चौंका देने वाले कुछ 30 मज़ेदार रोचक तथ्य

यह दुनिया रहस्यों से भरी है। इस दुनिया में बहुत सारी ऐसी चीज़ें हैं जिनके बारे में हम में से बहुत ज्यादा लोगों को को बहुत कम पता है। फंडाबुक की रोचक तथ्यों की सीरीज़ के इस लेख में हम कुछ ऐसे ही मिलेजुले रोचक और मज़ेदार रोचक तथ्य लेकर आए हैं। यह रोचक तथ्य आपके ज्ञान को तो बढ़ाएंगे ही साथ ही आपको हैरान भी कर सकते हैं।

तो आइए देखते हैं कुछ मजेदार रोचक तथ्य।

  1. एक इंसान अंतरिक्ष के Vacuum यानि को लगभग 90 Seconds तक ही झेल सकता है।
  2. काम करते समय या पढ़ते समय खुद से बातचीत करने से ध्यान एकाग्र करने में मदद मिलती है।
  3. वैज्ञानिक आज तक निश्चित नहीं कर पाए हैं कि डायनासोर का कौन रंग क्या था।
  4. जब आप शरमा रहे होते हैं या शर्मिंदा महसूस कर रहें हो तो आपके पेट के अंदर का रंग लाल हो जाता है।
  5. पृथ्वी के 40% हिस्से में दुनिया के सिर्फ 6 देश हैं।
  6. आप स्पेस में कभी रो नहीं सकते क्योंकि आपके आंसू नीचे ही नहीं गिरेंगे। ऐसा ग्रैविटी यानि गुरुत्वाकर्षण के कारण होता है
  7. इंसान का दिमाग उसके द्वारा ली गई कुल कैलोरी और ऑक्सीज़न का 20% रोजाना इस्तेमाल करता है।
  8. शोधों के अनुसार जो लोग जल्दी शरमा जाते हैं वे अधिक दयालु और विश्वसनीय होते हैं।
  9. सूरज द्वारा छोड़े गए 800 अरब से ज्यादा न्यूट्रॉन आपके शरीर से गुज़र गए होंगे, जब तक आप ने यह वाक्य पढ़ा है।
  10. धरती पर हर साल 77 लाख लोगों का बोझ बढ़ जाता है।
  11. अगर किसी इंसान को बिना किसी सुरक्षा उपाय के स्पेस में छोड़ दिया जाए तो वह केवल 2 मिनट तक ही ज़िंदा रहेगा।
  12. मैक्सिको के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी चीज़ की खोज़ की है जिसकी मदद से वो टकीला को हीरे में बदल सकते हैं।
  13. हमारे दिमाग में अच्छी यादों से ज्यादा बुरी यादों को याद रखने की क्षमता ज्यादा होती है।
  14. अगर किसी एक आकाश गंगा के सारे तारे नमक के दाने जितने हो जाएं तो वह पूरा का पूरा ओलंपिक स्विमिंग पूल भर सकते हैं। (ओलंपिक स्विमिंग पूल का आकार: लंबाई में 50 मीटर या 164 फीट, चौड़ाई 25 मीटर या 82 फीट, और गहराई में 2 मीटर या 6 फीट)
  15. अंतरिक्ष में मौजूद कचरे का एक टुकड़ा हर दिन पृथ्वी पर गिरता है। यह अनुमान नासा के वैज्ञानिकों ने लगाया है।
  16. धरती से आसमान नीला दिखाई देता है लेकिन अंतरिक्ष यात्रियों को यह काला दिखाई देता है।
  17. न्यूटरोन तारे का एक चम्मच पूरे माउंट एवरेस्ट से ज्यादा भारी होता है।
  18. अगर एक कमरे में 20 लोग हैं तो 50 प्रतिशत संभावना है कि किन्हीं दो की जन्म तारीख समान होगी।
  19. हवा तब तक आवाज़ नहीं करती जब यह किसी वस्तु के विपरीत ना चले।
  20. प्लास्टिक की एक बोतल को पूरी तरह से नष्ट करने में 4 हज़ार से भी ज्यादा साल लगते हैं।
  21. अगर आप स्पेस में जाते हैं तो आप गला घुटने की बजाए शरीर के फटने से मर जाएंगे क्योंकि वहां पर हवा का दबाब नहीं है।
  22. सोने जाने के पहले बिस्तर पर 93 प्रतिशत लोग अपने सोने के लिए मिलने वाले घंटे गिनते हैं।
  23. आपको जानकर हैरानी होगी कि ततैया और बर्रों ने अब तक लगभग 200 लोगों की जानें ली हैं और 2 हवाई जहाज़ गिरा दिए हैं. साल 1980 और 1986 में हुए हवाई जहाज़ हादसे इन्हीं के कारण हुए थे।
  24. अगर आप बात करते समय हाथों का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं, तो आप अधिक प्रतिभाशाली और आत्मविश्वासी हैं।
  25. अगर आप स्पेस में किसी के सामने खड़े रहकर भी तेज़ चिल्लायेंगे तो भी वह आपकी आवाज़ नहीं सुन पायेगा क्योंकि वहां पर आपकी आवाज़ को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का कोई माध्यम नहीं है।
  26. अगर आप गूगल में ‘Tilt’ शब्द खोजेंगे, तो पेज खुद थोडा झुका हुआ रहेगा।
  27. पैंगविन समंदर का खारा पानी पी सकते हैं। इनके शरीर में एक सबोरबिटल ग्रंथि होती है जो पानी और नमक को अलग करती है।
  28. नाखून को शुरुआती हिस्से से आखिरी हिस्से तक बढने में पूरे 6 महीने लगते हैं।
  29. क्या आप जानते हैं कि पूरी दुनिया को टॉइलेट पेपर मुहैय्या कराने के लिए हर साल लगभग 27,000 पेड़ काट दिए जाते हैं।
  30. लड़कियां भाषा लड़कों की तुलना में जल्दी सीखती है और अधिक कठिन शब्दों का प्रयोग करती हैं।

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मोबाइल फोन के बारे में जानने योग्य बातें

मोबाइल फोन ने पूरी दुनिया में चमत्कारिक बदलाव ला दिया है. वर्षों पहले लोग सोच भी नहीं सकते थे कि एक ऐसा आविष्कार होगा, जिससे हम दुनिया के किसी भी कोने में किसी से भी बात कर सकेंगे. मोबाइल फोन के कारण हर क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आए है. आइये जानते हैं मोबाइल फोन के बारें में कुछ दिलचस्प बातें:-

