Omg!! यहां के लोग खाते हैं लाल चींटियों की चटनी

आप सभी ने आम की चटनी, अचार और पता नहीं कितने तरह की चटनियों का स्वाद चखा होगा, लेकिन क्या आप ने कभी लाल चींटियों की चटनी खाई है। छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में लाल चींटियों की चटनी को वहां के आदिवासी बड़े चाव से खाते हैं। लाल चीटी की चटनी को आदिवासी नमक, मिर्च लगाकर रोटी के साथ खाते हैं।

आपको सुनने में भले थोड़ा अजीब लगे, लेकिन यह सच है कि लाल चींटी की चटनी खाने से मलेरिया और डेंगू जैसी कई बीमारियां नहीं होती। छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में इस लाल चींटी की चटनी को चापड़ा (Chaapra) कहा जाता है। आदिवासियों का कहना है कि इस चटनी में कई औषधीय गुण होते हैं, जो हमें कई बीमारियों से बचाते हैं।

कहां मिलती है लाल चींटी

यह झुंड के रूप में जंगलों में पाई जाती है। इन चींटियों का घोंसला मीठे फलों के पेड़ों पर होता है। इन चीटियों की तलाश में आदिवासी पूरा दिन भटकते रहते हैं। लाल चीटियों की चटनी को इस्तेमाल के अलावा यहां लगने वाले साप्ताहिक बाज़ारों में यह चींटियां बेची भी जा रही हैं।

कैसे बनती है लाल चींटी की चटनी

आदिवासी बताते हैं, इन चीटियों का घर आम, अमरुद, साल जैसे कई मीठे पेड़ के फलों पर होता है। वह उस पेड़ पर चढ़कर एक कटोरे या पात्र में इन चीटियों को इकठ्ठा करते हैं और फिर उन्हें पीसते हैं। चींटी में formic Acid (फार्मिक एसिड) मौजूद होता है, जिस वजह से यह चटनी चटपटी होती है। इसके आलावा इस चटनी में प्रोटीन भी भरपूर मात्रा में होता है।

आदिवासी खुद को कटवाते हैं इन चींटियों से

लाल चीटी की चटनी का इस्तेमाल करने वाले आदिवासियों का कहना है कि उन्हें चापड़ा खाने की सीख विरासत में मिली है। अगर किसी व्यक्ति को बुखार आ जाए, तो वह पेड़ के नीचे बैठकर लाल चींटियों से खुद को कटवाता हैं। चींटियों के काटने से बुखार का असर कम हो जाता है।

कई बीमारियों से बचाती है यह चटनी

आदिवासी समुदायों में ऐसी मान्यता है कि चापड़ा स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। इन चींटियों में भारी मात्रा में प्रोटीन के साथ ही कैल्सियम पाया जाता है। इसके सेवन से मलेरिया, डेंगू और पीलिया जैसी बीमारियों से आराम मिलता है, साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है, जो बीमारियों से बचाने में काफी मददगार होती है।

विदेश में चींटियों पर हुए कई रिसर्च

ब्राजील, आस्ट्रेलिया और चीन जैसे देशों में शोध के बाद यह पाया गया कि इन चींटियों को प्राकृतिक जैविक कीटनाशक (बायोपेस्टिसाइड) के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, फार्मिक एसिड की उपस्थिति के कारण इसमें खट्टापन आ जाता है, जिसमें औषधीय गुण समाए होते हैं। फलों के बगीचों में इन चींटियों को छोड़ा जाता है। इनके डर से फलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीट दूर रहते हैं।

क्या है इस चटनी का रेट

यह चटनी हाट बाज़ारों में 400 रुपए/किलो तक बिकती है। छत्तीसगढ़ में इसे बस्तरिया चटनी भी कहा जाता है। बस्तर के हाट बाज़ार में यह चटनी पांच रुपए दोना में बेची जाती है।

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Woman day special – 2018 में भारत की 8 सबसे अमीर महिलाएं

2018 में Forbes ने इस बार दुनियाभर के 2,208 बिलियनेयर्स का रिकॉर्ड इकट्ठा किया है। पूरे विश्व की फोर्ब्स लिस्ट में अमेजन के फाउंडर और सीईओ जेजेफ बेजोस सबसे अमीर हैं, उनकी संपत्ति 112 अरब डॉलर यानी करीब 7.5 लाख करोड़ रुपए है। भारत की बात करें तो इस लिस्ट में भारत के मुकेश अंबानी सबसे ऊपर हैं। विश्व भर के धनी लोगों की सूची में मुकेश अंबानी को 19 वां स्थान मिला है, उनकी संपत्ति 40.1 अरब डॉलर यानी करीब 2.61 लाख करोड़ रुपए है। 2,208 अमीर लोगों की इस फोर्ब्स लिस्ट में से 256 महिलाओं का नाम शामिल है, जिसमें से 8 महिलाएं भारत से हैं। आइए जानते हैं, भारत की इन 8 महिलाओं के बारे में, जिन्होंने इस फोर्ब्स लिस्ट में अपनी जगह बनाई है।

सावित्री जिंदल

सावित्री जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड की चेयरपर्सन है। उनकी सालाना कमाई 8.8 बिलियन डॉलर बताई गई है। 8.8 अरब डॉलर सालाना कमाई के साथ दुनिया की सबसे रईस लोगों की सूची में उनका नाम शामिल हैं। फोर्ब्स लिस्ट में वह 176वें स्थान पर हैं।

किरण मजूमदार-शॉ

किरण मजूमदार-शॉ आईआईएम-बैंगलोर की अध्यक्ष और बायोटेक्नोलॉजी कंपनी बायोकॉन लिमिटेड की चेयरमैन हैं। बायोकॉन लिमिटेड एशिया की सबसे बड़ी कंपनी है। उनकी कुल सालाना कमाई 3.6 बिलियन डॉलर है। फोर्ब्स लिस्ट में वह 620वें स्थान पर हैं।

स्मिता कृष्णा

स्मिता कृष्णा गोदरेज इंडस्ट्री के बोर्ड में हैं। उनकी गोदरेज ग्रुप में बड़ी हिस्सेदारी है। उनकी सालाना कमाई 2.9 बिलियन डॉलर है। फोर्ब्स लिस्ट में वह 822वें स्थान पर हैं।

