मेरिकल एपटन- हाथ न होने के बावजूद मनिला के एक बड़े होटल में है शेफ

मेरिकल एपटन:-

अगर इंसान में कुछ करने का हिम्मत और जज़्बा हो, तो इंसान कभी भी असफल नहीं हो सकता। मेहनत और संघर्ष से इंसान नई बुलंदियों को छू सकता है। आज हम आपको एक ऐसी ही लड़की के बारे में बताने जा रहे हैं, जिस ने कठिन से कठिन समस्या का डट के सामना किया और समाज में लोगों के लिए नई मिसाल के तौर पर उभरी।

मेरिकल एपटन नाम की लड़की, जिसके दोनों हाथ ना होने के बावजूद, वह मनिला में Edsa Shangri-La नाम के बड़े होटल में शेफ है। 25 सितंबर 2000 में जब मेरिकल एपटन सिर्फ 11 साल की थी, वह अपने अपने अंकल के साथ बाहर पानी भरने के लिए गई थी।

अचानक 4-5 लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया, जो कि मेरिकल के ही पड़ोसी थे, वे उनको जान से मार देना चाहते थे। मेरिकल उन्हें देखकर बहुत घबरा गई, क्योंकि उन लोगों के पास तेज़ धारदार हथियार थे। उन लोगों ने मेरिकल के अंकल पर हमला कर दिया।

यह सब देख के मेरिकल घबरा कर तेज़ गति से भागने लगी। थोड़ी ही दूरी में उन लोगों ने मेरिकल को पकड़ लिया और उसकी गर्दन और पीठ पर तेज़ चाकू से हमला किया और वह बेहोश हो गई। थोड़े टाइम बाद जब उसे होश आया, उसने थोड़ी सी आँखें खोल कर देखी, तो वो गुंडे उस वक्त भी वहीं घूम रहे थे। मेरिकल ने उनके सामने अपने मरे होने का नाटक किया।

बदमाशों के वहां से जाने के बाद मेरिकल रोती हुई, अपने घर की तरफ दौड़ी। दौड़ते समय उसे अहसास हुआ की उसके हाथ कलाई से निचे से कट गए हैं, और लटक रहे हैं। जब मेरिकल घर पहुंची, उसकी माँ उसको खून से लथपत देख एक बार तो होश खो बैठी। फिर माँ ने अपने आप को सँभालते हुए जल्दी से एक कम्बल में मेरिकल को लपेटा और हस्पताल की तरफ भागने लगी।

हस्पताल दूर होने के कारण, उन्हें पहुंचने में 4 घंटे लगे। हस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टर ने कह दिया कि मेरिकल शायद ही बच सके। उसकी माँ ने डॉक्टर से बहुत मिन्नतें की। तब जाकर डॉक्टर ने ऑपरेशन किया, जो कि करीब 5 घंटे चला और उसे 25 टाँके लगे।

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मेरिकल की जान तो बच गई, लेकिन उसके दोनों हाथ ना रहे। घर की स्थिति अच्छी ना होने के कारण उनके पास हस्पताल का बिल देने के लिए पैसे नहीं थे। लेकिन किसी दूर के अच्छे रिश्तेदार ने उनकी मदद की, हस्पताल का बिल चुकाया और अपराधियों को सज़ा भी दिलवाई। मेरिकल के हाथ नहीं बचे थे, लोगों ने तो ये तक कह दिया कि अब मेरिकल ज़िंदा रह के क्या करेगी, इससे अच्छा होता कि मर ही जाती।

लेकिन इतनी कठिनाइयों और समस्याओं के बाद मेरिकल ने हार नहीं मानी और जीवन में एक नई शुरुआत की। वह 2008 में हाई स्कूल से ग्रेजुएट हुई। उसे बचपन से ही खाना बनाने का बहुत शौक था, इसीलिए उसने 2009 में 2 साल के कोर्स Hotel & Restaurant Management में एडमिशन लिया और 2011 में ग्रेजुएट हुई।

जुनून और जज़्बे की बदौलत उसने शेफ का काम शुरू किया। मेरिकल को Arts and Crafts में भी गोल्ड मैडल मिला था। जल्द ही उसे बहुत से न्यूज़ चैनलों ने कवर किया और वह लाइम लाइट में आ गई। यह सब देख कर मनिला के एक बड़े होटल, जिसका नाम “Edsa Shangari – La Hotel in Manila” है, इस होटल के मैनेजर ने मेरिकल को शेफ की जॉब ऑफर की और उसने वह ऑफर स्वीकार कर ली। अभी तक मेरिकल उस होटल में काम करती है।

होटल में उसके साथ काम करने वाले उसके साथी बताते है कि हाथ ना होने के बावजूद मेरिकल बहुत अच्छा केक बनाती है और बहुत बढ़िया तरिके से डेकोरेट भी करती है। वह मदद के लिए तब ही बुलाती है, जब कोई गरम बर्तन गैस स्टोव से हटाना हो, या फिर बोतल से कोई चिकना ढक्कन खोलना हो।

मेरिकल एपटन के जीवन से यह सीख मिलती है कि जीवन में कितनी भी बड़ी समस्या हो, कभी हार नहीं माननी चाहिए। हर मुश्किल का डट कर सामना करना चाहिए। जुनून और जज़्बे से इंसान Disable होने के बावजूद एक Normal Life जी सकता है।

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भारत में बनेगा पहला अंडरवाटर म्यूजियम

जल्द ही भारत के पाण्डुचेरी में पहला अंडरवाटर म्यूजियम बनने जा रहा है। नौसेना के एक जहाज़ को म्यूजियम में बदला जाएगा। कुछ महीनों तक इस म्यूजियम के लिए समुंदर में खुदाई शुरू कर दी जाएगी। इस म्यूजियम के लिए नौसेना अपना एक जहाज़ आईएनएस कुड्डालोर को देने वाली हैं।

नौसेना के इस जहाज़ को समुद्र में डुबो दिया जाएगा। कुछ हफ्तों में जहाज़ डूबने के बाद इसकी स्टील पर शैवाल की परत बननी शुरू हो जाएगी। साथ ही जहाज़ पर केमिकल कंपाउंड की मदद से पौधे और शैवाल उगाए जाएंगें। बार्नकल्स बनने के थोड़े टाइम बाद मछलियाँ, कछुये और अन्य समुंद्री जीव जहाज़ की वैसल में आना शुरू हो जाएंगें।

