सी लैंग्वेज (C Language) एक सामान्य उद्देश्य, उच्च स्तरीय कम्प्यूटर भाषा (Computer Language) है जिसे मूल रूप से डेनिस एम रिची ने बेल लैब्स(Bell Labs) में यूनिक्स ऑपरेटिंग सिस्टम (UNIX Operating System) विकसित करने के लिए विकसित किया गया था। सी मूल रूप से पहली बार डीईसी पीडीपी-11 कंप्यूटर पर सन 1972 में चलाई गयी थी।
सन 1978 में, ब्रायन कर्निघान और डेनिस रिची ने C Language के पहले विवरण को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध किया, जिसे अब के एंड आर मानक (K&R Standard) के नाम से जाना जाता है।
यूनिक्स ऑपरेटिंग सिस्टम, सी कंपाइलर, और सभी यूनिक्स एप्लीकेशन प्रोग्राम्स C लैंग्वेज में लिखे गए हैं. C लैंग्वेज अब निम्नलिखित कारणों से व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली व्यावसायिक भाषा बन गयी है.
- सीखने में आसान
- संरचित लैंग्वेज(Structured Language)
- C Language में कार्य-कुशल (Efficient) और उपयोगी प्रोग्राम्स और सॉफ्टवेयर बनाये जा सकते हैं
- यह गहन स्तर की गतिविधियों को परफॉर्म कर सकती है
- C को विभिन्न कंप्यूटर प्लेटफार्मों पर संकलित (Compile) किया जा सकता है
C Language के बारे में रोचक तथ्य
- C Language का आविष्कार UNIX ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने के लिए किया गया था।
- C Language, B Language की उत्तराधिकारी भाषा है. B को 1970 के दशक के शुरू में ईजाद किया गया था।
- 1988 में अमेरिकन नेशनल स्टैंडर्ड इंस्टीट्यूट (एएनएसआई) ने भाषा को औपचारिक रूप दिया था।
- UNIX ऑपरेटिंग सिस्टम पूरी तरह से C लैंग्वेज में लिखा गया है।
- आज C Language सबसे व्यापक रूप से उपयोग और सबसे लोकप्रिय सिस्टम प्रोग्रामिंग भाषा (System Programming Language) है।
- अधिकांश अत्याधुनिक (state-of-the-art) सॉफ्टवेयर C का प्रयोग करके बनाये गए हैं।
- आज के दौर के सबसे लोकप्रिय लिनक्स ओएस(Linux OS) और आरडीबीएमएस माईएसक्यूएल(RDMS MySQL) को सी में लिखा गया है।


वेंडिंग मशीन वह मशीन होती है जिसमें पैसे डालने से सामान बाहर आता है. जैसे दूध की मशीन, ATM, कोल्ड ड्रिंक वाली वेंडिंग मशीन आदि. तो कैलिफोर्निया में स्थित इस लाइब्रेरी को वेंडिंग मशीन की तरह तैयार किया गया है. यह लाइब्रेरी 24 घंटे खुली रहती है. इसमें पैसे डालने से आपकी चुनी हुई पुस्तक निकलआती है. इस वेंडिंग मशीन से प्रभावित होकर चीन की राजधानी बीजिंग में भी ऐसी वेंडिंग मशीन लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है.
केन्या में “ऊँट पुस्तकालय” काफी लोकप्रिय है. दरअसल यहाँ उंटों द्वारा देश के खानाबदोश लोगो तक पुस्तकें पहुचाने का काम किया जाता है. इस तरह ऊंटों पर पुस्तकें पहुचने का काम 1980 के दशक में शुरू हुआ था. उसमें बक्सों में किताबें भर कर ऊंटों में लादकर पहुंचाया जाता है.
यह लाइब्रेरी नार्वे के होर्दोलैंड राज्य में समुद्री जहाज पर बनी है. इसमें हर वर्ष सितम्बर से लेकर अप्रैल तक जहाज पर तकरीबन 6000 पुस्तकें रख कर इसके आसपास के टापुओं पर रहने वाले लगभग 250 समुदायों तक इन पुस्तकों को पहुंचाया जाता है. इस जहाज में केवल कैप्टन, 2 लाइब्रेरियन तथा और 2 लोगों को नियुक्त किया जाता है. इस तरह समुद्री जहाज पर पुस्तकों को ले जाने का यह काम 1959 में शुरू कर दिया गया था . इस सर्विस का फायदा लगभग तीन देशों के लोग उठा रहे है.
इस तरह की लाइब्रेरी इंग्लैंड और यूरोप में अधिक देखने को मिलती है. सार्वजनिक स्थानों जैसे पार्क, स्ट्रीट में बनी इस लाइब्रेरी में लोग पढ़ी हुई पुस्तक रख देते हैं और नई पुस्तक उठा लेते हैं. वहां के लोग ईमानदार होते हैं इसलिए कोई बेवजह पुस्तक नहीं उठाता। इन मेलबॉक्स लाइब्रेरी में कम से कम 10 पुस्तकें रखी जाती है. इस तरह के मेलबॉक्स लाइब्रेरी की शुरुआत 2009 में की गयी थी लेकिन अब इस तरह की मेलबॉक्स लाइब्रेरी की लगभग ऐसी 6000 मेल बॉक्स लाइब्रेरियाँ दुनिया भर में है.
अर्जेंटीना की यह लाइब्रेरी देश के स्याह इतिहास को दर्शाती है. यह लाइब्रेरी टैंक के आकार की बनी है और इसमें कम से कम 900 किताबे रख सकते है. असल में यह लाइब्रेरी अर्जेंटीना की स्वतंत्रता संग्राम से सम्बंधित इतिहासिक संग्रह को प्रदर्शित करती है. इस लाइब्रेरी का मुख्य उद्देश्य अर्जेंटीना के उन छोटे कस्बो तक पहुचना है जिनकी पहुच लाइब्रेरीयो तक नही है.