  1. आपके मोबाइल फोन में अपोलो 11 उपग्रह में इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर से भी ज्यादा गणना करने की क्षमता है. इस उपग्रह को पहली बार चन्द्रमा की जमीन पर उतारा गया था.
  2. सबसे पहला मोबाइल फोन, जो अमेरिका में 1983 में बिका था. इस फोन की कीमत 2,65,369 रुपए थी.
  3. एप्पल कंपनी ने 2012 में प्रतिदिन 340,000 फोन बेचे थे.
  4. मोबाइल फोन में शौचालय के हैंडल से 18 गुना अधिक बैक्टीरिया होते हैं.
  5. जापान में 90 प्रतिशत से भी ज्यादा मोबाइल फोन वाटरप्रूफ हैं, क्योंकि जापान में ज्यादातर युवा शावर लेते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं.
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  6. आपके मोबाइल फोन से निकलने वाली विकिरणें अनिद्रा, सर दर्द और भ्रम जैसी स्थितियों को पैदा कर सकती है.
  7. वैज्ञानिकों ने ऐसा तरीका खोजा है, जिससे आप यूरिन से मोबाइल को चार्ज कर सकते हैं.
  8. सबसे पहली मोबाइल कॉल 1973 में मार्टिन कूपर द्वारा की गई थी, वह मोटोरोला कंपनी के आविष्कारक थे.
  9. एप्पल आईफोन की बिक्री माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के सभी उत्पादों से भी ज्यादा हो चुकी है.
  10. नोमोफोबिया (Nomophobia), एक ऐसा फोबिया है, जिसमें आपको अपने मोबाइल फोन गुम होने या मोबाइल का सिग्नल नहीं मिलने का डर लगा रहता है.
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  11. अब तक दुनिया में सबसे ज्यादा nokia 1100 मोबाइल बिका है, इसके 25 करोड़ से भी ज्यादा सेट लोगों द्वारा खरीदे गये थे.
  12. ब्रिटेन में हर वर्ष 1,00,000 मोबाइल फोन शौचालय में ही गिर जाते हैं.
  13. पूरी दुनिया में लोगों के पास शौचालयों से भी ज्यादा मोबाइल फोन हैं.
  14. चीन में कंप्यूटर से ज्यादा मोबाइल फोनों पर इन्टरनेट का उपयोग होता है.
  15. फेसबुक पर ज्यादातर तस्वीरें और विडियो मोबाइल फोनों के माध्यम से अपलोड की जाती हैं, जो पूरे वेब यातायात का 27 प्रतिशत हैं.
  16. एप्पल का फोन चार्जिंग के लिए बहुत कम बिजली लेता है. एप्पल फोन की चार्जिंग पूरे वर्ष में सिर्फ 16 रुपए की बिजली खपत करता है.
  17. दुनिया के 65 प्रतिशत स्मार्टफोन हर महीने जीरो (Zero Launcher) नाम की एप्लिकेशन डाउनलोड करते हैं.
  18. स्मार्टफोन जैसी अदभुत टेक्नोलॉजी बनाने के पीछे 2,50,000 अलग-अलग अविष्कारों का हाथ है.
  19. 99 प्रतिशत से भी ज्यादा वायरस स्मार्टफोनों पर हमला करने के लिए बनाए जाते हैं.
  20. औसतन आदमी दिन में 110 बार स्मार्टफोन के स्क्रीन लॉक को खोलता है.
  21. 47 प्रतिशत से भी ज्यादा अमेरिकियों का मानना है कि वह स्मार्ट फोन उनके लिए इतना मायने रखता है कि वह इसके बिना जीवित नहीं रह सकते.
  22. फ़िनलैंड देश में मोबाइल को फेंकने का खेल खेला जाता है.

महाशिवरात्रि – जानिए किन राशियों पर होगी महादेव की कृपा

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महाशिवरात्रि हिंदुओं के सबसे बड़े पर्वों में से एक है। शिवरात्रि का यह मुख्य पर्व साल में दो बार आता है, एक फाल्गुन के महीने में तो दूसरा श्रावण मास में आता है। फाल्गुन के महीने की शिवरात्रि को, महाशिवरात्रि कहा जाता है। इसे फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है।

हिंदू धर्म में, महाशिवरात्रि व्रत, पूजा, कथा और उपायों का खास महत्व होता है। इस दिन लोग देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने के लिए बड़ी आस्था से परिपूर्ण महाशिवरात्रि का व्रत करते हैं।

कब है महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि 2019 तिथि की बात करें तो, इस बार महाशिवरात्रि 4 मार्च 2019 को है। महाशिवरात्रि के शुभ मुहूर्त का समय सुबह 07:04 से दोपहर 03:20 तक रहेगा।

क्यों मनाई जाती है महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि को लेकर दो कथाएं प्रचलित हैं। पहली कथा के अनुसार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए भक्तगण महा शिवरात्रि को गौरी-शंकर की शादी की सालगिरह के रूप में मानते हैं। विवरण मिलता है कि भगवती पार्वती ने शिव को पति के रूप में पाने के लिए घनघोर तपस्या की थी।

दूसरी कथा के अनुसार इस दिन एक निषादराज अपने कुत्ते के साथ शिकार खेलने गया, किन्तु उसे कोई शिकार नहीं मिला। वह थककर भूख-प्यास से परेशान हो कर, एक तालाब के किनारे गया, जहाँ बिल्व वृक्ष के नीचे शिवलिंग था। अपने शरीर को आराम देने के लिए उसने कुछ बिल्व-पत्र तोड़े, जो शिवलिंग पर भी गिर गए।

अपने पैरों को साफ़ करने के लिए उसने तालाब का जल छिड़का, जिसकी कुछ बून्दें शिवलिंग पर भी जा गिरीं। ऐसा करते समय उसका एक तीर नीचे गिर गया, जिसे उठाने के लिए वह शिव लिंग के सामने नीचे को झुका। इस तरह शिवरात्रि के दिन शिव-पूजन की पूरी प्रक्रिया उसने अनजाने में ही पूरी कर ली। मृत्यु के बाद जब यमदूत उसे लेने आए, तो शिव के गणों ने उसकी रक्षा की और उन्हें भगा दिया।

किन राशियों पर होगी महादेव की कृपा

वृषभ राशि

इस राशि के लोगों पर शिव जी की विशेष कृपा रहेगी। आपके रुके हुए सभी काम पूरे होंगे। आपको सफलता और आय के नए स्रोत प्राप्त होंगे। महाशिवरात्रि का दिन आपके लिए बहुत ही लाभदायक रहेगा।

मिथुन राशि

इस राशि के लोगों के लिए महाशिवरात्रि आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद रहेगी। आपको धन वृद्धि और व्यवसाय में लाभ मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए महाशिवरात्रि बहुत लाभदायक रहेगी।

तुला राशि

इस राशि के लोगों के लिए व्यापार में लाभ के योग बन रहे हैं। बेरोजगार लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

धनु राशि

इस राशि के जो लोग अपना काम शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए यह टाइम उचित है। इस समय शुरू किए गए इस काम से आगे चलकर बहुत लाभ मिलेगा।

उपरोक्त राशि वालों पर महादेव भगवान भोले शंकर की विशेष कृपा रहेगी। लेकिन अन्य राशि वालों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। यहाँ दिये उपायों में से किसी भी उपाय को अपनाकर दूसरी राशि वाले भी भगवान शिव को प्रसन्न करके उनकी कृपा पा सकते हैं। (यहां देखें: महाशिवरात्रि पर महादेव को प्रसन्न करने के अचूक उपाय)

कैसे करे व्रत और पूजा की विधि

  • मिट्टी के लोटे में पानी या दूध भरकर, ऊपर से बेलपत्र, आक-धतूरे के फूल, चावल आदि डालकर ‘शिवलिंग’ पर चढ़ाना चाहिए। अगर आस-पास कोई शिव मंदिर नहीं है, तो घर में ही मिट्टी का शिवलिंग बनाकर उनका पूजन किया जाना चाहिए।
  • शिव पुराण का पाठ और महामृत्युंजय मंत्र या शिव के पंचाक्षर मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप इस दिन करना चाहिए। साथ ही महाशिवरात्री के दिन रात्रि जागरण का भी विधान है।
  • शास्त्रीय विधि-विधान के अनुसार शिवरात्रि का पूजन ‘निशीथ काल’ में करना सर्वश्रेष्ठ रहता है। हालाँकि भक्त रात्रि के चारों प्रहरों में से अपनी सुविधानुसार यह पूजन कर सकते हैं।

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एक मरते हुए इंसान के 5 पछतावे! इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप न करें ये भूल!