इस प्रोजेक्ट पर चेन्नई की दो सरकारी लैबोरेट्रीज नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओसिन टेक्नोलॉजी (NIOT) पान्डीकैन और नेशनल सेंटर फॉर कोस्टल रिसर्च (NCCR) ने हाथ मिलाया है। इस प्रोजेक्ट पर अभी NCCR से क्लीयरेंस मिलना बाकी है।

प्रोजेक्ट बनने से पहले NIOT और NCCR ने पाण्डुचेरी के कोस्टल एरिया में रिसर्च की। बहुत सी बातों को ध्यान रख कर रिसर्च किया गया है, इसमें म्यूजियम और समुंदरी जीवों पर पड़ने वाला प्रभाव, नेवीगेशनल समस्या और म्यूजियम देखने के लिए आने वाले लोगों की सुरक्षा आदि रिसर्च की गई है।

समुद्री जीवों को जहाज़ के अंदर जाने में कोई परेशानी ना हो, इसीलिए जहाज़ के दरवाज़ें निकाल दिए जाएंगें। लोग तैराकी कर इस म्यूजियम को देख सकेंगें और वह समुद्री जीवों के साथ भी तैराकी कर सकेंगें। लोगों को तैराकी के लिए ज़रूरी सामान भी मुहैया कराया जाएगा।

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शेरों से जुड़े कुछ आश्चर्जनक तथ्य, जो आपने कहीं नहीं पढ़े होंगे!

शेर एक ऐसा शब्द है जिसका नाम सुनते ही मन में एक भयानक जानवर की तस्वीर नजर आती है. शेर को जंगल का राजा कहा जाता है. इसके अलावा लोग अपनी वीरता या मर्दानगी दिखने के लिए भी शेर शब्द का प्रयोग करते है. दुर्भाग्य की बात यह है कि दुनिया में जैसे-जैसे जंगल खत्म हो रहे है वैसे-वैसे जंगली जानवर भी लुप्त हो रहे हैं उनमें से एक प्रजाति शेर की भी है इस लेख में हम आपको शेरों से जुड़े कुछ आश्चर्जनक तथ्य बताएंगे जो आपने कहीं नहीं पढ़े होंगे!

  • पृथ्वी पर लगभग 2000 वर्ष पहले, 10 लाख से भी ज्यादा शेर पाए जाते थे.
  • सन 1940 के दशक में शेरों की संख्या 4.5 लाख थी जो आजकल घटकर केवल 32 हजार रह चुकी है.
  • शेर बिल्ली प्रजाति में बाघों के बाद दूसरा सबसे बड़ा जानवर है.
  • नर शेर के गर्दन के बाल जितने गहरे होते है वो उतना ही बड़ा होता है.
  • मादा शेरनी उन्ही नर शेरों के साथ मिलन करना पसंद करती है जिसके लंबे और गहरे बाल हो.
  • दूसरी बिल्ली प्रजातियों के विपरीत शेर अच्छे तैराक होते है.
  • शेर प्रतिदिन 18 पौंड मांस खाता है तथा 36 फीट दूर तक छलांग लगा सकता है
  • शेर बिल्ली प्रजाति का एकमात्र सदस्य है जिसकी रेशमी गुच्छे वाली पूंछ होती है.
  • शेर के गुच्छे वाली पूंछ 5-7 महीनों के बाद दिखती है.
  • आठ नर शेरों में से केवल एक नर शेर ही युवावस्था तक जीवित रह पाता है. आठ नर शेरों में से एक शेर के जीवित रहने का मुख्य कारण उन्हें 2 वर्ष की उम्र ही अपने झुण्ड से निकाल देना है.
  • नए इलाके पर कब्जे करने के लिए 3 या 4 नर शेरों को समूह में रहना पड़ता है. नर शेर अक्सर निवास के लिए प्रतिद्वंद्वी नर शेर सहित उनके शावकों को भी मार देते है.
  • शेर की हड्डियां का उपयोग एशिया में पारंपरिक दवाईयां बनाने में किया जाता है इसलिए कई शिकारी इसकी बढती मांग को देखते हुए उनका शिकार भी करते हैं.
  • नर शेर की लंबाई 8 फीट तक हो सकती है और इनका वजन लगभग 500 पौंड तक होता है जबकि शेरनी का वजन 300 पौंड तक होता है.
  • शेरों को “जंगल का राजा” कहा जाता है लेकिन शेर अधिकतर मैदानों और विशाल घास के मैदानों में रहना पसंद करते है.
  • अफ्रीका में पहले शेरों की संख्या लगभग 2 लाख से ज्यादा होती थी जो वर्तमान में घटकर केवल 30 हजार तक ही रह गई है.
  • शेर सीधी रेखा में लगभग 50 मील प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है.
  • शेर शिकार को मारने से पहले उसके ज्यादा से ज्यादा करीब पहुंचने की कोशिश करता है.
  • शेर की दहाडने की आवाज 8 किलोमीटर दूर से भी सुनी जा सकती है.

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भारत के सबसे अमीर 10 राज्य

भारत में कई राज्यों की इकोनॉमिक ग्रोथ हर साल बढ़ती है। कई राज्य देश की इकोनॉमी को बढ़ाने में महत्‍वपूर्ण योगदान निभाते हैं और भारत को आर्थिक रुप से मज़बूत बनाते हैं। आइए जानते हैं भारत के वह अमीर 10 राज्य, जो भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने में अपना महत्‍वपूर्ण योगदान निभाते हैं।

मुंबई

मुंबई का हर वर्ष 209 अरब अमेरिकी डॉलर जीडीपी होता है। मुंबई राज्य भारत में सबसे धनी राज्यों में से एक है। मुंबई भारत का बिज़नेस कैपिटल है, यहां भारतीय रिज़र्व बैंक, बम्बई स्टॉक एक्स्चेंज, नेशनल स्टऑक एक्स्चेंज आदि बड़ी संस्थाएं हैं। भारत के कई बड़े उद्योग (भारतीय स्टेट बैंक, टाटा ग्रुप, गोदरेज एवं रिलायंस सहित) तथा चार “फॉर्च्यून ग्लोबल 500” कंपनियां भी मुंबई में स्थित हैं। मुंबई सिनेमा का जन्म स्थान है। प्रति दिन यहां बहुत सारे लोग फिल्मों में अपनी किस्मत अज़माने आतें हैं।

