना होगा। पैसा आएगा तो सही लेकिन आप बेवजह की चीजों पर इसे खर्च भी कर देंगे। लव-लइफ के लिए समय शुभ है, जिंदगी के हर महत्वपूर्ण कदम पर आपका पार्टनर साथ खड़ा होगा।

कर्क

आपको अपने गुस्से पर काबू रखना होगा। नहीं तो आपके संबंध किसी करीबी व्यक्ति से खराब हो सकते हैं, जिससे न केवल आपके जीवन पर प्रभाव पड़ेगा बल्कि आपका कार्यक्षेत्र भी प्रभावित होगा। अगर किसी काम को शुरू करना चाहते हैं तो समय शुभ रहेगा।

सिंह

दुश्मनों से सतर्क रहना होगा। साझेदारी के काम में मुनाफा मिलेगा। वाहन सुख की प्राप्ति के आसार हैं। मां की कृपा से दांपत्य जीवन में खुशहाली आयेगी।

कन्या

मेहनत का अच्छा परिणाम देखने को मिलेगा। रूके हुए कार्य पूरे होंगे। घर में धार्मिक माहौल बना रहेगा। बीमार व्यक्तियों की सेहत में सुधार की संभावना है।

तुला

अगर किसी नये काम का प्रारंभ करना चाहते हैं,तो इसके लिए तीसरा नवरात्र शुभ रहेगा। पिता से आर्थिक सहयोग मिलेगा। तो वहीं इस राशि के विद्यार्थीयों को परीक्षा में भी सफलता मिलेगी।

वृश्चिक

पिछले समय से आप जिस काम को लेकर परेशान थे नवरात्रों  में मां की कृपा से आपका वो काम पूरा होगा। रोज़गार व्यवसाय को लेकर चल रही आपकी सारी परेशानियां दूर होने वाली हैं। करियर में जबरदस्त सफलता देखने को मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी।

धनु

किसी लंबी बीमारी से राहत मिलेगी। लेकिन अपने खान-पान के साथ जरा भी लापवाही न बरतें। दान पुण्य के काम में ज़्यादा मन लगेगा। लंबी यात्रा पर धन अधिक खर्च हो सकता है।

मकर

आपके लिए नवरात्र के नौ दिन काफी शुभ रहने के आसार हैं। आप संपत्ति की खरीदारी कर सकते हैं। परिवार वालों का सहयोग मिलेगा। छोटे भाई-बहनों की तरक्की होगी।

कुम्भ

कार्यस्थल पर आपको अपने हर काम को सावधानी से करना होगा। दुश्मन आपके काम बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। बॉस के द्वारा दिया गया हर काम अच्छे से पूरा करें। इससे आपको करियर में तरक्की मिलेगी।

मीन

नौकरी करने वालो का प्रमोशन हो सकता है। पैसा कमाने के अन्य मार्ग खुलेंगे। समाज में मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

भारत के शीर्ष 5 प्रेरक वक्ता

दुनिया में कई लोगो के जीवन में सेल्फ मोटिवेशन होता है। परन्तु कुछ लोग बाहरी प्रेरकों से, प्रेरित होकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करते हैं। आज हम ऐसे ही कुछ प्रेरकों के बारे में आपको बताने जा रहे है जिनकी वजह से बहुत से लोगो के जीवन में बदलाव आया है।

सिमरजीत सिंह

सिमरजीत सिंह एक युवा  प्रेरक वक्ता और सफल कोच हैं। सबसे पहले उन्होंने होटल उद्योग में काम करना शुरू किया और होटल प्रबंधन में डिग्री प्राप्त की। उन्होंने भारत, दुबई और यहां तक कि अमेरिका में भी काम किया।

परन्तु कुछ समय के बाद उन्होंने अपना रास्ता बदलने का फैसला किया और यात्रा शुरू कर दी एक प्रेरक वक्ता बनने की। उन्होंने100 से अधिक कंपनियों में 1000 से अधिक प्रेरित भाषण दिए हैं। एक प्रेरक वक्ता के रूप में उन्होंने वोडाफोन, नोवार्टिस और यहां तक कि टाटा जैसी कंपनियों के साथ भी काम किया है और दुबई, भारत के अलावा संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में सेमिनार किए हैं।

डॉ विवेक बिंद्रा

डॉ विवेक बिंद्रा भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रेरक वक्ताओं में से एक हैं। वह एक सफल उद्यमी, बिजनेस कोच और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित प्रेरक वक्ता हैं। वह भारत के एक प्रसिद्ध व्यक्तित्व हैं l जब बड़े पैमाने पर लोगों को प्रेरित करने की बात आती है तो डॉ विवेक बिंद्रा का नाम सबसे पहले आता है। डॉ विवेक बिंद्रा बडा व्यापार के संस्थापक और सी ई ओ हैं। डॉ विवेक बिंद्रा 10 हाई पावर मोटिवेशनल बुक्स के लेखक भी हैं। उनके यूट्यूब चैनल पर उनके लगभग 11 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं l

विवेक बिंद्रा के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि वे नियमित रूप से यूट्यूब पर अद्भुत सामग्री और केस स्टडीज के साथ आते हैं। क्यूंकि  वह दुनिया के सबसे ज़्यादा सब्सक्राइबर एंटरप्रेन्योरशिप चैनल में से एक के मालिक है, वास्तव में वह दुनिया के सबसे अच्छे वक्ताओं में से एक है।