कहावत है कि मरता हुआ इंसान कभी झूठ नहीं बोलता। ये शायद इसलिए भी सच है कि मरते हुए इंसान के पास खोने के लिए कुछ नहीं होता क्योंकि उसको एहसास हो चुका होता है कि इस धरती पर ये इसका आखिरी पल है और इसके बाद वह किसी को अपने बारे में अच्छा बुरा कुछ भी नहीं बता पाएगा। यह पछतावे का पहला चरण होता है।

हम पूरा जीवन खुद को बेहतर इंसान साबित करने मे गुजार देते हैं लेकिन अंतिम क्षण में जब सब कुछ खत्म होने को होता है तो कुछ भी मायने नहीं रखता। मायने रखता है तो केवल यह कि हम कैसे जिये और हमने क्या सही किया और क्या गलत। क्या ऐसा किया जो नहीं करना चाहिए था और क्या नहीं किया जो करना चाहिए था।

जब मृत्यु नजदीक हो तो इंसान उन सभी अच्छे बुरे पलों को याद करता है जो उसके जीवन के सबसे नजदीक रहे और जिन्होने उसकी जीवन के रुख को मोड़ दिया। आखिर साथ जाता है तो अच्छी बुरी यादें और कुछ पश्चाताप यानि पछतावे। इंसान के अंतिम दिनों में पछतावे पर ब्रोनी वेयर की एक किताब ने तहलका मचा दिया। हम उसी किताब से टॉप 5 पछतावों पर चर्चा करेंगे जो ब्रोनी वेयर ने अपनी बेस्ट सेलिंग किताब में लिखे हैं।

कौन है ब्रोनी वेयर

आस्ट्रेलिया की रहने वाली अब 52 वर्षीय ब्रोनी वेयर कई वर्षों तक कोई ढंग का काम तलाशती रही, लेकिन कोई फॉर्मल ट्रेनिंग, क्वालीफिकेशन या अनुभव न होने के कारण बात नहीं बनी। फिर उन्होंने एक हॉस्पिटेल की पैलिएटिव केयर यूनिट में काम करना शुरू किया। यह वह यूनिट होती है जिसमें टर्मिनली इल या अंतिम स्टेज वाले मरीजों को रखा  जाता है। उसमें मृत्यु से जूझ रहे लाइलाज बीमारियों व असहनीय दर्द से पीड़ित मरीजों की मैडीकल डोज धीरे-धीरे कम की जाती है और परामर्श(counseling) के माध्यम से उनकी आध्यात्मिक और आस्था चिकित्सा (faith healing) की जाती है। जिससे वे एक शांति पूर्ण मृत्यु की ओर बढ़ सकें।

ब्रोनी वेयर ने ब्रिटेन और मिडिल ईस्ट में कई वर्षों तक मरीजों की कांऊसलिंग करते हुए पाया कि मरते हुए लोगों को कोई न कोई पछतावा(regret) जरूर था। उन्होंने यह भी पाया कि मरते हुए मरीजों के बड़े पछतावे या रिग्रेट्स में एक कॉमन पैटर्न था। हम सब इस सच्चाई को जानते हैं कि मरता हुआ व्यक्ति हमेशा सच बोलता है। उसकी एक-एक बात ईश्वर की वाणी (इपिफनी, epiphany) जैसी होती है।

मरते हुए मरीजों की इपिफनी को ब्रोनी वेयर ने 2009 में एक ब्लॉग के रूप में रिकार्ड किया। बाद में उन्होंने अपने निष्कर्ष को एक किताब ‘द टॉप फाइव रिग्रेट्स ऑफ द डाइंग‘ के रूप में पब्लिश किया। छपते ही यह विश्व की बैस्ट सैलिंग बुक साबित हुई और अब तक 29 भाषाओं में छप चुकी है। पूरी दुनिया में इसे 10 लाख से भी ज्यादा लोगों ने पढ़ा और प्रेरित हुए। देखें किताब.

बोनी द्वारा लिखित पांच सबसे बड़े पछतावे संक्षेप में ये हैं। 

काश! मैं दूसरों के अनुसार न जीकर अपने अनुसार जिंदगी जीने की हिम्मत जुटा पाता

यह सबसे ज्यादा सामान्य पछतावा था। इसमें यह भी शामिल था कि जब तक हम यह महसूस करते हैं कि अच्छा स्वास्थ्य ही आजादी से जीने की राह देता है तब तक यह हाथ से निकल चुका होता है।

काश! मैंने इतनी कड़ी मेहनत न की होती

ब्रोनी वेयर ने बताया कि उन्होंने जितने भी मरीज पुरुषों का उपचार किया लगभग सभी को यह रिग्रेट था और उन्होंने अपने रिश्तों को समय न दे पाने की गलती मानी। ज्यादातर मरीजों को पछतावा था कि उन्होंने अपना अधिकतर जीवन अपने कार्यस्थल पर खर्च कर दिया। उसमें से हरेक ने कहा कि थोड़ी कम मेहनत करके अपने और अपने के लिए समय निकाल सकते थे।

काश! मैं अपनी भावनाओं का इजहार करने की हिम्मत जुटा पाता

ब्रोनी वेयर ने पाया कि बहुत सारे लोगों ने अपनी भावनाओं का केवल इसीलिए गला घोंट दिया जिससे कि शांति बनी रहे । परिणामस्वरूप उनको औसत दर्जे का जीवन जीना पड़ा और वे अपनी वास्तविक योग्यता के अनुसार ऊंची जगह नहीं पा सके। इस बात की कड़वाहट और असंतोष के कारण उनको कई बीमारियां हो गईं।

काश! मैं अपने बचपन के दोस्तों के सम्पर्क में रहा होता

ब्रोनी वेयर ने देखा कि अक्सर लोगों को मृत्यु के नजदीक पहुंचने तक पुरानी दोस्ती के पूरे फायदों का वास्तविक आभास भी नहीं हुआ। अधिकतर तो अपनी जिंदगी में इतने उलझ गए थे कि उनकी कई वर्ष पुरानी गोल्डन फ्रेंडशिप उनके हाथ से निकल गई थी। उनके द्वारा दोस्ती को अपेक्षित सय और जोर न देने का गहरा अफसोस था। हर कोई मरते वक्त अपने दोस्तों को याद कर रहा था।

काश! मैं अपनी इच्छानुसार अपने आपको खुश रख पाता

आम आश्चर्य की यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात है कि कई लोगों को जीवन के अंत तक यह पता ही नहीं चलता कि खुशी भी एक च्वाइस है। यानि हम अपनी मर्जी से जब चाहें खुश हो सकते हैं और इसमें कोई भी बाहरी चीज़ अड़चन पैदा नहीं कर सकती, बशर्ते हम अपनी गुलामी वाली मानसिकता से बाहर निकलें. हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि “हैपीनेस इज नाओ।” HAPPINESS IS NOW!!!

तो आप क्या समझे? जीवन को एक अलग नज़रिये से देखिये और आप पाएंगे की आप जीवन के असली आनंद का अनुभव कर रहे हैं। अगर आप ब्रोनी वेयर की किताब पढना चाहते हैं तो यहाँ से खरीद सकते हैं. बहुत ही लाइफ चेंजिग किताब है जिसका मूल्य केवल 942 रूपए है.