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तमिलनाडु

तमिलनाडु का जीडीपी रुपये के साथ 13,842 बिलियन (यूएस $ 210 बिलियन) है। यह भारत में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। चेन्नई, तमिलनाडु की राजधानी है। तमिलनाडु राज्य में कम से कम 25 राष्ट्रीयमार्ग है, जिनमें से 12 मार्ग पूरी तरह से इस राज्य के भीतर ही है। मिनाक्षी अम्मन मंदिर, रामनाथस्वामी मंदिर, ब्रिहदेश्वर मंदिर, कपलिश्वरार मंदिर, नटराज मंदिर, मरीना समुद्र तट, कोदैकनल झील, स्मारकों के समूह आदि इस राज्य के मुख्य आकर्षण पर्यटन स्थल हैं।

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश का जीडीपी 9 .76 लाख करोड़ (140 अरब अमेरिकी डॉलर) है। उत्तर प्रदेश को कृषि राज्य भी कहा जाता है, क्योंकि यह भारत में पोषण अनाज के निर्माण के लिए लगभग 18.9% योगदान देता है। इसके इलावा हस्तशिल्प, क़ालीन, पीतल की वस्तुएँ, जूते-चप्पल, चमड़े व खेल का सामान राज्य के निर्यात में प्रमुखता के साथ योगदान देते हैं। कानपुर उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा औधोगिक शहर है, यहाँ चमड़े का काम होता है। कानपुर का चमड़े का जूता पूरी दुनिया में मशहूर है।

पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल का जीडीपी 8.00 करोड़ (यूएस $ 140 बिलियन) है। यह राज्य 20% चावल का और 35% आलू का उत्पादन करता है। पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था ज्यादातर खेती और मध्यम आय उद्यमों के अधीन है। वहां की मुख्य भाषा बंगाली है। यह राज्य कला, साहित्य, संगीत और नाट्य के लिए प्रसिद्ध है। मनोरंजन में भी पश्चिम बंगाल आगे है, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्थर पर बंगाली फिल्मों की प्रशंसा की जाती है।

गुजरात

गुजरात का जीडीपी 7.66 करोड़ लाख (यूएस $ 110 बिलियन) है। यह राज्य रत्न और हीरे का सबसे बड़ा निर्यातक है। कपड़ा, रसायन, बिजली, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, वनस्पति तेल, सोडा एश और उर्वरकों का निर्माण इस राज्य में होता है। गुजरात कपास, तंबाकू, चावल, मूंगफली, गेहूँ, बाजरा, ज्वार, मक्का का मुख्य उत्पादक है और राज्य की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। डेयरी और पषुपालन भी गांवों की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्रोत है।

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कर्नाटक

कर्नाटक का जीडीपी 7.02 लाख करोड़ (यूएस $ 100 बिलियन) है। कर्नाटक ने जीडीपी और प्रति व्यक्ति के रूप में सबसे ज़्यादा विकास दर दर्ज़ की है। यह शहर अपनी बढ़ती उपस्थिति के साथ आईटी उद्योग का केंद्र बन गया है। 7.85% से अधिक कच्चे रेशम का उत्पादन कर्नाटक राज्य में ही होता है। यहां कॉफी और रागी का उत्पादन भी होता है। कर्नाटक साहित्य, वास्तुकला, लोक-साहित्य, संगीत, चित्रकला और दूसरी कलाओं के लिए भी प्रसिद्ध है।

राजस्थान

राजस्थान का जीडीपी 5.7 लाख करोड़ (100 अरब डॉलर) है। यह देश का सबसे बड़ा रेगिस्तान है और सबसे गर्म राज्य है। यहां पर गेहूं, जौ, सब्जियां, जैविक उत्पाद आदि विकसित फसलें होती हैं। राजस्थान में 58 प्रकार के मिनरल्स उत्पादित किए जाते हैं। राजस्थान एक अमीर और रंगीन सर्वाधिक लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। जब लोग यहाँ घूमने आते हैं, तो इन जगहों को देखना नहीं भूलते – माउंट आबू, अज्मेर, भरतपुर, बिकानेर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, जैसलमेर, और चित्तौरगड़।

आंध्र प्रदेश

आंध्र प्रदेश का जीडीपी 5.20 लाख करोड़ (यूएस $ 77 बिलियन) है। इस राज्य में नौसैनिक आधार और रॉकेट लॉन्चिंग सेंटर भी राष्ट्र के विकास में बहुत महत्वपूर्ण हैं। कपास इस राज्य के विकास का प्रमुख जरिया है। यहां की अर्थव्यवस्था खेती और मध्यम आय उद्यमों के अधीन है। चावल यहां की मुख्य फसल है। यहां 10 प्रतिशत मछली का उत्पादन होता है। यह राज्य तांबा, मैगनीज़, कोला, चूना पत्थर आदि खनिज़ भंडारों से भरा पड़ा है।

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश का जीडीपी 5.08 लाख करोड़ (यूएस $ 78 बिलियन) है। इस राज्य में कुछ महान प्राकृतिक संसाधन भंडार हैं, जो इसकी अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं। खेती इस राज्‍य का मुख्य आधार है। यहां गेहूँ, चावल, दलहन जैसी प्रमुख फ़सलों का उत्‍पादन होता है। दूरसंचार प्रणालियों के लिए यह राज्य ऑप्टिकल फाइबर का उत्पादन कर रहा है। पेपर मिल, देवास में नोट छापने की प्रेस, नेपानगर में अखबारी कागज की मिल, नीमच की अल्कालॉयड फैक्ट्री आदि प्रमुख उद्योग हैं।

दिल्ली

दिल्ली का जीडीपी 4.51 लाख करोड़ (यूएस $ 66 बिलियन) है। अपने खुदरा व्यपार के आकर्षण से दिल्ली विदेशी निवेश को अपनी और आकर्षित करता है। सर्विस सेक्टर का दिल्ली की जीडीपी में 80% योगदान है। दिल्ली भारत की राजधानी है। मुंबई के बाद दिल्ली भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक महानगर है। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों जैसे पेप्सी, गैप, इत्यादि ने दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों मे अपना मुख्यालय खोला है।

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भारतीय युगल जो करते हैं खतरनाक स्टंट

पूरी दुनिया में बहुत से ऐसे लोग रहते हैं, जो बहुत ही खतरनाक और साहसी स्टंट करते हैं. उन लोगों के जानलेवा स्टंट देखकर हम सब के मुंह खुले रह जाते हैं. कुछ लोग ये खतरनाक स्टंट बाइक या कार के साथ करते हैं और कुछ खुद के शरीर पर प्रदर्शन करते हैं.

