जब मीना कुमारी को छोड़ा था अनाथाश्रम में, जानिये “द ट्रैजेडी क्वीन” के बारे में ऐसी ही कुछ रोचक बातें

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पुरानी हिंदी फिल्मों की जानी मानी अदाकारा मीना कुमारी का आज जन्म दिन है। मीना कुमारी का नाम महान कलाकारों में आता है, लेकिन बहुत ही छोटी सी उम्र (38 साल) में मीना कुमारी ने इस दुनिया को अलविदा कर दिया था। उनकी पूरी लाइफ बहुत दुख भरी थी। इसलिए मीना कुमारी को “द ट्रेजडी क्वीन” कहा जाता था।

मीना कुमारी

आइए जानते है मीना कुमारी की जीवन से जुड़ी कुछ बातें:

  • 1 अगस्त 1932 को मीना कुमारी का जन्म हुआ था। उनका असली नाम महजबीं बानो था। जब मीना कुमारी का जन्म हुआ, तब उनके पिता ( सुन्नी मुस्लिम ) और माँ ( इकबाल बेगम ) के पास डॉक्टर को देने के लिए पैसे नहीं थे। इसलिए उनके पिता ने उन्हें एक मुस्लिम अनाथालय में छोड़ दिया था। कुछ देर बाद परिवार वालों का मन नहीं माना तो वो मीना कुमारी को वापिस ले आये।
  • घर की स्थिति खराब होने के कारण उन्होंने छोटी उम्र में ही अभिनय शुरू कर दिया था। “लेदरफेस” (1939) उनकी पहली फिल्म थी। 1940 के दशक के दौरान मीना कुमारी अपने परिवार की एकमात्र कमाई करने वाली सदस्य बन गई थी। फिल्मों में उन्होंने बहुत नाम कमाया। अपने कैरियर के दौरान, उन्होंने नब्बे फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें से कुछ फिल्मों को आज क्लासिक और पंथ का दर्जा हासिल है।
  • उनकी 1962 की फिल्म ‘साहिब बीबी और गुलाम’ एक पत्नी के संघर्ष के बारे में थी। यह मीना कुमारी के जीवन के साथ समानता के लिए एक पंथ फिल्म बन गई थी।
  • उनकी मशहूर फ़िल्में है: “साहिब बीबी और गुलाम”, “पाकीज़ा”, “मेरे अपने”, “आरती”, “दिल अपना और प्रीत पराई”, “फुट पाथ”, “चार दिल चार राहे”, “दाएरा”, “आजाद”, “मिस मैरी”, “शारदा”, “दिल एक मंदिर”, और “काजल”।
  • वैसे तो मीना कुमारी का नाम बहुत से लोगों से जुड़ा,लेकिन मीना कुमारी का अफेयर कमाल अमरोही से था। कमाल अमरोही जाने माने निर्देशक थे। अमरोही ने मीना को फिल्म में काम करने का ऑफर दिया था। फिल्म की शूटिंग के दौरान मीना को चोट आ गयी थी, वह कुछ दिन हस्पताल में थी। अमरोही मीना को रोज़ हस्पताल मिलने जाते थे। यहीं से उनका अफेयर शुरू हो गया था।
  • अमरोही मीना से 15 साल बड़े थे। 1952 में 19 साल की उम्र में मीना ने अमरोही से शादी की थी। अमरोही से शादी के बाद फिल्मों में मीना का करियर शिख़र पर था, लेकिन उनकी शादीशुदा ज़िन्दगी में मुसीबतें  चल रही थी।
  • मीना ने अपनी शादीशुदा जिंदगी बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन 1964 में मीना अमरोही से अलग हो गई।
  • अमरोही को छोड़ने के बाद मीना अकेली हो गई। गुलज़ार के साथ उनके अच्छे रिश्ते थे। लेकिन उनके साथ भी दोस्ती थोड़े ही दिनों में टूट गई। उनके बाद मीना का 1-2 और हस्तियों के साथ भी नाम जुड़ा था।
  • “पाकीज़ा” फिल्म की शूटिंग के दौरान मीना बहुत बीमार हो गई थी। डॉक्टर ने मीना को आराम करने की हदायत दी थी, लेकिन मीना ने शूटिंग जारी रखी। 4 february 1972 को पाकीज़ा रिलीज़ हुई।
  • इस दौरान मीना बहुत ज़्यादा बीमार हो गई। 31 मार्च 1972 को मीना ने अंतिम सांस ली।
  • कहते है मीना पति से दूर होने के कारण बीमार रहने लगी थी। वह नींद ना आने के कारण शराब पीती थी, लेकिन उन्हें शराब की बुरी आदत लग गई और वही उनकी मौत की वजह बनी।
  • मीना को 12 फिल्मों के लिए फ़िल्मफ़ेअर अवॉर्ड मिला था।
  • मीना को कविता और शायरी लिखने का भी शोंक था।

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