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दुनिया की 10 सबसे तेज़ कारें

कार को मुख्य रूप से लोगों के माल के परिवहन के लिए बनाया गया है। नई और अग्रिम तकनीक ने कारों को ओर भी आकर्षक, शानदार, खूबसूरत और तेज़ कर दिया है। यह हैं, दुनिया की सबसे तेज़ कारें, जिनकी अपनी अलग खासियत और विशेषताएं हैं।

जगुआर XJR (Jaguar XJR)

जगुआर XJR की कीमत 123,395 डॉलर (करीब 83.44 लाख रुपये) है। इस कार की टॉप स्पीड 300 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 5.0 लीटर इंजन लगा है, जो 575bhp की पावर जनरेट करता है।

वॉक्सहॉल मोनारो (Vauxhall Monaro)

वॉक्सहॉल मोनारो की कीमत 10,000 यूरो से शुरू होती है। इस कार की रफ्तार 255 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 6.0 लीटर इंजन लगा है, जो 576 हॉर्सपावर की पावर जनरेट करता है। इंजन 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स से लैस है।

बी एम डब्लू 540i (BMW 540i)

बी एम डब्लू 540i की कीमत 49.9 लाख रुपये है। इस कार की टॉप स्पीड 250 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 3.0 लीटर इनलाइन-सिक्स सिलेंडर इंजन लगा है। यह इंजन 335 हॉर्सपावर की पावर जनरेट करता है।

फॉक्सवैगन गोल्फ GTI (Volkswagen Golf GTI)

फॉक्सवैगन गोल्फ GTI की शुरुआती कीमत 26,415 यूएस डॉलर है। इस कार की टॉप स्पीड 250 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 2.0 लीटर TSI इंजन लगा है, जो 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन से लैस है।

पोर्शे 944 टर्बो (Porsche 944 Turbo)

पोर्शे 944 टर्बो की कीमत 10,000 यूएस डॉलर से शुरू होती है। इस कार की रफ्तार 250 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 3.0 लीटर 16 वाल्व का इंजन लगा है, जो 205bhp की पावर जनरेट करता है।

लेक्सस LS 400 (Lexus LS 400)

लेक्सस LS 400 की शुरुआती कीमत 1,974 डॉलर है। इस कार की टॉप स्पीड 250 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 4.0 लीटर V8 इंजन लगा है, जो 290 hp की पावर जनरेट करता है। इंजन 5-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से लैस है।

मित्सुबिशी लांसर इवोल्यूशन VI (Mitsubishi Lancer Evolution VI)

मित्सुबिशी लांसर इवोल्यूशन VI की कीमत 20,000 डॉलर है। इस कार की टॉप स्पीड 223 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 2.0 लीटर फोर-सिलेंडर इंजन लगा है, जो 276bhp की पावर और 274lb ft का टॉर्क जनरेट करता है।

माज्डा MX 5 मियाटा (Mazda MX 5 Miata)

माज्डा MX 5 मियाटा की कीमत 32,430 यूएस डॉलर है। इस कार की रफ्तार 214 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 2.0 लीटर का इंजन लगा है। यह इंजन 155 हॉर्सपावर की पावर जनरेट करता है। इस कार का इंजन 6-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रासंमिशन से लैस है।

फोर्ड फ्यूजन स्पोर्ट (Ford Fusion Sport)

फोर्ड फ्यूजन स्पोर्ट की कीमत 33,605 डॉलर है। इस कार की टॉप स्पीड 210 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 2.7 लीटर ईकोबूस्ट V6 इंजन लगा है। इंजन 6-स्पीड सेलेक्टशिफ्ट ऑटोमैटिक के साथ पैडल शिफ्टर्स से लैस है।

होंडा सिविक SI (Honda Civic SI)

होंडा सिविक SI की कीमत 23,900 डॉलर है। इस कार की टॉप स्पीड 210 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस कार में 1.5 लीटर का टर्बोचार्ज्ड फोर-सिलेंडर इंजन लगा है, जो 205 bhp की पावर और 192 lb-ft का टॉर्क जनरेट करता है।

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दुनिया के इन 15 देशों में है अजीबोगरीब ड्राइविंग रूल्स

दुनिया में हर एक देश के अपने अलग- अलग ड्राइविंग रूल्स होते हैं। लोगों को सुरक्षित रखने के लिए यह रूल्स बनाए जाते हैं। ड्राइवर्स को इन नियमों का पालन करना होता है। इंडिया में इतने आसान ड्राइविंग रूल्स होने के बावजूद कई लोग इन्हें फॉलो नहीं करते, लेकिन विदेशों में ड्राइविंग रूल्स को लेकर सभी लोग बेहद गंभीर होते हैं। दुनिया के बहुत से देशों में अजीबोगरीब ड्राइविंग रूल्स बने हुए हैं, इन रूल्स को फॉलो न करने पर जुर्माना या जेल हो सकती है। आइए जानते हैं अलग-अलग देशों के अजीबोगरीब से ड्राइविंग रूल्स के बारे में:-

रूस

रूस में मैली और गंदी गाड़ी चलाने की सख्त मनाही है। अगर रूस में आप बेढंगे तरीके से कार ड्राइव करते हुए पाए गए या फिर कार गंदी हुई, तो आपको जुर्माना भरना होगा। रूस में बतौर ड्राइवर यह आपकी जिम्मेदारी है कि आपकी कार साफ हो।

साइप्रस

इस देश में आप अपनी गाड़ी में कुछ भी खा पी नहीं सकते है। यहां कार में पानी पीना भी अपराध है। अगर आप गाड़ी में कुछ खाते पीते पकड़े गए, तो आपको भारी जुर्माना भरना होगा।

सर्बिया

यूरोप में स्थित सर्बिया देश में लोग अपनी गाड़ी में रस्सी नहीं रख सकते। यहां गाड़ी में रस्सी रखना अपराध माना जाता है। गाड़ी में रस्सी रखने से जुर्माना भरना पड़ सकता है।

अलास्का

अलास्का अमेरिका का एक राज्य है। अलास्का में लोग अपने कार के ऊपर कुत्ता बैठाकर ड्राइव नहीं कर सकते।

थाईलैंड

थाईलैंड में किसी भी तरह का मौसम हो, वहां गाड़ी चलाते समय आपको शर्ट पहनना अनिवार्य है। टॉपलेस होकर वहां वाहन चलाना गैर कानूनी माना जाता है, और भारी जुर्माना भी देना पड़ता है।

मनीला

अगर आप फिलीपिंस की राजधानी मनीला में है और आपकी गाड़ी की प्लेट का नंबर एक या दो पर खत्म होता है, तो आप सोमवार के दिन गाड़ी नहीं चला सकते हैं।

सऊदी अरब

सऊदी अरब में महिलाएं गाड़ी ड्राइव नहीं कर सकती हैं। वहां अगर कोई महिला गाड़ी चलाए तो यह अपराध है। अगर कोई महिला गाड़ी चलाती है, तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है।

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न्यू जर्सी

इंडिया में तो आए दिन लोग ट्रैफिक पुलिस से लड़ते- झगड़ते दिख जाते हैं। लेकिन न्यू जर्सी में अगर ट्रैफिक पुलिस को घूरकर देखा या उनसे कोई बहस की, तो इसके लिए आपको सजा हो सकती है। यहाँ पब्लिकली गुस्सा दिखाना मना है।

स्पेन

स्पेन में अगर आप चश्मा लगाकर गाड़ी चलाते हैं, तो आपको अपने चश्मे का एक और सेम पेयर अपनी गाड़ी में रखना होगा। अगर आप बिना दूसरे पेयर के ग्लासेस के पकड़े जाते हैं, तो आपको फाइन भरना पड़ सकता है।

