ये पैसे वाला पेड़ कर सकता है अापकी मुरादें पूरी

आज तक अापने यही सुना था कि पैसे पेड़ पर नहीं लगते, लेकिन क्या आपको पता है कि यह बात सच नहीं है, क्योंकि ब्रिटेन में एक ऐसा पेड़ मिला है जिसमें हज़ारों सिक्के जुड़े हुए है। यह पेड़ करीब 1700 साल पुराना है। इस पेड़ पर पैसे उगे नहीं हैं, बलकि इस पर हजारों की संख्या में सिक्के जड़े हुए हैं।

आपको बता दें कि यह पेड़ मुरादें पूरी करने वाले पेड़ के रूप में भी प्रसिद्ध है। खास बात ये है कि यहां सिर्फ ब्रिटेन के ही नहीं, बलकि दुनियाभर के अलग-अलग देशों के सिक्के लगे हुए हैं। असल में इस पेड़ को लेकर लोगों में ये मान्यता है कि जो इस पेड़ पर सिक्के जड़ेगा उसकी कामना पूरी होगी है।

इस वृक्ष पर इच्छा पूरी करने के मकसद से लगाए गए ये सिक्के सदियों पुराने हैं, क्योंकि इन पर तारीख सदियों पुरानी है।

दुनिया भर के लोग अपने-अपने देश के सिक्के इसके तनों से लेकर टहनियों तक चिपकाते हैं। इस पेड़ की वजह से यह क्षेत्र टूरिस्ट स्पॉट बन चुका है।

यह पेड़ देखने में खजाने के ढेर की तरह लगता है। इस पेड़ पर ऐसी कोई जगह नहीं बची जहां सिक्के ना हों। कुछ लोगों का मानना है कि इस पर किसी शक्ति का वास है, इसलिए इस पेड़ के आस-पास सकारात्मक माहौल बना रहता है।

यह भी मान्यता है कि अगर बीमार व्यक्ति अगर पेड़ पर एक सिक्का गाड़ देता है, तो वह जल्द अच्छा हो जाता है। यहां पर सुख-समृद्धि की कामना करने वालों के साथ-साथ प्रेमी जोड़े भी काफी आते हैं।

प्रेमी जोड़े यहां पर अपने रिश्ते में मिठास बना रहे इसके लिए पेड़ पर सिक्का लगाते हैं। मान्यताओं का ही नतीजा है कि यहां पर लोग हर साल क्रिसमस पर प्रार्थना करने आते हैं।

आगे पढ़ें:- दुनिया के 5 सबसे महंगे होटल

आगे पढ़ें:- दुनिया के 7 सबसे खूबसूरत पुस्तकालय!

जानिए दुनिया के 5 सबसे महंगे होटल के बारे में

वैसे तो आपने दुनिया के बहुत से होटल देखे होंगे और वहां अापने स्टे भी किया होगा, लेकिन आज हम आपको दुनिया के आलीशान और सबसे महंगे होटल्स के बारे में बताने जा रहे हैं। आपको बता दें कि ये होटल्स महंगे जरूर हैं, लेकिन जो सुविधा इनमें दी जाती है वो आपको कही और नही मिलेगी। इन होटलों की विशेषता को जानने के लिए पोस्ट को पूरा पढ़ें है।

रॉयल पैंटहाउस सुइट, स्विट्जरलैंड

औसतन  एक  रात  का  स्टे- 80000 डॉलर

रॉयल पैंटहाउस, दुनिया के सबसे महंगे होटलों मे से एक है। यह पैंटहाउस लेमन झील के किनारे पर स्थित है। इसमें 12 बेडरूम, 12 संगमरमर बाथरूम, और इस होटल मे ओल्फसेन प्लाज्मा टेलीविजन है, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा टेलीविज़न है। इसकी खिड़कियां उच्च प्रोफ़ाइल मेहमानों की रक्षा के लिए बुलेटप्रूफ का काम करती हैं।

ग्रैंड पैंटहाउस, न्यूयॉर्क सिटी

औसतन एक रात का स्टे- 75000 डॉलर

ग्रैंड पैंटहाउस संयुक्त राज्य अमेरिका का सबसे बड़ा होटल है। जिसमें सेंट्रल पार्क, राजधानी कला का संग्रहालय शामिल हैं। इसको प्रसिद्ध फ्रांसीसी इंटीरियर डिजाइनर जैक्स ग्रेंज द्वारा डिज़ाइन किया गया था। पैंटहाउस एक शानदार राजसी निवास की तरह दिखता है और सबसे शाही रहने वाले स्थानों में से एक है।

