दुनिया की सबसे लंबी गॉटहार्ड बेस सुरंग के बारे में कुछ रोचक तथ्य

दुनिया की सबसे लंबी गॉटहार्ड बेस सुरंग के बारे में कुछ रोचक तथ्य

  1. गॉटहार्ड बेस सुरंग दुनिया की सबसे लंबीरेलवे सुरंग है, और इसकी लंबाई 57 किलोमीटर है।
  2. गॉटहार्ड बेस सुरंग की कुल लम्बाई 09 किलोमीटर है जबकि दूसरी अन्य सुरंगों एवं रास्तों को मिलकर इस रूट की कुल लम्बाई 151.84 किलोमीटर है l
  3. गॉटहार्ड बेस सुरंग को दो भागों में बाँटा गया है l
  4. ‘गोटहार्ड बेस सुरंग’ रेल टनल स्विट्जरलैंड के यूरी के सेंट्रल कैंटन के अर्स्टफेल्ड से शुरू होकर सदर्न टिसिनो कैंटन के बोडियो तक जाता है।
  5. इस सुरंग को बनाने की लागत 74 अरब है l
  6. इस टनल का काम पूर्ण करने में 17 साल लगे है l
  7. 11 दिसंबर 2016 को इस टनल को सावर्जनिक उपयोग के लिए खोल दिया गया हैl
  8. यह उरी एवं टिसिनो को जोड़ने वाली तीसरी सुरंग है l
  9. देश की सबसे लंबी रेलवे सुरंग ‘पीर पंजाल’ हिमालय की रेंज में जम्मू-कश्मीर में बनी है।
  10. इस ट्रैक पर ट्रेन अधिकतम250 किमी/घंटे की स्पीड तक दौड़ सकेंगी l
  11. इसका मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र में परिवहन सुविधा को और बेहतर बनाना है।
  12. इस टनल निर्माण के दौरान 9 वर्कर्स की मौत हो गई थी।
  13. इसके निर्माण के समय इंजीनियर्स ने लगभग 73 तरह के पत्थरों को ब्लास्ट किया था।
  14. इसे बनाने के लिए पहली डिजाइन साल 1947 में पहली बार स्विस इंजीनियर कार्ल एडवर्ड ग्रूनर ने बनाई थी।
  15. इसे बनाने के लिए लोगों ने लगातार 17 साल तक काम (125 मजदूरों ने 43800 घंटें) किया था।
  16. इस ट्रेन टनल की पहली यात्रा के लिए 1,30,000 लोग तैयार थे , लेकिन इसमें सफर करने वाले 500 लोगों का चुनाव लॉटरी से किया गया था ।
  17. इस नाभिकीय रेल परियोजना हेतु धन जुटाने के लिए वैल्यू, एडेड, ईंधन टैक्स, भारी वाहनों पर रोड चार्ज और पिछले एक दशक में राज्य दवारा दिए  गए  बकाया लोने का इस्तेमाल किया गया था।
  18. गॉटहार्ड बेस सुरंग आल्प-ट्रांजिट प्रोजेक्ट का भाग है जिसे न्यू रेलवे लिंक थ्रू आल्प्स के नाम से भी जाना जाता है।

दिमाग से संबधित कुछ अनोखे रहस्य

दिमाग से संबधित कुछ अनोखे रहस्य

  • ब्रेन के तीन भाग होते हैं।
  1. (अग्र मस्तिष्क) fore brain
  2. (मध्य मस्तिष्क) mid brain
  3. (मस्तिष्क में बाधा) hind brain
  • लगातार 90 मिनट तक पसीने से तर -बतर रहने से दिमाग सिकुड़ जाता है।
  • दिमाग में हर सेकंड 1 लाख से ज्यादा केमिकल रिएक्शन होती है और इन्ही केमिकल के हिसाब से हमारा दिमाग काम करता है।
  • पुरुषों का दिमाग महिलाओं से 10 % बड़ा होता है।
  • साइंटिस्ट आइंस्टीन का दिमाग सामान्य इंसान के दिमाग की तुलना में 10 % छोटा था परन्तु उनके दिमाग में न्यूरॉन डेन्सिटी सामान्य दिमाग से ज्यादा थी।
  • Sperm whale का दिमाग सबसे बड़ा होता है
  • दिमाग सोते समय भी काम करता है।
  • दिमाग को कभी दर्द नहीं हो सकता क्यूंकि दिमाग में pain receptors नहीं होते।
  • ज्यादा मोबाइल फ़ोन उपयोग करने वाले लोगों में ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ जाता है।
  • जब आप कुछ नया याद करते हो तो आपके दिमाग का ढांचा बदल जाता है।
  • ब्रेन पावर law of attraction पर काम करती है। हमारे ब्रेन में इतने रक्त वाहिकाएं होते हैं कि हम पृथ्वी को चार बार लपेट सकते हैं।
  • एक सामान्य व्यक्ति के दिमाग में हर दिन में लगभग 60 ,000 विचार आते हैं।
  • हमारा दिमाग हमारे शरीर का 2 % है परन्तु यह कुल ऑक्सीजन का 20 % ऑक्सीजन उपयोग करता है और खून भी 20 % उपयोग करता है ।
  • हमारे दिमाग को 5 से 10 मिनट ऑक्सीजन न मिले तो हमारा दिमाग क्षतिग्रस्त हो सकता है।
  • हमारा दिमाग 75 % पानी से बना है।
  • हमारा दिमाग 5 साल की उम्र में 95 % विकसित हो जाता है और 18 साल तक पहुँचते 100 % विकसित हो जाता है।
  • जब इन्सान जगता है तो उसका दिमाग 10 से 23 वाटस की पावर जेनरेट करता है जो एक लाइट बल्ब को जलने के लिए बहुत है।
  • हमारा ब्रेन 90 mins से लेकर 1:30 hrs तक एकाग्रित हो सकता है। इसके बाद आपकी एकाग्रता (concentration) टूट जाती है।
  • अगर आप अपने आप को गुदगुदी करें तो आप नहीं हँसते क्यूँकि आपके ब्रेन का एक हिस्सा सेरिबैलम बता देता है की वह आप खुद है।
  • जब आप किसी से बात कर रहे होते हैं तो आपका ब्रेन आपको बता देता है कि सामने वाला आपको सुन रहा है या ignore कर रहा है।
  • क्या आपको पता है कि हमारे दिमाग में जितनी संख्या में न्यूरॉन्स है ,उतनी संख्या में तारे है मतलब 100 अरब।
  • हमारे दिमाग में एक “Midbrain Dopamine System” होता है ,जो घटनाओं के बारे में ब्रेन को संकेत भेजता है। हो सकता है कि हम इसे ही भविष्य का पूर्वानुमान कहते है। शायद इसी लिए कुछ लोग भविष्यवाणी कर पाते है।
  • दिमाग शराब पीने के लगभग 8 -10 मिनट के अंदर ही सक्रिय हो जाता है और हमें नशा होने लगता है।
  • एक स्वस्थ पूर्ण विकसित दिमाग कंप्यूटर से 30,000 गुना तेजी से काम कर सकता है। जिसे सुपर पावर कह सकते हैं।