डेनमार्क और स्वीडन

डेनमार्क और स्वीडन में गाड़ी चलाते समय हेडलाइट दिन भर जलाए रखना अनिवार्य है। दिन में अगर आपने हेडलाइट नहीं जलाई, तो आप पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

ओहियो

कई लोगों को एडवेंचर करना पसंद होता है, पर ओहियो में एडवेंचर आपको महंगा पड़ सकता है। यहां कार के ऊपर बैठना मना है, ऐसा करते पकड़े जाने पर आपको फाइन भरना पड़ेगा।

कोलोराडो

कोलोराडो के डेन्वेर शहर में आप रविवार के दिन काले रंग की गाड़ी नहीं चला सकते।

ओक्लाहोमा

ओक्लाहोमा में ड्राइव करते हुए कॉमिक बुक पढ़ना मना है। इसका मतलब है कि आप कॉमिक्स के अलावा और कोई भी बुक पढ़ सकते हैं।

कैलिफोर्निया

कैलिफोर्निया में कोई भी महिला गाउन पहनकर ड्राइव नहीं कर सकती हैं। अगर किसी महिला ने ऐसा किया, तो उसे भारी जुर्माना देना पड़ेगा।

पेनसिलवेनिया

पेनसिलवेनिया में ड्राइव करते हुए जानवरों का ख्याल रखना बहुत जरुरी है। गाड़ी से किसी जानवर को नुकसान ना पहुंचे, इसके लिए हर एक किलोमीटर के बाद आपको लाइट्स जलाकर जानवरों को सिग्नल देना जरुरी है।

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20 हिन्दू परम्पराओं के पीछे वैज्ञानिक कारण

भारत की 20 हिन्दू परम्पराओं के पीछे छिपे वैज्ञानिक कारण देखिए.

दोनों हाथों को जोड़कर नमस्कार करना

combining-hands-to-greetवैज्ञानिक रूप से दोनों हाथों को जोड़कर नमस्कार करने से आपकी उंगलियों के टिप्स आपस में जुड़ जाते हैं, जो आपके कानों, आँखों और दिमाग के प्रेशर पॉइंट होते हैं. जब आप दोनों हाथों से जोड़कर नमस्कार करते हैं, तो आपके प्रेशर पॉइंट सक्रिय हो जाते हैं. जिससे आप किसी व्यक्ति को लंबे समय तक याद रखते हैं.

भारत में औरतों का बिछिया (Toe Ring) पहनना

india-women-wear-bichia-toe-ringपैरों के अंगूठे में बिछिया (Toe Ring) पहनने का सिर्फ यह मतलब नहीं है कि औरत शादी शुदा है. इस बिछिये के पीछे एक वैज्ञानिक वजह भी है. बिछिया रक्त के प्रवाह को विनियमित करने में मदद करता है. चांदी का बिछिया धुर्वीय उर्जा को अवशोषित कर के शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है.

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नदी में सिक्कों को फेंकना

dropping-coins-into-the-riverसाधारण तौर पर सिक्कों को नदी में फेंकना किस्मत के लिए अच्छा माना जाता है. लेकिन इसके पीछे एक वैज्ञानिक वजह भी है. प्राचीन समय में सिक्के कॉपर के होते थे और नदी के पानी को ही पीने के लिए इस्तेमाल किया जाता था. जब कॉपर के सिक्कों को नदी में फेंका जाता था, तब इन सिक्कों से नदी के पानी में तांबा मिल जाता था. फिर यह पानी लोगों द्वारा पिया जाता था, जिससे उनके शरीर में तांबे का संतुलन बना रहता था.

माथे पर तिलक लगाना

scientific-reason-of-tilak-on-our-foreheadप्राचीन समय से ही माथे के दोनों भौंहों के बीच वाली जगह को तंत्रिका बिंदु के रूप में माना जाता रहा है. इस जगह पर लगाया जाने वाला तिलक शरीर की उर्जा को खराब होने से रोकता है और यह “कुमकुम” शरीर को एकाग्र बनाए रखने में सहायता करता है.

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हिंदू मंदिरों में घंटी होने की वजह

ringing-temples-bells-indian-traditionइस परम्परा के पीछे भी एक वैज्ञानिक वजह है, जब हम मंदिर के अंदर प्रवेश होने से पहले घंटी बजाते हैं, तब घंटी एक तेज़ और टिकाऊ ध्वनि पैदा करती है. तब घंटी की गूँज 7 सेकंड तक रहती है, जो हमारे शरीर के सात हीलिंग केन्द्रों को सक्रिय कर देती है. जिससे हमारे मस्तिष्क में सभी तरह के नकरात्मक ख्याल खत्म हो जाते हैं.

मसालेदार भोजन खाने के बाद मीठा खाने की परम्परा

sweet-dishe-after-spicy-foodइस प्राचीन प्रथा के पीछे भी एक वैज्ञानिक वजह है, मसालेदार भोजन पाचक रस और एसिड को सक्रिय करने का काम करता है. जिससे शरीर में भोजन को पचाने की प्रक्रिया अच्छी तरह से चलती है और उसके बाद मीठा खाने से बनने वाले कार्बोहाइड्रेट पचे हुए भोजन को नींचे खेंच लेते हैं.

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हिंदू धर्म में हाथ और पैरों पर मेहँदी लगाने की वजह

mehndi-designs-for-hands-and-feet-due-to-Hinduismशादी में लड़की का अपने पैरों और हाथों पर मेहँदी लगाने के पीछे एक बड़ी वजह है. जब शादी का दिन पास आता है, तो दुल्हे और दुल्हन पर शादी को लेकर परेशानी बढ़ती जाती है. लेकिन दुल्हन द्वारा हाथों और पैरों पर मेहँदी लगाने से दुल्हन की शादी को लेकर परेशानी कम हो जाती है.

जमीन पर बैठ कर खाना खाने की प्रथा

eating-sitting-on-ground-practiceजमीन पर बैठ कर भोजन करने की परम्परा के पीछे भी एक वैज्ञानिक वजह है. जब आप जमीन पर बैठते हैं, तब आपका शरीर शांत हो जाता है और आप में भोजन को पचाने की क्षमता में बढ़ौत्री होती है, जिससे स्वत: मस्तिष्क को संकेत जाता है कि शरीर भोजन को पचाने के लिए तैयार है.

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उत्तर की तरफ सिर रख के ना सोना

sleeping-positions-north-south-sideहिंदू धर्म में उत्तर की तरफ सर कर के सोने को अशुभ माना जाता है. लेकिन इसके पीछे एक वैज्ञानिक वजह भी है. पृथ्वी की तरह हमारे शरीर में भी चुंबकीय क्षेत्र होता है, जब हम उत्तर की तरफ सर रख कर सोते हैं, तो हमारा चुंबकीय क्षेत्र विषम हो जाता है. जिससे हमारे शरीर को रक्त दबाव, सर दर्द, संज्ञानात्मक जैसी समस्यायों का सामना करना पढ़ता है.

कानों में छेद करना

ear-piercing-hindu-customकानों को बीधना भारत में बहुत समय से प्रचलित परम्परा है. लेकिन इसके पीछे एक वैज्ञानिक वजह भी है कानों को छेदने से हम में भाषण-सयम की भावना आती है. ऐसा करने से हम को धृष्ट व्यवहार और विकारों से मुक्ति मिलती है.

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सूर्य नमस्कार

surya-namaskarहिन्दुओं में सूर्य नमस्कार की परम्परा बहुत प्राचीन समय से है. वैज्ञानिक रूप से देखा जाए, तो सूर्य नमस्कार करना हमारी आँखों के लिए अच्छा होता है और ऐसा करने से हमारे में एक सकरात्मक उर्जा आती है, जो हमको पूरे दिन शांत बनाये रखने में मददगार होती है.

