भारतीय लोक-कला और जनजातीय कला को दर्शाते यह चित्र

भारत विभिन्नताओं वाला देश है. लोक-कला भारत का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है. आज हम आपके सामने लेकर आए हैं, भारत की लोक-कला और जन-जातीय कला को दर्शाते कुछ चित्र.

लघु कला

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लघु कला, राजस्थान के बीकानेर और जयपुर शहर में बहुत प्रचलित है. लघु कला के चित्रों को हाथों से नाजुक ब्रश से अलग-अलग रंगों के साथ बनाया जाता है. यह चित्र अकार में छोटे होते हैं. इन चित्रों में इस्तेमाल होने वाले रंग खनिज, सब्जियों, कीमती पत्थरों, शुद्ध सोने और चांदी से निकाले जाते हैं.

बाटिक कला

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भारत की बाटिक कला बंगाल से भारत में आई थी. यह कला हज़ारों साल पुरानी है. बाटिक कला को अलग-अलग विधियों से बनाया जाता है, जैसे कि छप विधि (splash method), स्क्रीन प्रिंटिंग विधि (screen printing method) और हाथों से बनाया जाता है. इस कला में कलाकार अपनी रचनात्मकता और कल्पना को अच्छी तरह से दिखा सकते हैं.

गोंड पेंटिंग्स

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भारत के मध्य प्रदेश में गोंड पेंटिंग्स बहुत प्रसिद्ध है. इन चित्रों में मध्य प्रदेश के गाँव वासी अपने धर्म के प्रति भावनाओं को दर्शाते हैं. गोंड पेंटिंग्स में भारत के अलग-अलग त्योहार, जैसे कि करवा चौथ, दीपावली, अहोई अष्टमी, नाग पंचमी आदि के चित्र आते हैं. यह चित्र औरतों द्वारा घरेलू रंगों से बनाए जाते हैं.

कलमकारी चित्रकारी

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भारत में कलमकारी चित्रकारी एक प्रसिद्ध लोक-कला है. इस कला में कपड़े के ऊपर कलम से चित्र बनाए जाते हैं. आंध्रप्रदेश कलमकारी के चित्र बनाने में बहुत प्रसिद्ध है. इस कला में सब्जियों के रंगों से धार्मिक चित्र बनाए जाते हैं.

मधुबनी चित्रकला

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मधुबनी चित्रकला, उत्तर भारत में सर्वप्रिय चित्रकला है. बिहार में मधुबनी एक छोटा सा गाँव है, जहां मधुबनी चित्रकला बहुत प्रसिद्ध है. यह चित्र हिंदू देवी-देवताओं द्वारा लगाने वाली शाही अदालतों को दर्शाते हैं. इन चित्रों में किसी भी जगह को खाली नहीं छोड़ा जाता, खाली बची जगह में फूल, जानवर बनाए जाते हैं. इन चित्रों में इस्तेमाल किए गए रंगों का कोई छायांकन (Shading) नहीं होता.

पातचित्र चित्रकारी

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यह चित्रकला, भारत के उड़ीसा राज्य में पड़ते जगन्नाथ मंदिर से पूरे देश में फैली थी. यह कला सदियों पुरानीं है, लेकिन इसको आज भी अभ्यास में लाया जाता है. यह चित्रकला उड़ीसा में बहुत लोकप्रिय है. इस चित्रकला में ज़्यादातर हिंदू देवताओं की तस्वीरें बनाई जाती है.

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मंडला चित्रकारी एक बौद्ध लोक कला चित्रकारी है. यह कला बौद्ध गुरुओं को पेंटिंग्स पर दर्शाती है. मंडला चित्रकारी, भारत में एक अनुष्ठान का प्रतीक है. मंडला चित्र को भारत में आध्यात्मिक मार्गदर्शन उपकरण के रूप में भी माना जाता है.

जनजातीय कला वार्ली

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वार्ली कला हमेशा लोगों के समूहों में शामिल है. कलाकार इस तरह के चित्र ज़्यादातर प्रकृति को देखकर बनाते हैं. इस कला के चित्रों में सबसे मशहूर चित्र शादी और त्योहारों के होते हैं. ज़्यादातर यह चित्र आदिवासियों द्वारा अपने घरों की मिट्टी की दीवारों पर बनाए जाते हैं.

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दिमाग को तेज़ करने के लिए यह 10 उपाय

आपका दिमाग आपकी सबसे मूल्यवान संपत्ति है. आपको हमेशा अपने दिमाग की देखभाल करनी चाहिए. इन 10 उपायों से आप अपने दिमाग की देखभाल कर सकते हैं. आइए जानते हैं दिमाग तेज़ करने के 10 उपाय:-

काम के बीच झपकी लें

काम के बीच झपकी लेने से आपका शरीर फिर से तरो ताज़ा हो जाता है, जिससे आपकी स्मृति में वृद्धि होती है और आपके स्वभाव में भी सुधार आता है. यहां तक कि दिन में सिर्फ 15 मिनट की झपकी आपके दैनिक ज़िंदगी में बड़ा परिवर्तन ला देती है.

बिस्तर जाने से पहले कुछ रचनात्मक करें

जब आप थके हुए होते हो, तो आपका दिमाग अधिक रचनात्मक हो सकता है, तो सोने से पहले अपने पेंट ब्रश से कैनवास पर कुछ रचनात्मक बनाएं या कोई किताब को लिखना शुरू करें. अपने अंदर के कलाकार को बाहर निकालें.

एक समय पर एक ही काम पर ध्यान दें

क्या आप जानते हैं कि आपका दिमाग एक से ज़्यादा कामों पर एक ही समय फोकस नहीं कर सकता? आपको एक समय पर एक ही काम पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

कार्डियो और व्यायाम करें

आपने सुना होगा कि कार्डियो आपके शरीर को स्वस्थ और बेहतर बनाती है, लेकिन यह आपके दिमाग के लिए भी फायदेमंद होती है. आपको कार्डियो करने के लिए व्यायामशाला जाने की ज़रूरत नहीं होती. सिर्फ छोटी सी पैदल यात्रा आपके दिमाग के लिए लाभदायक होती है.

हर रोज कागज पर लिखें

एक वैज्ञानिक शोध में पाया गया है कि कागज़ पर बनाए गए नोट्स आपको होशियार बनाते हैं. इसलिए आपको अपने नोट्स कंप्यूटर, टेबलेट्स, मोबाइल फ़ोन पर बनाने की बजाए कागज़ पर बनाने चाहिए.