लीना तिवारी

लीना तिवारी USV India को संभालती हैं। यह कंपनी डायबिटीज और कार्डियोवैस्कुलर की दवाइंया बनाती हैं। फोर्ब्स लिस्ट में वह 1,020वें स्थान पर हैं। उनकी सालाना कमाई 2.4 बिलियन डॉलर है।

विनोद राय गुप्ता

विनोद और उनके बेटेअनिल राय गुप्ता हैवेल्स इंडिया कंपनी के मालिक हैं। इस कंपनी को विनोद के पति कीमत राय गुप्ता ने शुरू किया था। उनकी सालाना कमाई 2.2 बिलियन डॉलर है। फोर्ब्स लिस्ट में वह 1,103वें स्थान पर हैं।

अनु आगा

अनु आगा इंजिनियरिंग फर्म थरमेक्स में हैं। वह भारत की वरिष्ठ सदन राज्यसभा की सदस्य और सामाजिक कार्यकता भी हैं। उनकी सालाना कमाई 1.4 अरब डॉलर है। फोर्ब्स लिस्ट में वह 1,650वें स्थान पर हैं।

शीला गौतम

शीला गौतम स्लीपवेल मैट्रेस बनाने वाली कंपनी शीला फोम लिमिटेड की संस्थापक और मालिक हैं। उनकी सालाना कमाई 1.1 अरब डॉलर है। फोर्ब्स लिस्ट में वह 1,999वें स्थान पर हैं।

मधु कपूर

मधु कपूर यस बैंक की प्रमोटर है। फोर्ब्स लिस्ट में मधु कपूर को भी 1.1 अरब डॉलर के साथ 1,999 वें स्थान पर रखा गया है।

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साइना नेहवाल, बैडमिंटन

greatest-sportsmen-of-india-ever-saina-nehwalसाइना नेहवाल भारत की बैडमिंटन की खिलाड़ी है.उसने भारत की ओर से खेलते हुए लंदन ओलंपिक में भारत का तीसरा स्वर्ण पदक जीता. साइना नेहवाल पूरे विश्व बैडमिंटन रैंकिंग में दूसरे नंबर पर है. साइना नेहवाल ने विश्व वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप भी जीती है.

करीना कपूर

kareena-kapoorसन 2012 में करीना कपूर 73.47 करोड़ रुपए कमाने वाली बॉलीवुड की अभिनेत्री बनी. करीना कपूर ने तलाश नाम के रियलिटी शो में भी काम किया. जिसने 10 दिनों में 75 करोड़ रुपए कमाए. इससे अलग करीना कपूर के पास 16 कंपनियों के विज्ञापन भी हैं.

रेशमा शेट्टी

india-10-most-influential-women-reshma-shettyरेशमा शेट्टी मैट्रिक्स इंडिया एंटरटेनमेंट कंसल्टेंट्स की प्रबंधक निर्देशक है.रेशमा शेट्टी की वजह से ही बॉलीवुड के बैड बॉय माने जाने वाले सलमान खान को बॉलीवुड का दबंग खान बना. मैट्रिक्स इंडिया एंटरटेनमेंट भारत की सबसे अच्छी एजेंसियों में से एक है.

एकता कपूर, जॉइंट एम्डी, बालाजी प्रोडक्शनस

india-10-most-influential-women-ekta-kapoorएकता कपूर एक साल में 293 करोड़ का कारोबार करती है. उसने 19 वर्ष की आयु में बालाजी प्रोडक्शन में काम करना शुरू कर दिया था. बालाजी प्रोडक्शन पूरे भारत में धारावाहिक टीवी नाटकों का प्रचार-प्रसार करता है. एकता कपूर अपने करियर में एक फिल्म का भी निर्देशन कर चुकी है.

चित्रा रामकृष्णा, जॉइंट एम डी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज

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चित्रा रामकृष्ण ने 1 अप्रैल 2014 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंजका पद ग्रहण किया था. चित्रा रामकृष्णा 1991 से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में अपनी सेवाएं दे रही है. चित्रा रामकृष्ण, उन पांच सदस्यों में आती है जिसको गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आधुनिकरण के लिए चुना है.

जिया मोदी, मैनेजिंग पार्टनर,एजेडबी पार्टनर्स

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एजेडबी कम्पनी भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है. जो नवीनतम कंपनियों को उनकी स्ट्रैटेजी, योजनाएं और उत्पादन के बारे में सलाह देती है. जिया मोदी ने इस कंपनी को और ऊपर उठाकर अपनी पहचान बनाई.

किरण मजूमदार शॉ, चेयरमैन और एमडी, बिओकोन

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किरण मजूमदार शॉ ने अपनी कंपनी की शुरुआत अपने घर के गेराज, 1978 में सिर्फ 10000 की लागत से शुरू की. किरण 2004 में भारत की सबसे अमीर महिला भी रह चुकी है. उनको सिर्फ बिजनेस वुमन से ही नहीं जाना जाता बल्कि किरण मजूमदार लाखों रुपए चैरिटी को भी दान करती है.

शिखा शर्मा, सीईओ, एक्सिस बैंक

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शिखा शर्मा ने अपने 30 वर्ष तक एक्सिस बैंक में काम किया फिर बाद में उनको एक्सिस बैंक का सीईओ नियुक्त किया गया. उनके अधीन एक्सिस बैंक में पर्सनल वित्तीय सेवाएं शुरू की गई. उनके अधीन 2012-2013 में बैंक की संपत्ति की कीमतों में 30% उछाल के साथ बैंक ने 55 अरब डॉलर का कारोबार किया.

चंदा कोछड़, सीईओ, आईसीआईसीआई बैंक

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चंदा कोछड़ ने 2009 में आईसीआईसीआई बैंक में सबसे कम उम्र महिला के रूप में सीईओ का पद ग्रहण किया. उनके अधीन बैंक की संपत्तियों ने 93 अरब डॉलर कमाए. उसके नेतृत्व में आईसीआईसीआई बैंक लगातार 5 वर्षों तक भारत का सबसे अच्छा रिटेल बैंक बना रहा.