चेतन भगत

चेतन भगत एक भारतीय लेखक और प्रेरणादायक वक्ता हैं, जो अंग्रेजी भाषा में अपने बेहद ही प्रसिद्ध उपन्यासों के लिए जाने जाते हैं। उनका जन्म 22 अप्रैल 1974 को हुआ था। चेतन ने प्राइमरी लेवल की पढ़ाई सेना पब्लिक स्कूल से की और इसके बाद 1995 में आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की डिग्री ली। चेतन ने 1997 में आईआईएम अहमदाबाद से MBA किया।

चेतन भगत सर्वाधिक बिकने वाले उपन्यासों के लेखक है, जिसमें फाइव पॉइंट समवन (2004), वन नाईट @ द कॉल सेंटर (2005), द 3 मिस्टेक्स ऑफ़ माय लाइफ (2008), 2 स्टेट्स (2009), रेवोलुशन 2020 (2011), व्हाट यंग इंडिया वांट्स (2012), हाफ गर्लफ्रेंड (2014) और मेकिंग इंडिया ऑसम (2015) शामिल है l

उनकी किताबों में से 4 पर तो बॉलीवुड फिल्म भी बनाई गयी है, उन फिल्मों के नाम 3 इडीयट्स, काई पो चे!, 2 स्टेट्स और हेल्लो है l

उनके प्रेरक सेमिनार आमतौर पर युवाओं को लक्षित करते हैं और उन्हें  प्रेरित करने के लिए होते हैं। उन्हें नियमित रूप से भारत में शीर्ष इंजीनियरिंग और प्रबंधन कॉलेजों के साथ-साथ उन कंपनियों द्वारा बोलने के लिए आमंत्रित किया जाता है जो अपने कर्मचारियों को प्रेरित करना चाहते हैं।

संदीप माहेश्वरी

यूट्यूब पर 13 मिलियन से अधिक फोल्लोवेर्स के साथ, संदीप माहेश्वरी भारत में शीर्ष प्रेरक वक्ताओं में से एक है। इस प्रेरक वक्ता की एक बहुत ही प्रेरणादायक कहानी है l संदीप माहेश्वरी एक मध्यम वर्गीय परिवार में पैदा हुए थे l संदीप माहेश्वरी ने कॉलेज में एक मॉडल के रूप में काम करना शुरू कर दिया। तब उन्होंने महसूस किया कि कैसे मॉडल का शोषण किया जाता है l संदीप माहेश्वरी उनकी मदद करना चाहते थे।

उन्होंने एक फोटोग्राफी सत्र शुरू किया जिसमें वे फ़ोटो शूट किया करते थे। उनके कई शुरुआती कारोबार विफल रहे l आखिरकार 26 साल की उम्र में उन्होंने इमेज बाजार की स्थापना करके सफलता हासिल की l इमेज बाजार भारतीय वस्तुओं और व्यक्तियों का चित्र सहेजने वाली सबसे बड़ी ऑनलाईन साइट है l

माहेश्वरी के जीवन संघर्ष ने उन्हें  दूसरों की मदद करने और एक प्रेरक वक्ता बनने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना है कि जीवन में कुछ भी मुश्किल नहीं है, कठिनाई धीरे-धीरे  दूर जाती है, जैसे ही आप कार्य करना शुरू करते  हैं

डॉ दीपक चोपड़ा

दीपक चोपड़ा मूल रूप से दिल्ली के हैं  वे एक प्रशिक्षित डॉक्टर थे और उन्होंने अमेरिका में एक डॉक्टर के रूप में सफलता पाई। जैसे-जैसे समय बीतता गया, दीपक चोपड़ा को आध्यात्मिकता में अपनी रुचि पाई और महर्षि महेश योगी के साथ ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन (टीएम) का अभ्यास किया।

कुछ समय के बाद उन्होंने डॉक्टर के रूप में काम करना बंद कर दिया और प्रेरक वक्ता  के रूप में कार्य करना शुरू कर दिया l दीपक चोपड़ा से ओपरा विनफ्रे, माइकल जैक्सन और हॉलीवुड में कई अन्य लोग बहुत प्रभावित हुए हैं। उनके विचारों, सेमिनारों और पुस्तकों से लाखों लोगो को लाभ हुआ है।

जानिए बच्चों को सर्दी खांसी से बचाने के कुछ उपाय

जानिए बच्चों को सर्दी खांसी से बचाने के कुछ उपाय

1-10 साल के बच्चों को सर्दी खांसी से बचाने के लिए आप दो मुहलथी के टुकड़े, हरड़, देशी अजवायन, हींग की एक छोटी डली लेके मिश्रण को पीस कर एक पतले कपड़े में डालकर धागे में बांध कर बच्चे के गले में डाल दें। जिससे उसकी छाती गर्म रहेगी और उसकी गंध नाक से जाती रहेगी और उसका नाक भी बंद नहीं होगा। इस उपाय को अपनाकर आप बच्चों को सर्दी -खांसी से बचा सकते हैं। इसका कोई दुष्प्रभाव (side effect) भी नहीं है। खास कर छोटे बच्चों पर ये उपाय आपको डॉक्टर के पास जाने से बचाएगा।

बच्चों की इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत करने से हम उन्हें कई बिमारियों से बचा सकते हैं। यह उपाय इतना सस्ता है कि आप बाज़ार में मिलने वाले bornvita, horlicks, इम्युनिटी बूस्ट जैसे उत्पादों को भूल जाओगे जो आपके बच्चों में शुगर लेवल को ही बढ़ाते हैं।