हर रोज मल्टी विटामिन लें

जैसे आपकी कार को तेल की ज़रूरत होती है, आपके स्मार्टफोन को बैटरी की ज़रूरत होती है, वैसे ही आपके दिमाग को पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है. इसलिए आपको अपनी दैनिक ज़िंदगी में मल्टी विटामिन का इस्तेमाल करना चाहिए.

एक नई भाषा सीखो

एक नई भाषा सीखने से आपके दिमाग को बहुत लाभ मिलता है. नई भाषा सीखने से आपका जीवन समृद्ध होता है और आपको नई संस्कृति के बारे में पता चलता है.

दोस्तों के साथ शब्दों के खेल खेलो

स्क्रैबल (Scrabble) या कई ओर शब्द बनाने वाले खेल आपका आईक्यू बढ़ाते हैं. एक शोध में पाया गया है कि शब्द बनाने वाले खेल आपका दिमाग तेज़ करते हैं.

ध्यान लगायें (Meditation)

मैडिटेशन आपके शरीर को विश्राम देने की सबसे प्राचीन विधि है, लेकिन यह आपके शरीर और दिमाग के लिए बहुत फायदेमंद हैं. एक अध्ययन में पाया गया है कि मैडिटेशन आपके दिमाग के हर हिस्से के लिए लाभदायक होती है. इसीलिए आपको हर रोज थोड़ा समय मैडिटेशन के लिए भी लगाना चाहिए.

आशावादी बनें

आशावादी स्वभाव आपकी ज़िंदगी को मज़ेदार बना देता है, लेकिन यह आपके दिमाग के लिए भी लाभदायक है. जब आप सकरात्मक रूप से सोचते हैं, तब आपका दिमाग भी चमत्कारी ढंग से काम करता है, तो हमेशा आशावादी बने रहो.

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ये 11 तरीके नींद लाने में आपकी मदद कर सकते हैं

क्या आप आसानी से सो नहीं पाते? क्या आप अनिद्रा, तनाव या नशे के सेवन से सोने में होने वाली परेशानी से जूझ रहे हैं? यहाँ पर दिए गए नींद लाने में मददगार इन 11 तरीकों को आजमाएं, हो सकता है कि अगली रात को आराम से सो पाएं।

सभी कहते और जानते हैं कि रात को दूध पीने से और नहाने से जल्दी नींद आ जाती है, आदि-2. लेकिन कई लोग इन तरीकों से भी रात को सो नहीं पाते। यहाँ प्रस्तुत हैं नीद लाने में मददगार कुछ टिप्स।

अपने बाएं नथुने से श्वास लें

यह योग पद्धति आपके रक्तचाप (blood pressure) को कम करती है और आपको शांत करती है।  समग्र नींद चिकित्सक पीटर स्मिथ का कहना है “यदि आपको नींद नहीं आ रही तो आपको बाईं ओर लेटकर अपने नाक के दायें नथुने को अंगुली से बंद करें और फिर बांएं नथुने से धीरे धीरे श्वास लें। इससे आपको धीरे-धीरे नींद आने लगेगी।

अपनी मांसपेशियों को आराम दें

शरीर की सारी मांसपेशियों को आराम देने से जल्दी नींद आती है. चिंता(Anxiety) विशेषज्ञ चार्ल्स लिंडन का कहना है कि अपने पीठ के बल लेट जाएँ तथा नाक से लंबी और धीरे-धीरे सांस लें. साथ ही साथ अपने पैरों की उँगलियों को जोर से तलुवों की तरफ भींच कर नीचे की ओर रगड़ें और फिर उँगलियों को ढीला छोड़ दें. इस प्रक्रिया को बार-बार करने से आपको अच्छी नींद आ जाएगी.

जागते रहने की कोशिश करें (Try to stay awake)

अगर आपको रात में नींद नहीं आ रही तो अपने आपको जागते रहने की चुनौती दें. इस प्रक्रिया को विरोधाभास कहा जाता है. मनोचिकित्सक जूली हिर्स्ट का कहना है अपनी आँखों को खुली रखें और यह बार-बार दोहराते रहो “मैं नहीं सोऊंगा”. ऐसा करने से आपकी आँखों की मांसपेशियां में थकान आ जायेगी. जिससे आपको नींद आने लगेगी.

आपने लोगों को बात करते-2 या बैठे-2 सो जाते हुए देखा होगा। वे लोग ऐसा कैसे कर लेते हैं? शायद इसलिए कि वे नींद लेने के बारे में नहीं सोच रहे होते। बल्कि वे थकान के कारण शरीर को आराम की आवश्यकता की सहज प्रवृति के कारण सो जाते हैं। नींद वास्तव में नींद लेने या सोना एक सहज प्रक्रिया है। लेकिन हम लेटकर सोने का प्रयत्न करके इसे असहज बना लेते हैं।

आपने दिन में क्या किया उन सारी चीजों को उल्टे क्रम में सोचें

आपने पूरे दिन क्या कुछ किया उसे उल्टे क्रम (reverse order) में सोचें. जैसे कि आपने शाम को क्या-क्या किया और फिर उससे पहले दोपहर में क्या किया और फिर सुबह में क्या किया. सैमी मार्गो जो कि मशहूर किताब “The Good Sleep Guide” के लेखक हैं, का कहना है ऐसा करने से आपको मस्तिष्क सोने की स्थिति में आ जायेगा.

कल्पना करें (Just Imagine)

दृश ध्यान (Visualisation meditation) तरीका अच्छी तरह से काम करता है यदि आप अपने तीनों सेंस का प्रयोग करें. सैमी का कहना है कि अगर आपको नींद नहीं आ रही तो यह कल्पना कीजिये कि आप स्वर्ग में, बगीचों में या किश्ती में सवार होकर शांत पानी में घूम रहे हैं. ऐसा करने से आपको जल्दी नींद लाने में मदद मिलेगी.

मुख्य मुद्दा खुद को चीज़ें सिखाने और समझाने का है। कुछ अनुशासनात्मक शारीरिक प्रक्रियाएं बोरियत महसूस करने का जरिया होती हैं जिससे नींद लेने में मदद मिल सकती है।

आरामदायक स्थिति में बैठें

एक आरामदायक स्थिति में बैठ जाएँ, अपनी आंखों को बंद कर लें, अपने कंधों को ढीला छोड़ दें, अपने मुख को धीरे से बंद करके अपने जबड़ों को आरामदायक स्थिति में कर लें. अपने नाक से लंबी सांस लें जितना आपको आरामदायक लगता है, लेकिन यह ध्यान रखें ऐसा करते समय आपकी छाती ना फूले. ऐसा करने से आपको आरामदायक नींद आएगी.