विनीता बाली, एमडी, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज

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छह वर्षों तक विनीता बाली ने पूरे भारत में पोषण का प्रचार किया. विनीता बाली एकमात्र पहली भारतीय महिला है जिनको यूनाइटेड नेशन ने पूरे विश्व में “पोषण के स्तर” को मापने के लिए चुना है. विनीता के छह वर्ष के कार्यकाल के बाद उनको ब्रिटैनिया ब्रांड के लिए चुना गया.

Woman day special – भारत की सबसे अमीर बेटियां

भारत की सबसे अमीर बेटियां –

आपको दुनिया में हर जगह अरबपति लोग मिल जायेंगे. दुनिया में हर कोई अमीर बनना चाहता है, लेकिन अमीरों से भी अच्छा जीवन उनकी बेटियों का होता है. वह सुंदर, समृद्ध और अनोखी होती हैं- यह है भारत के सबसे सफल अरब पतियों की बेटियों की सूची.

रौशनी नादर

richest-daughters-of-india-roshniरौशनी नादर, भारतीय अरबपति शिव नादर की बेटी है. वह एचसीएल(HCL) कंपनी की सीईओ(CEO) है, एचसीएल कंपनी की कुल कीमत 300अरब रुपए है. रौशनी नादर ने शिव नादर शिक्षाप्रद की नींव रखी. रौशनी को अच्छी तरह से पता है कि अपना समय कैसे व्यतीत करना चाहिए.

पिया सिंह

richest-daughters-of-india-piya-singhपिया सिंह, भारतीय अरबपति केपी सिंह की बेटी है. उनके पिता रियल एस्टेट के दिग्गज हैं. पिया सिंह अपने पिता की फर्म में 2620 करोड़ की हिस्सेदारी रखती है. वह डीएलऍफ़ (DLF) मनोरंजन की उद्यम, प्रबंध निर्देशक है.

वनिशा मित्तल

richest-daughters-of-india-vanisha-mittalवनिशा मित्तल की शादी बैंकर अमित भाटिया से हुई और उनकी शादी पर ही 393 करोड़ खर्च हुए थे. वनिशा मित्तल 24 साल की है और उनके पास साउथ एशियन स्टडी की मास्टर डिग्री है. वह 24 साल की उम्र में ही मित्तल कंपनी के बोर्ड को चलाती है. मित्तल कंपनी की कीमत 3 लाख करोड़ है.

अक्षता मूर्ति

richest-daughters-of-india-ashta-murtiअक्षता मूर्ति, इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी है. अक्षता मूर्ति का अपने पिता की कंपनी में 1.4 प्रतिशत हिस्सा है. उसकी शादी रिशी सुनक से हुई, जो स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में उसके साथ पड़ता था. आज रिशी रौनक सिडेरियन कंपनी में वरिष्ठ सहयोगी हैं.

निशा गोदरेज

richest-daughters-of-india-nisha-godrejनिशा गोदरेज, गोदरेज कंपनी के मालिक आदी गोदरेज की बेटी है. निशा गोदरेज ने अपनी एम्बीऐ(MBA) हार्वर्ड विश्वविध्यालय से की. निशा, गोदरेज ग्रुप की अध्यक्ष हैं. वह अपने अधीन 20,000 से अधिक कर्मचारियों का प्रबंधन करती है. इससे अलग निशा लड़कियों को शिक्षा शिक्षित करने वाली संस्था “दसरा” को भी चलाती है.

आपकी पीठ के लिए अच्छे और बुरे व्यायाम

आप को आराम करना अच्छा लगता होगा, लेकिन आप के द्वारा की गई शरीरक गतिविधियाँ आपके लिए एक बेहतर विकल्प होती हैं. आप अपनी पीठ को मज़बूत बनाने के लिए कई तरह के व्यायाम कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करने से पहले आपको अपने चिकित्सक से सलाह ले लेनी चाहिए, क्योंकि कई पीठ के व्यायाम आपके शरीर के लिए अच्छे होने की बजाए हानिकारक हो सकते हैं. यह है कुछ अच्छे और बुरे पीठ के व्यायामों की सूची.

पैरों की उंगली को छूने वाला व्यायाम

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यह व्यायाम आपकी पीठ के लिए अच्छे होते हैं. इन व्यायामों को शुरू-शुरू से करने में आपकी पीठ में थोड़े समय के लिए दर्द होगा, लेकिन अगर यह दर्द 15 मिनट्स से ज्यादा रहता है, तो आपको तुरंत चिकित्सक के पास जाकर अपना चेकअप करवाना चाहिए.

पार्शियल करंचस करें (Try: Partial Crunches)

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यह व्यायाम आपकी पीठ और पेट की मांसपेशियों को मज़बूत बनाने में मदद करता है. फर्श पर पीठ के सहारे लेट जाएँ, फिर अपने घुटनों को मोड़ लें और अपने पैरों को फर्श पर रखें. अपने दोनों हाथों को अपनी गर्दन के पीछे रखें, जैसा कि इस तस्वीर में दिखाया गया है, फिर बाद में अपने श्वास को अपने कंधों के ऊपर उठाने के साथ ही बाहर की और छोड़ें. ऐसा आठ से दस बार करें. यह व्यायाम आपके शरीर के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होगा.

उठक बैठक का व्यायाम ना करें (Avoid:Sit-ups)

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ज्यादातर लोग यह सोचते हैं कि उठक-बैठक का व्यायाम उनके पेट की मांसपेशियों के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन यह व्यायाम आपकी रीढ़ की हड्डी पर बहुत दबाव बना देता है. इसलिए इस व्यायाम को कम ही करें.

हैमस्ट्रिंग स्ट्रेचस (Hamstring Stretches)

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अपनी पीठ के बल लेट जाओ और अपने घुटनों को मोड़ लो. अपने पैरों की तह पर तौलिया रख दो, फिर अपने घुटनों को सीधा कर लो, जिससे आपको अपने पैर के पीछे खिंचाव महसूस होगा. इस खिंचाव को 15 से 30 सेकंड तक रखो, ऐसा अपनी दोनों टांगों से 2 या तीन बार करो.