ये कुछ ऐसे तथ्य हैं जो इंसान को हैरान कर देते हैं कि उसका दिमाग कितना तेज़ है।

ये हैं दुनियां की सबसे खतरनाक जगहें, यहां से कोई लौट कर नहीं आता!!

हमारी पृथ्वी एक सुरक्षित स्थान की तरह प्रतीत होती है। बहुत सारी ऐसी जगहें हैं जिन्हें स्वर्ग के रूप में जाना है। वहीँ कुछ ऐसी जगहें भी हैं जिन्हें नरक का द्वार कहा जाता है। दुनिया भर में बहुत से खतरनाक स्थान जहां जाने का मतलब मौत से खेलना है। हालांकि बहुत से साहसी या यूं कहें कि दु:साहसी लोग फिर भी ऐसी जगह जाने से बाज नहीं आते है।

आज हम आपको कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जो बहुत ही खतरनाक हैं और जहां जाना घोषित या अघोषित रूप से वर्जित है।

स्नेक आइलैंड, ब्राजील

इलहा डी क्विमाडा ग्रांड का निक नाम का एक स्नेक आइलैंड है। यह ब्राजील के साओ पालो द्वीप के तट पर स्थित है। यहाँ पर सांपो की संख्या इतनी अधिक है कि हर एक वर्ग मीटर में पांच रहते है। यह द्वीप ग्रह का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां घातक गोल्डन लांसहेड वाइपर पाया जाता हैं। इसका जहर इतना खतरनाक होता है  कि यह मानव मांस को पिघला सकता है। इन सांपों की गिनती विश्व के सबसे जहरीले सांपो में होती है। ब्राजील की नौसेना ने यहां लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।

बोस्टन स्ट्रिड इंग्लैंड

इंग्लैंड में बहने वाली व्हार्फ नदी (बोस्टन स्ट्रिड) को बेहद ही खतरनाक माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि आज तक जो भी इस नदी में गया, वह जिंदा बाहर नहीं लौट सका और ना ही कभी उसकी लाश मिलती है। बेहद ही खूबसूरत दिखने वाली ये नदी बोल्टन अब्बे क्षेत्र में महज 6 फीट चौड़ी है, लेकिन इसकी गहराई बहुत ही ज्यादा है। साथ ही पथरीले रास्तों से गुजरने के कारण इसका बहाव भी काफी तेज है। ऐसे में कोई शख्स जैसे ही नदी में जाता है, वह तेज धार के कारण बह जाता है। दरअसल, पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से बोल्टन अब्बे में नदी को तंग रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिसकी वजह से इसकी रफ्तार बढ़ जाती है। इसके तेज बहाव के कारण पहाड़ भी काफी नुकीले हो गए हैं। ऐसे में कोई शख्स जैसे ही बोल्टन अब्बे एरिया में इस नदी के अंदर जाने की कोशिश करता है, वह तेज धार की वजह से नुकीले पहाड़ों से टकराकर खाई में समा जाता है।

करीवेरकन मैल्स्ट्रोम स्कॉटलैंड

कोरिवरेकेरन  मुख्य भूमि स्कॉटलैंड के पश्चिमी तट से बाहर, अरगिल और बुटे में जुरा और स्कार्बा के द्वीपों के बीच एक संकीर्ण जलसंधि है। यह अपनी मजबूत ज्वारीय धाराओं और खड़ी तरंगों के लिए प्रसिद्ध है। ज्वार की सही अवस्था में बनने वाला भँवर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा भँवर है। स्कॉटलैंड में मौजूद ये भंवर वाकई में खतरे का प्रतीक हैं। स्कॉटलैंड के पश्चिमी तटों पर मौजूद इस भंवर को स्ट्रेट ऑफ़ कोरिवरेकेरन (Strait of Corryvreckan) भी कहा जाता हैं। इनमें फंसने वाला साढ़े छह सौ फीट की गहराई में गुम हो जाता है।

डोर टू हेल तुर्कमेनिस्तान

डोर टू हेल यानी “नरक का दरवाजा” जो कि तुर्कमेनिस्तान के दरवेज गांव में स्थित है। 1971 में पूर्व सोवियत संघ के वैज्ञानिक इस डेजर्ट एरिया में आयल और गैस कि खोज करने के लिए आए थे। उन्होंने दरवेज गांव के पास स्थित इस जगह को ड्रिलिंग के लिए चुना । उन्होंने यहां सेटअप लगाकर ड्रिलिंग शुरू की जिससे यहां एक क्रेटर (गड्ढा) बन गया। इस क्रेटर से बहुत ज्यादा मात्रा में मीथेन गैस निकलने लगी। मीथेन गैस को बाहर निकलने से रोकने के दो विकल्प थे या तो इस क्रेटर को बंद कर दिया जाए या फिर इस मीथेन गैस को जला दिया जाए। वैज्ञानिकों ने दूसरा तरीका अपनाया और क्रेटर में आग लगा दी तब से लेकर आज तक ये क्रेटर जलता रहता है।