कुछ बिन्दुओं को दबाएँ (Press Here)

हमारे शरीर में कई ऐसे विशेष बिंदु (points) होते हैं जिनको दबाने से हमें नींद आ जाती है. डॉ इद्ज़ीकोवस्की (Idzikowski) का कहना है “अपने अंगूठे को अपनी भौहों (eyebrows) के बीच 20 सेकंड तक रखो और फिर आराम से हटाओ. इस प्रक्रिया को दो-तीन बार करने से आपको नींद आने लगेगी.

अपने ट्रिगर को खोजें (Find your trigger)

असामान्य सी चीजें करें जैसे कि अपनी गाल को थप-थपाना. मशहूर थेरापिस्ट शेरोन का कहना है “ अपना सारा ध्यान उन चीजों पर लगाओ जो आप महसूस कर रहे हो” बार-बार ऐसा करने से आपको नींद लाने में मदद मिलेगी.

सोने की प्रक्रिया को मात्र समय या “रात हो चुकी है” आदि के पैमाने से जोड़ कर न देखें। इसे एक सहज प्रक्रिया मान अपने शरीर और प्रकृति के बीच बिठाने का प्रयत्न करें।

गहरी सांस लें (Take a Breather)

स्वभाविक रूप से श्वास लेने से भी आपको नींद आने लग जाती है. “The NightWave Sleep Assistant” जिसकी कीमत 3,246 रुपए है. यह एक ऐसा उपकरण है जो आपके कमरे में लगता है इसमें से नीली रौशनी निकलती है जिसके साथ आप अपनी साँसों को केन्द्रित करते हैं. इससे आपको 7 मिनट्स के भीतर नींद आ सकती है.

अपनी चिंताओं की सूची बनायें (Make a worry list)

बिस्तर पर अपनी कार्य-सूची (to-do list) के बारे में सोचना अनिद्रा का एक मुख्य कारण है. किसी महत्वपूर्ण कार्य को भूलने का डर आपकी अनिद्रा को बढ़ाता हैं. इसलिए सोने से पहले अपनी उन चिंताओं के बारे में सूची बनाने से भी आपको जल्दी नींद आने लगती है। यह नींद लाने में एक प्रमाणित तरीका है।

नींद लाने वाली मशीन

नींद लाने में मददगार इस मशीन में साउंड थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें विभिन्न तरह के साउंड जैसे बारिश, पानी, आसमानी बिजली की गर्जना, समुंदर का साउंड और नींद लाने में प्रामाणिक रूप से मददगार व्हाइट साउंड भी है। इस मशीन की कीमत लगभग 1800 रुपये है। सुनने में आया है कि यह मशीन काफी कारगर है और नींद लाने के लिए इसे आजमाया जा सकता है। एमाजोन की वैबसाइट पर खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें

नींद आने के मंत्र

जो लोग हिन्दू धर्म में पाए जाने वाली मन्त्र शक्ति पर विश्वास करते हैं वे इस मन्त्र के जाप नींद लाने के लिए कर सकते हैं.

ʹशुद्धे-शुद्धे महायोगिनी महानिद्रे स्वाहा।ʹ

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मौत के बारे में व्याप्त अंधविश्वास!

इंसान की मृत्यु अथवा मौत सदा ही एक अनसुलझी पहेली रही है. कुछ लोग मृत्यु को जीवन का अंत मानते हैं, तो कुछ नए जीवन की शुरुआत. लेकिन सच्चाई यह है कि सभी मौत से डरते हैं. कुछ विद्वान तो मृत्यु को सभी डरों का स्रोत मानते हैं, शायद इसी वजह से मृत्यु के बारे में कई तरह की बातें, डर और अंधविश्वास पैदा हुए हैं. यहाँ प्रस्तुत है, मृत्यु से सम्बंधित कुछ अंधविश्वास और विश्वास जो भारतीय समाज में सर्वाधिक प्रचलित हैं.

आँखें खुली होना

आप ने देखा होगा बहुत सारी फिल्मों में जब लोग मरने की एक्टिंग करते हैं, तो वह आँखें खुली रख कर लोगों को यह दिखाते हैं कि वो मर चुके हैं. असल में यह बात अंधविश्वास ही है. यह ज़रूरी नहीं कि जब व्यक्ति की मौत हो, तो उसकी आँखे खुली ही हों. बात जो भी हो, लेकिन मरे हुए व्यक्ति की आँखें खुली रखना बुरा माना जाता है.

कुत्ते का रोना

भारत के कुछ हिस्सों में कुत्ते के रोने को मौत के संकेत के तौर पर देखा जाता है. माना जाता है कि कुत्ते वह देख पाते हैं, जो मनुष्य नहीं देख पाते, जैसे कि यमदूत. वैसे कुत्ते अक्सर कुछ ख़ास वजह से रोते हैं, जैसे कि दर्द-पीड़ा की स्थिति में अथवा संसर्ग काल में भी बंधे हुए कुते या कुतिया. वैसे माना जाता है कि जानवर छठी इंद्री के द्वारा वह देख सकता है, तो मनुष्य नहीं देख पाते.. फिर भी कभी कुत्ते के रोते हुए स्थान आस-पास किसी की मौत होने से यह अंधविश्वास जुड़ गया होगा.

अंतिम संस्कार के बाद शुद्धिकरण

कई भारतीय गांवों में, किसी व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल व्यक्ति को तब तक अछूत माना जाता है, जब तक वह नहा-धोकर नए वस्त्र नहीं पहन लेता. यहाँ तक कि घर वाले भी उसे छूने में परहेज़ करते हैं. यह प्रथा प्राचीन काल में किसी मृत व्यक्ति की छूत की बीमारी से मौत होने के दुषप्रभाव से बचने के लिए थी, जो आज भी वैसे ही जारी है, भले ही किसी स्वस्थ व्यक्ति की मौत अचानक कोई दुर्घटना में हुई हो.

मृत्यु वाले घर में खाना न बनना

भारत के कई हिस्सों में मृत्यु वाले घरों में कुछ निश्चित दिनों तक खाना नहीं बनता. पड़ोसी अपने-अपने घरों से खाना बना कर लाते हैं और लोगों को खिलाते हैं. ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि अपने प्रियजन की मृत्यु होने पर किसी का मन खाने पीने में नहीं करता, न ही खाना बनाने में. पड़ोसी इसमें मदद करते हैं, जो सामाजिक सदभाव का प्रतीक है.