टांग उठाने वाले व्यायाम को ना करें (Avoid Leg Lifts)

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यह व्यायाम आपके पेट की मांसपेशियों को मज़बूत करने में तो मददगार है, लेकिन यह व्यायाम आपकी पीठ दर्द को ओर भी बढ़ा देगा. बल्कि आपको यह व्यायाम अपनी एक टांग को उठा कर करना चाहिए. आपको अपनी एक टांग को 6 इंच ऊपर उठाना चाहिए और कुछ समय तक अपनी टांग को उसी स्थिति में रखें, फिर बाद में टांग को धीरे-धीरे नीचे लेकर आना चाहिए. ऐसा 10 बार दोनों टांगों से करें.

दीवार के सहारे बैठना (Wall Sits)

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दीवार से 10 से 12 इंच की दूरी पर पीठ कर के खड़े हो जाएँ, फिर धीरे धीरे अपने घुटनों को मोड़ना शुरू करें और अपने पीठ को दीवार से लगा लें. 10 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें, फिर द्वारा खड़े होने की स्थिति में आ जायें. ऐसा 8 से 12 बार करें.

प्रेस-अप बैक एक्सटेंशन (Press-up Back Extensions)

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अपने पेट के बल अपने हाथों के सहारे लेट जायें. अपने हाथों को जमीन पर रख कर पुश करें, जिससे की आपके कंधे ऊपर की तरफ उठ जाएँ. इसी स्थिति में कुछ सेकंड तक रहें और फिर वापस पहली स्थिति पर आ जायें. अगर आपके लिए यह व्यायाम सुविधाजनक है, तो आप यह व्यायाम अपने हाथों को फर्श पर रखने की बजाए अपनी कोहनी को फर्श पर रखकर कर सकते हैं.

बर्ड डॉग (Bird Dog)

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इस व्यायाम को अपने हाथो और घुटनों से प्रारंभ करें और फिर अपने पेट की मांसपेशियों को मज़बूत स्थिति में ले आयें, जैसा कि इस तस्वीर में दिखाया गया है. अपनी एक टांग को उठाओ और उसका पीछे की तरफ विस्तार करो. ऐसी स्थिति में अपनी टांग को 5 सेकंड के लिए रखें, ऐसा एक टांग से 12 बार करने और फिर दूसरी टांग से 12 बार करें.

घुटने को छाती से लगाना (Knee to Chest)

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फर्श पर सपाट लेट जाएँ और फिर अपने घुटनों को मोड़ कर ऊपर उठा लें और आपके पैर जमीन पर रहें. अपनी एक टांग का घुटना अपनी छाती की और ले जाएँ और फिर बाद में 15 से 30 सेकंड तक ऐसी ही स्थिति में रखें. जबकि दूसरी टांग को फर्श पर ही रखें. दोनों टांगों से ऐसा 2 से 4 बार करें.

पेल्विक टिल्टस (Pelvic Tilts)

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अपनी पीठ के बल लेट जाएँ और ऐसी स्थिति में आ जाएँ, जैसा कि इस तस्वीर में दिखाया गया है और फिर यह कल्पना करो की आपका बेली बटन आपकी रीढ़ की हड्डी के आस पास घूम रहा है. ऐसा दस सेकंड तक करें, ऐसा करते समय अपने श्वास को आराम से अंदर और बाहर की तरफ छोड़ें और यह व्यायाम 8 से 12 बार करें.

ब्रिजिंग (Bridging)

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अपनी पीठ के बल फर्श पर लेट जाओ और फिर अपने घुटनों को मोड़ लो, पैरों को फर्श पर रखो. अपनी एड़ियों को फर्श की तरफ पुश करो और अपने कूल्हों को मज़बूत कर लो, फिर कूल्हों से लेकर कंधों तक अपने आपको ऊपर की तरफ उठाओ. उठी हुई स्थिति में 6 सेकंड तक रहो और फिर अपने शरीर को धींरे-धीरे नीचे की तरफ ले आओ. 10 सेकंड तक आराम करो और फिर द्वारा यही प्रक्रिया करो. ऐसा 8 से 12 बार करो. यह व्यायाम आपकी पीठ को मज़बूत करने के लिए एक बेहतर विकल्प है.

वजन उठाने का व्यायाम (Lifting Weights May help)

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वजन उठाना आपकी पीठ के लिए बहुत फायदेमंद है. यह आपकी पीठ दर्द की समस्या को कम कर देता है, लेकिन भारी वजन उठाना आपकी पीठ के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है. इसीलिए वजन उठाने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह लें.

एरोबिक व्यायाम (Aerobic Exercise)

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एरोबिक व्यायाम आपके फेफड़ों को, हृदय को और रक्त वाहिकाओं को मज़बूत करता है और आपके वजन को कम करने में भी मदद करता है. पैदल चलना, स्विमिंग करना और साइकिल चलाना आपकी पीठ के लिए फायदेमंद है.

पाइलेट्स मूव्स (Some Pilates Moves)

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पाइलेट्स मूव्स में आपके शरीर को मज़बूत बनाने वाले, पेट की मांसपेशियों को मज़बूत बनाने वाले व्यायाम आते हैं, लेकिन आपको यह व्यायाम करने से पहले अपने चिकित्सक से सुझाव लें.

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जानिए कितना घातक है डसॉल्ट मिराज 2000

डसॉल्ट मिराज 2000 लड़ाकू विमान 29 जून, 1985 में भारतीय वायुसेना की नंबर- 7 स्क्वाड्रन में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। करगिल युद्ध में दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाला मिराज लड़ाकू विमान अब और ज्यादा ताकतवर और घातक बन चुका है।

पुलवामा आतंकी हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने मिराज 2000 से सुबह साढ़े 3 बजे जैश ए मोहम्‍मद के ठिकानों को बमबारी कर तबाह कर दिया। इस लड़ाकू विमान की खासियत यह है कि ये किसी भी देश की सीमा के अंदर जाकर मार कर सकता है।

यह बड़ी सटीकता के साथ सीमा के अंदर धुसकर अपने टारगेट को ध्वस्त करने का दमखम रखता है। आइए जानते है कितना घातक और पावरफुल है डसॉल्ट मीराज 2000 –