टाई वार्नर पैंटहाउस न्यूयॉर्क सिटी

औसतन एक रात का स्टे- 80000 डॉलर

टाई वार्नर पैंटहाउस थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन इस पैंटहाउस से आप पुरे न्यूयॉर्क शहर का खूबसूरत दृश्य देख सकते है। इसको बनाने के लिए 50 मिलियन यूएस डॉलर लगे थे। इसकी ऊंचाई से आप पैदल लोगो को आते-जाते हुए देख सकते है।

पैंटहाउस सुइट ग्रैंड हयत्त होटल 

औसतन एक रात का स्टे-  41,000 डॉलर

ग्रैंड हयत्त होटल का नाम भी दुनिया के सबसे महंगे होटल मे से एक है। इस पैंटहाउस मे एक मास्टर बेडरूम है , जिसके साथ एक बड़े संगमरमर का बाथरूम है। निजी पार्टियों के लिए इसमें एक अलग से डाइनिंग रूम भी है। इस पैंटहाउस के मेहमान समुद्री ब्रीज़ का भी आनंद ले सकते हैं।

रॉयल विला, ग्रांड रिज़ॉर्ट लैगोनिसी, एथेंस, ग्रीस 

औसतन एक-रात,का स्टे-  50,000 डॉलर

रॉयल विला समुद्र के किनारे पर स्तिथ है। इसमें 3 बेडरूम, एक बगीचा, और निजी समुद्र तट के अलावा एक जिम भी है, और इसमें हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध है। इसीलिए यहां गेस्ट को प्राइवेट जेट में घुमाया जाता है। ग्रीस के इस बहुशक्ति होटल में रुक्ने का सपना हर किसी का होता है।

Read in English:- World’s 5 most expensive hotels

गोल्डन ब्रिज- दुनिया का सबसे अनोखा पुल, जो टिका है हाथों पर!

वियतनाम (Vietnam) देश की सुंदरता सदा ही लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां पूरी दुनिया से बहुत  लोग घूमने आते हैं। यहां एक ब्रिज अपनी खास बनावट के कारण लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया है। वियतनाम आने वालों की विजिट लिस्ट में यह ब्रिज सबसे ऊपर होता है।

वियतनाम के इस पु‍ल को गोल्डन ब्रिज भी कहते है। यहां के लोगों के बीच यह पुल काऊ-वांग (cau vang) नाम से भी मशहूर है। इस पुल की खास बात यह है कि ये पुल दो विशाल बनावटी हाथों पर टिका हुआ है, जो देखने में बहुत रोमांचकारी लगता है। इसका निर्माण लोगों के लिए एक लाजवाब मिसाल पेश करता है।

जून 2018 में काऊ-वांग पुल का उद्घाटन किया गया था, जिसे गोल्डन ब्रिज का नाम दिया गया है। यह पुल समुद्र तल से 1400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। थोड़े ही समय में यह पुल टूरिस्ट की विजिट लिस्ट में सबसे पहले नंबर पर आ गया है।

लोगों को इस पुल का डिजाइन और यहां से दिखने वाला नज़ारा बहुत पसंद आ रहा है। कई बार इस पुल पर खड़ा होना हैरान भी करता है और उत्साह से भी भर देता है। जब इस पुल को दूर से देखते हैं, तो ऐसा लगता है कि सड़क की एक पट्टी को दो विशाल हाथ उठाकर आसमान को छूने की कोशिश कर रहें हो।

इस पुल को और भी सूंदर बनाने के लिए इसके दोनों किनारों पर लोबेलिया क्राइसेंथेमम नाम के फूल लगाए गयें है, और वही फूल इस पुल की खूबसूरती में चार-चांद लगा रहें हैं।

इस पुल को देखने के बाद इससे आप की नज़र नहीं हटेगी और आप इसे बार-बार देखने के लिए वियतनाम जाएंगे। इसलिए अगर आपको कभी भी भविष्य में मौका मिले तो वियतनाम में इस जगह पर जरूर घूमने जाएँ।

अगला लेख: दुनिया के सबसे खतरनाक पुल

यह भी देखें : बुलेट बाबा मंदिर, यहाँ होती है चमत्कारी मोटरसाइकिल की पूजा!

Read in English

Golden Bridge – the world’s most unique bridge, which is hinged on hands!

हिंदी फिल्मों के 5 रोल, जिन्हें देख कर आपकी रूह कांप उठेगी!!