अपने सांस को रोक कर रखना

एक ओर अंधविश्वास यह भी है कि अगर आप कब्रिस्तान या शमशान के पास से गुज़र रहे हैं, तो आपको उस समय तक अपनी सांस को रोके रखना चाहिए, जब तक कब्रिस्तान गुज़र नहीं जाता. ऐसा समझा जाता है कि कब्रिस्तान के आस-पास मरे हुए लोगों की आत्माएं होती हैं और अगर आप कब्रिस्तान के पास से सांस लेते हुए जाएंगें, तो कोई आत्मा आपके शरीर के अंदर प्रवेश कर जाएगी.

गरज के साथ बारिश

यह माना जाता है कि मरने के बाद लोगों की आत्मा ऊपर जाती है. अगर अंतिम संस्कार वाले दिन बारिश हो रही हो, तो वह इस बात को मृत व्यक्ति की आत्मा के लिए शुभ संकेत नहीं मानते. वहीँ दूसरी ओर कुछ लोग इसे शुभ भी मानते हैं.

दक्षिण दिशा की और पैर करना

लोगों को यह भी अंधविश्वास होता है कि अगर मृत व्यक्ति के शरीर के सर को पूर्व दिशा की तरफ रखकर रखा या जलाया/दफनाया गया, तो मृत व्यक्ति की अच्छी ‘गति’ होती है . अगर मृत व्यक्ति के शरीर के पैरों को पूर्व दिशा में रखकर जलाया/दफनाया जाए, तो यह उसके पुनर्जन्म के लिए अच्छा होता है.

कब्र पर फूल रखना

मृत व्यक्ति की कब्र के ऊपर फूल क्यों रखे जाते हैं ? इस बात पर लोगों के पास कोई तर्क नहीं है. सैंकड़ों साल पहले, जब मृत लोगों के शरीर को कब्र में ना रखकर खुले में रखा जाता था, तो उनके शरीर से आने वाली गंध को रोकने के लिए उनके ऊपर फूल रखे जाते थे, लेकिन आधुनिक युग में शरीर को बक्से में रखा जाता है, जिससे मृत व्यक्ति के शरीर से गंध नहीं आती. लेकिन लोग आज भी अंधविश्वास के कारण कब्र पर फूल रखते हैं.

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अदभुत वैज्ञानिक तथ्य!

यह दुनिया बहुत से रहस्यों और रोचक जानकारियों से भरी पड़ी है, जिन पर यकीन कर पाना मुश्किल होता है. आज हम आपके सामने कुछ ऐसे ही मज़ेदार और हैरान कर देने वाले अदभुत वैज्ञानिक तथ्य लेकर आएं हैं, जो आप अब तक नहीं जानते होंगे.

  1. शुक्र ग्रह पर एक दिन, पृथ्वी के एक वर्ष से भी बड़ा होता है.
  2. टमाटर में मानव से भी अधिक जीन होते हैं.
  3. परजीवी और पौदों के समुदाय एक दुसरे से बातचीत करके अनुवांशिक जानकारी सांझा करते हैं.
  4. दोस्त, आपस में अजनबियों से भी ज़्यादा डीएनए सांझा करते हैं.
  5. आलू में मनुष्य की तुलना से अधिक गुणसूत्र (chromosomes) होते हैं.
  6. चाँद पर आपका वजन पृथ्वी पर वजन की तुलना में सिर्फ 16.5 प्रतिशत होगा.
  7. पृथ्वी का सबसे गहराई वाला हिस्सा 24.5 एम्पायर स्टेट बिल्डिंग जितना गहरा है.
  8. सूरज, चाँद की तुलना में पृथ्वी से 400 गुना ज़्यादा दूरी पर स्थित है.
  9. हमारे पैरों में 2,50,000 से भी ज़्यादा पसीना निकालने वाली ग्रंथियां होती हैं.
  10. मनुष्य, केले के साथ 50 प्रतिशत डीएनऐ सांझा करता है.
  11. यूरेनस ग्रह पर गर्मियां 45 साल लंबी होती हैं.
  12. नेपच्यून पहला ऐसा ग्रह था, जिसके अस्तित्व को गणना के माध्यम से पता लगाया था, ना कि दूरबीन के माध्यम से.
  13. सूरज की रौशनी को धरती तक पहुंचने में सिर्फ 8 मिनट और 20 सेकंड लगते हैं.
  14. ध्वनि तरंगों का इस्तेमाल वस्तुओं को हवा में उड़ाने के लिए भी किया जा सकता है.
  15. वायरस भी दुसरे वायरस के चपेट में आ सकते हैं.
  16. प्लूटो को सूरज का चक्कर लगाने में 248 साल लगते हैं.
  17. अगर आप शनि ग्रह को पानी में डाल देंगे, तो यह नाव की तरह पानी के ऊपर तैरने लगेगा.
  18. चाँद एक साल में पृथ्वी से 1.48 इंच दूर हो जाता है.
  19. 87 प्रतिशत वैज्ञानिक सोचते हैं कि जलवायु परिवर्तन लोगों द्वारा किए जाने वाले कार्य की वजह से होता है, जबकि केवल 50 प्रतिशत लोग ही ऐसा सोचते है.
  20. आप के द्वारा दान किया हुआ शरीर फॉरेंसिक अनुसंधान, चिकित्सा प्रशिक्षण, क्रैश परिक्षण और अंग प्रत्यारोपण के प्रयोगों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

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दुनियाभर में इमारतों पर बनाए गए विशाल और अद्भुत चित्र!

आज हम आपके सामने कुछ ऐसी इमारतों की तस्वीरें लेकर आएं हैं, जिन पर बहुत ही विशाल और अद्भुत चित्र बनाए गए हैं. इन अद्भुत चित्रों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है. इन इमारतों पर की गई चित्रकारी और कलाकृति बहुत ही सुंदर है. आइए देखते हैं दुनियाभर की इमारतों पर बनाए गए विशाल और अद्भुत चित्र!

एलीगेटर, एटलांटा, जॉर्जिया (2011)

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इसीबी, बुसान, दक्षिण कोरिया (2012)

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होनोलुलु, हवाई (2013)

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मालागा, स्पेन (2013)

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मागणीतोगोर्स्क, रूस (2013)

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नियमेयेर, साओ पाउलो, ब्राज़ील (2013)

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अर्य्ज़, रेनस, फ्रांस (2013)

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बोरोस, स्वीडन (2014)

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सेठ, मोंट्रियल (2014)

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कॉलिंस स्ट्रीट, मेलबोर्न (2014)

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ईसीबी, हीर्लेन, द नेदरलैंड्स (2014)

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स्ट्रॉबेरी से मिलने वाले 10 आश्चर्यजनक लाभ!