यह स्टंट देख कर दर्शक आश्चर्यचकित हो जाते हैं, पता नहीं यह लोग ये सब कैसे करते हैं. खास कर जब ऐसे स्टंट कोई महिला करती है, तो देखना और भी खतरनाक लगता है.

बर्मी भ्रमराम्बा बुडती का पति अपनी पत्नी के ऊपर जोर-2 से नारियल के टुकड़े रख कर नारियल को तोड़ता है. वह ऐसा लड़ाई झगड़े में नहीं करते, बल्कि लोगों को अपना करतब दिखाने के लिए करते हैं .इस 39 वर्षीय घरेलू महिला ने खतरनाक करतब दिखाकर आंध्रप्रदेश में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है.

वह अपने शरीर पर टाइलों को, ट्यूब लाइट को, और बर्फ के टुकड़ों को तोड़ती है, इस काम में उसका पति भी उसका साथ देता है. आंध्र प्रदेश के एक छोटे से क्षेत्र में रहने वाले, इस जोड़े के दो बच्चे हैं, जिनका नाम जोगेंद्र और तुलसी राम है, जो अपने माता-पिता की बहादुरी के कामों पर बहुत गर्व करते हैं.

वे पिछले एक दशक से इस तरह के स्टंट का अभ्यास कर रहे हैं और बड़े पैमाने पर उनका प्रदर्शन जारी रखने का इरादा है. इस तरह के स्टंट करके, उनका मानना है कि वह दुनिया भर में पहचान हासिल कर सकते हैं, ताकि वह खुद का नाम बना सके. इस तरह के स्टंट कर के उन्होंने भारत के कई अलग-अलग क्षेत्रों में हजारों दर्शकों को आकर्षित किया है.

 

जानिए कब, कैसे और क्यों देखते है हम सपने !!

सपने हम सब देखते हैं, चाहे जागती आँखों से देखे या सोते हुए देखे। हमारे मन में यह जानने की इच्छा रहती है कि सपने क्यों आते हैं? वास्तव में इनका आने का कोई एक कारण नहीं है।

मनोवैज्ञानिकों के द्वारा यह सिद्ध किया गया है कि सपनों को समझने के लिये अलग अलग theory है। आइए जानते है सपनों के बारे में कुछ बातें:

  • जैसा कि आप जानते हैं हमारा शरीर थक जाता है। हमें नींद आती है तो हमें अक्‍सर सपने दिखाई देते हैं नींद की अवस्‍था में हमारे दिमाग की कोशिकायें सक्रिय रहती हैं जो दिन भर में हुऐ कार्यकलापों को या हमारे मन में दबी हुई इच्‍छाओं को स्वप्न के रूप में दिखाती हैं। सपने में हमारा शरीर शिथिल रहता है जागती अवस्‍था से भी ज्‍यादा गतिशील रहता है। यही कारण है कि हमें सोते समय स्वप्न दिखाई देते हैं।
  • आपको लगता होगा कि स्वप्न देखने के दौरान हमारा दिमाग शांत रहता है,लेकिन दिमाग स्वप्न देखने की कुछ अवस्था के दौरान जागने से भी ज्यादा सक्रिय रहता है। इस अवस्था को रैपिड आई मूवमेंट (REM) यानी कि आंखों की तीव्र गतिशीलता कहा जाता है, जोकि कोई गंभीर स्वप्न देखने के दौरान होता है. ऐसे सपनों के दौरान पूरा शरीर शिथिल रहता है जोकि शरीर को स्वप्न के अनुसार काम करने से रोकता है।
  • औसतन एक इंसान एक रात में 4-6 स्वप्न देखता है और एक साल में 1460 स्वप्न देखता है।  लेकिन इसमें से 90 फीसदी जागने के 10 मिनट के अंदर ही भूल जाते है।
  • जिसका IQ जितना  ज्यादा होगा,  उसे उतने ही ज्यादा सपने आएंगे।
  • अगर कोई इंसान आप को कहता है कि उसे स्वप्न नहीं आते तो इसका मतलब वह अपने सपने भूल चुका है।
  • ऐसे लोग जो जन्म से अंधे नहीं थे लेकिन बाद में उन्होंने आंखों की रोशनी खो दी, ऐसे लोग स्वप्न में परछाई देखते हैं। लेकिन जन्म से अंधे लोग स्वप्न में कुछ नहीं देखते हैं। उन लोगों को कोई तस्वीर नहीं दिखाई देती है। उनके स्वप्न में चीजों की आवाजें आती है और भावनाएं महसूस होती है।
  • बच्चों को पहले 3-4 साल तक स्वप्न नहीं आते।
  • जब कोई खर्राटे मार रहा है तो वह उस समय स्वप्न नहीं देख रहा होता है।
  • जिन लोगों को बिलकुल भी स्वप्न नहीं आते, उन्हें “Personality Disorders” नामक बीमारी होती है।
  • एक इंसान अपने पूरे जीवनकाल के करीब छह साल स्वप्न देखने में गुजारता है।
  • करीब 5 से 10 फीसद लोग महीने में एक बार भयानक और डरावने सपने देखते हैं।
  • सिर्फ इंसान ही नहीं, जानवर भी सपने देखते है।
  • आदमी और औरतों के सपने अलग-अलग होते हैं। करीब 70 फीसद आदमियों के सपने अन्य आदमियों के बारे में होते हैं। जबकि औरतों के सपने आदमी और औरत दोनों के बारे में होते हैं।
  • आपको यह कभी याद नहीं रहेगा कि आपका सपना कहां से शुरू हुआ था।
  • सपनों में हम जो चेहरे देखते हैं, हम उन्हें पहले से ही जानते हैं। हमारा दिमाग अपने आप चेहरा नहीं बनाता। सपने में हमें सिर्फ वही चेहरे दिखाई देते हैं जो हम अपनी जिंदगी या टीवी पर देख रहे होते हैं।

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बेहद रोचक तथ्य जो आपका दिमाग हिला देंगे

आज तक हमने रोचक तथ्य तो बहुत सुने होंगे परन्तु आज हम आपको कुछ ऐसे तथ्य बताने जा रहें है जिन्हे सुन कर आपको बेहद हैरानी होगी और आप सोच में पड़ जायँगे, हो सकता है आप में से कुछ लोग तो उन्हें करके देखने की भी कोशिश करें।