पुरुष का सिर में चोटी रखना

shikha-choti-hindu-traditionसुशुरुत रिशी, जिनको आयुर्वेद के अग्रणी सर्जन भी कहा जाता था. उनका मानना था कि सर में सभी नसों का गठजोड़ होता है, जिसको अधिपति मरमा कहा जाता है और यह बनायी गयी चोटी इस जगह की रक्षा करती है.

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उपवास रखना

fasting-diet-indian-customव्रत रखने का वर्णन आयुर्वेद में भी है. क्योंकि मनुष्य के शरीर में पृथ्वी की तरह 80 प्रतिशत पानी है और बाकी का हिस्सा पृथ्वी की तरह ठोस है. व्रत रखने से शरीर में विवेक को बनाए रखने की क्षमता आती है, जिससे शरीर में एसिड वाली सामग्री में कमी आती है.

चरण स्पर्श करना

touching-feet-indian-traditionआम तौर पर कोई व्यक्ति अपना सम्मान देने के लिए अपने से बढ़े या पवित्र इंसान के चरण स्पर्श करता है. हमारे शरीर की नसें हमारे मस्तिष्क से शुरू होकर हमारे पैरों पर खत्म होती हैं. जब हम अपने हाथ किसी व्यक्ति के पैरों को स्पर्श करते हैं, तब आपकी और उस व्यक्ति की उर्जा शक्ति आपस में जुड़ जाती है. इसका अर्थ उस व्यक्ति की उर्जा भी आपके शरीर में आ जाती है.

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शादी-शुदा औरतों का अपने माथे पर सिंदूर लगाना

married-women-put-vermilion-on-her-foreheadसिंदूर हल्दी-चूने और पारा धातु के मिश्रण से बना होता है. जिसको सर पर लगाने से रक्त के दबाव में नियंत्रण आता है. सिंदूर में पाया जाने वाला पारा शरीर को दबाव और तनाव को मुक्त करने में मदद करता है.

पीपल के पेड़ की पूजा करना

Pipal-tree-worshipपीपल का पेड़ असल में किसी काम का नहीं होता, क्योंकि ना तो इस पर फल लगते हैं और न ही फूल लेकिन फिर भी इस पेड़ को हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है. लेकिन सभी पेड़ों में पीपल का पेड़ ही ऐसा है, जो 24 घंटे ऑक्सीजन को वायुमंडल में छोड़ता है. इसी वजह से इस पेड़ को बचाने के कारण हिंदू इस पेड़ को भगवान से जोड़ते हैं.

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तुलसी के पौदे को पूजना

worshiping-tulsi-plantहिंदू धर्म में तुलसी के पौदे को मां की तरह पूजा जाता है. इसके पीछे बहुत बढ़ी वैज्ञानिक वजह भी है. तुलसी कई बीमारियों का समाधान होने के साथ साथ यह चाय बनाने में भी इस्तेमाल की जाती है और घर में तुलसी का पौदा रखने से घर में मच्छर और कीड़े नहीं आते.

मूर्ती की पूजा करना

idol-worship-scientific-reason-hinduहिंदू धर्म में किसी भी धर्म से ज्यादा मूर्तियों को पूजा जाता है. शोधकर्ताओं का मानना है मूर्ती पूजा से प्राथना में एकाग्रता आती है. मनोचिकित्सकों का मानना है कि मनुष्य अपने सामने वाले व्यक्ति के अनुसार ही अपने विचार बदलता है. इसीलिए साइंस की मानें, तो मूर्ती पूजा से प्रार्थना में ध्यान बढ़ता है.

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भारतीय औरतों का चूड़ियां पहनना

Indian-women-wearing-banglesहमारे शरीर की कलाई बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस जगह पर हाथ रख कर नाड़ी की धड़कन को चेक किया जाता है, जिससे शरीर की कई बीमारियों का पता लगता है. इसके इलावा शरीर के बाहरी स्किन से गुजरने वाली बिजली को जब निकलने की कोई जगह नहीं मिलती, तो चूड़ियों की वजह से यह बिजली वापिस शरीर में चली जाती है.

मंदिर जाना

people-praying-in-templeमंदिर सकरात्मक उर्जा प्रधान करते हैं. मंदिर तब मंदिर बनता है, जब वहां मूर्ती की स्थापना होती है. मूर्ती के सामने वहां तांबे की प्लेटें भी रखी जाती हैं. जिस पर कई मंत्र लिखे होते हैं. असल में यह मंत्र सकरात्मक उर्जा नहीं प्रधान करते. वहां रखी तांबे की प्लेटें धरती से निकलने वाली चुंबकीय तरंगे अपने अंदर सोख लेती हैं और उन तरंगों को मंदिर के कोने कोने तक फैला देती हैं. जब हम रोज मंदिर जाते हैं, तो यह तरंगे हम में सकरात्मक उर्जा पैदा करती हैं.

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दुनिया के 12 सबसे एकांत में बसे घर

क्या आप दुनिया से दूर सबसे अलग रहने की सोच रहे हैं? हो सकता है, इन जगहों में बसे घरों को देख कर आप के सपनों को पंख मिल जाएँ. यह रही दुनिया की सबसे एकांत जगहों की सूची, जहाँ पर घर प्रकृति के बिलकुल पास समंदर में बीचों-बीच, कहीं जंगलों में, तो कहीं बेहद सुन्दर दृश्यों या यूँ कहें कि कुदरत की गोद में स्थित हैं.

द क्रिस्टल मिल शेक (The Chrystal Mill Shake)

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यह असल में एक घर नहीं है, बल्कि कोलोराडो क्रिस्टल नदी, अमेरिका में स्थित एक “पॉवर प्लांट” है. यह एक प्राइवेट प्रॉपर्टी है तथा सार्वजनिक स्थान नहीं है.

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विलेज ऑफ़ गसदलुर (Village of Gasadalur)

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यह गाँव फरो आइलैंड के द्वीप (Island in Faroe Islands) पर स्थित है, इस गाँव में सिर्फ 18 लोग ही रहते हैं. 2004 के बाद इस स्थान तक कार से पहुँच संभव हो सकी.

एल्लिओएय, आइसलैंड (The House in the Island of Ellioaey)

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इस द्वीप पर एल्लिओएय एक छोटा सा रहस्मय घर है, जो पूरी दुनिया से बिलकुल अलग जगह पर बना हुआ है. 2004 के बाद ही यहाँ तक कार से पहुँच संभव हो सकी है.

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माइक्रो हाउस (Finnish Micro House in the Woods)

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फ़िनलैंड में इस घर का डिजाइन रोबिन फाल्क (Robin Falck) द्वारा तैयार किया गया था. यह घर जंगल के बीचों बीच बना हुआ है. यह इतना छोटा है कि इसे बनाने के लिए रोबिन को परमिट की जरुरत नहीं पड़ी. इस घर की खिड़कियाँ ऐसी बनायीं गयी हैं कि इसके अन्दर भरपूर रौशनी आती है और रात को तारे पूरी तरह से नज़र आते हैं.

कासा दो पेनेदो (Casa do Penedo-House of Stone)

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यह घर पुर्तगाल में स्थित है, यह दो मंजिला घर, दो बड़े पत्थरों के बीचो-बीच स्थित है. इस घर का निर्माण 1974 में हुआ था. लेकिन हाल ही में इस घर ने पर्यटकों का ध्यान अपनी तरफ खींचा है.

