Wednesday, February 28, 2024
15.9 C
Chandigarh

इस मंदिर में चढ़ाए जाते हैं गाड़ियों के पुर्जे!!

गाड़ियों के पुर्जे

यूं तो आपने मंदिर में धूपबाती जलाकर प्रसाद के रूप में लडडू, मिठाई, नारियल या फल चढ़ाए होंगे। लेकिन आज हम आपको जिस मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं उसमें ऐसा कुछ नहीं चढ़ाया जाता। यहां चढ़ाए जाते हैं गाड़ियों के पुर्जे, नंबर प्लेट और घर के पुराने औजार। आप भी जानिए इस अनोखे मंदिर के बारे में।

सराज में है यह मंदिर

हिमाचल प्रदेश में एक अनोखा मंदिर हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृहक्षेत्र सराज में है। यह काफी दुर्गम क्षेत्र है और देव संस्कृति को लेकर बहुत आस्थावान और प्रसिद्ध है। इसी क्षेत्र में मगरूगला नामक स्थान के पास है देवता बनशीरा का मंदिर। देवता बनशीरा को जंगल का देवता कहा जाता है और यही कारण है कि इनका मंदिर जंगल के बीचों बीच स्थित है।

न छत है न पुजारी

इस मंदिर की न तो कोई छत है और न यहां कोई पुजारी है। मंदिर की मान्यता दूर-दूर तक है। मगरू महादेव मंदिर के पुजारी हेतराम बताते हैं कि देवता के इतिहास के तो कोई प्रमाण नहीं लेकिन देवता सदियों से इसी स्थान पर विराजमान हैं और इन्हे जंगल का देवता कहा जाता है।

पहले चढ़ाते थे पुराने औज़ार

हेतराम बताते हैं कि यदि लोग प्राचीन समय से ही मंदिर में अपने घरों के पुराने औजार देवता के मंदिर में चढ़ाते थे और समय के साथ-साथ इसमें गाड़ियों के पुर्जे और नम्बर प्लेट भी शामिल हो गई। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से उस वस्तु पर देवता की कृपा दृष्टि बनी रहती है और कोई संकट नहीं आता। मंदिर परिसर में पड़े ढेरों पुर्जे और नम्बर प्लेट इस बात की तरफ इशारा कर रही हैं कि वाहन चालकों में इस मंदिर के प्रति कितनी आस्था है।

चालकों में है गहरी आस्था, इसलिए चढ़ाते हैं गाड़ियों के पुर्जे

यहां से गुजरने वाले वाहन चालक मंदिर के आगे अपनी गाड़ी को ब्रेक जरूर लगाते हैं और माथा टेककर आशीवार्द प्राप्त करते हैं। टैक्सी चालक खेम सिंह यादव बताते हैं कि यदि गाड़ी का कोई पुर्जा बार-बार खराब हो और उसे इस मंदिर में चढ़ाया जाए तो फिर वह पुर्जा खराब नहीं होता। वहीं गाड़ियों की नम्बर प्लेट इसलिए चढ़ाई जाती हैं ताकि देवता की कृपा गाड़ी पर बनी रहे।

देवभूमि की है अलग पहचान

हालांकि इन बातों पर यकीन करना संभव नहीं लगता लेकिन यह लोगों की आस्था ही है जो इस बात का दर्शा रही है कि मंदिर के प्रति उनकी कितनी अटूट श्रद्धा है। यह आस्था इस बात का प्रमाण है कि विभिन्न प्रकार के मंदिर और उनकी अपनी विशेष प्रकार की मान्यताओं के कारण ही हिमाचल प्रदेश का देवभूमि कहा जाता है।

Related Articles

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

15,988FansLike
0FollowersFollow
110FollowersFollow
- Advertisement -

MOST POPULAR

RSS18
Follow by Email
Facebook0
X (Twitter)21
Pinterest
LinkedIn
Share
Instagram20
WhatsApp