कावा ईजेन सल्फर माइंस इंडोनेशिया

इंडोनेशिया में स्थित आज भी एक जाग्रत ज्वालामुखी है। जंहा पर गंधक की खदाने हैं। इन खादानों में काम करने वाले लोग इसे ‘डेविल्स गोल्ड’ कहते हैं। इसकी वजह से यहां के लोगों का रोजगार चलता है। जो लोग इन खदानों में काम करते हैं वे जान हथेली पर लेकर बिना किसी सुरक्षा के करीब डेढ़ किलोमीटर तक इस साढ़े छह सौ फुट गहरी खदान में उतरते हैं। इसे (गंधक) हासिल करने के लिए लोगों को भारी कीमत चुकानी पड़ती है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह

1 मार्च से 8 मार्च 2020 को महिला दिवस के सप्ताह  के रूप में मनाया जा रहा हैं। यह सप्ताह समारोह ,शिक्षा ,जागरूकता और लिंग मुद्दों पर आधारित है।  आज के आधुनिक युग में जहाँ महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कधां मिलाकर चल रही है, वहीँ पुरुषों की सोच भी  महिलाओं के प्रति बदल रही है। अब महिलाएं घर तक सिमित नहीं रही बल्कि प्लेन ,ट्रैन, कारों तक को चला रही है। अंतराष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह में अलग अगल क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु महिलाओं को सम्मानित किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को प्रतिवर्ष पूरे इतिहास और राष्ट्रों में महिलाओं की उपलब्धिओं का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया जाता है। महिला दिवस को महिला अधिकारों और अंतर्राष्ट्रीय शान्ति के लिए सयुंक्त राष्ट्र (यू एन ) दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

अलग अलग देशों में इस दिन को विभिन्न तरीकों से आयोजित किया जाता है। कुछ देशों में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को सर्वाजनिक छुट्टी होती है। कई देशों में कई व्यवसाय ,सरकारी कार्यलय शैक्षणिक संस्थान बंद रहते है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2020 के लिए थीम (पीढ़ी समानता)

इस साल इंटरनेशनल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का थीम पीढ़ी समानता हैं। 2020 दुनियाभर में लैंगिंक समानता को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष है। इस इंटरनेट के ज़माने में महिलाओं को नई जानकारीयां, उनके अधिकारों के बारे में पता चल रहा हैं। अब महिलाओं को भी हर ज्ञान घर बैठ कर मिल रहा है। आज महिला और पुरुष एक समान है और साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसलिए अब कोई छोटा या बड़ा नहीं रहा है। 2020 का वर्ष एक नई सोच का वर्ष है जिसमें सबकी तरकी सबका विकास साथ मिलकर होगा।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के लिए रंग

बैंगनी रंग को अंतर्राष्ट्रीय रंग के रूप में महिलाओं के प्रतीक के रूप में मान्यता प्राप्त  है। जबकि हरे, बैंगनी और सफेद रंगो का संगम महिलाओं की समानता का प्रतिनिधित्व करने के लिए है। कुछ लोग बैंगनी रिबन पहनकर इस दिन का जश्न मनाते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह का महत्व

इस दिन को मनाने का मुख्य उदेश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना था। ताकि वे अपने  अधिकारों के लिए आवाज उठाये। यह दिन महिलाओं के प्रति सम्मान , प्रशंसा और प्यार प्रकट करते हुए शैक्षणिक आर्थिक ,राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उपलक्ष में उत्सव के तौर पर मनाया जाता है। पूरी दुनिया में महिलाओं से संबधित विषयों पर चर्चा की जाती है समाधान खोजे जाते है और संकल्प लिए जाते हैं ।

अंतर्राष्ट्राय महिला दिवस महिला जागरूकता सशक्तिकरण का आयोजन है। जागरूकता और जानकारी महिला और पुरुषों में भेदभाव मिटाने के सबसे बड़े हथियार हैं।

1857 में न्यूर्याक शहर में पोशाक बनाने वाले एक कारखाने में काम करने वाली महिलाओं ने अपने समान अधिकारों , काम करने की अवधि में कमी , कार्य अवस्था  में सुधार की मांग करते हुए जुलुस निकालकर सड़कों पर उतर आई थी।

सन 1910 में महिलाओं की समस्याओं के समाधान हेतु बीजिंग में एक विश्व सभा बुलाई गई  थी।  उसी दिन की स्मृति में 8 मार्च को महिला दिवस मनाया जाता है।

शिक्षा पाकर लड़कियां आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेगीं तो आर्थिक आजादी के साथ ही समानता की भावना भी पनपेगी। समय के साथ साथ महिलाओं की स्थिति भी पहले से अच्छी हुई  है। अब महिलाएं अपनी पेशेवर जिंदगी (सामाजिक ,आर्थिक ,राजनीतिक ) को लेकर अधिक जागरूक हैं। अब महिलाएं पुरुषों से आगे निकल रही है।  भारत की नारी भी अब अपने पुरुष मित्रों के साथ काम करते हुए आगे बढ़ रही है और दुनिया में अपनी पहचान बना रही है।  दुनिया की बहुत सी महिलाएं है जो कई कंपनियों, हॉस्पिटलों और होटलों को चला रही है और दुनियां की अमीर महिलाओं में  भी उनका नाम शामिल है। उदाहरण के लिए फ्रांस्वा बेटनकोट ,एलिस वॉल्ट्न जैकलीन मार्स ,सुषैन क्लैटन यांग हुइयाआन जो सबसे अमीर महिलाओं मे गिनी जाती है। 8 मार्च को ऐसी ही महिलाओं को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने इस दुनिया में अपने कामों से अपनी एक अलग पहचान बनाई हो।