  • Right Handed लोग औसतन Left Handed लोगों से 9 साल ज़्यादा जीते है।
  • एप्पल कंपनी के संस्थापक स्टीव जॉब्स की कार पर कभी भी नंबर प्लेट नहीं लगी।
  • तितलियाँ किसी भी चीज़ का स्वाद अपने पैरों से चखती हैं।
  • एक आम इंसान अपनी जीभ से अपनी कुहनी को चाट नहीं सकता।
  • आप 300 हड्डियों के साथ जन्म लेते है, पर 18 साल तक होते होते हमारी सिर्फ 206 हड्डियां रह जाती हैं।
  • पुरुषों की शर्ट के बटन राइट साइड और औरतों की शर्ट के बटन लेफ्ट साइड होते हैं।
  • चमगादड़ गुफा से निकलते ही हमेश बाएं हाथ मुड़ते हैं।
  • महिलाएं औसतन हर रोज़ 20000 शब्द बोलती है जो पुरुषों के औसत में 13000 शब्द ज़्यादा है।
  • चींटियां कभी भी सोती नहीं है।
  • आपको कभी भी यह याद नहीं रहेगा की आपका सपना कहाँ से शुरू हुआ था।
  • ताश के पत्तों में राजा होते है वे इतिहास के किसी ना किसी को दर्शाते है

Spades – हुकुम – किंग डेविड

club – चिड़ी – सिकंदर

Hearts – पान – शारलेमेन

Diamonds – ईंट – जूलियस सीज़र

  • धरती पर चींटियों और मनुष्य का भार बराबर है।
  • पूरे जीवन में हम सोते वक्त कम से कम 70 कीट खा जाते है।
  • एक इंसान अपने पूरे जीवन में इतनी लार बनाता है जिससे की  स्विमिंग पूल भर जाए।
  • विशेषयज्ञ कहते है की इंसान शाम के मुक़ाबले सुबह 1 cm ज़्यादा लम्बा होता है।
  • गोरे रंग के लोगों को औसतन काले रंग के लोगों से heart attack का खतरा ज़्यादा रहता है।
  • बिना सोये कोई भी व्यक्ति सिर्फ 11 दिन ज़िंदा रह सकता है और बिना बिना खाये इंसान 1 – 2 महीने ज़िंदा रह सकता है।
  • पूरे विश्व की 10 अरब आबादी में से सिर्फ 4 लोगों की उम्र 120 साल से ज़्यादा है।

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दुनिया में 10 सबसे ऊंची प्रतिमाएं।

दुनिया भर में प्रभावशाली ऊंची प्रतिमाएं इतिहास के महान व्यक्तियों और महत्वपूर्ण घटनाओं के सम्मान के लिए खड़ी हैं। उनमें से कुछ पर्याप्त ऊंचाई के लिए शहर का मुख्य आकर्षण बन गयी है। ये है दुनिया के 10 सबसे ऊंची मूर्तियां।

1 . Statue Of Unity, Gujrat, 182 meter

सरदार पटेल की महानता के चलते ही उनकी एक यादगार रूप में नर्मदा नदी के तट पर उनकी बहुत विशाल, सुन्दर और भव्य प्रतिमा बनाई गई है, जिसको स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का नाम दिया गया है।

आपको बता दें कि “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” की कुल ऊंचाई 182 मीटर के करीब है। इसे विश्व की विशालतम प्रतिमा माना जा रहा है.इस प्रतिमा का कुल वज़न 1700 टन है. मूति॔ के पैर की ऊंचाई 80 फ़ीट, हाथ की ऊंचाई 70 फ़ीट, कंधे की ऊंचाई 140 फ़ीट और चेहरे की ऊंचाई 70 फ़ीट है। ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ न्यूयॉर्क में स्थित प्रसिद्ध स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के आकार से लगभग दोगुना ऊँची है। यह प्रतिमा नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

2. Spring Temple Buddha, China, 153 meter

यह हेनान, चीन में 153 मीटर की ऊँचाई को मापने वाली दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। 1997 में शुरू होकर इस प्रतिमा का निर्माण वर्ष 2008 में पूरा हुआ। प्रतिमा 20 मीटर लंबे लोटस सिंहासन पर खड़ी है, जिसमें तांबे के 1100 टुकड़े शामिल हैं।वसंत मंदिर बुद्ध के निर्माण के लिए 55 मिलियन डॉलर का अनुमान लगाया गया था।

3. Laykyun Setkyar, Myanmar, 116 meter

दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची प्रतिमा, मोन्यावा, म्यांमार में स्थित 116 मीटर की ऊंचाई पर है। लायकुन सेटकीयर का निर्माण 1996 में शुरू हुआ और 2008 में पूरा हुआ। प्रतिमा वास्तव में 13.5 मीटर सिंहासन पर खड़ी है।

शहर के मनोरम दृश्यों का आनंद लेने के लिए आगंतुकों के लिए मूर्ति के अंदर एक लिफ्ट भी है। आगंतुक लेक्युन सेटकेयर प्रतिमा के बगल में 89 मीटर लंबे बुद्धा भी देख सकते हैं।

4. Ushiku Daibutsu, Japan 110 meter

Ushiku Daibutsu की ऊंची प्रतिमा का मतलब है ‘Ushiku में महान बुद्ध के लिए’ जो की जापान के Ushiku शहर में स्थित है। 10 मीटर लंबे आधार को मापे बिना, इस प्रतिमा की 110 मीटर की ऊंचाई है। यह बुद्ध प्रतिमा पूरी तरह से कांस्य से बनी है।

मूर्ति के भीतर चार अलग-अलग स्तर हैं, एलीवेटर का उपयोग करके आगंतुक शीर्ष पर पहुंच सकते हैं। पहले स्तर पर आगंतुक सुंदर संगीत सुन सकते हैं, दूसरा स्तर पूरी तरह से शास्त्रपूर्ण अध्ययन के लिए समर्पित है, तीसरा स्तर 30000 बुद्ध मूर्तियों से भरा है। शीर्ष स्तर से आगंतुक मूर्ति के परिवेश के भीतर ही सुंदर उद्यान देख सकते हैं।