इम्युनिटी बूस्ट उपाय

  1. कथ का एक टुकड़ा, काली मिर्च 10 और काला नमक लेके उनको अच्छे से पीस लें। अब 25gm पनीर का टुकड़ा लेना है और रोज रात को सोने से पहले बच्चे को इस मिश्रित नमक के साथ देना है। आप हर रात को अपने बच्चों को इस नमक के साथ पनीर खिलाएं। आपके बच्चों की इम्यूनिटी सिस्टम धीरे धीरे मजबूत होता चला जायेगा और आप का बच्चा बार बार बीमार नहीं होगा।
  2. हल्दी वाला दूध – 1 कप दूध, 1 /4 हल्दी पाउडर, 2 काली मिर्च मिलाये और उस दूध को अब अच्छे से उबाले। स्वाद के लिए थोड़ा सा शहद भी मिला सकते है।
  3. बच्चों को हमेशा तुलसी की पत्तियां चबाने को दें।तुलसी एंटीवायरल और एंटी इंफ्लेमेटरी औषधी है। तुलसी बच्चों की इम्युनिटी को बढाती है।
  4. च्वनप्राश – बच्चों को दूध के साथ च्वनप्राश 2 बार खाने को दें। इसमें कई जड़ी -बूटियाँ होती है जो बच्चों के शरीर को गर्म रखती है।
  5. बच्चों को खजूर जरूर खिलाएं।
  6. अगर आप अंडा खाते हो तो उसे उबला हुआ अंडा हर दिन खिलाएं।
  7. बच्चों को पालक जरूर खिलायें। पालक में फॉलेट पाया जाता है जो शरीर में नई कोशिकाएं बनाने के साथ कोशिकाओं में मौजूद DNA की मुरमत भी करता है। आप बच्चों को पालक की रोटी बनाकर भी दे सकते हैं।
  8. त्रिफला -अगर आपका बच्चा बड़ा है तो आप उसे त्रिफला चूर्ण आधा चमच्च गुनगुने पानी के साथ शाम में लेने से इम्युनिटी बढ़ती है।
  9. गिलोय का रस – नियमित रूप से गिलोय का रस पिने से डायबटीज, शुगर, केलेस्ट्रॉल जैसी बिमारियों से बचा जा सकता है। साथ में गिलोय का रस इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत करता है। चार इंच गिलोय के टुकड़े को छोटा छोटा करके काट लें। अब चार कप पानी में एक चौथाई चमच्च हल्दी के साथ पेस्ट को उबाल लें जब मिश्रण एक कप बच जाये तो उसमें एक चुटकी काली मिर्च मिला लें। अब सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में इस मिश्रण को डाल कर पीने से इम्युनिटी बढ़ती है।
    इसके साथ आप बच्चे को सर्दी, जुकाम, फ्लू , और गले में खराश होने पर डॉक्टर से हमेशा ऐंटीबायोटिक दवा के लिए सलाह न लें। ऐटीबॉयोटिक्स के ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और वे इन दवाओं के आदि हो जाते हैं। एक माँ होने के नाते मैं आपको यह सलाह देती हूँ कि आप इन घरेलू उपाय को अपनाकर सर्दी खांसी से बच्चों को बचा सकते हैं। बच्चों को सर्दी जुकाम होने पर 2-3 दिन के बाद ही ऐंटीबायोटिक दें वो भी डॉक्टर के कहने पर। बच्चों को बाहर के खाना जंक फ़ूड पैकेट बंद ,मीठी चीजें और प्रोसेस्ड फ़ूड न दें। बच्चों के लिए सुपर फ़ूड बेस्ट होता है इसमें हम आंवला, अलसी के बीज, नींबू , गाजर, जामुन, जौ से बनी रोट, चने मशरूम शकरकंदी आदि खिलाएं। ” प्रोबायोटिक और अच्छे बैक्टीरया ” आंत के मार्ग के लिए बहुत उपयोगी होते है जो खराब बैक्टीरिया से बचाते हैं। ये इम्युनिटी पर धनात्मक प्रभाव डालते हैं। दही, छाछ और बेबी फ़ूड प्रोबायोटिक फ़ूड खाने में जरूर उपयोग करने चाहिए। बच्चा जितना फिजिकल एक्टिविटी करेगा उसका शारीरिक विकास और मानसिक विकास अच्छा होगा। ये सब बच्चों की इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाता है।

प्यार से जुड़े कुछ मज़ेदार रोचक तथ्य

प्यार एक बहुत ही खूबसूरत एहसास है। प्यार में पड़ना एक शानदार अनुभव है जिसे हम में बहुत से लोग महसूस करते हैं। यह व्यक्ति को ख़ुशी और ग़म दोनों देता है।

किसी से सच्चा प्यार करने पर आप ख़ुशनुमा महसूस करते हैं क्योंकि ऐसे में आपके दिमाग में ख़ुशी पैदा करने वाले केमिकल ज़्यादा पैदा होते हैं। आप इसमें थोड़ा आलसी भी हो जाते हैं।

प्यार को लेकर हम सभी की अपनी सोच और धारणाएं होती हैं लेकिन कई ऐसी बातें है जो आपको आश्चर्यचकित कर सकती हैं। एक बात तो तय है कि प्यार एक सकारात्मक भावना है जो इंसान को भी सकारात्मक रहने में मदद करता है।

आज हम आपको प्यार से जुड़े रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं तो चलिए जानते हैं:-