फूलों के बारे में कुछ मजेदार तथ्य

फूलों के बारे में कुछ मजेदार तथ्य

  1. 1600 के दशक में हॉलैंड में सोने की तुलना में ट्यूलिप बल्ब अधिक मूल्यवान थे।
  2. टाइटन अरुम दुनिया का सबसे बड़ा फूल है; उनके विशाल फूलों की परिधि तीन मीटर से अधिक हो सकती है और वे एक छोटे पेड़ के आकार तक बढ़ने में सक्षम एकल पत्ती के साथ तीन मीटर ऊंचे होते हैं। सड़े हुए मांस की अपनी भयानक गंध के कारण, इसे लाश के फूल के रूप में भी जाना जाता है।

  1. कमल के फूल को प्राचीन मिस्रियों द्वारा एक पवित्र फूल माना जाता था और धार्मिक संस्कार में उपयोग किया जाता था। यह फूल आर्द्रभूमि को नम करता है, लेकिन सूखे के समय वर्षों तक निष्क्रिय रहता है, केवल पानी की वापसी के साथ फिर से उगता है। मिस्र के लोग इसे पुनरुत्थान और अनन्त जीवन के प्रतीक के रूप मानते है।

  2. गुलाब सेब, रसभरी, चेरी, आड़ू, प्लम, अमृत, नाशपाती और बादाम से संबंधित हैं। गुलाब की कुछ प्रजातियों के गुलाब कूल्हों (गुलाब की बेरी जैसी फलों की संरचना) विटामिन सी के सबसे समृद्ध स्रोत में से हैं। इनका उपयोग जाम, जेली और चाय बनाने के लिए किया जाता है। प्राचीन मिस्र में गुलाब को पवित्र फूल माना जाता था।

  3. अमेरिका में उगाए जाने वाले ताजे कटे फूलों का लगभग 60 प्रतिशत कैलिफोर्निया से आता है।

  4. दुनिया का सबसे बड़ा खिलने वाला फूल रैफलेसिया अर्नोल्डी है जिसे आमतौर पर लाश लिली कहा जाता है। यह दुर्लभ फूल इंडोनेशिया के वर्षावनों में पाया जाता है। यह 1 मीटर (3.3 फीट) तक बढ़ सकता है और इसका वजन 11 किलोग्राम (24 पाउंड) तक हो सकता है।

  1. ब्लूबेल के फूलों के रस का उपयोग ऐतिहासिक रूप से गोंद बनाने के लिए किया जाता था।

  2. मार्श मैरीगोल्ड के फूलों की कलियों को केपर्स के विकल्प के रूप में चुना जाता है।

  3. Agave, जिसे सदी के पौधे के रूप में भी जाना जाता है, बिना किसी फूल के उगने के कई साल बिताता है, जिसके बादइसमें एक ही फूल खिलता है और मर जाता है। इस घटना को मोनोकार्पिक कहा जाता है।

  4. सूरजमुखी पूर्व से पश्चिम की ओर सूर्य की गति के अनुसार पूरे दिन चलता है।

  5. चंद्रमा के फूल केवल रात में खिलते हैं, दिन के दौरान बंद होते हैं। यह फूल बड़े 4 से 6 इंच के सुगंधित, सफेद या गुलाबी फूल हैं, जो कि चमकती बेलों पर होते हैं। चंद्रमा का फूल शाम को खिलते हैं और रात भर रहता है, जब तक वह सुबह के सूर्य के संपर्क में नहीं आता तब तक खिले रहते है.

  6. केसर जो की बहुत महंगा मसाला हैं , एक प्रकार के क्रोकस फूल से आता है।

  1. प्राचीन सभ्यताओं ने बुरी आत्माओं को दूर भगाने के लिए एस्टर के पत्तों को जलाया जाता था।

  2. निकोटियाना का फूल तम्बाकू से संबंधित है, जिससे सिगरेट बनाई जाती है।

  3. शेन्ज़ेन नोंगके आर्किड, अब तक का सबसे महंगा फूल है। ऑर्किड फूल हर 4 से 5 साल में एक बार ही खिलता है। 2005 में इस फूल की नीलामी $ 200,000 की हुई , जिसने सभी चौंका दिया। यह अब तक बिकने वाला सबसे महंगा फूल है।

विश्व की दिल दहला देने वाली सामूहिक आत्महत्या की कुछ घटनाएं

विश्व के इतिहास में ऐसी कई घटना हुई जिन्होंने सारी दुनिया को हिला कर रख दिया। यह घटनाएं चाहे धर्म-कर्म के नाम पर हो या फिर क्रूर शासकों की क्रूरता और सनकपन के कारण सैकड़ों लोगों ने आत्महत्या की ।

अमेरिकी इतिहास में जिम जोंस का नाम क्रूर घटनाओं के कारण आज भी लिया जाता है। ऐसी कई घटनाएं है जिनके कारण कई लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी। आज हम आपको कुछ ऐसी ही घटनाओं के बारे में बताएंगे:-

पिपुल्स टेंपल

18 नवंबर 1978 को अमेरिका के इंडियाना में 918 लोगों ने सामूहिक आत्म्हत्या की थी। इसमें 276 बच्चे भी शामिल थे। इसको जोंसटाउन भी कहा जाता है। इस घटना  ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था।

इस  घटना के बाद एक टेप भी सामने आया जिसमें सामूहिक आत्महत्या की  बाते करते सुना गया था। इतना ही नहीं इस टेप में आत्महत्या के तरीकों पर भी चर्चा करते हुए लोगों को सुना गया था। पिपुल्स टेंपल के तौर पर इस घटना को आज भी याद किया जाता है।