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हाउस ओन द दरीना रिवर (House on the Drina River)

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इस घर ने बहुत सी प्राकृतिक आफतों जैसे की बाढ़, तेज़ हवाओं को झेला, लेकिन फिर भी यह घर अभी तक सर्बिआ नदी के बीच एक चट्टान पर मज़बूती से खड़ा हुआ है.

द हेम्लोफ्ट सीक्रेट ट्री हाउस (The Hem Loft Secret Tree House)

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इस घर का डिज़ाइनर जोएल, पहले सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी में काम करता था, लेकिन कंपनी बंद होने के बाद वह 2006 में बेरोज़गार हो गया. फिर बाद में उसकी मुलाकात “ओल्ड मैन जॉन” नाम के जुनूनी कारपेंटर से हुई. जिसने जोएल को आगे बढ़ने में मदद की और आखिर में उसने यह घर बना कर इतिहास रच दिया.

सोल्‍वे हट, स्विट्जरलैंड (Switzerland)

सोल्‍वे हट नाम का यह घर स्विट्जरलैंड के प्रतिष्ठित त्रिकोणीय शिखर मैटरहॉर्न के एक चट्टानी रिज पर स्थित है. यह घर 4,003 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इस घर के अंदर 10 कमरे बने हैं. इस घर को स्विस ऐल्पिन क्‍लब की ओर से बनवाया गया है.

यूरोपियन आइसलैंड (European Iceland)


वैसे तो देखा जाता है कि यूरोप में बहुत सारी ऐसी अलग अलग जगहों पर खूबसूरत घर है, लेकिन यूरोपियन आइसलैंड के oxnadal में बर्फ के बीचो- बीच यह सिर्फ एक अकेला घर बना हुआ है, जो कि बहुत खूबसूरत है.

सेंट लॉरेंस, कनाडा (Saint Lawrence Canada)

यह घर कनाडा के सेंट लॉरेंस नदी के द्वीप पर स्थित‍ है. यहां इस घर के चारों ओर सिर्फ पानी ही पानी है. इस एकांत घर में नदी के बीचो- बीच आपको कोई परेशान करने वाला भी नहीं.

स्टॉकहोल्म, स्‍वीडन (Stockholm, Sweden)

स्‍वीडन की राजधानी स्टॉकहोल्म से कुछ मील की दूरी पर स्थित एक द्वीप पर यह घर है. यह घर 137 स्‍क्‍वायर मीटर की जमीन पर है. इस घर के अंदर लिविंग रूम, मेहमानों का कमरा, रसोई और कांच के दरवाजे लगे हुए हैं.

इटली (Italy)

इटली में विवेंजा और रोवेरेटो के बीच स्थित खतरनाक पहाड़ी के ऊपर यह घर बना हुआ है. यह घर करीब 120 मीटर की ऊंची पहाड़ी पर स्थित है. इसके चारों ओर गहरी खाई है. यह घर सैन कोलंबैनो का आश्रम है. इस घर को 1319 में बनवाया गया था.

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भारतीय रेल के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य

भारतीय रेलवे दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है. भारत में रेल से हर रोज़ लगभग 2.5 करोड़ लोग यात्रा करते हैं. यह संख्या यूरोप के कई देशों की कुल जनसंख्या से अधिक है. आज हम आपको बताएंगे दुनिया के चौथे सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क भारतीय रेल के कुछ आश्चर्यजनक तथ्यों के बारे में:-

उच्चतम रेल पुल निर्माण

Highest-Bridgeभारतीय रेलवे जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर उच्चतम रेल पुल निर्माण कर रहा है. यह पुल कुतुब मीनार से पांच गुना उँचा और एफिल टॉवर से भी लम्बा होगा. जानकारी के मुताबिक 1250 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल को जून 2019 तक पूरा हो जाना था, लेकिन बाद में इसे दिसंबर 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया.

ट्रेन ड्राइवर का बेतन एक लाख से अधिक हैं

Riding-the-Raj-railwayट्रेन ड्राइवर का बेतन एक औसत सॉफ्टवेयर इंजीनियर की तुलना में कही अधिक है. इनका बेतन प्रति महीने 1 लाख से अधिक होता है.

भारतीय रेल की वेबसाइट की लोकप्रियता

Indian-Railway-Websiteभारतीय रेल की वेबसाइट पर प्रति मिनट करीब 12 लाख हिट होते हैं. IRCTC.com पर प्रति घंटा हिट सबसे लोकप्रिय भारतीय वेबसाइटों में से कुछ की वार्षिक यातायात की तुलना में अधिक है.

सबसे धीमी ट्रेन

Indian-Trainसबसे धीमी ट्रेन की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटा की है. आप इस ट्रेन से कूद सकते हैं, बाहर बैठकर चाय पी सकते हैं और फिर इस पर चढ़ सकते हैं. ये ट्रेन मेत्तूपलायाम ऊटी नीलगिरी पैसेंजर ट्रेन है.

1909 में भारतीय रेल में शुरु हुए शौचालय
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वर्ष 1909 में भारतीय रेल के अस्तित्व में आने के 50 साल बाद ट्रेन के डिब्बों में ट्वायलेट की व्यवस्था की गई. अखिल चन्द्र सेन नामक एक व्यक्ति ने रेलवे को इस बावत चिट्ठी लिखी थी.

सबसे लंबे नाम का स्टेशन

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सबसे लंबे नाम का स्टेशन वेन्कटनरसिम्हाराजवारीपेटा (Venkatanarasimharajuvaripeta) है और इस नाम को श्री उपसर्ग के साथ बोला जाता है. यह स्टेशन चेन्नई के नजदीक अराकोनम-रेणिगुंटा सेक्शन पर स्थित है.

सबसे अविश्वसनीय ट्रेन

Riding-the-Raj-railwayभारतीय रेलवे में सबसे अविश्वसनीय ट्रेन गुवाहाटी- त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस है. इस ट्रेन के टाईम-टेबल का कोई भरोसा नहीं. यह आम-तौर पर 10 से 12 घंटे लेट होती है.

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भारतीय ट्रेनों में प्रतिदिन सफर करने वाले यात्री

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भारतीय ट्रेनों में प्रतिदिन 2.5 करोड़ से भी अधिक यात्री सफर करते हैं. यह संख्या ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और तस्मानिया की कुल आबादी जितनी है.

भारतीय रेल की पटरियां

भारतीय रेल की पटरियां इतनी लम्बी हैं कि यह पृथ्वी को 1.5 बार नाप सकती हैं.

सबसे छोटे नाम का स्टेशन

IB नाम का यह स्टेशन उड़ीसा में है. इस रेलवे स्टेशन का नाम सबसे छोटा है.

सबसे लम्बी दूरी तय करने वाली ट्रेन

देश में सबसे लम्बी दूरी तय करने वाली ट्रेन का नाम है विवेक एक्सप्रेस. विवेक एक्सप्रेस 4273 किलोमीटर की दूरी तय करती है. यह असम के डिब्रूगढ को सुदूर दक्षिण में स्थित कन्याकुमारी से जोड़ती है.

सबसे कम दूरी तय करने वाली ट्रेन

सबसे कम दूरी नागपुर और अजनी स्टेशन के बीच है. इन दोनों स्टेशनों के बीच सिर्फ तीन किलोमीटर की दूरी है.

सबसे लंबी नॉन स्टॉप ट्रेन


त्रिवेंद्रम-निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस भारत की सबसे लंबी नॉन स्टॉप ट्रेन है. यह ट्रेन वड़ोदरा से कोटा के बीच 528 किमी. की दूरी महज 6.5 घंटे में बिना रुके पूरी करती है.