  • क्या आप जानते हैं कि  प्यार इंसान के दिमाग पर कोकीन के नशे की तरह काम करता है।
  • अगर आप किसी के बारे में बहुत ज्यादा सोच रहे हैं तो गारंटीड वो इंसान भी आपके बारे में ही सोच रहा है।
  • इन्टरनेट पर पहले LOL का मतलब “लोट्स ऑफ़ लव” होता था l
  • नवम्बर महीने में सबसे ज्यादा “I LOVE YOU” बोला जाता है l
  • जो कपल दिन में कम से कम 10 मिनट एक दूसरे के साथ हँसी मजाक करते हैं उनका रिलेशन हमेशा अच्छा बना रहता है।
  • सुबह अपनी बीवी को किस करने वाले लोग कम से कम 5 साल ज्यादा जीते हैं l
  • पूरी दुनिया में हर रोज़ लगभग 30 लाख लोग अपने पार्टनर के साथ डेट पर जाते हैं|
  • लगभग 18 वीं सदी से LOVE MARRIAGE की शुरुवात हुई थी|
  • Psychologically, अगर आप अपने प्यार की feelings को छुपाते हैं, तो आप इसे जितना ज्यादा छुपाएँगे, Love उतना ही बढ़ता चला जाएगा।
  • आपको जानकर ये हैरानी होगी की पूरी दुनिया में होने वाली Love Marriage में सिर्फ 25% ही सफल हो पाते हैं
  • क्या आपको पता है कि भूख लगने की तरह ही प्यार में पड़ना एक Biological Process है।
  • आमतौर पर देखा गया है कि लगभग 90% पुरुष अपने प्यार का इज़हार महिलाओं से पहले करते हैं।
  • यदि आप किसी भी अनजान व्यक्ति से लगभग 3 से 4 मिनट तक लगातार आई कांटेक्ट बनाये रखते हैं तो चार मिनट बाद आप एक दूसरे के अंदर एक इमोशनल फिलिंग महसूस करेंगे।
  • जब आप अपने प्रेमी या अपनी प्रेमिका का हाथ पकड़कर चलते हैं, तो आपकी थकान और टेंशन कम हो जाती है।
  • रिसर्च के अनुसार ज़्यादा handsome लड़के या तो सिंगल होते हैं या अपने प्यार मे fail हो जाते हैं।
  • प्यार में पड़े दो couples अगर एक दूसरे की आँखों मे भी देखें तो उन लोगों की धड़कनें भी आपस मे मिल जाती हैं और एक साथ ही धड़कने लगती हैं।
  • किसी इंसान के प्यार में पड़ने के लिए 4 मिनट ही काफी होते हैं।
  • दुनिया मे कोई भी ऐसा couple नहीं है जो आपस मे कभी लड़े ना हों या जिनके बीच लड़ाई नहीं होती हों, जाहिर सी बात है कि जहाँ प्यार होता है वहाँ लड़ाई भी होती है पर वो लड़ाई ज्यादा देर तक नहीं रहती है।
  • इंसानो की तरह हंस भी पूरी जिंदगी एक ही जीवन संगिनी के साथ रहते हैं, और अगर हंसो की जोड़ी मे से कोई एक भी मर जाता है तो दूसरे हंस के मर जाने की संभावना भी बहुत अधिक होती है।
  • शब्द “प्यार” संस्कृत लुभती से है, जिसका अर्थ “इच्छा” है।
  • लड़के अपने प्यार का इज़हार जल्दी कर देतें है जबकि लड़कियां इसमें बहुत टाइम लगाती हैं।
  • प्रेमी या प्रेमिका का हाथ पकड़कर चलने से थकान और टेंशन कम हो जाती हैl

बच्चों की इम्युनिटी कैसे बढ़ाएं

सात दिन में बढ़ाये अपने बच्चों की इम्युनिटी

माँ अपने बच्चों के लिए हमेशा चिंतित रहती है। आज कल के बदलते मौसम में बच्चों  को बार बार जुखाम खांसी होती है। आजकल पेरेंट्स  कोरोना वायरस की वजह से भी बच्चों के प्रति चिंतित है। हम लोग अपने बच्चों को वायरल फीवर जैसे संक्रमणित बिमारियों से कैसे बचा सकते हैं। ये प्रश्न हम सबके मन में चलता रहता है। जब तक बच्चा  छोटा होता है तो माता पिता को उसे पालने में आसानी रहती है। लेकिन जैसे ही बच्चे थोड़ा बड़े होते हैं तो वो पूरा दिन कीटाणुओं और विषाणुओं से घिरे रहते हैं। जैसे  ही मौसम बदलता है। बच्चे सर्दी खांसी और अन्य संक्रमणित  बिमारियों की चपटे आ जाते है। इसका कारण है कि आपके बच्चे की इम्युनिटी कम है। आजकल के बदलते लाइफस्टाइल में हमारा खाना पीना और सोना आदि की रूटीन बदल गई है जिससे हमारे बच्चों पर भी असर पड़ रहा है। लेकिन हमें एक स्मार्ट पैरेंट की तरह सोच कर अपने बच्चों को बिमारियों से लड़ने के लिए उनके इम्युनिटी को बढ़ाना होगा।  जब हमारे बच्चे की इम्मुनिटी सिस्टम मजबूत होगा तो वे बार बार संक्रमणित बिमारिओं की चपेट में नहीं आएंगे । आप कैसे अपने बच्चों को स्वस्थ रख सकते हैं और उनके इम्युनिटी को कैसे बड़ा सकते हो आज हम उसके बारे में आपको बता रहे हैं।