आप सभी तो जानते ही होंगे कि स्ट्रॉबेरी कितना स्वादिष्ट फल है. लेकिन यह फल स्वादिष्ट होने के साथ-साथ आपके स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है, और यह फल आपके शरीर की अलग-अलग बीमारीयों से लड़ने में सक्षम होता है. आइए जानते हैं स्ट्रॉबेरीज से मिलने वाले 10 फायदे.

स्ट्रॉबेरीज खाने से आपके दांतों में सफेदी आती है

अगर आप अपने दांतों को सफेद और चमकदार बनाना चाहते हो, तो स्ट्रॉबेरीज खाएं, क्योंकि स्ट्रॉबेरीज में विटामिन सी होता है, जो आपके दांतों के बीच जमी फलक को तोड़ देता है. जिससे आपके दांतों में पहले से ज़्यादा सफेदी आ जाती है.

स्ट्रॉबेरीज दिल की बीमारियों को कम करती है

दिल की बीमारी सबसे घातक बीमारी होती है, लेकिन स्ट्रॉबेरीज खाने से दिल की बीमारियां होने का खतरा कम होता है. इसमें पोटेशियम तत्व होता है, जो कि हार्ट अटैक के रिस्‍क को कम करता है. स्ट्रॉबेरीज में एलाजिक एसिड होता है, जो एलडीएल (लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन) को नियंत्रण करता है. एलडीएल (LDL) बुरा कोलेस्ट्रॉल होता है.

स्ट्रॉबेरीज आपकी उम्र बढ़ने की गति को धीमी करती है

हमारी उम्र इसलिए बढ़ती है, क्योंकि हमारे शरीर में कोशिकाओं की उम्र बढ़ती है, लेकिन स्ट्रॉबेरीज खाने से हम इस प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं. स्ट्रॉबेरी एक मज़बूत एंटीओक्सिडेंट होता है, जो आपके शरीर में उम्र बढ़ाने वाले उग्र तत्वों से लड़ता है और उम्र बढ़ने की गति को धीमा करता है.

स्ट्रॉबेरीज आपको मुहांसे की समस्याओं से भी छुटकारा दिलाती है

इसमें विटामिन C और अम्लीय (acidic) होते है, जो त्वचा से अतिरिक्त सीबम (sebum) को हटाने में मदद करते है. स्‍ट्रॉबेरी का रस या फिर स्ट्रॉबेरीज फेस पैक को अपने चेहरे पर केवल आधा घंटा लगाने से आपको मुहांसे और फुंसी जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा.

स्ट्रॉबेरीज से आपके चेहरे पर पड़े हुए हल्के भूरे रंग के धब्बे भी खत्म हो जाते हैं

इस में विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट की अधिकता के कारण चेहरे पर पड़े हुए हल्के भूरे रंग के ध्ब्बे साफ़ हो जाते हैं, तो आपको महंगी-महंगी क्रीमों का इस्तेमाल करने की बजाए स्ट्रॉबेरी का इस्तेमाल करना चाहिए. स्ट्रॉबेरी को नींबू के रस, मलाई, पपीता और मक्खन के साथ मिश्रित कर के चेहरे पर लगाने से आपके चेहरे पर से हल्के भूरे रंग के धब्बे दूर जाएंगें.

स्ट्रॉबेरी खाने से आपका अस्थमा और एलर्जी भी ठीक होगी

अगर आप अपने अस्थमे को रोकने के लिए अलग-अलग तरह की दवाईयां खाकर थक चुके हैं, तो आपको स्ट्रॉबेरी का इस्तेमाल करके देखना चाहिए. स्ट्रॉबेरी में ऐसे कई तत्व होते हैं, जो आपको अस्थमा जैसी बीमारी को ठीक करने में मदद करते हैं और आपकी आँखों में बार-बार आने वाले पानी को भी रोकते हैं.

स्ट्रॉबेरी ब्‍लड शुगर नियंत्रित करती है

एंटीआक्‍सीडेंट और एलेगिक एसिड से भरभूर स्‍ट्रॉबेरीज स्‍टार्चयुक्‍त भोजन के पाचन को धीमा करने में मदद करती हैं. इसलिए स्‍ट्रॉबेरीज स्‍टार्च भोजन के बाद ब्‍लड शुगर को नियंत्रित करने में मददगार साबित होती हैं.

स्ट्रॉबेरी स्वादिष्ट फल होने के साथ-साथ एक कैंसर विरोधी औषधी होती है

स्‍ट्रॉबेरी में फ्लेवोनॉइड, फोलेट, केंफेरॉल और विटामिन सी आदि कैंसर से लड़ने वाले तत्‍व होते हैं, जो कि कैंसर पैदा करने वाले सेल्स का नाश करते हैं. इस में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट भी होता है, जो खतरनाक ट्यूमर को आपके शरीर में फैलने से रोकता है.

स्ट्रॉबेरी आपकी आँखों की दृष्टि के लिए भी बेहतर होती है

इसमें मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट तत्‍व आंखों को मोतियाबिंद से बचाता है. स्ट्रॉबेरी से हमें विटामिन सी मिलता है, जो हमारी आँखों के लिए बहुत अच्छा होता है.

गर्भवती महिलाओं के लिए स्ट्रॉबेरी बहुत फायदेमंद है

स्‍ट्रॉबेरी में फोलेट अच्‍छी मात्रा में मौजूद होते हैं. एक कप कच्चे स्‍ट्रॉबेरी से लगभग 40 gm फोलेट मिलता है। इसीलिए गर्भवती महिलाओं के लिए स्‍ट्रॉबेरी बहुत फायदेमंद होती है. इसमें मौजूद फोलेट तंत्रिका ट्यूब (neural tube) दोषों को रोक सकते हैं.

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ध्यान कैसे लगाएं

ध्यान या मैडिटेशन का लक्ष्य एकाग्रता है और मन की शांति को प्राप्त करना है. मैडिटेशन करने से पहले यह बात अच्छी तरह से समझ लें कि ध्यान करना केवल एक क्रिया नहीं है, जो आपको करनी है. बल्कि यह तो चीज़ों को महसूस करने का विषय है. ध्यान करने के बजाए, हम कहें कि हमें ध्यान देना है.