इस घटना को जिस शख्स ने अंजाम दिया था उसका नाम जिम जॉन्स था। इस घटना को यह कहते हुए अंजाम दिया गया था कि वह सामूहिक आत्महत्या नहीं कर रहे हैं बल्कि एक निर्दयी दुनिया के खिलाफ क्रांति लाने के लिए  कदम उठा रहे हैं। इस दौरान जॉन्स को छोड़कर सभी को साइनाइड दिया गया था जबकि खुद उसने अपनी जान गोली मारकर ली थी।

पढ़ें : आखिर क्या था कारण जो 900 से ज्यादा लोगों ने एक साथ कर ली थी आत्महत्या

सोलर टेंपल

स्विटरज़लैंड ,  फ्रांस और कनाडा में मौजूद द ऑर्डर ऑफ द सोलर टेंपल एक गुप्त सोसाइटी और संप्रदाय थे।  जो नाइट्स टेंपलर के आदर्शों को मानते थे ।  वर्ष 1984 में इसकी स्थापना जिनेवा में जोसेफ डी मैंब्रो और एल जौरेट ने की थी।

इस समूह को 1994 में कई सामूहिक आत्महत्याओं और एक के बाद एक हत्याओं, की वजह माना जाता था। दरअसल, अक्टूबर 1994 में टोनी ड्युटॉइट के तीन माह के नवजात बच्चे की क्यूबेक, मॉरिन-हाइट्स स्थित संस्था के केंद्र में लकड़ी से गोद-गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।

इसकी वजह यह थी कि उस बच्चे को डी मैंबो ने बाइबिल के हिसाब से ईसा का विरोधी माना गया था। इसके कुछ दिन बाद पश्चिमी स्विटजरलैंड के चेइरी और सैलवान नामक दो गांवों व मॉरिन हाइट्स में इनर सर्किल के 15 सदस्यों ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

सोलर टेंपल की घटना भी इसी तरह का एक और उदाहरण है। इस घटना में करीब 74 लोगों ने सामूहिक आत्म्हत्या की थी। जिन लोगों  ने आत्म्हत्या की थी उनका मानना था कि इस दुनिया के पाखंड और उत्पीड़न के खिलाफ यह कदम उठाया गया है। इस घटना को जोसफ डी मेंब्रो ने अंजाम दिया था। जेनेवा की इस घटना ने भी लोगों के दिलों में डर फैलाने का काम किया था।

बुराड़ी आत्महत्या कांड दिल्ली

बुराड़ी में एक परिवार के 11 सदस्यों के आत्महत्या के मामले ने पूरे देश को हिला दिया है। जिसमें घर के सभी सदस्यों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली । जबकि  एक बुजुर्ग महिला का शव जमीन पर पड़ा मिला ।

इस  घटना में 7 महिलाओं और 4 पुरुषों के शव मिले। इस घटना का मुख्य कारण धर्म-आस्था बताया गया है । जिसके चलते घर के सभी सदस्यों ने आत्महत्या कर ली।

हैवेन्स गेट

24 से 27 मार्च के बीच अमेरिका के केलिफोर्निया में रैंचो सांता -फे हैवेन्स गेट के 39 लोगों ने सामूहिक आत्म्हत्या कर ली थी। केलिफोर्निया में घटी इस घटना को आज भी अमेरिका नहीं भूल सका है। रैंचो सेंटा फे इलाका उत्तर में सेन डियागो से मिलता है।

यहां मौजूद कुछ ग्रुप्स का मानना था कि इस तरह का कदम उठाकर उनके शरीर की आत्मा दूर चली जाएगी। उनका विश्वास था कि इस के बाद उनकी आत्मा दूर स्थित हैली कॉमेट  (अंतरिक्ष) पर चली जाएगी।

इस घटना में हैवन गेट के दो ऐसे सदस्य बच गए थे, क्यूंकि  यह दोनों ही उस वक्त वहां पर नहीं थे, जहां  यह घटना घटित हुई थी।  फरवरी 1998 में इस घटना से बचे हुए लोगो ने भी आत्महत्या कर ली थी।

बांग्लादेश की एडम फैमिली

यह घटना बांग्लादेश के दूसरे सबसे घनी आबादी वाले माइमेनसिंह में 2007 की है, जिसमें एक ही परिवार के 9 सदस्यों ने ट्रेन के आगे कूदकर सामूहिक आत्महत्या कर ली थी। इस घटना को एडम हाउस के तौर पर याद किया जाता है।

घटना के बाद उनके घर से  मिली डायरी से पता चला कि यह परिवार एडम पंथ (आदम पंथ) को मानता था।  उनके घर का नाम भी एडम हाउस था।

परिजनों का मानना था कि वे आदम और हव्वा (एडम एंड ईव) जैसा शुद्ध जीवन जीना चाहते थे, और इसलिए उन्होंने खुद को किसी बाहरी के संपर्क से दूर करने और किसी भी धर्म की पाबंदी से मुक्त होने के लिए यह रास्ता चुना। वह चाहते थे कि उनके जीवन पर किसी भी धर्म विशेष  पाबन्दी न हो  l

अजीबोगरीब विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली महिलाएं

दुनियाभर में ऐसी कई महिलाएं हैं जो अपने आप में बेहद खास हैं। इनके खास होने की वजह भी बेहद ही अजीब और अनोखी है। इनमें कुछ महिलाओं ने तो ये वजह खुद बनाई है, जिसकी वजह से इन महिलाओं ने विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है। आज हम ऐसी ही कुछ महिलाओं के बारे में बताने जा रहे हैं l

आशा मंडेला

आशा मंडेला दुनिया में सबसे लंबे बालों वाली महिला के नाम से जानी जाता हैं। इनके बाल लंबे ही नहीं, बल्कि बहुत ही ज्यादा लंबे हैं। यहां तक कि दुनिया में सबसे लंबे बालों वाली महिला का विश्व रिकॉर्ड भी आशा मंडेला के ही नाम है। इनके बालों की लंबाई 19 फीट से ज्यादा है। इन्हें अपने  बालों को धोकर पूरी तरह सुखाने में ही दो दिन लग जाते हैं।