दो राज्यों के बीच एक स्टेशन


‘नवापुर’ देश का ऐसा रेलवे स्टेशन है, जो दो राज्यों की सीमा के अंतर्गत आता है. इसका आधा हिस्सा महाराष्ट्र की सीमा में आता है, और बाकी का आधा हिस्सा गुजरात की सीमा में है.

सबसे बड़ा रेल म्यूजियम

दिल्ली में एशिया का सबसे बड़ा रेल म्यूजियम है. यहां आपको रेलों के अलग-अलग मॉडल देखने को मिल सकते हैं. अगर आपको रेलों से प्रेम है, तो यहां आपको रेलों के बारे में नायाब जानकारियां मिल सकती हैं.

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10 बातें, जो हमें भारतीय होने पर शर्मिंदगी महसूस कराती हैं

हम अपने भारतीय होने पर बहुत गर्व महसूस करते हैं. लेकिन कुछ ऐसी बातें हैं, जिनके होते हुए हमें इस युक्ति, यानि, “गर्व से कहो हम भारतीय हैं” (I am proud of my India), को कहते हुए शंका या शर्मिंदगी महसूस हो सकती है.

जैसे कि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, भारत के बारे में भी कई बहुत अच्छी और कई अत्यधिक बुरी बातें हैं. ये हैं, भारत के बारे में 10 सबसे बुरी बातें, जिनके होते हुए हमारे “I am proud of my India” कहने में कोई समझदारी नहीं दिखती. अच्छा हैं कि हम इन समस्याओं के समाधान में कुछ सहयोग करें, जिससे हम देर-सवेर अपने देश पर गर्व कर सकें.

भारत एक पुरुष प्रधान देश

भारत पुरुष प्रधान देशों में से एक है. भारत में पुरुषों को औरतों से ज्यादा सम्मान व प्राथमिकता दी जाती है. भारत में ज्यादातर लोग औरतों को “वस्तु” के रूप में देखते हैं. यहां औरतों को घरों में ऐसा सिखाया जाता है कि उनके जीवन का मुख्य लक्ष्य शादी करना, बच्चे पैदा करना और पति पक्ष की सेवा करना ही है. लड़कियों को बोझ माना जाता है और भारत में भ्रूण हत्या की समस्या आम है. जिसमें लड़कियों को जन्म लेने से पहले ही गर्भ में मार दिया जाता है.

जाति पर विभाजित समाज

भारत एक जातियों और धर्मों में बंटा हुआ देश है. ऐसा नहीं है कि सिर्फ हिन्दू धर्म में ही यह समस्या है, बल्कि यह समस्या भारत के हर धर्म में है. लोगों को अलग-2 जातियों में विभाजित किया गया है. आश्चर्यजनक रूप से “ऊंची” जाति मान-सम्मान और आदर की भावना पैदा करती है और “नीची” जाती वालों को हीनता और “दया-भावना” की नज़रों से देखा जाता है. जाति के नाम पर छुआछूत और सामाजिक बहिष्कार आज के समाज में भी मौजूद हैं.

राजनीति, धर्म और कानून तीनों का मिश्रित देश

भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, लेकिन यहां धर्म निरपेक्षता कहीं भी नहीं दिखायी देती. भारत में जातियों के आधार पर वोट बैंक की राजनीति होती है. यहां पर नेता लोगों की धर्म के नाम पर आपस में लड़ाई करवाते हैं और लोग भी आँखों पर पट्टी बांधकर इस तमाशे का हिस्सा बनते हैं. भारत के संविधान में धर्म निरपेक्षता के नाम पर सभी कानून बने हुए हैं. लेकिन उन नियमों की कोई पालना नहीं करता. पूरे विश्व में सिर्फ भारत ही ऐसा अदभुत देश है, जहाँ लोगों को आज भी धर्म और जाति के आधार पर आरक्षण दिया जाता है.

बुनियादी ढांचे की कमी

भारत की विकास दर तो हर वर्ष बढ़ रही है, लेकिन उसका असर यहां पर कहीं भी नहीं दिख रहा. क्योंकि यहां का साधारण बुनियादी ढांचा बहुत कमज़ोर है. भारत बुनियादी ढांचे में दक्षिण एशिया देशों में सिर्फ पाकिस्तान से ही बेहतर है.

अंधविश्वास की समस्या

भारत अंधविश्वास की समस्या से बुरी तरह लिप्त है. यहां पर कई लोग सारी उम्र सिर्फ इसीलिए कोई काम-काज शुरू करते है, क्योंकि उनको ज्योतिषी द्वारा बहका दिया जाता है. भारत में ज्यादातर लोग अपने से ज्यादा, ग्रह, नक्षत्र, भाग्य, वास्तु और ज्योतिष पर विश्वास करते हैं. व्यावहारिक मेल-मिलाप और प्रेम-दयाभाव को छोड़ कर लोग दिखावी पूजा-पाठ और तीर्थ-पर्यटन में जिन्दगी बिता देते हैं.

नौकरशाही बाधाएं

भारत में आम आदमी को एक छोटा सा व्यापार चलाने के लिए भी बहुत सी प्रशासनिक समस्याओं और औपचारिकताओं का सामना करना पढ़ता है. अपना अधिकार पाने के लिए अधिकारियों को खुश करना पड़ता है. शायद यह कभी ना खत्म होने वाली समस्या है. भारत में भ्रष्टाचार ही बड़ी समस्या नहीं है, जो भारत को आगे बढ़ने से रोकती है.

उदासीन मीडिया

भारतीय मीडिया गरीबों को ज्यादा तवज्जो नहीं देता, वह अपना ज्यादातर ध्यान मिडिल क्लास और अप्पर-मिडिल क्लास के लोगों पर लगाता है. भारतीय मीडिया द्वारा ज्यदातर दिखाई जाने वाली खबरें एक तरफा ही होती हैं, वह खबर का दूसरा पहलू कभी नहीं दिखाते.

आदिवासियों के प्रति अलगाव की भावना

भारत में आदिवासियों के प्रति अलगाव की भावना है. भारत में आदिवासियों से उनकी जमीनें जबरन छीन ली जाती हैं और फिर वहां पर कोले की खदानें बनायी जाती हैं. भारत में सिर्फ मिडिल क्लास और अमीर लोगों की सुनी जाती है. जबकि इस अत्याचार का शिकार हुए गरीबों की कोई भी नहीं सुनता और उनको सारी उम्र उनका हक नहीं मिलता.

सरकार को ही हर बात के लिए जिम्मेदार ठहराना

भारत में लोग हर समस्या का दोष सिर्फ सरकार पर ही लगाना पसंद करते हैं. वह अक्सर यह भूल जाते हैं कि सत्ता में आयी सरकार उनके द्वारा ही चुनी गयी है. लोगों द्वारा मुद्रास्फीति का दोष सीधे तौर पर सरकार पर लगाया जाता है. भारतीयों को सब कुछ अच्छा चाहिए, लेकिन वह सरकार को टैक्स नहीं देना चाहते.

भ्रष्टाचार

भारत में भ्रष्टाचार की समस्या कोई नई समस्या नहीं है. यह दिन पर दिन बढती जा रही है. यहां पर नेताओं से लेकर सरकारी नौकरशाही तक भ्रष्ट हैं. यह समस्या बहुत भयंकर है और भारत की तरक्की के रास्ते में सबसे बढ़ा पत्थर भी है. भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली बहुत समस्याएं हैं, जो भारत को आगे नहीं बढ़ने दे रहीं.

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