आप इन आदतों तो अपनाये और बच्चों को इन आदतों को सिखाएं।

  1. स्तनपान कराने से बेहतर होती है बच्चों की इम्युनिटी :- हमारे बड़े बुजुर्ग कहते है कि बच्चों को माँ का दूध पिलाना चाहिए है क्यूंकि माँ का दूध बच्चों के लिए अमृत की तरह काम करता है। माँ का जो पहला पीला गाढा दूध होता है वो बच्चों को जरूर देना चाहिए क्यूंकि उसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है जो बच्चों के इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाता है। इसलिए बच्चों को 6 महीने तक माँ का दूध देना चाहिए जिससे बच्चों में संक्रमण, एलर्जी, निमोनिया, दिमागी बुखार, मूत्र मार्ग में संक्रमण की समस्या और बच्चों की दिमागी शक्ति बढ़ती है। जो बच्चा माँ का दूध पीता है वो फिजिकली स्ट्रांग और इंटेलीजेंट होता है।‘
  2. फल और सब्जियाँ :- गाजर, सेब, शकरकंद, सेम फली, ब्रोकली, कीवी, खरबूजे नारंगी और स्ट्रॉबेरी जैसे फल सब्जियां बच्चों के साथ साथ हम सब बड़ों के लिए भी बहुत उपयोगी है। फ्लू से लड़ने के लिए हमें विटामिन सी से युक्त फल आंवला,  नारंगी, संतरा नींबू आदि को बच्चों के भोजन में शामिल करना चाहिए। बच्चों को आप फल सब्जियों को जूस और सूप बना कर भी खिला सकते है। अगर आप का बच्चा सब्जियों को खाने में आना कानि करता है तो आप सब्जियों को chop  करके नमकीन दलिया बनाकर उसमें डाल सकते हैं। सब बच्चों को टेस्ट अलग अलग होता है इसलिए आप देखें की आप के बच्चे को आप कैसे फल सब्जी लिखा खिला सकते है। बच्चों के लिए हर भोजन में सब्जी को अलग अलग  तरीकों से डाल कर खिलायें।
  3. साफ सफाई का ध्यान रखना :- बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए आपको बच्चों की साफ सफाई का भी उचित ध्यान रखना चाहिए। सफाई की आदत बच्चों को बिमारियों से बचाती है। यह बच्चों की इम्युनिटी तो नहीं बढाती लेकिन बचपन से डाली गई सही आदत हमें सारी उम्र रहती है। बच्चों को कभी भी नीचे पड़ी चीजों को न खाने दें क्यूंकि इससे आप का बच्चा संक्रमनित हो सकता है और बीमार पड़ सकता है। बच्चों को खाने से पहले साबुन से हाथ धोना, बाहर से आने पर सबसे पहले बाथरूम का प्रयोग करना, दिन में दो बार ब्रश करना साफ कपड़े पहनना ,छींक खांसी आने पर रुमाल का इस्तेमाल करना  और उनको shake hand करने के बजाये नमस्कार करने को कहें। नमस्कार  हमारी संस्कृति का  अभिन अंग ही नहीं है बल्कि उसका  फायदा यह है कि आप लोगो के डायरेक्ट सम्पर्क में न आकर संक्रमणित बिमारियों से बच सकते हैं ।    इस प्रकार की आदतें आपके बच्चों को कीटाणुओं से दूर रखती है।
  4. एक्सरसाइज करने को प्रेरित करना:- प्राचीनकाल से ही ऋषि -मुनियों द्वारा चलाये जाने वाले गुरुकुलों में आपने देखा होगा कि बच्चों को अपना काम खुद करना होता था चाहे वह लकड़ी लाना हो या पानी भरना। ऋषि मुनियों का यह मानना था कि बच्चा इससे फिजिकल फिट होगा। बच्चे को हर प्रकार की ट्रैनिंग दी जाती थी। इसके पीछे एक मकसद बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी इम्मून सिस्टम को मजबूत करना भी था। हमें बच्चों को 30min के लिए डेली एक्सरसाइज करवानी चाहिए। तेज कदमों से चलना, साइकिल चलाना, स्विमिंग करना, स्पोर्ट्स के अन्य गेम्स खेलना और योगा करवाने से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पढ़ना जितना जरूरी है उतना खेलना भी। इसलिए बच्चों को खेलने के लिए भी हमें प्रेरित करना चाहिए उन्हें घर पर बिठाकर नहीं रखना चाहिए।
  5. पर्याप्त नींद लेना :- जब बच्चा पूरी नींद और आराम लेता है तो उसका शरीर पूरी तरह से रिचार्ज हो जाता है। हमें बच्चों को अँधेरा करके कमरे में सुलाना चाहिए ताकि वह गहरी नींद ले सके। अँधेरे में सोने से हॉर्मोन मेलेटोनिन के उत्पाद को बढ़ावा मिलता है, जो अच्छी नींद के लिए जरूरी है और आपके शरीर में एक एंटीआक्सीडेंट के रूप में भी कार्य करता है।
  6. विटामिन डी जरूर दें :- बच्चों को सुबह की धूप भी दें जिससे उनमें विटामिन डी की कमी न हो। विटामिन डी कमी से अस्थमा, कैंसर और प्रतिरक्षा प्रणाली संबधी कई बीमारियाँ हो सकती है। नवजात शिशु को प्रतिदिन सुबह धूप में ले जाएँ। परन्तु दिन की धूप से बच्चों को बचाये।

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के परिवार की रगों में दौड़ती थी देशभक्ति

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शहीद भगत सिंह जी ने भारत देश को आज़ाद करने के लिए खुद को कुर्बान तक कर दिया था और वह हंसते हंसते फांसी पर चढ़ गए थे। भगत सिंह जी का जन्म 28 सितंबर 1907 को लायलपुर जिले के बंगा में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है।