जूलिया ग्नूसे

जूलिया ग्नूसे ने अपने शरीर के 95 फीसदी हिस्सों पर टैटू करवा रखे हैं।  इसके पीछे वजह ये है कि 35 साल की उम्र में उन्हें पॉरफीरिया नामक बीमारी हो गई, जिससे सूर्य की रोशनी में उनकी त्वचा जलने लगी और छाले पड़ने लगे। उन निशानों को छुपाने के लिए जूलिया ग्नूसे ने अपने पुरे शरीर पर टैटू बनवा दिए। इसी वजह से उन्होंने वर्ल्ड रेकॉर्ड भी कायम किया है।

मारिया क्रिस्टर्ना

मारिया क्रिस्टर्ना दिखने में किसी वैंपायर से कम नहीं लगती। मारिया क्रिस्टर्ना नामक महिला ने अपने चेहरे सहित पूरे शरीर पर टैटू बनवाए और अपने माथे पर किसी जानवर के सींग की तरह इम्प्लान्ट भी करवा रखी है । मारिया क्रिस्टर्ना को ड्रैगन लेडी और वैंपायर वुमन के नाम से भी जाना जाता है। मारिया क्रिस्टर्ना पेशे से मशहूर वकील  हैं। वह घरेलू हिंसा की शिकार औरतों की मदद भी करती हैं।

एनेटा फ्लोरचेक

एनेटा फ्लोरचेक को दुनिया की सबसे मजबूत और ताकतवर महिला के तौर पर जाना जाता है। एनेटा कई बार दुनिया की सबसे ताकतवर महिला का खिताब जीत चुकी हैं। वो एक जवान पुरुष को आसानी से अपने हाथों से उठाकर अपने सिर के ऊपर तक ले जा सकती हैं।

एलीना

रूस की 35 वर्षीय एलीना अपने नाखूनों की वजह से खूब चर्चा में रहती है।  ऐलिना ने अपने नाखूनों का नाम बेबी रखा है। इस नाम को रखने के पीछे एक खास वजह है वे अपने नाखूनों की देखभाल बिल्कुल अपने बच्चे की तरह करती है। इनके नाखून की लंबाई 4.7 इंच है। जब उनसे इतने बड़े नाखूनों  के बारे में इनसे पूछा गया तो उन्होंने  बताया की पिछले पांच सालों में इन्होने अपने नाखूनों नही काटा और इन नाखूनों को मजबूत बनाने के लिए एलीना ने कई विटामिन की गोलियां भी खाई हैं।

ओफेलिया वैनिटी

“लॉस एंजिलिस”  ओफेलिया वैनिटी की  रहने वाली है। वह  30 साल की है। लॉस एंजिलिस ने ह्यूमन बार्बी डॉल की तरह दिखनें के लिए अपने  शरीर के ऊपर 40 से ज्यादा सर्जरी करवाई  है और 22 लाख रुपए खर्च कर किये है। ओफेलिया वैनिटी ने  बताया की वो हमेशा से बार्बी जैसी दिखना चाहती थीं, जिसके लिए ओफेलिया ने साल 2009 में पहली बार अपने चेहरे पर ‘Botox’ इंजेक्शन लगवाया।  इसके बाद इंजेक्शन लगाने का यह काम उन्होंने नियमित रुप से शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि करीब चार साल के अंदर उन्होंने अपने होंठ, आंख, नाक और चेहरे पर काफी बार इंजेक्शन लगवाय और इनकी  सर्जरी भी करवाई है।

दुनिया की सबसे लम्‍बी और गहरी और अद्भुत सुरंग – गॉटहार्ड बेस

गॉटहार्ड बेस दुनिया की सबसे लंबी रेलवे सुरंग है। यह आल्प्स पहाड़ के 2.3 किमी. नीचे बनी है। स्विट्जरलैंड में स्थित 57 किमी. लंबी गॉटहार्ड बेस टनल को आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। गॉटहार्ड बेस टनल से प्रतिदिन 260 मालगाड़ियां और 65 पैसेंजर ट्रेनें गुजरेंगी। ट्रैक पर ट्रेन 200 किमी./घंटे की स्पीड से दौड़ सकेगी।

इस सुरंग की खासियत

पहाड़ के ऊपर का तापमान जीरो डिग्री व सुरंग के अंदर का तापमान 46 डिग्री रहता है। ज्यूरिख से नॉर्थ इटली के मिलान के बीच अब 2 घंटे चालीस मिनट का समय लगेगा। यह पहले के मुकाबले एक घंटे कम होगा। इस सबसे लंबी रेल टनल को बनाने में करीब 17 साल लगे और इस पर 80 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं l

पर्यटक बढ़ौतरी और आमदनी में वृद्धि

ज्यूरिख और मिलान के बीच अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए यात्रा का समय पुराने गॉथर्ड मार्ग के माध्यम से चार घंटे की तुलना में ढाई घंटे तक कम हो जाएगा, जिसमें सुरंगों के माध्यम से चलने वाली ट्रेनें125 मील प्रति घंटे तक की यात्रा करती हैं। इसके खुलने के कुछ  महीनों के बाद यात्रियों की संख्या में 30% की वृद्धि हुई। इस पर ट्रेन यात्रा में एक विशेषज्ञ मार्क स्मिथ जिसे ” द मैन इन सीट 61 के नाम से भी जाना जाता है:- ने कहा कि “हम में से जो लोग पुराने मार्ग को याद करते हैं, वे इस उच्च ऊंचाई वाले गोथर्ड लाइन के सर्पिलों को ‘शीर्ष पर’ याद करेंगे, क्यूंकि यहाँ शानदार दृश्यों के साथ एक सुंदर मार्ग बना हुआ है।