5. Guan Yin of the South Sea of Sanya, China, 108 Meter

गुआन यिन की ऊंची प्रतिमा, करुणा के बौद्ध देवी, चीन के हैनान प्रांत में बैठी हैं। इस मूर्ति की ऊंचाई 108 मीटर है ।दुनिया में चौथी सबसे बड़ी प्रतिमा है। इस मूर्ति मे तीन अलग-अलग चेहरे हैं, यह दुनिया भर में देवी के आशीर्वाद का प्रतिनिधित्व करती है।

पहला चेहरा अंतर्देशीय और दूसरे दो चेहरे समुद्र की ओर है। इस विशाल मूर्ति के पूरा होने के लिए लगभग 6 साल लग गए।

6. Emperors Yan and Huang, China, 106 meter

ये मूर्तियां चीनी सम्राट यान और हुआंग को मनाने के लिए बनाई गई है। इन ऊंची प्रतिमाओं का निर्माण 1987 में शुरू हुआ और यह 20 साल मे पूरा हुआ। यह मूर्तियां चीन की हेनान प्रांत मे स्थित 106 मीटर की ऊंचाई पर है।

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सरकार ने इन मूर्तियों के निर्माण के लिए $ 22.5 मिलियन खर्च किए। इन मूर्तियों की आंखें 3 मीटर चौड़ी हैं और नाक की लंबाई 6 मीटर है।

7. Sendai Daikannon, Japan, 100 meter

सेंडाइ डिकानन, 100 मीटर लंबी प्रतिमा है जो सेंडाई, जापान में स्थित है। प्रतिमा जापानी बौद्ध बोधिसत्व का प्रतिनिधित्व करती है। यह मूर्ति सेंडाई में पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, इसे शहर के कई हिस्सों से देख सकते हैं। यात्री लिफ्ट के माध्यम से प्रतिमा के शीर्ष पर पहुंच सकते हैं और पूरे शहर को देख सकते हैं।

8. Peter the Great statue, Russia, 96 meter

यह मूर्ति रूसी सम्राट पीटर I की याद में बनाई गई थी, जिन्होंने देश पर 43 साल तक शासन किया था। मॉस्को शहर में मोजकेवा नदी के सामने 98 मीटर लंबी  महान पीटर की मूर्ति है। इस प्रतिमा को जॉर्जियाई डिजाइनर ज़ुराब तसेरेटेली द्वारा डिजाइन किया गया था, इसमे 600 टन स्टेनलेस स्टील और कांस्य का उपयोग किया गया था।। पीटर की महान प्रतिमा का वजन 100 टन है और इसे 1997 में अनावरण किया गया था।

9. Great Buddha of Thailand, Thailand, 92 meter

थाईलैंड मे महान बुद्धा की प्रतिमा, देश की सबसे बड़ी प्रतिमा है, जो कि 92 मीटर की ऊंचाई को मापती है। इस प्रतिमा का निर्माण 1990 में शुरू हुआ और 2008 में पूरा हुआ। सीमेंट की पूरी मूर्ति सोने के रंग से ढंकी है। इस विशाल बुद्ध प्रतिमा का निर्माण थिवाड़ा बौद्ध धर्म के सिद्धांतों द्वारा किया गया था।

10. Grand Buddha at Lingshan, China, 88 meter

यह लांगशान पर्वत में स्थित चीन में बुद्ध की सबसे बड़ी प्रतिमा है, मूर्ति की ऊंचाई 88 मीटर है, जो पूरी तरह से कांस्य से बनी है, अौर 700 टन वजन है।

 

भारत के इतिहास के मशहूर चित्रकार

भारत में कई मशहूर चित्रकार पैदा हुए हैं. जिन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन करके पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवाया और साथ ही भारत का भी नाम रौशन किया. भारत के एमएफ हुसैन और तयेब मेहता जैसे महान चित्रकारों की पेंटिंग्स अंतर्राष्ट्रीय नीलामियों में भारी-भरकम कीमतों पर बिकीं हैं. यह बात पूरी दुनिया में भारतीय चित्रकारों की लोकप्रियता साबित करती है. यह है प्रसिद्ध भारतीय चित्रकारों की सूची.

अमृता शेरगिल (30 जन. 1913 – 5 दिस. 1941)

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अमृता शेरगिल एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार थी. वह अपने समय की सबसे करिश्माई और होनहार भारतीय कलाकार थी. उनकी अधिकांश पेंटिंग उनके देश प्रेम को दर्शाती थी और जिसमें वह हर भारतीय को अपने देश के लिए जीने की प्रेरणा व सन्देश देतीं थी.

जामिनी रॉय (11 अप्रैल 1887 – 24 अप्रैल 1972)

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जामिनी रॉय 20वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली चित्रकार थी. उनका जन्म बंगाल के बांकूड़ा जिले के पास पड़ते बेलिअटर गाँव में 1887 में एक मध्य वर्गीय परिवार में हुआ था. उनके पिता रामातार्ण एक शौंकीय कलाकार थे, उन्होंने सरकारी नौकरी से इस्तीफ़ा देने के बाद अपना बाकी का जीवन गाँव में ही व्यतीत किया था

राजा रवि वर्मा (29 अप्रैल 1848 – 2 अक्टू.1906)

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राजा रवि वर्मा को भारतीय इतिहास का अब तक का सबसे महान कलाकार माना जाता है. उन्होंने महाभारत और रामयाण के द्रश्यों को अपनी चित्रकारी में उकेरा. राजा रवि वर्मा को उनके द्वारा बनायी गयी सुंदर साड़ीयां पहनी महिलाओं की पेंटिंग के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है.

मकबूल फ़िदा हुसैन (17 सितंबर 1915 – 9 जून 2011)

maqbool-fida-hussain-mfhussainमकबूल फ़िदा हुसैन का जन्म 17 सितम्बर,1915 को महाराष्ट्र के पंधारपुर में हुआ था. जब वह डेढ़ साल के थे तब उन्होंने अपनी मां को खो दिया था. हुसैन के पिता ने फिर द्वारा शादी की और वह इंदौर चले गये. एमएफ हुसैन ने अपनी स्कूली शिक्षा इंदौर से प्राप्त की थी. उसके बाद हुसैन बॉम्बे चले गये और वहां जाकर फिर उन्होंने जे.जे स्कूल ऑफ़ आर्ट में दाखिला ले लिया.