इस किले का नामकरण जयपुर के राजकुमार नाहर के नाम पर किया गया था। कहा जाता है कि राजकुमार की आत्मा, इस किले के निर्माण में काफी बाधा पहुंचाती थी, जिसके बाद किले के परिसर में एक मंदिर का निर्माण करवाया गया जिसमें राजकुमार की आत्मा की शांति के लिए काफी प्रयास किए गए थे। किले के नाम में आने वाला शब्द नाहरगढ़ का अर्थ होता है – बाघों का निवास। किले में एक माधवेन्द्र भवन है जिसका इस्तेमाल राजा और उनके परिवारजनों द्वारा गर्मियों के दिनों में किया जाता था। वर्तमान में यह किला एक पिकनिक स्पॉट बन गया है जो जयपुर में काफी लोकप्रिय है। पर्यटक यहां आकर किले के परिसर में स्थित कैफेटेरिया और रेस्टोरेंट में एंजाय कर सकते है।



व्हाइट हाउस में विभिन्न समारोहों का आयोजन होता है जिनमे तरह-तरह के मिष्ठान तथा व्यंजन परोसे जाते है. व्हाइट हाउस की अनेक रसोइयों में से एक है चॉक्लेट शॉप. भूतल पर स्थित इसी रसोई में खास समारोहों के लिए मिष्ठान तथा विशेष व्यंजन बनाते है. वार्षिक ईस्टर एगरोल समारोह के लिए अंडे तथा प्रत्येक हॉलीवुड सीजन के लिए जिंजरब्रैड से व्हाइट हाउस की प्रतिकृति भी यहीं तैयार होती है.
व्हाइट हाउस में एक फैमिली थिएटर भी है. 42 सीटों वाला यह सिनेमा ईस्ट विंग में है. आग्रह मिलने पर फिल्मकार अपनी फिल्मों को यहां दिखाने का विशेष इंतज़ाम करते है. फिल्मकारों को बेसब्री से इंतज़ार रहता है कि राष्ट्रपति उनकी फिल्म देखने का आग्रह करें। गत वर्ष एनीमेशन फिल्म ‘फाइंडिंग डोरी’ सुर्ख़ियों में थी क्योंकि डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद व्हाइट हाउस में दिखाई जाने वाली यह पहली फिल्म थी.
व्हाइट हाउस में चीनी मिट्टी के बेहद खूबसूरत बर्तनों का अपार संग्रह है. भूतल पर बने ‘द व्हाइट हाउस चाइना रूम’ को 1917 में तत्कालीन प्रथम महिला एडिथ विल्सन ने बनवाया था ताकि चीनी मिट्टी के बर्तनों के बढ़ते संग्रह को सहेजा जा सके. इस कमरे में करीब-करीब प्रत्येक राष्ट्रपति कार्यकाल में इस्तेमाल किये गए चीनी मिट्टी के बर्तन सहेजे गए है. यहाँ जॉर्ज वाशिंगटन के कार्यकाल के वक़्त से लेकर अब तक के चीनी मिट्टी के बर्तन मौजूद है.
चाइना रूम के साथ ही वेरमेईल रूम है जहां चांदी के बर्तनों का संग्रह है. पहले यह जनरल सोशल रूम था जिसे 1956 में बदल दिया गया जब मार्गेट थॉमसन बिडल से व्हाइट हाउस को चांदी के बर्तनों का विशाल संग्रह मिला था. कमरे को अमेरिका की पहली महिलाओं के चित्रों से भी सजाया गया है.
हाउस संग्रहालय के अनुसार हिलेरी क्लिंटन ने व्हाइट हाउस की तीसरी मंज़िल पर स्थित एक सिटींग रूम को म्यूजिक रूम में बदल दिया था ताकि उनके पति बिल क्लिंटन वहां सेक्सोफोने बजा सके.
चॉक्लेट शॉप के निकट हैरी एस. ट्रमन की बोलिंग एली है. यह देखने के लिए आने वालों में यह खास लोकप्रिय है. यहाँ पहली बोलिंग एली का निर्माण 1947 में हैरी ट्रमन के लिए किया गया था. 1969 में रिचर्ड निक्सन ने इस वर्तमान स्थान नार्थ पोर्टिको के नीचे शिफ्ट करवाया था.