विवादास्पद मेगाप्रोजेक्ट

वियना के दक्षिण में, आल्प्स के सबसे पुराने और सबसे प्रसिद्ध रेलवे को भी बाईपास किया जा रहा है। 17 मील, $ 3.65 बिलियन का सेमरिंग बेस सुरंग 2027 में खुल जायगी। इसके खुलने से ऑस्ट्रियाई राजधानी और मध्य यूरोप से एड्रियाटिक के लिए एक नया और तेज़ रास्ता बन जायगा। 1848 और 1854 के बीच खोला गया, वर्तमान पर्वतीय रेलवे पहले आल्प्स को पार करने के लिए था परन्तु अब यह एक यूनेस्को हेरिटेज साइट है।

इस निर्माण परियोजनाएँ में अनेक आलोचक या कठिनाइयां थी l चाहे राजनीतिक, पर्यावरण या बड़े पैमाने पर निर्माण परियोजनाओं से प्रभावित समुदाय। इसका मुख्य उदाहरण फ्रांस में ल्योन और उत्तरी इटली में ट्यूरिन के बीच विवादास्पद 170 मील का रेलवे है।

आल्प्स के माध्यम से खुदाई

इस परियोजना का पैमाना बहुत बड़ा था। इसके लिए दुनिया भर से 1900 से अधिक लोगों को काम पर लगाया गया था। जिसमें टेकियन, विस्फोट विशेषज्ञ और भारी उपकरण ऑपरेटर शामिल थे। खनिकों को आल्प्स के बाहर 24 मिलियन टन चट्टाने खोदनी थी। इसके लिए श्रमिकों ने दुनिया में सबसे बड़ी सुरंग खोदने वाली मशीनों का इस्तेमाल किया। यह मशीन दिन में 130 फीट से अधिक ठोस क्लस्टर खोद सकती थी। लेकिन अभी भी एक समस्या थी – वह थी पानी। ड्रिलिंग से पहाड़ों के अंदर बहुत सारा पानी जमा हो जाता था। इसके निकास का कोई साधन नहीं था l बाद में इस पानी को फ़िल्टर किया गया और आस – पास की नदियों में पुनर्निर्देशित किया गया।

रोलिंग मोटरवे

कीथ बैरो, कहते हैं, कि गोथर्ड बेस टनल (GBT) और सेनेरी सुरंगें अंतर्राष्ट्रीय महत्वपूर्ण परियोजना हैं। गोथर्ड बेस टनल एक व्यापक परियोजना का हिस्सा है, जिसे आधिकारिक तौर पर नई ट्रांस-अल्पाइन रेलवे के रूप में जाना जाता है। लोट्सबर्ग मार्ग “मोटरवे” के रूप में जानी जाने वाली गाड़ियों पर बड़ी मात्रा में कार्गो पहुंचाता है। खासकर दक्षिणी जर्मनी और उत्तरी इटली के बीच। बेस सुरंगों में लाखों अरबों डॉलर का निवेश किया जा रहा है, जिससे जर्मनी और इटली को जोड़ने वाले मुख्य रेलमार्गों में सुधार हो सके। अल्पाइन क्षेत्रों में सड़क यातायात बढ़ाने और भविष्य में अधिक यातायात की सुरक्षा के लिए, स्विस फेडरेशन जब भी संभव हो, सामान को सड़क से रेलमार्ग पर ले जाने के लिए काम कर रहा है।

महाशिवरात्रि – जानें किन राशियों पर होगा कैसा असर

महाशिवरात्रि हिंदुओं के सबसे बड़े पर्वों में से एक है। शिवरात्रि का यह मुख्य पर्व साल में दो बार आता है, एक फाल्गुन के महीने में तो दूसरा श्रावण मास में आता है। फाल्गुन के महीने की शिवरात्रि को, महाशिवरात्रि कहा जाता है। इसे फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है।

हिंदू धर्म में, महाशिवरात्रि व्रत, पूजा, कथा और उपायों का खास महत्व होता है। इस दिन लोग देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने के लिए बड़ी आस्था से परिपूर्ण महाशिवरात्रि का व्रत करते हैं।

कब है महाशिवरात्रि और शुभ मुहूर्त

इस बार शिवरात्रि 21 फरवरी 2020 को है।

प्रारंभ: 21 फरवरी 2020 को शाम 5 बजकर 20 मिनट से

समाप्त:  22 फरवरी 2020 को शाम 7 बजकर 2 मिनट तक

महाशिवरात्रि पर कैसा होगा राशियों  पर असर

महाशिवरात्रि का त्यौहार इस वर्ष बेहद खास माना जा रहा है। 117 साल बाद ग्रहों का ऐसा योग बना रहा है।  इस दिन चंद्रमा और शनि के मकर राशि में साथ होने से विष योग बनेगा। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि पर बन रहे इस विषयोग का सभी राशियों पर कैसा असर होगा।

मेष

मेष राशि के लोगों के लिए दिन अच्छा नहीं  है। आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।  साथ ही धन की हानि भी हो सकती है। इस दौरान किसी अंजान शख्स को धन उधार देने की गलती न करें l हालांकि पारिवारिक समस्याएं दूर होंगी।  गृह क्लेश और वाद-विवाद खत्म होंगे।

वृष

वृषभ राशि के लोगों  के लिए महाशिवरात्रि पर होने वाला विषयोग आपके लिए लाभकारी रहेगा।  इस दौरान संपत्ति खरीदने का योग हैं।  साथ ही मित्रों का सहयोग मिलेगा।  अचानक धन लाभ के भी योग बन रहे हैं। प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए भी यह शुभ समय है।

मिथुन

मिथुन राशि के लोगों को ग्रहों की ऐसी स्थिति  में सावधान रहने की जरूरत है। इस दौरान न सिर्फ काम का बोझ बढ़ेगा, बल्कि मानसिक तनाव से भी काम में रुकावटें आएंगी।  नौकरी ना बदलें और किसी भी व्यकित को धन उधार देने की गलती न करें।