  • इस लड़ाकू विमान का निर्माण फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट ने किया है। भारतीय वायु सेना ने इस विमान को वज्र नाम दिया है। दसॉल्ट वही कंपनी है, जिसने राफेल को बनाया है।
  • इस सिंगल इंजन फाइटर प्लेन विमान की लंबाई36 मीटर और पंखों का फैलाव 91.3 मीटर है।
  • इसका वजन 7500 किलो है।
  • यह विमान 6000 किलोग्राम वजन की मिसाइल के साथ 2495 किमी प्रतिघंटा की अधिकतम स्पीड से उड़ान भर सकता है।
  • यह एक बार में टैंक फुल होने पर 1550 किमी तक का सफर कर सकता है।
  • यह लड़ाकू विमान 59 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है।
  • यह विमान लेजर गाइडेड बम, एयर-टू-एयर और एयर-टू-सरफेस मिसाइल को कैरी कर सकता है।
  • यह लड़ाकू विमान 125 राउंड गोलियां प्रति मिनट दागता है और 68 मिमी के 18 रॉकेट प्रति मिनट दागता है।
  • वैसे तो यह लड़ाकू विमान सिंगल फाइटर पायलट के लिए उपयुक्त है, लेकिन जरूरत पड़ने पर दो पायलट भी इसमें सवार हो सकते हैं।
  • राडार की पकड़ में न आने वाला मिराज-2000 एक साथ हवा से जमीन और हवा से हवा में भी मार करने में सक्षम है।
  • पहली बार 1970 में उड़ान भरने वाला मिराज 2000 फ्रेंच मल्टीरोल, सिंगल इंजन चौथी पीढ़ी का फाइटर जेट है। ये फाइटर जेट नौ देशों में सेवा दे रहा है। इसमें फ्रांस, इजिप्ट, यूएई, पीरू, ताइवान, ग्रीस और ब्राजील शामिल हैं, हालांकि ब्राजील अब मिराज-2000 को रिटायर कर चुका है।
  • 1999 में हुए कारगिल युद्ध में मिराज-2000 ने अहम रोल निभाते हुए भारतीय सेना को जीत दिलाई थी।
  • 2004 में भारत ने 10 और मिराज-2000 ऑर्डर किए, इसके बाद भारत के पास कुल 50 लड़ाकू विमान हो गए।
  • 2011 में सरकार ने मौजूदा मिराज 2000 को अपग्रेड करने का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया, इसके बाद अब यह जेट 2030 तक इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं।

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1971 में पाकिस्तान के 90000 सैनिकों के आत्मसमर्पण की वीडियो

भारत-पाक के बीच हुआ 1971 का युद्ध स्वतंत्र भारत के इतिहास में हमेशा अमर रहेगा.  यह वीडियो 1971 की है जब पाकिस्तान के 90,000 सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था. 3 दिसंबर 1971 को जब पाकिस्तान ने आक्रमण किया तो उसके बाद केवल 13 दिनों की छोटी अवधि में ही भारत ने 12 हजार घुसपैठियों और 80 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को गिरफ्तार कर लिया था.

तेरह दिन तक चले इस युद्ध के बाद पाकिस्तानी सेना ने ढाका में 16 दिसंबर को आत्मसमर्पण किया था.

आए देखें कैसे पाकिस्तान के 90000 सैनिको के आत्म समर्पण किया था, TheGeniusDonkey channel द्वारा पोस्ट की गयी इस वीडियो में….

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विश्व के 10 सबसे खतरनाक आतंकी संगठन

दुनिया में ऐसे बहुत से खतरनाक आतंकी संगठन है जिन्होंने अपनी दहशत से पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है. जिनकी वजह से विश्व के कई देश दहशत में हैं. खतरनाक आतंकी संगठन दुनिया में खौफ पैदा करने के लिए हमेशा ही हिंसात्मक गतिविधियों का सहारा लेते रहे हैं. आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही खतरनाक आतंकवादी संगठनों के बारे में…

इस्लामिक स्टेट इन सीरिया एंड इराक (ISIS)

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ISIS यूरोप, सीरिया, इराक, तुर्की और बांग्लादेश जैसे देशों में अपने खौफ का परचम लहरा चुका है. ISIS आतंकवादी संगठन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुनिया का सबसे बड़ा खतरा माना जाता है. आजकल यह संगठन काफी सक्रिय और धनी है. ISIS संगठन का मुख्य उद्देश्य विश्व के सभी देशों में इस्लामीकरण को बढ़ावा देना और इस्लामी कानून लागू करना है.

अल कायदा

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अल कायदा की स्थापना ओसामा बिन लादेन ने सन् 1989 में की थी. ओसामा बिन लादेन की अगवाई में अल कायदा ने अमेरिका में 9/11 के हमले को अंजाम दिया था. अल कायदा दुनिया का पहला ऐसा आतंकवादी संगठन है, जिसने आतंकवाद को फैलाने के लिए दुनिया के उच्च शिक्षित पुरुषों और महिलाओं को लगाया, जिनके बारे में कोई कभी सोच भी नही सकता था. ऐसा दावा किया जाता है कि इस संगठन का अंत 2011 में अमेरिकी सेना ने ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के एबटाबाद में मारकर किया.

तालिबान

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1994 में मुल्ला मोहम्मद उमर के नेतृत्व में इस संगठन का निर्माण हुआ. तालिबान आतंकी संगठन का एकमात्र मकसद अफगानिस्तान पर दोबारा कब्जा करना है. पाकिस्तान में 132 आर्मी स्कूल के बच्चों सहित 148 लोगों की हत्या करने वाला, ये आतंकी संगठन सबसे खतरनाक आतंकी संगठनो में से एक माना जाता हैं.

बोको हराम

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बोको हराम नाइजीरिया का प्रमुख इस्लामी आतंकी संगठन है, इसका एकमात्र मकसद पूरे नाइजीरिया में इस्लामीकरण को बढ़ावा देना हैं. ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2015 की रिपोर्ट के मुताबिक 2013 के मुकाबले 2014 में आतंकी हमलों में मारे गए लोगों की संख्या 80 फीसदी तक बढ़ी है. 2014 में 32,658 लोग मारे गए, जबकि 2013 में आतंकवादी हमलों में 18,111 लोग मारे गए थे. इनमें से बोको हराम आतंकी संगठन 6,644 लोगों की हत्या का जिम्मेदार है, जिनमें 77 फीसदी आम नागरिक हैं. सबसे ज्यादा हमले सिर्फ पांच देशों अफगानिस्तान, इराक, नाइजीरिया, पाकिस्तान और सीरिया में हुए हैं.