तयेब मेहता (26 जुलाई 1925 – 2 जुलाई 2009)

famous-painters-of-indian-history--tyeb-mehta-obitतयेब मेहता अपनी शानदार पेंटिंग के लिए दुनिया भर में जाने जाते थे. वह एक बहुमुखी व्यक्ति थे उन्होंने फ़िल्मकार में भी अपना हाथ अजमाया था. उनके द्वारा बनायी गयी एक पेंटिंग की नीलामी 2 करोड़ में हुई थी. यह पेंटिंग किसी भारतीय द्वारा बनायी गयी अबतक की सबसे महंगी पेंटिंग थी.

अन्जोली एला मेनोन (17 जुलाई 1940)

famous-painters-of-indian-history-ANJOLIE_ELA_MENON_146057fअन्जोली एला मेनोन, प्रसिद्ध भारतीय महिला कलाकारों में से एक है. उन्होंने अपनी अदभुत कला से अपना नाम देश के साथ-साथ पूरी दुनिया में बनाया है. उनके द्वारा बनायी गयी पेंटिंगस दुनियाभर की सबसे महत्वपूर्ण पेंटिंग्स के संग्रह का हिस्सा है. उनके द्वारा 2006 में बनायी गयी पेंटिंग “यात्रा” का कैलिफ़ोर्निया में सैन फ्रांसिस्को के एशियाई कला संग्रहालय में चयन किया गया था.

एफ एन सौजा (12 अप्रैल 1924 – 28 मार्च 2002)

famous-painters-of-indian-history-F-N-Souzaart_Francis_Newton_Souzaफ्रांसिस न्यूटन का जन्म 12 अप्रैल 1924 में गोवा में हुआ था. वह अपने समय के एक प्रख्यात भारतीय कलाकार थे. फ्रांसिस न्यूटन को पश्चिम देशों में भारतीय कला को लोकप्रिय बनाने का पूरी तरह से दारोमदार जाता है. फ्रांसिस न्यूटन जे.जे. स्कूल ऑफ़ आर्ट के छात्र थे.

रामेश्वर ब्रूटा (1941)

famous-painters-of-indian-history-rameshwar-brootaरामेश्वर ब्रूटा का जन्म 1941 में दिल्ली में हुआ था, और वह भारत के सबसे प्रमुख चित्रकारों के रूप में उभर कर सामने आये. कला के प्रति अपने सहज जुनून होने की वजह से 1964 में वह दिल्ली के कॉलेज ऑफ़ आर्ट में शामिल हो गये और बाद में वह 1967 में प्रसिद्ध संसथान “त्रिवेणी कला संगम” के मुख्य अध्यक्ष बन गये.

एस.एच राजा (22 फ़रवरी 1922)

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एस.एच. राजा का जन्म 1922 में हुआ था, उनका पूरा नाम स्येद हैदर राजा था. वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार थे. हालांकि वह 1950 से फ्रांस में रह रहे थे और वहीं अपना काम करते थे, फिर भी उन्होंने अपनी मातृभूमि भारत के साथ घनिष्ठ संबंध बनाये रखा था.

मंजीत बावा (1941 – 29 दिसंबर 2008)

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मंजीत बावा आध्यात्मिकता और सादगी को दर्शाती दिल को छू लेने वाली पेंटिंग्स बनाने के लिए जाने जाते थे. वह भारत के सर्वश्रेष्ठ व उच्च-स्तरीय कलाकारों में से एक थे. उनका जन्म पंजाब के छोटे से कस्बे धुरी में हुआ था. वह अपने अध्यात्मिकता से और कुदरत से प्यार को अपने कैनवास पर चित्र बनाकर दर्शाते थे.

अवनींद्रनाथ टगोर (7 अगस्त 1871 – 5 दिसंबर 1951)

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उनका जन्म कलाकारों और चित्रकारों वाले परिवार में हुआ था और उन्होंने अपनी विरासत में मिली चित्रकारी की कला को आगे जारी रखा. बाद में उनको “भारत के आधुनिक कला के पिता” कहा गया था.

नंदलाल बोस (3 दिसंबर 1882 – 16 अप्रैल 1966)

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नंदलाल बोस, प्रसिद्ध चित्रकार अवनींद्र नाथ टगोर की कला से बहुत प्रभावित हुए थे. उन्होंने अपना अनुभव भारतीय आधुनिक चित्रकला में दिया. वह अपने देश प्रेम और राष्ट्रवाद को अपने पेंटिंग के माध्यम से लोगों को दिखाते थे और लोगों को भी देश के लिए जीने की प्रेरणा देते थे.

बिकास भट्टाचार्य (18 दिसंबर 2006 – 21 जून 1940)

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बिकास भट्टाचार्य को उनकी कला के लिए दो सबसे प्रतिष्ठ पुरस्कार: राष्ट्रिय पुरस्कार और पदमा श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. वह एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार हैं. कोलकाता की राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भी उनके पिता ने बिकास भट्टाचार्य को उनके अंदर की पेंटिंग की कला को खोजने के लिए पूरा-पूरा साथ दिया था.

बि बि मुख़र्जी (7 फ़रवरी 1904 – 11 नवंबर 1980)

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बिनोद बिहारी मुखर्जी (1904 – 1980) का जन्म बेहला कोलकाता में हुआ था. शांति निकेतन में कला शिक्षक थे। वे नंदलाल बोस के शिष्य थे। उनकी कला में समय समय पर शांति निकेतन में आने वाले चीनी और जापानी कलाकारों का प्रभाव देखा जा सकता है. जब वे सूरजमुखी का फूल चित्रित करते हैं तो उनकी कला को पिकासो से भी प्रभावित कहा जाता था.

बी.सी. सान्याल (22 अप्रैल 1901 – 9 अगस्त 2003)

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भदेश चंद्रा सान्याल, जिनको बी.सी. सान्याल के नाम से अच्छी तरह जाना जाता है. वह एक चित्रकार, मूर्तिकार और कलाकार थे. उन्होंने अपने समय में भारत के 1905, 1947 और 1971 के विभाजन को देखा था.

मुकुल चंद्रा डे (23 जुलाई 1895 – 1 मार्च 1989)

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मुकुल चन्द्रा, श्री रविन्द्रनाथ टैगोर के युग में शान्ति निकेतन के सबसे प्रभावशाली छात्रों में से एक थे. मुकुल चंद्रा ने प्रिंटमेकिंग सीखने के लिए अमेरिका और जापान के अलग-2 शहरों की यात्रा की थी. वह पहले भारतीय थे जिन्होंने प्रिंटमेकिंग को एक कला और पेशे के रूप में ग्रहण किया.