कर्क

कर्क राशि के लोगों पर इस दिन महादेव की कृपा बनी रहेगी जो उनके रास्ते में आने वाली रुकावटों को दूर करेंगे। महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिलेगी। जीवनसाथी से मतभेद खत्म होगा। कारोबार में थोड़ा व्यस्त जरूर रहेंगे, लेकिन धन लाभ के योग भी बन रहे हैं।

सिंह

सिंह राशि के लोगों को भी इस दौरान कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। नौकरी में बड़ा बदलाव होने की संभावनाएं हैं।  सेहत में थोड़ा उतार-चढ़ाव होगा। हालांकि धन खर्च होने के योग हैं तो थोड़ा संभलकर चलने की जरूरत होगी।

कन्या

कन्या राशि के लोगों लिए भी महाशिवरात्रि का त्यौहार खुशियों की सौगात लेकर आ रहा है। विवाह की समस्या खत्म होंगी। लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलेगा।  घर में किसी सदस्य की सेहत खराब हो सकती है।  परिजनों की देखभाल करें।

तुला

तुला राशि वालों के लिए भी ग्रहों की ऐसी स्थिति फलदायी रहने वाली है।  तुला राशि वालो को  नया मकान या प्रॉपर्टी खरीदने का योग है। साथ ही नौकरी में तरक्की होगी। यात्रा के भी योग हैं।  परिवार में शांति बनाए रखने से लाभ की स्थिति पैदा होंगी।

वृश्चिक

वृश्चिक राशि के जो लोग कुछ समय से परेशान चल रहे थे, उनकी तमाम दिक्कतें दूर होने वाली हैं।  आपकी सेहत में भी सुधार होगा और धन लाभ भी हो सकता है।  उधार दिया हुआ धन वापस मिल सकता। पार्टनर के साथ वाद-विवाद सुलझाने के लिए भी ये अच्छा समय है।

धनु

धनु राशि के लोग महाशिवरात्रि पर बन रहे विषयोग के दौरान संभलकर रहें।  इनका दिन आलस्य से भरा रहेगा।  संतान के कारण चिंता होगी।  घर पर अचानक मेहमानों के आने का योग है।  किसी भी बाहरी व्यक्ति को उधार देने से बचें और प्रॉपर्टी में निवेश करने का भी ये उचित समय नहीं है।

मकर

मकर राशि वालों के लिए भी महाशिवरात्रि का त्यौहार शुभ और फलदायी रहने वाला है। नौकरी प्राप्ति में मुश्किलें खत्म होंगी।  जीवनसाथी से मतभेद खत्म होगा। घरवालों के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर आ रहा है।

कुंभ

कुंभ राशि वालों को ये विषयोग नुकसान दे सकता है।  इस दौरान आपके किसी छिपे हुए राज से पर्दा उठ सकता है।  सेहत खराब होने के भी योग हैं।  व्यापार में नुकसान हो सकता है।  रुपये-पैसे की तंगी भी आपको घेर सकती है।

मीन

मीन राशि वालों के लिए ग्रहों की ऐसी स्थिति मिली-जुली रहने वाली है। किसी भी मामले में निवेश करने से बचें। नौकरी का अवसर जरूर मिलेगा, लेकिन सतर्कता के साथ ही अंतिम फैसला लें।  घर की सफाई पर ध्यान दें।

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जानिये आप में से किस पर होगी धन की बारिश महाशिवरात्रि पर

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महाशिवरात्रि हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है। यह भगवान शिव और माँ गौरी के विवाह का दिन है। इस दिन भगवान शिव और पार्वती की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। इस साल 2020 में महाशिवरात्रि 21 फरवरी को है।

महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त:
महाशिवरात्रि की तिथि: 21 फरवरी 2020
चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 21 फरवरी 2020 को शाम 5 बजकर 20 मिनट से

चतुर्थी तिथि समाप्‍त: 22 फरवरी 2020 को शाम 7 बजकर 2 मिनट तक

यह पर्व फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। यह पर्व महादेव शिव और देवी पार्वती के विवाह की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है ।

ऐसी भी मान्यता है की इस दिन ही पहला शिवलिंग प्रकट हुआ था। इस दिन ही भगवान् शिव ने ‘कालकूट’ नाम के विष को अपने कंठ में रख लिया था जो कि समुद्र मंथन के समय बाहर आया।

वैसे तो हर महीने त्रयोदशी/चतुर्दशी को शिवरात्रि होती है। यानि साल में कुल 12 शिवरात्रि होती है लेकिन फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी यानी महाशिवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है।

इस बार है खास

इस बार शिवरात्रि पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस साल महाशिवरात्रि सोमवार को है। सोमवार का स्वामी चन्द्रमा है। ज्योतिष शास्त्र में चन्द्रमा को सोम कहा गया है और भगवान् शिव को सोमनाथ।

अतः सोमवार को शिवरात्रि का होना बहुत ही शुभ माना गया है। सोमवार को शिवजी की पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।

इस दिन अगर भोलेबाबा और माँ पार्वती की सच्चे मन से भक्ति की जाए तो वो अपने भक्तों की सारी मनोकामना पूरी करते है। मंदिरों में इस दिन बेल पत्र,दूध, दही,जल,फलाहार आदि चढ़ाये जाते है।

किस राशि के लिए है खास

चूंकि इस बार महाशिवरात्रि पर खास योग बन रहे हैं । यह सभी राशि वालों के लिए अत्यंत लाभकारी है। सच्चे मन से व्रत करने पर और जल, विल्वपत्र मात्र से ही पूजा करने पर भगवान शिव प्रसन्न होंगे, ऐसा ज्योतिष के जानकारों का मानना है।

साथ ही गरीबों को भोजन कराने और जिनके विवाह नहीं हो रहा उनका विवाह का प्रयत्न करवाने मात्र से ही अभीष्ट फल सिद्धि का भी योग है ।

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