बॉलीवुड की कुछ फिल्मों में बहुत से ऐसे रोल होते है, जो अपनी अलग पहचान बनाते हैं। कुछ रोल सीरियल किलर के रूप में होते हैं और कुछ रोल डराने वाले होते है। दरअसल ऐसे रोल करने का मकसद लोगों के मन में भय और रोमांच का मिला-जुला एहसास पैदा करना होता है और ऐसे रोल सफ़ल भी होते है।

आइये आपको बताते है बॉलीवुड के कुछ ऐसे ही पांच किरदार, जो न केवल लोगों को भयभीत करने में सफ़ल रहें, बल्कि इन किरदारों को निभाने वाले अभिनेता भी बॉलीवुड में अपना अलग मुकाम हासिल कर सके।

ये रहे वो पांच किरदार।

लज्जा शंकर

प्रीति जिंटा और अक्षय कुमार की  फिल्म संघर्ष में लज्जा शंकर नाम का बहुत डरावना किरदार था, जिन-जिन लोगों ने यह फिल्म देखी, वो एक बार तो इस किरदार को देखकर डर गए थे। यह किरदार अभिनेता आशुतोष राणा ने निभाया था और इस किरदार ने ही फिल्म में जान डाल दी थी। आज भी अगर इस फिल्म को देखा जाये तो लज्जा शंकर का यह किरदार रोंगटे खड़े कर देता है।

खोखा सिंह

एक त्रिमूर्ति नाम की फिल्म थी, जिसमें खोखा सिंह का किरदार था। इस फिल्म को भी लोगों ने बहुत पसंद किया था। इस फिल्म में जैकी श्राप, अनिल कपूर और शाहरूख खान थे। खोखा सिंह को लोग आज भी नहीं भूल पाएं है। अजीब सा दिखने वाला खोखा सिंह आज भी बच्चों को डराता है।

मकड़ी:

मकड़ी नाम की फिल्म में एक चुड़ैल थी। आज भी इस फिल्म में चुड़ैल को देख कर लोग डर जाते है। जब लोगों ने इस फिल्म को पहली बार देखा तो चुड़ैल को देखकर उनके पसीने छूट गए थे। यह फिल्म बहुत टाइम तक लोगों में चर्चा का विषय बनी रही थी।

रमन राघव:

फिल्म रमन राघव में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने रमन का रोल निभाया था। यह रोल बहुत अजीब और डरावना था। इसे भी पहली बार देख कर लोग डर गए थे। यह फिल्म बहुत हिट हुई और फिल्म ने बहुत पैसे कमाए। रमन के किरदार को भी लोगों ने बहुत पसंद किया था।

धीरज पांडेय:

इमरान हाशमी की मर्डर 2 नाम की एक सुपरहिट फिल्म थी। इस फिल्म में नीरज पांडेय थे, उनका इस फिल्म में सीरियल किलर का किरदार था, जो लड़कियों को मारता था। उसे लड़कियों की चीखें सुननी पसंद थी। इसलिए वह सीरियल किलर के तौर पर लड़कियों का मर्डर करता था।

Read more:

जुड़वाँ भाइयों की मौत का विचित्र संयोग जिसे पढ़ कर आप हैरान रह जायेंगे!!!

 

जुड़वाँ भाइयों की मौत का विचित्र संयोग जिसे पढ़ कर आप हैरान रह जायेंगे!!!

सन 2002 में, उत्तरी फिनलैंड में अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो सत्तर वर्षीय जुड़वाँ भाईयों की मृत्यु हो गयी. विचित्र बात यह रही कि दोनों की मौत एक ही सड़क पर महज 1.5 किलोमीटर के फासले पर कुछ ही घंटों के अंतराल में हुई थी।

जुड़वाँ भाईओं में से पहले भाई की मौत राजधानी हेलसिंकी के 600 किलोमीटर उत्तर में राहे (Raahe) नामक स्थान में उस समय हो गयी जब एक लॉरी ट्रक ने उसकी मोटरसाइकल को टक्कर मार दी। दो घंटे के बाद इस स्थान से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर दूसरे भाई की मौत हो गयी। उसकी मोटरसाइकल को भी एक लॉरी ने टक्कर मार दी थी।

जाहिर तौर पर दूसरा भाई पहले भाई की मौत के बारे में अनजान था क्योंकि पुलिस अभी तक पहले भाई की पहचान करने की कोशिश कर रही थी और उन्होंने पहले भाई की मौत के बारे में उसके परिवार को नहीं बताया था।

“यह बस एक ऐतिहासिक संयोग है। हालांकि यह सड़क व्यस्त है, फिर भी यहाँ दुर्घटनाएं बहुत कम होती हैं”, घटना के बाद स्थानीय पुलिस अधिकारी मारजा-लीना हुहताला ने रॉयटर्स को बताया था।