लश्कर-ए-तैयबा

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लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन की स्थापना हाफिज मुहम्मद सईद ने की है. लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार माना जाता है. लश्कर-ए-तैयबा ने मुंबई में 2006 में आतंकी हमला किया था, जिसमें 166 निर्दोष लोगों की जान गई थी. लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन का मुख्य काम भारत में आतंकी गतिविधियां फैलाना है. यह पूरे पाकिस्तान में मानवीय हितों की रक्षा करने वाले संगठन के नाम से जाना जाता है. इसके आतंकियों को पाकिस्तानी सेना और ISI (इंटर सर्विस इंटेलिजेंस) की सहायता मिलती है.

अल-शाबान (Al- Shabaan)

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अल-शाबान आतंकी संगठन 2006 में स्थापित किया गया था. अल-शाबान आतंकी संगठन का मुख्य उद्देश्य सोमालिया में विदेशी सैन्य बलों को रोकना था. अल-शाबान ने सबसे विनाशकारी हमला 2015 में केन्या के एक विश्व विद्यालय में किया था. इस हमलें में 148 निर्दोष छात्र मारे गए थे.

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान

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तहरीक-ए-तालिबान आतंकी संगठन ने अपना सम्राज्य पाकिस्तान और अफगानिस्तान सीमा के बीच फैलाया हुआ है. तहरीक-ए-तालिबान आतंकी संगठन का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान सरकार को जड़ से उखाड़ फेकना हैं. इस आतंकी सगठन का नेता मुल्ला फजलुल्ला है.

रिवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ कोलंबिया

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कोलंबिया का यह मार्क्सवादी-लेनिनवादी आतंकी संगठन पूरी दुनिया में ड्रग्स तस्करी और लैटिन अमेरिकी देशों में आतंकी गतिविधियों के लिए बदनाम है. इसकी स्थापना सन 1964 में हुई थी.

अबू सय्याफ

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अबू सय्याफ दक्षिण-पूर्व एशिया में फिलीपींस देश का एक आतंकी संगठन है. इस संगठन का काम लोगों को लूटना हैं. फिलीपींस के सल्लू टापू और तटवर्ती इलाकों में अपहरण और फिरौती करके इसके सदस्य अपना खर्चा चलाते हैं.

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जेमा इस्लामिया

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जेमाह इस्लामिया दक्षिण-पूर्व एशिया में अल कायदा का ही भाग है. इस संगठन ने 2002 में इंडोनेशिया के बाली राज्य में विस्फोट किया था, जिसकी वजह से 202 मासूम लोगों की जानें चली गईं थीं.

जानिए बुध ग्रह के वक्री होने से क्या होगा 12 राशियों पर असर

मार्च में बुध ग्रह वक्री होने वाला है। जानते हैं कि इसका लोगों के जीवन में क्या असर पड़ सकता है। बुध ग्रह 5 मार्च से लेकर 28 मार्च तक वक्री रहेगा।इन सितारों की वजह से ही हमारे जीवन में खुशियां या फिर नकारात्मकता आती है। इनकी हल्की सी गति भी मनुष्यों के व्यवहार को प्रभावित करती है।वक्री बुध का हमारे जीवन में बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, क्योंकि जहां जिस भाव में सामान्य तौर पर बुध ग्रह अच्छा प्रभाव देते हैं, वहां उसका उल्टा प्रभाव देंगे। बुध का हमारे जीवन में विशेष महत्व है, क्योंकि बुध हमारी बुद्धि, विद्या, गणित, सांख्यिकी व व्यापार आदि का कारक ग्रह माना जाता है। तो आइए जानते हैं कि प्रत्येक राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा वक्री बुध का?

मेष राशि 

आपके 12 भाव में बुध ग्रह वक्री होने जा रहे हैं। हालांकि 12 भाव में बुध ग्रह श्रेष्ठ फल प्रदाता नहीं है लेकिन यहां स्थित आपको विशेष लाभ दिला सकते हैं। सट्टेबाजी में विशेष लाभ आपको प्राप्त हो सकता है। किसी श्रेष्ठ कार्य में खर्च बढ़ेगा। किसी विशिष्ट कार्य के लिए यात्रा कर सकते हैं, साथ ही गूढ़ अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। इस समय मन की एकाग्रता आपको विशेष लाभ दिलाएगी। विरोधी परास्त होंगे। अचानक शुभ समाचार प्राप्त हो सकते हैं। इस समय में बड़ा परिवर्तन होगा, जो आपके लिए विशेष लाभकारी होगा।

वृषभ राशि 

आपके ग्यारहवें भाव में वक्री बुध गोचर करने जा रहे हैं। यहां स्थित बहुत अच्छे फलप्रदायक माने गए हैं लेकिन वक्री बुध उल्टा प्रभाव देंगे यानी अपनी इच्छा-महत्वाकांक्षा की पूर्ति होने में समस्या पैदा हो सकती है। मित्र और रिश्तेदारों से परेशानी प्राप्त हो सकती है। अगर आप प्रेम संबंध में लिप्त हैं, तो यहां आपको परेशानी दे सकते हैं। वक्री बुध से लंबी यात्राओं से परेशानी हो सकती है। सहयोगियों से सहयोग प्राप्त होने में परेशानी हो सकती है। इस समय बुध आपको भाई-बहन, मामा-मौसी आदि से लड़ाई-झगड़ा करवा सकता है। इससे परेशानी आपको आ सकती है। इस समय आपको कान संबंधी परेशानी हो सकती है।

मिथुन राशि

आपको बता दें कि मिथुन राशि के जातकों की राशि का स्वामी बुध ही है। बुध के वक्री होने से आपके बातचीत के स्तर पर असर होने की संभावना है। वक्ता के तौर पर मिथुन राशि के लोगों की खास पहचान है लेकिन ग्रहों की चाल में होने वाली तब्दीली से आपकी क्षमता प्रभावित होगी। बोलते समय हो सकता है आप अपनी बात ही भूल जाएं और आपको बंधा हुआ सा महसूस हो। आप इस चीज को अपने ऊपर हावी ना होने दें।