ध्यान देना है उन चीज़ों, क्रियाओं, बदलावों, घटनाओं की और जो हमारे स्वयं के अंदर और बाहर दोनों तरफ हो रही हैं. जैसे कि हमारे मन-मस्तिष्क में क्या विचार उठते हैं? उनमें से कितने सही हैं कितने गलत. बस हमने विश्लेषण करना है. हमें एक प्लेयर बन कर कुछ करना नहीं है, बल्कि एक दर्शक बन कर सारे घटनाक्रम को रिकॉर्ड करना है.

इसको ऐसे समझें – जब आप एक मूवी देखने जाते हैं, तो आप सारी दिन-दुनिया को कर भूल कर सिर्फ मूवी पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तभी मूवी का पूरा लुत्फ़ उठा पाते हैं. इसके लिए आप अपने मोबाइल को साइलेंट मोड पर डाल देते हैं. ध्यान करते वक्त भी यही तरीका अपनाना है.

खुद के नर्वस सिस्टम को साइलेंट मोड पर डालना है. दिन-दुनिया, काम-काज, रिश्ते-नाते, बिज़नेस, शिक्षा, हेल्थ किसी भी चीज़ के बारे में नहीं सोचना है. सिर्फ अपने शरीर, इन्द्रियों को एक ही काम पर लगाना है, और वो है आत्म-चिंतन और विश्लेषण

इस लेख में हम मैडिटेशन के कुछ आधारभूत बिन्दुओं पर चर्चा करेंगे.

मैडिटेशन करने से पहले की तैयारी

  • एक शांतिपूर्ण वातावरण को चुनें. मैडिटेशन हमेशा एक शांत जगह पर करनी चाहिए. ऐसा करने से आपका ध्यान ज़्यादा से ज़्यादा मैडिटेशन की तरफ ही केंद्रित रहेगा.
  • मैडिटेशन करने से पहले हमेशा आरामदायक कपड़े पहनने चाहिए.
  • पहले से यह निर्णय कर लें कि आप कितने समय तक मैडिटेशन करना चाहते हैं. अगर संभव हो, तो हर दिन एक नियत समय पर मैडिटेशन करने की आदत बना लें.
  • मैडिटेशन एक जगह पर बैठ कर ध्यान लगाने की प्रक्रिया है, तो ऐसा करने से पहले आपको थोड़ी स्ट्रेचिंग कर लेनी चाहिए.
  • स्ट्रेचिंग करने के बाद एक आरामदायक स्थिति में बैठ जाएँ.
  • आरामदायक स्थिति के बाद आप अपनी आँखें बंद कर लें. वैसे आप अपनी आँखें खुली रखकर भी मैडिटेशन कर सकते हैं.

मैडिटेशन करने की प्रचलित तकनीकें

  • मैडिटेशन की तकनीकों में सबसे प्रचलित तकनीक श्वसन की तकनीक है. इस तकनीक में आपको नाभि के ऊपर किसी बिंदु को चुनकर उस पर अपने मन को केंद्रित करना है. सांस को अंदर और बाहर की ओर खींचने और छोड़ने के दौरान पेट के उठने और गिरने के क्रम और सांस लेने और छोड़ने के क्रम पर भी ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। अगर सांस पर ध्यान लगा रहे हैं, तो सिर्फ और सिर्फ अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कीजिए. केवल यह देखिए कि सांस कैसे आ और जा रही है.
  • इस मैडिटेशन की तकनीक में आपको एक ही चीज़ पर ज़्यादा से ज़्यादा एकाग्रचित होना होता है. यह तकनीक नौसिखियों के लिए एक बेहतर तकनीक है.
  • मैडिटेशन करके मंत्र दोहराना मैडिटेशन की एक प्रचलित तकनीक है. अपने आप को शांत रख कर और आँखें बंद कर कर अपने प्रिय मंत्र, श्लोक या देवी-देवता का ध्यान करते हुए मंत्र दोहरा सकते हैं. हिंदु धर्म को मानने वाले अधिकतर संस्कृत के मंत्र को दोहराते हैं जैसे कि “ॐ”, “सत, चित्त, आनन्द” मंत्र.
  • एक साधारण सी सम्मुख वस्तु पर ध्यान केन्द्रित करना भी मैडिटेशन की एक तकनीक है. जिसमें आप अपना ध्यान आँखें खुली रख कर किसी विषयवस्तु पर टिका लेते हैं. उदाहरण के लिए सामने दीवार पर पेंसिल से एक बिंदु बना कर उस पर ध्यान टिकाना. यह तकनीक सुनने में आपको आसान लग सकती है, लेकिन अपना ध्यान किसी विषय वस्तु पर टिकाना एक बहुत ही मुश्किल काम होता है.
  • मैडिटेशन की तकनीक में अन्त: दर्शन की तकनीक बहुत ही प्रचलित है, क्योंकि इसमें आप आँखें बंद कर के किसी शांत और सुंदर जगह की कल्पना करते हैं. यह तकनीक आपको चिंता मुक्त करने में बहुत फायदेमंद होती है.
  • आत्म-काया या शरीर के निरीक्षण की तकनीक में आप अपने शरीर के हर हिस्से पर अपना ध्यान थोड़े समय के लिए केंद्रित करते हैं. इस तकनीक में लेटकर आप अपनी आँखें बंद कर के अपने शरीर के अलग- अलग हिस्सों पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं. ऐसा करने से आपका मन शांत अवस्था में पहुंच जाता है.
  • ह्रदय-चक्र पर ध्यान केंद्रित करना: ह्रदय-चक्र शरीर के भीतर स्थित सात चक्रों या ऊर्जा-केन्द्रों से एक है। ह्रदय-चक्र छाती के बीचोंबीच स्थित है और प्रेम, करुणा, शांति और सदभाव से जुड़ा हुआ है।

रोजमर्रा के जीवन पर ध्यान

  • रोजमर्रा की जिंदगी में मानसिक पूर्णता का अभ्यास कीजिए.
  • एक अच्छी जीवनशैली अपनाएं. इसलिए अच्छा भोजन करें, रोज व्यायाम करें और पूरी नींद लें और आपको मैडिटेशन करने से पहले टेलीविजन नहीं देखना चाहिए. शराब और सिगरेट जैसे नशों का सेवन न करें. नशा आपके मन को विचलित करता है.
  • अध्यात्मिक किताबें पढ़ें.
  • ध्यान (Meditation) लगाना सीखने के लिए आप किसी पेशेवर व्यक्ति से मदद ले सकते हैं.
  • प्रत्येक दिन एक ही समय पर मैडिटेशन करने की आदत बना लें.
  • यह बात को अच्छी तरह से समझ लो कि मैडिटेशन एक तरह की यात्रा है, जो आपको उच्च अध्यात्मिक आयाम तक पहुंचने में मदद करती है.