“हालाँकि, मेरा रोम-रोम खड़ा हो गया जब मुझे पता चला कि दोनों मरने वाले जुड़वाँ भाई थे और एक जैसे दिखते थे। तब मेरे मन में विचार आया कि इन दो घटनाओं को शायद कोई और ही (ऊपरवाला) लिख रहा था” बीबीसी के अनुसार लीना ने कहा था।

जैसे कि स्थानीय समाचार पत्र हेलसिंगिन सनोमैट के एक पाठक ने एक ऑनलाइन मीडिया प्रकाशन को लिखा, “पहला जुड़वाँ भाई अपनी बाइक की सवारी करते हुए राजमार्ग 8 को पार करते हुए एक लॉरी द्वारा मारा गया। उसने जाहिर तौर पर बर्फबारी में लॉरी की और  ध्यान नहीं दिया था। दो घंटे बाद दूसरा जुड़वाँ भाई भी एक लॉरी की टक्कर में मारा गया। वह भी अपनी बाइक पर राजमार्ग 8 को पार कर रहा था।”

कई जुड़वां मानते हैं कि वे एक दूसरे के साथ एक रहस्यमय कनेक्शन सांझा करते हैं, और एक दूसरे के दर्द या परेशानी महसूस कर सकते हैं। लेकिन इतने कम समय के अंदर दो जुड़वाँ भाईओं की मौत होना बेहद दुर्लभ है। अत: हम तो यही कह सकते हैं कि इन जुड़वाँ भाईयों की जोड़ी को मौत भी नहीं तोड़ सकी.

किस धातु के बर्तन में भोजन करना चाहिए और किसमें नहीं करना चाहिए!!

जैसा कि आप जानते हैं हमारे खानपान का प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है. हम किस तरह का भोजन कर रहे हैं, इसके साथ-साथ हम किस तरह के बर्तन में भोजन कर रहे हैं, इसका भी प्रभाव हमारे स्वास्थ्य और स्वभाव दोनों पर पड़ता है। आयुर्वेद के अनुसार भिन्न प्रकार के धातु के बर्तन में भोजन का प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर भिन्न होता है।

धातु के बर्तन में भोजनतो चलिए देखते हैं कि सोना, चांदी, स्टील, मिट्टी आदि विभिन्न प्रकार के धातु के बर्तन में भोजन से हमारी सेहत और स्वभाव पर कैसा असर पड़ता है।

सोना

सोना एक गर्म स्वाभाव की धातु है। सोने से बने बर्तन में भोजन बनाने और करने से शरीर के आन्तरिक और बाहरी दोनों हिस्से कठोर, ताकतवर और मजबूत बनते हैं। साथ ही साथ सोना आँखों की रौशनी भी बढ़ती है।

चाँदी

चाँदी एक ठंडी धातु है, जो शरीर को ठंडक पहुंचाती है। यह शरीर को शांत रखती है  चांदी धातु के बर्तन में भोजन बनाने और करने से दिमाग तेज होता है, आँखों स्वस्थ रहती हैं, आँखों की रौशनी बढती है. इसके अलावा इससे पित्तदोष, कफ और वायुदोष नियंत्रित रहता है।

कांसा

काँसे के बर्तन में खाना खाने से बुद्धि तेज होती है, खून साफ़ होता है, पित शांत रहता है और भूख बढ़ती है। लेकिन काँसे के बर्तन में खट्टी चीज़ें नहीं परोसनी चाहिए क्योंकि खट्टी चीजे इस धातु के साथ क्रिया करके विषैली हो जाती है, जो नुकसान पहुंचा सकती हैं। कांसे के बर्तन में खाना बनाने से केवल 3 प्रतिशत पोषक तत्व ही नष्ट होते हैं।

तांबा

तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से व्यक्ति रोग मुक्त बनता है, रक्त शुद्ध होता है, स्मरण-शक्ति अच्छी होती है, लीवर संबंधी समस्या दूर होती है, तांबे का पानी शरीर के विषैले तत्वों को खत्म कर देता है. इसलिए तांबे के पात्र में रखा पानी स्वास्थ्य के लिए उत्तम होता है. तांबे के बर्तन में दूध नहीं पीना चाहिए इससे शरीर को नुकसान होता है।

पीतल

पीतल के बर्तन में भोजन पकाने और करने से कृमि रोग, कफ और वायुदोष की बीमारी नहीं होती। पीतल के बर्तन में खाना बनाने से केवल 7 प्रतिशत पोषक तत्व नष्ट होते हैं।