कर्क राशि

आमतौर पर कर्क राशि के जातकों को चुपचाप तमाशबीन बने रहने के लिए जाना जाता है लेकिन बुध के वक्री होने के बाद से वो चुप नहीं रहने वाले हैं। संभावना है कि बुध के इस परिवर्तन से आप इमोशनल और थोड़े चिड़चिड़े हो सकते हैं। किसी बड़ी वजह के बिना ही आपको छोटी छोटी बात पर गुस्सा आ सकता है। सलाह है कि आप कुछ भी बोलने से पहले धैर्य रखें।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोग अपने जोशीले और सकारात्मक शख्सियत के लिए जाने जाते हैं लेकिन मार्च के महीने में ऐसा नजर नहीं आने वाला है। संभावना है कि आपकी ऊर्जा काफी कम रहेगी। आप काफी आलस महसूस करेंगे और चीजों को लेकर आप में रूचि नहीं रहेगी।

कन्या राशि

आप जीवन में बहुत सारी चीजों को लेकर कंफ्यूज रहेंगे। आप हर चीज को लेकर बहुत ज्यादा ना सोचें और इस वक्त को गुजर जाने दें। बेहतर होगा कि आप धैर्य रखें और असमंजस की स्थिति को खुद पर हावी ना होने दें।

तुला राशि

हम जानते हैं कि इस राशि के जातक अपने दिल की बात को अनसुना करके सामने वाले की खुशियों का ध्यान रखते हैं। लेकिन इस पूरी अवधि के दौरान आप अपने मन की बात जाहिर करने वाले हैं। आपको यही सलाह दी जाती है कि आप ठंडे दिमाग से काम लें और अपनी बातों से किसी को चोट ना पहुंचाए।

वृश्चिक राशि

आपके पंचम भाव में बुध ग्रह वक्री होने जा रहे हैं। इस अवधि में वासनापरक विचार सिर्फ आपको अवसादित ही नहीं करेंगे, बल्कि जलील भी करवा सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण आपकी नित्य चर्चा में भी व्यवधान उपस्थित हो जाएगा। वैसे नौकरी के हालात अच्छे रहेंगे। यद्यपि काम का बोझ थकाने वाला होगा। स्त्री वर्ग से आपका व्यवहार मधुर नहीं रह पाएगा। विरोधी प्रबल होंगे। विपरीत परिस्थितियों में प्रतिरोधात्मक शक्ति का विकास प्राप्त करने का प्रयत्न करें। भारी व्यय होने की भी संभावना है।

धनु राशि

आपके चतुर्थ भाव में बुध ग्रह वक्री होने जा रहे हैं। थोड़े से लाभ के लिए आपको बहुत मेहनत करनी पड़ सकती है। नौकरी के हालात बदतर होते जाएंगे। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं परेशान करेंगी। परिवारजनों से संबंध भी इस अवधि में अच्छे नहीं रहेंगे। विरोधी प्रबल होंगे। व्यर्थ की यात्राओं से बचें। वैसे मुकदमेबाजी और न्यायालयों के मामलों के लिए यह समय अच्छा है। जीवन शक्ति और स्फूर्ति में कमी महसूस होने के कारण झगड़े और झंझटों से दूर रहने का प्रयत्न करें।

मकर राशि

आपके तीसरे भाव में बुध ग्रह वक्री होने जा रहे हैं। इस अवधि में अचानक लाभ होने की संभावना है। अगर वसीयत प्राप्त करने की संभावना है या आप उसको प्राप्त करने के लिए इच्छुक हैं, तो आप उसे प्राप्त कर सकते हैं। आपका मन धार्मिक क्रिया-कलापों की ओर झुका रहेगा। कुछ अतीन्द्रिय अनुभव भी प्राप्त कर सकते हैं। पारिवारिक माहौल सौहार्दपूर्ण रहेगा। अचानक यात्राएं सफलतादायक सिद्ध होंगी। आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और सम्मान में इजाफा होगा। छोटी-मोटी बीमारियां मानसिक शांति भंग कर सकती हैं। आप तीर्थाटन पर जा सकते हैं। कुल मिलाकर सुखी रहेंगे।

कुंभ राशि

बुध ग्रह के वक्री होने के कारण आपको बिना किसी वजह के कुंठा और निराशा हो सकती है। आपको चीजों को देखने के लिए दूसरा नजरिया अपनाना चाहिए। आपको सकारात्मक रहना है, तब आपको एहसास होगा कि चीजें उतनी बुरी भी नहीं हुई है जितनी नजर आ रही हैं।

मीन राशि

आपके प्रथम भाव में वक्री होने जा रहे हैं बुध ग्रह। यह अच्छा समय नहीं है, क्योंकि आपके भागीदार या सहयोगी आपको नीचा दिखाएंगे। औरों की लापरवाही और असफलताओं से आप चिंतित रहेंगे। रोजमर्रा के कामों में भी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। बेबुनियाद इल्जाम आप पर मढ़े जाएंगे। छोटे-मोटे झंझट या विवादों से बचें। स्त्री वर्ग से आपके संबंध अच्छे नहीं रहेंगे। जहां तक संभव हो, फालतू की यात्रा कम करें। व्यापार के बड़े-बड़े निर्णय लेने या विकास की योजनाओं पर ध्यान देने के लिए यह आवश्यक है कि आप पूरी जांच-परख करके ही ऐसा करें।

 

 

अब तक लड़े गए भारत-पाकिस्तान युद्ध और उनके कारण

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भारत-पाकिस्तान के बीच माहौल बहुत गर्माया हुआ है और दोनों देशों की सेनाएं सीमा पर जुटी हुई हैं. भारत-पाकिस्तान युद्ध की संभावना भी जताई जा रही है. कुछ लोगों का मानना है पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए यदि एक पूर्ण-युद्ध भी हो जाये तो कोई हर्ज़ नहीं.

भारत-पाकिस्तान के बीच अब तक चार युद्ध हो चुके हैं. कभी UN तो कभी भारतीय राजनीतिज्ञों की अदूरदर्शी सोच के कारण पाकिस्तान को हर बार सस्ते में छोड़ दिया गया और कुछ मुद्दे अधूरे रह गये. जाहिर है कि हर बार पाकिस्तान को मुहं की खानी पड़ी है और इसीलिए वह आतंकवाद जैसे छद्म युद्ध का सहारा लेकर भारत को परेशान करता रहा है.