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शीर्ष 6 खाद्य पदार्थ, जो आपके चेहरे पर निखार लाते हैं

निम्नतम दिए खाद्य पदार्थ आपकी त्वचा के लिए बहुत अच्छा विकल्प हैं. यह खाद्य पदार्थ आपके चेहरे की त्वचा को जवान बनाएं रखने में मदद करते हैं. इसलिए नियमित इन खाद्य पदार्थों को खाकर या अपने चेहरे पर लगाकर आप अपनी त्वचा को जवान बनाएं रख सकते हैं. यह हैं छह खाद्य पदार्थ, जो आपकी त्वचा पर निखार लेकर आने में मदद करते हैं.

जैतून का तेल (Olive Oil)

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जैतून के तेल में विटामिन ई, फिनोल, विटामिन ए आदि समृद्ध गुण पाए जाते हैं. इसके अलावा इसमें एंटी ऑक्सीडेंट के गुण भी मौजूद होते हैं, जो हमारी त्वचा की बाहरी संक्रमण से रक्षा करते हैं. आप जैतून के तेल को विषयानुसार अपने चेहरे पर लगा सकते हैं, जिससे आपकी त्वचा में अच्छा निखार आएगा.

डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate)

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डार्क चॉकलेट एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो आपकी त्वचा पर दिखने वाले बढ़ती उम्र के लक्षणों और झुर्रियों को कम करती है. इससे आपकी त्वचा जवान नज़र आती है. इसी कारण आजकल चॉकलेट बाथ, चॉकलेट फेशि‍यल, चॉकलेट पैक और चॉकलेट वैक्स का इस्तेमाल भी होने लगा है.

कस्तूरी (Oysters)

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कस्तूरी में बहुत सारे पोषक तत्व और मिनरल्स मौजूद होते हैं, इसीलिए इसे खाने से आपकी चेहरे की त्वचा शानदार बनती है. इसमें कैल्शियम, सेलेनियम, प्रोटीन, आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्व होते हैं. यह शरीर को कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बचाने और इंफेक्शन होने से भी बचाता है.

कीवी फल (Kiwi)

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कीवी में रेशों, पोटेशियम, फोलिक एसिड, विटमिन सी और ई, एंटीऑक्‍सीडेंट के अलावा तमाम खनिज लवण होते हैं. कीवी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी व्यक्ति के चेहरे में निखार लाने में मददगार होते हैं. कीवी धूप के असर से त्वचा को बचाए रखता है. यह आपकी त्वचा को जवान और झुर्रियों से मुक्त रखता है.

कद्दू (Pumpkin)

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कद्दू में पाए जाने वाले बीटा-कैरोटीन, विटामिन A, E और C, आपकी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं और आपके चेहरे से झुर्रियों को दूर करते हैं. कद्दू में जीआ स्कैनटिन नामक एंटीऑक्सिडेंट पाया जाता है. यह अल्ट्रा वायलेट किरणों से होने वाले नुकसान से बचाता है. इससे त्वचा के नए सेल्स बनने लगते हैं.

रेड वाइन (Red Wine)

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रेड वाइन आपके चेहरे पर निखार लेकर आती है और चेहरे की झुर्रियों को भी दूर करने में मददगार है. इसमें विटामिन बी, आयरन, मैग्निशियम के अलावा और भी बहुत से ज़रूरी तत्व शामिल होते हैं. हफ्ते में एक बार सीमित मात्रा में इसका सेवन करने से फायदा मिलता है. अगर इसे त्वचा पर लगाया जाए, तो ये त्वचा पर मौजूद डेड स्किन को हटाता है और आपकी त्वचा को कोमल और नरम बनाता हैं. इसीलिए आजकल रेड वाइन सैलून में भी काफी प्रयोग की जा रही है.

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कम वसा वाले 10 भोजन

शरीर का वजन भोजन से प्राप्त होने वाली कैलोरी और वसा की मात्रा पर निर्भर करता है। यदि खाने में कम कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों को शामिल कर लिया जाए, तो वजन से बड़ी आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कम वसा वाले 10 भोजनों के बारे में.

काली मिर्च (Black pepper)

काली मिर्च थोड़ी बेस्वाद ज़रूर होती है, लेकिन यह औषधीय गुणों से भरपूर होती है. काली मिर्च में केल्शियम ,आयरन, फास्फोरस, कैरोटिन, थाईमन, फाइट्रोन्यूट्रीयस जैसे पोष्टिक तत्व होते है. इसमें से फाइट्रोन्यूट्रीयस नामक तत्व अतिरिक्त चर्बी को काटता है. काली मिर्च में कैलोरी ना के बराबर होती है. टीस्‍पून काली मिर्च के अंदर केवल 8 कैलोरीज़़ होती हैं. इसलिए काली मिर्च के सेवन से मोटापा कम होता है. काली मिर्च वजन घटाने में लाभदायक तो है, मगर इसके ज्‍यादा सेवन से पेट में जलन भी हो सकती है, इसीलिए केवल एक सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करें.

कैसे करें इस्तेमाल-

  • काली मिर्च को पान के पत्ते में डालकर चबाकर खाने से वजन घटता है.
  • काली मिर्च पाउडर को नींबू पानी में मिलाकर पी सकते हैं.
  • अदरक, नींबू, शहद, तुलसी, दालचीनी वाली चाय बनाएं। फिर उसमें आधा या 1 टीस्‍पून ताज़ी कुटी हुई काली मिर्च डाल लें और इसे ब्रेकफास्‍ट करने से पहले पिएं.
  • आप सुबह उठने के बाद एक या दो काली मिर्च को चबाकर पानी पी सकते हैं.

ग्रीन टी (Green Tea)

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कई अध्ययनों में पाया गया है कि ग्रीन टी आपकी पेट की चर्बी को कम करने में मदद करती है. इस में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी अधिक होता है, जो शरीर से विषैले प्रदार्थ नष्ट करता है, जिससे बॉडी के इम्युनिटी सिस्टम को ताकत मिलती है और शरीर की बिमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक शमता बढ़ती है और हम पेट की बिमारियों से बचे रहते है, पाचन क्रिया दरुस्त होती है, जो मोटापा कम करने में मदद करता है. ग्रीन टी में कैफीन की मात्रा कॉफी से अधिक होती है, इसीलिए इसे सही मात्रा में और सही समय ही पीना चाहिए.