लोहा

लोहे के बर्तन में बने भोजन खाने से शरीर की शक्ति बढती है. लोह्तत्व शरीर में जरूरी पोषक तत्वों को बढाता है। लोहा कई रोग को खत्म करता है, पांडू रोग मिटाता है, शरीर में सूजन और  पीलापन नहीं आने देता, कामला रोग को खत्म करता है, और पीलिया रोग को दूर रखता है. लेकिन लोहे के बर्तन में खाना नहीं खाना चाहिए क्योंकि इसमें खाना खाने से बुद्धि कम होती है और दिमाग का नाश होता है. लोहे के पात्र में दूध पीना अच्छा होता है।

स्टील

स्टील के बर्तन नुक्सान दायक नहीं होते क्योंकि ये ना ही गर्म से क्रिया करते है और ना ही अम्ल से. इसलिए नुक्सान नहीं होता है. इसमें खाना बनाने और खाने से शरीर को कोई फायदा नहीं पहुँचता तो नुक्सान भी नहीं पहुँचता।

एलुमिनियम धातु के बर्तन में भोजन न बनायें न ही खाएं!

एल्युमिनिय बॉक्साइट का बना होता है। इसमें बने खाने से शरीर को सिर्फ नुक्सान ही होता है। यह आयरन और कैल्शियम को सोखता है इसलिए इससे बने पात्र का उपयोग नहीं करना चाहिए। इससे हड्डियां कमजोर होती है। मानसिक बीमारियाँ होती है, लीवर और नर्वस सिस्टम को क्षति पहुंचती है। उसके साथ साथ किडनी फेल होना, टीबी, अस्थमा, दमा, वात रोग, शुगर जैसी गंभीर बीमारियाँ होती है। एलुमिनियम के प्रेशर कूकर में खाना बनाने से 87 प्रतिशत पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं।

मिट्टी

मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने से ऐसे पोषक तत्व मिलते हैं, जो हर बीमारी को शरीर से दूर रखते थे। इस बात को अब आधुनिक विज्ञान भी साबित कर चुका है कि मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने से शरीर के कई तरह के रोग ठीक होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, अगर भोजन को पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाना है तो उसे धीरे-धीरे ही पकना चाहिए। भले ही मिट्टी के बर्तनों में खाना बनने में वक़्त थोड़ा ज्यादा लगता है, लेकिन इससे सेहत को पूरा लाभ मिलता है। दूध और दूध से बने उत्पादों के लिए सबसे उपयुक्त हैमिट्टी के बर्तन। मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने से पूरे १०० प्रतिशत पोषक तत्व मिलते हैं। और यदि मिट्टी के बर्तन में खाना खाया जाए तो उसका अलग से स्वाद भी आता है।

पानी पीने के पात्र के विषय में ‘भावप्रकाश ग्रंथ’ में लिखा है….

*जलपात्रं तु ताम्रस्य तदभावे मृदो हितम्।*
*पवित्रं शीतलं पात्रं रचितं स्फटिकेन यत्।*
*काचेन रचितं तद्वत् वैङूर्यसम्भवम्।*
(भावप्रकाश, पूर्वखंडः4)

अर्थात् पानी पीने के लिए ताँबा, स्फटिक अथवा काँच के पात्र का उपयोग करना चाहिए। सम्भव हो तो वैङूर्यरत्नजड़ित पात्र का उपयोग करें। इनके अभाव में मिट्टी के जलपात्र पवित्र व शीतल होते हैं। टूटे-फूटे बर्तन से अथवा अंजलि से पानी नहीं पीना चाहिए।

ब्लू व्हेल के बाद अब मोमो व्हाट्सप्प सुसाइड गेम का बच्चे हो रहे शिकार

ब्लू व्हेल चैलेंज के बाद एक और गेम वायरल हुई है, जिसके लोग शिकार हो रहें हैं। इस गेम में भी ब्लू व्हेल चैलेंज जैसे लोग सुसाइड कर रहें है। इस गेम का नाम है, मोमो व्हाट्सप्प। आइये जानते हैं क्या है मोमो व्हाट्सप्प।

आजकल व्हाट्सप्प पर एक नंबर काफी वायरल हो रहा है। उसको मोमोज व्हाट्सप्प बताया जा रहा है। इस नंबर का एरिया कोड जापान का है। इस कांटेक्ट नंबर को सेव करने पर एक बड़ी आंखों वाली लड़की की फोटो आता है। वह फोटो काफी डरावनी है।