पूरे परिवार के रगों में दौड़ती थी देशभक्ति

भगत सिंह जी का जन्म पाकिस्तान के एक सिख परिवार में हुआ था। जब भगत सिंह जी पैदा हुए, तो उस समय उनके पिता किशन सिंह जेल में थे, और उनके चाचा अजीत सिंह और श्‍वान सिंह भारत की आज़ादी में अपना सहयोग दे रहे थे। वह दोनों करतार सिंह सराभा द्वारा संचालित गदर पाटी के सदस्‍य थे। भगत सिंह पर इन दोनों का गहरा प्रभाव पड़ा था। इसलिए वह बचपन से ही अंग्रेजों से घृणा करने लगे थे।

जलियावाला बाग कांड का पड़ा असर

13 अप्रैल 1919 को बैसाखी वाले दिन रौलट एक्ट के विरोध में देशवासियों की जलियांवाला बाग में सभा हुई। अंग्रेजी हुकूमत को यह बात पसंद नहीं आई और जनरल डायर के क्रूर और दमनकारी आदेशों के चलते निहत्थे लोगों पर अंग्रेजी सैनिकों ने ताबड़बतोड़ गोलियों की बारिश कर दी। इस अत्याचार ने देशभर में क्रांति की आग को और भड़का दिया था.

12 साल के भगत सिंह पर इस सामुहिक हत्याकांड का गहरा असर पड़ा। उन्होंने जलियांवाला बाग के रक्त रंजित धरती की कसम खाई कि अंग्रेजी सरकार के खिलाफ वह आज़ादी का बिगुल फूंकेंगे। उन्होंने लाहौर नेशनल कॉलेज की पढ़ाई छोड़कर ‘नौजवान भारत सभा’ की स्थापना कर डाली।

‘सांडर्स-वध’, दिल्ली की सेंट्रल असेम्बली पर बम फेंका

अंग्रेजी सरकार के दमनकारी नीतियों के खिलाफ पंजाब केसरी लाला लाजपत राय शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। तभी पुलिस अधीक्षक स्कॉट और उसके साथियों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलाई। इसमें लाला लाजपत राय बुरी तरह घायल हो गए और 17 नवंबर को उनका देहांत हो गया था।

लाला लाजपत राय के देहांत के बाद आज़ादीव् के इस मतवाले ने पहले लाहौर में ‘सांडर्स-वध’ किया और उसके बाद दिल्ली की सेंट्रल असेंबली में चंद्रशेखर आज़ाद और पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ बम-विस्फोट कर ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध खुले विद्रोह को बुलंदी दी थी।

शहीद भगत सिंह ने इन सभी कार्यो के लिए वीर सावरकर के क्रांतिदल अभिनव भारत की भी सहायता ली और इसी दल से बम बनाने के गुर सीखे। वीर स्वतंत्रता सेनानी ने अपने दो अन्य साथियों सुखदेव और राजगुरु के साथ मिलकर काकोरी कांड को अंज़ाम दिया, जिसने अंग्रेजों के दिल में भगत सिंह के नाम का खौफ पैदा कर दिया था।

भगत सिंह की गिरफ्तारी

सेंट्रल असेम्बली पर बम फेंके जाने की घटना के बाद भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त की गिरफ्तारी हुई थी। सुखदेव और राजगुरू को भी गिरफ्तार किया गया। 7 अक्टूबर 1930 को यह फैसला सुनाया गया कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी पर लटकाया जाए जबकि, बटुकेश्वर दत्त को उम्रकैद की सजा हुई।

भगत सिंह समेत राजगुरु और सुखदेव को फांसी देने के लिए जेल की कोठरी से बाहर लाया गया। आज़ादी के मतवालों ने मां भारती को प्रणाम किया और आज़ादी के गीत गाते हुए फांसी के फंदे पर झूल गए।

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त्वचा से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी

त्वचा से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी

  • त्वचा वास्तव में हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग है l
  • त्वचा हमारे शरीर की रक्षा के लिए बेहद जरूरी होती है, जो हमारे शरीर के ऊपर एक परत होती है। एक औसत वयस्क की त्वचा का फैलाव लगभग 21 वर्ग फुट होता है और इसका वजन 9 पाउंड यानी चार किलो के आसपास हो सकता है l शरीर की रक्तवाहिनियों की लंबाई करीब 18 किलोमीटर तक होती है।
  • बच्चे की त्वचा का असली रंग उसके जन्म के 6 महीने बाद पता चलता है।
  • हमारे शरीर में सबसे पतली चमड़ी हमारी आंखो की होती है, 0.2 से 0.5mm तक।
  • जो व्यक्ति एक दिन में 10 या इससे ज्यादा सिगरेट पीता है उसके माथे पर अधिक गहरी लाइनें नजर आने लगती है।
  • गर्मी के दौरान एक दिन में शरीर से तीन गैलन यानी करीब 11 लिटर तक पसीना बह जाता है। परन्तु कुछ भाग ऐसे होते है, जिन भागो में पसीना नहीं आता वे है नाखूनों के अस्तर, होंठ, जननांग के सिरे और कान के पर्दे।
  • पेट के बल सोने से हमारे माथे पर और साइड में करके सोने पर हमारी ठोढ़ी और गालों पर झुर्रियाँ पड़ती है।
  • स्तन एपोक्राइन पसीने की ग्रंथि का एक संशोधित रूप हैं।
  • त्वचा में कम से कम पांच प्रकार के रिसेप्टर्स होते हैं जो दर्द और स्पर्श करने के लिए प्रतिक्रिया करते हैं।
  • सेब का तेल त्वचा के लिए बहुत ही लाभदायक है, यह स्किन पर पड़ी झुर्रियां, टूटी त्वचा, खुजली और सूजन को दूर करता है
  • त्वचा का गोरा रंग 20,000 से 50,000 साल पहले ही होना शुरू हुआ हैं, इससे पहले सभी इंसान काले रंग के होती थीं।
  • 25 साल की उम्र होने के बाद त्वचा में झुर्रियाँ पड़नी शुरू होती है। इसमें ग्रेविटी का बहुत बड़ा हाथ है।
  •  विटामिन (C) सी सूर्य की Ultraviolet से हमारी स्किन की रक्षा करती है।
  • हमारी त्वचा की परत्त हर 28 दिन में एक बार और पूरे जीवनकाल में लगभग 900 बार बदलती है l
  • आपके घरों में मौजूद धूल के 50 % कण आपकी त्वचा के ही होते हैं l आपकी त्वचा से हर मिनट 30,000 कोशिका झड़ती रहेती है l
  • जब हमारा ह्रदय काम करना बंद कर देता है तो त्वचा का रंग सफेद या बैंगनी हो जाता हैं l
  • हमारी त्वचा में 5 तरह के रिसेप्टर्स होते है जो दर्द से लेकर छूने तक की सारी जानकारी दिमाग को देता है l
  • त्वचा पर होने वाली गंध का कारण भोजन और फैटी यौगिकों को पचाने में इस्तेमाल हो रहे बैक्टीरिया के कारण आती है l
  • हर व्यक्ति की उंगलियों के निशान एक-दूसरे से अलग होते हैं लेकिन क्या आप जानतें हैं कि भ्रूण में तीन महीने के गर्भ तक उंगलियों के निशान विकसित नहीं होते है l
  • हमारे शरीर में सबसे मोटी चमड़ी हमारे तलवों की होती है, जोकि 4mm तक होती है।

जीवन में सफल होने के कुछ उपाय

प्रत्येक व्यक्ति जीवन में सफल होना चाहता है। कोई पैसा चाहता है तो कोई शोहरत, कोई अच्छा जीवन जीना चाहता है तो कोई ऐशोआराम। इसके लिए वह हर प्रकार के संभव कार्य करता है। ऐसा करने में कुछ लोग सफल हो जाते हैं और कुछ नहीं। कुछ लोग अपना पूरा जीवन यह सोचकर व्यतीत करते हैं कि जीवन में कैसे सफल हो। परन्तु वे ऐसा नहीं कर पातें।तो आइये जानतें हैं जीवन में सफल होने के कुछ उपाय :-

स्वयं पर भरोसा रखो

खुद पर भरोसा एक चीज़ है। जो आपके हर काम में आपका पहला साथी होता है। जब भी आप कोई काम शुरू करते है, तो वह काम शुरू करने से पहले और उस  पर मेहनत करने से पहले आपको यह विश्वास होना चाहिए कि आप यह कम कर सकते है, तभी आप उस काम में सफल होंगे। यदि आपके अंदर विश्वास है तो आप प्रत्येक काम कर सकते है। इसलिए आपको अपने आप पर भरोसा होना जरुरी है।

सफलता का दृढ निश्चय करना

जब आप यह निश्चय करते हैं कि चाहे कुछ भी हो, कितनी भी मेहनत करनी पड़े हमें अपना लक्ष्य हासिल करना है तो यह संकल्प हमें सफल बनाता है। इस संकल्प को निरंतर बनाये रखना जरुरी है। कि आप जो चाहते है वो आप पक्का हासिल करेंगे।

सफलता के लिए चार नियम

  • तय करें कि आप क्या करना चाहते हैं और आप कहाँ जाना चाहते हैं।
  • एक समय सीमा निर्धारित करें और वहां पहुंचने के लिए एक योजना बनाएं।
  • अपनी योजना पर कार्य करें; अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए हर दिन प्रयास करें।
  • पहले से संकल्प कर लें कि आप तब तक अपने लक्ष्य पर कायम रहेंगे जब तक आप सफल नहीं हो जाते। कभी हार नहीं मानेंगे।

सोच हमेशा बड़ी रखो

ज्यादातर लोग अपना लक्ष्य बहुत ही छोटा सेट करते हैं और उसे प्राप्त करके खुश हो जाते हैं जबकि कुछ लोग बहुत बड़ा लक्ष्य  पाने की कोशिश तो करते हैं और उसे  हासिल करने में कामयाब भी हो  जाते है। इसलिये आप अपना लक्ष्य काफी सोच समझ कर सेट करें और बड़ा सोचें। हमरी सफलता हमारी सोच के साथ मेल करती है हम जैसा सोचेगें वैसा ही होता है इसलिए जीवन में कुछ  प्राप्त करना हो  तो हमे बड़ा सोचना चाहिए l

असफलता से मत डरो

सफलता का मतलब है कि सफलता प्राप्त करने के लिय पूरे मन से प्रयास करना। परन्तु यदि असफलता भी मिले तो उससे भी नहीं घबराना चाहिए। असफलता किसी काम को दुबारा शुरू करने का एक मौका देती है जिससे और अधिक चीज़े सीखने को मिलती हैं,  कि उसी काम को और भी अच्छे तरीके से किया जाए।