साल 1947 में जब भारत ब्रिटिश शासन से तो आज़ाद हुआ लेकिन रक्तरंजित विभाजन से पाकिस्तान भी बना। शुरू से ही भारत और पाकिस्तान के बीच बहुत सारे मुद्दों पर विवाद होते रहे और ये विवाद युद्ध का कारण भी बने। कश्मीर, सीमा विवाद, जल विवाद इन युद्धों के कारण बने।

तो आईये देखते हैं वो चार भारत-पाकिस्तान युद्ध जो पिछले 70 सालों में भारत-पाकिस्तान के बीच लड़े गये और हर बार पाकिस्तान को हार तो मिली लेकिन उसने कोई सबक नहीं लिया.

1947-1948 का भारत-पाकिस्तान युद्ध

भारत और पाकिस्तान के बीच अक्टूबर 1947 में पहली जंग हुई। भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद का केंद्र कश्मीर था। पाकिस्तान सेना ने कबाइलियों के भेष में हज़ारों की संख्या में कश्मीर में प्रवेश कर राज्य के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया. कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने भारत से सैन्य सहायता प्राप्त करने के लिए को इंस्ट्रूमेंट ऑफ़ अक्सेशन पर हस्ताक्षर किये.

इस संधि के बाद भारत ने कश्मीर में अपनी सेना भेजी, जबकि पाकिस्तान ने आज़ाद कश्मीर आंदोलन की सहायता के लिए अपनी सेना को भेजा। भारतीय सेना बढ़त पर थी और कश्मीर से पाकिस्तान सेना को खदेड़ रही थी. कहा जाता है कि यदि सेना को कुछ घंटे और दे दिए गये होते तो वो पूरे कश्मीर से पाकिस्तान को पीछे धकेल देती लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु मसले को संयुक्त राष्ट्र में ले गये और संघर्ष विराम करना पड़ा. 1 जनवरी 1949 की रात को 23:59 बजे एक औपचारिक संघर्ष-विराम घोषित किया गया था। पाकिस्तान के नियंत्रण में भारत में जम्मू और कश्मीर का एक हिस्सा है, जिसे “पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके)” कहते हैं.

1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध

1965 में दूसरा c हुआ। 1947 की आज़ादी के बाद दोनो देशों के बीच कश्मीर मुद्दे के आलावा ‘कच्छ के रण’ की सीमा का विवाद भी था। कच्छ का रण गुजरात में स्थित है और यह एक दलदली और बंजर इलाका है। पाकिस्तान इसके एक बड़े हिस्से पर अपना हक मानता था। अप्रैल 1965 में कच्छ के रण में पाकिस्तान ने जानबूझकर झड़पे शुरू कर दी और इस ऑपरेशन का नाम ‘डेजर्ट हॉक’ रखा था।

यह जंग पाकिस्तान के ऑपरेशन जिब्रॉल्टर के साथ शुरू हुई, जिसके अनुसार पाकिस्तान की योजना जम्मू कश्मीर में सेना भेजकर वहां भारतीय शासन के विरुद्ध विद्रोह शुरू करने की थी। इसके जवाब में भारत ने भी पश्चिमी पाकिस्तान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले शुरू कर दिए। सत्रह दिनों तक चली, इस जंग में हज़ारों की संख्या में जानें गयी थी। संयुक्त राष्ट्र के निर्दिष्ट संघर्ष विराम के बाद ये जंग समाप्त हुई जिसमें दोनों तरफ के 3 से 4 हज़ार सैनिक मारे गये.

1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध

3 दिसंबर 1971 को भारत-पाक युद्ध की शुरुआत हुई। इस युद्ध को बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के नाम से भी जाना जाता है. इस युद्ध की शुरुआत पाकिस्तान द्वारा भारतीय वायुसेना के 11 स्टेशनों पर हवाई हमले करने से हुई, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय सेना पूर्वी पाकिस्तान में बांग्लादेशी स्वतंत्रता संग्राम में बंगाली राष्ट्रवादी गुटों के समर्थन में कूद पड़ी। मात्र 13 दिन चलने वाला यह युद्ध इतिहास में दर्ज सबसे छोटे युद्धों में से एक रहा।

युद्ध के दौरान भारतीय एवं पाकिस्तानी सेना का आमना- सामना हुआ और ये तब तक चला जब तक कि पूर्वी पाकिस्तानी में पाकिस्तान समर्पण अभिलेख पर ढाका में हस्ताक्षर नहीं कर दिये। अतीत का पूर्वी पाकिस्तान एक नया राष्ट्र बांग्लादेश घोषित हुआ।

1971 भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना के सरेंडर करने के साथ ही इस युद्ध की समाप्ति हुई और एक नये देश बांग्लादेश का जन्म हुआ।

एक अनुमान के अनुसार इस युद्ध में लगभग 3 लाख बांग्लादेशी नागरिक हताहत हुए और 93000 पाकिस्तानी सैनिकों को भारतीय सेना द्वारा बन्दी बना लिया गया।

1999 का कारगिल युद्ध

कारगिल युद्ध, जिसे ऑपरेशन विजय के नाम से भी जाना जाता है, यह जंग 1999 में मई और जुलाई के बीच कश्मीर के कारगिल में हुई थी। 3 मई 1999 को इस जंग की शुरुआत हुई थी। पाकिस्तान की सेना और उग्रवादियों ने भारत और पाकिस्तान के बीच की नियंत्रण रेखा पार करके भारत की ज़मीन पर कब्ज़ा करने की कोशिश की।

करीब 5,000 घुसपैठिए इस जंग में शामिल थे। भारतीय सेना और वायुसेना ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाली जगहों पर हमला किया. 60 से अधिक दिनों तक चली, इस जंग में भारत ने पाकिस्तान को अपनी सीमा में वापिस जाने को मज़बूर कर दिया और पाकिस्तान पर विजय प्राप्त की।

26 जुलाई 1999 को यह जंग खत्म हुई, करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर कारगिल में लड़ी गई, इस जंग में भारत ने लगभग 527 से ज्यादा वीर योद्धाओं को खोया था, वहीं 1300 से ज्यादा घायल हुए थे।

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