दावा किया जा रहा है, कि जो भी इस प्रोफाइल के नंबर पर बात करता है वो सुसाइड की तरफ बढ़ने लगता है। इस प्रोफाइल में जिस मोमोज की इमेज है वो चेहरा बिलकुल 2016 में जापान में एक संग्रहालय में प्रदर्शित की गई मूर्ति से मेल खाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह एक कॉन्सिपिरेसी थ्योरी ( Consipiracy Theory ) है जिसका मकसद लोगों के मन में डर पैदा करना है।

DFNDR Lab सेक्यूरिटी एक्सपर्ट्स ने मोमो नंबर सेव करके बात करने की कोशिश की, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला, ऐसे में पता करना मुश्किल है कि आखिर  इस गेम का असली क्रिएटर कौन है।

इस खतरनाक चैलेंज से ऐसे बचे:

  • अपनी कांटेक्ट लिस्ट में वह नंबर सेव करें जिनको आप जानते हो। जिनको आप नहीं जानते उनसे अपना नंबर एक्सचेंज ना करे।
  • बच्चों के फोन को पेटर्न लॉक करके रखें।
  • ब्लू व्हेल चैलेंज की तरह यह भी बच्चों को शिकार बनाती है। बच्चे सोशल मीडिया अकाउंट पर क्या शेयर कर रहें हैं, इस बात का ध्यान रखें। खास कर फोन नंबर, क्योंकि सोशल मीडिया पर कोई भी आसानी से फोन नंबर ले सकता है।
  • अपने फोन को एंटी–वायरस से प्रोटेक्ट करें, ऐसा करने पर जब भी आप किसी लिंक को ओपन करेंगे तो पॉप – अप आ जाएगा। यही नहीं, वो आपके वाट्सऐप, एसएमएस, और फेसबुक मैसेंजर को भी प्रोटेक्ट करेगा।

 Also Read :- 

इसलिए है वरदान हँसना, हँसी के कुछ रोचक तथ्य

 

इसीलिए तो वरदान है हँसना, हँसी के बारे में जानने योग्य बातें

हँसने का वास्तव में कोई और meaning नहीं होता। हँसने का मतलब बस हँसना ही होता है। आज हम बात करते है, हँसी यानि मुस्कान की। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग इतना बिजी हो गए हैं, कि हंसने के लिए टाइम निकालना भी भूल गए है। आपकी हंसी जहाँ आपकी हेल्थ के लिए अच्छी है वहीँ हंसने-मुस्कुराने से आपकी निजी और सोशल लाइफ भी ज़्यादा खुशनुमा बन जाती है और लोग आपके साथ समय बिताना पसंद करतें हैं। तो आइये दोस्तों आज जानतें है हँसी के बारे में जानने योग्य बातें।

  • हँसने के लिए 17 मांसपेशियों का उपयोग होता है लेकिन गुस्सा करने के लिए 43 मांसपेशियों का उपयोग होता है। अब आप खुद ही सोचिये हँसना है या गुस्सा करना है।
  • हँसने से खून का बहाव 22% तक बढ़ जाता है।
  • इंसान 300 फीट की दूरी से मुस्कान पकड़ सकता है।
  • हँसी 19 प्रकार की होती है।
  • गुदगुदी करने पर सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि चूहे भी हँसते हैं।
  • हँसना तनाव को 35% कम कर देता है।
  • इंसान का अकेले रहने पर 30% हँसना कम हो जाता है।
  • लेडीस जेंट्स से ज्यादा हँसती हैं।
  • आपका दिमाग नकली हँसी पकड़ सकता है।
  • जो लोग अपने दुःख को हँसी से छुपाते है उनको “Eccedentesiast” कहते है।
  • हँसने-मुस्कुराने वाले लोग जीवन में ज़्यादा सफल होते हैं।
  • हँसने-मुस्कुराने से ज़िन्दगी के कुछ और साल बढ़ जाते हैं।
  • हँसना इस बात पर निर्भर करता है, कि आस पास कैसे लोग है, ना कि जोक्स पर।
  • वैज्ञानिक हँसी को एक प्रकार का विज्ञान मानते हैं। इससे हमारे शरीर पर होने वाले प्रभाव को जैलोटॉलिजी कहा जाता है।
  • इंसान औसतन दिन में लगभग 13 बार हँसता हैं।
  • खुशी के स्तर को मापना मुश्किल है।
  • जो आपको आंतरिक खुशी दे सकता है वो इंसान आप खुद हो, अपनी खुशी के लिए दूसरों पर निर्भर ना हों।

तो अब आपको पता चल गया होगा एक हँसी से हमें कितने फायदे होते हैं। सो दोस्तों हँसते रहो और अपनी और औरों की ज़िन्दगी को खुशनुमा बनाते रहो। 🙂

यह भी पढ़ें:
15 ज्ञानवर्धक और बेहद रोचक तथ्य जो आपने कहीं नहीं पढ़े होंगे!