सतीश गुजराल(25 दिसंबर 1925)

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सतीश गुजराल का जन्म पाकिस्तान में पड़ती नदी झेलम के पास एक छोटे से कस्बे में हुआ था. उन्होंने पूरे विश्व को अपनी शानदार पेंटिंग, ग्राफिक्स, मूर्तिकला से प्रभावित किया और भारत का नाम रौशन किया.

एक पर्यटक के नजरिये से भारत के बारे में 10 सबसे बुरी बातें

आप ने “अतुल्य भारत” (Incredible India) के विज्ञापन सी.एन.एन या अन्य चैनलों पर देखे होंगें. भारत सचमुच ही अतुल्य है. इस बात से कोई मना नहीं कर सकता कि अमेरिका, यूरोप और समस्त विश्व के पर्यटक भारत में आध्यात्मिकता की खोज  के लिए आते हैं, और भारत की संस्कृति को अच्छी तरह से जानने की कोशिश करते हैं. लेकिन ऐसी कई बातें हैं जो कोई आपको नहीं बताता क्योंकि ये बातें भारत की कमियों को दर्शाती है. यह कुछ ऐसी बातें  हैं जिन्हें जानकार विदेशी पर्यटक भी शायद आना पसंद न करे.

गरीबी

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भारत में घोर गरीबी है. आपने ऐसी कई डॉक्यूमेंटरीज़ देखी होंगी जिसमें भारत की तुलना चीन से की जाती है, और जिनमें कहा जाता है कि थोड़े सालों में ही भारत की अर्थव्यवस्था चीन से आगे निकल जायेगी और भारत एक मजबूत देश बन जायेगा. वास्तव में यह एक झूठ है. जैसे ही आप भारत के एअरपोर्ट से बाहर निकलकर अपने होटल के लिए गाड़ी से सफर कर रहे होंगे तब आपको रास्ते में बहुत सारे भिखारी दिखेंगे.

मच्छर और मक्खियां

ज्यादातर होटलों में मच्छर भगाने वाली मशीनें लगी होती हैं. यह मच्छर और मक्खियाँ विदेशी यात्रियों के लिए बहुत बड़ी समस्या पैदा करती हैं. अगर आपके पास मच्छरों से बचने के लिए कुछ नहीं है तब आपके लिए बेहतर होगा कि आप एक मच्छर भगाने वाली मशीन खरीद लें.

टूटी-फूटी और भीड़भाड़ वाली सडकें

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भारतीय यातायात बहुत अस्त-व्यस्त हैं. अधिकतर लोग यातायात के नियमों का पालन नहीं करते. आपको स्कूटर और मोटरसाइकिल पर सवारी करते हुए पूरा परिवार सिर्फ भारत में ही मिल सकता है. इसके इलावा भारत की सड़कों में बहुत शोर शराबा और भीड़ भी होती है, जो आपकी यात्रा को और भी चुनौतियों से भरा बना सकती है.

पीने वाला प्रदूषित पानी

सबसे कष्ट देने वाली बात यह है भारत के अधिकतर शहरों में पीने का पानी दूषित होने की वजह से पीने लायक नहीं है. ज्यादातर भारतीय बाहर से पानी पीने की बजाये अपने घर से ही साफ़ पानी लेकर आते हैं या फिर साफ़ पानी की बोतलों से पानी पीते हैं. कुछ विदेशी पर्यटक अपने दांतों को साफ़ भी बोतलों के पानी से करते हैं.

खुले में शौच और पेशाब

अगर आप भारत में जल्दी उठ कर सड़क में टहलने के लिए निकलते हैं तो आपको नजदीक के खेतों में लोग शौच करते हुए मिलेंगे. भारत में रहने वाले गरीबों के पास छत तो है लेकिन उनके पास शौचालय नहीं है. भारत पूरे विश्व में पहले स्थान पर है जहाँ लोग खुले में शौच करते हैं.

दलाली और ठगी

आप भारत में दलालों और ठगी करने वालों को हर तरफ देख सकते हैं. आपको भारत में बहुत सारे नकली भिखारी भी मिल जायेंगे. आपको भारत में होटलों के बाहर बहुत सारे लोग मिलेंगे जो आपको अच्छी सेवाओं और सुविधाओं का वादा करके आपसे ज्यादा पैसे ले लेंगे. लेकिन उनके द्वारा दी गयी सुविधाएँ बहुत ही बेकार होती हैं.

भारत की गर्मी

भारत में गर्मियाँ बहुत ही गर्म होती हैं. भारत की राजधानी दिल्ली का तापमान गर्मियों में 45 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुंच जाता है. अगर आपको गर्मी पसंद नहीं है तब आपके लिए भारत से दूर रहना ही बेहतर है.

डेल्ली बेल्ली

विदेशी पर्यटक भारत आना इसलिए भी नहीं पसंद करते क्योंकि वह भारतीय भोजन को पेट खराब करने वाला भोजन समझते हैं. भारतीय खाने मसालेदार होने की वजह से आसानी से पर्यटकों को दस्त होने का खतरा बढ़ जाता हैं. अगर कुछ पर्यटक फिर भी भारत की यात्रा करना चाहते हैं तो उनके लिए बेहतर होगा कि वह हैजा, टाइफाइड का टीका लगा लें.

अतिरिक्त ध्यान

अगर आप अमेरिकी और यूरोप के पर्यटक हैं तब भारतीय आपको बहुत ज्यादा पैसे खर्चने वाले समझेंगे, जिसकी वजह से वो आपसे कुछ गिफ्ट या टिप पाने की इच्छा रख सकते हैं. विदेशी पर्यटकों के बारे में भारतीय बहुत ही जिज्ञासु स्वभाव के होते हैं, वह आप से बिना-वजह बात करना चाहेंगे और आपके बारे में ज्यादा जानने की कोशिश करेंगे, कि आप कहाँ से आये हो और कहाँ जा रहे हो.

भारतीय लोग पर्यावरण का सम्मान नहीं करते

अगर आप साफ वातावरण में रहना पसंद करते हैं तब आप निश्चित तौर पर भारत से नफरत करेंगे. हम भारतीय वातावरण की कोई देखभाल नहीं करते. आपको प्लास्टिक की बोतलें और ठोस बेकार पदार्थ हर जगह देखने को मिल जायेंगे. इसके अलावा भारतीय लोग खुले में थूकना और पेशाब करना पसंद करते हैं उनको कोई भी फर्क नहीं पड़ता कि हमें कौन देख रहा है.