योग्यता के अनुसार कार्य करें

किसी भी चीज़ में सफल होने के लिए हमारी योग्यता हमारा सबसे बड़ा हथियार होता है। यदि  बात की जाये सफलता और असफलता की तो यह सब योग्यता पर निर्भर करता है  l बहुत से लोग ऐसे है जो मेनहत तो बहुत करते है, लेकिन सफल नहीं हो पाते। इसका मुख्य कारण है कि हम अपनी योग्यता के अनुसार कार्य नही करते।

योजना बनाकर अपना लक्ष्य तय करें

यदि आपको खुद पर भरोसा है और आपके पास योग्यता भी है। लेकिन आपके काम करने का तरीका सही नही है तो आप जिंदगी में कभी सफल नहीं हो सकते। जब तक आप किसी भी काम की योजना नहीं बनाऐंगे तब तक आपको उस काम में सफलता नहीं मिल सकती। किसी भी काम को शुरू करने से पहले उस काम की एक अच्छी योजना होना जरुरी है। योजना के साथ किया गया काम जरूर सफल होता है।

मानवीय आँखों से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

मानवीय आँखों से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  1. हमारी Eyes की Muscles हर समय एक्टिव रहती हैं। हमारी फोकस करने वाली Muscles 1 दिन में 10 लाख बार करती है मतलब मिलती है यानी कि हमारी टांगो की Muscles को 80 किलोमीटर पैदल चलना पड़ेगा उसके बराबर।
  2. हमारी आंखें धूल-मिट्टी अपने आप छान लेती है और उसको 48 घंटे के अंदर साफ यानी ठीक कर लेती है। हमारी 1 मिनट में लगभग 17 बार आंखे झपकती है।
  3. हमारी आंखे सिर्फ दो तरह की कोशिकाओं की वजह से देख पाती है Rod Cells and Cone Cells.  हमारी आंखों में 13 करोड़ Rod Cells होते  हैं और 70 लाख Cone Cells होते हैं। हम  अंधेरे में सिर्फ Rod Cells की मदद से देख पाते हैं।
  4. इंसान की आंखें 576 मेगापिक्सल की होती है और इंसान आंख को किसी जगह फोकस करने में सिर्फ 2 मिली सेकंड लगते हैं।
  5. हमारा दिमाग 65% सिर्फ आंखों को संभालने में लगता है। शायद आपको पता ना हो कि हमारी आँखों में हर 5 महीने में पलकें अपने आप ही नई आ जाती हैं।
  6. जो नीली आंखों वाले लोग होते हैं उनकी आंखों में Melanin की मात्रा अधिक होती है।
  7. अगर आपको नजदीक का देखने में दिक्कत आती है तो आपकी आंखों के गोले ( Eyesballs ) बड़े होंगे इसके दूसरी तरफ अगर आपको दूर का देखने में दिक्कत आती है तो आप की आंखों की गोले छोटे होंगे।
  8. जिन लोगों की आंखें नीली होती है वह बाकियों के मुकाबले सूर्य की चमक को ज्यादा सहन नहीं कर पाते आज से 10000 साल पहले नीली आंखों वाले लोग नहीं हुआ करते थे।
  9. जब हमारी आँखों से पानी निकलता है, तो हमारी आँखें उस वक्त सूखे स्थिति में होती है।
  10. कम प्रकाश में पढ़ने से हमारी आँख़ों को हानी तो नहीं पहुँचती, लेकिन आंखें थक जाती हैं।
  11. आँसू हमारी आँखों को साफ रखता है। लेकिन फिर भी वैज्ञानिक आज तक नहीं समझ पाए कि जब हम दुखी होते हैं तो रोते क्यों हैं।
  12. जिस तरह से उंगलियों की छाप में 40 अनोखे तत्व होते हैं, उसी तरह हमारे आँख की पुतलियों में 256 प्रकार के अनोखे तत्व होते हैं।
  13. पुरुषों में छोटे अक्षर पढ़ने की क्षमता, औरतों से ज़्यादा होती है।
  14. तेज़ रोशनी में हमें टोपी और धूप का चश्मा पहना चाहिए। इससे हमारी आँखें पराबैंगनी किरणों (UV rays) से सुरक्षित रहतीं हैं।
  15. जिस मच्छली की चार आँखें होती है, वो पानी के ऊपर और नीचे एक ही बार में देख सकती है।
  16. हमारी आंख 2 मिलियन तांत्रिक कोषों से बनी है l
  17. हमारी आँखों के अंदर जाने वाला प्रकश सबसे पहेले retina पर आता है इसके बाद ही हमारी आँख कोई भी चीज देख पाती है।
  18. हमारी आँख हर बार पलक झपकते समय कम से कम3 सेकंड के लिए बंद रहती है।  इस तरह पुरे दिन की बात करे तो हम 30 मिनिट तक अँधेरे में ही रहेते है और जिन्दगी के 5 साल हम Blinking यानि की पलक झपकने की वजह से अँधेरे में रहेते है।
  19. हमारी आंखे 1 करोड़ रंग पहचान सकती है लेकिन वास्तव में आंखे तीन रंगों को ही पहचान पाती है हरा, लीला और लाल। इन तीनो रंगों के अलग-अलग शेड्स मिलाकर 1 करोड़ रंग हमारी आंख देख पाती है।
  20. कुछ इंसानों की आँखों का रंग ब्राउन, डार्क, ब्लू कलर होता  है परंतु  क्या आप जानते है कि  दुनिया में ऐसे लोग भी  होते  है  जिनकी दोनों आँखों  का रंग अलग अलग होता  है। इसे  Heterochromia कहा जाता है।