यात्रा को सफल बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स

जब मीना कुमारी को छोड़ा था अनाथाश्रम में, जानिये “द ट्रैजेडी क्वीन” के बारे में ऐसी ही कुछ रोचक बातें

पुरानी हिंदी फिल्मों की जानी मानी अदाकारा मीना कुमारी का आज जन्म दिन है। मीना कुमारी का नाम महान कलाकारों में आता है, लेकिन बहुत ही छोटी सी उम्र (38 साल) में मीना कुमारी ने इस दुनिया को अलविदा कर दिया था। उनकी पूरी लाइफ बहुत दुख भरी थी। इसलिए मीना कुमारी को “द ट्रेजडी क्वीन” कहा जाता था।

मीना कुमारी

आइए जानते है मीना कुमारी की जीवन से जुड़ी कुछ बातें:

  • 1 अगस्त 1932 को मीना कुमारी का जन्म हुआ था। उनका असली नाम महजबीं बानो था। जब मीना कुमारी का जन्म हुआ, तब उनके पिता ( सुन्नी मुस्लिम ) और माँ ( इकबाल बेगम ) के पास डॉक्टर को देने के लिए पैसे नहीं थे। इसलिए उनके पिता ने उन्हें एक मुस्लिम अनाथालय में छोड़ दिया था। कुछ देर बाद परिवार वालों का मन नहीं माना तो वो मीना कुमारी को वापिस ले आये।
  • घर की स्थिति खराब होने के कारण उन्होंने छोटी उम्र में ही अभिनय शुरू कर दिया था। “लेदरफेस” (1939) उनकी पहली फिल्म थी। 1940 के दशक के दौरान मीना कुमारी अपने परिवार की एकमात्र कमाई करने वाली सदस्य बन गई थी। फिल्मों में उन्होंने बहुत नाम कमाया। अपने कैरियर के दौरान, उन्होंने नब्बे फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें से कुछ फिल्मों को आज क्लासिक और पंथ का दर्जा हासिल है।
  • उनकी 1962 की फिल्म ‘साहिब बीबी और गुलाम’ एक पत्नी के संघर्ष के बारे में थी। यह मीना कुमारी के जीवन के साथ समानता के लिए एक पंथ फिल्म बन गई थी।
  • उनकी मशहूर फ़िल्में है: “साहिब बीबी और गुलाम”, “पाकीज़ा”, “मेरे अपने”, “आरती”, “दिल अपना और प्रीत पराई”, “फुट पाथ”, “चार दिल चार राहे”, “दाएरा”, “आजाद”, “मिस मैरी”, “शारदा”, “दिल एक मंदिर”, और “काजल”।
  • वैसे तो मीना कुमारी का नाम बहुत से लोगों से जुड़ा,लेकिन मीना कुमारी का अफेयर कमाल अमरोही से था। कमाल अमरोही जाने माने निर्देशक थे। अमरोही ने मीना को फिल्म में काम करने का ऑफर दिया था। फिल्म की शूटिंग के दौरान मीना को चोट आ गयी थी, वह कुछ दिन हस्पताल में थी। अमरोही मीना को रोज़ हस्पताल मिलने जाते थे। यहीं से उनका अफेयर शुरू हो गया था।
  • अमरोही मीना से 15 साल बड़े थे। 1952 में 19 साल की उम्र में मीना ने अमरोही से शादी की थी। अमरोही से शादी के बाद फिल्मों में मीना का करियर शिख़र पर था, लेकिन उनकी शादीशुदा ज़िन्दगी में मुसीबतें  चल रही थी।
  • मीना ने अपनी शादीशुदा जिंदगी बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन 1964 में मीना अमरोही से अलग हो गई।
  • अमरोही को छोड़ने के बाद मीना अकेली हो गई। गुलज़ार के साथ उनके अच्छे रिश्ते थे। लेकिन उनके साथ भी दोस्ती थोड़े ही दिनों में टूट गई। उनके बाद मीना का 1-2 और हस्तियों के साथ भी नाम जुड़ा था।
  • “पाकीज़ा” फिल्म की शूटिंग के दौरान मीना बहुत बीमार हो गई थी। डॉक्टर ने मीना को आराम करने की हदायत दी थी, लेकिन मीना ने शूटिंग जारी रखी। 4 february 1972 को पाकीज़ा रिलीज़ हुई।
  • इस दौरान मीना बहुत ज़्यादा बीमार हो गई। 31 मार्च 1972 को मीना ने अंतिम सांस ली।
  • कहते है मीना पति से दूर होने के कारण बीमार रहने लगी थी। वह नींद ना आने के कारण शराब पीती थी, लेकिन उन्हें शराब की बुरी आदत लग गई और वही उनकी मौत की वजह बनी।
  • मीना को 12 फिल्मों के लिए फ़िल्मफ़ेअर अवॉर्ड मिला था।
  • मीना को कविता और शायरी लिखने का भी शोंक था।