ग्रीन टी का सही समय-

  • सुबह खाली पेट, रात को सोने से पहले और खाना खाने के बाद एक कप ग्रीन टी पीएं, तो वजन जल्दी कम होता है.
  • मोटापा कम करने के लिए ग्रीन टी दिन में 3 से 4 कप पी सकते हैं.

तरबूज

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तरबूज एक ऐसा फल है, जिसमें बहुत पानी होता है और इसमें कैलोरी भी कम होती है. आपको जान कर हैरानी होगी कि 100 ग्राम तरबूज में बस 30 कैलोरीज़ ही होती हैं और इसमें 0 प्रतिशत फैट पाया जाता है. इसमें 92 प्रतिशत पानी होता है, इसीलिए तरबूज खाने के बाद आपका पेट काफी भर जाता है, जिसके बाद आप खाने की कम मात्रा ही ग्रहण कर पाते हैं और आपका वजन कम होने लगता है। डेली मेल में प्रकाशित एक खबर के अनुसार इससे रक्त वाहिकाओं के भीतर चर्बी नहीं जमती. शोधकर्ताओं का मानना है कि तरबूज के पोषक तत्वों का राज उसके रस में पाए जाने वाले स्रिटूलाइन रसायन में छुपा है.

तरबूज खाने का सही समय- हमेशा लिमिट में ही तरबूज का सेवन करें, क्‍योंकि ज़रूरत से ज़्यादा तरबूज खाना नुकसानदेह भी हो सकता है।

  • तरबूज खाने का सही समय है, दोपहर 12 से 1 बजे के बीच.
  • प्रति दिन आपको केवल 150 किलो कैलोरीज़ ही तरबूज के जरिए लेनी चाहिए।
  • तरबूज में 92 प्रतिशत तक पानी होता है, इसलिए आप अपने पानी का सेवन कम कर सकते हैं.

नाशपाती और सेब

Pears-and-applesसेब – मोटापा कम करने के लिए सेब के छिल्के में जादुई गुण होते हैं. सेब में हाई-डायट्री फाइबर फीटोस्ट्रॉल, फ्लेवेनॉयड्स, बीटा कैरोटीन औ पेक्टिन आदि तत्व मौजूद होते हैं, जो तेज़ी से वजन कम करने में सहायक होते हैं. एक मीडियम साइज़ के सेब में करीब 50 कैलोरीज़ होती है और इसमें फैट और सोडियम बिलकुल भी नहीं होता है.

नाशपाती – नाशपाती में फाइबर और पानी की मात्रा भरपूर होती है, जिससे भूख कम लगती है. यह पाचन क्रिया में भी सहायक है. यह आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने के अलावा आपके कोरोनोरी हार्ट डिसीजेज और टाइप 2 डायबिटीज होने के खतरे को भी कम कर देती है.

अंडे

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एक अंडे में 75 कैलोरी और 7 ग्राम प्रोटीन होने के साथ-साथ बहुत से पोषक तत्व होते हैं. एक अंडे में इतना कोलेस्ट्रोल होता है, जो आपके पूरे दिन के लिए काफी होता है. अंडे में बहुत कम वसा होती है. उबले अंडे को यदि ब्रेकफास्‍ट में खाया जाए, तो यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है. दरअसल अंडा मेटाबॉलिज्म और फैट गलाने की प्रक्रिया को तेज़ कर देता है.

इस बात का रखें ख्याल –

  • ऑमलेट बनाकर या स्क्रैब्लड रूप में अंडा कभी भी न खाएं, क्योंकि इनसे आपका वजन कम नहीं होगा. उबला हुआ अंडा ही वजन घटाने की प्रक्रिया में सहायता करता है.
  • अंडे की जर्दी का रोज़ सेवन न करें.
  • अगर आप मोटापा घटाने के लिए रोज़ अंडे का सेवन करने की सोच रहे हैं, तो अपनी डाइट का बैलेंस रखें और रोज़ाना 15 मिनट की एक्‍सरसाइज भी करें.

कॉफी

coffee
कॉफी में कैफीन होता है, जो कि शरीर में ऑक्सीटोसिन हार्मोन का उत्सर्जन बढ़ा देता है. इससे फैट जल्दी बर्न होता है और मोटापे पर भी असर देखने को मिलता है. 1 दिन में कैफीन की 400 मिलीग्राम खुराक से ऊर्जा ज़्यादा मिलती है. यह शरीर की मांसपेशियों में जमे फैट को अधिक आसानी से निकालने में मदद करती है.

सलाद

saladसलाद में कैलोरी कम होती है और पानी ज़्यादा होता है, हरी पत्तेदार सब्जियों में पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होने के साथ-साथ फाइबर भी पर्याप्त मात्रा में होता है, जो मोटा होने से बचाता है. इसलिए अपने सलाद में हरी और पत्तेदार सब्जियां ज़रूर शामिल करें.

अखरोट

walnutअखरोट या मेवा, भूख पर अंकुश लगाने के लिए एक बेहतर विकल्प है. अखरोट में ओमेगा-3 लिनोलेनिक एसिड मौजूद होता है, जो कि वजन घटाने में अहम भूमिका निभाता है. इसमें प्रोटीन और कैलोरी भी बहुत ज़्यादा होती है. साथ ही अखरोट में अच्छी मात्रा में पोलीफीनोल और फायटोकेमिकल्स होते हैं, जिनमें एंटी-आक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं, जिसकी वजह से अखरोट ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर आदि से बचाता है.

पॉपकॉर्न

Popcornपॉपकॉर्न में ना तो कैलोरी होती है और ना ही वसा. इन्हें खाने से थोड़े समय की भूख खत्म हो जाएगी.

मछली

fishमछली सबसे अच्छे प्रोटीन के स्रोतों में से एक है. मछली में लो फैट होता है, जिससे मोटापा नहीं बढ़ता है. तैलीय मछली में साल्मन, मकरेल, ट्यूना प्रोटीन आदि पोषक तत्व होते हैं और यह चयापचय को बढ़ाती हैं। इसमें वसीय एसिड (ओमेगा 3 एसिड) अधिक होते हैं, जो आपके पेट की चर्बी को जला देते हैं.

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