यह भी पढ़ें :

दुनिया का अनोखा ब्रिज, जो कि दो हाथों पर टिका है

दुबई के बारे में कुछ बातें जो आपको पता नहीं होंगी

दुबई दुनिया के सबसे सुंदर शहरों में से एक है। दुबई की ऊँची ईमारतें, दौलत, शोहरत, सकत कानून आदि सबकुछ दुनिया भर में मशहूर है। आइए जानते है दुबई के बारे में कुछ खास बातें:

Gallery

  1. सबसे पहले बात करते हैं दुनिया की सबसे ऊँची इमारत बुर्ज खलीफा की, इसमें 164 फ्लोर हैं और इस इमारत की  लंबाई लगभग 800 मीटर है। इस इमारत को हम  90 किलोमीटर की दूरी से भी देख सकते है।
  2. इस शहर में क्राइम 0% है, तभी इसे दुनिया का सबसे सुरक्षित देश माना जाता है।
  3. इस शहर में घर में शराब रखने के लिए लाइसेंस लेना ज़रूरी होता है। लाइसेंस के बिना घर में शराब पीने की इज़ाज़त नहीं  है।
  4. यहां की पुलिस के पास लेम्बोर्गिनी, फेरारी और बेंटले जैसी कारें होती हैं।
  5. दुनियाभर के देशों में लोगों को इनकम टैक्स देना पड़ता है, दुबई में ऐसा कुछ भी नहीं है। यहां लोगों को इनकम टैक्स देने की जरूरत नहीं है।
  6. इस शहर में दुनिया का सबसे बड़ा शॉपिंग सेंटर है, जहां 1200 से भी ज्यादा स्टोर हैं।
  7. यहां पर शादी से पहले महिला-पुरुष का संबंध बनाना अवैध है। कोई ऐसा करते हुए पकड़े जाते हैं तो गिरफ्तार करने के बाद निर्वासित किया जाता है।
  8. इस शहर में कुछ ऐसे एटीएम हैं, जो सोने के सिक्के निकालते हैं।
  9. 1960 तक यहां कुछ देखने लायक कुछ भी नहीं था लेकिन अब इसे दुनिया के अमीर देशों की सूची में गिना जाता है।
  10. पेट्स के तौर पर यहां लोग कुत्ते-बिल्ली नहीं शेर और चीता पालना पसंद करते हैं।
  11. यहां इमारतों के अंदर ही नहीं बल्कि बस स्टेंड पर भी ए सी ( A.C ) लगा होता है।
  12. यहाँ के मूल निवासियों की संख्या, कुल संख्या में से केवल 17 प्रतिशत है, बाकी जनसंख्या भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान और अन्य यूरोपिय देशों की है।
  13. दुनिया की सबसे महंगी कारें दुबई में ही होती हैं।
  14. इस शहर में हॉर्न नहीं बजाया जाता, सब लोग व्यवस्थित चलते हैं। इस लिए दुबई की सड़कों पर ध्वनि प्रदूषण नहीं होता।
  15. इस शहर में बाकी देशों की तरह अड्रेस सिस्टम नहीं है, किसी को अड्रेस पर जाना होता है, वहां के आस-पास के मकान, होटल्स, अन्य प्लेस की जानकारी होनी चाहिए।
  16. सबसे ज्यादा क्रेन दुबई में है।
  17. यहां पर पुरषों के लिए शेख और औरतो के लिए शेखा नाम लिया जाता है।
  18. यहां पर पानी से ज्यादा सस्ती कोल्ड ड्रिंक मिलती है।
  19. दुबई में सोने ( Gold ) का व्यापार बहुत ज्यादा है, दुबई के लोग सोने के बहुत ज्यादा शौकीन होते हैं।

Read more:

दुनिया का सबसे लम्बे नाम वाला गांव